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भाजपा ने बढ़ाया दबाव, हितानंद शर्मा बिहार में सक्रिय, मोहन यादव की सरकार पर परिवारवाद का आरोप

भोपाल कुछ दिनों बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मैदानी तैयारी को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित कई अन्य नेता बिहार पहुंच गए हैं। इन्हें अलग-अलग अंचलों में संगठन के कामकाज की जिम्मेदारी मिली है। हितानंद के अलावा कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद अनिल फिरोजिया, विष्णु दत्त शर्मा, गजेंद्र पटेल और पूर्व सांसद केपी यादव को बिहार चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार नहीं पहुंचे हैं प्रहलाद पटेल ये सभी नेता बिहार में संगठनात्मक मोर्चों पर तैनात रहेंगे। माता जी के स्वास्थ्य कारणों से प्रहलाद पटेल बिहार नहीं पहुंचे हैं लेकिन बाकी नेताओं ने वहां मोर्चा संभाल लिया है। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक रहे हितानंद को इससे पहले भी महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा ने अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उधर, ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं का कार्यक्रम भी संगठन जल्द तैयार कर रहा है। बिहार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल ही में हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में मध्य प्रदेश के नेता भी शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश के नेताओं में से विशेष रूप से ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के नेताओं पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। परिवारवाद का जवाब डॉ. मोहन यादव के चेहरे से देगी भाजपा भाजपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली के विधानसभा चुनावों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में यादव चेहरे के रूप में प्रस्तुत करेगी। आरजेडी के लालू यादव के परिवारवाद के विरुद्ध भाजपा डॉ. मोहन यादव को एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करेगी। डॉ. मोहन यादव की अलग शैली उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनी तो अब बिहार में लालू यादव के परिवार की राह मुश्किल कर सकती है। ओबीसी वर्ग को साधने की चुनौती संभालेंगे शिवराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों बिहार में अच्छी पहचान बना रहे हैं। मखाने की खेती को प्राथमिकता देते हुए इसके किसानों के लिए बेहतरीन प्रयास कर उन्होंने अपनी अच्छी छवि बना ली है। शिवराज सिंह चौहान की किसान और गरीबों के लिए संवेदनशील छवि का लाभ बिहार में भाजपा उठा सकती है। ओबीसी वर्ग में वोटों को ध्रुवीकरण न हो, इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह संभालेंगे।

सदन में हंगामा: मान सरकार का बीजेपी विरोधी प्रदर्शन तेज

चंडीगढ़ पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी। सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा केवल "फोटो खिंचवाने" तक ही सीमित था। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया।" चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया। जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, "पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का 'झुनझुना' थमा दिया। यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है।"उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है। गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए। साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए। ₹1600 करोड़ 'अपमान' और 'नाकाफी', राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को "पंजाब का अपमान" बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं। इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है। किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, "पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है।"

यूपी सीएम योगी ने दी चेतावनी: दारुल इस्लाम में विश्वास रखने वालों को पहले भुगतना होगा नतीजा

श्रावस्ती उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में बवाल करने वालों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। श्रावस्ती में आयोजित एक जनसभा में शनिवार को सीएम योगी ने कहा कि हमने हर समुदाय, हर जाति के कल्याण के लिए काम किया। अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति सभी को सम्मान दिया। सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है। इसके बाद भी कुछ लोगों को विकास अच्छा नहीं लगता। वे तालिबानी व्यवस्था और दारुल इस्लाम में विश्वास करते हैं। मैं उन्हें कहता हूं, ऐसी व्यवस्था जन्नत में भी पूरी नहीं होगी, इसके लिए पहले जहन्नुम जाना पड़ेगा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और निर्दोष लोगों पर हमले करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी कई पीढ़ियों के लिए नजीर बन जाएगा। सीएम योगी नवरात्र के समय बरेली में बवाल और कई जिलों में आई लव मोहम्मद को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर बेहद खफा नजर आए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह सबका साथ और विकास जानता है, लेकिन उपद्रवियों और माफियाओं से सख्ती से निपटना भी जानता है। कुछ लोगों को शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। हिंदू त्योहारों पर उन्हें गर्मी चढ़ती है, लेकिन हम डेंटिंग-पेंटिंग से उनकी गर्मी शांत करना जानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता स्वीकार्य नहीं है। अगर किसी ने सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, निर्दोष नागरिकों पर हमला किया, बेटियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया या व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में आगजनी की कोशिश की तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहार उत्साह और एकता का समय है। हिंदू परिवार अपनी पूंजी लगाकर समाज के साथ खुशी मनाता है। कोई भेदभाव नहीं करता। सभी को साथ लेकर चलता है। ऐसे मौकों पर सड़क पर प्रदर्शन और उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो उपद्रव के दौरान बच्चों और महिलाओं को आगे करते हैं। उन्होंने कहा कि जो कायरों और बुझदिलों की तरह बच्चों और महिलाओं को आगे करके उपद्रव करते हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आस्था अंतःकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी या पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने महापुरुषों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि महापुरुष किसी भी परंपरा में हों, उनका सम्मान होना चाहिए। आस्था प्रदर्शन का विषय नहीं है। जो लोग आस्था के नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाते हैं, उन्हें कठोर दंड भुगतना होगा।  

प्रधानमंत्री मोदी ने IIT भिलाई के नए चरण का वर्चुअल किया शिलान्यास

आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब हुए शामिल भारत सरकार ने फेस 2 के लिए 2257.55 करोड़ रुपए किए है मंजूर रायपुर, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थानों में आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू सम्मिलित हैं। इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास होना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी। छात्र संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी। फेस-2 की सबसे महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क है, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए  1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ आईआईटी भिलाई का परिसर गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश गलियारों से सुशोभित है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं। संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (NM-ICPS) पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I B I T F) की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है। आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका। इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। वर्तमान और भविष्य वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इस अवसर पर संस्था के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।    

बहनों के लिए धन की कमी नहीं, जल्द ही देंगे 1500 रुपए प्रतिमाह

धीरे-धीरे राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे 185 करोड़ रुपए से अधिक के 65 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमिपूजन   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति का वैशिष्ट्य ही हमारी पहचान है। हम मातृ सत्तात्मक समाज व्यवस्था के संवाहक हैं। यह सिर्फ भारत देश ही है, जहां बच्चा-बच्चा देश को माता के रूप में पूजकर 'भारत माता की जय' कहता है। यह नारियों के प्रति हमारी आस्था, हमारे सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपुरी जिले में किसानों को बाढ़ आपदा की राहत राशि के रूप में 10 करोड़ रुपए बांटे गए हैं। प्रदेश के हर अंचल में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। विकास की बात पर हमारी सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिवपुरी जिले के नरवर में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 185 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 65 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 48.90 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 136.67 करोड़ लागत के 52 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर में राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण भी किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर के पुराने किले में रोप-वे निर्माण करने एवं नरवर में नया आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नरवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, नगर परिषद नरवर में गौशाला निर्माण एवं पुलिस चौकी बनाने और आवागमन की बेहतरी के लिए सिंध नदी पर एक नया सेतु बनाने की भी घोषणा भी की। भावांतर योजना का लाभ लें किसान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसानों को सोयाबीन उपार्जन के लिए शुक्रवार को ही भावांतर योजना की सौगात दी गई है। किसान भाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच इस योजना में सोयाबीन बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं। किसानों को सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाएंगे। हमारी सरकार अपने सभी वादों और संकल्पों को पूरा करते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है। ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर आकर शिवपुरी जिले को अनेकों सौगात दी है। करेरा विधायक श्री रमेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा नल की नगरी नरवर में आत्मीय स्वागत है। कार्यक्रम में विधायक श्री महेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री प्रीतम लोधी, विधायक श्री भवानी सिंह राठौरजनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। 

विवादों में फंसे मंत्री! कांग्रेस ने विजयवर्गीय को लेकर खड़ी की नई रणनीति

भोपाल नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर दिए बयान के बाद कांग्रेस ने तय किया है कि अब प्रदेश के ऐसे मंत्रियों की घेराबंदी की जाएगी, जो विवादित बयान देते रहे हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह जैसे मंत्रियों को जगह-जगह काले झंडे दिखाकर राजधानी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध किया जाएगा। साथ ही भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए कांग्रेस नर्सिंग फर्जीवाड़ा, बीएड और डीएड कॉलेजों में फर्जीवाड़ा, संकल्प पत्र के अधूरे वादों को भी मुद्दा बनाने जा रही है।   विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस भड़की हुई है और जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र पटेल ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार और रविवार को महिला मोर्चा प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करेगा। कैसे-कैसे बिगड़े बोल     कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल-प्रियंका के संदर्भ में पहले कहा कि आज के नेता प्रतिपक्ष अपनी जवान बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं।     अगले दिन बोले कि मैं भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता पर प्रश्न नहीं उठा रहा।     प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू में सार्वजनिक मंच पर कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसकी देशभर में आलोचना हुई थी।

तामिया की घाटियों में दौड़े 9 राज्यों और 20 जिलों के धावक

विश्व पर्यटन दिवस पर छिंदवाड़ा के तामिया में हुई मैराथन भोपाल विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर के उपलक्ष्य में “सेवा पखवाड़ा अभियान” अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले के तामिया में पहली बार “तामिया मैराथन” का भव्य शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस मैराथन में 746 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था, जिनमें से 623 प्रतिभागियों ने सहभागिता कर आयोजन की तामिया में सफल शुरुआत की। इनमें मध्यप्रदेश सहित 9 राज्यों और 20 जिलों के प्रतिभागी शामिल हुए। कम समय में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में अन्य राज्यों के धावकों और बड़ी संख्या में प्रदेश के धावकों की सहभागिता ने तामिया मैराथन को ऐतिहासिक शुरुआत दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में मैराथन खास भूमिका निभाएगी। रिमझिम फुहारों के बीच हरी झंडी दिखाते ही दौड़े धावक – कार्यक्रम में सबसे पहले 21 कि.मी. की मैराथन की शुरुआत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से की गई। इसके थोड़े अंतराल के बाद 11 और 05 किमी की दौड़ शुरू हुई। नगर निगम छिंदवाड़ा के महापौर श्री विक्रम अहके, कलेक्टर श्री शीलेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अजय पाण्डेय ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन की शुरुआत की। मैराथन पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस से प्रारंभ होकर टोल प्लाजा, कुआं बादला मार्ग से होकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पर समाप्त हुई। विजेताओं को पुरस्कार तामिया मैराथन में तीन कैटेगरी 21, 11 और 05 किमी के लिए महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग प्रथम, द्वितीय, तृतीय विजेता घोषित किए गए। 21 कि.मी. मैराथन में उम्मीद से कहीं अधिक 350 धावकों ने भाग लिया, जिनमें 40 महिला धावक भी शामिल थीं। पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सतीश वर्मा ने और महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश के कानपुर की याशी सचान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके लिए दोनों धावकों को 31-31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि के चेक प्रदाय किए गए। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के धीरज यादव और भोपाल की प्राची वडियार ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 21-21 हजार रुपए की राशि प्राप्त की। सतना के अभिषेक सोनी और तामिया की माधुरी नर्रे ने तृतीय स्थान हासिल कर 11-11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्राप्त की। गगन साहू और गीता भारती ने 11 कि.मी. मैराथन में प्रथम स्थान, देवकीनन्दन ने द्वितीय एवं मनोज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 05 किमी मैराथन में अरुण धुर्वे और बिंदिया परतेती ने प्रथम, अजेश और अंकिता ने द्वितीय एवं हिमांशु और गिरिजा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सरप्राइज गिफ्ट भी दिए गए तामिया मैराथन में कुछ सरप्राइस गिफ्ट भी रखे गए। 5 किमी दौड़ को पूरा करने वाले सबसे कम उम्र 8 वर्ष के प्रतिभागी प्रयान उट्टी और सबसे अधिक उम्र के पुरुष प्रतिभागी 72 वर्षीय श्री एस.बी. सोनटके एवं महिला प्रतिभागी 65 वर्षीय विशाखा सोनटके को सरप्राइस गिफ्ट प्रदान किए गए। इसी तरह 21 किमी मैराथन में सबसे कम उम्र 16 वर्षीय धावक गीतेश इड़पाची को सरप्राइस गिफ्ट दिया गया। महापौर श्री विक्रम अहके ने कहा ऐतिहासिक आगाज हुआ है। तामिया की घाटियों में होने वाली संभवतः यह प्रदेश की पहली मैराथन होगी। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अद्भुत नैसर्गिक सुंदरता के साथ ही छिंदवाड़ा जिले और विशेषकर तामिया क्षेत्र में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। इस तरह के आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जिले को दूर-दूर तक नई पहचान दिलाएंगे। उन्होंने तामिया मैराथन के इस पहले आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। 

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

भोपाल विज्ञान भारती के तत्वावधान में भोपाल स्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक भव्य विज्ञान मेला का आयोजन किया गया है। इस मेले में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो विद्यार्थियों, नागरिकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। प्रदर्शनी में अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्मार्ट सिटी परियोजना, भोपाल एवं इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य इन योजनाओं की जानकारी को जनसामान्य तक पहुँचाना और शहरी विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रदर्शनी में विशेष आकर्षण का विषय अमृत मिशन एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान रहा जिसके अंतर्गत आगंतुकों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व और पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य शहरी योजनाओं को सरल भाषा में आम नागरिकों तक पहुँचाना, विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचारों से जोड़ना तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।  

फेस्टिवल मोड: पुलिस सतर्क, स्पेशल नाके और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी

अमृतसर  त्योहार सीजन को ध्यान में रखते हुए श्री मुक्तसर साहिब के एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी द्वारा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने खुद रात के समय रामलीला ग्राउंड और शहर के विभिन्न नाकों पर चेकिंग की और पुलिस मुलाजिमों को हिदायतें जारी कीं। एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी ने बताया कि त्यौहारी सीजन के दौरान श्री मुक्तसर साहिब में सुरक्षा प्रबंधों को ओर मजबूत करने के लिए 500 से अधिक पुलिस कर्मियों को सडक़ों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया गया है। शहर के मुख्य चौंक-चौराहों, अंदरूनी बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा चारों सब-डिवीजनों श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिद्दड़बाहा और लंबी में विभिन्न नाके लगाए गए हैं, जहां 24 घंटे पुलिस मुलाजिम मौजूद रहेंगे। पी.सी.आर. मोटरसाइकिल और गश्त टीमें भी तैयार की गई हैं, जिन द्वारा लगातार शरारती तत्वों पर नजर रखी जा रही हैं। नाइट डॉमिनेशन होगा ओर मजबूत एस.एस.पी. ने कहा कि रात के समय नाइट डॉमिनेशन पेट्रोलिंग को ओर मजबूत किया गया है। रात समय सुरक्षा के पक्ष से बस अड्डे के पास लंबे समय से लावारिस खड़े संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। इस दौरान ‘वाहन ऐप’ की मदद से गाडिय़ों को वेरिफाई कर उनके पुलिस रिकॉर्ड की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई वाहन किसी अवैध गतिविधि या पेंडिंग केस से जुड़ा न हो। इसके अलावा रात समय विभिन्न पुलिस टीमों के साथ शहर के विभिन्न जगहों पर नाके लगाए जार हे है। मुख्य रूटों, कॉलोनियों, बाजारों, जहां यातायात अधिक रहता है, वहीं नाके लगाकर हर वाहन व व्यक्ति की जांच की जा रही है। कंट्रोल रूम में अलर्ट जारी पुलिस कंट्रोल रूम को हमेशा एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं। पी.सी.आर. मुलाजिमों को ड्यूटी पूरी चौकसी से निभाने और वायरलेस सेट हमेशा चार्ज रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। 50 से अधिक नाके दिन-रात लगाए जाएंगी जिले में प्रवेश बिंदुओं, बाहरी रिंग रोड, मुख्य मार्गों और अंदरूनी जगहों पर करीब 50 से अधिक नाके दिन-रात लगाए जाएंगे। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है।   नशा तस्करों के खिलाफ जारी रहेगी मुहिम एस.एस.पी. ने बताया कि त्यौहारी सीजन में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम को ओर तेज किया गया है। नशों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रामलीला ग्राउंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खास सुरक्षा त्योहारी सीजन के दौरान रामलीला ग्राउंड और अन्य धार्मिक-सांस्कूतिक कार्यक्रमों के लिए भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस मुलाजिमों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाकर भीड़ पर निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ-साथ कार्यक्रम स्थलों के आसपास ट्रैफिक का भी विशेष प्रबंध किया गया है ताकि भीड़ या जाम की स्थिति न बने। हर कार्यक्रम स्थल पर पुलिस अधिकारी, सिविल ड्रेस में सुरक्षाकर्मी और महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, वहीं ड्रोन कैमरे और सी.सी.टी.वी. निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। पार्किंग स्थलों के लिए अलग प्रबंध किए गए हैं, जहां पुलिस कर्मी लोगों की मदद करेंगे। इस अवसर पर एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी ने खुद रात में रामलीला ग्राउंड का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का विस्तारपूर्वक जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और मुलाजिमों से बातचीत कर त्यौहारी सीजन में ओर ज्यादा चौकसी व जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने के लिए विशेष निर्देश दिए। डॉ. चौधरी ने पुलिस बैरिकेडिंग, इमरजेंसी प्रबंध और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का खुद निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। उन्होंने तैनात मुलाजिमों को सुरक्षा प्रबंधों के प्रति ओर संवेदनशील रहने व हर आने-जाने वाले की पूरी जांच करने के आदेश दिए ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति कार्यक्रम स्थलों में प्रवेश न कर सके। इसके अलावा उन्होंने जिले के विभिन्न नाकों का अचानक निरीक्षण किया और पुलिस कर्मियों को सख्त चौकसी बरतने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आदेश दिया कि ड्यूटी के दौरान कोई लापरवाही न हो, हर वाहन की गहराई से जांच हो और संदिग्ध व्यक्तियों की पूरी तलाशी ली जाए। लोगों के लिए अपील एस.एस.पी. ने जनता से अपील की है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। उन्होंने कहा कि कानून की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और शहर की अमन-शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता को मिलकर काम करना होगा।

मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

वैश्विक मंच पर और सशक्त हुई ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की पहचान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन भोपाल  म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन जगत के दो प्रतिष्ठित ट्रैवल मार्ट—IFTM Top Resa 2025 (पेरिस, फ़्रांस) और Tourism Expo Japan 2025 (आईची स्काई एक्सपो, जापान) में मध्यप्रदेश की विशिष्ट और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इन वैश्विक मंचों पर अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की विविध संभावनाओं को सजीव कर दिया। इन ट्रैवल मार्ट और एक्सपो में बने आकर्षक एमपी पवेलियन ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और अपरिहार्य गंतव्य के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वैश्विक पर्यटन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। पेरिस और जापान जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में हमारे राज्य की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इन आयोजनों से हमें न केवल नए बाज़ारों तक पहुंच मिली है, बल्कि फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख देशों के साथ साझेदारी को भी मजबूती मिली है। मुझे विश्वास है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव का विज़न है कि मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक परिदृश्य की सुगन्ध वैश्विक स्तर पर फैले और पर्यटन विभाग इस दिशा में दिन रात काम कर रहा है। मध्य प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी हमारी इसी रणनीति का हिस्सा है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो आगंतुकों की स्मृतियों में बस जाता है। हमारे प्रयास राज्य को वैश्विक यात्रा मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटकों को प्रामाणिक, अनुभवात्मक यात्राएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे। IFTM Top Resa 2025 : मध्यप्रदेश बना आकर्षण का केंद्र फ्रांस के पेरिस में 23-25 सितंबर 2025, के दौरान Porte de Versailles exhibition center में मध्य प्रदेश के पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, पेरिस के आर्थिक एवं वाणिज्यिक विंग के काउंसलर और हेड ऑफ़ चांसरी श्री नवीन कुमार ने किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के उप संचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) श्री युवराज पाडोले सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। इस विशेष पैवेलियन ने वैश्विक यात्रा व्यापार समुदाय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और राज्य की धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य तथा आधुनिक पर्यटन पहलों का प्रभावशाली परिचय कराया। टोक्यो में टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 : पूर्वी एशिया में बनी प्रदेश की पहचान जापान के आईची स्काई एक्सपो में 25 सितंबर 2025 से शुरू हुए टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में भी मध्य प्रदेश पर्यटन ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, टोक्यो की मंत्री (वाणिज्य एवं आर्थिक) श्रीमती देबजानी चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने किया। उनके साथ सहायक प्रबंधक श्री राकेश गोलिया और पर्यटन उद्योग के प्रमुख साझेदार श्री अतुल सिंह (एमपी इनकमिंग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश का पैवेलियन जापानी पर्यटकों और उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसने राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया। ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता एमपी पवेलियन दोनों मेलों में मध्य प्रदेश का पैवेलियन ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता रहा। इसमें राज्य की तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों—खजुराहो के मंदिरों की अद्वितीय शिल्पकला, सांची के स्तूपों की बौद्धिक शांति और भीमबेटका की प्राचीन शैलाश्रयों की ऐतिहासिक गहराई—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे विश्वप्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों के वन्यजीव पर्यटन ने रोमांच और संरक्षण का संदेश दिया। उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे पवित्र नगरों की झलकियों ने राज्य की आध्यात्मिक प्रवाह को दर्शाया, जबकि जनजातीय परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन की पहलों ने सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। फ्रांस, यूरोप और जापान के ट्रैवल बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इन आयोजनों के माध्यम से फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाज़ारों में टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ किया। यह पहल बोर्ड की दीर्घकालिक वैश्विक पहुंच रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अनुभवात्मक, प्रामाणिक यात्राओं के प्रति आकर्षित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचना है।