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लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम की शान बनी सदी पुरानी ऐतिहासिक रिवाल्वर

इंदौर  केंद्रीय शस्त्र और रणनीति स्कूल बीएसएफ में बने हथियारों के संग्रहालय में कई प्रमुख और पुराने हथियारों का संग्रहित है। अब झारखंड के चाईबासा से जुड़े रूंगटा परिवार की एतिहासिक रिवाल्वर संग्रहालय की शान बढ़ाएगी। चाइबासा निवासी रूंगटा भाइयों की ओर से पिता सीताराम रूंगटा की स्मृति को जीवंत रखने के लिए सीएसडब्ल्यूटी संग्राहालय को रिवाल्वर .45 वेबली मार्क-वी दान की गई है। यह रिवाल्वर साल 1914 का माडल है, जिसे इंग्लैंड की कंपनी द्वारा बनाया गया था। जानकारी के अनुसार, इसका उपयोग प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत के दौरान ब्रिटिश सेना द्वारा किया जाता था। राम रुंगटा के नाम पर थी यह रिवाल्वर यह रिवाल्वर एनएल रुंगटा के पिता सीता राम रुंगटा के नाम थी। उनका 1994 में निधन हो गया था। इसके बाद इसे आर्म्स डीलर के पास जमा करवा दिया गया था। इसी बीच दो साल पूर्व रुंगटा परिवार ने कोलकाता के एक अखबार में सीएसडब्ल्यूटी हथियार संग्रहालय पर एक लेख पढ़ा था, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने रिवाल्वर बंदूक संग्रहालय को सौंपने का निश्चय किया। रुंगटा परिवार ने हमारे झारखंड ब्यूरो के प्रतिनिधि को बताया कि जिला शस्त्र मजिस्ट्रेट, चाईबासा, झारखंड से अनुमति प्राप्त होने के बाद यह रिवाल्वर सीएसडब्ल्यूटी बीएसएफ इंदौर के डीआईजी सह कार्यवाहक महानिरीक्षक राजन सूद की उपस्थिति में दान की गई है। नान सर्विसेबल की गई बंदूक बता दें कि यह बंदूक पूर्व में चालू अवस्था में थी। इसे दान करने से पूर्व सभी औपचारिकरताएं पूरी की गई और इसे नान सर्विसेबल किया गया। ताकि इसका दोबारा उपयोग न किया गया जा सके। अब यह बंदूक सीएसडब्ल्यूटी बीएसएफ इंदौर के शस्त्र संग्रहालय में सुरक्षित रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह संग्रहालय बीएसएफ के पुराने संग्रहालयों में से एक है, जिसकी स्थापना सन् 1967 में सीमा सुरक्षा बल के प्रथम महानिदेशक केएफ रूस्तम द्वारा की गई थी। संग्रहालय में 300 से अधिक हथियार प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें 14 वीं शताब्दी से लेकर वर्तमान तक उपयोग में लाए जा रहे विभिन्न प्रकार के छोटे हथियार शामिल हैं।

बच्चों के हित में हाईकोर्ट का आदेश, परिषदीय स्कूलों के विलय पर फिलहाल विराम

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सीतापुर में प्राथमिक स्कूलों के विलय मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया है। सीतापुर के बच्चों द्वारा दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इसके बाद विलय प्रक्रिया में अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया। याचिकाओं पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 अगस्त नियत की गई है। चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश से सीतापुर के बच्चों को बड़ी राहत मिली है।

पुलिस थानों में रामायण पाठ शुरू, कॉन्स्टेबल खुश तो कांग्रेस ने खड़े किए सवाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस के नए आरक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है. प्रदेश में 8 अलग अलग ट्रेनिंग सेंटर में करीब 3800 आरकक्षों की ट्रेनिंग चल रही है, जो 9 महीने तक चलेगी. हालांकि, इस बार की ट्रेनिंग चर्चा में इसलिए है क्योंकि इस बार नई रंगरूट फिजिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ रामचरितमानस का पाठ करते भी नजर आएंगे. मध्य प्रदेश पुलिस के पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त महानिदेशक रामबाबू सिंह ने नए रिक्रूटर्स को रामचरितमानस पढ़ने के निर्देश दिए हैं. भगवान राम के जीवन से शिक्षा लें दरअसल कई नए रिक्रूटर्स ने यह इच्छा जताई थी कि उनकी ट्रेनिंग उनके गृह जिले के पास के ट्रेनिंग सेंटर में होनी चाहिए. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबोधित करते हुए कहा कि ने रिक्रूटर्स ट्रेनिंग के साथ-साथ रामचरितमानस का पाठ करें. भगवान राम के जीवन से शिक्षा लें, उन्होंने कहा प्रभु श्री राम 14 साल तक वन में रहें है. आप 9 माह अपने घर से दूर ट्रेनिंग सेंटर में नहीं रह सकते. उन्होंने एक आदेश भी जारी किया जिसमें लिखा कि आप सभी को प्रेरणा के लिए रामचरितमानस पढ़ना चाहिए. इससे आपके जीनव को प्रेरणा और ऊर्जा मिलेगी.  क्यों पढ़ाई जा रही रामचरितमानस? तनावभरे माहौल में रोज जनता की सेवा में डटी रहने वाली मध्य प्रदेश पुलिस ने अब एक नई पहल शुरू की है, रामचरितमानस पाठ. इसका उद्देश्य सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि नैतिक और मानसिक सशक्तिकरण है. यह पाठ अब नए पुलिसकर्मियों को उनके ड्यूटी के बीच मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनेगा. सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, सेवा और त्याग जैसे आदर्श अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं वर्दीधारी कर्मयोगियों के व्यवहार में उतर रहे हैं. 'रामजी के वनवास के आगे ये ट्रेनिंग कुछ भी नहीं' ट्रेनिंग ले रही कॉन्स्टेबल उस्मानी शबनम ने कहा, साहब ने बताया कि राम जी ने किस तरह 14 साल का वनवास लिया था। उसके सामने तो ये पुलिस ट्रेनिंग कुछ भी नहीं है। इससे हमें सीख लेना चाहिए कि परिवार से दूर रहकर हम भी देशभक्ति कर सकें। रामचरितमानस का पाठ करने से हमें रामजी के आचरण पर चलने और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने की सीख मिलेगी। 'रामायण पाठ करने से हम मोटिवेटेड रहेंगे' कॉन्स्टेबल अयान महमूद खान ने कहा, राम जी हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। यहां अच्छे से ट्रेनिंग करके निकलेंगे और देश की सेवा करेंगे। रामचरित मानस पढ़ने का अच्छा सुझाव दिया है। इससे हम मोटिवेटेड रहेंगे और हमारा मन शांत रहेगा। दिन भर की थकान के बाद अगर हम शाम को इसका पाठ करते हैं तो हमें मेंटली पीस मिलेगा। एडीजी सर का अच्छा सजेशन है, हम लोग भी इसे ट्राय करेंगे। ट्रेनिंग से एक दिन पहले की कॉन्स्टेबलों से बात बुधवार 23 जुलाई से मप्र के आठ पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में करीब 4 हजार नए पुलिस आरक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हुई। जून में पुलिस की नौकरी में चयनित होकर आए करीब 600 आरक्षकों ने अपने गृह जिले के करीब वाले पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) में तबादला करने के आवेदन दिए। बड़ी संख्या में जब नए आरक्षकों की ट्रेनिंग के पहले ही तबादलों के आवेदन और सिफारिशें आईं तो एडीजी ने प्रशिक्षण शुरू होने एक दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसके जरिए सभी आठ पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के एसपी और नए कॉन्स्टेबलों से बात की। ट्रांसफर एप्लिकेशन से परेशान होकर दी सलाह एडीजी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने बताया, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीएस) चेंज करने के लिए बहुत सारे एप्लिकेशन आ रहे थे। पीटीएस बदलवाने के लिए भीड़ लगी हुई थी। ज्यादातर एप्लिकेशन में लिखा है- छिंदवाड़ा का रहने वाला हूं, मुझे पीटीएस पचमढ़ी में कर दिया जाए। मैं चंबल का रहने वाला हूं, पीटीएस तिघरा कर दिया जाए। कोई कह रहा था मां बीमार तो किसी के पिता बीमार हैं। मंगलवार को एडीजी राजाबाबू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ट्रेनिंग लेने पहुंचे कॉन्स्टेबलों से कहा, भगवान राम ने 14 साल का वनवास स्वीकार किया था। भगवान जब माता-पिता की आज्ञा मानने के लिए 14 साल वन में रह सकते हैं तो आप अपने ट्रेनिंग के लिए घर-परिवार से दूर नहीं रह सकते। आप भगवान राम के जीवन को देखिए, रावण से लड़ने के लिए वानरों की सेना तैयार की और लंका पर विजय प्राप्त की। मेरा सुझाव है कि जो नए आरक्षक हैं वो रोज सोने से पहले रामचरितमानस का पाठ करें। रामचरितमानस से क्या बदलेगा? • तनाव में राहत: रोज की भागदौड़ और तनाव में यह आध्यात्मिक अभ्यास शांति देगा • सकारात्मक कार्यसंस्कृति: आपसी रिश्तों में सौहार्द और जनता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी • अनुशासन और प्रेरणा: मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से सीखकर पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों में और निखार ला सकेंगे क्या है मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा रामायण पाठ की सलाह का मामला?     रामायण पाठ की सलाह: मप्र पुलिस के नव आरक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान रामायण पाठ करने की सलाह दी गई है, ताकि वे मानसिक शांति और प्रेरणा प्राप्त कर सकें।     एडीजी का संदेश: एडीजी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नव आरक्षकों से रामायण का पाठ करने की अपील की, भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात की।     विपक्ष का विरोध: कांग्रेस ने इस निर्णय पर सवाल उठाए, और इसे धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन बताया, क्योंकि किसी को धार्मिक ग्रंथ पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।     प्रशिक्षण में बदलाव: मप्र पुलिस के नव आरक्षकों की नौ महीने की ट्रेनिंग में तकनीकी शिक्षा, जैसे ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस, भी शामिल की गई है।     सिर्फ सलाह, अनिवार्य नहीं: रामायण पाठ करना अनिवार्य नहीं है, यह सिर्फ एक सुझाव है जो जवानों को प्रेरणा और मार्गदर्शन देने के लिए दिया गया है। भोपाल के भौरी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग कर रहे आरक्षकों से बातचीत  भोपाल स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पहुंची, जहां ट्रेनिंग कर रहे आरक्षकों से हमने बातचीत की. उन्होंने कहा कि ADG साहब ने कोई गलत बात नहीं कही है. रामचरितमानस से हमें प्रेरणा ही मिलेगी, त्याग, समर्पण और सेवा ही सीखेंगे. वहीं, ट्रेनिंग कर रहे कुछ मुस्लिम आरक्षकों ने कहा कि जहां से भी प्रेरणा मिले, वहां से लेना चाहिए. राम जी वन में रहे और हम क्या 9 माह ट्रेनिंग … Read more

सेना क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा, हिंडन एयरपोर्ट रोड पर रील और राइडिंग पर पूर्ण रोक

गाजियाबाद-  गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट अब पहले से ज्यादा व्यस्त हो गया है. यहां से बेंगलुरु, मुंबई, गोवा, पटना, अहमदाबाद, कोलकाता, इंदौर सहित 16 शहरों के लिए उड़ानें चल रही हैं. हाल ही में 20 जुलाई को 9 नई उड़ानों की शुरुआत हुई, जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों और वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है. इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. अब हिंडन एयरपोर्ट रोड पर आम लोगों की एंट्री रोक दी गई है. पुलिस करेगी सख्त चेकिंग हिंडन एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एसीपी सूर्य बली मौर्य ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. अब “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” कट के पास एक चेकिंग प्वाइंट बनाया गया है. यहां पुलिस हर वाहन की जांच करेगी और सिर्फ उन्हीं लोगों को आगे जाने दिया जाएगा जिनके पास फ्लाइट टिकट होगा या एयरपोर्ट से जुड़ा जरूरी कार्य होगा. हिंडन एयरपोर्ट रोड पिछले कुछ समय से रील शूटिंग, वीडियो बनाने और ड्राइविंग सीखने के लिए चर्चित हो गई थी. इससे सड़क पर भीड़ बढ़ती थी और कई बार जाम या दुर्घटनाएं भी हो जाती थीं. अब पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति रील बनाते या ड्राइविंग सीखते पकड़ा गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. सिर्फ यात्रियों के लिए खुला रास्ता यह फैसला खासतौर पर फ्लाइट यात्रियों की सुविधा के लिए लिया गया है. अक्सर जाम और भीड़ के कारण यात्रियों को समय पर एयरपोर्ट पहुंचने में मुश्किल होती थी. चूंकि उड़ानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, इसलिए ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अब एयरपोर्ट रोड सिर्फ जरूरतमंद लोगों के लिए खोली गई है.

नक्सलवाद को तगड़ा झटका: 61 इनामी नक्सली सुरक्षा बलों के सामने हुए सरेंडर

बीजापुर/कांकेर/ नारायणपुर/दन्तेवाड़ा छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी मुहिम को बड़ी सफलता मिली है. कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर में कुल 61 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐलान किया है. इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित था. कांकेर में मिलिट्री कमांडर का सरेंडर कांकेर में मिलिट्री कंपनी नंबर 1 के कमांडर मंगलू उर्फ रूपेश सहित 13 ईनामी नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया. इनमें 5 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं. उत्तर बस्तर डिविजन के रावघाट, परतापुर एरिया कमेटी एवं माड़ डिविजन में सक्रिय थे. आत्म समर्पित नक्सलियों पर कुल 62 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बीजापुर में माओवादियों को बड़ा झटका बीजापुर जिले में 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनमें से एक 25 लाख का इनामी SZCM (साउथ जोनल कमेटी मेंबर) भी शामिल है. आत्मसमर्पण करने वालों में DVCM, ACM, LOS सदस्य, जनताना सरकार के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे शीर्ष कैडर शामिल हैं. इन सभी पर कुल 1 करोड़ 15 लाख रुपए का इनाम था. नारायणपुर में 8 ने किया सरेंडर इधर नारायणपुर से भी बड़ी खबर आई है जहां 8 सक्रिय माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं. इन पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम था. सरेंडर करने वालों में दो बड़े नाम शामिल हैं कमलेश और डॉक्टर सुखलाल, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे. दन्तेवाड़ा में एक दंपति समेत 15 ने किया सरेंडर दन्तेवाड़ा जिले में चलाये जा रहे लोन वर्राटू अभियान और पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर कुल 17 लाख के 05 इनामी माओवादियों सहित 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. इसमें  01 माओवादी दम्पति भी शामिल है. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 254 ईनामी माओवादियों सहित कुल 1020 माओवादियों ने  आत्मसमर्पण किया. जिसमें जिला दन्तेवाड़ा के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के 824 पुरूष माओवादी और 196 महिला माओवादी शामिल हैं.  

छत्तीसगढ़ में मानसून बना मुसीबत, रेड अलर्ट के साथ बारिश का तांडव शुरू

रायपुर  छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन तक भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने 25 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन व लोगों को सावधानी बरतने व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने की अपील की है. अगर आप अगले 3 दिन किसी वाटरफॉल या प्राकृतिक जगहों पर घूमने जाने का प्लान कर रहे हैं, तो पहले जिलों में मौसम की पूरी जानकारी पढ़ें… 24 जुलाई 2025 ऑरेंज अलर्ट : मौसम विभाग ने बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलईगढ़, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में गरज-चमक और वज्रपात के साथ बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. यलो अलर्ट: वहीं सूरजपुर, सरगुजा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ति, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालौद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, धमतरी, गरियाबंद, कोण्डागांव में गरज-चमक और वज्रपात के साथ भारी बारिश का यलो (पीला) अलर्ट जारी किया गया है. अन्य जिलों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश की संभावना है. 25-जुलाई-2025 रेड अलर्ट : बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और  बीजापुर में  गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. ऑरेंज अलर्ट : बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव, बालोद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम (कवर्धा) जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मध्यम से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना है. 26-जुलाई-2025 रेड अलर्ट :  राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. ऑरेंज अलर्ट : कबीरधाम, खैरागढ़, दुर्ग, बालोद और कांकेर में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मध्यम से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण छत्तीसगढ़ में 25, 26 और 27 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण छत्तीसगढ़ में 25, 26 और 27 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. सिनोप्टिक सिस्टमः 1) मानसून द्रोणिका औसत समुद्र तल पर पंजाब से वाराणसी, जमशेदपुर, दीघा होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी जा रही है. 2) एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और समीपवर्ती उत्तर-पश्चिम में समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर स्थित है.

प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुर्नवास बड़ी उपलब्धि निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित वन‍विकास निगम के विजन डाक्यूमेंट-2047 का किया अनावरण जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर स्थापित होंगे वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खनन गतिविधियों और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में बने राख के पहाड़ों पर वनों को विकसित करने की चुनौती स्वीकार कर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया है। प्रदेश के तीन लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुनर्वास करना बड़ी उपलब्धि है। वन विकास निगम इस उपलब्धि के लिए बधाई का पात्र है। यह गर्व का विषय है कि अन्य राज्य भी निगम की इस विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। प्रदेश में अद्यतन तकनीक के माध्यम से वनों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश वन सम्पदा में देश में सर्वश्रेष्ठ है। राज्य सरकार वनों और वन उपज के साथ वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में भी हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रदेश के सघन वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सभी दिशाओं में क्षमता विकास और प्रगति के अवसर उपलब्ध हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में विशेष पहल की जा रही है। राज्य सरकार जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों का रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा विकसित वनों के प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना के बारे में विचार मंथन की आवश्यकता है। अब तक किए गए कार्यों का सिंहावलोकन करते हुए राज्य सरकार वन विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष नवाचार और पहल करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विकास निगम के केन्द्रों में ईको टूरिज्म की गतिविधियां संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का जोधपुर आम और बबूल की लकड़ी के आधार पर फर्नीचर के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में उपलब्ध सागौन और अन्य श्रेष्ठ काष्ठ के उपयोग से मध्यप्रदेश भी इस प्रकार की पहल कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश के वन, देश की कई प्रमुख नदियों को जलराशि से समृद्ध बनाते हैं। प्रदेश के विशाल भू-क्षेत्र में फैली वन आधारित जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल क्षेत्र में घड़ियाल भी वन्यजीव पर्यटन की शोभा बढ़ा रहे हैं। वन विभाग ने विलुप्तप्राय गिद्धों का संरक्षण करते हुए प्रदेश में गिद्धों को नया जीवन प्रदान किया है। सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रदेश में सर्प गणना की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश ऐसा क्षेत्र हैं, जहां टाइगर और मनुष्य सहचर्य की भावना से साथ-साथ रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन विकास निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान किया। इनमें सर्वआर.के. नामदेव, आर.एस. नेगी, रतन पुरवार, पी.सी. ताम्रकार तथा भगवंतराव बोहरपी को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के स्वर्ण जयंती वर्ष पर वन विकास की आगामी कार्ययोजना पर केन्द्रित विजन-2047 का अनावरण किया। इस अवसर पर वन विकास निगम द्वारा संचालित गतिविधियों और उसकी विकास यात्रा पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के संचालक के.रविचंद्रन ने अंगवस्त्रम और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंटकर अभिवादन किया। वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन विकास निगम, स्थानीय लोगों को जोड़ते हुए वन संरक्षण की गतिविधियां संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक नवाचार क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश को वन संपदा से समृद्ध करने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश में अनेकों कुए, बावड़ी, तालाब और जलस्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया। जल-गंगा संवर्धन अभियान भूजल स्तर सुधार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है। राज्य वन विकास निगम की भूमिका सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णबाल ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि आयोग की अनुशंसा पर 1975 में स्थापित राज्य वन विकास निगम अपनी स्थापना से लेकर अब तक निरंतर लाभ में ही रहा है। पर्यावरणीय आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध निगम की गतिविधियों से जंगल के साथ-साथ लोगों की जिन्दगी भी संवर रही है। निगम का 50वां स्थापना दिवस मनाना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। वन विकास निगम के सहयोग से 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर जंगलों का विकास और ट्रीटमेंट किया गया। इस उपलब्धि में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन तथा वानिकी के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं के प्रतिनिधि और भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

RBSE 2026: बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू, अंतिम तिथि और शुल्क की जानकारी यहां पढ़ें

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथियां घोषित कर दी हैं। परीक्षा के लिए आज 24 जुलाई से आवेदन ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। बोर्ड सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा-2026 के लिए 24 जुलाई से आवेदन ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। सामान्य परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 23 अगस्त है। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त है। आवेदन पत्र एवं चालान नोडल केन्द्र पर जमा कराने की अंतिम तिथि 6 सितम्बर है। उन्होंने बताया कि एक अतिरिक्त परीक्षा शुल्क सहित आवेदन पत्र 25 अगस्त से ऑनलाइन भरे जाएंगे। यह आवेदन पत्र 10 सितंबर तक भर सकते हैं। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। आवेदन पत्र एवं चालान नोडल केन्द्र पर जमा कराने की अंतिम तिथि 18 सितम्बर है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों पर स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए 11 सितम्बर से असाधारण परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरे जाएंगे। इसकी अंतिम तिथि 25 सितम्बर हैं। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि चार अक्तूबर है। इन आवेदन पत्रों एवं चालान को सीधे बोर्ड कार्यालय में जमा करवाना होगा। बोर्ड सचिव शर्मा ने बताया कि नियमित परीक्षार्थी के लिए परीक्षा शुल्क 600 रुपये, स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए 650 रुपये निर्धारित हैं। प्रायोगिक परीक्षा शुल्क प्रति विषय 100 रुपये देय होगा। विशेष आवश्यकता वाले छात्र, दृष्टबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थी, युद्ध में वीरगति को प्राप्त अथवा अपाहिज सैनिकों के पुत्र और पुत्रियां, पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से मुक्त रखा गया है। इन्हें केवल टोकन शुल्क के 50 रुपये जमा कराने होंगे। उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों की उच्च माध्यमिक स्तर की सम्बद्धता संबंधी कार्रवाई अभी तक लंबित है। वह विद्यालय अविलम्ब कार्रवाई पूर्ण करे लें। कार्रवाई पूर्ण नहीं होने पर ऐसे विद्यालयों के परीक्षा आवेदन पत्र निरस्त कर दिए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र भरते से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। अन्य जानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर 0145-263866, 2632867, 2632868 पर अथवा एसीपी के दूरभाष नम्बर 0145-2627454 पर संपर्क कर सकते हैं।