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फार्मेसी पंजीयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, पूरी पारदर्शिता से करें प्रकरणों का निराकरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद की बैठक हुई भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अब ऑनलाइन प्रणाली से घर बैठे पंजीयन प्रमाणपत्र मेल और डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध होंगे। इससे पंजीयन प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है और लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के आवेदन अपूर्ण हैं, जिन्हें समय पर पूरा करवाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल होटल पलाश भोपाल में मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद की बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्राइवेट विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे सभी विद्यार्थियों की सही जानकारी उपलब्ध कराएँ। यदि गलती छात्रों की है तो उन्हें सुधार के लिये सूचित किया जाए और यदि संस्थान की लापरवाही है तो मान्यता एवं एफिलिएशन पर कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। विकसित और स्वस्थ भारत के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 तक की कार्यप्रगति की समीक्षा की गई। इसमें 3500 से अधिक नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए, 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे तथा 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। बताया गया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह एवं निवास प्रमाणपत्र तथा एफडीए का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली से स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी और सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन से प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन एवं डॉ. पवन दुबे सहित श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री मुख्य विश्लेषक और चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

टीकमगढ़ परीक्षण संभाग को एम.पी. ट्रांसको की सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी

भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के टीकमगढ़ परीक्षण संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए टीकमगढ़ को राज्य स्तरीय सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। जबलपुर मुख्यालय में आयोजित समारोह में एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी ने यह ट्रॉफी टीकमगढ़ टीम को प्रदान की। टीकमगढ़ की ओर से कार्यपालन अभियंता श्री आर.पी. कान्यकुब्ज, सहायक अभियंता श्री जी.पी. राय और श्रीमती चंदा यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। प्रबंध  संचालक श्री सुनील तिवारी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीकमगढ़ की टीम की यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा है। 

प्रदेश के 9300 हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में 12 सितंबर को उमंग दिवस

बच्चों को जीवन कौशल शिक्षा देने के लिये चलाया जा रहा है कार्यक्रम भोपाल "उमंग है तो जिंदगी में रंग है" इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन 12 सितम्बर को प्रदेश के 9 हजार 300 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लाभ 20 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाना है। कार्यक्रम की मदद से बच्चे जीवन में आने वाले चुनौतियों का सामना मजबूती से कर सकेंगे। कार्यक्रम का एक और उद्देश्य है कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जाये। यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग एवं संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के सहयोग से तैयार किया गया है। जीवन कौशल शिक्षा आधारित करिकुलम और उसके संचालन में की गई पिछले 7 वर्षों की कड़ी मेहनत से बच्चों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को उत्साह के रूप में मनाना है। कार्यक्रम में बच्चे एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करते हैं और अन्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित एवं मार्गदर्शित करते है। उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है जिसमें गतिविधि आधारित कक्षावार जीवन कौशल शिक्षा के मॉड्यूल हैं जिसे शिक्षा विभाग, स्वास्थ विभाग एवं यूनाईटेड नेशन्स पॉप्युलेशन फंड (यूएनएफपीए) की बराबर भागीदारी से मिलकर चलाया जा रहा है। प्रदेश की सभी शासकीय हाई एवं हॉयर सेकेंडरी स्कूलों में प्रत्येक मंगलवार को एक सत्र लिया जाता है। प्रत्येक शाला से 2 शिक्षकों को (एक पुरुष एवं एक महिला) हेल्थ एवं वेलनेस एंबेसेडर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। राज्य में अब तक लगभग 19 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह प्रशिक्षित शिक्षक हेल्थ एंड वैलनेस एम्बेसडर कक्षाओं में जीवन कौशल गतिविधियों का संचालन करते हैं। उमंग दिवस के कार्यक्रम में विभिन्न विभाग के अधिकारी एवं मोटिवेशनल वक्ताओं को भी शिक्षण संस्था में आमंत्रित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी आगे बढ़ाने के लिए और उत्साह पूर्वक कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें। इस कार्यक्रम में न केवल विद्यार्थियों को बल्कि शाला में उपस्थित प्रत्येक शिक्षक को भी इस विषय से अवगत होने का मौका मिलेगा।  

माँ नर्मदा की उद्गम स्थली में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा : लोक निर्माण मंत्री सिंह भोपाल  लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अमरकंटक में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन किया। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल सड़क नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था को आधुनिकता से जोड़ने वाला पथ बनेगा। कपिलधारा जलप्रपात, जिसे ऋषि कपिल की तपोभूमि माना जाता है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि पाँच किलोमीटर लंबे इस नए पहुँच मार्ग को ऐसा रूप दिया जाएगा, जिससे यह केवल सड़क न लगकर एक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव प्रदान करेगा।इस दो लेन चौड़े मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, छायादार आश्रय स्थल, कम्पोस्ट शौचालय और सौर ऊर्जा से संचालित दीपक लगाए जाएँगे। मार्ग की बाउंड्री पर कपिल मुनि की तपस्या, राजा सगर के पुत्रों और माँ गंगा के अवतरण की गाथाएँ उकेरी जाएँगी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह मॉडल भीमबेटका और भोजपुर जैसे स्थलों पर भी लागू किया जाएगा। समीक्षा बैठक में विभागीय निर्णय लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंत्री श्री सिंह ने गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने औचक निरीक्षणों में सख़्ती दिखाई है, वहीं कुछ ने बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की। यह रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान और लापरवाही करने वालों को दंड मिलेगा। लोक कल्याण सरोवर योजना पर जोर बैठक में लोक कल्याण सरोवर योजना पर चर्चा हुई। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिक्षेत्र में 10-10 सरोवरों का चयन कर मुख्य अभियंता स्वयं उनका भौतिक निरीक्षण करें। इन सरोवरों पर सूचना पट्टिकाएँ लगाई जाएँ और इन्हें स्थानीय समाज के लिए उपयोगी धरोहर बनाया जाए। टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार मंत्री श्री सिंह ने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों का सर्वेक्षण रोड़ ट्रेकिंग एंड सर्वे मोबाइल ऐप से किया जाएगा। यह ऐप मुख्यमंत्री द्वारा अभियंता दिवस पर लोकार्पित किए जाने का प्रस्ताव है। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा तैयार मास्टर प्लान रोड मैपिंग टूल पर भी चर्चा हुई, जिसे 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस टूल से सड़क योजना वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगी। नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह पथ श्रद्धालुओं के लिए केवल एक रास्ता नहीं होगा, बल्कि आस्था और संस्कृति का अनुभव बनेगा। इसमें ठहरने, भोजन और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा तथा पूरी योजना ईको-फ्रेंडली सिद्धांतों पर आधारित रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समुदाय और स्थानीय समाज की राय लेकर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल समीक्षा बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि “जनता को हर सड़क और भवन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।  

प्रधानमंत्री मोदी के धार आगमन पर स्वास्थ्य गतिविधियों की तैयारी की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित धार आगमन पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी कार्य योजनाबद्ध रूप से किए जाएँ ताकि विशेष स्वास्थ्य सेवाओं से अधिक से अधिक लक्षित समूह लाभान्वित हो सके। उन्होंने आगामी 17 सितंबर से “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” पखवाड़े को सुव्यवस्थित रूप से आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभियान की सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सेवा शर्तों, मानदेय और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना और सीईओ आयुष्मान मध्यप्रदेश डॉ. योगेश भरसट उपस्थित थे।  

पौधे लगाने का काम शुरू: सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास में लक्ष्य से अधिक स्वीकृति

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0 से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत एक बगिया मां के नाम से परियोजना शुरू की है। इसके माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा रहा है। समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। फलोद्यान की बगिया विकसित करने में प्रदेश में सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास जिलों की महिलाएं सबसे अधिक जागरूक दिखाई दे रही हैं। इन जिलों की महिलाओं ने निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण कर लिया है। सिंगरौली जिले में समूह की 300 महिलाओं को परियोजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि यहां 571 महिलाओं को फलदार पौधे लगाने की स्वीकृति मिली है। इसी तरह से खंडवा जिले में 700 की जगह 1187, रायसेन जिले में 700 की जगह 1178 और देवास जिले में 600 की जगह 751 महिलाओं को फलोद्यान की बगिया लगाने की स्वीकृति मिली है। अब तक 15 हजार 377 महिलाओं को मिली स्वीकृति प्रदेश में समूह की 31 हजार 300 महिलाओं को एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 15 हजार 377 महिलाओं को फलोद्यान की बगिया लगाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। साथ ही इन महिलाओं की निजी जमीन पर विभिन्न प्रकार के फलदार पौधों को लगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। पौधों की सुरक्षा से लेकर कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। ड्रोन से निगरानी एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत किए जा रहे पौधरोपण की मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक डेव्हलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि चयनित जमीन, गड्ढे सहित पौधों की यथास्थिति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त हो सकें। सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से किया जा रहा पौधरोपण का कार्य प्रदेश में पहली बार पौधरोपण का कार्य सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा है। जलवायु के साथ ही किस जमीन पर कौन सा फलदार पौधा उपयोगी है, पौधा कब और किस समय लगाया जाएगा, पौधों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी कहां पर उपलब्ध है, यह सब वैज्ञानिक पद्धति (सिपरी सॉफ्टवेयर) के माध्यम से पता लगाया जा रहा है। साथ ही जमीन के उपयोगी नहीं पाए जाने पर पौधरोपण का कार्य नहीं होगा। । 30 लाख लगाए जाएंगे फलदार पौधे प्रदेश में “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना अंतर्गत 31 हजार 300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाएं जाएंगे, जो समूह की महिलाओं की आर्थिक उन्नति का आधार बनेंगे। प्रथम 3 जिले, 10 जनपद और 25 ग्राम पंचायत को मिलेगा पुरस्कार एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत और 25 ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यवेक्षण के लिए अलग से एक डैशबोर्ड बनाया गया है। इसके माध्यम से प्रतिदिन किस जिले में कितना कार्य हो रहा है, इसकी निगरानी की जा रही है। एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ लेने के लिए चयनित हुई समूह की महिला के पास बगिया लगाने के लिए भूमि भी निर्धारित की गई है। चयनित महिला के पास न्यूनतम 0.5 डिसमिल या अधिकतम एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है। क्रियान्वयन में टॉप-10 जिले व ब्लॉक एक बगिया मां के नाम परियोजना के क्रियान्वयन में 10 सितंबर की स्थिति में 10 जिले आगे हैं। इसमें सिंगरौली, खंडवा, रायसेन, देवास, छिंदवाड़ा, आगर मालवा, बैतूल, खरगोन, सागर और बड़वानी जिला शामिल है। वहीं टॉप 10 ब्लॉक में चितरंगी, खंडवा, पंधाना, खालवा, बैढ़न, छैगांव माखन, पुनासा, देवसर, हरसूद और मुलताई शामिल है।  

राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों का शिक्षित होना जरूरी : राज्यमंत्री कृष्णा गौर

84 लाख की लागत से निर्मित प्राथमिक शाला का लोकार्पण भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को गोविंदपुरा विधानसभा के बागसेवनिया में 84 लाख की लागत से निर्मित शासकीय प्राथमिक शाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह स्कूल जनसेवकों की अथक मेहनत का परिणाम है। कभी जहां कचरे का ढेर हुआ करता था, वहीं अब 10 कमरों का एक सुंदर और आधुनिक विद्यालय खड़ा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि बागसेवनिया स्थित वार्ड-54 की इस प्राथमिक शाला को जल्द ही उन्नयन कर माध्यमिक विद्यालय तक विस्तारित किया जाएगा। फिलहाल यह शाला पाँचवीं कक्षा तक संचालित है, जिसे भविष्य में आठवीं कक्षा तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोविंदपुरा विधानसभा में विकास की गंगा बह रही है और शिक्षा के क्षेत्र में यह स्कूल एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका ठाकुर, पार्षद श्री जितेन्द्र शुक्ला, श्री प्रताप वारे, श्री प्रताप सिंह बेस, श्रीमती अर्चना परमार, श्रीमती शीला ठाकुर, प्राचार्य श्रीमती राधा ईवने सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महिलाएँ और बच्चे उपस्थित थे।  

पड़ोसी देश में हिंसा पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान – कांग्रेस की भूल बताई वजह

पटना पड़ोसी देश नेपाल में युवा आबादी के हिंसक प्रदर्शन के बाद उपजे तनाव और राजनीतिक संकट पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट ने इसे कांग्रेस की भूल बताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल अगर आज भारत का हिस्सा होता तो वहां शांति और खुशहाली होती। कांग्रेस की भूल रही कि नेपाल और पाकिस्तान जैसे देश भारत का हिस्सा नहीं हैं। डिप्टी सीएम के इस बयान से सियासी पारा गर्मा गया है। सम्राट चौधरी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “नेपाल में अराजकता इसलिए हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा इन देशों को अलग रखा। अगर नेपाल आज भारत का अंग होता तो वो समृद्ध होता। इसी तरह पाकिस्तान भी भारत का हिस्सा होता तो वह भी समृद्ध होता। यह कांग्रेस की भूल है जिसके चलते हमें यह झेलना पड़ा है।” उन्होंने नेपाल में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को गलत बताया और कहा कि लोगों में असंतोष हो सकता है लेकिन अराजकता नहीं होनी चाहिए। बता दें कि नेपाल में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद Gen-Z (युवा) आबादी सड़कों पर उतर गई। युवाओं का नेपाली सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को हिंसा के बाद पुलिस गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार को भीड़ ने संसद भवन समेत कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया। बवाल बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई मंत्रियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और अन्य राजनेताओं पर भी हमले किए गए। पड़ोसी देश में राजनीतिक अस्थिरता का असर भारत पर भी पड़ा है। नेपाल घूमने गए कई पर्यटक हिंसक प्रदर्शनों के चलते वहां फंसे हुए हैं। भारत और नेपाल के बीच विमान, रेल और बस सेवाओं को बंद कर दिया गया है। बिहार में बॉर्डर के पास स्थित लोगों को भी परेशानी हो रही है। भारत नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट है।

सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होंगी विविध गतिविधियां

उच्च शिक्षा विभाग ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजन के लिए जारी की कार्यसूची भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों के अनुपालन में, उच्च शिक्षा विभाग ने 17 सितम्बर से आरम्भ होने वाले "सेवा पखवाड़ा अभियान" के अंतर्गत, प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विविध गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके अनुसार 17 सितम्बर को स्वच्छता रैली तथा शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता अभियान, 18 सितम्बर को पौध-रोपण एवं पर्यावरण जागरूकता के लिए व्याख्यान, 19 सितम्बर को जैविक खेती के संबंध में जागरूकता रैली / किसानों के साथ चर्चा, 20 सितम्बर को सामाजिक कुरूतियों के प्रति जागरूकता व्याख्यान / संवाद / नुक्कड नाटक का प्रदर्शन किया जायेगा। जारी आदेश में 21 सितम्बर को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयं सेवकों द्वारा श्रमदान एवं रैली, 22 सितम्बर को सामाजिक कुरूतियों के प्रति जागरूकता व्याख्यान / संवाद / नुक्कड नाटक का प्रदर्शन, 23 सितम्बर को ऊर्जा संरक्षण पर संवाद, 24 सितम्बर को स्थानीय लघु एवं कटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता व्याख्यान, 25 सितम्बर को रक्तदान एवं रक्त परीक्षण शिविर, 26 सितम्बर को रक्त परीक्षण शिविर, 27 सितम्बर को सिकल सेल एनीमिया स्किनिंग शिविर में विद्यार्थियों की सहभागिता, 28 सितम्बर को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटस द्वारा श्रमदान एवं रैली, 29 सितम्बर को "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग के साथ विद्यार्थियों की सहभागिता, 30 सितम्बर को "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग के साथ विद्यार्थियों की सहभागिता, 1 अक्टूबर को पौध-रोपण एवं पर्यावरण जागरूकता के लिए व्याख्यान एवं 2 अक्टूबर को सत्य एवं अहिंसा की शपथ / स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग / उत्पाद पर व्याख्यान एवं जनजागरण रैली का आयोजन किया जाएगा।  

सेवा पर्व पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेश में होगी सांस्कृतिक गतिविधियां:राज्य मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में "सेवा पर्व पखवाड़ा" का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने मंत्रालय में पखवाड़ा के तहत की जाने वाली गतिविधियों के आयोजन को समीक्षा की।  सेवा पर्व पखवाड़ा में मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश में विकसित भारत संकल्पना पर केंद्रित गतिविधियां की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभाग व जिला मुख्यालयों पर विभाग द्वारा होने वाले आयोजन की विस्तृत कार्य योजना तैयार करें। गतिविधियों में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गतिविधियों में प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यशाला/प्रस्तुति, पेंटिंग कार्यशाला/प्रतियोगिता, चित्र प्रदर्शनी एवं रचनापाठ किया जाना शामिल है। बैठक में संस्कृति विभाग के उपसचिव श्री जगदीश गोमे, संचालक संस्कृति श्री एन. पी. नामदेव, आयुक्त पुरातत्व अभिलेखागार और संग्रहालय श्रीमती उर्मिला शुक्ला, उपनिदेशक स्वराज संस्थान संचालनालय श्री संतोष कुमार वर्मा, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर की कुलगुरु, सांची बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं विभिन्न अकादमियों के निदेशक उपस्थित रहे।