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बार काउंसिल को मिले तीन नए भवन, CM हेमंत ने रखी नींव और बताई उपलब्धियां

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते मंगलवार को बार काउंसिल के तीन भवनों की आधारशिला रखी। सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की उपस्थिति में खूंटी में बार काउंसिल भवन की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री हेमंत ने चाईबासा और चांडिल में अन्य दो बार काउंसिल भवनों की नींव रखी। सोरेन ने खूंटी में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘हमारी योजना राज्य के सभी 24 जिलों और सात अनुमंडलों में बार काउंसिल भवन बनाने की है। अन्य जिलों में भी बार काउंसिल भवनों की आधारशिला जल्द ही रखी जाएगी।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी जिलों में बार काउंसिल भवनों के निर्माण के लिए 132.84 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और इनका शिलान्यास एवं उद्घाटन तीन चरणों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सोरेन ने कहा, ‘‘झारखंड देश का पहला राज्य है जो अधिवक्ताओं को पेंशन प्रदान कर रहा है। इसके अलावा सरकार उनके स्वास्थ्य बीमा और वजीफे का भी ध्यान रख रही है। राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।''  

PM नरेंद्र मोदी 75 वर्ष के हुए, CM हेमंत सोरेन ने दी बधाई

रांची देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है। पूरे देश में जश्न का माहौल है। अलग-अलग पार्टियों के नेता पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। मरांग बुरु सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को 75वें जन्मदिवस की अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। मरांग बुरु आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, यही कामना करता हूं। … तो इस कारण भाजपा गुजरात में सत्ता में आई पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई की है। शुरुआती दिनों में नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ काम किया। उन्होंने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी का क्षेत्रीय आयोजक के रूप में भी काम किया। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने साल 1987 में राजनीति में एंट्री ली। वह 1988 में गुजरात बीजेपी संघ के महासचिव बने। इसके बाद वह 1995 में, नरेंद्र मोदी को भाजपा की राष्ट्रीय संघ के सचिव बने। उन्होंने 1995 और 1998 के गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार में अहम किरदार निभाया। इस कारण भाजपा गुजरात में सत्ता में आई।  

धर्म परिवर्तन की चर्चा: राजस्थान में पादरी ने की बड़ी संख्या में लोगों की धर्मांतरण

जयपुर  राजस्थान में पिछले सप्ताह ही जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ विधानसभा में कानून पारित हुआ है. उसके बाद श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ में एक पादरी की ओर से कराए जा रहे धर्म परिवर्तन का घिनौना खेल सामने आया. पादरी पोलिस बरजो ने पिछले कुछ बरसों में अनूपगढ में 450 लोगों का धर्म परिवर्तन कराकर हिंदू से ईसाई बना चुका है. एक पीड़ित ने अब पादरी के खिलाफ केस दर्ज कराया तो उसकी करतूत सामने आई. राजस्थान सरकार के नए धर्म परिवर्तन कानून के मुताबिक ऐसे अपराध के लिए संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है. पचास लाख का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. पादरी को पकड़कर उससे पूछताछ की जा रही है. संदीप पहले हिंदू था. संदीप की शादी नहीं हो रही थी. संदीप ने अपनी ये पीड़ा अनूपगढ में ऑटो पार्टस की दुकान चलाने वाले आर्यन और विनोद को बताई. दोनों पिता पुत्र है. दोनों ने उसको पादरी पोलस बरजो से मिलवाया. उन्होंने संदीप से कहा कि बरजो तुम्हारी शादी करवा देंगे. पोलस बरजो ने बहला फुसलाकर और फिर यह कहकर जबरन उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया कि वो उसकी शादी करवा देगा. संदीप ने विरोध भी किया लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया. उसके बाद संदीप पुलिस के पास पहुंचा और बरजो तथा पिता पुत्र आर्यन तथा विनोद के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायत कर केस दर्ज कराया. हर महीने 20 लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का टारगेट मिला हुआ है पोलस बरजो पेशे से पादरी है. उसकी तनख्वाह प्रतिमाह महज 9 हजार रुपये है. वह फ्रेंडस मिशनरी प्रेयर बैंड नामक एक ईसाई मिशनरी संस्था के लिए काम करता है. इस संस्था का काम है हिंदुओं को लालच या किसी तरह से फंसाकर धर्म परिवर्तन कराकर ईसाई बनाना. इसी संस्था में हर पादरी के लिए धर्म परिवर्तन का टारगेट है. पोलस बरजो को हर महीने 20 लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का टारगेट मिला हुआ है. पोलिस अब तक 450 का धर्म परिवर्तन करा चुका है. वो 2008 से इस संस्था में काम कर रहा है. पुलिस अब पीड़ितों का पता लगाने में जुटी है इस खुलासे के बाद हिंदुवादी संगठन गुस्से में है. विश्व हिंदू परिषद अनूपगढ़ के जिला मंत्री कृष्ण राव का आरोप है कि पोलस बरजो और यह संस्था लोगों को बहला फुसाकर कभी बीमारी ठीक करने के नाम पर तो कभी शादी जैसे झांसा देकर लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करा रही है. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वह उन पीड़ितों का पता लगा रही है जिनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. पुलिस पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कितना बड़ा है और इसे फंडिग कहां से हो रही है.

मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की सौजन्य भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण तथा बच्चों के पोषण और शिक्षा से संबंधित चल रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर इन क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी कार्य करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष  वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, चंडीगढ़ के कॉलेज शिक्षकों को 65 साल तक नौकरी की मंजूरी

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और काॅलेज शिक्षकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर अपना विस्तृत फैसला सुनाया। मामला कॉलेजों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष या 65 वर्ष होने को लेकर था। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि शिक्षकों को 65 वर्ष तक सेवा में बने रहने का लाभ मिलेगा। जैसा कि पहले जोगेंद्र पाल सिंह केस में तय किया गया था । यह विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने 21 मार्च 2023 को आदेश दिया था कि शिक्षकों को 65 वर्ष तक सेवा जारी रखने का अधिकार है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। प्रशासन का तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट के जगदीश प्रसाद शर्मा बनाम बिहार राज्य (2013) के फैसले को सही दृष्टिकोण से लागू नहीं किया गया और 58 वर्ष की सीमा ही मान्य है। दूसरी ओर, शिक्षकों ने दलील दी कि उन्हें उनके सहयोगियों की तरह समान लाभ मिलना चाहिए, जिन्हें पहले ही 65 वर्ष तक सेवा का अधिकार मिल चुका है। यदि कुछ शिक्षकों को 65 वर्ष तक काम करने दिया जाए और कुछ को 58 पर रिटायर किया जाए तो यह भेदभाव और कानून की भावना के खिलाफ होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि 29 मार्च 2022 की अधिसूचना से 1 अप्रैल 2022 से चंडीगढ़ में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष कर दी गई है। इसलिए जो शिक्षक पहले रिटायर हो गए थे और बाद में न्यायाधिकरण के आदेश पर वापस सेवा में लौटे, उन्हें भी 65 वर्ष तक काम करने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षकों की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने 58 वर्ष से 65 वर्ष की उम्र तक के बीच के पूरे वेतन-भत्तों के बकाये की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इस दौरान शिक्षक पेंशन और रिटायरमेंट लाभ ले रहे थे, इसलिए उन्हें दोहरा लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने यह जरूर माना कि उन्हें वेतनवृद्धि और इंक्रीमेंट्स का लाभ मिलेगा, ताकि उनकी वेतन-फिक्सेशन सही हो सके। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि प्रशासन ने पहले ही कैट के आदेश को लागू कर दिया है और कई शिक्षक रिटायरमेंट लाभ लौटाकर वापस सेवा में जुड़ चुके हैं, ऐसे में अब इस फैसले से पीछे हटना न्यायोचित नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा समान परिस्थितियों में कर्मचारियों को अलग-अलग मानकों से नहीं तौला जा सकता। इस आदेश से चंडीगढ़ के कई शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।  

भारी बारिश से रामानुजगंज बेहाल, कन्हर नदी खतरे के निशान पर

रामानुजगंज रामानुजगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं कन्हर नदी अपने पूरे उफान पर है। नदियों के साथ-साथ सभी नाले भी उफान पर हैं, जिससे निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। क्षेत्र के प्रमुख तालाबों और छोटे-बड़े बांधों में पानी लबालब भर गया है, जिससे जलभराव की समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें बांधों और जलाशयों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश को देखते हुए नगर पालिका के समस्त कर्मचारी अलर्ट मोड में हैं। सभी वार्डों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें और नदियों-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और नगर पालिका स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुरैना: महिला और पुरुष की शिकायत पर सबलगढ़ SDM को हटाया, कलेक्टर ने लिया तत्काल फैसला

मुरैना  सबलगढ़ एसडीएम के खिलाफ एक महिला और पुरुष ने गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को उनके पद से तत्काल हटा दिया है। महिला ने आरोप लगाए थे कि एसडीएम गलत मंशा से परिवार के परेशान कर रहे हैं। उसकी बेटी को फोनकर अभद्र मैसेज करते हैं। महिला ने एसडीएम पर लगाए आरोप दरअसल, ग्वालियर के चंदन नगर में रहने वाली महिला सबलगढ़ में रहने वाले देवर को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची। महिला ने सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर के खिलाफ शिकायती आवेदन देते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि सबलगढ़ एसडीएम द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके देवर को भी जब मन किया बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते। जब बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। भाभी और भतीजी के लिए अभद्र भाषा इतना ही नहीं शिकायती आवेदन में यह भी लिखा है कि एसडीएम अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। फरियादी के भैया, भाभी और भतीजी को अपशब्द कहे हैं। उस भाषा का जिक्र आवेदन में नहीं कर सकते हैं। साथ ही आवेदक ने एक वीडियो भी दिया था। वीडियो में एसडीम अरविंद माहौर अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उसमें वह कह रहे हैं कि तेरी भाभी और भतीजी में ज्यादा गर्मी है। मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हमें शिकायतकर्ता ने कहा कि एसडीएम हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। कहीं से भी नंबर लेकर उनके परिवार एवं भतीजी को फोन कर उल्टी सीधी बातें करते हैं। एसडीएम के रवैए से तंग आकर बेटी ने एसडीएम को फटकार लगाई तो सबलगढ़ में उसके देवर को घर पर बुलाकर धमका दिया। यह पूरी घटना देवर ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। लेकिन लोकलाज के डर से उसने शिकायत नहीं की। रात में बेटी को करते हैं मैसेज महिला ने पत्रकारों से कहा कि एसडीएम बेटी को रात में मैसेज करते हैं, पिछले एक साल से यही हालत है। कई बार नंबर बदल लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर जल्दी ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह अपने परिवार सहित आत्महत्या कर लेगा। जिसका संपूर्ण दायित्व प्रशासन का होगा। कलेक्टर ने एसडीएम को हटाया एसडीएम के खिलाफ शिकायती आवेदन मिलने के बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को सबलगढ़ से हटा दिया। साथ ही मुरैना कलेक्ट्रेट में डेप्युटी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया गया। बताया जा रहा है कि अब सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर मेघा तिवारी को पदस्थ किया जाएगा। वही एसडीएम का कार्यभार भी संभालेंगी।

तबादलों में गड़बड़ी: एक और लिस्ट जारी, आधे दिन में बदले फैसले

जयपुर राजस्थान में आरएएस तबादलों की जंबो सूची जारी होने के एक दिन बाद फिर से एक और तबादला सूची जारी की गई। नई सूची में पिछली सूची के 6 तबादले निरस्त कर दिए गए। इसमें जोधपुर एडीएम मधुलिका सींवर, निशा मीणा-ज्वाइंट सेक्रेट्री हेल्थ डिपार्टमेंट, शिप्रा जैन एडीएम बस्सी, राम सिंह राजावत उपखंड अधिकारी दौसा, श्याम सुंदर बिश्नोई उपायुक्त जेडीए के तबादले पिछली सूची में किए गए थे। इनके तबादले निरस्त कर दिए गए हैं अब ये अफस अपनी मौजूदा पोस्ट पर ही काम करेंगे। इसके साथ ही बुधवार देर शाम जारी की गई नई तबादला सूची में 41 अफसर और बदले गए हैं। इनमें मेघना चौधरी- अतिरिक्त महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक प्रशासन, अजमेर, भुवनेश्वर सिंह चौहान- अतिरिक्त जिला कलेक्टर, बालोतरा, तुलिका सैनी- संयुक्त सचिव, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर, डॉ. अनिल कुमार पालीवाल- रजिस्ट्रार, एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर लगाया गया है। वहीं संजय कुमार माथुर- अतिरिक्त कलेक्टर, जयपुर (पूर्व), प्रिया भार्गव- परियोजना निदेशक, एचएचएम, जयपुर लगाया गया है. जिसको लेकर कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए है। पिछले साल भी इसी तरह अफसरों की तबादला सूची जारी कर उनमें से कई तबादले निरस्त कर दिए गए थे। इनमें आईएएस अफसरों की पहली ट्रांसफर लिस्ट पांच सितंबर को जारी की गई थी। इस सूची में 108 अफसरों को बदला गया था। लेकिन 22 सितंबर को पिछली सूची वाले 22 IAS अफसरों के ट्रांसफर फिर से कर दिए गए। वहीं, एक तबादला निरस्त भी किया गया। वहीं सितंबर 2024 में ही RAS अफसरों के भी लिस्ट जारी करने के कुछ दिन बाद दूसरी बार तबादले कर दिए गए। इसमें 6 सितंबर को भी 386 RAS अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए थे। लेकिन नई लिस्ट में उनमें से कुछ ट्रांसफर निरस्त कर दिए गए

रातोंरात बनी हीरों की मालकिन! पन्ना में आदिवासी महिला को मिले 3 नायाब हीरे

पन्ना पन्ना की धरती एक बार फिर किसी की किस्मत पलटी है । एक आदिवासी महिला, विनीता गोंड, रातों-रात लखपति बन गई हैं। राजापुर, बड़वारा की रहने वाली विनीता ने पटी ग्राम में उथली हीरा खदान क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाई और नतीजा चौंकाने वाला रहा। उन्हें एक साथ एक नहीं बल्कि तीन-तीन बेशकीमती हीरे मिले हैं, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रह है। 7 सेंट, 1 कैरेट,48 सेंट और 20 सेंट हैं हीरे जानकारी के मुताबिक ​विनीता ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर खदान लगाई थी, और उनकी मेहनत और भाग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। जब उन्होंने ये तीन हीरे खोजे, तो खुशी सातवें आसमान पर पहुंच गई। विनीता  ने तत्काल इन हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करवा दिया है। ​हीरा पारखी अनुपम सिंह ने इन हीरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इन हीरों का कुल वजन 7 सेंट, 1 कैरेट,48 सेंट और 20 सेंट है। इन तीनों हीरों में से एक जेम्स क्वालिटी का है, जो बेहद उच्च श्रेणी का माना जाता है, जबकि बाकी दो हीरे मटमैले किस्म के हैं। ​ इन हीरों को अगली नीलामी में रखा जाएगा, जहां इनकी असली कीमत का पता चलेगा। विनीता गोंड की यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि पन्ना की धरती में सचमुच कुछ खास है, जो किसी की भी किस्मत को रातों-रात बदल सकती है। आपको  बता दें कि  पन्ना जिला दुनिया में हीरों के लिए विख्यात है। यही कारण है कि पन्ना की धरती से हीरे निकालने की होड़ सी लगी है। हजारों लोग दिनरात इस काम में लगे रहते हैं और किस्मत बदलती देखते हैं।  

झारखंड: करोड़ों की लागत से बनी सड़क बार-बार धंस रही, लोगों में नाराज़गी

धनबाद झारखंड की पहली आठ लेन वाली सड़क का एक हिस्सा फिर से धंस गया। इस सड़क का निर्माण 461.9 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था और पिछले साल अक्टूबर में धनबाद में इसका उद्घाटन किया गया था। झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (एसएचएजे) के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) संजय कुमार ने बताया, ‘‘विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित 20 किलोमीटर लंबी आठ लेन वाली सड़क का एक हिस्सा शनिवार को धनबाद के राजा तालाब के पास धंस गया। इससे पहले भी धनबाद जलापूर्ति परियोजना के तहत भूमिगत पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण सड़क के कुछ अन्य हिस्से धंस गए थे।'' एसएचएजे के अधिकारी ने बताया कि झारखंड के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की पाइपलाइन बिछाई थी और इसका बड़ा हिस्सा आठ-लेन सड़क के नीचे से गुजरता है। कुमार ने कहा, ‘‘पानी की आपूर्ति की जांच करते समय पाइपलाइन में दबाव की वजह से रिसाव हो जाता है, जिससे सड़क के नीचे की मिट्टी धंस जाती है और सड़क की सतह में गड्ढा बन जाता है। निजी कंपनी से कहा गया है कि वह लगातार निगरानी रखे और ऐसे धंसाव को रोकने के लिए तुरंत मरम्मत करे ताकि शहर में यात्रियों को परेशानी न हो।'' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आठ लेन वाली इस सड़क का उद्घाटन चार अक्टूबर, 2024 को किया था और इसका रखरखाव धनबाद नगर निगम (डीएमसी) द्वारा किया जा रहा है।