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कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

अपहरण कर युवक को बनाया बंधक, वीडियो भेजकर फिरौती मांगी; चार आरोपी पकड़े गए

अलवर अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया। अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया। पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है। थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है। एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने जताई संतुष्टि, बिजली बढ़ोतरी पर सरकार का जवाब प्रभावी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में इतिहास बन गया. बिजली दर में वृद्धि पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने अस्वीकार्य कर दिया. लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा नहीं किया. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा विषय को गंभीरता से लेने पर आभार जताया. इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई. शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिजली दर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली दर में वृद्धि से पूरा छत्तीसगढ़ परेशान है. गरीबों को बिजली दर में वृद्धि आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है. विपक्ष ने जो स्थगन दिया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े. सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है. उद्योगों को बढ़ावा — स्टील इंडस्ट्री की दरों में कटौती मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है. यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.55 घंटे/दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे/दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है. तकनीकी और वाणिज्यिक हानि (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है. यह उपलब्धि दक्ष संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है. कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है. कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है. इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा. यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है. ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए के करार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि पॉवर कंपनी/शासन द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो. वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा. नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को दिया धन्यवाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने काम करने की बात कही है. उन बातों से हमें लगा कि वह ध्यान दे रहे हैं. हमें लगा कि उन्होंने इसको सीरियस माना है. इसलिए हमने उनका धन्यवाद दिया.

तीन दिन, पांच बम अलर्ट: दिल्ली के स्कूलों में दहशत का माहौल

नई दिल्ली दिल्ली के 5 प्राइवेट स्कूलों को बुधवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दहशत फैल गई और इन्हें खाली कराना पड़ा। यह लगातार तीसरा दिन है जब दिल्ली के स्कूलों को ईमेल से बम रखे होने की धमकी दी गई है। इससे पहले पिछले दो दिन में कुछ स्कूलों में बम रखे होने की धमकी जांच में झूठी साबित हुई है। लगातार तीन दिन से मिल रही धमकियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि भाजपा दिल्ली में जगलराज बनाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली सरकार है, लेकिन किसी को चिंता नहीं है। केजरीवाल ने एक्स पर पर लिखा, 'लगातार तीसरे दिन आज फिर से दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। दिल्ली के लोगों और उनके बच्चों की ना तो गृहमंत्री अमित शाह जी को कोई चिंता है और ना ही उनकी चार-चार इंजन वाली सरकारों को। दिल्ली को जंगलराज बनाने पर तुली है बीजेपी।' केजरीवाल ने एक दिन पहले भी धमकी मिलने पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी की चार इंजन वाली सरकारें फेल हो चुकी हैं। आम आदमी पार्टी ने भी निशाना साधते हुए कहा कि अभी तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। यदि किसी दिन एक भी धमकी सच निकली तो कौन जिम्मेदार होगा। एक्स पर पार्टी ने कहा, 'दिल्ली में लगातार तीसरे दिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है लेकिन BJP की पुलिस और जांच एजेंसियां अभी तक एक सुराग तक नहीं ढूंढ़ सकी हैं। BJP ने पुलिस और अपनी सभी जांच एजेंसियों को विपक्षी पार्टियों के नेताओं को परेशान करने और उन्हें फर्जी केसों में फंसाने में लगा रखा है। अगर गलती से भी किसी दिन एक भी धमकी सच निकली और हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? केंद्र और दिल्ली की BJP सरकार आख़िर कब जागेगी?' आज किन स्कूलों को धमकी फायर ब्रिगेड एक अधिकारी ने बताया कि द्वारका स्थित सेंट थॉमस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद सुबह पांच बजकर 26 मिनट पर इसकी जानकारी अग्निशमन विभाग को दी गई। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज स्थित वसंत वैली स्कूल को सुबह साढ़े छह बजे, हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल को सुबह 8.12 बजे और पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल को सुबह 8.11 बजे धमकी भरा ईमेल मिला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय को भी धमकी भरा ईमेल मिला है। उन्होंने बताया कि स्कूल की गहन जांच की गई और अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। अभिभावकों को भेजे गए एक ईमेल में स्कूल अधिकारियों ने कहा, ‘आज सुबह बम की धमकी मिलने के कारण और पुलिस की सलाह के अनुसार सरदार पटेल विद्यालय आज बंद रहेगा। बम निरोधक दस्ता परिसर की गहन जांच कर रहा है।’ सेंट थॉमस स्कूल को दो बार धमकी, अब तक 9 स्कूलों में दहशत सेंट थॉमस स्कूल को बम से उड़ाने की यह धमकी 24 घंटे से भी कम समय में दूसरी बार दी गई है। कुल मिलाकर दिल्ली के नौ स्कूलों को बम धमकी के 10 ईमेल प्राप्त हुए हैं। इन स्कूलों में रात में भी रहने वाले कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते और साइबर विशेषज्ञों की टीम स्कूलों में पहुंचीं और उन्होंने गहन तलाशी ली। अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दी ब्रह्मानंद यादव को श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर ब्रह्मानंद यादव के निधन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय यादव ने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अनुषांगिक संगठनों के कार्य में समर्पित करते हुए राष्ट्र सेवा में योगदान दिया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन पहुँचे, बोले दुबई जैसे ही स्पेन का दौरा भी होगा सफल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की रात स्पेन के मैड्रिड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सीधे सरल व्यक्तित्व से सभी अभिभूत हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई से विमान द्वारा मैड्रिड पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को उद्योग संपन्न राज्य बनाने के लिए उनका यह प्रवास दुबई के जैसे ही सफल होगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के सभी राज्य एक छत के नीचे निवेश और उद्योग से रोजगार सम्पन्न बनाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित कर रहे है।        मुख्यमंत्री डॉ यादव मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश और रोजगार के नये अवसरों को सृजित करने के लिये वहाँ के उद्योगपतियों को निवेश के लिये सरकार की सरल एवं उपयोगी नीतियों से अवगत करवायेंगे। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। रोजगार सृजन के साथ तकनीकी उन्नयन और संस्कृति से अवगत होकर निवेशकों के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। औद्योगिक विकास और आर्थिक रूप से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में उनकी यह यात्रा कारगर साबित होगी।         मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को पर्यटन, आईटी एवं अधोसंरचना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिये आकर्षित करेंगे।  

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्व. श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्व. श्री यादव ने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित किया। श्री देवड़ा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

स्वास्थ्य को चपत लगाने तीन गुना रफ्तार से आ रहा चिकनगुनिया, भोपाल में पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक

 भोपाल  भोपाल शहर में चिकनगुनिया ने डेंगू का पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा हैं। इसकी पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इसे कम रिपोर्टिंग का संकेत मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक चिकनगुनिया के 51 मरीज सामने आए हैं, जबकि डेंगू के 45 मामले हैं। पिछले तीन हफ्तों में चिकनगुनिया के केवल 192 टेस्ट किए गए, जिनमें तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए, वहीं डेंगू के 546 टेस्ट हुए और सिर्फ तीन नए मामले मिले। 2.47 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर आंकड़ों के अनुसार, चिकनगुनिया बढ़ने की दर 7.02 प्रतिशत रही, जबकि डेंगू के बढ़ने की दर केवल 2.47 प्रतिशत रही। इससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि चिकनगुनिया के कई मामले परीक्षण के बाहर छूट रहे हैं, यानी कम रिपोर्टिंग हो रही है। 28 जून को अंतिम सप्ताह में भी यही प्रवृत्ति दिखी। तब डेंगू के 272 जांच में से नौ ग्रस्त पाए गए। यानी 1.14 प्रतिशत डेंगू के मामले बढ़े। चिकनगुनिया की 57 जांच हुई और तीन संक्रमित पाए गए। ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण -अचानक तेज बुखार आना। -गंभीर जोड़ों का दर्द होना। -मांसपेशियों में दर्द दर्द और जकड़न होना। -तेज और लगातार सिरदर्द होना। -अत्यधिक थकान और कमजोरी होना। -शरीर पर लाल चकत्ते, जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। -कुछ लोगों को मतली, उल्टी, आंखों में लाली और सूजन भी हो सकती है। स्वभाविक तौर से डेंगू की जांच अधिक हुई है और चिकनगुनिया की जांच कम हुई है। चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मामलों से सिर्फ छह ज्यादा है। हम देखते हैं कि कहां चूक हुई है।– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

लूणी नदी में पानी की आवक तेज़, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

बाड़मेर मानसून की अच्छी बारिश के बाद मारवाड़ की जीवनदायिनी लूणी नदी में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला प्रशासन ने लूणी नदी की रपटों से निश्चित दूरी बनाए रखने और नदी बहाव क्षेत्र में नहाने से परहेज करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। दरअसल जिले के समदड़ी क्षेत्र में लूणी नदी में बरसात के पानी की आवक हुई है। इससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। अगले एक-दो दिन में बालोतरा तक लूणी का पानी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पानी की आवक के बाद प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही लूणी नदी पर बनी सभी रपटों पर वाहनों और पैदल आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें इन स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे पानी के तेज बहाव में प्रवेश न करें और न ही सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारों या रपटों के करीब जाएं। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव अप्रत्याशित हो सकता है और ऐसे में कोई भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों और विशेषकर बच्चों से नदी किनारे न जाने का आग्रह किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लूणी नदी में पानी की आवक किसानों और पर्यावरण के लिए एक शुभ संकेत है, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी अत्यंत आवश्यक है।  

सोच से परे प्रेम कहानी: शादीशुदा महिला ने छोड़ा परिवार, प्रेमी के लिए सब कुछ कुर्बान

मुरादाबाद यूपी के संभल में दो बच्चियों की मां को जाने क्या हुआ। न उम्र का ख्याल रहा न समाज की चिंता। उसने अपनी उम्र से 20 साल छोटे लड़के से संबंध बनाए और फिर एक दिन अपनी दोनों बच्चियों को लेकर उसी के घर मुरादाबाद के छजलैट पहुंच गई। यही नहीं महिला ने उम्र में काफी छोटे उस युवक से कथित रूप से शादी भी कर ली। बाद में पति उसे खोजते-खोजते अपनी मां के साथ वहां पहुंचा तो अपनी पत्नी का रुख देखकर दंग रह गया। पति और सास ने महिला को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। बाद में वह अपने प्रेमी और दोनों बच्चियों के साथ मां थाने पहुंच गई। वहां देर शाम तक विवाद चलता रहा। महिला के परिजन भी संभल से छजलैट पहुंच गए, विवाहिता ने वापस जाने से इंकार कर दिया। वह दो बेटियों को लेकर प्रेमी के साथ चली गई। मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव भैंडी फरीदपुर का रहने वाला युवक का फेसबुक के जरिए संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव निवासी विवाहिता से प्रेम प्रसंग हो गया। पहले तो दोनों में फोन पर ही बातें चलीं, लेकिन कई बार युवक और विवाहिता मुरादाबाद में एक-दूसरे से भी मिले। इस दौरान युवक ने विवाहिता को अपने साथ अपने घर शादी करके ले जाने की बात कही। जिस पर विवाहिता ने बच्चों को साथ लाने की बात कही। युवक ने बच्चों को भी अपनाने की बात कही। विवाहिता 10 दिन पहले एक 16 वर्ष और 13 वर्ष की बेटी को साथ लेकर छजलैट के गांव में आ गई। यही नहीं उसने युवक के साथ कथित तौर शादी भी कर ली। जब विवाहिता को पति और अन्य ने तलाश किया तो छजलैट क्षेत्र के गांव का पता लगा। मंगलवार को विवाहिता के परिजन थाने पहुंचे। विवाहिता अपने 20 वर्षीय प्रेमी और बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। विवाहिता का पति और सास विवाहिता को ले जाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन उसने जाने से साफ इंकार कर दिया। वह प्रेमी और दो बेटियों के साथ वापस प्रेमी के घर चली गई।