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भीषण सड़क दुर्घटना से कोहराम: टेंपो के परखच्चे उड़ने से 5 लोगों की गई जान

पीलीभीत पीलीभीत जिले के जहानानाबाद क्षेत्र में शनिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ। कार और टेंपो की टक्कर से टेंपो में सवार मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जहानाबाद सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू किया। हादसा जहानाबाद क्षेत्र के बिसेन गांव के पास हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हुआ। राहगीरों के अनुसार टेंपो पीलीभीत की ओर से आ रहा था। टेंपों में करीब 10 लोग सवार थे। इस दौरान अमरिया की ओर से आई कार से टेंपो की आमने-सामने की भिंड़त हो गई। जोरदार टक्कर में टेंपो क्षतिगस्त होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। चीख पुकार के बीच मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। चालक कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर जहानाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया। जहां मासूम समेत पांच लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल पांच अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे में इनकी हुई मौत हादसे में नगर पंचायत नौगवां पकड़िया निवासी राजदा (45 वर्ष) पत्नी अल्ताफ, उनकी दो वर्षीय नातिन हमजा पुत्री सुल्तान, जानिसार पुत्र जागीर शाह निवासी पश्चिम बंगाल, टेंपो चालक विजय (30 वर्ष) पुत्र लीलाधर निवासी खमड़िया दलेलगंज और फरीदा की मौत हुई है। घायलों में मृतक मासूम की मां मुस्कान, फरजंद अली, सहरीना व फैजुल आदि शामिल हैं। इनका उपचार चल रहा है। अस्पताल पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पांच लोगों की मौत हुई है। बाकी लोग घायल हैं। उनका उपचार चल रहा है। एक गंभीर घायल को बरेली रेफर किया गया है। 

4.25 करोड़ पौधे और 4,500 महिलाएं जुड़ीं रेशम से, गांव की अर्थव्यवस्था को मिला नया आधार

पटना, बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का ‘जीविका दीदियों’ का ये विजन आज सुपर हिट साबित हो रहा है। वो न केवल बिहार के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और वैचारिक विकास की नई कहानी लिख रही है। उनकी भूमिका अब हर क्षेत्र में नजर आ रही है। उन्‍होंने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी महत्‍वपूर्ण रोल अदा किया है। आज जीविका दीदियों की 60,000 से ज्यादा सक्रीय ग्राम संगठन हैं। 4.25 करोड़ लगाए पेड़ जीविका गांव की महिलाओं के लिए केवल आजीविका के नए रास्ते खोल नहीं रही हैं, बल्कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और मनरेगा का भी सहयोग कर रहीं हैं। जिसका नतीजा है कि अब तक 987 पौधशालाएं तैयार की गई हैं। जिसके जरिए 4.25 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। महिलाओं को मिल रही अलग पहचान यही नहीं, मुख्यमंत्री कोशी मलवरी परियोजना के तहत 4,500 महिलाओं को मलबरी की खेती और रेशम कीट पालन से जोड़ा गया है। इससे हजारों परिवारों को स्थायी आय का नया जरिया मिला है। जो महिलाओं को आत्‍मनिर्भर तो बना ही रहा है, उन्‍हें समाज में अलग पहचान भी दिला रहा है। सोलर लैंप बना रहीं दीदियां जीविका की सक्रीय महिला समूह की महिलाएं आज सोलर लैंप बनाने का भी काम कर रही हैं। जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस काम में 372 महिलाएं लगी हुई हैं। जिन्‍हें रोजगार तो मिल ही रहा है, गांव भी रोशन हो रहे हैं। आज इन महिलाओं के पहचान एक उद्यमी के रूप में भी बन रही है। गया जिले की जे-डब्लूआईआरईएस कंपनी भी इस काम को गति दे रही है। 33 जिलों के सामुदायिक पुस्‍तकालयों में दबदबा  इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी पहल हो रही है। बिहार के 33 जिलों के 110 प्रखंडों में सामुदायिक पुस्तकालय सह कैरियर विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई और करियर मार्गदर्शन मिल रहा है। आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर सामाजिक बदलाव तक, जीविका महिलाओं की यह यात्रा बिहार के गांवों को नई पहचान दिला रही है।

तोमर गैंग पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त

रायपुर राजधानी में फरार चल रहे कुख्यात तोमर बंधुओं वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को सेशन कोर्ट द्वारा तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत खारिज किए जाने और संपत्ति कुर्क करने की मंजूरी मिलने के बाद आज जिला प्रशासन की टीम ने उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 3,000 स्क्वायर फीट की संपत्ति कुर्क SDM नंद कुमार चौबे, तहसीलदार पुलिस की टीमों ने तोमर बंधुओं के भाठागांव स्थित तोमर बंधुओं के साईं विला मकान और जमीन को कुर्क किया है. कुर्क की गई संपत्ति कुल 3,000 स्क्वायर फीट है, जिसमें वीरेंद्र और रोहित दोनों भाइयों की 1,500-1,500 स्क्वायर फीट की संपत्ति है. इसके अलावा राजधानी के आसपास स्थित उनकी तीन और जमीनों की कुर्की की कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. बता दें, तोमर बंधुओं के लगातार 2 महीने से फरार रहने के चलते SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने पहले ही दोनों भाइयों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार का इनाम घोषित कर रखा है. साथ ही पुलिस ने उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की मांग कोर्ट से की थी, जिसे बुधवार को अदालत ने मंंजूरी दे दी. कोर्ट से कलेक्टर को कुर्की के आदेश मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने यह कार्रवाई शुरू की. बचाव पक्ष की आपत्ति तोमर बंधुओं के वकील ने कुर्की आदेश पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि उन्होंने 18 अगस्त को आवेदन दायर किया था. जिस पर 20 अगस्त को सुनवाई तय थी. लेकिन उससे पहले ही बिना पक्ष सुने कुर्की आदेश जारी कर दिया गया, जो न्यायसंगत नहीं है. इस पर अब गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.

नीतीश कुमार ने जताया शोक: पटना हादसे में 8 की मौत, घायलों की हालत नाज़ुक

 पटना पटना के बाहरी इलाके में शनिवार को एक मिनी वैन और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियामा में ट्रक और ऑटो रिक्शा में हुई टक्कर में आठ लोगों की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। 'यह घटना काफी दु:खद' नीतीश कुमार ने कहा कि यह घटना काफी दु:खद है। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलामा गांव के निवासी थे। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। बता दें कि यह दुर्घटना दनियावां- हिलसा सड़क मार्ग पर तब हुई, जब एक ऑटो और हाइवा वाहन की आमने- सामने की टक्कर हो गई। सभी आठ मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के रेडी मालामा गांव के निवासी थे। वे फतुहा त्रिवेणी में गंगा स्नान के लिये जा रहे थे। सुबह करीब पौने सात बजे दनियावां पहुंचते ही तेज रफ्तार हाइवा से ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई, जिससे ऑटो में सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में घायल पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) भेजा गया है।  

भारत से भिड़ंत को तैयार मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम, कप्तान ने जताई बड़ी चुनौती

राजगीर मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम आज सुबह प्रतिष्ठित हीरो एशिया कप 2025 में भाग लेने के लिए बिहार के शहर राजगीर पहुंची। पिछली बार जकार्ता में हुए फाइनल में मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। "टीम जीतने के इरादे से आई" मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मरहान जलील ने कहा कि प्रतियोगिता के प्रबल दावेदारों में एक भारत को हराना उनके लिए बड़ी चुनौती है। पिछली बार इस प्रतियोगिता के फाइनल में जकार्ता में अपने गृह मैदान पर मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। कप्तान जलील ने कहा कि ‘‘राजगीर आकर बेहद उत्साहित हूं। हमारी तैयारी अच्छी रही हैं और एक शानदार टूर्नामेंट की उम्मीद से मैदान में उतर रहे हैं। मेज़बान भारत को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि उन्होंने प्रो लीग में कई शीर्ष टीमों के साथ खेला है और उनके पास बेहतरीन अनुभव और अंतरराष्ट्रीय हॉकी का एक्सपोज़र है।'' "हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी" कप्तान जलील ने कहा कि मौजूदा चैंपियन कोरिया भी इस टूर्नामेंट में देखने योग्य टीम होगी। इस साल मलेशिया की टीम उनके खिलाफ खेल चुकी हैं और वे बेहद फिट तथा तेज नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी। टीम के मुख्य कोच सरजीत कुंदन ने गर्मजोशी भरे स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा, “सबसे पहले तो हम इस शानदार स्वागत के लिए आभारी हैं। हमें खुशी है कि हम समय से पहले यहां पहुंचे और कुछ वॉर्म-अप मैच भी खेल पाएंगे। हम एक युवा टीम हैं और हमारा लक्ष्य 2028 ओलंपिक और अगले साल के एशियाई खेलों की तैयारी करना है। हाल ही में हमने ऑस्ट्रेलिया और कोरिया का दौरा किया और अब सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट भी खेलना है। यहां हमारा मकसद अच्छा खेलना है। हम इस प्रतियोगिता में दूसरी वरीयता प्राप्त टीम हैं और उम्मीद है कि पदक जीतेंगे।” बता दें कि राजगीर में 12वां एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 29 अगस्त से शुरू हो रहा है। मलेशिया 29 अगस्त को टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। मलेशिया पूल-बी में कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे के साथ है, जबकि पूल-ए में भारत, जापान, चीन और कज़ाख़स्तान शामिल हैं। मैचों का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।  

महादेव सट्टा एप कांड: गिरफ्तारी वारंट रद्द कराने कोर्ट पहुंचे आरोपी

रायपुर ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद महादेव सट्टा एप के सरगनाओं में खलबली मची हुई है. एप के संचालकनकर्ता सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी वारंट खारिज करने के लिए ईडी की विशेष अदालत में आवेदन लगाया है, जिसमें 3 महीने के भीतर खुद पेश होने की बात कही है. मामले में ईडी कोर्ट में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल बीते दिनों कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. विशेष न्यायालय ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. उस गैर जमानती वारंट को कैंसिल करने के लिए सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हाईकोर्ट में आवेदन लगाया था. जिसे वृहद सुनवाई के बाद न्यायालय ने आवेदन को निरस्त कर दिया था. रवि उप्पल ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन लगाया था. जो आज तक तक पेंडिंग पड़ी है. लेकिन आज एक बार फिर वारंट को कैंसिल करने आवेदन लगाया है. साथ ही अपनी सुरक्षा की तैयारियों का हवाला देते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए तीन महीने का समय मांगा है. अगर ये बिना किसी शर्त के अपनी बात रखते हैं, तो इस विषय पर सोचा जा सकता है. लेकिन इन्होंने इस बार भी शर्तें रखी है. इस पर भविष्य में न्यायालय फैसला सुनाएगी.

सिर्फ 16 महीने बाद यूपी की सियासी परीक्षा, नए गुणा-गणित में जुटी पार्टियां

लखनऊ सियासी मंचों से भले ही लोक कल्याणकारी उद्देश्यों की बातें की जाएं, सियासत की धुरी को लोगों के अच्छे और सरल जीवन यापन पर केंद्रित करने के दावे हों लेकिन फिलहाल यूपी की राजनीतिक हकीकत इससे बिलकुल इतर नज़र आ रही है। यूपी में नेताओं की ‘परीक्षा’ यानी विधानसभा चुनाव अभी 16 महीने दूर हैं लेकिन कमोबेश सभी सियासी दल खासतौर पर राजग में सहयोगी दल से लेकर खुद भाजपा के विधायक जातीय जोड़-घटाना करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल सपा पीडीए को मजबूत करने में जुटी है। सपा जिलों-जिलों में ‘पीडीए’ सम्मेलन शुरू कर रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिन्दवी कहते हैं कि मंडल हो या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस ‘संगठन सृजन’ के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संगठन में 60 फीसदी हिस्सेदारी दलितों, मुस्लिमों और अन्य पिछड़ों की हो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल गठित की गई है और 14 जुलाई को भागीदारी न्याय सम्मेलन किया गया। खुद भाजपा में जातीय जोड़-घटाना जोरों पर है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अटकी होने के मद्देनज़र जातीय खेमे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपनी दावेदारी के संकेत दे रहे हैं। पहले आंवला में भाजपा के कद्दावर मंत्री धर्मपाल सिंह के जरिये लोध सम्मेलन किया गया। वहीं कुर्मियों की ओर से ‘सरदार पटेल बौद्धिक मंच’ के बैनर तले लखनऊ में सम्मेलन किया गया। इसके कर्ताधर्ता इंजीनियर अवनीश सिंह थे। उन्हें जलशक्ति मंत्री का सबसे करीबी माना जाता है। इस सम्मेलन में अपना दल के नेता आशीष पटेल ने भी जोरशोर से शिरकत की। इसके जरिये भी सियासी संदेश देने की कोशिश की गई। इसी तर्ज पर अलीगढ़ में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर ‘हिन्दू गौरव दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित कर ताकत दिखाई गई। वैसे यह कार्यक्रम हर वर्ष होता रहा है लेकिन चुनावों के मद्देनज़र इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर अति अन्य पिछड़ी जातियों की सियासत करने वाले निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने भी पुरानी मांग उठाना शुरू कर दी है। ‌उन्होंने दिल्ली में ताकत दिखाकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का प्रयास किया है कि अति पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा देने की उनके दल की मांग पर ध्यान दिया जाए। क्षत्रिय विधायकों में भी लामबंदी के प्रयास क्षत्रिय विधायकों ने भी लखनऊ के एक होटल में कुटुंब सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इसमें सपा से हटाए गए क्षत्रिय विधायकों अभय सिंह व राकेश सिंह ने भी शिरकत की थी। राजनीतिक विश्लेषक पूर्व आईजी अरुण कुमार गुप्ता कहते हैं-‘छोटे दलों ने यह कवायद विधानसभा चुनाव में टिकटों की दावेदारी के मद्देनज़र की है। इसे ताकत दिखाने और सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच तवज्जो मिलने की सौदेबाजी के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के धड़ों की यह मशक्कत प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चयन की दावेदारी के रूप में भी देखी जा रही है।  

केंद्र की नीति पर भड़के CM मान, राशन कार्ड काटने का किया विरोध

जालंधर/चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राशन कार्ड काटे जाने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोर होने के बाद अब राशन चोर बन गई है। सी.एम. भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पी.डी.एस. (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत लोगों के राशन कार्ड काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के नियम पंजाब के लिए अलग हैं लेकिन केंद्र इन नियमों की अनदेखी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 8 लाख 2 हज़ार 994 लोगों के राशन कार्ड काट रही है, जिससे लगभग 32 लाख लोग मुफ़्त राशन से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसी का राशन नहीं छीनने देगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए जा रहे कैंपों के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी का निजी डेटा कैसे ले सकती है। वह 1000 रुपये की योजना के लिए कोई डेटा नहीं मांगते। वह किसी महिला का आधार, पैन या राशन कार्ड नहीं मांगते। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड क्यों मांग रही है। जनता ही इसे नया बनाने में जुट गई है। वे पहले अपनी योजना लाते हैं। जिसमें पहले चूल्हा देते हैं, फिर घर बनाने की योजना देते हैं और बाद में कहते हैं कि आपके पास चूल्हा और घर है, लेकिन आप इस योजना के पात्र नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राशन कार्ड काटने का भी एक मानदंड तय कर दिया है, जिसमें अगर आपके पास चार पहिया वाहन है, 25 लाख से अधिक का टर्नओवर है, ढाई एकड़ से अधिक जमीन है या आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं, तो राशन कार्ड कट जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सवाल उठाते हुए कहा कि कभी-कभी एक भाई को सरकारी नौकरी मिल जाती है। सरकारी नौकरी मिलने के बाद वह दूसरे शहर में शिफ्ट हो जाता है। परिवार के बाकी सदस्यों का क्या होगा? अगर जिसके नाम कार्ड है, उसके नाम पर गाड़ी है, तो बाकी लोगों का क्या कसूर है। आप पूरे परिवार को भूखा मार देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भगवंत मान मुख्यमंत्री हैं, तब तक किसी का राशन कार्ड नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब तक 1 करोड़ 53 लाख लाभार्थियों को राशन वितरित किया जा रहा है। लेकिन उनका कहना है कि उनमें से कई फर्जी हैं। पंजाब सरकार ने 1 करोड़ 29 लाख का सत्यापन कर लिया है, बाकी के लिए समय दें। वे कार्ड कैसे रद्द कर सकते हैं? वह केंद्र सरकार से 6 महीने का समय मांग रहे हैं।

इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया." इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं.  बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे! आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं." इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले. ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए." आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."  

जापान दौरे पर CM साय: डीप स्पेस मिशन से सीखे अनुभव, अंतरिक्ष क्लस्टर परियोजना को मिलेगी मजबूती

  रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जापान दौरे का आज दूसरा दिन है. उन्होंने राजधानी टोक्यो में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित  ‘डीप स्पेस – टू द मून एंड बियॉन्ड’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष नवाचारों का यह समृद्ध अनुभव, राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित होने वाले अंतरिक्ष निर्माण क्लस्टर को सशक्त दिशा प्रदान करेगा. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.