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गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि उत्तर प्रदेश दंगामुक्त और माफियामुक्त होगा। पर, आज दंगामुक्त, माफियामुक्त उत्तर प्रदेश हकीकत है। अब यूपी में माफिया प्रवृत्ति हावी नहीं हो सकती। माफिया प्रवृत्ति को जड़मूल से उखाड़ दिया गया है। अब गुंडे यहां बहन, बेटियों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं बन सकते। अब यूपी का आमजन परेशान नहीं होता और न ही यहां के नौजवानों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम (मानबेला व राप्तीनगर विस्तार योजना) का लोकार्पण करने के बाद मानबेला में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। दोनों कल्याण मंडपम का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा क्रमशः 2 करोड़ 65 लाख तथा 85 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मानबेला में बने कल्याण मंडपम के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सकारात्मक बदलाव इसलिए आया है कि 2017 से जनता ने अच्छी सरकार चुनी। अच्छी सरकारें अच्छे के लिए सोचती हैं। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच कुछ सवाल रखे और फिर उसका जवाब भी दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश, फोरलेन कनेक्टिविटी, बंद खाद कारखाने को दोबारा चलाने, नए उद्योग लगवाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। पर, आज देश में सबसे ज्यादा निवेश यूपी में हो रहा है। बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं। हर तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी हो रही है। गोरखपुर का बंद खाद कारखाना दोबारा चालू हो गया है। बीमारी के साथ बीमार मानसिकता का भी किया इलाज मुख्यमंत्री ने मानबेला के जिस क्षेत्र में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया, वह क्षेत्र 2017 तक इंसेफेलाइटिस की चपेट वाला माना जाता था। इंसेफेलाइटिस के इलाज और उन्मूलन के लिए सांसद के रूप में लंबा संघर्ष करने वाले सीएम योगी को यह बात याद है। इसका उल्लेख भी उन्होंने अपने संबोधन में किया। कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में नवकी बीमारी (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे काल के गाल में समा जाते थे। आठ वर्षों में सरकार ने इंसेफेलाइटिस और उसके कारकों का इलाज तो किया ही, प्रदेश को बीमार हाल पर छोड़ देने वाली बीमार मानसिकता का भी इलाज किया। यहां उनका इशारा पूर्व की सरकार की तरफ था। मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। कहा कि आठ वर्ष पहले इंसेफेलाइटिस का समाधान सोचना भी मुश्किल लगता था लेकिन आज इसका समाधान डबल इंजन सरकार द्वारा तय लक्ष्य से पहले हो गया है। सीएम ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में हर मां के चेहरे पर दहशत होती थी कि न जाने कौन सा बच्चा इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ जाएगा। इंसेफेलाइटिस पर नकेल से अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था नहीं थी। एक बेड पर चार बच्चे भर्ती रहते थे। आज मेडिकल कॉलेज का इंसेफेलाइटिस वार्ड एयर कंडिशन्ड हो गया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार के समय आमजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि तबकी सरकार ने गरीब को उसके हाल पर छोड़ दिया था। इलाज के लिए अब किसी को कोई दिक्कत नहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, इलाज के लिए योजनाओं के अभाव की चर्चा करते हुए कहा कि अब इलाज के लिए किसी को कोई दिक्कत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं हैं तो साथ ही गरीबों और बुजुर्गों के लिए पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान स्वास्थ्य योजना भी है। यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो उसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भरपूर मदद की व्यवस्था है। सीएम योगी बताया कि राज्य सरकार एक साल में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1100 करोड़ रुपये की मदद गंभीर बीमारियों से इलाज के लिए दे चुकी है। स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ कायाकल्प अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की चर्चा करने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च कर प्रदेश के, खासकर पूर्वी उत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प का विवरण भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि की 2017 के पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एकमात्र बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार था। उनकी सरकार आने के बाद अब वह स्वस्थ होकर मरीजों की बेहतरीन सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना और पिपराइच की बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराया मुख्यमंत्री मानबेला में थे तो इसके निकट उनके सुदीर्घ प्रयासों से दोबारा चालू खाद कारखाना का उल्लेख होना लाजिमी था। उन्होंने कहा कि बंद पड़े कारखाना और बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल का दोबारा शुरू होना सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि विकास की सोच से ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया जा सकता है। गीडा में लग रहीं दर्जनों फैक्ट्रियां, युवाओं को घर के पास मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोरखपुर में उद्योगों का लगना सपना था जबकि आज गीडा में दर्जनों बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लग रही हैं। युवाओं को रोजगार के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ रहा है। वह घर-परिवार देखते हुए पास में ही नौकरी-रोजगार पा रहे हैं। हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से राप्तीनगर विस्तार योजना के तहत स्पोर्ट्स सिटी आवासीय क्षेत्र में एलआईजी और ईडब्लूएस लाभार्थियों को आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बताया कि आठ साल में यूपी में पीएम आवास योजना और प्राधिकरणों की स्कीम के तहत जरूरतमंदों को 57 लाख आवास उपलब्ध कराए गए। शासन-प्रशासन के सहयोग से जरूरमंद लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शासन का सहयोग उनके लिए यादगार बन रहा है। चेहरा या पार्टी देखकर नहीं, सबको मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार में योजनाओं का … Read more

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन रायपुर, राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी। इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा। संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

‘नेशनल स्पेस डे’: बच्चों को अंतरिक्ष की रोचक दुनिया से कराया परिचय

– योगी सरकार ने शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के संकल्प को दिया नया आयाम – ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर बच्चों ने की ‘डिजिटल यात्रा’ – नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप पहल, 'जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच' पर रहा ज़ोर लखनऊ, योगी सरकार की पहल पर आज प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में मनाए गए ‘नेशनल स्पेस डे’ ने बच्चों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों से सीधा रूबरू कराया। 1.48 करोड़ छात्र-छात्राओं ने डिजिटल संसाधनों के जरिये न केवल ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति की जानकारी पाई, बल्कि पहली बार चंद्रयान से लेकर गगनयान तक की पूरी यात्रा को विस्तार से जाना। छात्रों ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर देखकर और सीखकर भविष्य की तकनीकों को भी पहली बार व्यवस्थित रूप से समझा। इसके साथ ही विद्यालयों में आयोजित विशेष प्रदर्शनी, कार्यशालाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की नई उड़ान समझने का अवसर दिया। इस अवसर पर बच्चों को समूह चर्चा, चित्रकला प्रतियोगिता, मॉडल प्रदर्शनी और डिजिटल सेशन से जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें शिक्षकों और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिला। बच्चों में दिखी अंतरिक्ष व प्रौद्योगिकी के बारे में अधिक जानने की ललक कार्यक्रम के बाद छात्र-छात्राएँ काफी प्रसन्न नज़र आए। उनमें अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी के बारे में और अधिक जानने की गहरी जिज्ञासा दिखाई दी। उन्हें पहली बार चंद्रयान, आदित्य-एल1 और गगनयान जैसे मिशनों की पूरी कहानी मिली, जिसने भविष्य में न सिर्फ अंतरिक्ष के क्षेत्र में उड़ान भरने को प्रेरित किया बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई रुचि और उत्साह भी जगा दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। योगी सरकार चाहती है कि बच्चे, किताबों से ज्ञान अर्जित करते हुए विज्ञान और तकनीक को भी व्यावहारिक रूप से समझें। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पेस डे का मकसद बच्चों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति गहरी रुचि पैदा करना और उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों की ओर प्रेरित करना है। शिक्षा विभाग पहले ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब जैसी पहलों से बच्चों को नई तकनीकों से जोड़ चुका है। अब स्पेस डे जैसे आयोजन इस दृष्टि को और व्यापक बनाएंगे और बच्चों में शोध व नवाचार की राह खोलेंगे।

क्रूरता की हदें पार! पहले पीटा फिर जिंदा आग के हवाले की गई निक्की

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दादरी थाना इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे। शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया। उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। शनिवार को महिला को आग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। वहीं एक अन्य वीडियो में मृतका के पुत्र को यह करते हुए सुना जा सकता है कि उसके पापा ने मम्मा को लाइटर से जलाया। पिता का कहना है कि निक्की का एक पुत्र अविश (6) है। निक्की का पति शराब पीकर आए दिन लड़ाई करता है। वहीं, कंचन की एक पुत्री लाव्या (7) व विनीत (4) है। पुत्री की मौत से परिवार में मातम छाया है। मां की मौत से पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पति को हिरासत में लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी। मृतका के परिजन और अन्य व्यक्ति विवेचना में अच्छी तरह कार्रवाई कराए जाने व कार्रवाई में कोई कमी न किए जाने की मांग को लेकर थाना कासना पर आए थे। सभी लोग वार्ता के बाद थाना से वापस चले गए।-सुधीर कुमार, एडीसीपी, ग्रेटर नोएडा जोन

पंजाब का दर्दनाक हादसा: LPG टैंकर ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत से जूझ रहे

होशियारपुर पंजाब के होशियारपुर के मंडियालां गांव के पास हुए एलपीजी टैंकर विस्फोट की वजह से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। घटना के बाद इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती किए गए लोगों में से रविवार सुबह तक दो और लोगों ने अपनी जान गंवा दी। मरने वालों का आंकड़ा अब 7 पर पहुंच गया है। इस हादसे में अभी 30 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। पंजाब सीएम ने हादसे के तुरंत बाद घटना का संज्ञान लेते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर के फटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत होने की भी खबर है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। पंजाब सरकार इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी और घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।" आपको बता दें मडियालां गांव जालंधर-होशियारपुर हाईवे के पास स्थित है। शुक्रवार देर रात यहां पर एलपीजी भरे ट्रक की एक पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। इससे टैंकर में भरी एलपीजी गैस में ब्लास्ट हो गया। रिसाव की वजह से यह गैस पूरे गांव में फैल गई और अपने घरों में सो रहे लोगों को जिंदा ही जला दिया। इस हादसे में दो लोगों की तुरंत ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोगों को इलाज के लिए ले जाया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से भड़की की उसने पल भर में ही सब कुछ अपने में समा लिया। लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला।  

भक्ति की मिसाल: इंदौर का परिवार 11 वर्षों से मुफ्त बांट रहा मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं

इंदौर अहिल्या की नगरी में भक्तों को बिना मोल भाव से एक परिवार पुणे की साडू की माटी से बने गणेश मूर्तियां दे रहा है। परिवार की भक्ति की अनूठी पहल एक दो दिन नहीं बल्कि पिछले 11 वर्ष से चलाई जा रही है। परिवार के छोटे-बड़े सभी पांच सदस्य मूर्ति निर्माण गुड़ी पड़वा पर पुणे से मिट्टी मंगवाकर विघ्न हर्ता की अनूठी आराधना में जुट जाते है। भक्तों ने दक्षिणा गणेश का नाम दिया इस परिवार की इस भक्ति को देख भक्तों ने उनके द्वारा बनाए जा रहे गणेश को दक्षिणा गणेश का नाम दिया है। आज के समय में पाई-पाई के लिए आप धापी मची हुई है, लेकिन यह न्यू राजाराम नगर स्कीम नंबर 51 में रहने वाला यह परिवार श्रद्धा के अनुरूप मिली दक्षिणा के बदले बगैर किसी मोल भाव के गणेश मूर्तियां दे रहा है।   इनकी संख्या भी हर वर्ष 500 से ऊपर जाती है। मूर्ति ले जाने वाले लोग अपनी इच्छा के अनुरूप मूर्ति के बदले मूर्ति के स्थान पर रख देता है। पर्यावरण हितैषी मूर्तियां सुंदर मूर्तियां संदीप पडोले को बनाता है। अपनी मन पसंद की मूर्ति पसंद कर अपनी श्रद्धा के मुताबिक दक्षिणा रख, लकड़ी के पाठ पर रख सम्मान के साथ अपने घर चले जाते हैं। पहल शुरू की तब जागरूकता का अभाव मूर्ति बनाने वाले संदीप किशोर पडोले बताते है कि जब हमने माटी के गणेश की मूर्ति बनाना शुरू की तो उस समय माटी के मूर्ति बनाने को लेकर लोगों में जागरुकता का अभाव था। उस समय हमने पुणे से इंदौर साढू की माटी और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर एक से बढ़कर एक गणेश मूर्तियां तैयार करना शुरू की। इसमें शुरुआत में हमने पांच के करीब शुरुआत की थी। इसमें पिता किशोर, पत्नी मनीषा पडोले, बेटा नैतिक और भाई अमित हाथ बटा रहे है। ऐसी हुई इसकी की शुरुआत परिवार के सदस्य बताते है कि इसकी शुरुआत व्यवसायिक नहीं की गई। 11 साल पहले उन्होंने अपने माटी के गणेश बनाए, पास की आंटी को पसंद आए, वो ले गई। इसके बाद चार प्रतिमाएं बनाई वो भी आस पास के लोग गणेश उत्सव के लिए स्थापित करने के ले गए। इसके बाद उत्साह बढ़ा और मूर्तियां बनाना शुरू की। हमारे द्वारा बनाए गए मूर्तियां का नाम लोगों ने खुद ही दक्षिणा गणेश रख दिया। इस प्राप्त दक्षिण का उपयोग सेवा कार्य के लिए किया जाता है।

भारी बारिश से सावधान! बिहार में 28 अगस्त तक रेड-येलो अलर्ट जारी

पटना  मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है।  28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।  इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं।  पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

हरियाणा में परिवहन क्षेत्र में बदलाव, निगम खरीदेगा 375 ई-बसें

हरियाणा  हरियाणा में अगले दो महीने में सिटी बस सेवा का और विस्तार होगा। अभी तक 9 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। अब इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया है। अक्तूबर तक राज्य परिवहन निगम की इन 10 शहरों में 5-5 और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना है। वहीं बताया जा रहा है कि पिछले करीब 18 महीने से इन शहरों में बस अड्डों के अंदर नए चार्जिंग सेंटर का निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है।   मिली जानकारी के अनुसार अब 10-10 बसों के संचालन के लिए संबंधित बस अड्डों पर एक-एक के बजाय दो-दो चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी है। अगले साल तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 50-50 और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 8-8 करने की योजना बनाई गई है।   आपको बता दें कि प्रदेश के पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में 5-5 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है जबकि अंबाला में सिटी बसों की संख्या 10 है। फिलहाल सभी 9 जिलों के बस अड्डों में एक-एक चार्जिंग सेंटर है। यमुनानगर व पानीपत में चार्जिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए काम जारी है। यहां चार्जिंग सेंटरों की संख्या 8-8 होगी।   बताया जा रहा है कि कुरुक्षेत्र को सिटी बस सेवा योजना में शामिल करने के साथ ही यहां पहले चरण में बस अड्डे के अंदर ही दो चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के आदेश मुख्यालय ने दे दिए हैं। कुरुक्षेत्र में इलेक्टि्रक बसों का संचालन भी अक्तूबर तक करने की योजना है। कुल 10 शहरों के लिए 500 इलेक्टि्रक बसों की आवश्यकता होगी। हरियाणा परिवहन निगम की 375 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए योजना तैयार हो चुकी है और सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश के 10 शहरों में चरणवार इन बसों के पहुंचते ही संचालन शुरू हो जाएगा।

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका

पटना मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से आज जारी पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है। 28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।   इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

आस्था का महापर्व: 25 अगस्त से शुरू होगी श्रीमद् भागवत कथा, श्रद्धालुओं में उत्साह

 रायपुर शहर में 25 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है. यह कार्यक्रम रामस्वरूप निरंजनलाल भवन, वी.आई.पी. रोड, रायपुर में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा. इस कथा का आयोजन समस्त अग्रवाल परिवार (रायपुर और कटनी) द्वारा किया जा रहा है. कथा का संचालन मथुरा के परमश्रद्धेय आचार्य बांके बिहारी गोस्वामी जी “बाँके बाबा” करेंगे. आचार्य जी अपनी ओजस्वी वाणी और रसमयी प्रवचन के माध्यम से भक्तों में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार करेंगे. मथुरा में जन्मे आचार्य जी ने आगरा विश्वविद्यालय और वाराणसी से साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की है. अपने पिता और गुरु, गोस्वामी गोविंद बाबा से गुरुदीक्षा लेकर उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाया. आचार्य जी अब तक 125 श्रीमद् भागवत कथाएं पूरी कर चुके हैं और चार बार अष्टोत्तर शत् (108) सप्ताह यज्ञ का आयोजन रायपुर, जगन्नाथ पुरी, रांची और जमनीपाली में भव्य रूप से कर चुके हैं. फरवरी 2025 में जमशेदपुर में पांचवां अष्टोत्तर शत् सप्ताह यज्ञ संपन्न हुआ. इसके अलावा उन्होंने लक्ष्य यज्ञ, विष्णु यज्ञ और शतचण्डी यज्ञ जैसे कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए हैं. कथा का शुभारंभ 25 अगस्त को मंगल कलश और श्रीमद् भागवत जी की शोभायात्रा के साथ होगा. यह शोभायात्रा सुबह 9 बजे राम मंदिर, वी.आई.पी. रोड से कथा स्थल तक जाएगी. कथा के प्रत्येक दिन विभिन्न प्रसंग जैसे कपिल भगवान चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत कथा, नृसिंह अवतार, श्री कृष्ण जन्म, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी मंगल विवाह और सुदामा चरित्र आदि प्रस्तुत किए जाएंगे. अंतिम दिन 1 सितंबर को गीत पाठ, हवन और पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन होगा. आचार्य जी अपनी “कल्प वृक्ष चेरिटेबल गौ मानव सेवा ट्रस्ट” के माध्यम से समाज सेवा में भी सक्रिय हैं. वे गरीब बच्चों की शिक्षा, कन्या विवाह, गौ-सेवा, कुष्ठरोगियों की सहायता और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरण जैसे कार्यों में योगदान दे रहे हैं. आयोजक परिवार में ओमप्रकाश नत्थुलाल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मुकुंद कुमार अग्रवाल, संतोष कुमार अग्रवाल, जितेंद्र कुमार अग्रवाल, अजय कुमार अग्रवाल और राजेश कुमार अग्रवाल शामिल हैं. सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे इस सप्ताह कथा में शामिल होकर जीवन को कृतार्थ बनाएं.