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न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव: हाईकोर्ट ने नोटिस भेजने के लिए स्पीड पोस्ट को दी मंजूरी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब कोर्ट से जुड़े नोटिस और दस्तावेज अब स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे. इससे नोटिस और दस्तावेज की डिलीवरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होने के साथ न्यायिक कार्रवाई में तेजी आएगी. हाईकोर्ट का ताजा फैसला न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस फैसले के साथ ही अब अधिकारियों और पक्षकारों की बहानेबाजी नहीं चलेगी, अब देरी का हवाला नहीं दे पाएंगे. इसके साथ ही लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी.

पंजाब कांग्रेस संकट: पूर्व मंत्रियों ने हाईकमान के फार्मूले को ठुकराया

लुधियाना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता का माहौल बनाने के लिए हाईकमान की एंट्री हो गई है, जिसके तहत पंजाब में उलझ रहे कांग्रेस के बड़े नेताओं की जफ्फी दिल्ली पहुंच कर पड़ गई।  इस संबंध में फोटो बाकायदा पंजाब प्रधान राजा वडिंग व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अपने सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। जो पिछले काफी समय से पंजाब में चल रही संविधान बचाओ रैली में इकट्ठे हिस्सा लेने की बजाय एक दूसरे के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।  इस फोटो में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के अलावा पंजाब के नेता विपक्ष प्रताप बाजवा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा, पूर्व मंत्री विजय इन्द्र सिंगला व प्रगट सिंह भी नजर आ रहे हैं।  यह फोटो राहुल गांधी व मल्लिकाअर्जुन खड़गे द्वारा संगठन सर्जन अभियान के तहत दिल्ली में बुलाई गई सियासी मामलों की कमेटी की बैठक के बाद जारी की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में जहां विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विचार किया गया। वहीं उससे पहले एकजुटता पर भी जोर दिया गया जिसके लिए हाईकमान के दखल की जरूरत बताई गई,  क्योंकि पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई की मुख्य वज़ह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की है। सूत्रों के अनुसार सीनियर नेताओं ने इस दौड़ मे शामिल पंजाब के नेताओं को साफ कर दिया है कि पहले राज्य में पार्टी की मजबूती के लिए काम करें और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हाईकमान द्वारा  जो भी फैसला किया जाएगा, वो सबको मानना पड़ेगा।  इसके बाद उक्त नेताओं द्वारा आपसी मनमुटाव खत्म करने की गारंटी के साथ एक फ्रेम में फोटो जारी की गई है , जिसके चलते आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस की राजनीति में बदलाव देखने को मिलेगा।   राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर छिड़ी चर्चा दिल्ली में लंबे समय तक हुई मीटिंग के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कोर भट्ठल के पूर्व मंत्री रजिया सुल्तान, साधु सिंह धर्मसौत, राणा के पी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओ पी सोनी, सुखसरकारीया, रणदीप नाभा, गुरुकीरत सिंह, एमपी डॉ अमर सिंह, गुरजीत ओजला, पूर्व एमपी जसबीर सिंह डिम्पा, विधायक सुखपाल खेहरा, कुलजीत नागरा मौजूद थे लेकिन दोनों मीटिंग के अलावा समझोता फोटो में से राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर चर्चा छिड़ गई है। क्योंकि यह दोनों ही नेता खुलकर राजा वडिंग के ग्रुप का विरोध कर रहे हैं। हालांकि उनके ग्रुप से चन्नी व प्रगट सिंह तो इस सुलह में शामिल हो गए हैं। लेकिन राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह विधानसभा चुनाव से पहले एकजुटता की जरूरत के मद्देनजर हाईकमान द्वारा अपनाए गए फार्मूले से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।   

पंजाब में भारी बारिश की तबाही, अब तक 3 लोगों की मौत

गुरदासपुर पंजाब में भारी बारिश की तबाही के बीच अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच गुरदासपुर से दुखद खबर सामने आ रही है कि, यहां  बाढ़ के पानी में डूबने से  महिला की मौत हो गई।   मृतक की पहचान कुलविंदर कौर (45) के रूप में हुई है, जो  डेरा बाबा नानक के गांव खोदे बेट की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि मृतका कुलविंदर कौर अपने बुज़ुर्ग भाई के साथ गुरुद्वारा साहिब दर्शन करने गई थी। दर्शन करने के बाद जब वह घर लौट रही थी तो पानी अधिक होने के कारण उसका पैर सड़क से फिसल गया और वह एक गहरे गड्ढे  में गिर गई। गड्ढे में पानी बहुत ज्यादा होने के कारण कुलविंदर कौर डूब गई और कुछ दूरी तक पानी में बहती रही। स्थानीय लोगों ने उसे देखते ही बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुलविंदर कौर के भाई और स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी ज़्यादा होने के कारण उसे कुछ समय गुरुद्वारा साहिब में ही रुकना पड़ा था। लेकिन जब वह घर जाने के लिए निकली तो पैर फिसलने से यह दुखद हादसा हो गया। 

महिलाओं के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार 25 सितंबर से देगी 2100 रुपए

हिसार  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा। आज कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा।  23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ  इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।  परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है। पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला या उसके पति का प्रदेश में कम से कम 15 साल निवास होना अनिवार्य है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी. कैबिनेट मीटिंग के बाद रमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि विधानसभा सत्र खत्म होने के अगले ही दिन केवल एक एजेंडा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई. बैठक में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के हित में लगातार कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के चार स्तंभों में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया है. केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है और हरियाणा सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जारी संकल्प पत्र को उनकी सरकार गीता के समान मानती है और उसमें किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर, यानी 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ होगा. योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी.   योजना की प्रमुख विशेषताएँ:     पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है.     आने वाले समय में अन्य आय समूहों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा.     लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला का या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में 15 साल का मूल निवासी होना जरूरी है.     एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. अगर एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो तीनों को लाभ मिलेगा.     सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही 9 ऐसी योजनाओं में, जिनमें आवेदिका को अधिक पेंशन मिल रही है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.     कैंसर स्टेज-3 और 4 मरीजों, 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं को पहले से मिल रही पेंशन के अतिरिक्त इस योजना का भी लाभ मिलेगा.     45 वर्ष की आयु पूरी करने पर अविवाहित महिला ऑटोमैटिक विधवा/निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र बन जाएगी.     60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी महिला वृद्धावस्था पेंशन योजना की पात्र हो जाएगी. पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में लगभग 19 से 20 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगले 6-7 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इस ऐप के जरिए पात्र महिलाएं घर बैठे आवेदन कर सकेंगी. सरकार सभी संभावित लाभार्थियों को एसएमएस भेजकर आवेदन करने के लिए प्रेरित करेगी. साथ ही पंचायतों और वार्डों में लाभार्थियों की सूची प्रकाशित की जाएगी और ग्राम सभाओं व वार्ड सभाओं को सूची पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार होगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने … Read more

निवेश के लिए खुले दरवाज़े: मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरियाई निवेशकों को किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भारत के राजदूत अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

वैष्णो देवी त्रासदी में यूपी के 11 भक्तों की जान गई, बारिश बनी तबाही की वजह

लखनऊ  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बीते मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर 34 लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के 11 श्रद्धालु भी शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शवों को जल्द से जल्द और सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाया जाए। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर अर्धकुंवारी के पास भयानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा श्रद्धालुओं पर गिर गया। इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं की पहचान प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक आगरा से 3 लोग, मुजफ्फरनगर से 3 लोग, बरेली से 1 और अन्य जिलों से 4 लोग इस हादसे में मारे गए हैं। बागपत की रहने वाली चांदनी (23) और उनकी बड़ी बहन नीरा (36) भी इस हादसे में मारी गईं। चांदनी की शादी इसी साल अप्रैल में खेकड़ा निवासी मयंक गोयल से हुई थी। नीरा की शादी मेरठ के अमित जौहरी से हुई थी। मयंक, अमित और उनकी 10 साल की बेटी विधि हादसे में बुरी तरह घायल हुए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार वालों को हादसे की खबर एक अस्पताल कर्मचारी के फोन से मिली। फिर वे तुरंत जम्मू के लिए रवाना हुए। योगी सरकार की मदद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। अधिकारियों को शवों को सम्मानपूर्वक घर भेजने और घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश के कितने लोग इस हादसे से प्रभावित हुए हैं, लेकिन 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है।   तेज बारिश और राहत-बचाव कार्य जम्मू में पिछले 4 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश हुई, जो कि इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। राहत कार्य में जुटे दल: – NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) – भारतीय सेना – स्थानीय प्रशासन – भारतीय वायुसेना ने C-130 विमान से राहत सामग्री भेजी है। – Mi-17 V5 और चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है और यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।  

राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज, एनएमसीएच में बढ़ाई गई चिकित्सा सुविधाएं

पटना  राजधानी पटना में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। अब तक लगभग पिछले एक सप्ताह में लगभग 72 डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं और विगत 24 घंटे में 10 नए मामले सामने आए मिले हैं। अगस्त में 158 मरीज मिले हैं।  24 घंटे में जो 10 मरीज मिले हैं. उनमें तीन मुसल्लहपुर, दो-दो छज्जूबाज और बाजार समिति, एक-एक बाइपास, संदलपुर और गुलजारबाग का बताया जा रहा है। डेंगू के हॉट स्पॉट में कंकड़बाग का पोस्टल पार्क और योगीपुर, पटना सिटी, बोरिंग कैनाल रोड, जक्कनपुर, कॉलोनी, दीघा, गोला रोड, जगनपुरा, पाटलिपुत्र, फुलवारीशरीफ और दानापुर इलाके है। इस संबंध में एनएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि मेडिसिन विभाग में डेंगू दो मरीज भर्ती हैं। इसको लेकर 40 बेड रिजर्व रखे गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के पर बेड़ों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मेडिकेटेड मच्छरदानी भी उपलब्ध कराई गई है। ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों में लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। उन्होंने इसे रोकने के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। इसके साथ ही कूलर, गमलों, बाल्टी, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों का पानी खाली करने की सलाह दी है। दिन में भी सोते समय मछरदानी का उपयोग करने की सलाह दी।

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की अहम बैठक 31 अगस्त को छतरपुर में

छतरपुर  अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश महासचिव दीपू सोनी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी की मुख्य उपस्थिति में यह बैठक आयोजित होगी !जिसमें राष्ट्रीय महासचिव रोहित यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश तिवारी एवं ए के स्वर्णकार प्रदेश सदस्यता प्रभारी,य छत्तीसगढ़ प्रदेश सदस्यता प्रभारी धर्मेंद्र वस्त्रकार, एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार राय के मुख्य उपस्थिति में सदस्यता अभियान के साथ-साथ बैठक आयोजित होगी यह बैठक समिति को विस्तार एवं समिति में नए पदाधिकारी का चयन के साथ-साथ  सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया है

सीतामढ़ी में विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन, यात्रा से बढ़ी NDA की मुश्किलें

सीतामढ़ी बिहार में जारी इंडिया गठबंधन की 'वोट अधिकार यात्रा' सीतामढ़ी पहुंच चुकी है। यहां आज राहुल गांधी माता जानकी का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के साथ उनके गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। कार्यकर्ताओं में एक अलग जोश देखने को मिल रहा है। 'गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा' बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दलों में सियासी घमासान मचा हुआ है। वहीं, प्रदेश में 'वोट अधिकार यात्रा' अपने पड़ाव पर आगे बढ़ रही है। यात्रा के 12वें दिन लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कारवां सीतामढ़ी पहुंच चुका है। इससे पहले उन्होंने रुन्नी सैदपुर में आयोजित सभा को संबोधित किया। केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जमकर घेरा है। आरोप लगाया कि इसके जरिए माध्यम से गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि वाहनों के लंबे काफिले के बीच सीतामढ़ी में राहुल गांधी ने प्रवेश किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। राहुल गांधी की यात्रा जब शहर में प्रवेश की तो ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरीके से डायवर्ट कर दिया गया था। 28 अगस्त को राहुल गांधी सीतामढ़ी के रीगा से निशाना साधेंगे। उससे पहले माता जानकी के मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। रीगा से बैरगनिया तक वोटर अधिकार यात्रा के तहत रैली करेंगे। राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव ,मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद है।

OBC आरक्षण पर भोपाल में बड़ी बैठक, कांग्रेस-सपा-आप समेत कई दल हुए शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण मामले में 6 साल पहले कानून बन गया था। लेकिन अभी तक नौकरी में 27 फीसदी आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। वहीं, आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट में घिरने के बाद सरकार ने इस समस्या का हल निकालना शुरू कर दिया है। ओबीसी आरक्षण पर हल खोजने के लिए सीएम हाउस में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। सभी पार्टी के नेताओं के बीच शुरू हुई चर्चा खत्म हो गई है। गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश में ओबीसी के सदस्यों को आरक्षण के संबंध में सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। सर्वदलीय बैठक में ये नेता हुए शामिल इस बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट रामेश्वर ठाकुर, वरुण ठाकुर, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल मंत्री प्रहलाद पटेल जैसे मध्य प्रदेश ओबीसी आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसुमरिया मंत्री कृष्णा गौर जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे। चिंताएं और आवश्यकताएं हुई स्पष्ट इस बैठक में सभी नेताओं ने अपने-अपने मत सरकार को दिए। बैठक के दौरान विभिन्न दलों ने अपनी चिंताओं और आवश्यकताओं को स्पष्ट किया। इसके चलते मुद्दे पर दलों के बीच गहन विचार विमर्श हुआ। सीएम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक से आरक्षण मुद्दे में आगे की नीतिगत दिशा तय करने में सहायता मिलेगी। इस बैठक का मूल उद्देश्य ही सभी दलों के विचारों को सुनना और सामंजस्यपूर्ण समाधान निकालना था। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार तो हमेशा से ही ओबीसी को 27% आरक्षण देना चाहती है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला होने की वजह से कुछ समस्याएं आ रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे का हाल सभी दल मिलकर निकालेंगे। इससे समन्वय की स्थिति बनेगी और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की राह आसान हो जाएगी। जीतू पटवारी ने किए तीखे सवाल बैठक शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि जिन लोगों ने गड़बड़ की, क्या उनको सजा मिलेगी? पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी सरकार ने कांग्रेस द्वारा दिए आरक्षण को क्यों रोका? नेता प्रतिपक्ष उमार सिंघार का तंज वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि 6 साल पहले कमल नाथ की सरकार में आदेश हुआ था। अध्यादेश भी आया था। इस तरह से पुराने घर में नारियल फोड़कर 27 प्रतिशत आरक्षण का गृह प्रवेश कर रहे हैं। सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता तब पड़ती है जब विवाद हो, आपस में समन्वय न हो। कांग्रेस तो पहले से ही तैयार है। कांग्रेस ही अध्यादेश और कानून लेकर आई थी। क्या बोले अन्य पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने कहा पिछड़े वर्ग को आबादी के हिसाब से 52 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन सरकार 14 प्रतिशत दे रही है। 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू करें। वहीं, आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण तो प्रदेश में लागू हो गया था। यह ओबीसी का हक है और उसे मिलना ही चाहिए। केंद्र-राज्य में बीजेपी सरकार है। चाहे तो 27 प्रतिशत आरक्षण हो सकता है पर वह लटकाए हुए हैं।