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बारिश से बिगड़ा MP का हाल, हाईवे जाम में दो घंटे तक फंसे यात्री

बुरहानपुर बाढ़ ने शनिवार को दूसरी बार इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे दो घंटे से ज्यादा समय तक जाम कर दिया। जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम में एम्बुलेंस और यात्री बसें भी काफी देर तक फंसी रहीं। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें पार कराया। दूसरे वाहन चालकों ने भी जान जोखिम में डाल कर हाइवे पार किया। इससे पहले गुरुवार देर रात भी असीरगढ़ से ढाई किमी दूर धूपगट्टा गांव के पास हाइवे पर पानी भर जाने से रात बारह बजे तक मार्ग अवरुद्ध हुआ था। पानी से हुआ भारी नुकसान निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले ने हाइवे का निर्माण कर रही कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों को सूचना दी थी। बावजूद इसके निर्माण एजेंसी ने पहाड़ी नाले की जल निकासी का ठोस प्रबंध नहीं किया। जिसके चलते शनिवार दोपहर तीन बजे क्षेत्र में तेज वर्षा होने के बाद फिर न केवल हाईवे जाम हो गया, बल्कि धूपगट्टा गांव में भी पानी घुस गया। जिससे करीब दो दर्जन ग्रामीणों का गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। खेतों में दो से तीन फीट पानी भर जाने के कारण मक्का व अन्य फसलों को भी क्षति हुई है।   पुलिया छोटी करने से उपजी समस्या उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नईदुनिया टीम ने हाइवे पर बाढ़ का पानी आने का मूल कारण तलाशा था। जिसमें पता चला था कि बरसाती नाले पर नई पुलिया बनाई जा रही है। जिसके लिए निर्माण एजेंसी ने पानी को डायवर्ट करने एक पाइप डालकर अस्थाई पुलिया बनाई है। पहाड़ों से उतरने वाले पानी की मात्रा अधिक होती है। एक पाइप से केवल बीस प्रतिशत पानी ही निकल पा रहा है। जिसके चलते शेष पानी हाईवे और धूपगट्टा गांव में घुस कर तबाही मचा रहा है। अब तक 542 मिमी औसत वर्षा हुई बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 542 मिमी औसत वर्षा हुई है। जिले की कुल औसत वर्षा 823 मिमी है। शनिवार सुबह तक बुरहानपुर में पांच मिमी, नेपानगर में 29 मिमी और धूलकोट क्षेत्र में 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिससे ताप्ती नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। शनिवार दोपहर तीन बजे परसाडोह बांध का एक गेट भी खोला गया है। जिसके कारण ताप्ती नदी का जल स्तर देर रात अथवा कल तक और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है

म.प्र. की पर्यटन नीति भा रही है निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने 7 निवेशकों को जारी किये एलओए 60 करोड़ से अधिक का होगा निवेश और रोजगार सृजन अधिकांश निवेशकों ने होटल रिसॉर्ट में दिखाई रूचि 75 करोड़ से अधिक के विरासत कार्यों का हुआ शिलान्यास शिल्पकारों के लिए वेबसाइट और ग्वालियर किले की कार्ययोजना का हुआ विमोचन निवेश के लिए हो रहे सर्वांगीण प्रयासों से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों और हितधारकों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है। पर्यटन से राष्ट्रीय आय तो बढ़ती ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, ये हमारे देश और विशेषकर मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। मध्यप्रदेश, देश का दिल है। प्रदेश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ही पर्यटन विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार समावेशी प्रयासों के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़कर पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर पर्यटन कॉन्क्लेव में साढ़े तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदाय किये गये, इससे 60 करोड़ से अधिक का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। यहां राजा मानसिंह तोमर के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। इस कठिन दौर में ग्वालियर में एक आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली के चौंसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यह दुनिया भर में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है। अब नए संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो पहली बार चीता देखते हैं, वो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। चीता गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सह अस्तित्व और साहचर्य भाव नजर आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए भी बड़ी धनराशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर अंचल को भी कई सौगातें मिल रही हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर कोष) से 100 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पूरी दुनिया को देश की विरासतों और पर्यटन केंद्रों के बारे में बता रहे हैं। वे 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी अपनाओ' अभियान के जरिए देश के नागरिकों को स्वदेशी से स्वाबलंवन की ओर प्रवृत्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर की रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उद्योगपति श्री सचिन गुप्ता ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा अन्य निवेशकों एवं उद्योग समूहों की ओर से कुल 3500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को इस कान्क्लेव के माध्यम से मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह कॉन्क्लेव 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' की तैयारियों का हिस्सा है। टूरिज्म सैक्टर के लिए यह महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रविवार (31 अगस्त) को मुरैना जिले को अनेक सौगातें मिलेंगी। मुरैना के पीपरसेरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से हाइड्रोजन कारखाने का शिलान्यास किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में होटल एवं रिसोर्ट के लिए प्राप्त हुए निवेश प्रस्‍ताव कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर–चंबल और सागर संभाग में निवेश की इच्छा जताकर पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 भूमियों के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट (LOA) प्रदान किए। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन भूमियों पर होटल, रिसॉर्ट और ईको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। श्री अरूण तिवारी को 40 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटी के लिये गांधी सागर मंदसौर और हेमाबर्डी धार में, श्री यश जैन को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने रहीपुरा बुराहनपुर में, श्रीमती स्मृति मुकुल थोराट, मेसर्स श्री साईं वेयर हाउस एण्ड एग्रो सर्विस को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने बिजाना शाजापुर में, श्री अमित उपाध्याय को 25 कक्षों का होटल/ रिसॉर्ट बनाने के लिये कागपुर विदिशा में, श्री संजय पाव को 22 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटीज के लिये गांधी सागर मंदसौर में और श्री विकास नेमा/प्रवीण … Read more

मानसून सत्र में हरियाणा विधानसभा रही बेहद सक्रिय, कार्य उत्पादकता 120% तक पहुँची

चंडीगढ़  हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि मानसून सत्र हर दृष्टि से ऐतिहासिक रहा और इसने संसदीय परंपराओं को नई दिशा दी है। यह सत्र सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हो गया। चार दिनों तक चले इस सत्र में 21 घंटे 8 मिनट की कार्यवाही हुई, जो 120.37 प्रतिशत उत्पादकता का प्रतीक रही। सत्र के दौरान कुल 7 विधेयक पारित किए गए और कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विधायकगणों ने चर्चा में भाग लिया। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 3 स्थित हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सत्र 22 अगस्त से 27 अगस्त तक चला। पहले और दूसरे दिन 71, तीसरे दिन 72 और चौथे दिन 70 विधायक मौजूद रहे। इसमें मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्रियों की संख्या शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुशासन और गंभीरता के साथ विधायकगणों ने बहस में हिस्सा लिया और सदन की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। सत्र के समापन पर पहली बार राज्यगीत का वादन हुआ। विस अध्यक्ष ने बताया कि शून्यकाल की कार्यवाही तीन दिन चली, जिसमें 78 सदस्यों ने हिस्सा लिया। भाजपा के 30 सदस्यों ने 99 मिनट, कांग्रेस के 34 सदस्यों ने 129 मिनट, इनेलो के 2 सदस्यों ने 7 मिनट और निर्दलीय 3 विधायकों ने 10 मिनट तक अपनी बात रखी। प्रश्नकाल में भी विधायकों की सक्रियता देखने को मिली। इस दौरान 53 विधायकों से 307 तारांकित प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 194 स्वीकार किए गए और 56 प्रश्नों पर सदन में चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त 160 अतारांकित प्रश्नों में से 132 स्वीकृत किए गए। ध्यानाकर्षण सूचनाओं के तहत कुल 40 नोटिस आए, जिनमें से 11 को स्वीकार किया गया। इनमें जलभराव, सीईटी परीक्षा की कार्यप्रणाली, धान में वायरस की समस्या, कलेक्टर रेट में वृद्धि और खिलाड़ियों की समस्याओं जैसे मुद्दे शामिल रहे। स्थगन प्रस्तावों में से एक को स्वीकार कर 26 अगस्त को तीन घंटे 35 मिनट लंबी चर्चा की गई, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी 67 मिनट तक जवाब दिया। इस सत्र में तीन सरकारी प्रस्ताव भी पारित हुए। इनमें गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर प्रस्ताव, मीडिया से अपराध का महिमामंडन रोकने की अपील और एक आपराधिक विधेयक वापसी शामिल हैं। साथ ही सात महत्त्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए, जिनमें सदस्य वेतन-भत्ता संशोधन, पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन और जीएसटी संशोधन प्रमुख रहे। सत्र के दौरान दर्शकों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। कुल 1585 लोग विधान सभा पहुंचे, जिनमें 842 विद्यार्थी, 281 स्पीकर गैलरी और 462 दर्शक दीर्घा से थे। सत्र में कई विशेष पहलें भी हुईं। पहली बार महामहिम राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष विधान भवन आए, जिनका भव्य स्वागत किया गया। टीवी चैनलों पर कार्यवाही का सीधा प्रसारण सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन जारी की गई। वहीं 26 अगस्त को नशा मुक्ति का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की भागीदारी से साइक्लोथॉन आयोजित किया गया। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि अब अधिकारियों को विधायी प्रारूपण की ट्रेनिंग दी जाएगी, लोकसभा की तर्ज पर एआई आधारित रिकॉर्डिंग और अनुवाद व्यवस्था शुरू होगी तथा संविधान के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्यव्यापी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। अनुसंधान विंग को सुदृढ़ बनाने, एमएलए हॉस्टल के विस्तार और नई डिस्पेंसरी की योजना भी घोषित की गई है। इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि वे भविष्य में भी इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। 

बिहार में सियासी हलचल, तेजस्वी यादव ने थामा CM पद की दावेदारी का कार्ड

पटना  बिहार में आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलें अब खत्म होती दिख रही हैं। 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने ही खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। वहीं पिछले कई दिनों से राहुल गांधी इस सवाल से बचते रहे हैं और उन्होंने अब तक तेजस्वी को सीएम फेस नहीं बताया था।   तेजस्वी ने संबोधन के दौरान NDA में साधा निशाना- यात्रा के 14वें दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भीड़ से पूछा,"आप ही लोग बताओ, आपको डुप्लीकेट CM चाहिए या ओरिजिनल CM चाहिए?"इस दौरान उन्होंने एनडीए सरकार को 'नकलची सरकार' बताया और कहा कि उनके पास कोई रोडमैप या विजन नहीं है, वे सिर्फ महागठबंधन की नकल कर रहे हैं। चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का हमला इस मौके पर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब 'जुगाड़ आयोग' बन गया है जो बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है। अखिलेश ने तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में जब तेजस्वी सत्ता में होंगे तो युवाओं का पलायन नहीं होगा, बल्कि भाजपा का पलायन होगा। राहुल गांधी ने कहा- 'बिहार में वोट चोरी नहीं करने देंगे' विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस दौरान कहा, "भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी किया, लेकिन हम उन्हें बिहार का चुनाव चोरी नहीं करने देंगे।" यह बयान दर्शाता है कि महागठबंधन कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है।

राजवाड़ा मार्केट इंदौर: सराफा से लेकर अन्य व्यापारी भी रात 10 बजे तक करेंगे कारोबार

इंदौर  राजवाड़ा क्षेत्र के बाजार में अब देर रात तक चहल-पहल रहेगी। सराफा व्यापारियों के साथ आते हुए क्षेत्र के अन्य बाजारों ने भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखने की घोषणा कर दी है। एक सितंबर से इस पर अमल होगा। राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपने सदस्य व्यापारियों के लिए सूचना जारी कर दी है। व्यापारी एसोसिएशनों द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में त्योहार और क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने को निर्णय का कारण बताया गया है। हालांकि असल कारण फुटपाथ व दुकानों के सामने कब्जे रोकना माना जा रहा है। सराफा में लग रही चाट-चौपाटी के खिलाफ चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने असहयोग आंदोलन छेड़ रखा है। ओटलों पर किराएदारी बंद करने के बाद सराफा बाजार में दुकानें रात 10 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने बैठक के बाद इस पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के सदस्य 600 गारमेंट कारोबारियों के साथ अन्य 300 दुकानदार भी देर रात तक दुकानें खुली रखने के लिए तैयार हो गए हैं। सराफा व्यापारी कैविएट दायर करेंगे सराफा चाट चौपाटी के खिलाफ मुहिम चला रहे चांदी-सोना व्यापारी कानूनी तौर पर भी अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि व्यापारियों पर कदम पीछे खींचने और दुकानें नौ बजे तक बंद करवाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच व्यापारी गुमाश्ता कानून का हवाला देकर कह रहे हैं कि उन्हें रात 11 बजे तक दुकानें खुली रखने की छूट है, ऐसे में कोई भी जल्द बंद करने का दबाव नहीं बना सकता। चौपाटी वालों के अदालत जाने या ऐसी किसी अन्य याचिका पर एक पक्षीय आदेश से सुरक्षा के लिए सराफा व्यापारियों ने हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल करने की तैयारी भी कर ली है। कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन भी समर्थन में कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन ने इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के साथ समन्वय कर साझा निर्णय लिया है कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन रहेगा। ऐसे में वो भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखेंगे। इस दौरान राजवाड़ा-कृष्णपुरा तक क्षेत्र को पूरी तरह व्यवधान मुक्त रखने, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और नगर निगम के अतिक्रमण व्यवस्था को चाक-चौबंद पुख्ता प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को व्यापारी पत्र भी लिखेंगे। दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है     त्योहार का सीजन आ गया है। ऐसे में दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है। हमारा लक्ष्य है कि आम नौकरीपेशा लोग काम से फ्री होकर रात को बाजार में खरीदारी के लिए आ सकें। इसके लिए हम अभी से प्रचार अभियान चलाएंगे। – अक्षय जैन, अध्यक्ष, इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन एक सितंबर से रात 10 बजे तक खुला रहेगा बाजार     रात तक दुकानें खुली रखने के निर्णय में हमारी एसोसिएशन साथ है। राजवाड़ा के साथ कृष्णपुरा के सभी रेडीमेड गारमेंट्स संस्थान एक सितंबर से रात 10 बजे तक सेवाएं देंगे। – विजेंद्रसिंह चौहान, अध्यक्ष, कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन  

वोटर अधिकार यात्रा में राहुल-तेजस्वी के साथ दिखे अखिलेश, विपक्षी एकजुटता से बढ़ी BJP की चिंता

आरा बिहार में एसआईआर के खिलाफ जारी राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शनिवार को सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव शामिल हुए। यात्रा के 14वें दिन आरा में जनसभा को अखिलेश यादव ने संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने बीजेपी, सरकार और अधिकारियों को चुनावी 'तीन तिगाड़ा' बताते हुए कहा कि इन्हें इंडिया गठबंधन तोड़ेगा। अखिलेश ने कहा कि अवध से हम लोगों ने बीजेपी को भगाया है, अब मगध से भाजपा को भगाने की जिम्मेदारी आप लोगों की है। अखिलेश यादव ने इस दौरान एक नारा भी दिया। जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'अबकी बार बिहार से बीजेपी बाहर'। इस दौरान लोगों से उन्होने तेजस्वी यादव को सत्ता में लाने की अपील की। वहीं बिहार में जारी एसआईआर (गहन मतदाता पुनरीक्षण) को सिरफिरा फैसला करार दिया। उन्होने कहा कि ये लोग पहले आपके वोट का अधिकार छीनेंगे, फिर राशन और फिर नौकरी का अधिकार छीनेंगे। चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि ये 'जुगाड़ आयोग' बन गया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो हमें डरा रहे थे, वो आज खुद ट्रंप से डरे हुए हैं। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे पर बात नहीं कर रही। "क्योंकि अमेरिका ने व्यापारियों पर टैरिफ तो लगाया ही है, लेकिन बीजेपी के मुंह पर भी टैरिफ लगाने का काम किया है। उन्होने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा को बिहार के युवाओं और लोगों का समर्थन मिल रहा है, वो बता रहा है कि इस बार सत्ता बदलने वाली है।  

14 मंत्रियों के सवाल पर रमन सिंह का बड़ा बयान, कहा- न्यायालय का निर्णय रहेगा अंतिम

बिलासपुर साय कैबिनेट में 14 मंत्रियों पर हाईकोर्ट में कांग्रेस की ओर से दायर याचिका के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस पर न्यायालय का फैसला अंतिम रहेगा. हरियाणा में 5–6 साल से यह चल रहा है. 13.5 मतलब 13 भी हो सकता है, और 14 भी. बिलासपुर में स्वर्गीय काशीनाथ गोरे के स्मारिका विमोचन में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें न्यायालय पर भरोसा होना चाहिए, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं. वहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर उनके नाम को लेकर हो रही चर्चा पर कहा कि मैं छत्तीसगढ़ में ही भला हूं. दरअसल, महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है. उनके उप राष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही खाली होने वाले राज्यपाल के पद पर किसी वरिष्ठ भाजपा नेता को नियुक्त किए जाने की चर्चा है, इनमें से एक नाम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी नाम शामिल है.

पेट्रोल टैंकर हादसा: भीषण आग के बाद तेज धमाका, इलाके में अफरा-तफरी

बलौदाबाजार जिले के सेमरिया गांव में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां पेट्रोल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की लपटों में घिर गया और जोरदार ब्लास्ट हो गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना पलारी थाना क्षेत्र की है। बता दें कि हादसे में टैंकर चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचा ली। दोनों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पलारी और गिधपुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आग की चपेट में आने से लोगों को बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित दूरी पर रोका। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। घटना का वीडियों भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह पेट्रोल टैंकर रायपुर से लवन की ओर जा रहा था और उसमें बड़ी मात्रा में पेट्रोल भरा हुआ था। इसी रोड से महानदी से रेत का परिवहन होता है, जिसके कारण इस क्षेत्र की सड़कों की हालत बदतर है। बताया जा रहा है कि अचानक टैंकर का संतुलन बिगड़ने से यह पलट गया, जिसके कारण चिंगारी उठते ही उसमें आग लग गई। फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया है और आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को बुलाया गया है। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई है।

MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

ग्वालियर  मध्यप्रदेश का टूरिज्म अब और फलेगा-फूलेगा। खासकर ग्वालियर पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग ही पहचान बनाएगा। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में पर्यटन की बेहतर व्यवस्था होगी। जो लोग यहां घूमने आएंगे उन्हें रहने की 5-7 स्टार सुविधा मिलेगी। दरअसल, उद्योगपतियों-निवेशकों को मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल-सागर संभाग में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। निवेशक इस क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने निवेश की यह इच्छा 30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित 'ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव' में जताई। उनके इस निवेश से टूरिज्म में इजाफा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। इस तरह उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। आज पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट जारी किए गए हैं। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन जमीनों पर होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में दिखेंगे सुखद परिणाम सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में ग्वालियर की धरती पर 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल-टूर ऑपरेटर, 500 से अधिक हितधारक और स्थानीय कलाकार शामिल हुए हैं। इन सभी के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। इसके भविष्य में निश्चित ही अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। आज का दिन बेहद खास है। यहां पहली ही बार हो रही रीजनल कॉन्क्लेव जबरदस्त रही। ग्वालियर के पास आगरा, मथुरा, दिल्ली है। ग्वालियर देश की राजधानी का सबसे नजदीकी केंद्र है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखें तो मथुरा-वृंदावन का नजदीकी क्षेत्र है। ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व है। राजा मानसिंह का किला और उसकी अपनी गाथा विशेष है। ऐसा लगता है  जैसे स्वर्ग को कोई टुकड़ा यहां किले के रूप में आसमान से आ गया हो।  ग्वालियर का इतिहास समृद्ध है। बड़े-बड़े सत्ताधीश बुरे समय में यहां के किले की जेल में ही बंदी बनाए गए।  ग्वालियर वह जगह है जहां बुरे दौर में भी आध्यात्मिक ताकतों का प्रकटीकरण हुआ। मितावली-पड़ावली का चौंसठ योगिनी का मंदिर असल में हमारी पुरानी लोकसभा के भवन की प्लानिंग है। जब 1912 में दिल्ली बनी तो संसद का निर्माण किया गया। अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। हमारे यहां चीते गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है। इंडिगो कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से ग्वालियर किलों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को आगे बढ़ा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए काम कर रहे हैं।  इतिहास और विरासत है प्रदेश की पहचान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश में पर्यटन का केंद्र बने, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के पास आइडियाज का भंडार है और उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को भी विकसित होना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ की विविधता हैं। एमपी टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल स्टेट भी है। सांची के स्तूप, भीम बैठिका और खजुराहो के मंदिर यूनेस्को की स्थाई सूची में शामिल हैं। 15 स्थल अस्थायी सूची में दर्ज हैं। जबकि देशभर में यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संख्या 62 है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई पर्यटन नीति लागू की गई है। निवेशकों को सर्व सुविधाएं देते हुए रेड कारपेट बिछाकर आकर्षित किया जा रहा है। निवेशक मध्य प्रदेश आएं आपको कोई परेशानी नहीं होगी। मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, जंगल, पर्यटन, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण राज्य है और प्रदेश दुनिया में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश में उद्योग और निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर छोटे शहरों में आयोजित रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। निवेशकों का रुझान प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। प्रमुख सचिव, पर्यटन-संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने इतिहास और विरासत के लिए पहचान रखता है। प्रदेश में 750 से अधिक संरक्षित केंद्र हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में प्रदेश की एक चौथाई से अधिक 18 साइट शामिल हैं। ग्वालियर विश्व के 54 चिह्नित शहरों में शामिल है। ग्वालियर को सांस्कृतिक महत्व से क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह शहर तानसेन और बैजू बावरा के लिए जाना जाता है। प्रदेश का 30 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में हैं। हाल ही में श्योपुर क्षेत्र में चीतों को दोबारा बसाया गया है। उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग, भगवान राम और कृष्ण के फुट प्रिंट यहां हैं। मां नर्मदा के सौंदर्य देखने के लिए लोग आते हैं। उन्होंने … Read more

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल, ‘दीदी के गोठ’ से अब हर गांव तक पहुँचेगी सशक्तिकरण की आवाज ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई दिशा और पहचान 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रम बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी,आकाशवाणी के बिलासपुर केंद्र से इस प्रसारण को 103.2 मेगा हर्ट्ज सुना जा सकेगा साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-Bilaspur के जरिए भी लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।      दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी  बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।      इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।