samacharsecretary.com

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 125वीं ‘मन की बात’ सुनी, मंत्री और नागरिक भी हुए शामिल

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण और नागरिक उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की घड़ी में देशवासियों द्वारा एक-दूसरे की सहायता करना भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय जो सहयोग और एकजुटता दिखाई देती है, वही भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना को परिभाषित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में खेलों को न केवल स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी आधार बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेलकूद में सक्रिय भागीदारी कर अपने जीवन और देश दोनों को ऊर्जावान बनाएं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्रों में हुए सहयोग और निवेश से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू होगा। राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें सामूहिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर एक समृद्ध और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

मध्यप्रदेश में भी दिये जायेंगे स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान भोपाल में क्रिएटर्स समिट – 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए क्रिएटर्स अवार्ड्स भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। सूचनाओं और घटनाओं का प्रसार बड़ी तेजी से होता है। ऐसे दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि आप लोग जो भी कंटेंट वायरल करेंगे, वही समाज तक पहुंचेगा। इसलिए अपने प्रभाव और ताकत का समाजहित में सही दिशा में सदुपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि सभी क्रिएटर्स को अपने दायित्व को समझते हुए अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज और देश के विकास में करना चाहिए। यही सच्ची समा सेवा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच और प्रभाव का उपयोग शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसीलिए हमारे सरकार प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए पब्लिक नेटवर्किंग को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिएटर्स से कहा कि वे सरकार के कामों को भी जनता तक पहुंचाये, सरकार क्रिएटर्स को सभी जरूरी मदद और सुविधाएं प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि अब मध्यप्रदेश में स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड दिए जायेंगे। इसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की रात भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित भोपाल क्रिएटर्स समिट – 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां क्रिएटर्स द्वारा आयोजित टाक शो में भी हिस्सा लिया। टॉक शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में सोशल मीडिया से जुड़े क्रिएटर्स को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। समिट में प्रदेश भर से आए यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल आर्टिस्ट्स ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कंटेंट मॉनेटाइजेशन, ऑडियंस इंगेजमेंट और डिजिटल दुनिया के नए ट्रेंड्स पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 प्रकार की अवार्ड कैटेगरी में बेस्ट परफॉर्मर क्रिएटर्स को ‘क्रिएटर्स अवार्ड्स’ भी प्रदान किए। समिट में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि क्रिएटर्स ने दुनिया की सोच बदल दी है। ये एक नई तरह की आरेन्ज इकानामी है जो अब दुनिया में 6 ट्रिलियन डातर की हो गई है। उन्होंने कहा कि आप अपनी क्रियेटिव सोच के साथ आगे बढ़, सरकार आपके अच्छे काम में आपके साथ है। कार्यक्रम में डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्रिएटर्स को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मयंक तिवारी, नमन देशमुख सहित बड़ी संख्या में युवा इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल आर्टिस्ट्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद थे। 

बड़े त्योहार पर यात्रा आसान, रेलवे ने शुरू की 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें

नर्मदापुरम  त्योहारों का मौसम शुरू होते ही रेल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए हजारों विशेष ट्रेन सेवाओं के संचालन का फैसला लिया है। बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए ही 12 हजार से अधिक ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई जा चुकी है। जिन ट्रेनों के संचालन की योजना बन चुकी है उनका नोटिफिकेशन भी अब जारी किया जाना प्रारंभ हो चुका है। 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है जिनके माध्यम से कुल 2024 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) सुनिश्चित किए जाएंगे। भारतीय रेल द्वारा यह निर्णय त्योहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बड़े स्टेशनों से चलने वाली इन ट्रेनों से महानगरों और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया गया है।   रेल प्रशासन द्वारा आगामी त्यौहारों को देखते हुए एवं यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मौजूदा कोच संरचना, पथ और समय पर स्पेशल ट्रेनों के फेरों को विस्तारित किया गया है। 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर, 09026 दानापुर – वलसाड स्पेशल को 30 दिसंबर, 09031 उधना-जयनगर स्पेशल को 28 दिसंबर, 09032 जयनगर-उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09039 उधना-धनबाद स्पेशल को 26 दिसंबर, 09040 धनबाद-उधना स्पेशल को 28 दिसंबर, 09045 उधना-पटना स्पेशल को 26 दिसंबर, 09046 पटना-उधना स्पेशल को 27 दिसंबर, 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल को 25 दिसंबर, 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल को 30 दिसंबर, 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09043 बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी स्पेशल को 28 दिसंबर तक चलेगी। रानी कमलापति से चलेंगी ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली एवं छठ पूजा त्यौहारों के पर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति के मध्य द्वि-साप्ताहिक 11-11 ट्रिप पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के रानी कमलापति से प्रस्थान कर नर्मदापुरम, इटारसी, पीपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी।

छात्रों के लिए खुशखबरी, दीन दयाल स्पर्श योजना में मिलेगा 6000 रुपए सालाना

कटनी  भारतीय डाक विभाग ने फिलाटेली छात्रवृत्ति योजना दीन दयाल स्पर्श योजना वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन पत्र मंगाए हैं। योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों में से प्रत्येक कक्षा के 10-10 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 6000 रुपए की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक निर्धारित की गई है। अंकित बिलैया ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का विद्यालय के फिलाटेली क्लब का सदस्य होना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय में फिलाटेली क्लब नहीं है तो स्कूल क्लब खाता खोलकर विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी किसी भी डाकघर में सक्रिय फिलाटेली जमा खाता खुलवाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। बिना खाता खोले गए आवेदन पर विचार नहीं होगा। यह छात्रवृत्ति केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के नियमित छात्रों को दी जाएगी। पात्रता के लिए छात्र का विगत परीक्षा परिणाम कम से कम 60 प्रतिशत होना चाहिए, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यार्थियों को 5 प्रशित की छूट दी जाएगी।   दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया बिलैया ने बताया कि पहले स्तर पर लिखित क्विज परीक्षा 28 सितंबर को आयोजित होगी। इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल/संस्कृति से 5-5 प्रश्न, स्थानीय फिलाटेली से 10 और राष्ट्रीय फिलाटेली से 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा अवधि एक घंटा होगी और इसके लिए प्रवेश पत्र द्वारा स्थान व समय की सूचना दी जाएगी। परीक्षा में आने-जाने का कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। दूसरे स्तर में क्विज में चयनित विद्यार्थियों को फिलाटेली प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होगा। यह प्रोजेक्ट 9 नवंबर तक जमा करना होगा, जिसके विषय अलग से सूचित किए जाएंगे।   आवेदन पत्र नजदीकी डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रवर अधीक्षक डाकघर, जबलपुर संभाग, जबलपुर के पते पर भेजना अनिवार्य है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2025-26 अंकित करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना संबंधी जानकारी भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट या संबंधित प्रवर अधीक्षक, अधीक्षक डाकघर से प्राप्त की जा सकती है।

CM ने PM से मांगी 60 हजार करोड़ की सहायता, भेजा आधिकारिक पत्र

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से तत्काल 60,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की। मान ने दावा किया कि यह राशि राज्य के कोष से संबंधित है, जो केंद्र सरकार के पास फंसी हुई है। दशकों की सबसे विनाशकारी बाढ़ पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भयावह बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। भारी बारिश और नदियों के उफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई, सैकड़ों गांव प्रभावित हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था शामिल हैं।   मुख्यमंत्री का पत्र: केंद्र पर गंभीर आरोप मुख्यमंत्री मान ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के हक की राशि को रोक रखा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है। उन्होंने इस राशि को तुरंत जारी करने की मांग की ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज किए जा सकें। मान ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की उदासीनता के कारण राज्य को इस आपदा से निपटने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत कार्यों में तेजी की जरूरत पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कार्य धीमा पड़ रहा है। एनडीआरएफ और सेना की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि तत्काल बड़े पैमाने पर सहायता की जरूरत है।

राजस्थान में सियासी पारा चढ़ा: मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने दिए टकराव के संकेत

जयपुर राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर साफ कर दिया है कि सदन का माहौल गरम रहने वाला है। कांग्रेस ने इस सत्र को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिलेगा। बजट सत्र में भी कांग्रेस ने सरकार पर लगातार हमले किए थे और कई बार कांग्रेस विधायकों और स्पीकर के बीच तनातनी की स्थिति बनी थी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के तीखे तेवर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष चाहते हैं कि सत्र लंबा चले, लेकिन सरकार जल्दबाजी में इसे कुछ दिनों में समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में सरकार की जवाबदेही तय करेगा, क्योंकि यह सरकार पौने दो साल में ही असफल और अलोकप्रिय साबित हो चुकी है। जूली ने भाजपा सरकार के "अलोकतांत्रिक रवैये" की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिलों में कांग्रेस के निर्वाचित प्रधानों, प्रमुखों और चेयरमैनों को चुन-चुनकर हटाया जा रहा है। यहां तक कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सभी निर्वाचित प्रधानों को हटाकर भाजपा नेताओं को बिठा दिया गया है। यही वजह है कि सरकार पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव भी नहीं करवा रही है और हाईकोर्ट से स्टे लेकर बच रही है। मुख्यमंत्री सिर्फ भाजपा के नहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री केवल एक पार्टी के नहीं होते। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय मई 2020 में मुख्यमंत्री ने सभी 200 विधायकों और 25 सांसदों की बैठक बुलाकर उनकी बातें सुनी थीं। जूली के अनुसार मौजूदा सरकार विपक्ष की आवाज को दरकिनार कर केवल भाजपा विधायकों, सांसदों और यहां तक कि हारे हुए प्रत्याशियों से ही बातचीत कर रही है।

आज 10 ट्रेनें हरियाणा होकर नहीं चलेंगी, पंजाब में बाढ़ के कारण लिया गया फैसला

हरियाणा हरियाणा से होकर गुजरने वाली 10 ट्रेनें आज रद्द रहेंगी। पंजाब में आई बाढ़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने ये फैसला लिया है। ये ट्रेनें जम्मू से चलकर हरियाणा और पंजाब होते हुए राजस्थान और गुजरात तक जाती हैं। ट्रेनें रद्द होने से गुरुग्राम, रेवाड़ी, हिसार, सिरसा सहित जम्मू, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार, जम्मू मंडल में हो रही भारी वर्षा के कारण कठुआ–माधोपुर पंजाब स्टेशनों के बीच स्थित ब्रिज संख्या 17 पर तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे रेल यातायात बाधित हुआ है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुधार होने पर सेवाएं बहाल की जाएंगी। 1 सितंबर को रद्द की गई रेल सेवाएं      14661 – बाड़मेर-जम्मूतवी     14662 – जम्मूतवी-बाड़मेर     14803 – भगत की कोठी-जम्मूतवी     14804 – जम्मूतवी-भगत की कोठी     12413 – अजमेर-जम्मूतवी     12414 – जम्मूतवी-अजमेर     19224 – जम्मूतवी-साबरमती     19223 – साबरमती-जम्मूतवी     19108 – उधमपुर-भावनगर टर्मिनस (एमसीटीएम)     19028 – जम्मूतवी-बांद्रा टर्मिनस  

सामान्य वर्ग के छात्रों को राहत, विदेश में पढ़ाई के लिए सरकार देगी 35 लाख की स्कॉलरशिप

भोपाल मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने अनारक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी। यह मदद 40 हजार अमेरिकी डालर वार्षिक की होगी। मौजूदा दर से यह रकम लगभग 35 लाख रुपये होती है। इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। योजना के अनुसार, यह छात्रावृत्ति केवल स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए मिलेगी। उम्मीदवार का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना और न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक होना अनिवार्य है। यह छात्रवृत्ति 20 विद्यार्थियों को दी जानी है। चयनित विद्यार्थियों को वास्तविक व्यय या अधिकतम वार्षिक 38 हजार अमेरिकी डालर के साथ दो हजार अमेरिकी डॉलर (किताबें, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बाइंडिंग एवं अन्य कार्य के लिए) कुल 40 हजार अमेरिकी डालर दिए जाते हैं। यह योजना 2018-19 से लागू है। अभी तक 24 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इन शर्तों का पूरा होना जरूरी     आवेदनकर्ता की सभी स्रोत से वार्षिक आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।     स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश के लिए आवेदनकर्ता की उम्र अधिकतम 25 वर्ष तथा शोध उपाधि के लिए अधिकतम उम्र 35 वर्ष होना चाहिए।     संबंधित विदेशी विश्वविद्यालय से अध्ययन का प्रस्ताव होना चाहिए।     किसी परिवार से एक ही व्यक्ति को एक ही बार इस छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। दो बार मिलता है मौका इस छात्रवृत्ति के लिए चयन का प्रतिवर्ष दो बार मौका दिया जाता है। जनवरी से जून सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति और जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति मंजूर होती हैं। चयनित विद्यार्थी को दो वर्ष की अवधि के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।  

गणपति विसर्जन मार्ग पर मेट्रो का असर, ट्रैफिक पुलिस ने उठाया मुद्दा

भोपाल राजधानी में इस बार गणपति विसर्जन के उत्सव में मेट्रो परियोजना की बैरिकेडिंग ने समस्या खड़ी कर दी है। हर साल की तरह इस बार भी शहर भर के गणेश भक्त अपने-अपने गली-मोहल्लों में सजी झांकियों से गणपति की मूर्तियों को प्रेमपुरा घाट तक विसर्जन के लिए लेकर जाएंगे। लेकिन इस बार मेट्रो परियोजना के कारण डिपो चौराहे से भदभदा चौराहे तक लगभग 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क पर बैरिकेडिंग लगने से रास्ता अत्यधिक संकरा हो गया है, जिससे विसर्जन के दौरान परेशानी खड़ी हो सकती है। 1.8 किमी लंबा है रास्ता मेट्रो की बैरिकेडिंग के कारण करीब 80 फीट चौड़ा रास्ता महज 30 फीट रह गया है। समस्या को भांपकर ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो परियोजना के एमडी को पत्र लिख बैरिकेडेिंग के क्षेेत्र को कम करने का आवेदन दिया है ताकि रास्ता चौड़ा हो सके। हालांकि अब तक मेट्रो एमडी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। प्रेमपुरा घाट जाने के लिए डिपो चौराहे से भदभदा चौराहे तक करीब 1.8 किमी के रास्ते पर मेट्रो बैरिकेडिंग हुई है। सड़क की चौड़ाई करीब 80 फीट है, लेकिन मेट्रो की वजह से दोनों ओर का रास्ता कुछ स्थानों पर सिमटकर 15 फीट तक रह गया है, जिससे न केवल सामान्य यातायात में रुकावट आ रही है, बल्कि गणेश मूर्तियों के विसर्जन के समय होने वाले जुलूस में शामिल झांकियों और डीजे के वाहनों को निकलने में भी दिक्कत होगी। प्रेमपुरा घाट पर होगा 650 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन गणेश विसर्जन के दौरान भारी संख्या में लोग एक साथ सड़क पर होते हैं और इस संकीर्ण मार्ग पर भीड़ और वाहनों के दबाव को संभालना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। बता दें भोपाल में इस बार एक हजार से ज्यादा गणेश पंडाल सजे हैं, जिनमें सबसे विशाल करीब 150 मूर्तियों का चल समारोह निकाला जाएगा, जिनका विसर्जन छोटे तालाब के रानीकमलापति घाट पर होगा। वहीं हथाईखेड़ा डैम और बैरागढ़ के विसर्जन कुंड में आसपास के क्षेत्रों की 200 से अधिक मूर्तियां विसर्जित की जाती हैं। इसके अलावा शहर का सबसे बड़ा विसर्जन स्थल प्रेमपुरा घाट है, जहां 650 से गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन के लिए पुराने शहर से जुलूस निकलेगा जो कि रेतघाट, पालीटेक्निक चौराहे से डिपो चौराहे तक पहुंचेगा। वहां से भदभदा चौराहे तक के करीब 1.8 किमी के रास्ते में बैरिकेडिंग है , जो समस्या बनी है। दो महीने की अनुमति लेकर छह महीने पहले लगी थी मेट्रो की बैरिकेडिंग एसीपी ट्रैफिक अजय वाजपेयी ने बताया कि मेट्रो रेल कार्पोरेशन की ओर से करीब छह महीने पहले मेट्रो निर्माण से पहले मिट्टी की जांच के लिए दो महीने की अनुमति ली गई थी। इसके बाद अवधि समाप्त होने के बाद दो बार और अनुमति दी गई है। एस. कृष्णा चैतन्य, एमडी मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बताया विसर्जन का मार्ग मेट्रो बैरिकेडिंग के कारण काफी संकरा हो गया है। जुलूस में बड़ी मूर्तियां भी शामिल होती हैं, ऐसे में जिन स्थानों पर रास्ता बेहद संकीर्ण हो गया है वहां मूर्तियां फंसने की आशंका है। इसको लेकर मेट्रो एमडी को पत्र लिखकर मांग की है कि रास्ते से या तो बेरिकेड्स हटाए जाएं या फिर उन्हें समेटें, जिससे मार्ग पर रास्ता मिल सके। अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अंतरविभागीय मामला है, अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकालेंगे। 

वाहन रजिस्ट्रेशन के डेटाबेस में वाहन स्वामी सारथी पोर्टल पर जाकर स्वयं कर सकते हैं अपडेट

भोपाल  परिवहन विभाग द्वारा मोबाइल नम्बर अपडेट करने के लिये इन दिनों विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। वाहन स्वामी अथवा डीलर नेशनल इन्फार्मेशन सेंटर (एनआईसी) के वाहन सारथी पोर्टल पर जाकर स्वयं ही आसानी से मोबाइल नम्बर अपडेट कर सकते हैं। प्रदेश में वाहन के पंजीयन और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करते वक्त आवेदक को अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करना अनिवार्य होता है। कई बार वाहन स्वामी की जगह डीलर अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करा देते हैं। वाहन स्वामी और डीलर द्वारा सही मोबाइल नम्बर दर्ज कराने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा मोबाइल नम्बर कुछ वर्षों बाद परिवर्तित कर देने के कारण डेटाबेस में संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं रह पाता है। परिवहन विभाग ने जानकारी दी है कि वाहन सारथी पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से मोबाइल नम्बर अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। आधार में दर्ज आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का वाहन पंजीयन और ड्रायविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम से शत-प्रतिशत मिलान होने पर डेटाबेस में मोबाइल नम्बर तत्काल अपडेट हो जाता है। आधार पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम में भिन्नता पाई जाती है, तो आवेदक को पोर्टल पर अपना कोई दूसरा परिचय पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और पासपोर्ट अपलोड करना पड़ता है। आरटीओ कार्यालय द्वारा दर्ज दस्तावेज और आधार से आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस में दर्ज नाम का सत्यापन किया जाता है। अप्रूवल के बाद मोबाइल नंबर डेटाबेस में अपडेट हो जाता है। अपडेड प्रक्रिया को विस्तृत रूप से स्क्रीन शॉट के माध्यम से समझाने के लिए मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के पोर्टल के होमपेज पर लिंक उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में वाहन रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लायसेंस संबंधी समस्त सेवाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे है। डेटाबेस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर आवेदक को अपना सत्यापन कराना होता है। मोबाइल नंबर डेटाबेस पर उपलब्ध न होने पर कई बार आवेदक इन सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। संबंधित वाहन के विरूद्ध अन्य प्रणालियों से चालान जारी होने पर डेटाबेस पर सही नंबर न होने के कारण कई बार वाहन स्वामियों को चालान के संबंध में जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती है। चालान का भुगतान लंबित होने पर ऐसे व्यक्तियों को परिवहन विभाग की सेवाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। न्यायालयीन कार्रवाई की जाने पर उन्हें कोर्ट से समन भी आ सकते हैं। इन कारणों से मोबाइल नंबर अपडेट होना आवश्यक है। मोबाइल अपडेशन की विस्तृत प्रक्रिया मध्यप्रदेश परिवहन पोर्टल के यूआरएल transport.mp.gov.in पर उपलब्ध है।