samacharsecretary.com

5 लाख का इनामी माओवादी कमांडर चढ़ा पुलिस के हत्थे, छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई

राजनांदगांव/मोहला माओवाद प्रभावित मानपुर इलाके में संयुक्तबल ने मुठभेड़ के बाद एक माओवादी को गिरफ्तार किया है। बुधवार की शाम मदनवाड़ा क्षेत्र में माओवादियों से संघर्ष के दौरान जवानों ने औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी कमांडर श्रीकांत पुनेम को दबोच लिया। आधी रात को सुरक्षाबल की पार्टी उसे लेकर मोहला पहुंची। जानकारी के मुताबिक पूरी रात उससे पूछताछ की गई। दोपहर को पुलिस महकमे ने उसे सामने लाया और गिरफ्तारी की पुष्टि की। आठ लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम के कब्जे से आर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित 9एमएम की पिस्टल, कारतूस, माओवादी दस्तावेज, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।   पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी श्रीकांत पुनेम 2010 से संगठन में काम कर रहा है। 2023 में वह माड़ क्षेत्र से आरकेबी डिविजन में आया। इसके बाद से वह यहीं छिपता घूम रहा था। कई दिनों से खुफिया एजेंसियां उसके मूवमेंट की इनपुट दे रही थी। बुधवार की सुबह पुलिस को उसकी खुर्सेकला क्षेत्र में मौजूदगी की ठोस जानकारी मिली। मदनवाड़ा के बसेली कैंप के करीब इस हिस्से के लिए सुबह खुर्सेखुर्द जंगल में डीआरजी और आइटीबीपी के संयुक्त बल ने एरिया डोमिनेशन अभियान शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबल आमाटोला की ओर से खुर्सेकला होकर खुर्सेखुर्द की ओर बढ़ रहे थे, तभी शाम करीब चार बजे माओवादियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और जंगल में घेराबंदी की। घने जंगल का फायदा उठाकर अधिकांश माओवादी फरार हो गए, लेकिन मौके से एक माओवादी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम, निवासी ग्राम सावनार, थाना गंगलूर, जिला बीजापुर के रूप में बताई। औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का कमांडर पकड़ा गया आरोपित माओवादी संगठन का डीवीसी सदस्य व औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का सक्रिय कमांडर है। उसके विरुद्ध थाना मदनवाड़ा में बीएनएस की धारा 109(1), आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 10, 13, 38(2), 39(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपित के कब्जे से 9एमएम पिस्टल मय मैगजीन (चार जिंदा कारतूस सहित), दो खाली खोखे (9 एमएम), तीन खाली खोखे (एके-47), एक स्मार्टफोन, एक पावर बैंक, नकदी 11 हजार रुपये और माओवाद साहित्य बरामद हुए हैं। डीआरजी, आइटीबीपी ने पूरा किया आपरेशन इस ऑपरेशन में थाना मानपुर से डीआरजी के 27 जवान, थाना मदनवाड़ा से आईटीबीपी 27वीं वाहिनी की डी कंपनी के सहायक कमांडेंट बलवीर सिंह के नेतृत्व में 30 जवान और कैंप बसेली से आईटीबीपी 44वीं वाहिनी के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माओवादी संगठन को इस कार्रवाई से बड़ा झटका लगा है। कमांडर की गिरफ्तारी से संगठनात्मक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा। पुलिस का कहना है कि फरार माओवादियों की तलाश के लिए जंगल में सघन सर्चिंग अभियान जारी है। आगे की जांच जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, श्रीकांत किन-किन मामलों में शामिल रहा है इसकी जांच की जा रही है। पुलिस इस गिरफ्तारी को काफी महत्वपूर्ण बता रही है। दरअसल, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ माओवादी छिपते फिर रहे हैं। इनकी खोजबीन लगातार जारी है। श्रीकांत से इनके इनपुटस जुटाने में पुलिस को बड़ी मदद मिल सकती है।  

एक बगिया मां के नाम: 15 अगस्त से शुरू होगा पौधे लगाने का कार्य

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएगी मध्यप्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूह की 16 हजार से अधिक महिलाओं ने बगिया लगाने का पंजीयन भोपाल स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रदेश में "एक बगिया मां के नाम" परियोजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलोद्यान की बगिया विकसित की जाएगी। अब तक स्वयं सहायता समूह की 16 हजार 752 से अधिक महिलाओं ने परियोजना का लाभ पाने के लिए पंजीयन कराया है। पंजीयन "एक बगिया मां के नाम" ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्‌ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए कटीले तार की फेंसिंग और सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि प्रदान की जाएगी। इलेक्ट्रानिक डवलपमेंट कार्पोरेशन ने किया ऐप का निर्माण "एक बगिया मां के नाम" परियोजना का लाभ लेने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन एक बगिया मां के नाम ऐप से किया जा रहा है। ऐप का निर्माण मनरेगा परिषद द्वारा MPSEDC के माध्यम से कराया गया है। हितग्राही का चयन ऐप के माध्यम से किया जाएगा। चयनित महिला हितग्राही के नाम पर भूमि नहीं होने की दशा में उस महिला के पति-पिता-ससुर-पुत्र की भूमि पर उनकी सहमति के आधार पर पौधरोपण किया जाएगा। पहली बार अत्याधुनिक तकनीक से होगा पौधरोपण प्रदेश में पहली बार अत्याधुनिक तरीके पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद ली जा रही है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पौधरोपण के लिए जमीन का चयन वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से किया गया है। जमीन चिन्हित होने के बाद सॉफ्टवेयर की मदद से ही भूमि का परीक्षण किया गया है। जलवायु के साथ ही किस जमीन पर कौन सा फलदार पौधा उपयोगी है, पौधा कब और किस समय लगाया जाएगा, पौधों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी कहा पर उपलब्ध है, यह सब वैज्ञानिक पद्धति (सिपरी सॉफ्टवेयर) के माध्यम से पता लगाया जा रहा है। साथ ही, जमीन के उपयोगी नहीं पाए जाने पर पौधरोपण का कार्य नहीं होगा। पौधरोपण का कार्य बेहतर ढंग से हो इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। 31 हजार 300 महिलाओं को मिलेगा लाभ “एक बगिया माँ के नाम’’ परियोजना अंतर्गत प्रदेश की 31 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। इनकी निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाएं जाएंगे, जो समूह की महिलाओं की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेंगे। हर ब्लॉक में 100 हितग्राहियों का किया जाएगा चयन "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनतम 100 हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। चयनित हुई समूह की पात्र महिलाओं को बकायदा प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण महिलाओं को वर्ष में दो बार दिया जाएगा। न्यूनतम 0.5, अधिकतम 1 एकड़ जमीन होगी अनिवार्य "एक बगिया मां के नाम" परियोजना का लाभ लेने के लिए चयनित हुई समूह की महिला के पास बगिया लगाने के लिए भूमि भी निर्धारित की गई है। चयनित महिला के पास न्यूनतम 0.5 या अधिकतम एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है। प्रति 25 एकड़ पर एक कृषि सखी की होगी तैनाती फलोद्यान की बगिया लगाने के लिए चयनित हितग्राहियों की सहायता के लिए कृषि सखी की तैनाती की जाएगी। कृषि सखी हितग्राहियों को खाद, पानी, कीटों की रोकथाम, जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तैयार कराने और अंतरवर्तीय फसलों की खेती के बारे में जानकारी प्रदान करेंगी। ड्रोन-सैटेलाइट इमेज और डैशबोर्ड से निगरानी पौधरोपण का कार्य सही ढंग से हो रहा है या नहीं, पौधे कहा लगे हैं, कहा नहीं लगे हैं, इसकी ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से बकायदा निगरानी भी की जाएगी। साथ ही पर्यवेक्षण के लिए अलग से एक डैशबोर्ड भी बनाया गया है। प्रदर्शन के आधार पर प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत एवं 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। हितग्राहियों के चयन में टॉप 10 जिले "एक बगिया मां के नाम" परियोजना के लिए हितग्राहियों के चयन में 6 अगस्त की स्थिति में 10 जिले अग्रणी हैं। इनमें देवास,खंडवा, बैतूल, सिंगरौली, शिवपुरी, झाबुआ, रायसेन, अशोकनगर, धार, विदिशा जिला शामिल है। जल्‍द पूरी कर ली जायेगी महिला हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया एसआरएलएम सीईओ एवं प्रभारी आयुक्‍त मनरेगा श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया कि "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अन्‍तर्गत पात्र महिला हितग्राहियों का चयन किया जा रहा है। अब तक 16 हजार से अधिक महिला हितग्राहियों का चयन एक बगिया मां के नाम ऐप से किया जा चुका है। जल्‍द ही हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। 15 अगस्‍त से पौधे लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।  

8 अगस्त को भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: सौ साल बाद बना दुर्लभ योग, देखें शुभ चौघड़िया मुहूर्त

इंदौर इस बार 100 साल बाद भद्रा रहित निर्विघ्न राखी 9 अगस्त को मनाई जाएगी। इसके चलते पूरे दिन बहन-भाई की कलाई पर रेशम की डोर बांध सकेगी। भ्रदा में राखी बांधना और होलिका दहन निषेध बताया गया है।भाई-बहन के स्नेह के पर्व पर दुर्लभ नवपंचम योग भी रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 2.24 बजे तक रहेगा।साथ इस दिन सूर्य व बुध कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, गुरु एवं शुक्र मिथुन, राहु कुंभ व केतु सिंह राशि में रहेगा। 9 अगस्त को बन रहे दुर्लभ महासंयोग में मनेगा रक्षाबंधन, आखिरी बार 1930 में बना था     ज्योतिर्विद् विनायक त्रिवेदी के अनुसार रक्षा बंधन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को भद्रा रहित तीन मुहूर्त या उससे अधिक व्यापिनी पूर्णिमा तिथि को अपरान्ह व व प्रदोष काल में मनाया जाता है।     पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2.12 बजे से 9 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे तक रहेगी।     भद्रा भी पूर्णिमा के साथ 8 अगस्त को शुरू होकर रात 1.49 बजे तक रहेगी।     सूर्योदय से पहले भद्रा के समाप्त होने से पर्व इस बार निर्विघ्न रूप से मनाया जाएगा।     9 अगस्त को श्रवण नक्षत्र और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा।     इसके स्वामी शनि है और इस दिन शनिवार है।     शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु एवं सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा हैं।     इसके चलते यह पर्व सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा एवं जगत के पालनहार भगवान विष्णु के साक्षी में मनेगा।   इस बार Raksha Bandhan पर भाई की कलाई पर बांधे शुद्ध वैदिक राखी, जानें इसका महत्व चौघड़िया अनुसार राखी बांधने का समय शुभ : सुबह 07.39 से 09.16 बजे तक। चर : दोपहर 12.29 से 02.06 बजे तक। लाभ : दोपहर 2.07 से 03.43 एवं शाम 6.56 से 8.20 बजे तक। अमृत : दोपहर 3.44 से शाम 05.20 बजे तक।

पुलिस महानिदेशक मकवाना से वन बल प्रमुख अम्बाडे़ ने की भेंट

भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना से प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात में प्रदेश स्तर पर विभिन्न टाईगर स्ट्राइक फोर्स की बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। इससे प्रदेश में जानवरों के अवैध शिकार को नियंत्रित किया जा सकेगा। पुलिस विभाग के सहयोग से अवैध अतिक्रमणों को हटाने एवं संगठित रूप से हो रही लकड़ी चोरी को रोकने में सहयोग भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।  

दिल्ली में म.प्र. के सरकारी भवनों के सोलराइजेशन के लिए हुई प्री-बिड मीटिंग

मीटिंग में रेस्को मॉडल पर सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का हुआ समाधान भोपाल  अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों के सौर ऊर्जीकरण के लिये गुरूवार को प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के श्री अमनबीर सिंह बैंस ने वेंडर्स को प्रेजेंटेशन देकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। बैठक में मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी भवनों के RESCO मॉडल पर आधारित सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का समाधान किया गया। इसमें 70 से अधिक प्रतिभागियों ने सोलराइजेशन के संबंध में अपने विचार रखे। एसीएस श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि सौर ऊर्जीकरण के लिये की जा रही यह प्री-बिड मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी भवनों पर बिना किसी अग्रिम निवेश के सोलर प्लांट लगाए जाएँगे, इससे बिजली के बिल में भी बचत होगी। 

चोरी का खुलासा: जेवर और नकदी पर किया हाथ साफ, पुलिस के सामने कुबूलनामा

बेमेतरा बेमेतरा जिले में पुलिस ने सोने-चांदी के जेवर व नगदी रकम चोरी करने वाले आरोपी को पकड़ा है। आरोपी ने घर में घुसकर 2.15 लाख रुपये और 50 हजार के आभूषण की चोरी की थी। मामला नांदघाट थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी भुनेश्वर यादव ने बताया कि प्रार्थिया कलिन्द्री साहू पति स्व. गौकरण साहू उम्र 60, निवासी मेहना थाना नांदघाट जिला बेमेतरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके अपने आवेदन में बताया कि 3-4 अगस्त की दरमियानी रात में कोई अज्ञात चोर घर का दरवाजा तोड़कर घर अंदर रखे पेटी से दो लाख 15 हजार रुपये नगद और 50 हजार रुपये कीमत के आभूषण की चोरी की है। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। विवेचना के दौरान आरोपी राकेश साहू ऊर्फ लल्लू उम्र 32 वर्ष, निवासी मेहना थाना नांदघाट को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो लाख 43 हजार 900 रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया है।

‘योगी राज’ में नहीं बचेगा अपराध! पत्रकार हत्याकांड के दोषी एनकाउंटर में ढेर

सीतापुर उत्तर प्रदेश की योगी एंव उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है इसी कड़ी में सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के मामले में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम से मुठभेड़ में मारे गये। घायल अवस्था में एसटीएफ ने बदमाशों को पहुंचाया अस्पताल  अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि छह और सात अगस्त की मध्यरात्रि को एसटीएफ की नोएडा इकाई और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम की पिसावां थाना क्षेत्र में बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें सीतापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृत बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान तथा संजय तिवारी उर्फ शिब्बू के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई के हत्या के मामले में वांछित थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।  पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड बदमाश चल रहे थे फरार  सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड मामले के वांछित दो अभियुक्त हरदोई-सीतापुर की सीमा से होकर गुजरने वाले हैं। इस पर पुलिस और एसअीएफ की संयुक्त टीम रवाना की गई। उन्होंने बताया कि पिसावां थाना क्षेत्र में जब पुलिस जांच और घेराबंदी कर रही थी तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध जाते दिखाई दिये। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो रुकने के बजाय उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में राजू तिवारी और संजय तिवारी को गोली लगी। बीते इसी मार्च में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हुई थी हत्या  सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के विकासनगर निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई (36) की इसी साल आठ मार्च को मोटरसाइकिल से सीतापुर जाते हुए रास्ते में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज हेमपुर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर हत्या, लूट और डकैती सहित 24 से अधिक मामले दर्ज थे। राजू उर्फ रिजवान ने साल 2006 में लखीमपुर खीरी जिले में उप निरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी और उनके सरकारी रिवॉल्वर को लूट लिया था। इसी तरह संजय तिवारी ने वर्ष 2011 में सीतापुर के मछरेहटा में देवी सहाय शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।   

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री साय

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

कुबेरेश्वर धाम हादसा: भीड़ और शोर बना काल, प्रशासन ने 8 डीजे ऑपरेटरों पर दर्ज किया केस

सीहोर कुबेरेश्वर धाम से एक 40 वर्षीय युवक अनिल पिता महावीर को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। मृतक अस्थमा का मरीज भी था। मृतक ग्राम खेड़ा कला, दिल्ली निवासी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान तीन दिन में सात मौत हो चुकी हैं। छठे मृतक की पहचान उपेन्द्र गुप्ता पिता प्रेम गुप्ता उम्र 22 निवासी जिला गोरखपुर तहसील पिपराइच बड़ा टोला उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कुबेरेश्वर धाम पर अब तक हुई 7 लोगों की मौत में दो महिलाओं की मौत धक्का मुक्की के दौरान हुई थी। चार लोगों की मौत प्राकृतिक तौर पर हुई है। गुरुवार को ही दूसरी और अब तक सातवीं मौत अनिल पिता महावीर की हुई है।   8 डीजे संचालकों पर सीहोर पुलिस की कार्रवाई 6 अगस्त को कोतवाली पुलिस सीहोर द्वारा बिना अनुमति के तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर राजमार्ग अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने वाले आठ डीजे संचालकों पर कार्रवाई की गई है। 6 अगस्त को सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सीवन नदी सीहोर से जल भरकर कुबरेश्वर धाम तक कावड़ यात्रा निकाली जा रही थी, जिसके कारण सीहोर से लेकर कुबरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ थी जो पैदल-पैदल कांवड़ लेकर जा रहे थे, जिसके कारण हाईवे पर अधिक ट्रैफिक था। ऐसे में कुछ डीजे संचालक ध्वनि तीव्रता की निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजा रहे थे व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा अलग-अलग जगह से आठ डीजे जब्त कर उनके विरुद्ध मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। इन वाहनों को किया गया जब्त जब्त किए गए डीजे में वाहन क्रमांक एमपी 14 एच बी 0125 त्रिनेत्र डीजे संचालक निखिल कुमार पिता सुरेश परमार आयु 25 साल निवासी बड़ोदरा गुजरात एमपी 09एचएफ9586 नटराज डीजे कुशवाहा पिता राजाराम कुशवाहा निवासी मुबारकपुर भोपाल, यूपी 78 सीटी 6178 कसाना डीजे संचालक राजा सोलंकी पिता कन्हैयालाल सोलंकी निवासी पटेल कॉलोनी बढ़िया खेड़ी सीहोर, सीजी 07 सीएन 3589 संचालक स्वदेश छीरेले पिता राम नारायण छीरेले निवासी कैंप भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़, एमपी 04 एच ई 1058 बाबा डीजे संचालक कमलेश कुशवाह पिता कैलाश कुशवाहा निवासी मोती बाबा मंदिर के पास सीहोर, एमपी 13 एच 2008 प्रशांत डीजे संचालक अश्विन काटने पिता गौतम कथा ने निवासी सर्वदा कॉलोनी कोलार रोड सी सेक्टर भोपाल, एमपी 09 एच जे 8861 संचालक बाबूलाल पिता ब्रिजी मातो निवासी ग्राम बगला थाना चंदनक्यारी जिला बोकारो झारखंड, यूपी 53 ईटी 2782 संचालक राजेंद्र प्रताप प्रेमचंद उम्र 27 साल निवासी अंबेडकर नगर थाना अरहवली जिला उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

AAP की मुश्किलें बढ़ीं! ‘फांसी घर’ केस में केजरीवाल समेत कई नेताओं को नोटिस का अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में इस समय विधानसभा परिसर में फांसी घर पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच रार छिड़ी हुई है। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता इसे इतिहास का हवाला देकर गलत ठहरा चुके हैं। बीते तीन दिनों से दिल्ली विधानवसभा में इसे लेकर बहस जारी है। इसी सिलसिले में आज एक कदम और आगे बढा़ते हुए स्पीकर ने इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ी तो इसके लिए अरविंद केजरीवाल को भी समन किया जा सकता है। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पहले सदन को बताया था कि जिस संरचना का 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से फांसी घर के रूप में नवीनीकरण और उद्घाटन किया गया था, वह वास्तव में रिकॉर्ड के अनुसार एक टिफिन रूम था। विधानसभा परिसर का 1912 का नक्शा दिखाते हुए, उन्होंने बुधवार को कहा था कि ऐसा कोई दस्तावेज या सबूत नहीं है जो यह दर्शाता हो कि उस जगह का इस्तेमाल फांसी देने के लिए किया गया था। गुरुवार को इस मामले पर निर्देश देते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्होंने इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा है। उन्होंने कहा, "समिति पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को तलब करेगी।" उन्होंने अपने आरोप को दोहराया कि फांसी घर के नाम पर झूठ फैलाया गया और इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया। उन्होंने सदन में कहा कि फांसी घर के बाहर लगी केजरीवाल के नाम वाली पट्टिका हटाई जाएगी। इसे टिफिन रूम दर्शाने वाला 1912 का नक्शा भी प्रदर्शित किया जाएगा।