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शिक्षा संकट: जर्जर स्कूल भवन, टीन शेड बना क्लासरूम

जैसलमेर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है, प्रोत्साहन राशि दी जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी स्कूलों की हालत उजागर कर रही है। उपखंड फतेहगढ़ की उप तहसील झिनझिनयाली के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200 से अधिक छात्राओं का नामांकन है, लेकिन भवन की स्थिति भयावह है। विद्यालय में बने पांच कक्षों में से तीन पूरी तरह जर्जर हैं और बंद पड़े हैं। शेष दो कक्षों में दसवीं और ग्यारहवीं की छात्राएं बैठती हैं, जबकि पहली से नौवीं तक की सभी छात्राओं को एक ही टीन शेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और बालिकाओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। बरसात में जर्जर कक्षों के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे छात्राएं डर के साए में हैं। विद्यालय में एक भी महिला अध्यापिका नहीं है। रसोईघर की दीवारों में दरारें हैं और छत गिरने की कगार पर है। पेयजल के लिए बना टांका भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार सिर्फ कागजों में ही बालिका शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे करती है हकीकत कुछ ओर ही है अभी कुछ दिन पहले झालावाड़ के पिपलोदा में हुए हादसे के बाद प्रशासन और परिजन दोनों ही एक्टिव मोड में आ गए हैं, जिसके बाद पता चला कि झालावाड़ ही नहीं पूरे राजस्थान के यहीं हाल हैं, हर स्कूल में कमरे छतिग्रस्त हैं | ग्रामीण फतेहसिंह का कहना है कि यह विद्यालय आठ-दस गांवों के लिए एकमात्र बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय है। जर्जर कक्षों और सुविधाओं के अभाव में छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रही हैं। प्रधानाचार्य इंद्राराम पन्नू ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है और उप तहसील भवन में वैकल्पिक रूप से विद्यालय चलाने की मांग भी की गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है।

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।

जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, कैश कांड में एक्शन को दी थी चुनौती

नई दिल्ली कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने जज यशवंत वर्मा की याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जांच पैनल की रिपोर्ट को चुनौती दी थी. उसमें उन्हें हटाने की सिफारिश की गई थी. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपनी याचिका में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट को अमान्य करार दिया जाए. जस्टिस दीपंकर दत्ता और एजी मसीह की बेंच ने यह फैसला लिया. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका भी खारिज की. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपंकर दत्ता ने अपने फैसले में कहा कि हमने यह पाया है कि इस मामले में याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है. सीजेआई और समिति ने प्रक्रिया को पूरी सावधानी से पालन किया.  सिवाय इसके कि फोटो और वीडियो अपलोड नहीं किए गए, लेकिन वह आवश्यक भी नहीं था. और चूंकि उस समय इस मुद्दे को चुनौती नहीं दी गई थी, इसलिए इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. जज साहब ने क्या कहा? इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भेजना असंवैधानिक नहीं था. हमने कुछ टिप्पणियां की हैं जिनके तहत भविष्य में अगर जरूरत पड़ी तो आप कार्यवाही कर सकते हैं.’ इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अंत में न्यायमूर्ति दत्ता ने बताया कि इन सभी तथ्यों के आधार पर हमने यह रिट याचिका खारिज कर दी है. पैनल ने क्या सिफारिश की थी दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की सिफारिश की थी. याचिका में तत्कालीन CJI संजीव खन्ना द्वारा पीएम और राष्ट्रपति को 8 मई को की गई सिफारिश को रद्द करने की भी मांग थी. याचिका में कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिए बिना ही दोषी ठहराया गया है. याचिका में तीन सदस्यीय जांच पैनल पर आरोप लगाया है कि उसने उन्हें पूरी और निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिए बिना ही प्रतिकूल निष्कर्ष निकाले. क्या है पूरा कैश कांड जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड इसी साल मार्च में आया. यह विवाद तब शुरू हुआ जब होली की रात यानी 14 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के नई दिल्ली स्थित घर से जले हुए नोट मिले. उनके घर पर आग लग गई थी. आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की टीम आई थी. इसी टीम ने उनके घर में कैश देखा था. कुछ कैश जले भी बरामद किए गए थे. इस घटना ने न्यायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया. इसके बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया और आरोपों की जांच के लिए एक आंतरिक समिति गठित की गई. सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने हटाने की सिफारिश की थी.

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत मिली राशि एमसीबी/चिरमिरी छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों हेतु कुल 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार  रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से यह स्वीकृति चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए दी गई है। इन कार्यों में वॉर्ड क्र. 07 में कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य  लागत 3 करोड़ 56 लाख 76 हजार, अटल परिसर से मालवीय नगर तक पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में सड़क चौड़ीकरण  कार्य लागत 69 लाख 19 लाख तथा अहिंसा चौक हल्दीबाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य लागत 1 करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपए शामिल है।  स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और नए विकास कार्यों की मंजूरी भी मिल रही है। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत मिले इन विकास कार्यों के लिए स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है।

भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा किए गये नवाचार के प्रचार-प्रसार हेतु विवेकानन्द महाविद्यालय में शिविर आयोजन

एमसीबी     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला-एमसीबी के निर्देशानुसार शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में एकदिवसीय शिविर आयोजन कर जिला स्तर पर किए गये नवाचार की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। विद्यार्थियों को फार्म-6 में अग्रिम आवेदन भरकर ऑनलाईन एवं ऑफलाईन मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को समझाया गया तथा भारत निर्वाचन आयोग के इसीनेट एप्स की जानकारी, चुनाव के पश्चात जनरल डेटा डिजिटल रूप में तेजी से तैयार करने की समयबद्धता एवं पारदर्शिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। मतदान केन्द्रों पर मोबाईल फोन जमा करने की सुविधा, दिव्यांग नागरिकों के लिए जिले में प्रदाय की गई सुविधाओं यथा व्हीलचेयर, सहायताकर्मी के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, स्काउट गाइड के विद्यार्थियों द्वारा किए गये सराहनीय कार्यो की जानकारी दी गई। वहीं पच्चासी वर्ष से अधिक वरिष्ठ आयु वाले एवं दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान करने का विकल्प जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई।       निर्वाचन में सक्षम एप्स की जानकारी दी गई। इपिक में डुप्लीकेट एंट्री को रोकने के लिए लागू की गई यूनिक इपिक नंबर की जानकारी दी गई। वही डूप्लीकेट निरस्तीकरण के अंतर्गत मृत वोटरों को सूची से हटाने की जानकारी दी गई। इसीनेट के माध्यम से रियल टाईम वोटर “टर्न आऊट” की रिपोर्टिंग प्रत्येक दो घंटे में अपलोड कर मतदान प्रतिशत को अपडेट करने की जानकारी दी गई। इसी क्रम में संवेदनशील मतदान केन्द्रों में लाइव वेबकाॅस्टिंग की व्यवस्था से भी विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। मतदान प्रशिक्षण में विशेष रूप से माॅकपोल प्रशिक्षण को विशेष रूप से जोड़ा जाना, ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट में सुधार की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। फास्ट ट्रेक के रूप में इपिक कार्ड के अपडेट होने एवं 15 दिन के अंदर डिलीवरी सुनिश्चित होने की जानकारी प्राचार्य डाॅ. श्राबनी चक्रवर्ती के संरक्षण में एवं मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. सरोजबाला श्याग विश्नोई द्वारा दी गई। डाॅ. नसीमा बेगम अंसारी सह-संयोजक द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये नवाचार पर आयोजित कार्यक्रम का मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम में डाॅ.सुशील कुमार तिवारी, डाॅ.अरूणिमा दत्ता, शरणजीत कुजूर के द्वारा भी व्याख्यान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।      कार्यक्रम में डाॅ. प्रभा राज, भीमसेन भगत,  अनुपा तिग्गा, कमलेश पटेल,  सुनील कुमार गुप्ता, सुशील कुमार छात्रे, रामनिवास गुप्ता,  पुष्पराज सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, थनेन्द्र कश्यप, डाॅ. रिंकी तिवारी, सुश्री अल्पना रानी खलखो, शिवकुमार, प्रकाश दास मानिकपुरी, शिवानंद साकेत, रामजी गर्ग, शुभम गोयल, मनीष कुमार श्रीवास्तव,  सुनीत जाँनसन बाड़ा, प्रेमलाल पटेल, बाबूलाल शुक्ला, श्रीमती मीना त्रिपाठी, भोले प्रसाद रजक, हेमन्त सिंह, सुश्री साधना बुनकर, प्रदीप कुमार मलिक,  सतीश सोनी, पारसनाथ तिग्गा, ने सहभागिता कर लाभान्वित हुए एवं कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. विश्नोई द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया।

शासकीय हाईस्कूल में हर घर तिरंगा का किया गया आयोजन, छात्र एवं छात्राओं ने निकाली तिरंगा रैली

एमसीबी/पिपरिया  भारतीय ध्वज “तिरंगा“ राष्ट्र का प्रतीक है। इस 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “हर घर तिरंगा“, कार्यक्रम का आयोजन 02 से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में (प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025) तक किया जाना है, जो “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ थीम पर आधारित होगा। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पिपरिया में तिरंगा यात्रा निकाला गया। प्राचार्य डॉ. विनोद पांडेय ने बताया कि छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामवासियों को इस यात्रा का उद्देश्य विस्तार से बताया गया। यह हमारे देश की शान व हमारे स्वतंत्रता का परिचायक है। यह हमारे मजबूत लोकतंत्र को बताता है, कि हम सभी भारत के लोग एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विश्वास और धर्म की स्वतंत्रता और अवसर की समानता प्राप्त करने के लिए है जिससे छात्र-छात्राओं के मन में  राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित  हो। भारत सरकार द्वारा चरणबद्ध दिए गए गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैण्डज़ आदि के माध्यम से “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।  रैली कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के नारे लगाते हुए ग्राम के प्रमुख चौराहे पर एकत्रित हुए, रैली में प्रमुख रूप से उषा किरण सिंह, जरीना परवीन, अबुल कमर, शर्मिष्ठा दत्ता, कदम कुंवर प्रधान पाठक एवं संगीता तिवारी, गौरी शंकर सिंह व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, उमस से बेहाल लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग रायपुर के अनुसार, 7 से 9 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में बिजली गिरने, तेज गर्जना और तेज बौछारों की आशंका बनी हुई है। राजधानी में 7 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन में एक-दो बार वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। बिलासपुर में पिछले चार दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। 2 अगस्त को तापमान सामान्य से नीचे था, लेकिन इसके बाद गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली। बुधवार को पारा 35.3 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। लोगों को तेज धूप और चिपचिपी उमस ने सावन की ठंडक तक भुला दी है। मानसून द्रोणिका यह इस समय फिरोजपुर, करनाल, मुरादाबाद, खेड़ी, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। चक्रीय चक्रवात बांग्लादेश के मध्य भाग में स्थित है, जो 5.8 से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इस सिस्टम के कारण अगस्त माह में प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग की चेतावनी आने वाले 48 घंटों में बिजली चमकने, तेज गर्जना और आंधी के साथ बारिश की चेतावनी। लोगों से खुले में बिजली गिरने के दौरान रहने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील।

कुबेरेश्वर धाम हादसे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने मांगा जवाब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सीहोर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर मानव अधिकारी आयोग के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रही कुसुम महदेले ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने मामले को लेकर सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है।  सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला…     बुधवार (6 अगस्त) को पंडित प्रदीप मिश्रा के जरिए सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया।     मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। खबर है कि श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए। कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना। पंडित प्रदीप मिश्रा पर हो कार्रवाई पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने ट्वीट कर पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने लिखा- कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होना चाहिए। सरकार को पंडित प्रदीप मिश्रा पर कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को धर्म के प्रति उन्मादी ना बनाएं। उन्होंने सवाल उठाया है कि तुम्हारे रुद्राक्ष बांटने से पुण्य मिल रहा है या हत्याएं हो रही है? कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार सीहोर में कुबरेश्वर धाम पर हुई अव्यवस्था और मौतों पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। कहा- बड़ा आयोजन होता है सरकार जिम्मेदारी की रहती है। कुबेरेश्वर धाम को लेकर व्यवस्था सरकार को करना चाहिए थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्लान तैयार होना था। हादसे का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है। सरकार को इस घटना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और हादसे ना हो इसको लेकर कदम भी उठाना चाहिए। मंगलवार को भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की हुई मौत मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनकी पहचान बुधवार को हुई है। मृतकों के नाम..     जसवंती बेन (उम्र 56 वर्ष) पति चंदू भा, निवासी, ओम नगर राजकोट गुजरात     संगीता गुप्ता (उम्र 48 वर्ष) पति मनोज गुप्ता, निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश बुधवार को इन श्रद्धालुओं की हुई मौत     चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल, निवासी गुजरात – बताया जा रहा है कि चतुर सिंह की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के पीछे स्थित आनंद होटल के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे खड़े-खड़े गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई।     ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) पिता मवासीराम यादव, निवासी, रोहतक हरियाणा – बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह की शाम करीब 4 बजे कुबेरेश्वर धाम में तबीयत बिगड़ गई। वे अचानक चक्कर आने से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।     दिलीप सिंह (उम्र 57 वर्ष) निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ – दिलीप सिंह को बुधवार शाम करीब सवा 7 बजे कुबरेश्वर धाम से जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। गुरुवार को एक श्रद्धालु की गई जान गुरुवार सुबह एक डेड बॉडी जिला अस्पताल लाई गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक का नाम उपेंद्र गुप्ता (22) पिता प्रेम गुप्ता वर्ष निवासी बड़ा टोला, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। उपेंद्र को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के कारण मौत होना बताया गया। ये श्रद्धालु हुए घायल     सुनीता, निवासी हरियाणा – सुनीता नाम की एक महिला कावड़ ले जाते समय भोपाल-इंदौर हाईवे पर गिरने से घायल हो गई।     पूजा सैनी, निवासी मथुरा – कुबेरेश्वर धाम में मथुरा से आई पूजा सैनी नाम की महिला भी गिरने से जख्मी हो गई।     मनीषा, निवासी नागपुर – नागपुर की मनीषा भी अचानक धाम में पास बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल लाया गया है। कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें     पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।     कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप … Read more

एनकाउंटर में खत्म हुआ आतंक: माफिया छोटू सिंह के पास से एके-47 और पिस्टल बरामद

प्रयागराज प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया। एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है। झारखंड का रहने वाला है बदमाश शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माफिया छोटे सिंह के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले कुख्यात माफिया आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ कई चर्चित हत्याकांड में केस दर्ज हैं। छोटू सिंह मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है और धनबाद जेल में बंद होने के बाद भी वह अपना बाहुबल बरकरार रखने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक आशीष यूपी और बिहार में सक्रिय था। अमन सिंह की हत्या की भी ली थी जिम्मेदारी 12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आशीष रंजन आरोपी है और फरार था। आशीष रंजन पर झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोप है. उस पर रंगदारी मांगने और अमन सिंह की हत्या का आरोप है। अमन सिंह की हत्या के बाद उसने एक ऑडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। जेल में बंद अमन हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि आशीष रंजन के कहने पर उन्होंने हत्या की थी। यूपी और बिहार में था सक्रिय आशीष रंजन के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रंगदारी, बमबाजी, हत्या समेत जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर अमन सिंह की तीन दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह ने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने तीन दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन था। आशीष रंजन के इशारे पर ही अमन सिंह की हत्या की गई थी। वहीं सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या हुई थी। जिसमें आशीष पहली बार जेल गया था। 12 मई 2021 को सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या में भी उसका नाम आया था।  

घर से भगाई गई नाबालिग हिंदू लड़की बरामद, सैनुल पर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह की साजिश का आरोप

देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया में हिन्दू नाबालिग लड़की को उसके घर से भगाने के मामले में पुलिस ने सैनुल को गिरफ्तार करते हुए लड़की को बरामद कर लिया है. आपको बता दें कि थाना गौरीबाजार क्षेत्र का रहने वाला अन्य समुदाय का युवक सैनुल अपने ही गांव की हाईस्कूल की छात्रा को 27 जुलाई को भगा ले गया था. इसमें पुलिस केस दर्ज कर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी तलाश कर रही थी. बताया जा रहा है कि इसकी आखिरी लोकेशन झांसी में मिली थी. आरोपी गुजरात में प्राइवेट काम कर चुका है आशंका जताई जा रही है कि लड़की को यह गुजरात भी ले गया होगा. लड़की के घर वाले धर्म परिवर्तन व शादी की आशंका जता रहे थे. फिलहाल गौरीबाजार पुलिस की मानें तो गौरीबाजार के देवगांव के पास मंदिर से इसकी गिरफ्तारी कर लड़की की बरामदगी की गई है. सी ओ रुद्रपुर हरिराम यादव ने बताया कि थाना गौरीबाजार देवरिया में दिनांक 28.07.2025 को महिला अपराध से संबंधित मु0अ0सं0 342/2025 पंजीकृत किया गया था, जिसमें अपहृता की बरामदगी के लिये टीम का गठन किया गया था, जिसमें अपहृता की सकुशल बरामदगी कर ली गयी है . साथ ही अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है. आपको बता दें कि गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक हफ्ते में दो अलग अलग क्षेत्रो में अन्य समुदाय के युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को भगाया गया. पहला मामला 24 जुलाई को हुआ जो CCTV में कैद हुआ था. समीर अंसारी, हिन्दू नाबालिग लड़की को बुर्का पहना कर ले जाता दिखाई पड़ा था. इसे पुलिस ने गौरीबाजार से ही 4 दिन पूर्व गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सूत्रों की मानें तो इसकी लोकेशन नेपाल के बुटवल में मिली थी. इन दोनों मामलों को लव जिहाद से जोड़ते हुए देवरिया सदर भाजपा विधायक शलभ मणि ने DGP को चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद पुलिस की जांच पड़ताल तेज हुई और अब दोनों समीर और सैनुल सलाखों के पीछे है.