samacharsecretary.com

रतलाम मंडल को मिली स्पेशल ट्रेन की सौगात, स्टॉपेज और टाइमिंग की पूरी जानकारी यहां

रतलाम  त्योहारों के दौरान रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ जाती है। साथ ही ट्रेनों में सफर करने के लिए सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। त्योहारों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने स्पेशल ट्रेन शुरू करने की व्यवस्था की है। यह ट्रेनें रतलाम मंडल के कई रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इससे यहां के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, रतलाम मंडल से कोयंबटूर से जयपुर और सांगानेर से बांद्रा के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। गाड़ी संख्या 06181/06182 कोयंबत्तूर-जयपुर स्पेशल दोनों दिशाओं में 5-5 फेरे लगाएगी। वहीं, गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल 7 और 14 अगस्त को चलेगी। त्योहारों में ट्रेन लगाएगी 5-5 फेरे गाड़ी संख्या 06181 कोयंबत्तूर से जयपुर के लिए 7 अगस्त से 4 सितंबर, 2025 तक हर गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन शुक्रवार को दोपहर 1:25 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस दौरान वह रतलाम मंडल में इस ट्रेन का ठहराव रतलाम (03:05/03:15), जावरा (03:55/03:57), मंदसौर (04:42/04:47), नीमच (05:55/05:57), चित्तौड़गढ़ (07:10/07:15) और चंदेरिया (07:43/07:45) स्टेशनों पर होगा। वापसी में ये रहेगा टाइमिंग वापसी में गाड़ी संख्या 06182 जयपुर से कोयंबत्तूर के लिए 10 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक हर रविवार को रात 10:05 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बुधवार को सुबह 8:30 बजे कोयंबत्तूर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसका ठहराव चंदेरिया (03:18/03:20), चित्तौड़गढ़ (03:30/03:35), नीमच (04:20/04:22), मंदसौर (05:05/05:10), जावरा (06:20/06:22) और रतलाम (07:00/07:10) स्टेशनों पर होगा। इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज इस स्पेशल ट्रेन में थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और स्लीपर श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में तिरुप्पूर, ईरोड, सेलम, जोलारपेट्टै, काटपाड़ी, रेणिगुंटा, कड़पा, यर्रगुंटला, गुत्ती, डोन, कुर्नूल, गदवाल, महबूबनगर, काचीगुडी, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा, हिंगोली, वाशिम, अकोला, भुसावल, जलगांव, नंदुरबार, उधना, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच, चित्‍तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर और किशनगढ़ सहित कई अन्य स्टेशनों पर भी रुकेगी। बांद्रा-सांगानेर स्पेशल ट्रेन त्योहार सीजन में गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन रात 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। यह ट्रेन शुक्रवार को सुबह 03:00 बजे रतलाम और 03:58 बजे नागदा पहुंचेगी। यह ट्रेन 7 अगस्त से 14 अगस्त के बीच चलेगी। वापसी का ये रहेगा शेड्यूल वापसी में यह ट्रेन संख्या 09024 शुक्रवार को सांगानेर से शाम 04:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन शनिवार रात 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन सांगानेर से 8 और 15 अगस्त के बीच चलेगी। ट्रेन रतलाम मंडल के नागदा स्टेशन पर रात 12:15 बजे पहुंचेगी। वहीं, रात 12:50 बजे रतलाम पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों स्टॉपेज रहेगा।

संभल में धार्मिक स्थलों के लिए 659 करोड़ की योजना, योगी बोले– होगा भव्य विकास

सम्भल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज  में 659 करोड़ की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया,  इस अवसर पर उन्होंने सम्भल में उत्खनन के दौरान प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों का निरीक्षण किया एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा सम्भल तो हम सभी के लिए आस्था का प्रतीक है, उन्होंने कहा हरि और हर यानि विष्णु और शिव दोनों का जहाँ एक साथ दर्शन हो सके वो है हरिहर, वो है सम्भल, विष्णु का अवतार इसी सम्भल में होगा, हमारे ग्रंथों ने ये माना है लेकिन कुछ लोगों को ये विवादित विषय लगता है क्योंकि जिनकी प्रष्ठभूमि ही विवादित है उन्हें हिन्दू परंपरा में विवाद नजर आता है लेकिन ये विवाद का विषय नहीं हो सकता। सम्भल की विरासत को वापस सहेजा जायेगा  योगी ने कहा सम्भल एक सच्चाई है, इसका उल्लेख ग्रंथों में है, यहाँ 68 तीर्थ थे 19 कूप थे,  परिक्रमा का मार्ग था सब कुछ था लेकिन बर्बर विदेशी आक्रान्ताओं ने इसे नष्ट कर दिया, अपवित्र किया, उसके बाद कब्ज़ा किया, मार्ग तोड़ दिया गया, 24 कोस और 84 कोस के मार्ग को बाधित किया गया इस सच को छिपाने का कुत्सिक प्रयास किया लेकिन लोकमाता अहिल्बाई ने इसके पुनरुद्धार का कार्य, उसके बाद भी सम्भल की विरासत के साथ खिलवाड़ जारी रहा लेकिन लेकिन अब हमारी सरकार ने तय किया है कि 68 के 68 तीर्थों, 19 के 19 कूपों, परिक्रमा मार्ग के पुनरुद्धार का कार्य डबल इंजन सरकार कराएगी। पाप करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी  जिन लोगों ने सम्भल के साथ पाप किया था, उनको उसके पाप की सजा मिलेगी, जिन लोगों ने भी सम्भल को विकास से वंचित किया था, उनको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, जो लोग सम्भल दंगाग्रस्त करते थे सनातन धर्म के इन पवित्र स्थलों को अपवित्र करते थे उन्हें इसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी और आपको इसी बात का आश्वासन देने के लिए संभल आना पड़ा है। विरासत को कलंकित करने वालों को सबक सिखाएंगे योगी ने कहा हम विकास भी करेंगे और लोक-कल्याण भी करेंगे, बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ भी जन-जन को प्रदान करेंगे व भारत की विरासत को कलंकित करने वालों को सबक भी सिखाएंगे। उन्होंने कहा आज भगवान कल्कि की पावन धरा जनपद सम्भल के जिलाधिकारी कार्यालय एवं एकीकृत आवासीय भवन के साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा पावन पर्व रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व प्राप्त इन सौगातों के लिए जनपद वासियों एवं लाभार्थियों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देता हूँ।

आवास योजना में राहत! सीएम योगी ने लॉन्च की सस्ती घर योजना, जानें पूरी डिटेल

आगरा आगरा के ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडई में विकसित होने जा रही अटलपुरम टाउनशिप के पहले चरण में सेक्टर-1 में 322 भूखंडों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुक्रवार से शुरू होंगे। बुधवार को एडीए में तैयारियां पूर्ण हो गईं।   भूखंड खरीद के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। एडीए की वेबसाइट www.adaagra.org.in और जनहित पोर्टल https://janhit.upda.in पर पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए 1100 रुपये ब्रोशर शुल्क और भूखंड मूल्य का सामान्य श्रेणी में 10 प्रतिशत, आरक्षित श्रेणी में 5 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद लॉटरी ड्राॅ खुलेगा। लॉटरी ड्राॅ के माध्यम से ही भूखंड आवंटन होगा। सेक्टर-1 के बाद सेक्टर-2 और 3 के पंजीकरण खोले जाएंगे। फिलहाल सिर्फ आवासीय भूखंडों की बिक्री होगी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अटलपुरम टाउनशिप योजना की लाॅन्चिंग की। बुधवार को जयपुर हाउस स्थित एडीए दफ्तर में दिनभर पंजीकरण शुरू कराने की कवायद चलती रही। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नियम व शर्तें जारी हो गई हैं। पंजीकरण के लिए दोनों ऑनलाइन पोर्टल व वेबसाइट पर सेक्टर-1 के भूखंडों का ब्योरा फीड कराया जा रहा है। आरक्षण श्रेणी के अनुसार ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी भूखंडों की बिक्री होगी।   ऋण से लेकर हेल्प डेस्क की सुविधा एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि भूखंडों की बिक्री के लिए 6 सदस्यीय टीम बनाई है। एक हेल्प डेस्क खोली जाएगी। एक व्यक्ति संपत्ति विभाग, एक साइट पर, एक बैंक ऋण और एक हेल्प डेस्क पर तैनात रहेगा। किसी भी कार्य दिवस में खरीद के इच्छुक व्यक्ति साइट का निरीक्षण कर सकते हैं। भूखंडों की बिक्री जहां है जैसा है के आधार पर होगी।   ताजमहल से 12, हवाई अड्डे से 15 किमी. की दूरी अटलपुरम टाउनशिप ग्वालियर हाईवे स्थित ककुआ और भांडई गांव में बन रही है। इसकी ताजमहल से 12 किमी. और हवाई अड्डे से 15 किमी. दूरी है। ईदगाह बस स्टैंड और कैंट रेलवे स्टेशन से 12 किमी. दूरी पर स्थित अटलपुरम के पास भांडई रेलवे जंक्शन होगा। इसे एनएच-44 के अलावा इनर रिंग रोड के रास्ते लखनऊ और नोएडा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।   भूखंडों का क्षेत्रफल   भूखंड श्रेणी क्षेत्रफल भूखंडों की संख्या दर प्रति वर्गमीटर पंजीकरण शुल्क आरक्षित के लिए पंजीकरण शुल्क सामान्य ईडब्ल्यूएस 33 से 40 वर्ग मी. 81 29,500 59,000 रु 1,18,000 रु. एलआईजी 41 से 50 वर्ग मी. 78 29,500 रु 73,750 रु 1,47,500 रु. एमआईजी-1 51 से 75 वर्ग मी. 75 29,500 रु 1,10,625 रु 2,21,250 रु. एमआईजी-3 101 से 150 वर्ग मी 80 29,500 रु 2,21,250 रु 4,42,500 रु. एचआईजी: 151 से 300 वर्ग मी 8 29,500 रु 4,42,500 रु 8,85,000 रु.   भूखंडों के लिए आरक्षण चार्ट – अनुसूचित जाति: 21 प्रतिशत – अनुसूचित जनजाति: 2 प्रतिशत – अन्य पिछड़ा वर्ग: 27 प्रतिशत – सांसद, विधायक व स्वंतत्रता सेनानी: 5 प्रतिशत – 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा सेवा कर्मचारी: 5 प्रतिशत – आवास विकास, प्राधिकरण, जलकल व नगर निगम व निकाय कर्मियों के लिए: 2 प्रतिशत – दिव्यांगजन: 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण – वरिष्ठ नागरिक: 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण  

डॉ. यादव 8 अगस्त को देंगे राहत की सौगात, बाढ़ प्रभावितों को मिलेगा आर्थिक सहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

जमजम बेकरी पर प्रशासन की कार्रवाई, लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जारी था उत्पादन

खरगोन  लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बावजूद बेकरी संचालित करना भारी पड़ गया। टीम ने भारी मात्रा में टोस्ट जब्त कर बेकरी पर ताला जड़ दिया है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय स्थित जमजम बेकरी को विभिन्न अनियमिताओं के चलते सील कर नौ क्विंटल टोस्ट जब्त किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई खरगोन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच एल अवास्या ने बताया कि जिला कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने करीम नगर स्थित जमजम बेकरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने खाद्य पदार्थ पाम तेल, मैदा और टोस्ट का नमूना संग्रहित कर जांच हेतु भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा है। नौ क्विंटल टोस्ट जब्त बेकरी में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006, नियम 2011 के प्रावधानों के तहत पैकेजिंग एवं लेबलिंग में अनियमितता पाए जाने एवं खाद्य लाइसेंस निरस्त होने पर भी संचालन किये जाने पर 9 क्विंटल टोस्ट जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में बेकरी का निरीक्षण किए जाने पर विभिन्न अन-हाइजीनिक कंडीशंस और अनियमितता पाई गई थी। बेकरी संचालक को सेक्शन 32 के तहत नोटिस दिया गया था, लेकिन उसके निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद बेकरी को संचालित किए जाने पर टीम द्वारा छापा मार कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

भोपाल में नशे के खिलाफ कार्रवाई, 1.75 लाख की स्मैक के साथ युवक दबोचा गया

भोपाल  राजधानी में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5.84 ग्राम स्मैक के साथ एक 20 वर्षीय युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.75 लाख आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम आदित्य नामदेव है। आरोपी विज्ञान भवन के सामने लाल ग्राउंड क्षेत्र में स्मैक की डिलीवरी के इरादे से खड़ा था। इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उसे धर दबोचा। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बतया कि क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक नशे की खेप लेकर विज्ञान भवन के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर आदित्य नामदेव को पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से डिलीवरी बॉय है, लेकिन स्मैक की अवैध तस्करी में भी संलिप्त था। आरोपी के खिलाफ पहले से कटारा हिल्स थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और यह नेटवर्क कहां तक फैला है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी आदित्य को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच अब इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है ताकि नशे के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

दफ्तरों में टिके पुलिसकर्मियों की होगी छंटनी, थानों में भेजने के आदेश जारी

भोपाल  पुलिस मुख्यालय द्वारा व्यवस्था के बदलाव की दिशा में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे है। अब अधिकारियों के कार्यलयों में बरसों से अटैच पुलिसकर्मियों को मूल पदस्थापना में भेजने के डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को वापस थानों में भेजा जाए। इसी के साथ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा यानी कार्यों का मूल्यांकन कर सूची तैयार करने के लिए भी कहा गया है। कर्मचारियों का होगा रोटेशन बता दें, कुछ दिन पूर्व पीएचक्यू में ऐसे भी पुलिसकर्मी अटैच रहे, जोकि कई महीनों से दफ्तर ही नहीं आते थे। विदिशा और फिर सीहोर जिले में ऐसे दो पुलिसकर्मियों को जांच के दौरान लापता पाया गया। इस बात को लेकर भी पुलिस विभाग का मजाक बना था। डीजीपी मकवाना ने नियम के अनुसार मुयालय में अटैच और पदस्थ कर्मचारियों का रोटेशन करने को कहा है। ऐसे अधिकारी जो लंबे समय से दफ्तर में मौज काट रहे हैं अब उन्हें थानों में वापस लौटाया जाएगा। अफसरों के चालकों का होगा रोटेशन पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं में जरूरत से ज्यादा लोग हैं। लिहाजा दफ्तर का प्रबंधन बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के नियमानुसार रोटेशन करने के लिए निर्देशित किया गया है। खासतौर पर उन वाहन चालकों का रोटेशन किया जाए, जो लंबे समय से एक ही अधिकारी के साथ या थानों पर कार्यरत हैं।

अनोखी शादी की अनोखी बारात, नदी पार कर नाव से दुल्हन लेने पहुंची बारात

बलिया यूपी के बलिया में एक अनोखी शादी देखने को मिली है। यहां पर गंगा नदी में आई बाढ़ से सड़क मार्ग बंद हो जाने के कारण बिहार से एक बारात नाव पर सवार होकर बलिया पहुंची। नाव पर सवार बारातियों को नदी की मौजों से बेखबर पूरे उत्साह से तालियां बजाते हुए मंजिल की तरफ बढ़ने का यह नजारा ग्रामीणों के लिए कौतूहल भरा रहा। यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।  बाढ़ के कारण शादी पर लगा ग्रहण जानकारी के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिला के नैनीजोर लाल डेरा गांव के रहने वाले कमलेश राम के बेटे राजेश कुमार की शादी बलिया के बेयासी गांव में तय हुई थी। शादी की तैयारियों के बीच बक्सर जिला भारी बारिश के कारण गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया। बाढ़ की वजह से सारे रास्ते जलमग्न होकर बंद हो गए। सड़क मार्ग के पूरी तरह जलमग्न हो जाने से बारात लेकर जाना मुश्किल हो गया। कमलेश राम ने बताया कि बाढ़ के कारण शादी पर ग्रहण लग गया। ऐसी विषम स्थिति में परिवार ने नाव से बारात ले जाने का फैसला किया।  सज धज के निकली नाव  गंगौली गांव के पास तटबंध के नीचे से एक सजी-धजी नाव पर बारात निकली। दूल्हा राजेश साफा पहन कर पारंपरिक पोशाक में नाव पर बैठा और उसके साथ तकरीबन 25 बाराती दो नावों पर सवार होकर निकले। नाव पर कोई डीजे नहीं था, न ही बैंड-बाजा लेकिन गंगा की लहरों की थपकी और नाविकों की ताल ने माहौल को खास बना दिया। बारातियों ने भी पूरे जोश में ढोलक की जगह तालियां बजाईं। ग्रामीणों के लिए यह दृश्य अनोखा था।  वीडियो हुआ वायरल  लोगों ने अपने मोबाइल से इस खास बारात की फोटो ली व वीडियो बनाई और सोशल मीडिया पर साझा शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह बारात इलाके में चर्चा का विषय बन गई। दूल्हे के पिता कमलेश राम ने बताया कि शादी की तारीख पहले से तय थी और इसे रद्द करना संभव नहीं था, इसीलिए नाव से बारात ले जाने का निर्णय लिया गया। गंगा मैया की लहरों ने इस बारात को यादगार बना दिया। 

DL के लिए अब ना लाइन, ना भागदौड़ — सीधा घर पर होगी डिलीवरी

भोपाल   विधानसभा का मानसून सत्र अपनी मियाद से दो दिन पहले पूरा हो गया। 8वें दिन सत्र में कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। विपक्ष ने पुलिस आरक्षक भर्ती में घोटाले के आरोप लगाते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। सदन में गहमा-गहमी रही। इस दौरान परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मप्र मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक में संशोधन की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा, जल्द नागरिक सुविधाओं को बेहतर बना फेसलेस सुविधा देंगे। ड्राइविंग लायसेंस (DL) और वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) में पासपोर्ट की तरह घर पहुंच सेवा शुरू होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। मंत्री ने कहा, परिवहन कार्यालयों को पारदर्शी बना रहे हैं। पेनल्टी की वसूली में नकद कलेक्शन बंद होगा। अब मशीन के माध्यम से ऑनलाइन पेनल्टी वसूल कर रहे हैं। परमिट व्यवस्था भी सुलभ बनाएंगे। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 लाख रुपए से कम कीमत वाले पेट्रोल वाहनों पर सबसे कम टैक्स लिया जाता है। मप्र में 8त्न टैक्स है, जबकि छत्तीसगढ़ में 10, महाराष्ट्र में 11, राजस्थान में 10 और उत्तर प्रदेश में 9त्न टैक्स है। मानसून सत्र ने रचा इतिहास संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयर्गीय ने मानसून सत्र के सफल आयोजन के लिए विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सिंह सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रति आभार जताया। कहा, ऐतिहासिक सत्र चले। 8 विधेयक पास हुए और प्रदेश के जनहित में सार्थक चर्चाएं की गई। बिना फॉर्म भरे घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल पर होगा सीधा डाउनलोड अगर आप भी महीनों से ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आरटीओ के चक्कर काट रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. क्योंकि सरकार की तरफ ऐसी सुविधा शुरू की गई है, जिससे आप घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं. न ही आरटीओ का इंतजार करना पड़ेगा और न ही कोई फॉर्म भरने की जरूरत पड़ेगी. आइए इन स्टेप के बारे में विस्तार से जानते है.  ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया 1. सबसे पहले सारथी पोर्टल पर जाएं और ऑनलाइन आवेदन करें. 2. आवेदन करने के बाद आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा. 3. टेस्ट पास करने के बाद आपकी फोटो वहीं ली जाएगी. 4. फिर दस्तावेजों की जांच होगी और आरटीओ से ऑनलाइन मंजूरी मिल जाएगी. 5. मंजूरी के बाद आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं. घर बैठे डाउनलोड करें लाइसेंस 1. ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद आवेदक के मोबाइल पर SMS से एक लिंक भेजी जाएगी. 2. लिंक खोलने पर अपना आईडी नंबर और जन्मतिथि (DOB) भरनी होगी. 3. जानकारी सही भरते ही आप डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस डाउनलोड कर सकेंगे. 4. जरूरत पड़ने पर डीएल और आरसी को कितनी भी बार डाउनलोड कर सकते हैं.

171 साल पुरानी सेवा का अंत! स्पीड पोस्ट में मर्ज होगी रजिस्टर्ड डाक, टैक्स भी देना होगा

भोपाल  आपका जन्म यदि सन 70, 80 या 90 के दशक में हुआ है तो आपने डाकघरों में रजिस्ट्री चिट्ठी ( Registered Post ) या रजिस्टर्ड पार्सल (Registered Parcel) का रुतबा देखा होगा। रजिस्ट्री वाली चिट्ठी भेजने के लिए अलग से काउंटर होता था। डाकघर वाले उसके लिए आपको एक रसीद काट कर देते थे। उस चिट्ठी के डिलीवर होने पर आपको पावती या एकनॉलेजमेंट (Acknowledgement) भी मिलता था। कुल मिला कर यह डाकघर की प्रीमियम सर्विस थी। इस सर्विस को डाक विभाग ने बंद करने का फैसला किया है। कब से बंद होगी सेवा भारतीय डाक विभाग के एक परिपत्र के मुताबकि 1 सितंबर, 2025 से रजिस्टर्ड पोस्ट (Registered Post) सेवा बंद हो जाएगी। डाक विभाग स्पीड पोस्ट (Speed Post) के साथ रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को इंटीग्रेट करने क राह पर है। सरकार का दावा है कि ऐसा करने से काम करने का तरीका और भी आधुनिक हो जाएगा। दशकों से बड़ी इज्जत थी रजिस्ट्री चिट्ठी की रजिस्ट्री चिट्ठी या रजिस्टर्ड पोस्ट की अभी तक बड़ी इज्जत रही है। कोई महत्वपूर्ण कागजात भेजना हो, बाहर पढ़ने वाले बच्चों को बैंक ड्राफ्ट बना कर भेजना हो या रक्षा बंधन पर राखी, सबके लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल होता है। आजादी के बाद से ही रजिस्टर्ड पोस्ट बेहद भरोसेमंद माना जाता था। सरकार भी अपाइन्टमेंट लेटर भेजने में इसका इस्तेमाल करती रही है। साथ ही अदालत भी कानूनी नोटिस इसके जरिए भेजा करती थी। एक सितंबर से बदल जाएगा सिस्टम डाक विभाग के सचिव और डायरेक्टर जनरल ने सभी विभागों, अदालतों, संस्थानों और लोगों को 1 सितंबर तक नई व्यवस्था में बदलने के लिए कहा है। 31 अगस्त तक दोनों सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। लेकिन 1 सितंबर से लोगों को अपनी चीजें स्पीड पोस्ट से भेजनी होंगी। इस तरह रजिस्टर्ड पोस्ट का एक युग खत्म हो जाएगा। क्यों हुआ है यह बदलाव बताया जा रहा है कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल बहुत कम हो गया है। लोग अब ऑनलाइन चीजें इस्तेमाल करने लगे हैं। व्हाट्सऐप और ईमेल के चलते अब पत्र लिखना या भेजना भी कम हो गया है। इसके अलावा प्राइवेट कूरियर (Private Courier) और ई-कॉमर्स (E-commerce) लॉजिस्टिक्स से भी रजिस्टर्ड पोस्ट का मुकाबला बढ़ गया है। सरकार चाहती है स्पीड पोस्ट चलता रहे डाक विभाग की ही एक और सेवा स्पीड पोस्ट है। इसे 1986 में शुरू किया गया था। रजिस्ट्री चिट्ठी की तरह ही इसमें भी बुकिंग के वक्त रसीद दी जाती है। इसे आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। हालांकि, स्पीड पोस्ट की सेवा रजिस्टर्ड पोस्ट से महंगी है। अब डाक विभाग का रेट देखिए। रजिस्टर्ड पोस्ट की शुरुआत 25.96 रुपये से होती थी। इसके बाद हर 20 ग्राम के लिए 5 रुपये ज्यादा लगते थे। वहीं स्पीड पोस्ट 50 ग्राम तक के पार्सल के लिए 41 रुपये से शुरू होता है। यह लगभग 20-25% महंगा है। रजिस्टर्ड पोस्ट में लगातार आ रही थी गिरावट आधिकारिक डाक डेटा 2011-12 के अनुसार हर साल रजिस्टर्ड पोस्ट की संख्या में गिरावट आ रही है. साल 2011-12 में रजिस्टर्ड डाक से भेजने वाले आर्टिकल 24 करोड़ से घटकर 2019-20 में 18 करोड़ के रह गए. 25 फीसदी की कमी साफ देखी जा सकती है. कोरोना के बाद से तो स्थिति और खराब हो गई है. कितना आएगा खर्चा     50 ग्राम के पार्सल के लिए 200 किमी से ऊपर 35 रुपये,     200 ग्राम के पार्सल के लिए 200 से 1000 किमी के लिए 40 रुपये, 1000 से 2000 हजार किमी के लिए 60 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 70 रुपये चार्ज लगेगा.     201-500 ग्राम के लिए 200 किमी तक 50 रुपये, 1000 किमी तक 60 रुपये, 2000 किमी तक 80 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 90 रुपये का चार्ज लगेगा     हर 500 ग्राम बढ़ाने पर 200 किमी तक 15 रुपये, 1000 किमी तक 30 रुपये, 2000 किमी तक 40 रुपये और 2000 किमी से ऊपर के लिए 50 रुपये डाक विभाग लेगा. एक युग का अंत रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा का बंद होना एक युग का अंत होना है। रजिस्टर्ड पोस् काफी लोगों के लिए भरोसे का प्रतीक रहा है, खासकर गांवों में रहने वाले लोगों के लिए। बैंक, विश्विद्यालय और सरकारी विभाग कानूनी रूप से मान्य कागजात भेजने के लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल करते थे। ब्रिटिश शासनकाल में 1854 में शुरू हुई रजिस्टर्ड डाक (Registered Postal Service) स्पीड पोस्ट (Speed Post) में मर्ज की जा रही है। यह एक सितंबर से लागू होगी। इसके बाद जरूरी कागजात या सामान भेजने के लिए स्पीड पोस्ट विकल्प बचेगा। हालांकि विभाग ने कहा है कि नाम में बदलाव होगा, लेकिन पुरानी सेवा भी ली जा सकती है। शुल्क कम-ज्यादा हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि रजिस्टर्ड डाक का कम से कम शुल्क 26 रुपए है। स्पीड पोस्ट का कम से कम शुल्क 41 है। सरकार टैक्स भी वसूलेगी। रजिस्टर्ड डाक प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग उपलब्ध। स्पीड पोस्ट तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति ले सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ। यहां ज्यादा उपयोग रजिस्टर्ड डाक का कोर्ट, सेना की यूनिटें, रेलवे जोन, पुलिस विभाग, बिजली कंपनियों के मुख्यालय, संभागायुक्त कार्यालय, नगर निगम सहित अन्य जगह। ऐसे समझें फर्क रजिस्टर्ड डाक: प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग की सुविधा। स्पीड पोस्ट: तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति कर सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था होगी तेज रजिस्टर्ड डाक सेवा स्पीड पोस्ट में मर्ज की जा रही है। इससे ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तेज होगी। विनीत माथुर, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मध्यप्रदेश परिमंडल, भोपाल