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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 सितम्बर को गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हुए वन कर्मचारियों को दी श्रद्धांजलि

प्राण न्यौछावर करने वाले तीन वनकर्मियों के परिवारों को मिलेगी एक एक लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों के त्याग और समर्पण पर सभी को गर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद वन कर्मचारियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक स्व. नागेंद्र सिंह एवं वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर के वनपाल स्व. फूलसिंह रजक और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के स्थायी कर्मचारी स्व. हरिराम धुर्वे कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हुए। इन वनकर्मियों का त्याग और समर्पण सदैव प्रेरक रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शहीद वनकर्मियों के परिवारों को सहायता राशि के अतिरिक्त टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा  1-1 लाख रुपए की  अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार शहीद वनकर्मियों के परिजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

फ्लू से बचाव के लिए पंजाब में नई पाबंदियां, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

अमृतसर  बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में अलग-अलग प्रकार की बीमारियां फैलने का भय चेताया जा रहा था, जो सच होना शुरू हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांव धारीवाल कलेर में ‘अफरीकी स्वाइन फ्लू’ बीमारी फैल गई है। इस गांव को बीमारी का केन्द्र घोषित कर दिया गया है। गांव के एक किलोमीटर के आस-पास संक्रमित जोन व एक से दस किलोमीटर के इलाके को निगरानी जोन घोषित कर दिया गया है। इस इलाके में जीवित या मुर्दा सूअर, सूअर का मास, सूअर के मास से तैयार की गई वस्तुएं लाने व ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सूअर के मास व मास से बनी वस्तुओं के आवागमन से अन्य इलाकों में भी बीमारी फैलने का डर है। ए.डी.सी. रोहित गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए पशुपालन विभाग के डायरैक्टर को सरकारी आदेश लागू करवाने के लिए निर्देश दिए हैं। 8 नहीं 20 से ज्यादा स्थानों से टूटा था धुस्सी बांध जैसे-जैसे रमदास व अजनाला के इलाकों में पानी निकलता जा रहा है, वैसे-वैसे कई हैरानीजनक खुलासे होने शुरू हो गए हैं। प्रशासन मान रहा था कि घोनेवाला, कोट रजादा व माछीवाल के तीन बड़े पाड़ (फाड़) से धुस्सी बांध टूटा था और पांच अन्य स्थान भी थे जहां बांध टूटा था, लेकिन अब पता चला है कि धुस्सी बांध आठ स्थानों से नहीं, बल्कि 20 से ज्यादा स्थानों से टूटा था, जिसमें से रावी दरिया का पानी 200 से ज्यादा गांवों में फैल गया और हजारों हैक्टेयर फसल को बर्बाद कर दिया। जानकारी के अनुसार डी.सी. साक्षी साहनी की तरफ से ए.डी.सी. रोहित गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ उन स्थानों का दौरा किया गया, जहां बांध को जोड़ने का काम चल रहा था। माछीवाला का धुस्सी बांध संत बाबा सुक्खा सिंह सरहाली कलां वाले, संत बाबा जगतार सिंह तरनतारन वाले, कार सेवा गुरु का बाग, सेना और समाजसेवी संस्थाओं की मदद से जोड़ दिया गया है। दूसरे स्थानों पर जहां बांध टूटा था, वहां काम जारी है और उनको जोड़ने में समय लग सकता है। डी.सी. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बांध जोड़ने में जिस प्रकार की भी मदद चाहिए उसको प्रशासन देने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- पीएम मित्रा पार्क से क्षेत्र का होगा समग्र विकास

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर को धार जिले के ग्राम भैंसोला में प्रस्तावित आगमन अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के ज़रिए नया दौर आने वाला है, जिससे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह अवसर प्रदेश के किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री का दौरा पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन के अलावा स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे को लेकर धार जिले के ग्राम भैंसोला में गुरूवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण प्रधानमंत्री जन-कल्याण के उद्देश्य को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देशभर में सात पीएम मित्रा पार्क बनेंगे, जिनमें से सबसे पहले मध्यप्रदेश पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षेत्र कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है और अब कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। पार्क के प्रारंभ हो जाने पर इससे लगभग 6 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करें। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस विभाग, सुरक्षाबल एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले हर प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम स्थल, प्रधानमंत्री के आवागमन मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन का प्रभावी ढंग से संचालन करने के निर्देश दिए जिससे जनता को सुचारू आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की, जिससे आयोजन सुरक्षित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे से प्रदेश में किसान आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पीएम मित्रा पार्क की सौगात से भैंसोला क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास की नई दिशा मिलेगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह और धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सोयाबीन फसल के नुकसान सर्वे के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जिन जिलों में सोयाबीन की फसल में मोजेक बीमारी के कारण नुकसान हुआ है। वहां तत्काल सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से मुआवजे की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री चेतन्य कुमार काश्यप, सुश्री निर्मला भूरिया, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वश्री हितानंद शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, मथुरालाल डामोर, जितेन्द्र पंडया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा, धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्री नीलश भारती, श्री राजवर्धन दत्तीगांव समेत जनप्रतिनिधिगण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में उपचार : मरीजों को लगातार मिल रही है निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ

  रायपुर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो। योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी। डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे। राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

किस वजह से उठी पंजाब विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग? पूरी जानकारी

लुधियाना दाखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनप्रीत अयाली ने पंजाब में बाढ़ से पैदा हुए हालातों के मद्देनजर पंजाब विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर अपील की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि बाढ़ के कारण पंजाब में गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, इसलिए तुरंत विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाया जाना चाहिए। अयाली ने कहा कि राज्य में आई बाढ़ से जान-माल और कृषि को भारी नुकसान हुआ है और हजारों परिवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। यह स्थिति तुरंत विशेष ध्यान की मांग करती है ताकि नुकसान की पूरी जांच की जा सके। इस आपदा के मुख्य कारणों पर गंभीरता से विचार किया जा सके और तुरंत एक विस्तृत राहत एवं पुनर्वास योजना तैयार की जा सके। वहीं बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक ठोस नीति बनाई जा सके। 

मौसम विभाग की चेतावनी: 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश की संभावना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। जहां एक ओर लोग सितंबर में राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। खासतौर पर पूर्वी यूपी के 11 जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान बिजली गिरने, जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभवाना जताई गई है। 11, 12 और 15 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में 11 और 12 सितंबर को झमाझम बारिश होने की संभावना है। 15, 16 और 17 सितंबर को भी फिर से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे एक बार फिर इन इलाकों में जलभराव और आवाजाही में दिक्कतें आ सकती हैं। पश्चिमी यूपी में राहत, लेकिन उमस बरकरार वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता उतनी नहीं होगी। यहां सिर्फ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। लेकिन बारिश की कमी के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी। 13-14 सितंबर: थोड़ी राहत, फिर बढ़ेगी बारिश 13 और 14 सितंबर को पूरे प्रदेश में मौसम थोड़ा शांत रहेगा। इन दो दिनों में हल्की या मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 15 सितंबर से फिर से पूर्वी यूपी में मूसलधार बारिश लौटने वाली है।   स्कूलों और आमजन के लिए चेतावनी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और मौसम अपडेट पर नजर रखें। इस बार देरी से होगी मानसून की विदाई आमतौर पर 15 से 20 सितंबर के बीच मानसून प्रदेश से विदा लेने लगता है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है। अनुमान है कि सितंबर के अंत तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।  

छतरपुर के चार परिवार नेपाल से सकुशल लौटने निकले, पीएम मोदी से मदद की थी अपील

छतरपुर नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर के जो चार परिवार फंस गए थे, वह दूसरे दिन गुरुवार को छतरपुर के लिए निकल पड़े हैं। नेपाल में भड़कती हिंसा और आगजनी को देख सभी लोगों ने चार गाड़ियां की और उनसे निकल पड़े हैं। नेपाल से निकलते समय छतरपुर के चार परिवारों में शामिल निर्देश अग्रवाल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि नेपाल में हालात खराब हैं और हम सभी हिम्मत जुटाकर अपनी गाड़ियों से भारत के लिए निकल पड़े हैं। पीएम मोदी से लगाई थी मदद की गुहार वह भारत नेपाल की सीमा से करीब आठ किमी दूर थे, तब उन्होंने वीडियो जारी किया और नेपाल से लौटने की जानकारी दी। इन परिवारों ने नेपाल में फंसे होने के दौरान पीएम मोदी से मदद की गुहार की गुहार लगाई थी और वीडियो जारी कर मदद मांगी थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जल्द फंसे लोगों को भारत लाने की बात कही थी।   चार परिवार में कुल 14 लोग शामिल आपको बता दें कि नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने वाले व्यापारी राजीव कुमार, पप्पू मातेले पुत्र स्व.सुक्कू मातेले, निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पुत्र जयनारायण अग्रवाल एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ शामिल हैं, जो नेपाला के काठमांडू में फंस गए थे। इन चार परिवारों में करीब 14 लोग शामिल हैं जिनमें बच्चे भी हैं।

योगी सरकार का विजन : आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बनेंगे यूपी में निवेश और डिफेंस इंडस्ट्रीज़ सेक्टर

 यूपी में अबतक 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 15 लाख करोड़ धरातल पर  निवेश से 60 लाख युवाओं को नौकरी, लाखों परिवारों को मिला स्वरोजगार  हरदोई-कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क की स्थापना  यूपी बना देश का सबसे बड़ा एमएसएमई हब, 96 लाख इकाइयां सक्रिय  डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अबतक 28 हजार करोड़ से अधिक का निवेश  लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण शुरू, प्रदेश को डिफेंस इंडस्ट्री सेक्टर में मिल रही नई पहचान लखनऊ, उत्तर प्रदेश अगले 22 वर्षों में एक नए औद्योगिक और सामरिक अवतार में ढलने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'विकसित यूपी @2047' के अंतर्गत प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निवेश और रक्षा उद्योग दो ऐसे स्तंभ हैं, जो न केवल प्रदेश की समृद्धि बल्कि पूरे देश की आत्मनिर्भरता का आधार बनेंगे। 2017 से पहले की स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की स्थिति बेहद सीमित थी और रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी लगभग नगण्य थी। न तो निवेशकों को सुरक्षित वातावरण मिलता था और न ही पर्याप्त नीति समर्थन। निवेश की धार : बदलती तस्वीर बीते साढ़े आठ साल में यूपी ने निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रदेश को अब तक 45 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक को धरातल पर उतारा जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और लाखों परिवारों को स्वरोजगार मिला है। फरवरी 2024 में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान ही 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन शुरू हुआ। यूपी ने उद्यमियों के लिए 33 सेक्टरल नीतियां लागू कीं और ‘निवेश मित्र’ जैसे डिजिटल प्लेटफार्म को शुरू किया, जो देश का सबसे कुशल सिंगल विंडो पोर्टल बन चुका है। प्रदेश में टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक, परफ्यूम, केमिकल और फार्मा पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं। हरदोई-कानपुर में लेदर क्लस्टर, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क और कन्नौज में परफ्यूम पार्क प्रदेश को उद्योग का नया हब बना रहे हैं। आज यूपी देश का सबसे बड़ा एमएसएमई केंद्र है, जहां 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। रक्षा की दीवार : आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला फरवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ने यूपी को सामरिक मजबूती का केंद्र बना दिया है। आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में स्थापित छह नोड्स पर तेजी से काम हो रहा है। यूपी में अब तक 170 से अधिक एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे 28 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश और 4600 से अधिक रोजगार का वादा है। इनमें अदाणी, एआर पॉलिमर, वैरिविन डिफेंस, एमिटेक इंडस्ट्रीज़ और ब्रह्मोस जैसी नामचीन डिफेंस सेक्टर की कंपनियां कार्य शुरू कर चुकी हैं। जैसे, कानपुर में बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक सैन्य सामग्री का उत्पादन हो रहा है। अलीगढ़ में स्मॉल आर्म्स और राडार तकनीक पर काम चल रहा है। सबसे बड़ी उपलब्धि है, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन, जो प्रदेश को वैश्विक स्तर पर रक्षा उत्पादन का हब बनाएगा। मिशन 2047 : लक्ष्य और रणनीति सरकार ने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू से समझौता किया है। यह संस्थान रक्षा निवेशकों को अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन और नई तकनीक उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि यूपी को मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट और एफडीआई में देश में प्रथम स्थान दिलाना है। 2047 तक यूपी में फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की कम से कम 5 कंपनियां मुख्यालय स्थापित करें, इसके लिए रणनीतिक स्तंभ तय किए गए हैं, इनमें एयरोस्पेस, डिफेंस प्रोडक्शन, अपैरल, ईवी और सेमीकंडक्टर सेक्टर को सबसे अधिक वरीयता दी जा रही है। 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की राह फिलहाल यूपी की जीएसडीपी करीब 353 बिलियन डॉलर है। लक्ष्य है कि 2030 तक इसे वन ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक दो ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना है। इसके लिए प्रदेश को 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इसमें निवेश और रक्षा उद्योग दोनों प्रमुख आधार स्तंभ होंगे।

झारखंड पुलिस की कार्रवाई से डकैती का प्रयास नाकाम, 4 आरोपी गिरफ्तार

मेदिनीनगर  झारखंड के पलामू जिले में डकैती के प्रयास में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी रंजन ओरांव (19), मंजीत कुमार (22), विकेश कुमार (19) और छोटू कुमार (22) के रूप में की गई। मेदिनीनगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आर. रमेशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो कारतूस, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक वाहन और चार वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं।'' पुलिस ने बताया, ‘‘वे कथित तौर पर छतरपुर थाना क्षेत्र में एक विशिष्ट स्थान पर डकैती की साजिश रच रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें पकड़ लिया।''