samacharsecretary.com

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 4 लाख, 33 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्‍थापित

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही सटीक बिलिंग तथा रीडिंग भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में 4 लाख, 33 हजार 934 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में एक लाख, 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। 

भारी सुरक्षा घेरा: भगवंत मान के दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्थाएं

लुधियाना पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे से पहले मिला हैंड ग्रेनेड पुलिस और सुरक्षा एजैंसियों के लिए बड़ा अलर्ट बन गया है। घटना के बाद अब प्रशासन ने सुरक्षा को 3 गुना बढ़ा दिया है। आर.टी.ओ. दफ्तर में होने वाले सी.एम. के समारोह की कमान खुद कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने अपने हाथों में ले ली है। उनके निर्देशन में डी.सी.पी. हैड क्वार्टर स्नेहदीप शर्मा और डी.सी.पी. सिटी रूपिंदर सिंह को सुरक्षा की फ्रंटलाइन पर तैनात किया गया है। सोमवार देर शाम ही सी.एम. सिक्योरिटी टीम लुधियाना पहुंच गई थी। टीम ने आर.टी.ओ. दफ्तर का पूरा दौरा कर हर प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण किया। सुरक्षा अधिकारियों ने प्रशासन से सभी आर.टी.ओ. कर्मचारियों की पूरी सूची ली है, कौन-कौन समारोह में ड्यूटी पर रहेगा और किससे सी.एम. मुलाकात करेंगे, इसकी पूरी डिटेल ली गई है। प्रैस कान्फ्रैंस का स्थान बदला, सुरक्षा बनी प्राथमिकता पहले सी.एम. की प्रैस कान्फ्रैंस आर.टी.ओ. दफ्तर के पार्किंग एरिया में रखी जानी थी लेकिन सिक्योरिटी टीम के सुझाव के बाद अब स्थान बदलकर मुख्य भवन के सामने कर दिया गया है। इसके लिए नई व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। मंगलवार को बम निरोधक दस्ते ने समारोह स्थल के हर कमरे, दराज और बंद गेट तक की तलाशी ली। आर.टी.ओ. दफ्तर के जिन हिस्सों पर ताले लगे थे, उन्हें खुलवाकर सुरक्षा कर्मियों ने चैकिंग की। सिक्योरिटी टीम ने निर्देश दिए हैं कि समारोह के दिन केवल वही कर्मचारी अंदर रहेंगे जिनकी पहले से वैरीफिकेशन हो चुकी है। समारोह के कुछ ही दूरी पर रखे गए तीनों आतंकी और गैंगस्टर गौर करने वाली बात यह है कि जिन 3 आतंकियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन्हें और गैंगस्टर कौशल चौधरी को फिलहाल सी.आई.ए.-1 थाने में रखा गया है, जो आर.टी.ओ. दफ्तर से महज 50 मीटर की दूरी पर है। वहां पुलिस के जवान 24 घंटे निगरानी में तैनात हैं। डी.सी.पी. स्नेहदीप शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह से पुख्ता हैं। हर दिशा में पुलिस की तैनाती की गई है। प्रैस कान्फ्रैंस कहां होगी, यह प्रशासन तय करेगा, पर वहां की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होगी। सी.एम. सिक्योरिटी टीम के साथ मिलकर सभी प्वाइंट चैक किए जा रहे हैं। किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज के उत्थान हेतु अपना जीवन किया समर्पित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व और संकल्प शक्ति से प्रदेश लिख रहा है निवेश की नई इबारत

भोपाल मध्यप्रदेश में अब विकास कोई वादा नहीं, बल्कि अनुभव है। ऐसा अनुभव, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदृष्टि और निर्णायक नेतृत्व से संभव हुआ है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए भरोसा, पारदर्शिता और नीति-सुधार का ऐसा वातावरण बनाया है, जहाँ हर निवेश अवसर में बदल रहा है और हर विचार उद्योग में। यही परिवर्तन आज ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ के रूप में पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय केवल औपचारिक घोषणा नहीं रहा, बल्कि राज्य की औद्योगिक नीति का सक्रिय अध्याय बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन एवं सस्टेनेबिलिटी को औद्योगिक विकास के मुख्य आधार बने हैं। राज्य सरकार द्वारा 18 नई औद्योगिक नीतियाँ तैयार की गईं, जो निवेश, नवाचार, रोजगार और सतत विकास को नई ऊर्जा देती हैं। राज्य ने इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ते हुए कॉन्फिडेंस ऑफ डूइंग बिजनेस का नया दौर शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से निवेश प्रक्रिया को न केवल सरल और तेज़ बनाया गया, बल्कि उसे भरोसेमंद और पारदर्शी भी किया गया है। अब हर निवेशक यह अनुभव कर रहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करना सुविधा से आगे बढ़कर एक सुरक्षित निर्णय है। इंडस्ट्री प्रमोशन पॉलिसी 2025 इसी दृष्टि का प्रतिबिंब है — पूंजीगत निवेश पर 40 प्रतिशत तक सहायता, रोजगार और निर्यात-आधारित प्रोत्साहन, और एफडीआई को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति को निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाते हैं। गार्मेंट्स, फुटवियर और टॉय उद्योगों में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। वहीं फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में अनुसंधान और गुणवत्ता-विकास के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। राज्य सरकार ने औद्योगिक बुनियादी ढाँचे को भी नई दिशा दी है। स्मार्ट औद्योगिक पार्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और क्लस्टर-आधारित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास ने निवेशकों को सुविधा और गति प्रदान की है। नई औद्योगिक टाउनशिप्स, इंटरकनेक्टेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसी पहलों से उद्योगों के लिए समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छोटे और मध्यम नगरों तक पहुँचकर क्षेत्रीय संतुलन स्थापित कर रहा है। जनविश्वास अधिनियम, स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज योजना, GIS आधारित भूमि आवंटन प्रणाली और एमपी इन्वेस्ट पोर्टल ने औद्योगिक प्रक्रियाओं को गति दी है। अब अनुमतियाँ और सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच उद्योग को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे रोजगार, नवाचार और सामाजिक उत्थान का माध्यम बनाती है। भूमि, ऊर्जा, जल और कच्चे माल की सुलभता के साथ अनुसंधान एवं तकनीकी प्रोत्साहन ने राज्य की औद्योगिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री कनेक्ट को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने की प्रक्रिया और सशक्त बनी है। उज्जैन, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आज इस औद्योगिक परिवर्तन के जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश का वह केंद्र बन रहा है, जहाँ विकास स्थायी है और अवसर अनंत। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ अब केवल नारा नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास का नाम जिसने राज्य को उद्योग है। रोजगार और निवेश की नई परिभाषा दी है। यह वही यात्रा है जहाँ नीति संकल्प में बदलती है और संकल्प परिणामों में। 

तीन दिवसीय कार्यशाला में शिक्षण ,संवाद और नेतृत्व कौशल को मिला नया आयाम

भोपाल  संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में क्वेस्ट अलायंस के तकनीकी सहयोग से इंदौर, बालाघाट, उज्जैन एवं सागर संभागों के मास्टर ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों के बीच रोजगार कौशल (Employability Skills) पाठ्यक्रम को समेकित और प्रभावी रूप से लागू करना था। कार्यशाला में चार संभागों के 17 जिलों से आए मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा शिक्षण की आधुनिक पद्धतियों, विद्यार्थियों की लर्निंग जर्नी, डिजिटल एवं तकनीकी टूल्स के प्रयोग, टीम नेतृत्व, संचार कौशल, समस्या समाधान और सकारात्मक कार्यस्थल संस्कृति के निर्माण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला मास्टर ट्रेनर्स के लिए शिक्षण के नवीन तरीकों से अवगत होने और आईटीआई विद्यार्थियों की करियर तैयारी एवं जीवन कौशल विकास के लिए प्रेरक भूमिका निभाने का अवसर बनी। अनुभव-साझा सत्रों, समूह गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सीखने की प्रक्रिया के विविध पहलुओं को गहराई से समझा। कौशल विकास संचालनालय, अतिरिक्त संचालक श्री डी.एस. ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कौशल विकास संचालनालय द्वारा संचालित यह पहल राज्य के युवाओं में रोजगार योग्यता, संवाद कौशल और आत्म-प्रेरणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।  

मध्यप्रदेश ने किया बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य : सचिव खनन मंत्रालय गोयल

प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक में हुआ उत्कृष्ट कार्य प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों की हुई सफल नीलामी : प्रमुख सचिव उमराव भोपाल सचिव खान मंत्रालय भारत सरकार श्री पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉकों में भी मध्यप्रदेश राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है। सचिव श्री गोयल ने होटल ताज लेंक फ्रंट भोपाल में मुख्य खनिज ब्लॉक के संचालन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने खदान संचालन के लिये वैधानिक कठिनाई दूर करने के लिये नीलाम किये जाने के पहले जिला स्तर पर नीलाम ब्लॉक में शामिल भूमि के परीक्षण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में वन, राजस्व एवं खनिज साधन विभाग की कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये। सचिव श्री गोयल ने ब्लॉक के सफल बोलीदारों के साथ खनन संचालन प्रारंभ करने के लिये चर्चा की। चर्चा में बोलीदारों को वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये सुझाव दिये। श्री गोयल ने भारत सरकार द्वारा किये जा रहे नीतिगत प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि खनन संचालन के लिये वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय को न्यूनतम किये जाने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इसमें सफल बोलीदार को भी अपने स्तर पर प्रयास करना होंगे। श्री गोयल ने कहा कि वन मंत्रालय से भी वन अनुमति प्राप्त करने के लिये शीघ्र बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में वन अनुमति प्राप्त करने में वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने के लिये चर्चा होगी। इसका लाभ सभी सफल बोलीदारों को प्राप्त होगा। प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों का खान एवं खनिज अधिनियम एवं प्रावधान के अंतर्गत सफल नीलामी की गयी है। खनि पट्टा के 6 ब्लॉक तथा समेकित अनुज्ञप्ति के 12 ब्लॉक में कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष ब्लॉकों में खनन संक्रियाएं प्रारंभ करने के लिये राज्य शासन द्वारा सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा खनन संचालन में वैधानिक अनुमति प्राप्त करने के लिये नियमानुसार आवेदन करने तथा आवेदन की पूर्ति करने में नियमों की स्पष्ट जानकारी दिये जाने के लिये कार्यशाला भी आयोजित की गयी। कार्यशाला में सफल बोलीदार, आरक्यूपी, पर्यावरण सलाहकार, वन विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खान ब्यूरो और एसबीआई केप के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया। खनिज साधन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से खनन संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हुई है। इनमें आशय पत्र जारी करना, खनन योजना प्रस्तुत करना, पर्यावरण अनुमति के लिये आवेदन प्रस्तुत करना और पर्यावरण अनुमति के लिये टीओआर जारी करने में लगने वाले दिवसों में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सफल बोलीदारों से चर्चा की जा रही है तथा उन्हें समक्ष में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये प्रशासकीय स्तर पर चर्चा भी की जा रही है। समीक्षा बैठक में संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल, पीसीसीएफ श्री मनोज अग्रवाल, सचिव पर्यावरण श्री अतुल मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी सिया श्री दीपक आर्य तथा भारत सरकार खान मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, सफल बोलीदारों, उनके प्रतिनिधि और खनिज साधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकारी मकान में रहना पड़ा भारी, 6 महीने बाद देना होगा जुर्माना और तगड़ा किराया

भोपाल मध्‍य प्रदेश कैबिनेट ने सरकारी आवास को लेकर नया नियम लागू किया है। अब रिटायरमेंट के 6 महीने बाद तक यदि अधिकारी ने आवास रिक्‍त नहीं किया तो उससे तगड़ा किराया वसूला जाएगा। कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 में संशोधन की स्वीकृति के साथ ही तय किया गया है। भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने या सेवानिवृत्त होने की स्थिति में अधिकतम छह माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास में रहता है तो प्रथम तीन माह की अवधि के लिए आवंटित आवास का किराया भुगतान सामान्य दर पर लगेगा। इस अवधि के बाद पुनः आगामी तीन माह के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर लगेगा। इसके बाद 30 प्रतिशत पेनाल्टी लगाकर किराया वसूला जाएगा एवं बेदखली की कार्रवाई होगी। पहले केवल तीन माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सख्त निर्देश, दोनों आरोपी हुए गिरफ्तार

 टीआई और आरक्षक को किया लाइन अटैच डीआईजी, कलेक्टर एवं एसपी हैं मौके पर मौजूद विजयराघवगढ़ एवं कैमोर में स्थिति शांतिपूर्ण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कटनी जिले के कैमोर में हुई घटना पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कटनी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को कजरवारा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी श्री अतुल सिंह, कलेक्टर कटनी श्री आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा पूरे समय विजयराघवगढ़ में मौजूद रहकर कानून व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था कायम की। मंगलवार को दो पक्षों के विवाद में कैमोर निवासी श्री नीलेश रजक की दो आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। टीआई एवं आरक्षक लाइन अटैच पूरे मामले के बाद टीआई कैमोर अरविंद चौबे और पुलिस आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों अकरम और प्रिंस जोसेफ को पुलिस ने कजरवारा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया, आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रवाना किया गया है। प्रभारी मंत्री श्री सिंह पहुँचे कैमोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को कैमोर पहुँच कर मृतक स्व. श्री नीलेश रजक के परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट कर ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश है कि मध्यप्रदेश में किसी भी आपराधिक गतिविधि को सरकार बर्दाश्त नहीं करेंगी। अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों को दण्डित किया जायेगा। पुलिस अपना कार्य कर रही है, गुनहगारों का जीवन सलाखों के पीछे बीतेगा। कैमोर में हुई हत्या की वजह से जनहानि और लोकपरिशांति भंग होने की संभावना के मद्देनजर थाना विजयराघवगढ़ एवं थाना कैमोर के संपूर्ण क्षेत्र में शांति व्यवस्था की दृष्टि से निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने विजयराघवगढ़ व कैमोर दोनों स्थानों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की।  

रिवॉल्वर की नोक पर भाजपा नेता से दुष्कर्म की कबूलनामे की साजिश, 8 आरोपी गिरफ्तार

रीवा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को युवती सहित अन्य आरोपितों ने भाजपा नेता का अपहरण कर लिया और जंगल ले गए। यहां उसकी कनपटी पर रिवाल्वर रखकर दुष्कर्म की बात कबूल कराई। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करने लगे। भाजपा नेता ने जब बुधवार को इसकी शिकायत की तो पुलिस ने युवती सहित आठ आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवती सहित तीन को हिरासत में लिया है। अलग-अलग वीडियो बनाए सेमरिया विधानसभा के भाजयुमो के पूर्व जिला मंत्री नेता दिवाकर द्विवेदी का कहना है कि आरोपित संदीप मिश्रा और प्रतीक सिंह जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ ले गए थे। इस दौरान रास्ते में तीन अन्य लोग मिले। जब वे जंगल के रास्ते पहुंचे तो रिवाल्वर दिखाकर उन्हें डराते-धमकाते हुए वीडियो बनाए गए। एक वीडियो में कार के भीतर दिवाकर द्विवेदी और युवती नजर आ रही है। युवती कपड़े उतारकर दुष्कर्म के आरोप लगा रही है। दूसरे वीडियो में जंगल के अंदर लड़की दुष्कर्म के आरोप लगा रही है, जबकि अन्य वीडियो में दिवाकर से कहा जा रहा है कि तुमने गलत काम क्यों किया। युवती को एक करोड़ रुपये दो। भाजपा नेता भी कह रहे हैं कि हमें जाने दो, हम पैसा दे देंगे। भाजपा नेता ने भी जारी किया वीडियो इस मामले का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित हुआ है, जिसमें भाजपा नेता दुष्कर्म की बात कबूल रहे हैं। बुधवार को दिवाकर द्विवेदी ने सफाई देते हुए वीडियो जारी कर कहा कि उनसे फिरौती के तौर पर एक करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस घटना को योजनाबद्ध तरीके से किसी वेबसीरीज की तरह अंजाम दिया गया है। सेमरिया पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर आठ आरोपितों के विरुद्ध अपहरण, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की बारीकी से की गई तो पता चला कि यह पूरा मामला अपहरण और ब्लैकमेलिंग का है। आरोपित फिरौती के लिए भाजपा नेता को जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ जंगल ले गए और रिवाल्वर अड़ाकर उनका तथाकथित वीडियो बनाया। पुलिस ने सभी आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है- संदीप मिश्रा, एडिशनल एसपी, ग्रामीण। 

आयुक्त का निर्देश: सफाई कार्य सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, जनसेवा का मिशन है

गुड़गांव गुरुग्राम मंडल के आयुक्त आर.सी. बिढान ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्यों को केवल औपचारिकता न समझते हुए इसे एक जनसेवा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मिशन मानकर करें। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में सफाई की निरंतर निगरानी, संसाधनों का समुचित उपयोग और जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने के लिए टीम वर्क और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  मंडलायुक्त ने स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए सभी स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट से प्रतिदिन सुबह समय पर कचरा उठाया जाए और कोई भी प्वाइंट बिना गार्बेज ट्रॉली के न रहे। सभी ट्रॉलियां दिन में कम से कम दो बार खाली की जाए तथा सेकेंडरी कचरा संग्रहण स्थलों से भी नियमित रूप से कचरा उठान हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक गार्बेज ट्रॉली के पास कर्मचारी तैनात रहें ताकि आसपास कचरा न फैले और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। बिढान ने कहा कि सफाई व्यवस्था की स्थिति ऐसी सुनिश्चित की जाए कि कोई भी, कहीं भी और कभी भी निरीक्षण करे, तो उसे गंदगी ना मिले। अगर निरीक्षण के दौरान कहीं पर गंदगी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  मंडलायुक्त ने निगम अधिकारियों कहा कि वे सभी वार्ड इंचार्ज एचसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त टीम उपलब्ध करवाएं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सफाई करवा सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेहतर होनी चाहिए। इसके तहत सभी सड़कें, गलियां, ग्रीन बैल्ट, जीवीपी व सेकेंडरी प्वाइंटों की सफाई सुनिश्चित हो, ताकि हमारा शहर स्वच्छ दिखाई दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं पर भी कूड़ा, पॉलीथीन, सीएंडडी वेस्ट, इंडस्ट्रियल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट आदि दिखाई नहीं देना चाहिए।   बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध रूप से कचरा व मलबा डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत नगर निगम, आरटीए व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। यह टीम अवैध कचरा व मलबा डंपिंग करने वाले वाहनों को जब्त करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन कोर्ट के माध्यम से सुपरदारी पर ही छोड़ा जाए। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, एएलसी कुशल कटारिया, जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया, सीटीएम सपना यादव, हिपा की संयुक्त निदेशक ज्योति नागपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।