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समारोह : मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा बी डी महंत की स्मृति में समारोह

बिलासपुर  मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा  हरेली के अवसर पर चैतुरगढ़ के महिषासुरमर्दिनी माता के परिसर में मध्य प्रदेश और भारत सरकार  की राजनीति में दखल देने वाले पनिका समाज के प्रेरणास्रोत बाबू बिसाहू दास महंत को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी।साथ ही उनकी स्मृति में बेल,नीम,बड़गद,पीपल के पौधे लगाकर   समाज हित में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।बहुप्रतीक्षित अनुसूचित जनजाति की मांग को   कोरबा जिला के पनिका समाज ने उठाते हुए  पुनः नया संगठन की अगुवानी में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।  भरतदास मानिकपुरी अध्यक्ष, नन्हीदास महंत  महासचिव, गोपालदास   पड़वार,कोषाध्यक्ष, गोरे   महंत सचिव, मनोज  मानिकपुरी,प्रदेश प्रवक्ता, निर्वाचन अधिकारी घनश्याम दास, पाली ब्लॉक के समाज अध्यक्ष कंवल दास रंगोले, लाफा सोसाइटी समाज प्रमुख  पीला दास महंत,बगदरा निवासी संतोष दास महंत, मानिकदास,सहित  भारतीय मानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर देवधर महंत,साहित्यकार एवं अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर,डॉक्टर फूल दास महंत पनिका समाज महासमिति राष्ट्रीय संगठन नई दिल्ली अर्जुनदास , हरिहर दास, कोटा से भरतदास, शम्भुदास , पुरुषोत्तम दास, मयादास, मोहर दास ,  एवं महिला आमीन माता समिति, नवयुवकप्रदेश अध्यक्ष भावी रवि के साथ सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में स्वप्रेरित उपस्थित हुए।  

कन्या हायर सेकेंडरी में विधायक ने वितरित की सायकल, विद्यार्थियों के साथ खड़े हो कर की पीटी

आष्टा मध्यप्रदेश के अब आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के पूर्व संस्था के खेल शिक्षक विद्यार्थियों को कराएंगे पीटी, पीटी करने से शरीर मे स्फूर्ति आती है,वही स्वस्थ शरीर मन, मस्तिष्क के लिये पीटी जरूरी है ।उक्त उदगार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज मुख्यमंत्री सायकल योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सायकल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आष्टा के कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे । इस अवसर पर आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के साथ पीटी की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा  सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में जो योजनाएं,सुविधाए शुरू की उन विभिन्न योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिले इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से कृत संकल्पित है । सरकार का दृढ़ निश्चय है कि शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो ताकि विद्यालय विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास का केंद्र बने और आगे जाकर विद्यार्थी इस देश के अच्छे जिम्मेदार नागरिक बन सके । सरकार की विद्यार्थियों के लिये शुरू की गई मुख्यमंत्री निशुल्क सायकल वितरण योजना के तहत आज आष्टा नगर के कन्या हायर सेकेंड्री, मॉडल स्कूल मुगली रोड,हाईस्कूल अलीपुर  में विद्यार्थियों को अपने दूरस्थ ग्रामों से विद्यालय तक आने जाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार की कक्षा 6 एवं 9 वी के विद्यार्थियों को जो दुरस्त ग्रामो से स्कूल आते है ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क योजना के तहत आज विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिलों का वितरण विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के मुख्य आतिथ्य में किये गये । इस अवसर पर आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विद्यालयों में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निशुल्क स्कूल ड्रेस, पुस्तके, मध्यान भोजन,निशुल्क साइकिल, सहित खेल सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है । मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अच्छी तरह से मन लगाकर अपने  गुरुजीयो द्वारा पढ़ाई जाने वाली एवं बताई जाने वाली शिक्षा को ग्रहण करें और लक्ष्य तय कर लक्ष्य को प्राप्त कर देश के भविष्य के रूप में जिम्मेदार नागरिक बने और अपने विद्यालय का, अपने माता-पिता का,शिक्षकों का, अपने क्षेत्र का, जिले का, प्रदेश का नाम रोशन करें । इस अवसर पर विधायक ने बताया कि  विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना अब स्कूल प्रारंभ होने के पूर्व एवं स्कूल से छुट्टी होने के पूर्व पीटी कराई जाएगी ताकि बच्चों का स्वास्थ्यअच्छा रहे वे स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य के साथ उनका शारीरिक बौद्धिक विकास भी हो । हम विद्यालयों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ खेल सुविधाओं में भी वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं । जिन विद्यालयों में खेल सामग्री की, सुविधाओ की कमी है उन्हें भी दूर करने के प्रयास किये जा रहै है । आयोजित  कार्यक्रम में जीवन सिंह मंडलोई, राय सिंह मेवाडा, सोनू गुणवान, गजराज मेवाड़ा, विशाल चौरसिया, तारा कटारिया, राकेश प्रजापति ,विष्णु परमार, जितेंद्र सिठोलिया, अनिल श्रीवास्तव, तेज सिंह राठौर,बीईओ प्रमोद कुशवाह बीआरसी अजब सिंह राजपूत, संस्था प्रमुख महेंद्र सिंह मालवीय सहित अन्य सभी पदाधिकारी शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत मे विधायक के साथ सभी ने वृक्षारोपण किया ।  इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सभी साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुष्प माला पहनकर उन्हें साइकिल सौंपी तथा उनके साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया की इस वर्ष आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में 1359 सायकलों का वितरण किया जायेगा । साइकिल पाकर आज विद्यार्थियों में काफी खुशी का माहौल नजर आया क्योंकि साइकिल नहीं होने के कारण अभी तक वे विद्यालय पैदल आते थे अब उन्हें साइकिल प्राप्त होने के बाद घर से विद्यालय तक आने और जाने की सुविधा के लिए साइकिल प्राप्त हुई है । विद्यार्थियों ने इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का आभार व्यक्त किया ।

जालोर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ का दौरा, विकास और नशामुक्ति पर खास जोर

जालोर जालोर राजस्थान के राज्यपाल हरी भाऊ बागडे़ जालौर दौरे पर रहे। उन्होंने जालौर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यपाल ने विभागवार विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवीन शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण करवाये जाने तथा किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवीन शोधपरक जानकारियां बच्चों के साथ साझा करने की बात कही। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो साथ ही उनकी बौद्धिक और विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ सकें। उन्होंने जिले में संचालित राजकीय स्कूलों और उनमें अध्यनरत छात्र-छात्राओं की संख्या, मिड-डे-मील योजना की जानकारी लेते हुए छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान किए जाने की बात कही। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत क्षय रोगियों की संख्या, उनकी स्क्रीनिंग और निक्षय मित्र के माध्यम से उन्हें पोषण किट वितरण करने की प्रगति के बारे में जानकारी ली तथा चिकित्सा विभाग को टी.बी. मुक्ति की दिशा में प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन में हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी करें प्रभावी मॉनिटरिंग बैठक में उन्होंने नर्मदा नहर परियोजना के तहत ई.आर., एफ.आर. और डी.आर. प्रोजेक्ट की समीक्षा की तथा जल जीवन मिशन के तहत एफएचटी कनेक्शन की गति बढ़ाते हुए पेयजल स्त्रोत निर्माण के कार्यों को समय पर पूर्ण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या समाधान की दिशा में जल जीवन मिशन बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण व भू-जल स्तर सुधार से ‘‘हरियालो राजस्थान’’ की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो सकेगा। उन्होंने वर्षा जल के सहेज कर रखने की बात कही जिसके फलस्वरूप जिले में पानी की समस्या से मुक्ति मिले। उन्होंने डिस्कॉम की कुसम योजना की प्रगति देखी तथा पंचायतीराज की स्वामित्व योजना में जारी किए गए पट्टों पर जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना और एमजीनरेगा के तहत जिले में प्रगतिरत कार्यों और स्वीकृत कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए नरेगा में पौधरोपण, टांका निर्माण और जल संरक्षण के कार्यों को अधिक से अधिक करवाये जाने की बात कही। उन्होंने नगरीय निकायों व ग्रामों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए घर-घर कचरा संग्रहण के माध्यम से एकत्रित किए गए कचरे के समुचित निस्तारण को लेकर निर्देशित किया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में नशीली पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान एवं की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी लेते हुए युवाओं में नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति कैंप लगाकर नशे के आदी हो चुके लोगों को नशावृत्ति से मुक्ति दिलाने की बात कही। उन्होंने अवैध नशे के कारोबार में प्रवृत्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्थान के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी, जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सर्किट हाउस जालोर पहुंचने पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ को पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ का माल्यार्पण और साफा पहनाकर अभिनंदन किया।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

सहकारिता विभाग में विवाद! शिवेन्द्र देव पांडेय प्रकरण में हाई लेवल जांच की मांग तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन), प्रमुख सचिव (सहकारिता), महानिदेशक (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ को ज्ञापन सौंपकर  शिवेन्द्र देव पांडेय, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, सागर संभाग, के विरुद्ध दर्ज प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की माँग की गई है।  पांडेय को 23 जुलाई 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा कथित भ्रष्टाचार के आरोप में 50 हज़ार रुपये लेने का प्रकरण दर्ज  किया गया था, परंतु 23 जुलाई को न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत प्रदान कर दी गई। संघ का कहना है कि यह प्रकरण पूर्व नियोजित, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में सेवा सहकारी समिति पनवारी में सेल्समैन नियुक्ति हेतु आवेदन दिया था, एवं चूँकि यह उनके अधिकार क्षेत्र का कार्य नहीं रहा अतः नियमानुसार कार्यवाही हेतु श्री पांडेय द्वारा उसे संबंधित जिला कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दे दिए गए थे। गौरतलब है कि शिकायत कर्ता के आवेदन में संलग्न समिति का प्रस्ताव अहस्ताक्षरित था तथा समिति द्वारा जारी नहीं किया गया था। संघ का कहना है कि घटना स्थल पर EOW टीम द्वारा प्रकरण दर्ज करने के लिए श्री पांडेय के हाथ के पृष्ठ भाग में जबरदस्ती कर  रकम स्पर्श करायी गई एवं कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के साथ जोर ज़बरदस्ती भी की गई जिस पर पुलिस सहित उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है । सहकारिता विभाग एवं प्रदेश की सहकारी समितियों में ऐसी कार्यवाही से भय एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। स्पष्ट है कि यह कार्यवाही षड्यंत्रपूर्वक की गई है।  संघ ने मांग की है कि पांडेय जी की निष्कलंक छवि और उनकी वर्षों की ईमानदार सेवाओं को देखते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सच्चाई सामने आ सके।

नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान के संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर समाज को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रदेश पुलिस चला रही है जागरुकता अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. यादव नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर 30 जुलाई तक जारी रहेगा अभियान अभियान समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान केवल अभियान नहीं, मादक पदार्थों की लत से युवाओं को बचाने की दिशा में समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी-है जरूरी" के अंतर्गत भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस मुख्यालय के नारकोटिक्स विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। पुलिस के नशा मुक्ति अभियान से जुड़ीं स्वयंसेवी संस्थाएं नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारी, नगर एवं ग्राम रक्षा समितियां और कम्युनिटी पुलिसिंग के सभी विंग साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज के युवाओं और आमजनों को नशे से दूरी बनाने के लिए जागरुक करेंगी। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रदेश स्तरीय महाअभियान से जोड़ा जा रहा है ताकि जनता में विशेषकर युवाओं में जागृति आए कि नशा किस प्रकार से उनके स्वास्थ्य एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को खत्म कर प्रगति को बाधित कर रहा है। पुलिस का यह कार्य जन-जागरुकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समुदाय को कानून, असुरक्षा, गलत नीतियों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है, ताकि प्रदेशवासी नशा और अपराध मुक्त वातावरण में एक बेहतर जीवन जी सकें। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा है अभियान का मूलमंत्र नशे के विरुद्ध समुदाय आधारित जन-जागरुकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस गली-गली में जाकर आम जनता से संवाद कर रही है कि कैसे वे नशे से मुक्त रहें और युवा पीढ़ी नशे से दूरी बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित करे। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने में सहायक सिद्ध होगा। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा अभियान का मूलमंत्र है।  

भयानक सड़क हादसा: आमने-सामने टकराए ट्रक, चालक व खलासी की मौके पर ही मौत

भदोही भदोही जिले के ऊंज थाना क्षेत्र के नवधन गांव के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रक चालक और खलासी की मौत हो गई। इससे दक्षिणी लेन पर जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर जाम खुलवाया। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सावन के कारण हाईवे का उत्तरी लेन कावड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। दक्षिणी लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा है। बृहस्पतिवार की देर रात विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक आपस में टकरा गए। इसमें चालक इंद्रजीत नट पुत्र महेंद्र नाथ (40) निवासी ग्राम भभौरा चकिया चंदौली तथा खलासी देवेंद्र यादव (45) पुत्र श्याम बिहारी निवासी मंगला विहार कॉलोनी कानपुर की मौत हो गई। एक ट्रक पर बैटरी तो दूसरे में प्याज लदा हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि एक ट्रक का अगला हिस्सा ही ध्वस्त हो गया। दूसरे ट्रक का चालक और खलासी फरार हो गए। घटना के बाद हाईवे पर जाम लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंचकर क्षेत्राधिकार ज्ञानपुर प्रभारी निरीक्षक ऊंज रमाकांत यादव ने जाम को हटाया और दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं।    

पीडीएस में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाई, अब 75 : 25 के अनुपात में होगा वितरण

भोपाल  प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अब अधिक मात्रा में गेहूं मिलेगा। वर्षों से लंबित इस मांग को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के आग्रह पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब पात्र परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल वितरित किया जाएगा। अभी तक चावल और गेहूं 60:40 के अनुपात में वितरित किया जाता था। विभिन्न जिलों के दौरे पर मंत्री राजपूत से कई बार नागरिकों ने अनुरोध किया कि वर्तमान वितरण व्यवस्था में बदलाव कर गेहूं की मात्रा बढ़ाकर 75 फीसदी और चावल की 25 फीसदी कर दी जाय। गौरतलब है कि खाद्य मंत्री राजपूत ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर गेहूँ की मात्रा बढ़ाने का आग्रह किया था। केंद्र का फैसला नीतिगत बदलाव की दिशा में एक मिसाल खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल जनहितैषी है, बल्कि यह केंद्र–राज्य समन्वय का भी सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि यदि मांग व्यवहारिक हो तो नीतिगत बदलाव संभव हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार पीडीएस को अधिक पारदर्शी और हितग्राही केंद्रित बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल वितरण ट्रैकिंग और ई-केवाईसी जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू किया जा रहा है। मंत्री राजपूत ने माना केंद्रीय मंत्री का आभार खाद्य मंत्री राजपूत ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण और सारगर्भित त्वरित निर्णय पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाने के अनुरोध को महज एक हफ्ते के अंदर ही स्वीकार कर उसमें बदलाव के आदेश जारी करना यह बताता है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित के लिए किसी भी निर्णय पर त्वरित अमल करती है। केंद्र से लेकर राज्य तक सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधाओं का विस्तार है।  

खेती में तकनीक अपनाएं किसान, उपज बढ़ाएं और लाभ कमाएं : उद्यानिकी मंत्री

भोपाल उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि किसान परंपरागत खेती पर ही निर्भर न रहें बल्कि नवीन तकनीकी के साथ उद्यानिकी फसलों को लेने की ओर बढ़ें। उन्होंने यह बात उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनांतर्गत ग्वालियर जिले में उद्यानिकी फसलों को बढावा देने के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति अरविंद कुमार शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक और जिले के प्रगतिशील किसान बडी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री कुशवाह ने कहा कि गांव में अधिक से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट एवं छोटे छोटे उद्योग लगायें जिससे किसान खुद की फसल का अच्छा दाम प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार नई योजना ला रही है जिसमें जो भी किसान एक बगिया माँ के नाम लगाने पर सरकार 3 लाख रुपये तक अनुदान प्रदान करेगी। उन्होने कहा कि किसानों की मेहनत के कारण लगातार खादा्न उत्पादन में मध्यप्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के किसान फसलों की सिंचाई के लिए काफी परेशान रहते थे, जबसे नदी जोडो अभियान चला है और नये डेम बने है, तब से सिंचाई का रकवा काफी बडा है, जिस कारण फसल उत्पादन भी बडा है। उद्यानिकी मंत्री कुशवाह ने कहा कि हमें जैविक खेती को बढावा देना होगा, किसानों को अपनी फसलों में कम से कम कीटनाशक दवाओं का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों का अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो इसके लिए सरकार प्रयासरत है। किसानों को आईएसआई मार्क की ही मशीनरी एवं अन्य सामान उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। परंपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अगर किसान कार्य करे तो उनकी आय दोगुना हो सकती है। कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नए-नए अनुसंधानों के बारे में भी किसानों को जानकारी प्राप्त कर उसका सदुपयोग करना चाहिए। कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा भी किसानों को उद्यानिकी फसलों के संबंध में तकनीकी जानकारी दी गई।