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दिवाली से पहले लाड़ली बहना योजना से हटेंगी अपात्र महिलाएं, सरकार करेगी बड़ा संशोधन

भोपाल  सरकार सबसे पहले अयोग्य लाभार्थियों से खुद अपना नाम सूची से वापस लेने की अपील करेगी। इसके बाद विभागीय टीमें जांच करेंगी और अपात्र नाम हटा दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि योजना में कुछ ऐसे नाम शामिल हो गए हैं, जिन्हें लाभ नहीं मिलना चाहिए था। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का फायदा केवल पात्र/ योग्य महिलाओं तक पहुंचे। राशि बढ़ाकर 1500 रुपए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जून 2024 में घोषणा की थी कि दिवाली से लाडली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। भाई दूज के बाद महिलाओं को यह बढ़ी हुई राशि दी जाएगी। वर्तमान लाड़ली बहनों की संख्या से गणना करने पर सरकार पर करीब 3100 करोड़ रुपए प्रति माह का भार बढ़  जाएगा। योजना की शुरुआत में योजना के तहत 1000 रुपए दिए जाते थे। अक्टूबर 2023 से राशि 1250 रुपए कर दी गई थी और अब इसे 1500 रुपए किया जा रहा है। सरकार का वादा है कि आगे चलकर इस राशि को बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह किया जाएगा। 1.26 करोड़ महिलाएं लाभान्वित फिलहाल योजना में लगभग 1.26 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। यह प्रदेश की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना मानी जा रही है। सरकार हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपए इस पर खर्च कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी योजना ने राज्य में बीजेपी सरकार की वापसी में अहम भूमिका निभाई और इसके बाद कई राज्यों ने भी इसी तर्ज पर योजनाएं शुरू कीं। 1.63 लाख अपात्रों के नाम सूची से हटाए  हाल ही में प्रशासन ने जांच के दौरान 1.63 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए हैं। पाया गया कि कई महिलाओं ने समग्र आईडी में गलत जानकारी देकर योजना का अनुचित लाभ लिया था। सरकार अब यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल योग्य बहनें ही योजना का लाभ प्राप्त करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि योजना के लिए शर्ते और नियम बने हैं, जिसके अनुसार कार्रवाई की जाती है। अपात्रों के नाम योजना से हटाए भी जाते हैं।  यह है पात्रता की शर्तें – लाभार्थी महिला और उसके पूरे परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। – परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। – महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नियमित या संविदा पद पर कार्यरत न हो, न ही किसी को पेंशन मिल रही हो। – परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) नहीं होना चाहिए। – परिवार की कुल जमीन 5 एकड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए। – यदि महिला को या उसके परिवार को किसी अन्य योजना से हर महीने 1000 रुपये से अधिक सहायता मिल रही है, तो वह पात्र नहीं होगी। – परिवार में कोई भी सदस्य सांसद, विधायक, निर्वाचित जनप्रतिनिधि या मनोनीत पदाधिकारी (पंचायत वार्ड पंच व उपसरपंच को छोड़कर) नहीं होना चाहिए। – महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मंडल या उपक्रम में अध्यक्ष/सदस्य/संचालक के रूप में चयनित या मनोनीत नहीं होना चाहिए। 

MP के किसानों के लिए खुशखबरी: PM Modi की खास घोषणा से मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 17 सितंबर के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश पहुंचेगे और प्रदेश को कई अहम विकास परियोजनाओं का तोहफा देंगे। धार जिले में देश के पहले ‘पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क’ का शिलान्यास करेंगे। यह पार्क कपास आधारित उद्योगों को बढ़ावा देगा और प्रदेश के छह लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। देश का पहला पीएम मित्रा पार्क धार में स्थापित होने वाला यह पार्क देश का पहला पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क होगा। इससे धार, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह पार्क प्रदेश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा और मध्य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें शामिल हैं: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्तों का सीधा हस्तांतरण लाभार्थियों के खातों में। पोषण माह 2025 का राष्ट्रीय शुभारंभ। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत। ‘सुमन सखी’ चैटबॉट सेवा का लोकार्पण, जो महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगी। ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान के तहत पौधों का वितरण। सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का वितरण। आदिवासी क्षेत्रों में ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत। 6 लाख किसानों को होगा फायदा प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया था, और इस बार उनका जन्मदिन किसानों और महिलाओं की योजनाओं से जुड़ा रहा। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मेगा पार्क में कॉटन आधारित उद्योग लगेंगे। इससे 6 लाख किसानों को होगा लाभ। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, मध्य प्रदेश के लिए नया इतिहास रचते हैं। उन्होंने बताया कि इस पार्क से धार सहित रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी जैसे जिलों के कपास उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। 

14 हजार किमी की खाक छानकर पुलिस ने पकड़े 6 ठग, 32 खाते फ्रीज, 40 लाख जब्त

बालाघाट बालाघाट पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वालों को एक साल बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस दौरान पुलिस ने 32 खाते फ्रीज कराए और 14 हजार 500 किलोमीटर की खाक छानी, तब जाकर छह ठगों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इनमें अपराधियों का सहयोग करने वाला एक बैंक कर्मी भी शामिल है। एसपी आदित्य मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में राहुल, निवासी ग्राम नवादा, तहसील आरा जिला भोजपुर बिहार, हिमांशु निवासी न्यू कोटगांव थाना घंटाघर जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, ब्रिजेश निवासी सी 260 जू थड, गौतम बुद्ध नगर नोएडा, सतपाल निवासी झंडापुर गाजियाबाद, उप्र, अमन निवासी, शाहदरा दिल्ली व बैंककर्मी अंकित निवासी जमालपुर थाना बोरिया नोएडा उप्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के कब्जे से 40 लाख रुपये की रकम भी जब्त की गई है। इन लोगों ने सेवानिवृत्त महिला से 41 लाख रुपये ठगे थे। महिला की शिकायत के बाद बालाघाट पुलिस ने 32 संदिग्ध खातों का गहन विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपितों का पता चला। पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया और इन टीमों ने दिल्ली, नोएडा, उत्तर प्रदेश, बिहार में एक साथ दबिश दी। आरोपितों के कब्जे से धोखाधड़ी के रुपयों से खरीदी गई कार, लैपटाप, मोबाइल सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, पंजाब में इन ठगों ने दो करोड़ की ठगी की है।

सरकार से नाराज अनिल विज बोले- “बताइए हम क्या करें?” जनता ने दिए ऐसे जबरदस्त जवाब…

अम्बाला  ऊर्जा परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर से भाजपा प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा है। विज ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि कमेंट BOX में लिखें हम क्या करें। इस पर उनके समर्थकों और लोगों ने रोचक जवाब दिए हैं। दरअसल, अनिल विज ने एक्स पोस्ट करके लिखा कि अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर भाजपा चला रहे हैं जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है। उन्होंने आगे लिखा है कि कमेंट BOX में लिखें कि हम क्या करें। इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है। अनिल विज के पोस्ट के वायरल होने के बाद एक बार फिर प्रदेश नेतृत्व पर घेर लिया है। अम्बाला छावनी में कुछ लोग समानांतर भाजपा चला रहे हैं जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है । कमेंट BOX में लिखें कि हम क्या करें । पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है । 

मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन फास्ट में फर्जी सिम रैकेट पर कसा शिकंजा

भोपाल  मध्य प्रदेश स्टेट साइबर पुलिस ने फर्जी सिम कार्डों की बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन फास्ट' (फर्जी सिम एक्टिवेशन टर्मिनेशन) के तहत पुलिस ने 20 जिलों में 94 सिम विक्रेताओं को पकड़ा है। अब तक 50 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और जांच जारी है। इस ऑपरेशन में 44 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मध्य प्रदेश में ऑपरेशन फास्ट: फर्जी सिम की बिक्री में 44 गिरफ्तार फर्जी सिम का इस्तेमाल कंबोडिया, थाईलैंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में साइबर फ्रॉड, डिजिटल उत्पीड़न जैसी घटनाओं के लिए हो रहा था। साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इंडियन फोर्सेस कम्युनिकेशन दिल्ली से प्राप्त विशाल डेटा से इस अभियान की शुरुआत की गई। उन्होंने बताया कि हमें साइबर क्राइम, फ्रॉड और डिजिटल उत्पीड़न में इस्तेमाल होने वाले नंबरों की जानकारी मिली। विश्लेषण से पता चला कि ये सिम फर्जी नाम-पते पर जारी किए गए थे। कई पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट इन्हें अवैध रूप से बेच रहे थे। जांच में सामने आया कि यह रैकेट मध्य प्रदेश के कई जिलों में फैला है। हमने सबसे पहले 20 जिलों को चिन्हित किया और जिला पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई शुरू की।" उन्होंने बताया कि ऑपरेशन 15 दिनों में पूरा किया गया, जिसमें इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और भोपाल के साइबर कार्यालयों के साथ जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने काम किया। छह सदस्यीय स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाया।तारीखें निर्धारित कर समन्वय स्थापित किया गया। आरोपियों से बरामद सामान में 24 लूप सिम (फर्जी सक्रिय सिम), 26 मोबाइल और लैपटॉप, 7 थंब इंप्रेशन मशीनें, तीन डेबिट कार्ड, दो पासबुक, 100 फेक सिम और कई दस्तावेज शामिल हैं। ये सामान साइबर ठगों को फर्जी आईडी बनाकर फ्रॉड करने में मदद करते थे। नागवंशी ने कहा, "कई ग्राहकों को पता ही नहीं कि उनके नाम पर कितने सिम सक्रिय हैं। हम उन सभी को 'संचार साथी' पोर्टल के जरिए चेक करने की सलाह देते हैं। अगर आपकी जानकारी के बिना सिम लिया गया हो तो उसे निष्क्रिय कराएं। अभी 20 जिलों में कार्रवाई हो रही है, जल्द अन्य जिलों में भी विस्तार होगा।"

प्रतिभाशाली युवा ही राष्ट्र की सच्ची पूंजी है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा ही देश की सच्ची पूंजी हैं। परिश्रम और लगन से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। मेरिट में स्थान प्राप्त करके सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी प्रतिभा और परिश्रम की कठिन साधना है। विद्यार्थी संस्कारयुक्त शिक्षा और ऊंचे लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। जो विद्यार्थी मेरिट सूची में स्थान नहीं बना सके वे पुन: अधिक मेहनत के साथ प्रयास करें। असफलता से मिली सीख ही हमें सफलता की राह दिखाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सम्पूर्ण होगी जब उसमें सांस्कृतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का समावेश हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए स्वामी विवेकानंद का जीवन सबसे प्रेरक है। उन्होंने कहा था कि युवा ही राष्ट्र की रीढ़ और भविष्य के नियंता हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में ही भविष्यवाणी कर दी थी कि 21वीं सदी भारत की होगी। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और परिश्रम से स्वामी जी की इस भविष्यवाणी को सच बनाएं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक देश को विकास के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जनभागीदारी तथा स्ववित्तीय शिक्षकों के मानदेय में पाँच हजार रुपए की वृद्धि की गई है। इसी तरह कुशल श्रमिकों के मानदेय में 2955 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिक 2613 रुपए तथा अकुशल श्रमिकों के मानदेय में 2470 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि मंजूर की गई है। संस्था की प्राचार्य डॉ अर्पिता अवस्थी ने महाविद्यालय में संचालित नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र ताम्रकार, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. महानंद द्विवेदी सहित प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने नशामुक्ति केंद्रों की जाँच के दिये निर्देश

राज्य स्तरीय कार्यक्रम कर दिव्यांगों की प्रतिभा को मंच देने के निर्देश भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित समस्त शासकीय नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल बोर्ड के शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" देशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नशा मुक्त समाज के लिए सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ विभाग द्वारा जो कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जा रही है, उनका प्रभावी क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित लोगों के लिए प्रदेश में 13 नशा मुक्ति-सह-पुनर्वास केन्द्र, सात आउट रिच एंड ड्रॉप इन सेंटर, तीन कम्युनिटी बेस्ड पियर-लेड इन्टरवेशन सेंटर तथा 8 जिला मुख्यालय पर डीडीआरसी संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी संस्थानों के सुव्यवस्थित संचालन की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे "सुगम भारत अभियान" की भी नियमित समीक्षा की जाए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें प्रदेश भर के दिव्यांगजन जो गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और खेलकूद में रुचि रखते हैं, उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करे। प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन भी कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए छात्रावास स्तर पर नशा मुक्ति समितियों का गठन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभाग की अधिकारी उपस्थित थे।

संजय गांधी हॉस्पिटल में डक्ट कूलिंग सिस्टम का किया लोकार्पण

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी अस्पताल रीवा में डक्ट कूलिंग सिस्टम और 17 व्हील चेयर का लोकार्पण किया। डक्ट कूलिंग सिस्टम से दो वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों को शीतल हवा मिलेगी। इसका निर्माण आइनॉक्स कंपनी द्वारा 20 लाख रुपए की लागत से किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा तेजी से मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है। उपचार के लिए नागपुर जाने वाले रोगियों की संख्या में कमी आई है। कुछ ही महीनों में कैंसर यूनिट का निर्माण पूरा होते ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो जाएगा। इसमें 40 करोड़ रुपए की लागत से लीनेक मशीन लगाई जा रही है। इस अस्पताल में कैंसर के उपचार की आधुनिकतम सुविधा उपलब्ध रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संजय गांधी अस्पताल में सुधार तथा नई व्यवस्थाओं के लिए 321 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सर्जरी विभाग में सिंगरौली की एनसीएल कंपनी द्वारा दी गई 6 करोड़ रुपए की सहयोग राशि से आधुनिक मशीन लगाई जा रही है। यहाँ के डॉक्टर बहुत योग्य हैं। डॉक्टर और चिकित्साकर्मी अस्पतालों की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि रोगियों का अच्छा उपचार करने के साथ उनसे मृदु व्यवहार भी करें। डॉक्टर के अच्छे व्यवहार से रोगी का आधा रोग ठीक हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आईनॉक्स कंपनी ने कोरोना संकट के समय ऑक्सीजन की आपूर्ति करके सराहनीय कार्य किया। कंपनी ने संजय गांधी अस्पताल के दो वार्डों में कूलिंग सिस्टम लगाया है। आईनॉक्स कंपनी के प्रतिनिधि श्री अतुल कुमार ने कहा कि कंपनी प्रतिदिन 4500 टन ऑक्सीजन का निर्माण कर रही है। कोरोना काल में प्रतिदिन 40 टैंकर ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदेश को की जा रही थी। जनकल्याण के लिए कंपनी सदैव सहयोग करेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, मेडिसिन विभाग के डॉ. पी.के. बघेल, संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

जनता में गजब का उत्साह, अबतक 1 लाख से अधिक लोगों ने दिया फीडबैक

विकसित यूपी@2047 – 65 जनपदों में नोडल अधिकारियों व प्रबुद्धजनों ने जनता से किया संवाद – ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक 78,513 फीडबैक दर्ज – शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सबसे ज्यादा 35,047 सुझाव मिले – बलिया, जौनपुर, कानपुर नगर समेत कई जिलों से 3,500 से अधिक फीडबैक – किसानों ने तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज व समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग उठाई लखनऊ योगी सरकार द्वारा संचालित "समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047" अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक संवाद एवं फीडबैक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के दौरान शुक्रवार (12 सितम्बर) तक कुल 65 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम जनमानस के साथ संवाद किया। इस संवाद में विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा पर जानकारी साझा की गई तथा प्रदेश के भविष्य के विकास के लिए रोडमैप पर चर्चा करते हुए जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए गए। 1 लाख से अधिक सुझाव दर्ज अभियान को लेकर जनता में गहरी रुचि दिखाई दी। इसके लिए विशेष रूप से विकसित पोर्टल samarthuttarpradeh.up.gov.in पर अब तक 1 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 79 हजार से अधिक फीडबैक ग्रामीण क्षेत्रों से जबकि 2़1 हजार से अधिक फीडबैक नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त हुए। आयु वर्ग के आधार पर देखा जाए तो 35 हजार से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 57 हजार से अधिक सुझाव 31-60 आयु वर्ग से और 6 हजार से अधिक सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से मिले हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सबसे अहम मुद्दे प्रदेशवासियों ने विकास से जुड़े जिन प्रमुख क्षेत्रों पर राय दी, उनमें शिक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर रहा। कुल 35,047 सुझाव शिक्षा से जुड़े मिले, जबकि नगरीय एवं ग्रामीण विकास से संबंधित 17,257 सुझाव आए। स्वास्थ्य क्षेत्र पर 10,894, समाज कल्याण पर 9,436 और कृषि क्षेत्र से जुड़े 12,718 सुझाव दर्ज किए गए। सबसे सक्रिय रहे पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिले बलिया, बलरामपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मैनपुरी और प्रतापगढ़ जैसे जनपदों से सबसे अधिक 3,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनता सक्रिय रूप से अभियान में जुड़ रही है। किसानों ने दिए कृषि क्षेत्र से जुड़े अहम सुझाव कृषि एवं संबद्ध सेक्टर से जुड़े सुझावों की संख्या उल्लेखनीय रही। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाने, जल उपयोग की नई विधियों के प्रति जागरूकता, पीएमडीएमसी जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणाली लागू करने और हर किसान के घर पर बायो गैस संयंत्र स्थापित करने पर बल दिया। इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, सौर ऊर्जा आधारित पंप, बेहतर बीजों का प्रयोग, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल किसान मंडियों के माध्यम से कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने, भंडारण और कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाने तथा कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए। किसानों ने रियायती दरों पर उन्नत किस्म के बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरण उपलब्ध कराने, सहकारिता विभाग से सस्ती साख सुविधा, फसलों के लिए उचित समर्थन मूल्य की गारंटी तथा व्यवसायिक फसलों को बढ़ावा देने जैसी मांगें भी रखीं। इस अभियान से स्पष्ट है कि प्रदेश की जनता न केवल विकास यात्रा की गवाह है बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में सक्रिय भागीदारी भी निभा रही है। सरकार ने प्राप्त सुझावों का गहन विश्लेषण कर उन्हें नीति निर्माण में शामिल करने की बात कही है।

मंत्री सारंग ने किया छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को दशहरा उत्सव की तैयारियों के संबंध में भोपाल शहर के ऐतिहासिक छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कई वर्षों से भोपाल शहर का यह मैदान दशहरा उत्सव का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां हर वर्ष श्री हिन्दू उत्सव समिति भोपाल द्वारा भव्य और ऐतिहासिक दशहरा उत्सव मनाया जाता है और हर वर्ष बड़ी संख्या में शहरवासी इस ऐतिहासिक पर्व के साक्षी बनते हैं। मंत्री श्री सारंग ने तय समयावधि में तैयारियों को पूर्ण करने तथा भव्य, अनुशासित और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिये संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्री हिन्दू उत्सव समिति, भोपाल के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर तिवारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की विजय का प्रतीक दशहरा असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का शाश्वत संदेश देता है। यह केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज में धर्म, संस्कार और राष्ट्रधर्म की भावना को प्रबल करने वाला पर्व है। इस वर्ष भी भोपाल शहर के हजारों नागरिक इस पावन आयोजन के साक्षी बनेंगे इसलिए तैयारियाँ व्यापक और ऐतिहासिक स्तर पर की जा रही हैं। श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर बनेगा शहर में बड़े आयोजनों का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि महाकाल लोक के तर्ज पर भोपालवासियों के आस्था के केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही छोला दशहरा मैदान का खुला स्वरूप संरक्षित रखते हुए यहाँ दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल एवं अन्य आवश्यक निर्माण करवाए जाएंगे। बड़े आयोजनों में आने वाले नागरिकों को सड़क पर खड़े न होना पड़े इसके लिए बैठक व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में भोपाल शहर में बड़े-बड़े आयोजन और भी सुगमता से हो सकेंगे। यह कॉरिडोर भोपाल में बड़े आयोजनों का केंद्र बनेगा। भव्य तैयारियां और व्यापक व्यवस्थाएं मंत्री श्री सारंग ने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को छोला दशहरा मैदान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों की संख्या में नागरिक इस पावन उत्सव के साक्षी बनेंगे। इस अवसर पर दर्शकों के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था की जा रही है। वाहनों के लिए पार्किंग की अलग से व्यवस्था होगी। मैदान के आसपास यातायात को सुचारू रखने के लिये विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। नागरिकों के लिए शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल तैनात रहेंगे। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो कि आने वाले नागरिक बिना किसी असुविधा के उत्सव का आनंद ले सकें।