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उत्तम स्वामी नाराज, मोहन यादव न आने पर CM ने माफी देकर शांत किया विवाद

सीहोर मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के सलकनपुर आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुपस्थिति पर उत्तम स्वामी महाराज ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने मंच से कहा कि 'जिसके पास सेवा प्रकल्प के लिए दो घंटे नहीं हैं, वो हमारे मंच पर नहीं चाहिए।' स्वामी महाराज ने कहा कि चाहे कोई भी हो, उन्हें राजनीति नहीं करनी है, वे भगवान की नीति पर चलने वाले लोग हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को उन्होंने स्वयं आमंत्रित नहीं किया था, यह निमंत्रण तपन भौमिक द्वारा दिया गया था, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन जोड़ने की आवश्यकता नहीं समझी। स्वामी महाराज की नाराजगी के बाद कार्यक्रम पदाधिकारियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से उत्तम स्वामी महाराज से माफी मांगी और कहा कि यह तपन भौमिक की गलती थी, उन्होंने पहले ही उन्हें न आने की सूचना दी थी। माफी के बाद मुख्यमंत्री ने स्वामी जी से जयकारे भी लगवाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वामी जी के बच्चे हैं और आगे भी गलती होने पर माफी मांगते रहेंगे। उनकी माफी से कार्यक्रम का माहौल पुनः सौहार्दपूर्ण हो गया। शरद पूर्णिमा महोत्सव तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वर्गीय प्रभाकर राव केलकर स्मृति में गोवंश आधारित जैविक कृषि पुरस्कार और स्वर्गीय भगवत शरण माथुर स्मृति में उत्कृष्ट नर्मदा सेवा पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल, मंत्री करण सिंह वर्मा, गौतम टेटवाल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, तपन भौमिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था जैसे सेवा प्रयासों की भी सराहना की गई।

जीतन राम मांझी का अल्टीमेटम: सम्मानजनक सीटें नहीं तो चुनाव नहीं

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बुधवार को बड़ा धमाका करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को 15 सीटें नहीं दी गईं, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे. मांझी ने साफ शब्दों में कहा कि वे और उनकी पार्टी खुद को “अपमानित” महसूस कर रहे हैं और अब इस अपमान का घूंट और नहीं पिएंगे. दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि “हम अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे हैं. हमारे लोगों को मतदाता सूची नहीं दी गई, हमें बैठकों में नहीं बुलाया गया. ये अपमान का घूंट हम कब तक पिएंगे? मैंने हमेशा एनडीए का साथ दिया है, तो एनडीए का फर्ज बनता है कि हमें अपमानित महसूस न होने दें” मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी 15 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, ताकि उनमें से कम से कम 8-9 सीटों पर जीत हासिल की जा सके. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर 15 सीटें नहीं मिलीं तो हम चुनाव नहीं लड़ेंगे.” “चिराग से नहीं आपत्ति, पर सम्मान चाहिए” जीतन राम मांझी ने यह भी कहा कि उन्हें चिराग पासवान से कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है. लेकिन, एनडीए में उनकी पार्टी के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है, वह उन्हें और उनके समर्थकों को आहत कर रहा है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा गठबंधन के प्रति वफादार रहे हैं, लेकिन अब वे चाहते हैं कि उनकी पार्टी को “सम्मानजनक स्थान” मिले. हालांकि मांझी ने इशारों ही इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि जिनके पास एक सीट भी नहीं है वो बड़ी-बड़ी डिमांड कर रहे हैं. हमारे पास विकल्प खुले हैं: मांझी मांझी ने आगे कहा कि उनकी पार्टी के पास सभी विकल्प खुले हैं. “70-80 सीटें ऐसी हैं जहां हमारे बीस हजार वोट पक्के हैं. हम मान्यता प्राप्त पार्टी हैं और छह फीसदी से ज्यादा वोट ला सकते हैं। लेकिन यह हमारा अंतिम विकल्प होगा. हम नहीं चाहते कि हालात वहां तक पहुंचें.” मांझी ने बताया कि 10 अक्टूबर को पटना में पार्टी की पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वह चुनाव भी नहीं लड़ेंगे. NDA के लिए मुश्किल स्थिति एनडीए के अंदर पहले ही चिराग पासवान की सीट डिमांड को लेकर पेच फंसा हुआ है, अब मांझी की यह सख्त बयानबाजी बीजेपी के लिए नई चुनौती लेकर आई है. बीजेपी मांझी को पुराने फॉर्मूले के तहत 7 सीटें देने की पेशकश कर चुकी है, लेकिन मांझी पुराने फॉर्मूले को “अपमानजनक” बताते हुए 15 सीटों पर अड़े हुए हैं.

लोकायुक्त की दबिश से मचा हड़कंप: RES कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला, अफसर फरार

सीधी सीधी के जिला मुख्यालय स्थित RES विभाग में रीवा लोकायुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर महिला कर्मी को आठ हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। छापेमारी की जानकारी लगते ही इंजीनियर और एसडीओ समेत सब इंजीनियर दफ्तर छोड़ मौके से फरार हो गए। भाजपा नेता राजकुमार की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस टीम ने आठ हजार रुपये की नगर रिश्वत लेते नेहा सिंह को गिरफ्तार किया है। आगे की कार्यवाही के लिए सर्किट हाउस लाया गया है। जहां कार्यवाही जारी है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में हुए पुलिया निर्माण का भुगतान करने के एवज में एसडीओ आर यस पटेल और रामाश्रय पटेल सब इंजीनियर अखिलेश मौर्य ने रिश्वत की मांग की थी। छापेमारी के दौरान RES विभाग के महिला कर्मी नेहा सिंह रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार हुई है।  लोकायुक्त की छापेमारी कार्रवाई के बाद एसडीओ इंजीनियर और सब इंजीनियर दफ्तर छोड़ फरार हुए हैं, जिनकी तलाश में लोकायुक्त पुलिस टीम जुटी हुई है। लोकायुक्त की कार्यवाही से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप का माहौल है।

शालाओं में बच्चों के नामांकन की दर में करें सुधार : मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शत-प्रतिशत हो : मुख्य सचिव  जैन शालाओं में बच्चों के नामांकन की दर में करें सुधार : मुख्य सचिव  जैन शाला विकास समिति में बच्चों के पालक सहित शिक्षा में रूचि रखने वाले हों शामिल: मुख्य सचिव  जैन शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये अन्य विभागों के लोगों को भी जोड़ें भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार सत्र में जोर देकर कहा कि विकसित भारत के रोडमेप में शिक्षा एक मूलभूत मुद्दा है। इसके बगैर विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने स्कूलों में नामांकन दर में और सुधार की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव  जैन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी दे रहे थे। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर सत्र में गुणवत्ता सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत कार्य में शाला विकास समिति और शिक्षा में रूचि रखने वाले व्यक्तियों की मदद लिये जाने पर बल दिया गया। मुख्‍य सचिव  जैन ने निर्देश दिये कि शिक्षा के श्रेष्ठ कौशल रखने वाले शिक्षकों का ग्रुप तैयार कर उनके माध्यम से प्रशिक्षण का निश्चित शेड्यूल तैयार किया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों की ट्रेकिंग का कार्य आंगनवाड़ी से शुरू कर स्कूल की आखरी क्लास तक सतत रखा जाये। अपर मुख्य सचिव  अशोक वर्णवाल और  संजय दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के संबंध में जनशिक्षकों की भूमिका पर सुझाव दिये। ई-अटेंडेंस ऐप का उपयोग सत्र की शुरूआत में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के प्रमुख बिन्दु में प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना शामिल है। शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये सरकारी शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 प्रतिशत है। सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 87 प्रतिशत से अधिक बच्चों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में और कक्षा 12वीं में करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। सचिव महिला एवं बाल विकास सु जी.वी. रश्मि ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। आंगनवाड़ी में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सिखाने के लिये राष्ट्रीय फ्रेमवर्क आधारशिला तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये नवचेतना फ्रेमवर्क को बनाया गया है। निपुण भारत मिशन में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावास में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। आश्रम शालाएं, छात्रावास के निरीक्षण के लिये सितम्बर 2025 से परख ऐप लांच किया गया है। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कक्षा 9 से महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति के लिये केन्द्र सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। बेस्ट प्रेक्टिस की दी गई जानकारी शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी। मुख्य सविच के निर्देश     विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।     सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।     बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।     सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।     आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।  

ADGP पूरण कुमार ने आत्महत्या से पहले छोड़ी वसीयत, सुसाइड नोट में 8 IPS और एक पूर्व DGP पर लगाए गंभीर आरोप

 चंडीगढ़  हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित घर में निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से अंग्रेजी में लिखा आठ पेज का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत मिली है। सुसाइड नोट में सात-आठ आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों का जिक्र करते हुए उन पर तंग करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी वाई पूरण को 29 सितंबर को ही रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में आईजी बनाया गया था। रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर सोमवार रात रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।    बंसल ने सुशील पर ढाई लाख महीना रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। प्रवीण ने सुशील की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को दी। पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में सुशील ने वाई पूरण कुमार का नाम लिया था। एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में पूरण कुमार को कोई नोटिस नहीं दिया था। घटना के समय घर में कोई नहीं था। पूरण कुमार की पत्नी सीएम नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर हैं। कनपटी के आर-पार हो गई गोली पुलिस के अनुसार गोली कनपटी के आर-पार हो गई। दूसरी तरफ से कान भी गायब हो गया। पुलिस को मौक पर एक गोली का खोल भी मिला है। सुसाइड नोट में जातिवादी, पोस्टिंग और एसीआर में गड़बड़ी के आरोप हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को सेक्टर-11 की कोठी नंबर 116 में खुद को गोली मारने से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने एक पेज में वसीयत लिखकर अपनी सारी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी। इसके अलावा उन्होंने एक डीजीपी पर बेवजह नोटिस भेजकर परेशान करने, सात-आठ आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों पर उनके खिलाफ प्रशासनिक दखल और भेदभाव के आरोप लगाए।  सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा आरोप पूर्व डीजीपी पर हैं। सुसाइट नोट में उन्होंने जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, एसीआर में गड़बड़ी, सरकारी आवास नहीं मिलने और प्रशासनिक शिकायतों के साथ लिटिगेशन के चलते परेशान होने की बात कही। उन्होंने लिखा कि इन्हीं कारणों से वह आत्महत्या कर रहे हैं। मूवी थिएटर में सोफे पर बैठ मारी गोली पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे वाई पूरण ने चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित मकान नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ मूवी थिएटर में सोफे पर बैठकर कनपटी में गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोपहर करीब 1:30 बजे छोटी बेटी ने खून से लथपथ पिता को देख पुलिस को सूचना दी। उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार नागरिक उड्डयन विभाग में सचिव हैं और इस समय मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर गई हैं। उनके बुधवार सुबह तक लौटने की संभावना है। उनकी बड़ी बेटी विदेश में पढ़ाई कर रही है। पूरण कुमार पहले भी कई बार अपने पीएसओ की सर्विस रिवॉल्वर ले चुके थे। चार दिन से थे छुट्टी पर, आज आना था ड्यूटी पर वाई पुरण कुमार ने एक अक्तूबर को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के आईजी का चार्ज लिया था। इसके बाद वे चार दिन की छुट्टी पर चले गए थे। आठ अक्तूबर को उन्हें ड्यूटी पर आना था। इससे पहले वे पांच महीने तक रोहतक रेंज के आईजी रहे थे। सबसे पहले बेटी ने देखा विधायक मामा को किया फोन पूरण कुमार की बेटी सुबह अपनी दोस्त के घर नाश्ता करने गई थी। घर पर नौकर ही थे। घर लौटी तो पिता सोफे पर खून से लथपथ पड़े थे। बेटी ने सबसे पहले अपने मामा पंजाब के एक विधायक को फोन कर सूचना दी। करीब डेढ़ बजे उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार से फोन पर बात की। उन्होंने किसी तरह के घरेलू विवाद से इन्कार किया।   सुशील की तैनाती नारनौल में, पांच साल से पूरण ने रखा था अपने पास रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि गिरफ्तार हेड कांस्टेबल सुशील की ड्यूटी नारनौल में थी लेकिन तकरीबन पांच वर्ष से वह पूरण कुमार के साथ रहता था। पूछताछ में सामने आया है कि पहले भी सुशील कुमार रौब दिखाकर कुछ शराब ठेकेदारों से पैसे ले चुका है। इस बार ठेकेदार प्रवीण बंसल ने सुशील की रिकॉर्डिंग कर ली और सारा मामला उजागर हो गया। फिलहाल, सुशील का मोबाइल जब्त करके जांच शुरू कर दी गई है। ड्यूटी कहीं और तैनाती कहीं और के सवाल पर एसपी ने जवाब नहीं दिया। नहीं मिला लैपटॉप…  पुलिस ने घर में मृतक अधिकारी का लैपटॉप तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। एक लैपटॉप बरामद हुआ जिसे बेटी ने अपना बताया। पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सहोता समेत हरियाणा के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ने की बेटी से पूछताछ  चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने पूरण कुमार की 17 साल की बेटी को तुरंत काउंसलिंग के लिए बुलाया। काउंसलर किरन ने पूछताछ की लेकिन बेटी सदमे में थी। बेटी ने कुछ नहीं बताया और कहा कि मां के आने के बाद ही बयान देगी। वह अभी कंफर्टेबल नहीं है। आज पत्नी के लौटने पर होगा पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही आईजी पुष्पिंदर कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, ऑपरेशन सेल, सेक्टर-11 थाना पुलिस, सीएफएसएल व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारी करीब तीन घंटे तक मौके पर मौजूद रहे। शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अमनीत पी कुमार के बुधवार को जापान से लौटने के बाद मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 से दोपहर लगभग 1:30 बजे पुलिस को आत्महत्या को सूचना मिली थी। घटनास्थल से एक वसीयत और एक सुसाइड नोट … Read more

350 से अधिक बालिकाओं ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाकर दिखाया आत्मविश्वास और परिपक्वता

मिशन शक्ति 5.0: बेटियों ने थामा प्रशासन का जिम्मा, कन्याओं के जन्म से अस्पतालों में गूंजे स्वागत गीत 350 से अधिक बालिकाओं ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाकर दिखाया आत्मविश्वास और परिपक्वता अस्पतालों में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, 500 से अधिक  नवजात बालिकाओं का पूजन कर माताओं को किया गया सम्मानित – नवजात के स्वागत के साथ ही कन्या सुमंगला योजना से जोड़कल जन्म से उच्च शिक्षा तक उनके भविष्य को किया गया सुरक्षित – नवजात बालिकाओं के नाम पर हुआ पौधारोपण, कन्या जन्मोत्सव बना जन-आंदोलन – मिशन शक्ति 5.0 के तहत अब तक 14.08 लाख लोगों को किया गया जागरूक लखनऊ मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बुधवार को पूरे प्रदेश में अनूठे आयोजन हुए। कहीं बेटियाँ ‘एक दिन की जिलाधिकारी’ बनकर जिम्मेदारी निभाती दिखीं, तो कहीं अस्पतालों में ‘कन्या जन्मोत्सव’ के जरिए नवजात बालिकाओं का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। इन आयोजनों ने न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदला है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सपनों को नया आयाम भी प्रदान किया है। जहाँ-जहाँ बालिकाओं ने अधिकारी बनकर का पद संभाला, वहाँ उनकी गंभीरता, परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता देखकर सभी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रदेश भर की 350 से अधिक बालिकाओं को जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था, ताकि वे भविष्य में उच्च पदों पर निर्णयकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हों।  सुबह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद इन बालिकाओं ने विभागीय बैठकों में हिस्सा लिया, योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। कई जिलों में बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से संवाद किया और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उनकी गंभीरता और परिपक्वता ने सभी को प्रभावित किया। विधिवत पूजन के साथ हुआ नवजात बेटियों का स्वागत वहीं दूसरी ओर, कन्या जन्मोत्सव ने पूरे प्रदेश में बेटियों के स्वागत को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया। एक ही दिन में जन्मी 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में विधिवत पूजन के साथ स्वागत किया गया। नवजात बेटियों और उनकी माताओं को उपहार स्वरूप वस्त्र, फल, पौष्टिक आहार और शुभकामना कार्ड भेंट किए गए।  नवजात कन्याओं को मिला मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ कन्या जन्मोत्सव को योगी सरकार की महत्वाकांक्षी "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना" से जोड़ा गया। इस योजना के तहत नवजात बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित परिवारों को इस योजना की पात्रता और लाभों की जानकारी दी गई, ताकि हर बेटी का भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं अस्पतालों में पहुँचकर माताओं और नवजात बेटियों का सम्मान किया। साथ ही, बेटियों के जन्म की संख्या के अनुरूप पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाया गया। बता दें कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में 22 सितंबर से अब तक 14.08 लाख लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। यह अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक नई क्रांति का प्रतीक बन रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति का यही उद्देश्य है कि हर बेटी को यह विश्वास मिले कि वह केवल अपने सपनों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें साकार करने की शक्ति भी उसके भीतर है। यह अनुभव उनके जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनेगा और आने वाले समय में उन्हें समाज की दिशा बदलने की ताकत प्रदान करेगा।"

मुख्यमंत्री साय बोले – इसरो की उपलब्धियाँ हैं भारतवासियों की शान

इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी, युवाओं के लिए नए अवसर और शासन की कार्यकुशलता बढ़ाने में इसरो की तकनीक के उपयोग पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई। डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं। इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत मुख्यमंत्री निवास में आयोजित  बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 3.50 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

भोपाल      म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा छतरपुर जिले के गंभीर बीमारी से पीड़ित 9 लोगों को बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से कुल 3.50 लाख रुपए की स्वीकृत की गई है। हितग्राही देवेन्द्र सिंह सिसोदिया आत्मज चन्दन सिंह निवासी ग्राम पचवारा दोरिया जिला छतरपुर, अंशुल अहिरवार पिता महाप्रसाद अहिरवार नि. ग्राम ज्योराहा तह. लवकुशनगर, शमशाद मंसूरी आत्मज नजीर मंसूरी वार्ड नं. 9 नौगांव को 50-50 हजार रुपए, भगवती कुशवाहा पति चंद्र प्रकाश कुशवाहा पास्ट कुर्राहा ग्राम कनेरा एवं शुभांगी वैद्य पिता विजय कुमार वैद्य नि. शांतिनगर कॉलोनी को 45-45 हजार रुपए, आराधना चतुर्वेदी पति अंजली चतुर्वेदी वार्ड नं. 32 पुरानी एंजेसी के पीछे को 40 हजार रुपए, मास्टर अयांश प्रजापति पिता राममिलन प्रजापति नि. टिकौरा लौंडी लवकुशनगर को 30 हजार रुपए, गयाप्रसाद मिश्रा आत्मज दुर्गाप्रसाद मिश्रा अटकौहा नि. अटकौहा लौंडी एवं विजय मिश्रा आत्मज गया प्रसाद मिश्रा नि. अटकौहा लौंडी को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री बोलेः ‘वोकल फॉर लोकल’ का मूलमंत्र पहल के माध्यम से होगा साकार

छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता लाने का माध्यम बनेगा स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री बोलेः 'वोकल फॉर लोकल' का मूलमंत्र पहल के माध्यम से होगा साकार -'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' तथा 'आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम बनेगा प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -यूपीआईटीएस की सफलता से प्रेरित होकर अब जिला स्तर पर भी कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को उपलब्ध कराया जा रहा है मंच  -9 से 19 अक्टूबर के मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हाई फुटफॉल वाले क्षेत्रों में स्वदेशी मेले का होगा आयोजन, दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का  भी किया आह्वान लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' बनाने की दिशा में प्रयासरत योगी सरकार उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण के सफल आयोजन के उपरांत अब एक और अभिनव प्रयास करने जा रही है। प्रदेश के 75 जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी, हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने और जिला स्तर पर उन्हें बड़ा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार 9 से 19 अक्टूबर के मध्य स्वदेशी मेलों का आयोजन कराने जा रही है। बुधवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने प्रेसवार्ता के माध्यम से इस विषय में जानकारी देते हुए दीपावली के शुभ अवसर पर लोगों से इन मेलों में आने और स्थानीय उत्पादों को खरीदकर 'वोकल फॉर लोकल' की परिकल्पना को साकार करने की अपील भी की।            उन्होंने कहा कि सीएम योगी की मंशा अनुरूप प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला के आयोजन के जरिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जो दीपावली पर्व के अवसर पर छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता व घरों में खुशहाली लाने का माध्यम बनेगा।   अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में होगा मेले का आयोजन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन देश में केवल उत्तर प्रदेश में ही होता है। इसी तर्ज पर इस बार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अब प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलों के आयोजन की शुरुआत की जा रही है। राकेश सचान ने कहा कि जैसे यूपीआईटीएस के संस्करणों ने प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों व शिल्पियों के उत्पादों को देशी- विदेशी मंच मिला, ठीक उसी तर्ज पर अब जिलों में भी अवसर उप्लब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में इन मेलों का आयोजन होगा जो कि टेंट आदि लगाकर किया जाएगा। इन आयोजन में गांवों से आने वाले छोटे कारीगरों को अपने उत्पाद लाने के लिए किराया व हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।   यूपीआईटीएस से ली प्रेरणा, जिलों में उत्पाद बेचने का साबित होगा उत्तम मंच सचान ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर के मध्य ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण ने अपार सफलता प्राप्त की है। आयोजन में 2200 से अधिक स्टॉलों का संचालन हुआ। 80 से अधिक देशों के 500 से अधिक क्रेताओं ने इसमें रुचि दर्शायी। इस पांच दिनी कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक फुटफॉल हुआ तथा 12500 करोड़ के व्यवसायिक पूछताछ भी हुई। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए अब जीएसटी सुधारों व स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 9 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के मध्य 75 जनपदों में स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी मेले के जरिए जिला स्तर पर उद्यमियों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों को अपने उत्पाद बेचने का उत्तम मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेलों में सांस्कृतिक विभाग व संस्थाओं के माध्यम से तमाम प्रकार की कलाओं का भी प्रदर्शन होगा। इन कार्यक्रमों के उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री, विधायक व अध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। उनके अनुसार, प्रदेश में 9 अक्टूबर से अधिकतर क्षेत्रों में  मेलों का आयोजन शुरू होगा जो कि 18 तक चलेगा। वहीं, जिन क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को मेले का शुभारंभ होगा वहां 19 अक्टूबर को समापन होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अक्टूबर को गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ मेले का शुभारंभ कर सकते हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने का बड़ा माध्यम साबित होगा प्रयास राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी की घटी दरों के रूप में दीपावली के पहले जो उपहार देश को दिया गया इसी के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को बढ़ावा देने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। इसी कड़ी में प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में वैश्विक आर्थिक परिवेश के अनुरूप उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने की दिशा में हस्तशिल्पी, उद्यमी और कारीगरों को बड़ा संबल मिलेगा। मेले में उद्यमियों को निःशुल्क दुकाने लगाने के लिए स्थान दिया जाएगा तथा हर प्रकार की मदद की जाएगी। छोटे उद्यमियों व कारीगरों की आर्थिक सहायता भी एमएसएमई विभाग के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 75 जनपदों में मेले के आयोजन के लिए आदेश जारी किया गया है तथा पहली बार जनपद स्तर पर इस प्रकार के मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, लखनऊ में स्वदेशी मेला का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस में होगा।  96 लाख इकाइयों के उत्पादों के जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग होगा सुनिश्चित राकेश सचान के अनुसार, यह पहल आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सफल होगी जिसमें एमएसएमई की 96 लाख इकाइयों का जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि हमें अपने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में, मेले के माध्यम से दीपावली के पूर्व होने वाली खरीदारी में लोग आएं और माटीकला बोर्ड द्वारा तैयार किए गए दीये व कलाकृतियों, सीएम युवा मुहिम के अंतर्गत झालर आदि बनाने वाले कलाकारों, विश्वकर्मा श्रम सम्मान के माध्यम से ओडीओपी के हस्तशिल्पी कारीगर, खादी ग्रामोद्योग से जुड़े जो लोग हैं इनके उत्पाद अगर प्रदेशवासी खरीदेंगे तो गांवों के कारीगर लाभान्वित होंगे। यह आपके घरों में समृद्धि तो लाएगी ही विदेशी उत्पादों पर … Read more

जेब हमेशा खाली? चाणक्य के 5 सरल मंत्रों से बनाएं अपनी बचत की आदत

नौकरीपेशा लोगों की अकसर खुद से यह शिकायत रहती है कि महीना खत्म होने से पहले ही उनकी जेब के पैसे खत्म हो जाते हैं। पूरे महीने मेहनत करके कमाया हुआ धन, खर्चों की कटौती करने के भी नहीं बच पाता है। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है तो चाणक्य नीति में आपकी परेशानी का हल मौजूद है। चाणक्य नीति में धन के प्रबंधन और बचत के लिए कई उपयोगी सिद्धांत बताए गए हैं, जो आज के समय में भी बेहद असरदार हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य के ये 5 सिद्धांत व्यक्ति को को आर्थिक सुरक्षा देकर सम्मानित जीवन जीने में भी मदद करते हैं। आय का एक हिस्सा अवश्य बचाएं चाणक्य के अनुसार, जिस तरह बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही छोटी-छोटी बचत से धन संचय होता है। व्यक्ति को चाहिए कि अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा, चाहे वह कितना भी कम क्यों ना हो, नियमित रूप से बचत के लिए अलग निकालकर रखें। यह धन भविष्य में आपातकाल या बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के काम आता है। अनावश्यक खर्चों से बचें चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह शीघ्र ही दरिद्र हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, दिखावे के लिए अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। केवल जरूरी और उपयोगी चीजों पर ही धन खर्च करें। उदाहरण के लिए ब्रांडेड कपड़ों या लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण और किफायती विकल्प चुनें। धन का विवेकपूर्ण निवेश करें धन को केवल वहां उपयोग करें, जहां सुरक्षित रहते हुए वह अधिक बढ़ सके। चाणक्य की इस सलाह का मतलब है कि धन को बेकार एक जगह न पड़ा रहने दें, बल्कि जोखिम का आकलन करते हुए उसे ऐसी जगह निवेश करें जहां वह समय के साथ बढ़े, जैसे व्यापार, संपत्ति, या सुरक्षित निवेश योजनाएं। म्यूचुअल फंड, या सोने में निवेश धन को बढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। भविष्य के लिए योजना बनाएं जो व्यक्ति भविष्य की चिंता नहीं करता, वह एक दिन संकट में पड़ जाता है। चाणक्य के अनुसार, भविष्य की जरूरतों, जैसे शिक्षा, विवाह, या आपातकाल के लिए धन संचय करना चाहिए। इसके लिए नियमित बचत और दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। लालच और जोखिम से बचें लालच में आकर धन का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति अपना सर्वनाश कर लेता है। चाणक्य सलाह देते हैं कि जल्दी अमीर बनने की चाह में जोखिम भरे निवेश या जुआ जैसी गतिविधियों से बचें। धन को सुरक्षित और समझदारी से प्रबंधित करें।