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संसदीय कार्य मंत्री बोले – प्रदेश सरकार शैक्षणिक उन्नयन एवं अवसंरचना विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, संसदीय कार्य विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बासनी करवड़ में भामाशाह द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार और प्याऊ का विधिवत लोकार्पण किया। संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शैक्षणिक उन्नयन एवं विद्यालयों में अवसंरचना विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आधारभूत अवसंरचना विकास के लिए इस बजट में 225 करोड़ रुपए और प्रदेश के 175 भवनविहीन एवं जर्जर विद्यालयों के नवीन भवनों के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। पटेल ने कहा विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए राज्य के 15 हजार विद्यालयों में 75 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा 2 हजार विद्यालयों के भवनों की मरम्मत के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उन्होंने कहा विद्यार्थियों में उद्यमिता तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1500 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है। शीघ्र बनेगा केरू महाविद्यालय का भवन पटेल ने कहा बजट घोषणा के अनुरूप केरू ब्लॉक में महाविद्यालय का सुचारू संचालन भी शुरू कर दिया है और भवन निर्माण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा हनुमानजी का बाड़िया से केरू सड़क सहित केरू क्षेत्र में एक अरब से भी अधिक लागत के सड़क निर्माण के कार्य चल रहे है। पटेल ने कहा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बजट घोषणा के अनुरूप केरू में ट्रॉमा सेंटर और केरू सीएचसी को मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित किया जा रहा है। केरू में नवीन तहसील की सौगात संसदीय कार्य मंत्री ने कहा आमजन और किसानों को राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़े इसीलिए केरू में नवीन तहसील कार्यालय की घोषणा की गई और कार्यालय शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा। विद्यालय भारत के भविष्य निर्माण के केंद्र पटेल ने कहा विद्यालय भारत के भविष्य निर्माण के केंद्र है। उन्होंने कहा शिक्षक राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्ती भूमिका निभाते है। पटेल ने कहा क्षेत्र के विद्यालयों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने विद्यालय में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए 10 लाख रूपये की घोषणा की। भामाशाहों और प्रतिभावान विद्यार्थियों का हुआ सम्मान संसदीय कार्य मंत्री ने भामाशाह बचनाराम, बाबूराम सुथार, गेपरराम भाट, चुतरा राम एवं  भोमाराम स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के  प्रधानाचार्य कैलाश नायक को राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और दानदाताओं के प्रोत्साहन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप प्रधान केरू जयसिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

वर्ल्ड पुलिस गेम्स में जीता सिल्वर मेडल, यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल अनीसा ने अमेरिका में लहराया तिरंगा

गाजियाबाद अमेरिका में आयोजित हुई वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर की बेटी अनीसा असवाल ने ताइक्वांडो में उम्दा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत जिले का मान बढ़ाया है। वसुंधरा में रहने वाली अनीसा यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। अनीसा की इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर है। अमेरिका के बर्मिंघम में 30 जून से एक जुलाई तक वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनियाभर के पुलिस खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें भारत की तरफ से गाजियाबाद जिले से कई खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसी प्रतियोगिता में वसुंधरा में रहने वाली यूपी पुलिस की अनीसा असवाल ने ताइक्वांडो खेल में अंडर 57 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत अमेरिका में तिरंगा फहराया है। अनीसा वसुंधरा में ही स्थित एमडब्लूएस एकेडमी में अपने खेल की नियमित प्रैक्टिस करती हैं। एकेडमी के कोच संदीप चौहान ने बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए अनीसा ने काफी मेहनत की थी। वह नियमित प्रैक्टिस करती थीं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इतने खिलाड़ियों के बीच पदक जीतना अपने आप में ही खास उपलब्धि है। अनीसा ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अनीसा वर्तमान में सहारनपुर में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। अनीसा की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल और सेवा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। अनीसा का अब अगला लक्ष्य आगे की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना है। दूसरे खिलाड़ियों ने भी पदक हासिल किया वसुंधरा स्थित एकेडमी में अनीसा के साथ अभ्यास कर रहे यूपी पुलिस के तीन अन्य खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पदक जीता है। इनमें ऋषि राय ने 68 किलो भार वर्ग में गोल्ड, तेजस मिश्रा ने अंडर-58 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा एकेडमी में ही अभ्यास करने वाले राजस्थान पुलिस के खिलाड़ी जरनैल सिंह ने अंडर-80 किलोभार वर्ग में स्वर्ण झटका।

गरियाबंद में प्रिंसिपल की मनमानी पर छात्रों के साथ पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन दी चेतावनी

गरियाबंद गरियाबंद में छुरा ब्लॉक के अकलवारा हाईस्कूल के छात्रों के साथ पालकों ने प्रिंसिपल पर मनमानी और छात्राओं से अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर स्कूल गेट में ताला जड़ दिया. पालकों ने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है. छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल जेपी वर्मा ने 11वीं के छात्रों के परीक्षा परिणाम में हेरा-फेरी कर पास बच्चों को फेल कर दिया है. इस बात ही शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ को देख नाराज पालकों ने सुबह से स्कूल के सामने जमकर नारबाजी व प्रदर्शन कर रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक न प्रशासन से और न ही शिक्षा विभाग से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा था.

CM साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लिया गया बड़ा निर्णय : उद्योग विभाग को सौंपा जाएगा जशप्योर का ट्रेडमार्क

रायपुर छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं के समूह द्वारा प्राकृतिक वनोपज का प्रसंस्करण कर तैयार की गई विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों का ब्रांड जशप्योर अब जशपुर और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदमताल करने को तैयार है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आत्मसात करते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है जिसके तहत जशपुर जिले की महत्वाकांक्षी महिला केंद्रित ब्रांड जशप्योर का ट्रेडमार्क अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जशप्योर को व्यापक उत्पादन, संस्थागत ब्रांडिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है। जशप्योर – परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर खोली उन्नति की राह जशप्योर ब्रांड महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला उपक्रम है, जिसे जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक, पोषणयुक्त और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादों का निर्माण करते हुए स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। इस ब्रांड का लक्ष्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि और वनोपज का प्रसंस्करण कर खाद्य उत्पादों के रूप में तैयार करना तथा रोजगार से जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर इन्हें व्यापक पहचान दिलाना है। जशप्योर के उत्पादों की मुख्य विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, रंग या कृत्रिम स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता और ये सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध हैं। जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। जशप्योर के उत्पाद बना रहे हैं अपनी अलग पहचान जशप्योर द्वारा महुआ और अन्य वनोपज को शामिल करते हुए कई प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ आधारित उत्पाद जैसे महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा, ढेकी कूटा जवा फूल चावल, मिलेट आधारित पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी तथा टाऊ से बने विभिन्न उत्पाद भी पूरे भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं। महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा जशप्योर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सशक्त प्रयास भी है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं। जशप्योर द्वारा निर्मित हर उत्पाद आदिवासी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ये उत्पाद देशभर के विभिन्न स्टोर्स पर उपलब्ध हैं, जो ब्रांड की व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं। जशप्योर के सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग या स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता। यह उत्पाद श्रृंखला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और पर्यावरण-संवेदनशील पैकेजिंग में उपलब्ध है। जशप्योर के प्रमुख उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता और ढेकी कूटा चावल शामिल हैं। जशप्योर की सबसे खास बात इसकी महिला प्रधान कार्यशक्ति है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आदिवासी महिलाएं हैं, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस मंच के माध्यम से ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान और तकनीकों को आधुनिक बाजार में प्रस्तुत करने में भी सक्षम हो रही हैं। वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया 20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर का स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विशेष रुचि के साथ महुआ और मिलेट से बने उत्पादों की सराहना की। इन उत्पादों में कोई एडिटिव, प्रिज़र्वेटिव या स्टेबलाइजर नहीं है, जिससे ये पूरी तरह से प्राकृतिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त हैं। रेयर प्लेनेट के साथ ऐतिहासिक समझौता जशप्योर की पहुँच अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट स्टोर्स तक होगी। रेयर प्लेनेट के साथ हुए समझौते के तहत पहले चरण में पाँच एयरपोर्ट्स पर महुआ और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की जा रही है। यह पहल जशप्योर को राष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए, जो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जशप्योर – लोकल टू ग्लोबल की राह पर अग्रसर जशप्योर से जुड़े जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से "महुआ को अब केवल शराब तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड या ग्रीन गोल्ड के रूप में भी देखा जाएगा।" जशप्योर ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। उनका मानना है कि शासन की इस पहल से जशप्योर को लोकल टू ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी और निश्चित ही यह निर्णय प्रदेश भर में वनोपज और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। ब्रांड ट्रेडमार्क हस्तांतरण के इस ऐतिहासिक निर्णय से जशप्योर को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय से जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसके दायरे और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके। इससे जशप्योर के उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाने, उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत मशीनें लगाने और प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।  

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अव्वल बनाने की दिशा में डेयरी के साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार: जोराराम कुमावत

जयपुर, पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है, इसे अव्वल प्रदेश बनाने की दिशा में डेयरी के साथ-साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। खासकर दुग्ध उत्पादन के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी ज्यादा वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रदेश में गाय की संख्या में बढोतरी के लिए सैक्स सोर्टेड सीमन योजना को लागू किया गया है। ऐसा होने से प्रदेश में गौवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढे़गा। वे राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में पालमपुर (गुजरात) की बनास डेयरी परिसर में तीन दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। डेयरी मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश के चार जिला दुग्ध संघों-जयपुर, सीकर, भरतपुर व टोंक की 48 महिला दुग्ध समितियों की सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में महिला सचिवों को दुग्ध समितियों के बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल समिति का मुनाफा बढे़गा बल्कि महिलाओं की कार्यकुशलता भी बढे़गी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण का लाभ महिला दुग्ध समितियों से जुड़ी प्रत्येक महिला को दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। डेयरी मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया। श्री कुमावत ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होनी चाहिए। इसके लिए दुग्ध सहकारी समितियां प्रत्येक गांव में किसानों से संवाद स्थापित कर अपने कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को किसानों के लिए अधिक फायदेमंद बनाने के लिए डेयरी संघ बेहतर मॉडल विकसित करें। डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मंत्री श्री कुमावत ने बनास डेयरी द्धारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी प्रकार राजस्थान की सरस डेयरी भी इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी व आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्धाज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बनास डेयरी के उपाध्यक्ष भावा भाई रबारी, बनास मेडिकल कॉलेज एंड ट्रस्ट के चैयरमेन पीजे चौधरी, बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी व प्रिसिंपल प्राइवेट सेक्रेटरी रामावतार सिंह आदि मौजूद थे।

शिवपुरी में तेज बारिश का कहर, कई गांव जलमग्न, रपटे में बाइक बही, हर्रई में पार्वती नदी का कहर

शिवपुरी  शिवपुरी में हो रही झमाझम बारिश के बाद शहरी क्षेत्र के इलाकों व कॉलोनियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। शिवपुरी शहर के नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के आगे रेलवे स्टेशन रोड, यहां पास स्थित पुलिस लाइन कॉलोनी, रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, पीएस होटल के पास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक एक बछोरा, वार्ड एक में ही तुलसी कॉलोनी आदि स्थान पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात हैं। शनिवार को सुबह जब यहां पर लोग उठे तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देख हैरान रह गए। नमोनगर में तो हालत और भी ज्यादा परेशान करने वाले हैं। यहां पर कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी ऊपर तक रहा। रात को तीन से चार घंटे तक तेज बारिश हुई इसके कारण यह स्थिति बनी। नालों पर अतिक्रमण शिवपुरी शहर में पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर अतिक्रमण किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। शहर में अतिक्रमण की चपेट में आए नालों पर पानी निकलने के कोई साधन नहीं है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के आसपास के खेतों में अवैध कॉलोनी काटने के कारण लोग बारिश के बाद परेशानी के हालात में पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन की नगर पालिका और अन्य प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में भी भरा पानी शिवपुरी जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिले के बैराढ़, कोलारस, बदरवास आदि स्थानों पर भी गई गांव पानी से लबालब हो गए। जिले के कोलारस जनपद के लुकवासा से सेवन बसाई सोनपुरा होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोड तो बनाई लेकिन विभाग पुल बनना भूल गया। इसके कारण 15 से 20 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीण जोखिमपूर्ण तरीके से पानी से भरी पुलिया से टैक्टर निकाल रहा है। वहीं जिले के बैराड़ के ग्राम जोराई में बाढ़ जैसे हालात बन गए यहां पर एक गाड़ी पानी में डूब गई। वहीं कुंवरपुर गांव में भी नाले पर पानी का बहाव तेज देखा गया। सिंध नदी उफान पर है वहीं दूसरी ओर जिले से निकली सिंध नदी उफान पर है। जिले के कोलारस, बदरवास व देहरदा सहित अन्य इलाकों में निकली सिंध नदी में बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ा है। इसके कारण कई जगह पर जलभराव व नालों पर रपटों पर पानी का लेवल बढ़ गया है। इसके कारण कई ग्रामों में लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

महापौर मीनल चौबे ने तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रायपुर  राजधानी के तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने के बाद महापौर मिनल चौबे ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई खामियां और अनियमितताएं देखने को मिली, जिसे लेकर महापौर मिनल ने मौके पर कंपनी स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि मैथिलीशरण गुप्ता उद्यान में किसी भी प्रकार की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं तेलीबांधा परिसर के निरीक्षण के दौरान कई खामियां और अनियमितताएं सामने आई. परिसर में जल विहार कॉलोनी की ओर बना सार्वजनिक सुलभ शौचालय बंद पाया गया. जोन-बी स्थित मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में बड़ी संख्या में झूले लगाए गए हैं, जिससे उद्यान का उपयोग योग्य क्षेत्रफल काफी कम हो गया है. तेलीबांधा पाथवे पर नेत्र चिकित्सालय के पास बने पार्किंग क्षेत्र से परिसर की एंट्री पर बोलार्ड्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बड़ी गाड़ियां परिसर में प्रवेश न कर सकें. इसके अलावा, परिसर में कंपनी द्वारा बनाए गए छोटे-छोटे कियोस्क भी बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्थापित पाए गए. निरीक्षण के दौरान पाथवे पर तेज रफ्तार से गाड़ियों की आवाजाही देखी गई, जिससे आमजन के लिए दुर्घटना की आशंका जताई गई. महापौर ने अधिकारियों को दिए निर्देश महापौर मिनल चौबे ने मौके पर अधिकारियों को मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में लगाए गए झूलों को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह उद्यान जनता की धरोहर है और रहेगा. जल्द ही उद्यान जनता को उद्यान के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने बंद पाए गए सुलभ शौचालय को तुरंत आमजन के लिए खोलने के निर्देश दिए. साथ ही, कंपनी द्वारा की जा रही सभी अनियमितताओं को तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हो.

युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या, पुराने विवाद में वारदात की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

 कोरबा बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के मोंगरा बस्ती में युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अयोध्यापुरी-जैलगांव निवासी अश्वनी पाठक उर्फ पिंटू (40) के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार मृतक अश्वनी शुक्रवार दोपहर बस्ती में रहने वाले मनजोद बक्कल के साथ निकला था. मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम पहुंची गई है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जानकारी के मुताबिक, मोंगरा बस्ती के भुसड़ीपारा सब-स्टेशन के पास युवक की खून से सनी लाश मिली. वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस पहुंची. शव पर चोट के गहरे निशान मिले हैं. प्रारंभिक जांच में युवक की चाकू गोदकर हत्या किया जाना सामने आया है. फिलहाल शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया है. डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पहुंची हुई है. मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. मृतक के परिजनों के साथ दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रही है.

कांवड़ यात्रा में नया नियम: दुकानों के नाम हटेंगे, क्यूआर कोड से मिलेगी पहचान

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के नियम को लागू कर दिया है। इसी को लेकर एफएसडीए ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दुकानदारों को अपना नाम नहीं लिखना होगा। केवल दुकान का नाम ही लिखा जाएगा। हालांकि, क्यूआर कोड में दुकानदार से जुड़ी जानकारी होगी तो कांवड़ियों के लिए मददगार होगी। कहा जा रहा है कि यह निर्णय पारदर्शिता और जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। निर्देश के अनुसार दुकानदार को अपनी दुकान पर क्यूआर कोड युक्त प्रपत्र लगाना होगा। इसमें क्यूआर कोड स्कैन करने पर दुकानदार का नाम, पता, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन कर हिंदू संगठन पूछ रहे नाम-धर्म कांवड़ यात्रा को लेकर विहिप और हिंदू संगठन के लोगों ने हरिद्वार-दिल्ली हाइवे और कांवड़ मार्ग पर आने वाले होटलों पर सख्ती की मांग की है। खुद ही टीम बनाकर हर होटल-ढाबे पर पहुंच रहे हैं और इनके क्यूआर कोड को स्कैन करके नाम पता कर रहे हैं। साथ ही यदि होटल का नाम अन्य धर्म का लिखा हुआ है तो पुलिस-प्रशासन से शिकायत की जा रही है। हिंदू संगठन के सदस्यों ने अब कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम कांवड़ मार्गों पर होटल पर मालिकों की पहचान उजागर करने और नाम लिखने की मांग की है। अभियान चलाया सुभारती चौकी से अभियान शुरू करके गाजियाबाद तक कार्रवाई की गई है। इस संबंध में कई वीडियो भी वायरल हो रही हैं, जिसमें हिंदू संगठन के लोग होटल पर मालिक का नाम लिखने की मांग कर रहे हैं। यदि दूसरे धर्म के लोगों द्वारा अन्य नाम से होटल संचालित किया जा रहा है, तो पुलिस प्रशासन से शिकायत की जा रही है। सभी ने यूपी सरकार को उत्तराखंड शासन के आदेश का हवाला देते हुए नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की।  

रेलवे ट्रैक बिछाने के काम में लगा मजदूर नाले में बहा, 40 घंटे बाद मिली लाश

  कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में तेज बारिश के कारण पुलिया निर्माण स्थल पर काम कर रहा मजदूर तेज बहाव में बह गया था. वह गेवरा-डोंगरगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने के काम में लगा था. घटना के 40 घंटे बाद उदय कुमार सिंह की लाश कुछ दूरी पर नाले में SDRF और पुलिस टीम ने बरामद की. रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहा था मजदूर झारखंड के पलामू जिले निवासी उदय कुमार सिंह (पिता राजकुमार सिंह) कोरबा में गेवरा से डोंगरगढ़ के बीच बिछाई जा रही नई रेलवे लाइन के कार्य में लगा हुआ था. गुरुवार दोपहर कोरबी गांव में पुलिया निर्माण स्थल के नीचे काम करने के दौरान तेज बारिश होने लगी और वह तेज बहाव में आकर नाले में बह गया. तेज बारिश बनी हादसे की वजह कोरबा जिले में लगातार झमाझम बारिश हो रही है. कटघोरा समेत पूरे क्षेत्र में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला है.