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हाई कोर्ट ने गुरुग्राम मेयर के जाति प्रमाण पत्र मामले में उपायुक्त को नोटिस और 30 दिन का समय दिया

गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा का जाति प्रमाण पत्र सही है या नहीं, इसकी जांच उपायुक्त करेंगे। यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फर्जी जाति प्रमाण होने को लेकर डाली गई याचिका पर 25 अगस्त को सुनवाई करते हुए जारी किया है। उपायुक्त को 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाने को कहा गया है। साथ ही वादी पक्ष को इस संबंध में हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई स्टेट कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने को भी कहा गया है। याचिकाकर्ता यशपाल प्रजापति का आरोप है कि मेयर राजरानी मल्होत्रा ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी जाति बदलकर पिछड़ा वर्ग-ए का जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। राजरानी मल्होत्रा जाति से पंजाबी जाट खत्री हैं। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने फर्जी तरीके से सुनार दर्शा कर बैकवर्ड क्लास का सर्टिफिकेट जारी करवाया है। प्रजापति ने फर्जी प्रमाण पत्र को रद कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। याचिकाकर्ता ने मेयर पद के लिए कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार रहीं सीमा पाहूजा के ऊपर भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा रखा है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि अगर उपायुक्त 30 दिनों में जांच नहीं करते हैं तो याचिकाकर्ता राज्य स्तर की जांच समिति के समक्ष अपील करने के लिए स्वतंत्र है। इधर, जाति प्रमाण पत्र सही है या नहीं, इसकी जांच पूरी होने तक जिला अदालत में भी एक याचिका दायर है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता बनवारी लाल का दावा है कि मेयर का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। उनके पास प्रमाण हैं। चुनाव लड़ने के लिए फर्जी प्रमाण बनवाया गया। उनकी मांग है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती है जब तक मेयर को उनके अधिकार से वंचित किया जाए यानी उन्हें काम करने पर रोक लगाई जाए।  

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

राज्य में जल्द आएगा ’सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों के लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहां पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।  इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल: पंजीयन नवीनीकरण अब फेस स्कैन से संभव

भोपाल मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की तरह अब फार्मेसी काउंसिल में भी पंजीयन नवीनीकरण के लिए फार्मासिस्ट का भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने की तैयारी है। 60 वर्ष से कम उम्र वालों का आधार केवायसी से सत्यापन किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि वे जीवित है या नहीं। इससे अधिक उम्र वालों को भोपाल में फार्मेंसी काउंसिल में उपस्थित होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी सिर्फ कागजों के आधार पर पंजीयन नवीनीकरण हो जाता है, जिससे यही पता नहीं चलता कि जिसके नाम से पंजीयन वह व्यक्ति जीवित है या नहीं। इसी पंजीयन के आधार पर औषधि प्रशासन विभाग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करता है। कई बार तो ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से भी फार्मासिस्टों के नवीनीकरण आवेदन एकत्र करके काउंसिल में भेजे जाते हैं।       उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने भी पंजीकृत सभी डाॅक्टरों का आधार सत्यापन दो वर्ष पहले शुरू किया था।     कारण, कई डाॅक्टर दुनिया में नहीं रहे तो कुछ दूसरे राज्य या विदेश में चले गए पर काउंसिल में इसके बाद भी वह पंजीकृत हैं। सत्यापन में स्थिति सामने आ गई।     अब ऐसी ही व्यवस्था फार्मेसी काउंसिल करने जा रहा है। प्रदेश में 80 हजार से अधिक फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं। हर पांच वर्ष में पंजीयन नवीनीकरण अनिवार्य है।     इनमें मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले या सरकारी-निजी क्षेत्र में सेवा देने वाले फार्मासिस्टों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ तो वे न तो दुकान चला सकते न ही सेवा दे सकते।     स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसकी तैयारी चल रही है। लगभग एक माह में पंजीयन नवीनीकरण के लिए यह व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

जिन विभागों में गुंजाइश थी, वहां 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल को सभी राजनीतिक दलों ने सराहा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। विभिन्न पक्षों के अधिवक्ता इस विषय में न्यायालय के सामने अपने-अपने बिन्दु रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विषय पर 22 सितम्बर से प्रतिदिन सुनवाई करेगा। इस विषय पर सभी दलों की सहमति हो, इस संबंध में गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस विषय में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे और विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितम्बर तक एक साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी अपने संदेश में यह बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एक मत से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को राज्य शासन और उसके विभिन्न घटकों द्वारा की गई चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के फलस्वरूप नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने सभी दल एकजुट होकर इसे क्रियान्वित करने के लिए विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सभी फोरम पर मिलकर प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार हरसंभव प्रयास किए हैं। जिन विभागों में गुंजाइश थी उन सभी विभागों में आरक्षण देने में सरकार पीछे नहीं रही। कई विभाग जिनमें स्टे नहीं था, जैसे लोक निर्माण विभाग आदि में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इस विषय में राज्य सरकार वरिष्ठतम अधिवक्ताओं की सलाह लेने और राज्य सरकार का पक्ष रखने में उनका सहयोग लेने के लिए वर्तमान में भी सहमत और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सराहना की। सर्वदलीय बैठक में शामिल सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस श्री जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक श्री उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस श्री अरूण यादव, प्रदेश अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी श्री रमाकांत पिप्प्ल, प्रदेश अध्यक्ष समाजवाद पार्टी श्री मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं विधायक श्री तलेश्वर सिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी एवं महापौर नगर पालिक निगम सिंगरौली श्रीमती रानी अग्रवाल, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के श्री जे.पी दुबे, पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल तथा अधिवक्ता श्री वरूण ठाकुर उपस्थित थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग श्री रामकृष्ण कुसमारिया, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री हेमंत खंडेलवाल, सतना सांसद श्री गणेश सिंह तथा विधायक श्री प्रदीप शामिल हुए। बैठक में एडवोकेट जनरल श्री प्रशांत सिंह ने वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव विधि श्री एन.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने सर्वदलीय बैठक को स्वागत योग्य पहल बताया। समाजवाटी पार्टी के श्री मनोज यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार मिलना चाहिए। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडलवाल तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के श्री जे.पी. दुबे ने भी अपने विचार रखे। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने संबंधी जानकारी     दिनांक 08 मार्च 2019 को म.प्र. शासन द्वारा अध्यादेश जारी कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। दिनांक 14 अगस्त 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे कानून के रूप में लागू किया गया।     वर्तमान में 19 मार्च 2019 को दायर WP 5901/ 2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) सहित 40 से अधिक प्रकरण उच्चतर न्यायालयों में प्रचलन में हैं, जिनमें मूलतः अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश/अधिनियम में 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, परंतु अधिनियम की वैधानिकता पर न्यायालय द्वारा कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। अतः उपरोक्त अधिनियम आज की स्थिति में वैधानिक है एवं इसकी वैधानिकता पर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition (s) (Civil) No(s). 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।     दिनांक 19 मार्च 2019 को दायर याचिका WP 5901/2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश के आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण महावि‌द्यालय में प्रवेश के दौरान न देने के निर्देश दिये। (चिकित्सा शिक्षा विभाग) WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रकाशित विज्ञापनों (यथा MPPSC, PEB, TET आदि) पर रोक लगाई गई। उपरोक्त प्रकरणों में समय-समय पर पारित अंतरिम आदेश के कारण प्रावधानित 27 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग आरक्षण का क्रियान्वयन प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हो पाया है।     शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं को WP 5901/2019 के साथ सम्मिलित कराया गया। उपरोक्त याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेशों के म‌द्देनजर महाधिवक्ता के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रभावी प्रतिरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।     दिनांक 29 सितंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग ‌द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।     दिनांक 27 जनवरी 2024 को सामान्य प्रशासन … Read more

12.41 करोड़ रुपये से हरियाणा के शहर में बनेगी स्लिप रोड, जाम की समस्या खत्म

हिसार  हिसारवासियों के लिए खुशखबरी आई है। दरअसल शहर से ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 5 स्थानों पर स्लिप रोड का निर्माण और अन्य कामों के लिए 1241.03 लाख रुपये स्वीकृत कर लिए गए है। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने दी है।  कैबिनेट मंत्री ने बताया कि क्लॉथ मार्केट के पास तुलसी चौक टी जंक्शन पर स्लिप रोड बनाने के लिए 76.93 लाख रुपये, ऑटो मार्केट टी जंक्शन नजदीक जीजेयू के पास स्लिप रोड निर्माण के लिए 174.30 लाख रुपये, लघु सचिवालय के पास हिसार राजगढ़ रोड और साउथर्न बाईपास पर स्लिप रोड निर्माण के लिए 385.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से डाबड़ा चौक जंक्शन के सुधार के लिए स्लिप रोड निर्माण के लिए 94.78 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। वहीं हिसार राजगढ़ रोड और दक्षिण बाईपास के समीप बालसमंद सब ब्रांच पर RCC बॉक्स टाइप पुल सहित स्लिप रोड के निर्माण के लिए 509.21 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। हालांकि मंत्री ने कहा कि सभी कामों पर जल्द से जल्द काम शुरू करने को लेकर विभागों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- वर्तमान के साथ भावी पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सरकार कटिबद्ध

भोपाल  वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी उज्ज्वल हो, इसी ध्येय के साथ सरकार शिक्षा सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इसी भाव के साथ उप नगर ग्वालियर की शिक्षण संस्थाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात गुरुवार को डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह में कही। उन्होंने महाविद्यालय में कुल 4 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक विज्ञान भवन, कम्प्यूटर प्रयोगशाला एवं स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र एवं राज्य सरकार विकास की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने बताया कि उपनगर ग्वालियर में सांदीपनि स्कूल, शिक्षा नगर व डीआरपी लाइन स्थित स्कूल और अन्य स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है। इसी तरह सिविल हॉस्पिटल हजीरा व बिरलानगर प्रसूति गृह को अत्याधुनिक एवं उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उप नगर ग्वालियर व हजीरा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अब बिरलानगर प्रसूति गृह में जटिल ऑपरेशन तक की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भरोसा दिलाया कि डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। महाविद्यालय परिसर में सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य भी कराए जायेंगे। साथ ही कहा कि यहाँ के नौजवानों को ग्वालियर में ही रोजगार मिले, इस दिशा में भी गंभीरता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री रामअवतार सिंह बैस ने विकास कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर की पहल पर महाविद्यालय में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद थे। प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव का किया सम्मान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शॉल-श्रीफल व पुष्पाहारों से डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर के श्रीवास्तव को सम्मानित किया। डॉ. श्रीवास्तव इसी माह 30 अगस्त को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सभी अतिथियों ने डॉ. श्रीवास्तव के सेवाकाल को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

त्योहारी सीजन में ट्रेनें फुल, दीपावली-छठ पर यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

जबलपुर दीपावली घर पर मनाने के लिए लोगों ने तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। बर्थ की कमी से ट्रेनों से त्योहार पर घर पहुंचना आसान नहीं होगा। रेलवे की ओर से त्योहार से पूर्व की तिथियों पर आरक्षण टिकट खिड़की खुलते ही ट्रेनें की सीटें भर जा रही हैं। दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों में उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट बुकिंग बंद हो गई है। दिल्ली, इंदौर और जयपुर से जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी त्योहार से पूर्व की तिथियों पर टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। जिन यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल सकी है वे अब नई स्पेशल ट्रेनों की प्रतीक्षा में हैं। कुछ यात्री तत्काल टिकट में कन्फर्म सीट की उम्मीद में हैं।   कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची जबलपुर से होकर प्रतिदिन लगभग सवा सौ ट्रेनें गुजरती हैं। त्योहार पर शहर की ओर आने वाली ट्रेनों पर यात्री दबाव अधिक है। नवरात्र, दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों पर प्रमुख ट्रेनों की सीटें फुल हो चुकी हैं। सबसे अधिक मारामारी मुंबई से आकर उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में है। इन ट्रेनों की सीटें दीपावली के एक सप्ताह पूर्व से लेकर छठ पूजा तक भरी हुई है। इनमें 90 प्रतिशत ट्रेनों में सीटें रिग्रेट (टिकट बुकिंग बंद) स्तर पर पहुंच गई हैं। दीपावली पर शहर तक पहुंचना और छठ पूजा पर शहर से पटना एवं वाराणसी की यात्रा के लिए नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची है। 15 से 19 अक्टूबर तक रिग्रेट, उसके बाद लंबी वेटिंग मुंबई-जबलपुर के बीच एकमात्र सीधी ट्रेन गरीब रथ है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन औसतन 15 लंबी दूरी की ट्रेनें है, जो जबलपुर होकर संचालित होती है। इन समस्त ट्रेनों की समस्त श्रेणी (स्लीपर से फर्स्ट एसी तक) में 15 से 19 अक्टूबर तक टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। 20 से 28 अक्टूबर के बीच भी एक-दो ट्रेन को अतिरिक्त अन्य सभी ट्रेनों में बुकिंग बंद हो गई। पुणे से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में 14 से 25 अक्टूबर तक फुल है। सप्ताह में एक दिन चलने वाली पुणे-जबलपुर स्पेशल ट्रेन में भी 13 अक्टूबर व 20 अक्टूबर को लंबी प्रतीक्षा सूची है। हड़सपर-रीवा साप्ताहिक एक्सप्रेस में भी टिकट वेटिंग में है। दिल्ली से श्रीधाम के अलावा अन्य ट्रेन में वेटिंग दीपावली से पूर्व इंदौर, जयपुर और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। इंदौर-जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट और नर्मदा एक्सप्रेस में 15 से 19 अक्टूबर तक प्रतीक्षा सूची है। ओवरनाइट एक्सप्रेस में 17 व 18 अक्टूबर को स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 111 और सेकेंड एसी में 75 पहुंच गई है। थर्ड एसी की 17-18 अक्टूबर को टिकट बुकिंग बंद हो गई है। जयपुर से आने वाली दयोदय एक्सप्रेस में 14 से 19 अक्टूबर के बीच सभी श्रेणी के टिकट प्रतीक्षा सूची में है। यशवंतपुर-जबलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस में 19 जुलाई को समस्त श्रेणियों की टिकट प्रतीक्षा सूची में है। दिल्ली से जबलपुर के बीच तीन नियमित ट्रेन संचालित है। जिसमें श्रीधाम के अलावा अन्य दोनों ट्रेनों में 17 और 19 अक्टूबर की कन्फर्म सीटें समाप्त हो गई हैं। हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस में 17 अक्टूबर को थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 87 है। सेकेंड एसी की बुकिंग बंद हो चुकी है।   पांच पूजा स्पेशल ट्रेन की समय-सारिणी जारी, शेष की प्रतीक्षा पश्चिम मध्य रेल ने त्योहार पर यात्रियों की सुविधा के लिए पांच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इनकी समय-सारिणी जारी कर दी गई है। जबलपुर-दानापुर (ट्रेन क्रमांक 01701-02) के बीच का संचालन 26 सितंबर से छह नंवबर के बीच सप्ताह में दो दिन होगा। 

दक्षिण कोरिया के KITA से सीएम विष्णुदेव साय की मुलाकात, निवेश संभावनाओं पर हुई चर्चा

निवेश, तकनीकी सहयोग और स्किलिंग से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने पर हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

भूमाफिया के बेटे समेत इंदौर में करोड़ों की जमीन घोटाले में पकड़े गए आरोपी

इंदौर कनाड़िया पुलिस ने मंडलेश्वर निवासी प्रदीप प्रतापसिंह चौहान की शिकायत पर आरोपित बलराम बुराने निवासी अंबे नगर, अमजद पटेल निवासी खजराना और संजय कुशवाह निवासी अंबेडकर नगर के खिलाफ धोखाधड़ी और हेराफेरी का केस दर्ज किया है। जुलाई 2022 में हुआ था जमीन का सौदा एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्रसिंह के मुताबिक महात्मागांधी मार्ग (मंडलेश्वर) निवासी प्रदीप ने ग्राम बुरानाखेड़ी स्थित भूमि का सौदा आरोपित बलराम पुत्र मायाराम बुराने निवासी जय अंबे नगर और अमजद पुत्र रहमत पटेल निवासी खजराना से किया था। प्रदीप से इस सौदे का जुलाई 2022 में अनुबंध किया गया था।   आरोपियों ने अन्य से कर दिया था सौदा प्रदीप के अनुसार उन्होंने विक्रय कीमत की संपूर्ण राशि अदा कर दी है। जांच नें पता चला कि आरोपितों ने उक्त भूमि का नामांतरण भी स्वयं के नाम से नहीं करवाया था। इस कारण आवेदक को विक्रय लेख नहीं किया और बहाना बनाते रहे। आरोपितों ने एक अन्य जालसाज संजय कुशवाह के साथ मिलकर उक्त भूमि का सौदा अन्य से कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच की और बुधवार को तीनों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।

मंत्री टेटवाल ने कहा- तकनीकी ज्ञान एवं नवाचार से ही भारत बनेगा विश्वगुरू

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा है कि दीक्षारंभ केवल शिक्षा का औपचारिक आरंभ नहीं है, बल्कि यह वह क्षण है जब विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज व राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना या रोजगार नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का माध्यम होना चाहिए। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने मैनिट परिसर में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) 2025 बैच के दीक्षारंभ समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित किया। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियान युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की हिम्मत दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईआईटी-2025 बैच के विद्यार्थी इस बदलते दौर में अपनी पहचान बनाकर प्रदेश और देश का नाम रौशन करेंगे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि इस संस्थान से 'ऑपरेशन सिंदूर' की नेतृत्वकर्ता विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरेशी जैसे प्रतिभाशाली चरित्र निकलकर आएं, जो अपने योगदान से राष्ट्र को नई दिशा दें। अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले शुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आईआईआईटी-2025 बैच के विद्यार्थी भी इसी तरह वैश्विक स्तर पर अपनी उपलब्धियों से देश का नाम रौशन करें। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षा की दृष्टि से ऐतिहासिक परंपरा वाला प्रदेश है। उज्जैन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहाँ संदीपनी आश्रम से लेकर कृष्ण जैसे महान शिक्षार्थी और विद्वान निकले, जिन्होंने इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, इतिहास और ज्योतिष जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उज्जैन सदियों से शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। उन्होंने देश के कई राज्यों से आये विद्यार्थियों का भोजताल और तालाबों की नगरी भोपाल में स्वागत किया। मंत्री श्री टेटवाल ने गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘कर्म में कौशल ही योग है' और यही उत्कृष्टता जीवन को सार्थक बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप वही है, जो व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना जगाए। विद्यार्थियों ने मंत्री श्री टेटवाल से संवाद किया और कई प्रश्न पूछे, जिसका उन्होंने बहुत ही सरल तरीके से जवाब दिया। मंत्री श्री टेटवाल ने विद्यार्थियों को ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल का भ्रमण करने के लिये आमंत्रित भी किया। मंत्री श्री टेटवाल को प्रोफेसर्स ने संस्था की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। मंत्री श्री टेटवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि वे अपने जीवन के इस नए अध्याय में पूरी निष्ठा और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा भविष्य के भारत के निर्माता बनें। समारोह में आईआईआईटी-2025 बैच में 660 विद्यार्थियों ने बीटैक, 48 विद्यार्थियों ने एमटैक, 71 विद्यार्थियों ने एमसीए और 9 विद्यार्थियों ने पीएचडी के लिये एडमिशन लिया है।