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सेंट्रल जेल रायपुर: शोएब ढेबर को मुलाकात कक्ष से किया गया प्रतिबंधित, आदेश जारी

रायपुर शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सेंट्रल जेल रायपुर के मुलाकात कक्ष से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा डाला था, जिसके चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है। जेल अधीक्षक रायपुर की ओर से जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एमएन प्रधान ने की, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक ने आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने कड़े कदम उठाए जाएंगे।

घर में फांसी पर लटका मिला आरक्षक, वजह तलाश रही पुलिस

दुर्ग पुलिस आरक्षक ने पुलिस लाइन स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आरक्षक का नाम सुरेंद्र साहू बताया जा रहा है, जो पुलिस लाइन में पदस्थ था. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही. बता दें कि पिता की मृत्यु के बाद सुरेंद्र साहू को अनुकंपा में पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली थी. इसके बाद से ही वह पुलिस लाइन में कार्यरत था. वहीं आज सुबह सुरेंद्र ने अपने ही घर में पंखे के सहारे से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतार कर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है. मृतक सुरेंद्र साहू के पास से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है. पुलिस मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालने की तैयारी कर रही है.

अब दस्तावेज़ बनवाना पड़ेगा भारी, मध्य प्रदेश में स्टांप ड्यूटी में जबरदस्त इजाफा, किराए और प्रॉपर्टी एग्रीमेंट हुए महंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब एग्रीमेंट कराना या एफिडेविट खरीदना अब काफी महंगा होने जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 पास कर दिया, जिसमें सभी न्यायिक और गैर-न्यायिक उद्देश्यों के लिए स्टांप ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इस बदलाव के बाद संपत्ति को लीज पर देने का समझौता या हथियार लाइसेंस और अन्य सेवाओं के नवीनीकरण के लिए नोटरी से एफिडेविट लेना महंगा होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ तो कहा जाता है कि हम टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ शुल्क में ऐसी बढ़ोत्तरी की जा रही है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन का बचाव करते हुए बताया कि स्टांप शुल्क में बढ़ोत्तरी सोच-समझकर ही की गई है। हालांकि शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। एमपी में रेंट-प्रॉपर्टी एग्रीमेंट महंगा हो गया है। बुधवार को विधानसभा में 8 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। सदन में पेश किए गए भारतीय स्टांप मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया। विपक्षी विधायकों ने स्टांप शुल्क बढ़ाने को अनुचित बताते हुए सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि स्टांप ड्यूटी बढ़ाने से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा। स्टांप संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा कि जो लोग स्टांप ड्यूटी भरते हैं क्या उनसे अभिमत लिया। विधायक बाला बच्चन ने कहा कि इस विधेयक से आम लोगों की जेब खाली हो जाएगी। प्रदेश के वित्त मंत्री व उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन के बारे में कहा कि शुल्क बहुत सोच-समझकर बढ़ाया गया है। एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए एफिडेविट पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। बिल पास होने से राज्य को लोगों से सालाना 212 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने में मदद मिलने की संभावना है। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने बिल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा। नए बिल से एफिडेविट, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, डेवलपमेंट, कंसट्रक्शन या बॉन्ड एग्रीमेंट, कंसेंट डीड, रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट में सुधार, रिवॉल्वर और पिस्तौल के लाइसेंस का रिन्युअल, पार्टनरशिप डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और ट्रस्ट की संपत्ति के लिए दरों में 100% से 400% की वृद्धि की गई है। कितना पड़ेगा असर न्यूज18एमपी के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में स्टांप संशोधन बिल पास हो गया है। राज्य में अब एग्रीमेंट 5 गुना तक महंगा हो गया है, जिसके बाद एफिडेविट 50 के बजाय 200 रुपये में बनेगा। रेंट एग्रीमेंट के लिए 500 की जगह 1000 रुपये लगेंगे, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट 1000 से 5000 रुपये हो गया है। कांग्रेस की सरकार से बिल वापस लेने की मांग विधानसभा में बिल पर बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच भारी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर असर पड़ेगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के विकास की आवश्यकता का हवाला देते हुए बार-बार कर्ज ले रही है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने के लिए करीब 11 साल के बाद ये संशोधन प्रस्तावित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संशोधन का असर केवल लगभग 10% दस्तावेजों की कीमतों पर पड़ेगा। बाकी के लिए स्टांप ड्यूटी अपरिवर्तित रहेगी। 

मंदिर अपमान से भड़के लोग, थाने का किया घेराव, आरोपी गिरफ्त में

 दुर्ग  भिलाई के वार्ड 23 में पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में मुस्लिम युवक ने तोड़फोड़ किया है. इस घटना से लोगों में आक्रोश है. इस मामले को लेकर बजरंग दल के साथ वार्डवासियों ने जामुल थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, अटल आवास में रहने वालों के तुलसी चौरा और पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में अब्दुल सजाद ने शराब के नशे में तोड़फोड़ किया है. इस घटना से आक्रोशित वार्डवासी जामुल थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे. पुलिस की समझाइश के बाद लोग वापस लौटे. पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

बुरहानपुर में युवती की हत्या पर बागेश्वर महाराज की प्रतिक्रिया, ‘बुर्का पहनने’ को लेकर दिया विवादास्पद बयान

छतरपुर  मालेगांव ब्लास्ट केस में NIA की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सात आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें और भगवा को बदनाम करने की बड़ी साजिश रची गई थी. इसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम सरकार के बागेश्वर महाराज ने कहा कि जब यह घटना घटी थी, तभी बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे से भगवा को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की गई, जबकि भगवा सनातन धर्म का प्रतीक है, जो सबको अपनाने वाला, दया और करुणा से भरा हुआ होता है. योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार की गई बागेश्वर महाराज ने कहा कि अब यह पूरी तरह से सिद्ध हो गया है कि भगवा आतंकवाद नाम की कोई चीज नहीं होती, न हो सकती है. अब इस झूठी कहानी पर विराम लग गया है. बुरहानपुर में एक हिंदू बेटी की हत्या पर भी बागेश्वर महाराज ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं. कुछ कुंठित मानसिकता के लोग हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके मकसद पूरे न होने पर उनकी हत्या कर देते हैं. देश में थूक जिहाद और लव जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं हिंदू बेटियों से उन्होंने अपील की  दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो. उन्होंने कहा कि हम दिन-रात प्रयास कर रहे हैं कि हिंदू जागे. जात-पात मिटाकर एक हों, तभी आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता है.

अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान वायरल, अब बोले- ‘मुंह मारना’ का मतलब गलत लिया गया

नई दिल्ली  हाल ही में अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अब इस पर सफाई दी है। सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'मुंह मारना' गांव की एक सामान्य भाषा है और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह बात लड़का और लड़की दोनों के लिए कही थी। व्यभिचारी लोग चरित्रवान नहीं होते अनिरुद्धाचार्य ने कहा, "जो लड़की कई पुरुषों के साथ रही वह पतिव्रता नहीं है। व्यभिचारी लोग चरित्रवान नहीं होते, वे 'मुंह मारते हैं'।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पुरुष और स्त्री दोनों को चरित्रवान होना चाहिए और एक-दूसरे से व्यभिचार नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार उन्होंने वही बात कही है जो शास्त्रों में लिखी है और उन्होंने अपने मन से कुछ भी नहीं कहा।   लिव-इन रिलेशनशिप पर भी बोले लिव-इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर कथावाचक ने कहा कि यह अपवित्र है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़का और लड़की एक साथ रह रहे हैं तो उन्हें शादी करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि लड़का और लड़की अगर चरित्रवान होंगे तभी उनकी संतानें भी चरित्रवान होंगी और राष्ट्र का कल्याण करेंगी। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे चरित्रवान रहते हुए अंतरिक्ष में जाएं, पढ़ें और सब कुछ करें लेकिन चरित्रवान रहें। उन्होंने कहा कि राम जैसा पुरुष और सीता जैसी स्त्री दोनों के लिए चरित्र की बात की जाती है। रावण का दिया उदाहरण लिव-इन के खिलाफ कानून लाने के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कोई भी पुरुष हो या स्त्री उसे परायों से बचना चाहिए तभी वह पवित्र माना जाएगा। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने पराई स्त्री को देखा तो उसका विनाश हुआ था।  

शहडोल में 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख खर्च, बदनावर विधायक ने घोटाले का आरोप लगाया

शहडोल /भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे जब शहडोल जिले के दो स्कूलों में महज 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख रुपये खर्च किए जाने का मामला उठा। यह मुद्दा धार जिले के बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत ने जोरशोर से सदन में उठाया और सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसे गड़बड़ी पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। विधायक ने सदन में उठाए सवाल विधायक के अनुसार, शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया और संकदी में रंगाई-पुताई के लिए किए गए बिलों में भारी गड़बड़ी सामने आई है। सिर्फ 24 लीटर ऑयल पेंट में 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये खर्च होना दर्शाता है कि काम से ज्यादा बिलिंग हुई है। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि रंगाई-पुताई के साथ-साथ अन्य मरम्मत कार्य भी किए गए थे। स्कूलों में नवीन दरवाजे लगाना, खिड़कियों की मरम्मत, छत सुधार और भवन की रंगाई जैसे काम सुधाकर कंस्ट्रक्शन, ब्यौहारी के माध्यम से कराए गए। इन कार्यों के एवज में क्रमश: 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मामले की संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण शहडोल संभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मरम्मत कार्यों पर 19 करोड़ खर्च कर रही सरकार शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने स्कूलों की मरम्मत के लिए विशेष बजट भी स्वीकृत किया है। जिन जिलों में 140 से अधिक छात्र संख्या वाले हाईस्कूल/हायर सेकंडरी स्कूल हैं, वहां 50 लाख रुपये प्रति जिला, और जहां छात्र संख्या 140 से कम है, वहां 25 लाख रुपये प्रति जिला के हिसाब से कुल 19 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।  

सीएम रेखा गुप्ता ने बच्चों संग मनाया राखी पर्व, वायरल हुईं मानवीय भावनाओं से भरी तस्वीरें

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सरकारी स्कूलों के बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से प्यार से राखी बंधवाई और इन पलों की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की हैं। तस्वीरों में वह बच्चों को दुलारती और उनसे राखी बंधवाती हुई नज़र आ रही हैं।   सीएम ने कहा, 'यह रिश्ते की नई परिभाषा थी' मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज सुबह मुख्यमंत्री जनसेवा सदन कुछ अलग ही रंग में था। सरकारी स्कूलों से नन्हें बच्चे जब रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में राखियां लेकर आए, तो यह रस्म हमारे रिश्ते की नई परिभाषा थी।" उन्होंने बच्चों की हंसी और उनकी मासूम आंखों की चमक को अपने हर फैसले का आधार बताया। उन्होंने कहा, "उनके छोटे-छोटे हाथों से बांधे गए धागे एक ऐसे कल का वादा थे, जहाँ हर बच्चा बिना डर, बिना भेद, अपने सपनों की उड़ान भर सके।"   बीजेपी ने भी मनाया राखी का त्योहार दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी रक्षाबंधन का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने राखी बांधी। सचदेवा ने राखी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पवित्र त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा को बनाए रखता है और पूरे समाज को एकता के सूत्र में बांधता है। इसके अलावा, बीजेपी महिला मोर्चा ने भी दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में जाकर वहाँ रहने वाले लोगों के साथ राखी का त्योहार मनाने की घोषणा की है। पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋचा पांडे मिश्रा ने बताया कि उनकी पार्टी ने इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की है और जल्द ही इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।

शिक्षा संकट: जर्जर स्कूल भवन, टीन शेड बना क्लासरूम

जैसलमेर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है, प्रोत्साहन राशि दी जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी स्कूलों की हालत उजागर कर रही है। उपखंड फतेहगढ़ की उप तहसील झिनझिनयाली के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200 से अधिक छात्राओं का नामांकन है, लेकिन भवन की स्थिति भयावह है। विद्यालय में बने पांच कक्षों में से तीन पूरी तरह जर्जर हैं और बंद पड़े हैं। शेष दो कक्षों में दसवीं और ग्यारहवीं की छात्राएं बैठती हैं, जबकि पहली से नौवीं तक की सभी छात्राओं को एक ही टीन शेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और बालिकाओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। बरसात में जर्जर कक्षों के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे छात्राएं डर के साए में हैं। विद्यालय में एक भी महिला अध्यापिका नहीं है। रसोईघर की दीवारों में दरारें हैं और छत गिरने की कगार पर है। पेयजल के लिए बना टांका भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार सिर्फ कागजों में ही बालिका शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे करती है हकीकत कुछ ओर ही है अभी कुछ दिन पहले झालावाड़ के पिपलोदा में हुए हादसे के बाद प्रशासन और परिजन दोनों ही एक्टिव मोड में आ गए हैं, जिसके बाद पता चला कि झालावाड़ ही नहीं पूरे राजस्थान के यहीं हाल हैं, हर स्कूल में कमरे छतिग्रस्त हैं | ग्रामीण फतेहसिंह का कहना है कि यह विद्यालय आठ-दस गांवों के लिए एकमात्र बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय है। जर्जर कक्षों और सुविधाओं के अभाव में छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रही हैं। प्रधानाचार्य इंद्राराम पन्नू ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है और उप तहसील भवन में वैकल्पिक रूप से विद्यालय चलाने की मांग भी की गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है।

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।