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मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा

एफएनएचडब्ल्यू रीजनल वर्कशॉप रांची में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों की सराहना एफएनएचडब्ल्यू कार्यशाला में चमका मध्यप्रदेश का आजीविका मॉडल मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा रांची वर्कशॉप में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों को मिली सराहना मध्यप्रदेश की विभिन्न पुस्तिकाओं का विमोचन भोपाल केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रांची में एफएनएचडब्ल्यू के अंतर्गत 14 राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिता सिंह ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से एफएनएचडब्ल्यू अंतर्गत खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिये किये जा रहे नवाचार और विशेष प्रयासों का प्रस्तुतिकरण दिया। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण ने मध्यप्रदेश में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी इन्हें अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किये गये नवाचार जिनमें स्वास्थ्य चार्ट, साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट, स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका एवं पोषण टूल किट, तीनों प्रकार के कैन्सर ओरल, ब्रैस्ट एवं सर्वाइकल पर जागरूकता के लिये बुकलेट का विमोचन किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षणों में आने वाले हितग्राहियों तथा समूहों के माध्यम से ग्रामीण वंचित वर्ग के परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता को ध्यान में रख कर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दीनदयाल उपध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरसेटी) अंतर्गत प्रशिक्षणों को जेण्डर एवं एफएनएचडब्ल्यू उन्मु‍खी बनाने के लिये समस्त प्रशिक्षणों में स्वास्थ्य जांच, मासिक धर्म स्वच्छ‍ता पर जागरूकता, पौष्टिक आहार का महत्व एवं साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट एवं स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका भी तैयार की गई है। मध्यप्रदेश में समुदाय-मातृ एवं शिशु कल्याण के लिये एक समुदाय आधारित पहल की गई है जिसके अंतर्गत संस्थागत प्रसव, एनीमिया, सिकलसेल एनीमिया, कुपोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता पर इमर्शन साईट विकास खण्ड के मॉडल सीएलएफ में जागरूकता कार्य के प्रभावों के आंकलन के लिये पोषण टूल किट तैयार की गई है। इस किट के माध्यम से वर्ष में तीन वार प्रारंभिक, मध्य एवं अंत में हितग्राहियों के स्वास्थ्य  के आंकडों का संधारण किया जा सकेगा। इसी प्रकार गैर संचारी बीमारियां जैसे हाईपरटेंसन, मधुमेह, मोटापा पर जागरूकता हेतु बुकलेट तैयार की गई है।

दुर्घटनाओं पर लगेगा ब्रेक: मुख्य सचिव ने दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश

भोपाल सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम, 2025 एवं राह-वीर योजना के प्रदेश में क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में एक बैठक में बुधवार को समीक्षा की। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर मे इलाज मिल सके, इसके लिए संबंधित-विभाग मिलकर मिशन मोड में कार्य करें। दुर्घटना से होने वाली मृत्यु से लोगों को बचाने के सभी संभव प्रयास किये जाने चाहिये। संभावित दुर्घटना स्थलों को चिन्हांकित कर दुर्घटना के कारणों को दूर किया जाना चाहिये। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने तथा नागरिकों को जागरूक करने का कार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये और परिवहन, स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करें। ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि नियत समय में कार्य हो सके। उन्होंने विभागों में बेहतर समन्वय तथा योजनाओं से संबंधित सभी-विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में योजना के क्रियान्यन के लिए विभागों के दायित्वों का निर्धारण करने के साथ सुझाव भी लिये गये। अपर मुख्य सचिव जे.एन.कंसोटिया, संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत एवं पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।  

खेल मंत्री सारंग ने दी बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं

एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स जर्मनी में एथेलेटिक्स, फेंसिंग और रोइंग अकादमी के 7 खिलाड़ी प्रतिभागिता के लिए रवाना खेल मंत्री सारंग ने दी बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भोपाल एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स समर का आयोजन जर्मनी में 27 जुलाई तक किया जा रहा है। राज्य खेल अकादमी से एथेलेटिक्स के 4, फेंसिग   के 1 और रोइंग के 2 यानि कुल 7 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए जर्मनी रवाना हुए। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 जर्मनी में प्रतिभागिता करने वाले खेल अकादमी के खिलाड़ियों में समरदीप सिंह गिल- एथेलेटिक्स शॉटपुट , देव मीणा- एथेलेटिक्स  पोल वोल्ट , मंजू यादव- एथेलेटिक्स 3000 मी. स्टेपलचेज, अर्जुन वास्कले- एथेलेटिक्स 1500 मी., शंकर पाण्डेय- फेंसिंग (ईपीईई), प्रयास- रोइंग (कॉक्सलेस पेयर एवं कॉक्सलेस फोर) और राघव- रोइंग (कॉक्सलेस पेयर एवं कॉक्सलेस फोर) शामिल हैं। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स समर में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे एथेलेटिक्स , फेंसिंग और रोइंग अकादमी के सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रदेश का गौरव बताया। खिलाड़ियों को बेहतर खेल प्रदर्शन कर पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं दी। 12 दिवसीय वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 समर का आयोजन जर्मनी के 6 शहर बोचुम, डुइसबर्ग, एस्सेन, मुल्हेम एन डेर रूहर, हेगन और बर्लिन के 23 स्थानों में किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 18 खेल तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, एथेलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबाल, डाइविंग, फेंसिंग, जूडो, तैराकी, ताईक्वान्डो, टेनिस, टेबल टेनिस,  व्हालीबाल,  वॉटर पोलो, 3×3 बास्केटबाल,  बीच व्हॉलीबाल, रोइंग खेल शामिल है। प्रतियोगिता में 150 देश के लगभग 8500 खिलाड़ी एवं विद्यार्थी प्रतिभागिता कर रहे है।  

औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार: अचारपुरा में 5 इकाइयों का भूमि-पूजन आज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अचारपुरा में करेंगे 406 करोड़ रूपये के निवेश की 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन अचारपुरा में 406 करोड़ के निवेश को हरी झंडी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भूमि-पूजन औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार: अचारपुरा में 5 इकाइयों का भूमि-पूजन आज मुख्यमंत्री गारमेंट इकाई का भ्रमण करेंगे भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाने की पहल रंग ला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को भोपाल के अचारपुरा में 406 करोड़ के निवेश वाली 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही 8 उद्योगों के निवेशकों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र भी सौपेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत अचारपुरा स्थित गोकलदास एक्सपोर्ट्स की गारमेंट यूनिट के भ्रमण से होगी, जहाँ लगभग 2500 महिलाएँ कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद करेंगे और इकाई में हो रहे उत्पादन कार्यों का अवलोकन करेंगे। यह इकाई न केवल औद्योगिक गतिविधियों बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है। टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी 5 प्रमुख इकाइयों का भूमि -पूजन करेंगे। इसमें इंडो एकॉर्ड अप्पैरल्स द्वारा 125 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार, एसेड्स प्रा. लि. द्वारा 106 करोड़ रूपये के निवेश से 100 रोजगार, सिनाई हेल्थकेयर द्वारा 100 करोड़ रूपये से 200 रोजगार, समर्थ एग्रीटेक द्वारा 50 करोड़ रूपये से 200 रोजगार और गोकलदास एक्सपोर्ट्स द्वारा 25 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ये सभी 5 इकाइयाँ 12.88 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित होगी, जिसमें 406 करोड़ रूपये का निवेश और 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा अचारपुरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचारपुरा में 31.21 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही नई औद्योगिक परियोजना का भूमि-पूजन भी करेंगे। यह परियोजना लगभग 15.61 करोड़ रूपये से विकसित की जाएगी, जिससे भविष्य में 800 करोड़ रूपये तक के निवेश आकर्षित होने की संभावना है और 1000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस क्षेत्र को विशेष रूप से टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर के लिए विकसित किया जा रहा है। 8 नई इकाइयों को सौंपे जाएंगे भूमि आवंटन के आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में महालक्ष्मी दाल उद्योग, जियो फिल्टेक, प्रवाह एंटरप्राइजेज, योगी इंडस्ट्रीज, अजमेरा इंडस्ट्रीज, सामवी एंटरप्राइजेज और बैग क्रिएशन इंडिया इकाइयों को औद्योगिक भूखंड आवंटन के आशय पत्र भी सौंपेंगे। ये 8 इकाइयाँ 12494.5 वर्ग मीटर भूमि पर 1770 लाख रूपये का निवेश करेंगी और 186 से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी। निवेशकों ने जताया विश्वास, सराहा सरकार का सहयोग गोकलदास एक्सपोर्ट्स के प्रतिनिधि प्रदेश में निवेश के अनुभवों को साझा करेंगे। मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियाँ, कुशल श्रमिक बल और समय पर मिल रही सुविधाओं से उन्होंने अचारपुरा में विस्तार का निर्णय लिया है। टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के अन्य उद्यमी भी प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सक्रिय सहयोग और नीतियों को साझा करेंगे। निवेश के लिए सुविधाजनक वातावरण, कुशल लॉजिस्टिक्स और 'प्लग एंड प्ले' की सुविधा कार्यक्रम में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह  अचारपुरा को निवेशकों के लिए उद्योग अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी रही सुविधाओं की जानकारी देंगे। सरकार द्वारा निवेशकों को 'प्लग एंड प्ले' मॉडल, तेज़ स्वीकृति प्रक्रियाएँ और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं से औद्योगिक इकाइयों को सुगमता से संचालन का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।

मंत्री पटेल ने कान्हा एम्पोरियम के जीर्णोधार कार्य का किया लोकार्पण, नवाचार की सराहना की

प्रदेश की जेलों को आधुनिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : राज्य मंत्री पटेल जेलों का होगा आधुनिकीकरण, राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कान्हा एम्पोरियम के जीर्णोधार कार्य का किया लोकार्पण, नवाचार की सराहना की भोपाल : लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि प्रदेश की जेलों को सुधारात्मक सेवाओं की दृष्टि से आधुनिक व मानवीय बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उनके मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक विकास के लिए कार्य करना, प्रशासन की जिम्मेदारी है। राज्य मंत्री पटेल जेल मुख्यालय में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय सुधार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महानिदेशक जेल गोविन्द प्रताप सिंह, विशेष महानिदेशक जेल जी. अखेतो सेमा सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। राज्य मंत्री पटेल ने जेल मुख्यालय के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इंदौर, जबलपुर, भोपाल, उज्जैन आदि जेलों की कनेक्टिविटी की सराहना की। उन्होंने जेलों में उत्पादित वस्तुओं के विक्रय केंद्र "कान्हा एम्पोरियम" के जीर्णोधार कार्य का लोकार्पण किया और नवाचार की सराहना की। बैठक में जेल विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों, चुनौतियों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी राज्य मंत्री पटेल को दी गई। राज्य मंत्री पटेल ने जेल विभाग की समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। राज्य मंत्री पटेल ने सुझाव दिया कि जेलों में रामकृष्ण मिशन की पुस्तकें, विवेकानंद साहित्य उपलब्ध कराया जाए एवं ई-लायब्रेरी भी स्थापित की जाए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सुधार हेतु मनोचिकित्सक की नियुक्ति का आश्वासन भी दिया। महानिदेशक जेल सिंह ने नई रिहाई नीति, समय पूर्व रिहाई तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 473 के तहत बनाई गई नीति की जानकारी दी। इसके अंतर्गत अब तक वर्ष 2024-25 में चार अवसरों पर कुल 471 बंदियों को रिहा किया गया है। गरीब बंदी सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपये तक की जुर्माना राशि एवं 40 हजार रुपये तक की जमानत राशि जिला समिति की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। अब तक 31 बंदियों को कुल 6.43 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। बजट वर्ष 2024-25 में इस हेतु पाँच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बंदियों के पुनर्वास व सामाजिक एकीकरण के लिए प्रदेश में 8 खुली जेलें संचालित हैं तथा बैतूल, दमोह, रतलाम व सागर में 20-20 बंदियों की क्षमता वाली नई खुली जेलें प्रस्तावित हैं। बंदियों को रोजगार, पारिवारिक भरण-पोषण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास है। "मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024" ने पुराने अधिनियमों का स्थान लिया है, जो जेल सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। बुरहानपुर में नई जेल तथा गैरतगंज जेल प्रारंभ करने की भी जानकारी दी गई। मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए विशेष शिविरों का आयोजन मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार उज्जैन केंद्रीय जेल में 81 आवासों हेतु 19.19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अनूपपुर, बड़नगर एवं त्योंथर जेलों में 122 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। जेल कर्मियों को संकट निधि से 50,000 रुपये की सहायता, गंभीर बीमारी पर ऋण सुविधा, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना (25,000 रुपये तक) चलाई जा रही है। मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, ईशा फाउंडेशन, श्रीरामचन्द्र मिशन, विपश्यना आदि संस्थाओं से एमओयू कर वार्षिक कैलेंडर अनुसार योग, ध्यान, सुदर्शन क्रिया, यज्ञ, इनर इंजीनियरिंग एवं विपश्यना शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने और भोज विश्वविद्यालय व इग्नू से उच्च शिक्षा की भी व्यवस्था अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने के साथ-साथ भोज विश्वविद्यालय व इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा की व्यवस्था है। टेलीमेडिसिन, आयुष्मान कार्ड, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी जांच एवं एम्स दिल्ली तक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। जेलों में 120 नई बैरकों के निर्माण, पांढुर्ना, सिलवानी में नई जेलों तथा निवाड़ी जेल के उन्नयन की योजना भी प्रस्तुत की गई। जेलों में सीसीटीवी, वीडियो कांफ्रेंसिंग, ई-मुलाकात, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, इनकमिंग टेलीफोन सुविधा से सुरक्षा व पारिवारिक सम्पर्क सुनिश्चित किए जा रहे हैं। साल में चार बार 14-14 दिन की पैरोल सुविधा, आध्यात्मिक शिविरों के सकारात्मक प्रभाव की फोटो भी मंत्री जी को प्रस्तुत की गई। सब जेल मऊगंज के उन्नयन हेतु 19.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सीएम हेल्पलाइन, सीएस मॉनिटर, राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। महानिदेशक गोविन्द प्रताप सिंह एवं विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा ने राज्य मंत्री पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।  

लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके। पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है। देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।  

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा प्रशंसनीय पहल : सीएम डॉ. यादव

नवांकुर सखी हरियाली यात्रा सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनमानस को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाए जागरूक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा प्रशंसनीय पहल : सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा के पोस्टर का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा के पोस्टर का विमोचन किया और कहा कि लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनचेतना बढ़ाने का कार्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरियाली यात्रा से घर के आंगन, अपने गांव से लेकर शहर तक नागरिकों को पर्यावरण की रक्षा की प्रेरणा मिलेगी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद 24 जुलाई से प्रदेश में पांच दिवसीय नवांकुर सखी हरियाली यात्रा का आयोजन कर रहा है। पोस्टर विमोचन के अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर उपस्थित थे। इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री एवं मप्र जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने परिषद के नवाचारी कार्यक्रम नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रदेशव्यापी अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवांकुर सखियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण में उनकी सतत और सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की। अभियान का प्रमुख उद्देश्य नारी शक्ति के माध्यम से स्वैच्छिकता के आधार पर पर्यावरण संरक्षण करना है। उल्लेखनीय है कि मप्र जन अभियान परिषद द्वारा प्रदेश के 313 विकासखंडों के 1565 सेक्टरों में हरियाली अमावस्या 24 जुलाई से आगामी 05 दिन तक नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में 100 महिलाएं नवांकुर सखी के रूप में पंजीकृत की गई हैं। ये नवांकुर सखियां 11 बीज रोपित एवं अंकुरित पौध रोपित थैलियों के माध्यम से अपने घर की बगिया में पौधे विकसित करेंगी। मप्र जन अभियान परिषद की इस नवाचारी पहल से प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 5500 पौधे तैयार होंगे। अभियान के तहत प्रदेश में 1 लाख 56 हजार 500 नवांकुर सखियों द्वारा 17 लाख 21 हजार 500 पौधे तैयार किए जाएंगे। विकसित पौधों को रोपण लायक होने की स्थिति में एक पेड़ मां के नाम अभियान में शासकीय या निजी भूमि पर परिवार के महत्व के अवसरों पर रोपित किए जाएंगे। ये पौधे एक पेड़ मां के नाम अभियान में आगामी वर्षों में रोपित होंगे। पोस्टर विमोचन के अवसर पर परिषद एवं कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

भोपाल दुग्ध संघ का अनोखा संकल्प: किसानों की बेटियों की शादी में देगा आर्थिक सहारा

भोपाल भोपाल दुग्ध संघ अपने सदस्य दुग्ध उत्पादक किसानों की बेटियों का मामा बनने जा रहा है। अब संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादक के परिवार की बेटी के विवाह में अधिकारियों का एक दल जाकर मामेरा देगा। इसके तहत 11 हजार रुपये नकद और साड़ी-कपड़ा भेंट किया जाना है। स्थानीय परंपरा में मामेरा, मामा की ओर से भांजी को विवाह का उपहार होता है। अधिकारियों ने बताया कि मामेरे की राशि के लिए खरीदे गए प्रति किलो दूध पर दो पैसे इकट्ठा किया जाएगा, उसमें उतनी ही रकम दुग्ध संघ भी डालेगा। कोष की निगरानी के लिए बनी टीम यह रकम एक विशेष कोष में जमा की। इसी कोष से मामेरा दिया जाएगा। इस कोष की निगरानी के लिए एक टीम बनी है, जिसमें भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ, क्षेत्र संचालन शाखा के अधिकारी, जिले के नोडल अधिकारी और संस्था के प्रबंधक शामिल होंगे। इस टीम पांच से सात सदस्य होंगे जो पूरे कार्य की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेंगे। किसान परिवार में बेटी की शादी का निमंत्रण मिलने पर तय दिनांक को संघ के सात से 11 लोगों का दल नकदी और साड़ी-उपहार लेकर मामेरा देने जाएगा। इस साल से हो रही परंपरा की शुरुआत इस परंपरा की शुरुआत इस साल विवाह का मुहूर्त शुरू होने के साथ ही हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी इसकी शुरुआत भोपाल दुग्ध संघ से हो रही है। जल्द ही मध्य प्रदेश दुग्ध संघ की सभी इकाइयों में यह परंपरा शुरू हो जाएगी। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुए एम एमओयू के बाद राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने राज्य दुग्ध उत्पादन संघ का प्रबंधन संभाला है। उसके बाद से दुग्ध संघ में दुग्ध उत्पादकों को जोड़े रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है। रोजाना तीन लाख लीटर दूध बेचते हैं किसान भोपाल दुग्ध संघ में अभी 68 हजार दुग्ध उत्पादक जुड़े हुए हैं। इनमें से 45 हजार से 48 हजार लोग प्रतिदिन दूध बेचते हैं। इन किसानों से रोजाना तीन लाख 14 हजार 700 लीटर दूध की आवक होती है जिन्हें प्रसंस्कृत कर सांची नाम से दूध, घी, मक्खन, पेड़े, श्रीखंड, लस्सी जैसे उत्पाद बाजार में उतारे जाते हैं। बाजार में कई सहकारी और निजी कंपनियां किसानों को अपने साथ जोड़ रही हैं। ये किसान सांची से जुड़े रहें, इसलिए कंपनी इसे भावनाओं से जोड़ रही है। किसानों से हमारा रिश्ता केवल व्यावसायिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। दुग्ध संघ पूरा एक परिवार है इस लिए हम सभी एक दूसरे के दुख और सुख में खड़े रहेंगे। आने वाले दिनों में जब भी किसी सदस्य के परिवार में बेटी की शादी होगी वहां हमारी टीम पहुंचकर मामेरा देने का फर्ज निभाएगी। – प्रीतेश जोशी, सीईओ, भोपाल दुग्ध संघ।  

उज्जैन बनेगा विकास और विरासत का प्रतीक: सीएम डॉ. यादव

बदलते दौर का उज्जैन विश्व में छोड़ेगा अनूठी छाप: मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक मंच पर चमकेगा उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विज़न आध्यात्मिक नगरी से स्मार्ट सिटी तक: उज्जैन का नया दौर उज्जैन बनेगा विकास और विरासत का प्रतीक: सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपी गई स्वच्छता अवार्ड की ट्राफी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर का उज्जैन सिर्फ उज्जैन के लिए नहीं बल्कि भारत और पूरे विश्व के लिए महवपूर्ण छाप छोड़ने का कार्य करेगा। मेट्रोपॉलेटिन सिटी में शामिल होने के बाद इंदौर-उज्जैन वृहद महानगरीय क्षेत्र बन जाएगा। उज्जैन नगर निगम के महापौर, सभापति और अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर उसे 10 लाख की आबादी श्रेणी में उज्जैन को सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता आवार्ड की उपलब्धि से अवगत करवाकर उन्हें ट्राफी और प्रशस्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन से आए जनप्रतिनिधि को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ओर नागरिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 पुरस्कारों में मध्यप्रदेश को कुल 8 अवार्ड मिले हैं, जो हर्ष और गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अभिनंदन के पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने स्वच्छता पुरस्कारों के लिए अनेक श्रेणियां निर्धारित कीं जिससे अनेक नगरीय निकाय योग्य होने पर पुरस्कार से वंचित नहीं हुए। अवंतिका नगरी की पहचान कई तरह की है। बाबा महाकाल की नगरी होने के साथ ही उज्जैन साइंस सिटी और खगोल विज्ञान की नगरी है। उज्जैन का गौरवशाली इतिहास है और राष्ट्र प्रेम भी उज्जैन के नागरिकों के संस्कार में शामिल है। विश्व के सबसे बड़े मेले सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाना है: मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ:2028 को यादगार बनाना है। यह विश्व का सबसे बड़ा मेला होगा। भविष्य में ग्वालियर और जबलपुर महानगरीय क्षेत्र भी परस्पर कनेक्ट होंगे। इस तरह जुड़वा महानगरीय क्षेत्र प्रदेश की पहचान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय था जब नागरिकों को सिंगल रोड से आना जाना होता था। आज देवास-इंदौर सिक्स लेन मार्ग है। अन्य अनेक फोर लेन और सिक्स लेन सड़कें आवागमन को आसान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कर विरासत को सहेजने और विकास को तीव्र करने का कार्य हुआ है। उज्जैन में कोठी पैलेस में वीर भारत संग्रहालय, भारत के महापुरुषों और राष्ट्रभक्तों की गाथा बताने का कार्य करेगा। उज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल ने कहा कि 17 जुलाई को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में हुए पुरस्कार समारोह में उज्जैन को 3 से 10 लाख आबादी की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शहर का अवार्ड देते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने तीन बार उज्जैन का विशेष उल्लेख किया। वे गत वर्ष सितम्बर माह में सफाई मित्रों के सम्मान कार्यक्रम में उज्जैन आई थीं तब उन्होंने महाकाल मंदिर परिसर को बुहारने का कार्य भी किया था। विधायक श्री अनिल जैन कालूखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कर्म में विश्वास रखते हैं। उन्होंने केन-बेतवा सहित अन्य अंतर्राज्जीय सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए दिन रात एक कर दिया। नगर निगम उज्जैन की अध्यक्ष श्रीमती कलावति यादव ने उज्जैन को प्राप्त उपलब्धि के लिए जनप्रतिधियों, नागरिकों, प्रशासनिक अमले और सफाई मित्रों की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की। श्री संजय अग्रवाल, श्री राजेंद्र भारती, अनेक पार्षदगण,उज्जैन नगर निगम के आयुक्त श्री आशीष पाठक भी कार्यक्रम में शामिल थे।  

मानसून होगा फिर सक्रिय, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में मानसून की बारिश का दौर फिलहाल धीमा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में सामान्य बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 24 जुलाई के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में 27 से 30 जुाई के दौरान भारी बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना है। यह सिस्टम अगले 24 से 36 घंटे में और तीव्र होकर लो-प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो सकता है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी भारत की तरफ आगे बढ़ेगा। इस सिस्टम के असर से राजस्थान में 27 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इस दौरान कोटा संभाग में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश और भरतपुर, जयपुर, उदयपुर संभाग में भारी बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामान्य वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार को भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, करौली समेत कई जिलों में 2 इंच तक बरसात हुई। जयपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी बारिश हुई। अलवर के बहादुरगढ़ में 70MM से ज्यादा पानी बरसा पिछले 24 घंटे के दौरान करौली में 25, उदयपुर में 35, अलवर के बहादुरगढ़ में 70, खैरथल में 63, मुंडावर में 51 और अलवर शहर में 64.2MM पानी बरसा। हनुमानगढ़ के भादरा में 25, भरतपुर के डीग में 60, रूपवास में 22, सवाई माधोपुर के खंडार में 64 और चूरू के सादुलशहर में 14MM बरसात दर्ज हुई। जयपुर के आंधी में 16 और तूंगा में 18MM बारिश दर्ज हुई। सवाई माधोपुर में रेल यातायात प्रभावित बारिश में जल भराव के चलते सवाईमाधोपुर-सपोटरा-करौली और हाड़ौती-सपोटरा मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। भूरी पहाड़ी के पास बह रही बनास नदी की पुलिया तेज बहाव के चलते टूट गई। वहीं वर्षा जनित हादसों में प्रदेश में अब तक 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार को अजमेर के अरांई क्षेत्र में दो बच्चों की पौंड में डूबने से मौत हो गई। बालोतरा के डडांली गांव के पास लूणी नदी में मंगलवार सुबह तेज बहाव के बीच मिनी बस फंस गई। बायतु से करना भूखा भगत सिंह रूट पर जा रही बस में 6 से ज्यादा यात्री सवार थे। क्रेन से बस को सुरक्षित निकाला गया।