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कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए छात्र परिषद के चुनाव

भोपाल  कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय भोपाल में छात्र परिषद का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से शनिवार को संपन्न हुए। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में देश की चुनाव प्रक्रिया के वास्तविक स्वरूप के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया, भारतीय निर्वाचन प्रणाली के अनुरूप संपादित की गई। मतदान के लिये विद्यालय में सुसज्जित मतदान केंद्र बनाए गए।जहाँ श्रेणीवार पीठासीन अधिकारी, P1,P2,P3, पहचानकर्ता, ईवीएम मशीन एवं तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही का निशान एवं पंक्तिबद्ध मतदाता—सभी व्यवस्थाएँ बिल्कुल आम चुनाव की तरह रहीं। मतदाता छात्राओं ने सेल्फी बूथ में फ़ोटो भी खिंचवाए। चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत अधिसूचना जारी होना, प्रत्याशी नामांकन, प्रचार-प्रसार, मतदान एवं परिणाम की घोषणा तक की सभी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कराए गएं। इसके लिये निर्वाचन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुरक्षा अधिकारी तथा अन्य आवश्यक पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी। मतदान प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संपन्न हुआ। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक चुनाव की विधि से परिचित कराना तथा मतदान के महत्व को समझाना था। मतदान प्रक्रिया में लगभग 600 विद्यार्थियो ने मतदान किया। जब ईवीएम से मतगणना प्रारंभ हुई तो सर्वाधिक मतों के साथ हेड गर्ल शाला नायक पद पर कुमारी स्नेहा नन्दमेहर कक्षा 12वीं, डिप्टी हेड गर्ल के लिए कु. सालेहा खान कक्षा 11वीं, सचिव पद के लिए रूपिका परते कक्षा 10वीं , उप सचिव पद के लिए भावना पथे कक्षा 9 वीं चुनी गई। इस अभिनव प्रयोग ने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और सहभागिता की भावना को और सशक्त बनाया।  

मुख्यमंत्री साय का उपहार: जिले की दो सड़कों के निर्माण के लिए 11.44 करोड़ की मंजूरी

झारखंड राज्य को जोड़ेगे यह मार्ग, आवागमन की बढ़ेगी सुविधा रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा। जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।  

सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, जोधपुर में शख्स हिरासत में

जोधपुर लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी नेता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया है। इसी बीच शनिवार (27 सितंबर) सुबह जेल के बाहर एक व्यक्ति तिरंगा लेकर पहुंचा और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। यह व्यक्ति सोनम वांगचुक का समर्थन कर रहा था और कह रहा था कि सोनम वांगचुक देशभक्त हैं। उसने यह भी कहा कि लेह और लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं, जिन्होंने कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को जानकारी दी थी। प्रदर्शनकारी ने अपना नाम और पता सुजानगढ़ निवासी विजयपाल बताया। पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना के दौरान जेल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने बताया कि फिलहाल किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। बता दें कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। यहां चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा और स्कूल व शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात किए हैं। हालांकि शुक्रवार को किसी भी जगह हिंसक घटनाओं की खबर नहीं आई और प्रशासन ने हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की जानकारी दी।

अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण की तिथि बढ़ी

भोपाल प्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 में अशासकीय विद्यालयों के मान्यता नवीनीकरण की तिथि में वृद्धि की गई है। अब अशासकीय विद्यालय मान्यता नवीनीकरण के लिये विशेष विलंब शुल्क 10 हजार रूपये की राशि सहित आवेदन कर सकेंगे। मान्यता नवीनीकरण का पोर्टल 29 सितम्बर से प्रारंभ किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उक्त जानकारी स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संचालित राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा दी गई है।  

मुख्यमंत्री ने किया 7 करोड़ 36 लाख रूपये की हिनौता बांध परियोजना का लोकार्पण

किसानों के लिये शुरू की भावांतर योजना राज्य सरकार के पास किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कोई कमी नहीं विदिशा जिले के कुरवाई में दी 258 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें कुरवाई में आयोजित कार्यक्रम एवं रोड-शो में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब कल्याण के साथ चहुँमुखी विकास के लिये राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर बनाने और किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। आज बदलते दौर में भारत और भारत की ताकत को दुनिया देख रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदिशा जिले के कुरवाई में शनिवार आयोजित हिनौता सिंचाई परियोजना अंतर्गत जाजपोन पुनर्वास कॉलोनी एवं विभिन्न निर्माण कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कुरवाई एवं विदिशा जिले के विकास के लिए 258 करोड रुपए की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 92 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के 46 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 165 करोड रुपए की लागत के 34 कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 7 करोड़ 36 लाख रुपए की महत्वपूर्ण हिनौता बांध परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित केन-बेतवा लिंक परियोजना के मॉडल का अवलोकन भी किया। किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर प्रदेश में भावांतर योजना लागू कर दी गई है। इस साल सोयाबीन की फसल की बिक्री पर 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। किसानों को अंतर की राशि सरकार देगी, जिसका भुगतान उनके बैंक खातों में 15 दिन के अंदर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा जिले में खराब हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाएगा। किसानों को राहत राशि, बीमा आदि का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। किसानों को सिंचाई के लिए कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। केन- बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से सिंचाई और उद्योगों को पानी मिलेगा। भाई-दूज पर बहनों को मिलेगा विशेष उपहार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना में दीपावली के बाद भाई दूज पर लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि देगी। राज्य सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बच्चों को स्कूटी, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, साईकिल, छात्रवृत्ति सहित छात्रावास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी अच्छे बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से दोस्ती निभाकर गरीब -अमीर की मित्रता की शिक्षा दी थी। भगवान श्रीकृष्ण की जहां लीलाएं हुई उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वदेशी को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमें स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग करने का मंत्र दिया है, जिसे प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कम करने से कई वस्तुएं सस्ती हुई हैं। प्रदेश में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। किसी घायल की जान बचाने के लिए सरकार ने राहवीर योजना में 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। गंभीर रोगियों के उच्च स्तरीय उपचार के लिए प्रदेश में एयरलिफ्ट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। प्रबुद्धजन से संवाद और हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय प्रबुद्धजनों से संवाद भी किया। संवाद के दौरान उन्होंने ग्राम विकास से संबंधित विषयों पर सुझाव भी लिये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, कृषक कल्याण योजना और महिला एवं बाल विकास की योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ, मार्गदर्शिका का विमोचन और हितग्राहियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित एवं कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का विभिन्न स्टालों पर जाकर अवलोकन किया। कुरवाई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोड-शो में भी शामिल हुए और नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। स्थानीय नागरिकों ने भी पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह पटेल, सांसद श्रीमती डॉ. लता वानखेड़े, विधायक गण श्री हरि सिंह सप्रे, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री उमाकांत शर्मा, श्री मुकेश टंडन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं     नगर परिषद कुरवाई के विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ की राशि दी जाएगी।     पठारी में महाविद्यालय खोला जाएगा।     कुरवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर 50 बिस्तर का बनाया जाएगा।     बीना रिफाइनरी के सहायक उत्पादों के लिए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा।     कुरवाई, लटेरी और नटेरन में 50-50 बिस्तर के नए छात्रावास खोले जाएंगे।     कुरवाई और विदिशा में 10 करोड़ की लागत से जनपद पंचायत भवन बनाए जाएंगे।     सिरोंज एवं अन्य स्थानों पर 6 करोड़ की लागत से हाई स्कूल भवन बनाए जाएंगे।     लटेरी और ग्यारसपुर में 87 करोड रुपए की लागत से सांदीपनि स्कूल एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल खोले जाएंगे।  

गौ हत्या टिप्पणी पर बवाल: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अदालत का समन

जबलपुर मध्यप्रदेश की जबलपुर जिला अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तलब करते हुए 12 नवंबर को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अभद्र और भ्रामक टिप्पणी करने के मामले में आया है। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “गौ हत्यारा” बताया था। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के आदेशों पर सवाल खड़े किए थे और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप भी उन पर लगाया गया है। इस मामले में रिटायर्ड कर्मचारी नेता रामप्रकाश अवस्थी ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि शंकराचार्य ने न केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पर अभद्र टिप्पणी की, बल्कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ भी गलत जानकारी फैलाई। अदालत ने इस मामले में धारा 256, 399, 302 और आईटी एक्ट 66A व 71 के तहत सुनवाई करते हुए समन जारी किया है। अब 12 नवंबर को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अदालत में हाजिर होना होगा।  

नगरीय निकायों में खुलेंगे आदर्श सुविधा केंद्र, मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री साव ने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

पहले चरण में सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में शुरू होगी सुविधा सभी सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगा आदर्श सुविधा केंद्र, नागरिकों को होगी सहूलियत रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की विशेष पहल पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। पहले चरण में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने तथा पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर (Municipal Shared Services Centre) के अंतर्गत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर (Citizen Experience Centre) के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएँ और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे।  साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है।          उप मुख्यमंत्री  साव ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों (Citizen Experience Centers) के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग (Ease of Living) में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करेगी। क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।  

जोधपुर जेल: लॉरेंस बिश्नोई से सलमान तक, अब वांगचुक का नया पड़ाव

जोधपुर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आने के साथ जोधपुर सेंट्रल जेल दुनिया भर में सुर्खियों में है। सोनम वांगचुक को शुक्रवार की शाम को जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया। इसके बाद शनिवार को जेल के बाहर वांगचुक के समर्थन में लोग जुटने शुरू हो गए। इसे देखते हुए जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। जेल के बाहर करीब 100 मीटर पर बैरिकेडिंग की गई है। जोधपुर सेंट्रल जेल पहले भी कई बार हाई प्रोफाइल कैदियों को लेकर सुर्खियों में रही है। पूरे देश में तिहाड़ जेल के बाद सबसे सुरक्षित जेल जोधपुर को माना जाता है। जोधपुर सेंट्रल जेल रातानाडा इलाके में स्थित है और 20 फीट ऊंची दीवारों से घिरी है। जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है, दीवारों के ऊपर कंटीले तार लगे हैं जिनमें करंट रहता है जिसके चलते इसे अभेद माना  जाता है। जेल के बाहर मुख्य द्वार पर सुरक्षा जांच होती है। इसके बाद जेल में प्रवेश करने के दौरान आरएसी के जवानों के द्वारा सुरक्षा जांच की जाती है। वहीं सामान की जांच स्कैनर की मदद से की जाती है। उसके बाद मुख्य जेल के दोनों गेट खोलकर कैदी को अंदर लिया जाता है। जेल के भीतर की सुरक्षा भी सख्त है, जेल में जगह-जगह वॉच टावर भी लगाए गए हैं। लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। आज (शनिवार) सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जोधपुर की सेंट्रल जेल में जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों के अलावा बब्बर खालसा से जुड़े आतंकियों को भी रखा गया था। जोधपुर में पकड़ी गई आतंकियों की स्लीपर सेल के आरोपियों को भी इसी जेल में रखा गया। वहीं, इस जेल में भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले में तत्कालीन कांग्रेस के मंत्री महिपाल मदेरणा सहित बड़े राजनेता भी रह चुके हैं। साल 2017 में लॉरेंस बिश्नोई को जोधपुर के सेंट्रल जेल में ही कैद किया गया था। हालांकि फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में कैद है। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी काला हिरण शिकार मामले में 2018 में जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदी रह चुके हैं। सलमान को यहां कैदी नंबर 106 का बिल्ला दिया गया था। अभी इसी जेल में आसाराम बापू कैद है, वह दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। आसाराम फिलहाल जमानत पर बाहर है।

HC ने उठाए सवाल: 10 साल के बच्चे को 9वीं में दाख़िला क्यों नहीं, NEP 2020 पर भी की टिप्पणी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 साल के एक बच्चे को 9वीं कक्षा में दाखिला देने से इनकार करने पर सीबीएसई की कड़ी आलोचना की। कोर्ट की पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रतिभाशाली बच्चों के लिए नीति पर केंद्र सरकार का रुख पूछा है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ सीबीएसई द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की। इसमें 10 साल के लड़के को 9वीं कक्षा में अस्थायी प्रवेश देने का निर्देश दिया गया था। बच्चे के पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके प्रतिभाशाली बेटे ने कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन सीबीएसई नियमों के तहत उम्र संबंधी प्रतिबंधों के कारण उसे कक्षा 9 में प्रवेश नहीं दिया गया। एकल पीठ ने अस्थायी प्रवेश की अनुमति तो दे दी, लेकिन सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का हवाला देते हुए इस आदेश को चुनौती दी। एनईपी 9वीं कक्षा में 10 साल के बच्चे के प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। सीबीएसई की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सीबीएसई के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। पीठ ने कहा, "तो आपने प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में नहीं सुना जो 14 साल की उम्र में एमबीबीएस डॉक्टर बन जाते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं? आप उसे 9वीं कक्षा में नहीं चाहते?" पीठ ने उल्लेख किया कि असाधारण छात्र विश्व स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हैं। अगर ऐसे छात्रों को जल्दी पदोन्नत किया जाता है तो सरकार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सीबीएसई की ओर से पेश हुए वकील ने तर्क दिया कि उक्त नीतियां विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई थीं। इन नीतियों के पीछे एक उद्देश्य और तर्क था। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में सात साल की उम्र में एक व्यक्ति सर्जन बन जाता है। फिर 12 साल की उम्र में एक भारतीय शतरंज का ग्रैंडमास्टर बन जाता है। 13 साल की उम्र में एक व्यक्ति ने एक लॉजिस्टिक कंपनी स्थापित की। पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूली दिनों में दोहरी पदोन्नति के उदाहरणों को भी याद किया। जब पूछा गया कि बच्चे को कब तक इंतजार करना होगा, तो सीबीएसई ने जवाब दिया कि दो साल। इस पर कोर्ट ने कहा कि दुनिया भर में प्रतिभाशाली बच्चे हैं। आप इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से पूछा है कि कृपया हमें बताएं कि आप प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में क्या करना चाहते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं। कोर्ट ने नोटिस का जवाब 6 अक्टूबर तक देने को कहा है।  

रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा: दिव्यांगजन के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और सहायक उपकरण वितरण शिविर सफलतापूर्वक आयोजित

सूरजपुर, रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा दिवस के अवसर पर आज शनिवार को जनपद पंचायत सूरजपुर के साधु राम सेवा कुंज में दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों हेतु विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला अस्पताल से मेडिकल बोर्ड तथा पीपीआरसी रायपुर के विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों की जांच की गई। इस दौरान 7 कृत्रिम अंगों का मापन, 39 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा कुल 89 पंजीयन सम्पन्न हुए। कार्यक्रम में जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष माननीय श्रीमती स्वाति सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को 17 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 4 ट्रायसायकल, 3 व्हीलचेयर, 3 श्रवण यंत्र एवं 7 छड़ियां शामिल हैं।