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‘लोकल टू वोकल’ को नई उड़ान: यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वदेशी मेले, कारीगरों की चमक बढ़ेगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इस दीपावली कुछ खास होने वाला है। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत इस साल दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'स्वदेशी मेला' लगाया जाएगा। इन मेलों में स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी और छोटे उद्यमी अपने उत्पादों को सीधे जनता के सामने पेश कर सकेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के बैनर तले होगा, जिसकी थीम “स्वदेशी उत्पाद और लोकल से वोकल” होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को हरी झंडी दे दी है। सभी जिलों में 9-10 दिन तक चलेगा मेला MSME मंत्री राकेश सचान ने बताया कि पहले यह मेला सिर्फ 18 मंडलों में ही लगता था, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में यह मेला करीब 9 से 10 दिनों तक चलेगा और इसका उद्घाटन स्थानीय मंत्री या विधायक करेंगे। कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच इस पहल का मकसद है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा बाजार मिले, ताकि वे अपने सामान बेचकर अच्छी कमाई कर सकें। खास बात ये है कि इन मेलों में हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को अपने जिले के उत्पादों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अन्य जिलों और राज्यों के खास उत्पाद भी देख और खरीद सकेंगे। उपभोक्ताओं को मिलेगा सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण सामान मेले में बिक्री होने वाले सभी उत्पादों की कीमतों में पारदर्शिता होगी। GST सुधारों की वजह से ग्राहक सही दाम में सामान खरीद पाएंगे। मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल कारीगरों की आय तो बढ़ाएगी ही, साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सस्ते उत्पाद मिलेंगे।   हर जिले में खुलेंगे 'यूनिटी मॉल' सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'यूनिटी मॉल' बनाए जाएंगे। फिलहाल लखनऊ, वाराणसी और आगरा में केंद्र सरकार की मदद से यूनिटी मॉल की स्थापना शुरू हो चुकी है। इन मॉल्स में हर जिले के खास उत्पादों के साथ-साथ देशभर के ODOP उत्पाद भी मिलेंगे। इसका मकसद है कि एक ही जगह पर देशी और विविधता भरे उत्पाद उपलब्ध हों, जिससे न सिर्फ बिक्री बढ़े बल्कि स्थानीय कारीगरों को पहचान भी मिले। 'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'लोकल टू वोकल' अभियान को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी और लोगों को भी भारतीय उत्पादों के प्रति ज्यादा रुझान और भरोसा बनेगा। डिजिटल और सोशल मीडिया से होगा प्रचार इस बार मेलों के प्रचार-प्रसार में डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया जाएगा। इससे न केवल यूपी बल्कि पूरे देश के लोग इन मेलों के बारे में जान पाएंगे और ऑनलाइन खरीदारी का भी विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल छोटे और मध्यम व्यवसायियों को राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार तक पहुंचने में मदद करेगी। अगले साल और भी भव्य होगा आयोजन UPITS 2025 का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसकी अगली कड़ी 25 से 29 सितंबर 2026 तक और भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस बार जो कमियाँ देखी गईं, उन्हें सुधार कर अगले आयोजन को और बेहतर और व्यवस्थित बनाया जाएगा।  

एमसीबी: जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा

एमसीबी : जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक हुई संपन्न, जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा एमसीबी  जिले में आयोजित  "जिला निवेश प्रोत्साहन समिति"  की प्रथम बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र टी. आर. कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, वनमंडल अधिकारी, कार्यपालन यंत्री राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपसंचालक कृषि विभाग, श्रम पदाधिकारी, जिला खनिज अधिकारी एवं सहायक संचालक नगर ग्राम तथा निवेश मनेन्द्रगढ़ शामिल थे। बैठक की शुरुआत समिति के अध्यक्ष कलेक्टर के निर्देश से की गई। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा निर्धारित एजेंडा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिये पहचाने गये औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटित करना, विद्युत शक्ति, जल स्त्रोतों तथा अन्य उपयोगिताओं की पहचान कर उनका आबंटन एवं सुविधापूर्वक उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन से परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों के संबंध में अनुमोदन तथा श्रम कल्याण से संबंधित मामलों में अनुमोदन लेने जैसे मुद्दों पर समिति को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ शासन राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा 18 सितम्बर 2025 को जारी एजेंडा 1 से 13 तक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एजेंडा के अनुसार समिति के विभागीय सदस्यों से जिले में औद्योगिक विकास के लिये आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। जिला पंचायत से औद्योगिक गतिविधियों में संलग्न स्वयंसहायता समूहों की जानकारी, वन विभाग से वनोपज एवं वनोपज प्रसंस्करण का विवरण, विद्युत विभाग से विद्युत उपलब्धता तथा निम्न दाब एवं उच्च दाब केन्द्रों की स्थापना से संबंधित जानकारी, जल संसाधन विभाग से जिले में स्थित जलाशयों की संरचना, जल भराव क्षेत्र तथा क्षमता का विवरण, लोक निर्माण विभाग से जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा अंतर्जिला सम्पर्क सड़क मार्गों की जानकारी, कृषि विभाग से क्षेत्रवार उत्पादकता एवं उत्पादन मात्रा सहित सिंचित व असिंचित क्षेत्र की जानकारी, खनिज विभाग से खनिज उत्पादन एवं गौण खनिज का विवरण तथा क्रेशर उद्योग की संभावनाओं की जानकारी, श्रम विभाग से श्रम कल्याण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया। कलेक्टर ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के संबंध में औद्योगिक नीति पर चर्चा एवं मार्गदर्शन दिया तथा समिति के विभागीय सदस्यों को निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी एक सप्ताह के भीतर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराई जाए। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा जारी एजेंडा में सिंगल विंडो सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा, जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस की समीक्षा, लैण्ड बैंक हेतु भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, औद्योगिक भूमि हेतु लंबित संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा, शासकीय भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा, औद्योगिक विकास हेतु लंबित निजी भूमि अर्जन प्रकरणों की समीक्षा, जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) के निर्यात संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा, औद्योगिक नीति/नियमों में सुधार हेतु सुझाव, जिले में नवीन निवेश एवं स्टार्टअप की समीक्षा, विभागीय योजनाओं  PMEGP/ PMFME की समीक्षा, रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे के निकट भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, लैण्ड बैंक/औद्योगिक पार्क की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने संबंधी समीक्षा तथा एमओयू/अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आने वाली कठिनाइयों का जिला स्तर पर निराकरण हेतु समीक्षा शामिल रही। उक्त सभी एजेंडा पर चर्चा एवं समीक्षा की गई तथा उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने एजेंडा अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सर्व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागीय समिति सदस्यों को समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने हेतु कहा ताकि जिले में औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके। अंत में समिति के अध्यक्ष कलेक्टर की अनुमति से महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री टी. आर. कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया। इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, समस्त जनपद सीईओ के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।

मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण दुर्घटना, ट्रक-बाइक भिड़ंत में 5 की जान गई

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार सुबह एक कैंटर-ट्रक के हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह घटना फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास हुई। फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि टेढ़ी पुलिया के पास ट्रक और मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक महिला और एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और घटना की जांच जारी है।  

कलेक्टर ने 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की तैयारी एवं चल रहे रजत जयंती महोत्सव के बारे में दिए अहम दिशा निर्देश

एमसीबी : कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में सभी विभागीय कार्यों का किया समीक्षा कलेक्टर ने 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की तैयारी एवं चल रहे रजत जयंती महोत्सव के बारे में दिए अहम दिशा निर्देश एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए विभागीय पत्रों, शिविरों के लंबित मुद्दों, डीएमएफ कार्यों की प्रगति और आगामी बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जन शिकायतों, जनदर्शन, सीएम पोर्टल और पीएम पोर्टल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने परसगढ़ी, अमृतधारा, चिरमिरी, खड़गवां और भरतपुर में उद्योग हेतु जमीन सर्वे के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत हेतु एस्टीमेट भेजने के लिए कहा गया है । जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने जानकारी दी कि 02 अक्टूबर 2025 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं आश्रित ग्रामों में ग्रामसभा बैठक आयोजित होगी। इसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक ग्रामसभा में पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। और ग्राम सभा  कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने आगे बताया कि ग्रामसभा की कार्यवाही के दौरान 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर GS NIRNAY ऐप एवं  GPDP पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। भारत सरकार के नए “सभासार पोर्टल” पर चयनित पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। सभी ग्राम सभाओं में आरआई की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। जल जीवन मिशन, खाद्य, गिदावरी, धान खरीदी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिन किसानों का पंजीयन छूट गया है, उन्हें पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के 40 विभागों ने जीएसटी फाइल नहीं भरी है, इसलिए प्रत्येक माह समय पर जीएसटी फाइल अपडेट करने के निर्देश दिए गए है । महिला एवं बाल विकास विभाग के रिक्त पदों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। ई-ऑफिस की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागीय पत्रों का संधारण ई-ऑफिस पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सहकारी समिति को निर्देशित किया गया कि केल्हारी में पाए गए 27 फर्जी वन अधिकार मान्यता पत्र धारकों को किसी भी प्रकार से टोकन और धान खरीदी की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि अब तक जिले में अब तक 55 रजत जयंती महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं। जिन विभागों में आयोजन हो चुका है और जिनका होना शेष है, इसकी जानकारी जिला पंचायत सीईओ को भेजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पंचभूमि हेतु भूमि आवंटन, स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय शिक्षा नीति अंतर्गत  FLN कार्यक्रम तथा 6, 7 एवं 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें सभी जिला अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बीडीसी प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा गया। नवोदय विद्यालय का प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही प्राथमिक शालाओं को पीएम श्री स्कूल में तब्दील करने हेतु प्रस्ताव भेजने, जर्जर स्कूलों की मरम्मत, शौचालय और भवन निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत पंचायतों में आयोजित सभी कार्यक्रमों की अलग-अलग पीडीएफ फाइल तैयार करने को कहा गया है।  FRA 3/2 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें खड़गवां आयुष, लावलीहुड़ कॉलेज,  PHE,  मेंटल हॉस्पिटल, डीएम स्कूल और पोल्ट्री फार्म हेतु भूमि आवंटन एवं चल रहे कामों की समीक्षा की गई । इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी ली और सभी ग्राम पंचायतों को नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। पंचायत भवनों की साफ-सफाई, श्रमवीर पंजीयन, जेम्स पोर्टल प्रशिक्षण, बैंक सखियों की बैंकों में नियमित उपस्थिति और बीसी सखियों को पंचायत भवनों में बैठने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नाबार्ड प्रेजेंटेशन कराने, सीएम घोषणाओं के लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने,  BSNL  टावरों की स्थिति की जानकारी, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा की। वहीं अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  DMF से स्वीकृत लंबित कार्यों में PWD के कार्य, कलेक्टर कार्यालय में शौचालय, रिकॉर्ड रूम, सेट निर्माण और साइकिल स्टैंड निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। बैठक में बीपीटी पंजीयन, वृक्षारोपण, केल्हारी व बहरासी में बैंक शाखाओं हेतु आवास एवं भूमि आवंटन, माड़ीसरई में सामुदायिक भवन, फिजियोथैरिपी हॉस्पिटल, अतिक्रमण हटाने, हॉस्टल निर्माण, पीएम जनमन, बैगा आवास निर्माण, असंगठित श्रमिक, हाईमास्ट लाइट सहित अन्य मुद्दों की भी समीक्षा हुई। वहीं खाद्य विभाग ने बताया कि अब तक जिले में 53,000 लोगों का राशन कार्ड ई-केवाईसी नहीं हो पाया है। इसकी अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025 निर्धारित है। अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं होने पर लाभार्थी राशन से वंचित हो जाएंगे। अब ई-केवाईसी सुविधा अब मोबाइल ऐप के माध्यम से घर पर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन होने पर तत्काल कलेक्टर को सूचित करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन विभाग से विज वितरण, अमृत सरोवर की जानकारी और योजना एवं सांख्यिकी विभाग से 2025-26 के नगरीय निकायों के बजट की जानकारी ली गई। इस बैठक में पीएम जनमन आवास, ग्रामीण आजीविका मिशन, ई-कोष, आदि कर्मयोगी अभियान, श्रमवीरों का पंजीयन, रजत जयंती महोत्सव, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण आहार कार्यक्रम, हाट-बाजारों में दीवाल लेखन, कुपोषित बच्चों की जानकारी, ट्राइबल विभाग के कार्य, ई-ऑफिस, लंबित फाइलों के निपटान, पेंशन प्रकरण, आयुष विभाग हेतु भूमि आवंटन, 220 बेड के अस्पताल निर्माण, डंगौरा मेंटल हॉस्पिटल, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, सर्किट हाउस … Read more

हरियाणा की स्पेशल ट्रेनें त्योहारी सीजन में, जानें तारीख और समय

चंडीगढ़  त्योहारी सीजन को देखते हुए ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है। हरियाणा में इन दिनों यात्रियों भारी भीड़ बढ़ जाती है। इसके चलते रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रेलवे का कहना है कि इन ट्रेनों को अक्टूबर और नवंबर के महीने में संचालित किया जाएगा। इन ट्रेनों का संचालन होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी और उनका सफर भी सुगम बनेगा। इसे लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने जानकारी दी है। ये स्पेशल ट्रेन संचालित चलेंगी     मदार-रोहतक स्पेशल (गाड़ी नंबर 09639)- 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रोज संचालित होगी।     रोहतक-मदार स्पेशल (गाड़ी नंबर 09640)- 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रोजाना चलाई जाएगी।     हिसार-खड़की साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर 04725)- 12 अक्टूबर से 9 नवंबर तक हर रविवार को संचालित होगी।     खड़की-हिसार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर 04726)- 13 अक्टूबर से 10 नवंबर तक हर सोमवार संचालित की जाएगी। ये साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें चलेंगी     तिरुपति-हिसार (गाड़ी नंबर 07717)- 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक हर बुधवार चलेगी।     हिसार-तिरुपति (गाड़ी नंबर 07718)- 5 अक्टूबर से 31 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।     ओखा-शकूरबस्ती सुपरफास्ट (गाड़ी नंबर 09523)- 23 अक्टूबर से 25 नवंबर तक हर मंगलवार संचालित होगी।     शकूरबस्ती-ओखा सुपरफास्ट (गाड़ी नंबर 09524)- 26 नवंबर तक हर बुधवार को चलेगी।     भावनगर-शकूरबस्ती (गाड़ी नंबर 09257)- 28 नवंबर तक हर शुक्रवार चलाई जाएगी।     शकूरबस्ती-भावनगर (गाड़ी नंबर 09258)- 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार संचालित होगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने कहा कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से फेस्टिव सीजन में यात्रियों को काफी राहत मिलने की संभावना है। रेवाड़ी, हिसार, रोहतक जैसे प्रदेश के कई शहरों से लोगों का सफर आसान बनेगा।

नकली पनीर की खेप पकड़ी गई फर्रूखनगर में, फूड सेफ्टी विभाग ने मारा छापा

गुड़गांव फर्रूखनगर में फूड सेफ्टी विभाग ने सीएम फ्लाइंग के साथ मिलकर पनीर की दुकानों पर रेड की है। यहां टीम ने रेड के बाद 700 किलो से भी अधिक संदिग्ध पनीर पकड़ा है। टीम ने यह कार्रवाई सूचना के आधार पर की है।  फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ रमेश चौहान की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि फर्रूखनगर एरिया में नकली पनीर बेचा जा रहा है। यहां गाड़ियाें के जरिए कई क्विंटल नकली पनीर दुकानों पर दिया जा रहा है जिसे खाकर लोगों के बीमार होने की संभावना बनी हुई है। इस पर टीम ने फर्रूखनगर में यादव डेयरी पर रेड कर करीब 700 किलो संदिग्ध पनीर पकड़ा। यहां से पनीर का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया है। वहीं, प्रवीण डेयरी में रेड कर यहां से 96 किलो संदिग्ध पनीर और खोया पकड़ा है। टीम ने दोनों ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं। वहीं, यहां पनीर सप्लाई करने आई गाड़ी को काबू कर उसमें से भी पनीर के संदिग्ध सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लैब में जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।   

UP-बिहार से गुजरात तक बारिश का अलर्ट, दुर्गा पूजा पर दिल्ली में हल्की फुहारें!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में बीते दो दिनों से लगातार बादलों की आवाजाही देखी जा रही है. धूप के तीखेपन और उमस में बहुत कमी आई है. हालांकि अब भी प्रदेश में लोग गर्मी से परेशान हैं. तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. इसी बीच दिल्ली वालों के लिए मौसम खुशखबरी लेकर आया है. पिछले 10 दिनों में पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है. आज और कल दिल्ली में बारिश देखने को मिल सकती है, यानी कि नवरात्रि पर दिल्ली का मौसम बारिश से सुहाना हो सकता है. मौसम विभाग ने आज और कल दिल्ली में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. कल यानी एक अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश होने का पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी जारी किया है. बारिश के साथ ही तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी. यूपी में भीषण गर्मी यूपी में दिन के समय भीषण गर्मी पड़ रही है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं पर बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है. 1 अक्टूबर को भी पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं और पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस तरह प्रदेश में अगले एक हफ्ते कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है. आज बिहार में मौसम मिला जुला रहने वाला है. कहीं धूप तो कहीं हल्की फुल्की बारिश हो सकती है. पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा और मधेपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पटना, गया जी समेत दक्षिण बिहार के ज्यादातर जिलों में ठनका गिर सकता है, जबकि 1 से 4 अक्टूबर के दौरान बिहार मेंमूसलाधार बारिश हो सकती है. इन राज्यों में बारिश 2 से 4 अक्टूबर के दौरान झारखंड, 2 से 4 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल और सिक्किम, 4 से 5 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ, 3 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. पश्चिमी भारत में गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज भारी बारिश हो सकती है. कोंकण और गोवा में भी आज भारी बारिश की संभावना है. मुंबई में बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में हल्की बारिश मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, में 1 से 5 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ 2 से 3 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की गई है. उत्तराखंड में आज पिथौरागढ़ के साथ ही बागेश्वर के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इन इलाकों में गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि शेष पर्वतीय जिलों कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश देखने को मिल सकती है.

सेवा की नई पहचान: डॉ. बलबीर सिंह का घर बनेगा आम आदमी क्लिनिक

पंजाब  पंजाब की ईमानदार सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके नेता जनता की भलाई के लिए अपने निजी हितों से ऊपर उठकर सोचते हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह द्वारा अपने पैतृक घर और उससे जुड़ी दुकानों की इमारत सरकार को समर्पित करना है, ताकि गांव भौरा (जिला नवांशहर) में आम आदमी क्लिनिक बनाया जा सके। यह कदम न केवल उनकी ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि पंजाब की राजनीति में एक अनोखा संदेश भी देता है कि सच्चे जन–प्रतिनिधि कौन होते हैं। डॉ. बलबीर सिंह के इस प्रेरणादायक फैसले से गांव भौरा के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। अब उन्हें उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज़ के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। क्लिनिक बनने से लोगों को नज़दीक ही इलाज की सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। यह सरकार के उस वादे को पूरा करता है कि स्वास्थ्य सेवाओं को हर गांव और हर मोहल्ले तक पहुँचाया जाए। आम आदमी क्लिनिकों में जनता को मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाइयां और मुफ्त लैब टेस्ट की सुविधाएँ मिलती हैं। ये वही सुविधाएँ हैं जो पहले केवल बड़े शहरों के अस्पतालों में ही उपलब्ध थीं। डॉ. बलबीर सिंह के इस कदम से अब ये सेवाएँ गांव स्तर पर भी आसानी से लोगों तक पहुँचेंगी। यह जनता–केंद्रित सोच पंजाब सरकार की स्वास्थ्य नीति को और अधिक मजबूत करती है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनका उद्देश्य सिर्फ यह है कि कोई भी पंजाबी इलाज से वंचित न रह जाए। हर वर्ग के लोग, चाहे गरीब हों या अमीर, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बराबर हकदार हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये क्लिनिक जनता के बीच भरोसा बढ़ाते हैं कि सरकार उनकी सेहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गांव भौरा में क्लिनिक बनाने के लिए अपनी निजी संपत्ति देना किसी आम राजनेता की बात नहीं, यह केवल वही कर सकता है जो जनता की ज़रूरतों को अपने स्वार्थ से ऊपर रखता हो। डॉ. बलबीर सिंह का यह कदम केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्रांतिकारी नहीं है, बल्कि पंजाब की राजनीति के लिए भी एक मिसाल है। यह जनता को यह संदेश देता है कि यदि नेता चाहें तो वे अपनी संपत्ति भी जनता की भलाई के लिए समर्पित कर सकते हैं। यह कदम सिर्फ गांव भौरा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब के लिए एक प्रेरणा है। इससे साबित होता है कि पंजाब सरकार की सोच जनता–केंद्रित है और वह अपने हर फैसले में जनता की भलाई को सबसे ऊपर रखती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की यह पहल लोगों के दिलों में सरकार के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत कर रही है।  

लाड़ली बहना आवास योजना की पहली लिस्ट जारी, 5 लाख महिलाओं को मिलेगा घर का सपना

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए प्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं को लाड़ली बहना आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ऐसी 5 लाख महिलाओं की सूची जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन कैसे करें, अपना नाम कैसे चेक करें और कैसे नाम जोड़वाएं। कौन कर सकता है आवेदन?  इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं और जो कच्चे मकान में रह रही हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पाईं, वे भी लाड़ली बहना आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना में पात्र महिलाएं वे हैं जिनके खातों में हर महीने 1250 रुपये की किस्त आती है। लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोहन सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो उसे न केवल सुरक्षा मिलेगी बल्कि उसका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इससे वह आत्मनिर्भर बन सकेगी और अपनी स्थिति को सशक्त रूप से सुधार सकेगी। लाड़ली बहनों को मिलेगा पक्का मकान मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाएं अब खुद के घर का सपना सच होते देख सकेंगी। सीएम मोहन यादव ने घोषणा की है कि सभी पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से पक्का घर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार लाड़ली बहनों को छत का आसरा देने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देगी। जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ? मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पक्के घर के लिए आर्थिक सहायता राशि देने की इस योजना का लाभ उन महिलाओं को दे रही है, जो पहले से ही इस योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी हुई हैं। उनके खातों में हर महीने आने वाली किस्त के 1250 रुपए आते हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। जो कच्चे मकान में रह रही हैं या फिर जिन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिला हो, वे ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया और नाम चेक करने का तरीका  आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। महिला को अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए अपने गांव या नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने नाम की जांच कर सकती हैं और नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम इस योजना का नाम है लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana)। ये योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम है। सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो वह सुरक्षा के साथ ही आत्मसम्मान भी महसूस करेगी। आत्मनिर्भरता में उसकी भागीदारी बढ़ेगी। बताया जा रहा है किमध्य प्रदेश की लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana) के लिए ग्रामीण सूची भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। जल्द ही अन्य महिलाओं के नाम की लिस्ट में इस आवास योजना के लिए जारी किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। पहले चरण के तहत पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। हितग्राही महिलाएं अपना नाम आधिकारिक वेबसाइट cmladlibehnayojana.com पर जाकर चैक कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी सूची (cmladlibehnamp.gov.in list) का विकल्प चुनें। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। अब बॉक्स में अपना नाम टाइप करें, पति का नाम और कैप्चा कोड को फिल करें। इस जानकारी को भरते ही लिस्ट आपके सामने होगी, आप देख सकेंगी की लाभार्थियों की सूची में आपका नाम है या नहीं। जिनके पास नहीं इंटरनेट या स्मार्ट फोन, उन्हें भी मिलेगा लाभ योजना का लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं, तो अपने गांव के जनसेवा केंद्र, पंचायत कार्यालय और ग्राम सचिवालय में जाकर लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वहां अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे। लिस्ट में नहीं नाम, तो करें ये काम अगर किसी महिला का नाम सूची (ladli behna awas yojana list) में नहीं आता है, जबकि उसने आवेदन दिया है, तो वह ग्राम पंचायत सचिव या जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकती है। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल पर भी महिला सूची में अपना नाम देख सकती है। वह अपने द्वारा दिए गए आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ले सकती है।

आत्माओं को तृप्त करने की अनोखी रिवायत, उज्जैन में मदिरा की 27KM लंबी धारा

उज्जैन उज्जैन में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की. इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए. इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है. साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी. मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है. धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है. आजादी के बाद से नगर पूजा करा रही सरकार कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है. आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ. मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है. इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है. इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की. इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है. मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं. देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है. आज सुबह चौबीस खंभा माता मंदिर से सुबह नगर पूजा की शुरुआत हुई. सुबह से शाम तक करीब 12 घंटे पूजा अर्चना का सिलसिला चलता है. रात 8 बजे गढ़कालिका माता मंदिर के समीप हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजा अर्चना के साथ नगर पूजा संपन्न होती है. 14 घंटे चलती है नगर पूजा उज्जैन में की जाने वाली ये नगर पूजा लगभग 14 घंटों में पूरी होती है. सुबह 7.30 बजे सबसे पहले देवी महामाया और महालया का शराब को भोग लगाने से ये पूजा शुरू होती है. 40 मंदिरों में पूजा करते-करते रात करीब 7.30 बजे इस पूजा का समापन होता है. नगर पूजा के अंतर्गत देवी और भैरव मंदिरों में शराब का भोग लगाते हैं और हनुमान मंदिरों के मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाती है. 40 अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने के बाद शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम हांडी फोड़ भैरव मंदिर पहुंचती है. यहां इस पूजा का समापन होता है और शराब से भरी मटकी फोड़ दी जाती है. इस पूजा के लिए आबकारी विभाग 31 बोतल शराब अपनी ओर से देता है. इस पूजा में सिंदूर, कुंकुम, अबीर, मेहंदी, चूड़ी, नारियल, चना, सिंघाड़ा, पूरी-भजिए, दूध, दही, इत्र आदि 40 तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है.