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स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 अगस्त को अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई क्षति की राहत राशि करेंगे वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ की जनसंपर्क कार्यप्रणाली बनी मिसाल, महाराष्ट्र ने लिया प्रेरणा स्रोत

रायपुर, महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था। अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है। अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना। अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग   और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य अलर्ट! योगी सरकार ने शुरू की विशेष निगरानी व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य जिलों में बारिश का दौर थमने के साथ ही नदियों का जलस्तर में गिरावट से फौरी राहत मिली है हालांकि बाढ़ग्रस्त इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा गहराने लगा है। लखनऊ,कानपुर,उन्नाव,जालौन,बाराबंकी और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज बादलों की आमद पिछले दिनो की अपेक्षा कम रही और धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। प्रयागराज,कानपुर,वाराणसी और कन्नौज समेत कई जिलों में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी हालांकि घाघरा और शारदा नदियों में कटान के चलते सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि पानी में समायी रही। प्रयागराज से प्राप्त रिपोटर् के अनुसार गंगा और यमुना नदिया अब खतरे के निशान के नीचे पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 155 सेंटीमीटर और छतनाग में 146 सेंटीमीटर कम हुआ है जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 123 सेंटीमीटर कम हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर 5.12 सेंटीमीटर प्रति घंटा और गंगा नदी का जलस्तर 6.45 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है हालांकि अभी भी दर्जनों मोहल्ले और गांव बाढ़ की चपेट में है। इन इलाकों में अभी भी नावें चल रही हैं अभी भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर कम हो रहा है। वाराणसी में केंद्रीय जल आयोग की रिपोटर् के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगा है। गंगा का जलस्तर आज 71.58 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ कम होने पर संक्रामक रोगों को रोकने के उपायों पर चर्चा की है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वहां नगर निगम की टीमें सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर रही हैं। वरुणा नदी के किनारे नक्खी घाट, पुलकोहना, शक्कर तालाब और शहरी क्षेत्रों में सामने घाट, अस्सी, नगवा जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।   

नन्ही सृष्टि को गोद में उठाकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रच दिया अपनत्व और स्नेह का अविस्मरणीय पल

  सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा। किसान योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। सृष्टि के पिता योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी। सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।  

सीएम का गर्व भरा बयान- भारतीय सेना आज विश्व की श्रेष्ठ सेनाओं में, हर घर तिरंगा से लहराया राष्ट्रप्रेम

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि 'हर घर तिरंगा अभियान' न केवल देशवासियों में देशभक्ति की भावना को प्रबल करता है, बल्कि यह अभियान देश के गौरव, पराक्रम और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 11 वर्षों में नए विकास आयाम स्थापित किए हैं और भारतीय सेना आज दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में गिनी जाती है। मुख्यमंत्री बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित 'हर घर तिरंगा अभियान' एवं 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देशभर में जिस प्रकार विजयोत्सव मनाया गया और तिरंगा यात्राएं निकाली गईं, वह देश के प्रति समर्पण और सेना के शौर्य को सलाम करने का भाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उसी भावना को बनाए रखने और नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए 'हर घर तिरंगा अभियान' को भाजपा ऐतिहासिक रूप देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ से लेकर मंडल, जिला और संभाग स्तर तक इस अभियान को लेकर जनसंपर्क करें और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कार्यक्रम कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं, इसलिए हर कार्यकर्ता को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस मौके पर भाजपा सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता इस बार 'हर घर तिरंगा' को एक जन आंदोलन बनाएं और अभियान को इतिहास में दर्ज कराने वाला बनाएं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक परनामी ने जानकारी दी कि पार्टी 10 से 14 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकालेगी और इस बार हर घर में तिरंगा फहराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को तोड़ने का काम कांग्रेस ने किया और आज भी उनके नेता "पाकिस्तान की भाषा" बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, जो लोग देश और संस्कृति के खिलाफ बोलते हैं, उनकी मानसिकता पर सवाल खड़े होते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिले।

राजगढ़ से लाड़लियों को सौगात: भाईदूज पर 1500 रुपए और हर साल बढ़ेगी राशि

राजगढ़ सीएम मोहन यादव ने आज राजगढ़ में घोषणा की है कि भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए दिये जाएंगे। 2026 और 27 में भी राशि बढ़ाएंगे और 2028 तक 3 हजार प्रतिमाह की जाएगी। मोहन यादव यहां नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़ में आयोजित बहनों के साथ 'रक्षाबंधन उत्सव' एवं 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का उपहार अंतरण में बोल रहे थे। इससे पहले एक वीडियो संदेश में उन्‍होंने कहा था कि, भाई- बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व की सभी प्रदेशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं। रक्षाबंधन से 2 दिन पूर्व, आज लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए आएंगे, जिसमें रक्षाबंधन की भेंट स्वरूप 250 रुपए सम्मिलित हैं। हमारी सरकार निरन्तर महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है।   1250 माह की राशि, 250 रक्षाबंधन का उपहार लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम ने आज नरसिंहगढ़ से 1250 रुपये तो बहनों को हर माह मिलने वाली राशि ट्रांसफर की। जबकि 250 रुपये प्रति बहना को रक्षाबंधन के उपहार के रूप में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस योजना से मप्र की करीब 1 करोड़ 26 लाख बहनों को लाभ मिलेगा, जबकि राजगढ जिले की 2 लाख 95 हजार महिलाएं लाभांवित होंगे, जिनके खातों में करीब 42 करोड रुपये ट्रांंसफर किए गए। दो साल में 12 हजार कम हो गई लाड़ली बहनें मप्र में लाड़ली बहना योजना के शुरू होने से लेकर अब तक राजगढ़ जिले में करीब 12 हजार लाड़ली बहनें कम हो गई है। दो साल के भीतर 12 हजार लाड़ली बहनों की संख्या घट गई, जबकि नए आवेदन को कोई प्राविधान नहीं है। इसी के बीच आज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहगढ़ से लाड़ली बहनाें के खातों में राशि डाली। इसमें राजगढ़ जिले की 2.95 लाख महिलाओं के खातों में भी 44 करोड़ राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। लाड़ली बहना योजना अभी तक     मप्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा सरकार द्वारा जनवरी 2023 में लाड़ली बहना योजना का एलान किया था।इसके बाद 10 जून 2023 को पहली किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की थी।     जब योजना शुरू हुई थी उस समय राजगढ़ जिले में लाडली बहनों की संख्या करीब 3 लाख 8 हजार थी, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 2 लाख 95 हजार पर आ गई है।     दो साल के भीतर करीब 8 से 12 हजार लाड़लियां जिले में कम हुई है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मप्र की लाडली बहनों के खातों में 27 वीं किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की।     हालांकि इस सबके बीच अधिकारियों का कहना है कि कुछ महिलाओं की आयु 60 वर्ष हो गई, जबकि कुछ ने योजना का लाभ लेने से मना कर दिया, इसलिए संख्या घट गई।

एमसीबी जिले के वनमंडला अधिकारी (DFO) मनीष कश्यप द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ की गई अभद्रता के खिलाफ नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों ने की डीएफओ मनीष कश्यप को हटाने की मांग

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ मनेंद्रगढ़ जिले में वन विभाग और स्थानीय निकाय के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। डीएफओ मनीष कश्यप के खिलाफ नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव और दोनों दलों के पार्षदगण ने वन मंडलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे जनप्रतिनिधि “डीएफओ हटाओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाते रहे। इस बीच धरने को समर्थन देने भाजपा जिलाध्यक्ष चंपादेवी पावले भी पहुंची मुद्दा था भालुओं का आतंक, जवाब मिला अपमान से ! नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने बताया कि वे भालू के लगातार विचरण से आतंकित वार्डों के समाधान के लिए ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन डीएफओ मनीष कश्यप ने जनप्रतिनिधियों से अभद्र भाषा में बात की और मिलने से इनकार कर दिया‌उन्होंने कहा, “हम वार्डवासियों की समस्या लेकर पहुंचे थे, लेकिन डीएफओ ने कहा कि वो सबसे नहीं मिलेंगे। जब फोन उठाने की बात की गई तो जवाब मिला – ‘मेरा मन’। यह सरासर तानाशाही और जनप्रतिनिधियों का अपमान है नगरपालिका के पक्ष एवं विपक्ष दोनों दलों के पार्षद एक मंच पर इस मामले ने राजनीतिक सरहदें भी तोड़ दी हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद नपाध्यक्ष के समर्थन में डीएफओ कार्यालय के सामने जमीन पर बैठ गए और एक सुर में कहा – “जनता की आवाज उठाना अगर अपराध है तो हम हर दिन अपराधी बनेंगे पहले भी विवादों में रहे हैं डीएफओ मनीष कश्यप यह पहली बार नहीं है जब डीएफओ मनीष कश्यप पर जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्रता और मनमानी का आरोप लगा हो। पूर्व में भी कई सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने उनके व्यवहार और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। साल 2023 में एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता ने भी उन पर दफ्तर में बदसलूकी और जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया था। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ भी उनके विवाद की खबरें आती रही हैं। विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव का बड़ा बयान विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव ने कहा, “मनीष कश्यप जैसे अधिकारी को जनता और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं से कोई मतलब नहीं। ऐसे तानाशाही रवैये वाले अफसर को जिले में रहने का हक नहीं है भालू से परेशान जनता, अधिकारी कर रहे राजनीति ? शहर के कई वार्डों में भालू के खुले विचरण की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों में दहशत है लोग रात में बाहर निकलने से डरते हैं, लेकिन वन विभाग इस पर किसी ठोस कार्रवाई से दूर नजर आ रहा है जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि समस्या का समाधान करने की बजाय, डीएफओ जनसेवकों को ही अपमानित कर रहे हैं।

हत्यारों की पार्टी थी सपा-कांग्रेस? CM योगी ने संभल में लगाए गंभीर आरोप

संभल मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस संभल में सामूहिक हत्याएं करवाती थी और समाजवादी पार्टी उसके चेले के रूप में उनके पाप कर्मों पर पर्दा डालने का काम करती थी, हत्यारों को बचाने का काम करती थी। दंगाइयों के ऊपर महाकाल का अब वास्तविक असर दिखाई पड़ रहा है,अब दंगाई दुर्गति को प्राप्त हो रहे हैं। संभल आस्था का केंद्र- CM इस दौरान संभल में मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि इस जिले को फोर लेन सड़क की सुविधा दी जाएगी, क्योंकि संभल आस्था का केंद्र है। विष्णु पुराण और श्रीमदभागवत पुराण में उल्लेख है कि भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा।यहां 68 तीर्थ और 29 कूप थे, लेकिन इनको अपवित्र किया गया। अहिल्याबाई जी ने इन तीर्थों का उद्धार किया था. अब हमारी सरकार इनका जीर्णोद्धार कर रही है।  

एक अंगदान, तीन शहर – सिवनी, भोपाल और गुजरात के बीच ज़िंदगी की जीत

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड मरीज के अंगदान ने कई लोगों को नया जीवन देने का प्रयास किया है। महत्वपूर्ण है कि घंसौर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 34 साल के युवक सत्येंद्र यादव को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां बुधवार रात डॉक्टर ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। ग्रीन कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया गुरुवार सुबह शुरू हो चुकी थी। हालांकि दो बार समय में संशोधन के बाद सबसे पहले ह्दय ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोपहर बाद 3:40 पर डुमना विमानतल के लिए रवाना हुआ, जहां से एयर एंबुलेंस की मदद से अहमदाबाद स्थित सिम्स अस्पताल भेजा गया।   दूसरा कॉरिडोर शाम 4:18 बजे लिवर डुमना विमानतल के लिए बनाया गया। लीवर लेकर सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भोपाल के लिए एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी। मरीज के अंगों को सुरक्षित निकालने के बाद उन्हें राजधानी भोपाल और अहमदाबाद भेजने की प्रक्रिया सुबह से मेडिकल कॉलेज परिसर में जारी थी। एक व्यक्ति के अंगों से तीन लोगों को मिलेगी जिंदगी मरीज सत्येंद्र यादव का ब्रेनडेड हो गया था, मेडिकल डॉक्टरों ने मरीज के स्वजन से बात की और अंगदान के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद मरीज के स्वजन तैयार हुए और अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। अंगदान करने वाले सत्येंद्र का ह्दय, लीवर और किडनी दान किया गया है। मरीज का दिल गुजरात के अहमदाबाद में एक जरूरतमंद मरीज के लिए भेजा जा गया है। लीवर को भोपाल भेज रहे हैं, जहां के एक मरीज को यह नया जीवन देगा। एक किडनी जबलपुर में ही किसी जरूरतमंद मरीज को ट्रांसप्लांट की जाएगी, जबकि दूसरी किडनी को भी सुरक्षित रखा गया है। ग्रीन कॉरिडोर से कम समय में पहुंचे अंग अंगों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के सहयोग से मेडिकल अस्पताल से लेकर डुमना एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस कॉरिडोर के जरिए एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के एयरपोर्ट तक पहुंचाने विशेष इंतजाम किए गए थे। ताकि अंगों को तुरंत एयर एंबुलेंस से भेजा जा सके। ग्रीन कारिडोर को कैसे समझें दोपहर बाद दो ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और मेडिकल से एंबुलेंस के माध्यम से लिवर व ह्दय डुमना के लिए रवाना हुए, जिसके लिए एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज से निकलकर बरगी हिल्स रामपुर का रूट होते हुए सीएमएम, सिविल लाइन से डुमना पहुंची। ट्रैफिक को देखते हुए शहर के अंदर के रूट को छोड़कर बाहर से रूट तैयार किया गया था। मैं मरीज के स्वजन को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिनकी सहमति से हम दो मरीजों को जीवन दान देने के प्रयास में सहयोगी बन सके। किडनी को अभी सुपर स्पेशियलिटी में सुरक्षित रखा गया है, जो कि जरूरतमंद को लगाई जा सकेगी- डॉक्टर नवनीत सक्सेना, डीन एनएससीबी मेडिकल कालेज जबलपुर।