samacharsecretary.com

कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु 15 से 18 जुलाई तक रायपुर में होगी काउंसलिंग

अम्बिकापुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयनित विद्यार्थियों की वर्गवार प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। यह सूची विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/पर अपलोड की गई है। आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार, प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग दिनांक, समय एवं स्थल निर्धारित कर दिए गए हैं। काउंसलिंग का आयोजन प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय, गुढ़ियारी, जिला रायपुर (छ.ग.) में किया जाएगा। काउंसलिंग कार्यक्रम का वर्गवार विवरण इस प्रकार हैः- अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (PVTG) – बालक दिनांकः 15 जुलाई 2025 समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (PVTG) – बालिका दिनांकः 16 जुलाई 2025 समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक अनुसूचित जाति/ बालक/बालिका दिनांकः 17 जुलाई 2025 समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक अन्य पिछड़ा वर्ग – बालक/बालिका दिनांकः 18 जुलाई 2025 समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक / बालक/बालिका दिनांकः 18 जुलाई 2025 समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक प्रत्येक विद्यार्थी को एक अभिभावक या पालक के साथ निर्धारित दिनांक को उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्हें निम्न दस्तावेजों की मूल व छायाप्रति सहित साथ लाना अनिवार्य होगा प्रवेश पत्र,सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र, वर्ष 2024-25 में कक्षा 8वीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र, यदि परिवार नक्सल हिंसा से प्रभावित है, तो पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र, शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र या शाला छोड़ने का प्रमाण, मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा जांच प्रमाण पत्र, सिकलसेल जांच प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, च्वाइस फिलिंग फॉर्म (काउंसलिंग प्रपत्र) अनुपस्थिति की स्थिति में सीट आवंटन निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में संबंधित विद्यार्थी की पात्रता के आधार पर रिक्त सीटों के अनुसार संस्था का पुनः आवंटन किया जाएगा। आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने संबंधित विद्यार्थियों व पालकों से समय पर उपस्थित होकर समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ काउंसलिंग में भाग लेने की अपील की है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

1 जून से अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड , बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 540.3 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 540.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 176.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 275.9 मि.मी., सूरजपुर में 451.7 मि.मी., जशपुर में 474.8 मि.मी., कोरिया में 398.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 354.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 343.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 348.3 मि.मी., गरियाबंद में 318.1 मि.मी., महासमुंद में 333.7 मि.मी. और धमतरी में 322.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 387.1 मि.मी., मुंगेली में 254.7 मि.मी., रायगढ़ में 519.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 363.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 491.4 मि.मी., सक्ती में 422.6 मि.मी., कोरबा में 464.8 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 368.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 303.7 मि.मी., कबीरधाम में 258.0 मि.मी., राजनांदगांव में 298.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 484.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 245.9 मि.मी., बालोद में 380.4 मि.मी. और बस्तर जिले में 436.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 263.1 मि.मी., कांकेर में 366.8 मि.मी., नारायणपुर में 315.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 397.2 मि.मी., सुकमा में 209.3 मि.मी. और बीजापुर में 444.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

नौकरियां- नौकरियां जल्द करें आवेदन, अग्निशमन विभाग और इंडियन नेवी ने निकाली भर्तियां

रायपुर छत्तीसगढ़ के छात्र नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केंद्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत 1387 छात्रों को लाभ मिलेगा। जिन छात्रों ने इस वर्ष स्नातक में प्रवेश लिया है और जिन्होंने 80 परसेंटाइल या न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, वे 31 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको पोर्टल पर जरूरी जानकारी मिल जाएगी, जैसे कि आवेदन कैसे करना है, इसके लिए नियम क्या हैं और बाकी सवालों के जवाब। अग्निशमन विभाग में 295 पदों पर भर्ती छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में स्टेशन ऑफिसर, फायरमैन, ड्राइवर, मैकेनिक, ऑपरेटर आदि के 295 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। फायरमैन के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं, स्टेशन ऑफिसर के लिए बीएससी या बीई तथा अन्य पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। इंडियन नेवी में 1110 पदों पर भर्ती भारतीय नौसेना ने नेवल सिविलियन ग्रुप बी और ग्रुप सी के 1110 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता में नर्सिंग डिग्री, फार्मेसी डिप्लोमा, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी या 10वीं के साथ संबंधित डिप्लोमा/डिग्री मांगी गई है। एमएससी केमिस्ट्री की 13 पेमेंट सीटों पर एडमिशन रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एमएससी केमिस्ट्री की 13 पेमेंट सीटें खाली हैं। इनमें प्रवेश के लिए 11 जुलाई को दस्तावेज़ सत्यापन और काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। वे छात्र जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हैं, उपस्थित हो सकते हैं।

इंदौर :DAVV बनाएगा छात्र जानकारी का ऑनलाइन डेटाबेस, 1990–2020 तक की मार्कशीट तुरंत डाउनलोड करें

 इंदौर  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) अब अपने 50 साल पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने जा रहा है। यह कदम विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है। इस परियोजना के पहले चरण में वर्ष 1970 से लेकर 2020 तक के विद्यार्थियों की अंकसूचियों (Mark Sheets), डिग्रियों और टेबुलेशन चार्ट्स (Tabulation Charts) को डिजिटलाइज किया जाएगा। रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के बाहर नहीं भेजे जाएंगे विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी गोपनीय दस्तावेज को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर नहीं भेजा जाएगा। इसके लिए आरएनटी मार्ग स्थित नालंदा परिसर में ही संबंधित आईटी कंपनी का कार्यालय स्थापित किया जा रहा है। यह कंपनी डिजिटलीकरण का सारा कार्य विश्वविद्यालय परिसर में ही करेगी। पुराने दस्तावेजों की हालत खराब डीएवीवी की स्थापना 1964 में हुई थी और वर्षों से जमा रिकॉर्ड अब जर्जर होने लगा है। कई दस्तावेजों में दीमक लग चुकी है, टेबुलेशन चार्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं और जगह की भी कमी हो रही है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने डिजिटल संरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया है। 50 सालों में लाखों छात्रों का रिकॉर्ड 1970 से 2020 तक विश्वविद्यालय से लाखों छात्रों ने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी, बीबीए आदि पाठ्यक्रमों के छात्रों का पूरा डेटा अब डिजी-लॉकर (DigiLocker) में संरक्षित किया जाएगा। साल 2018 से चल रही थी तैयारी वर्ष 2018 में ही विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल की थी। राजभवन द्वारा एक समिति बनाई गई थी जिसमें कई विश्वविद्यालयों के अधिकारी शामिल थे। कई सॉफ्टवेयर कंपनियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी थीं, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते प्रक्रिया धीमी हो गई। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने डेटा डिजिटलीकरण को अनिवार्य किया है। 80 हजार छात्रों का डेटा पहले से ऑनलाइन वर्तमान में DAVV ने सत्र 2023-24 में स्नातक अंतिम वर्ष के 80 हजार छात्रों का डेटा पहले ही ऑनलाइन कर दिया है। अब यह काम पुराने रिकार्ड्स तक भी विस्तार पा रहा है। 10 महीनों में पूरा होगा कार्य आईटी कंपनी को रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के लिए 10 महीनों की डेडलाइन दी गई है। कार्य पूरा होने के बाद डेटा विशेष सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा, जिसे कभी भी कर्मचारी या संबंधित विभाग देख सकेंगे। इससे न केवल प्रशासन को सुविधा होगी, बल्कि छात्रों को भी भविष्य में दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ने पर तुरंत लाभ मिलेगा। डॉ. राकेश सिंघई, कुलगुरु, डीएवीवी ने बताया कि विश्वविद्यालय पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ इस कार्य को शीघ्र पूरा करेगा।

सिंहस्थ‑2028 से पहले उज्जैन में बनेगा रेलवे स्टेशन से महाकाल तक 1.76 किमी रोपवे, 55 गोन्डोला के साथ

उज्जैन  सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में तैयारियां तेज हो गई हैं। रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोपवे चलाए जाएंगे। इसके लिए के लिए काम शुरु हो गया। रोपवे का ठेका डोप्पेलमेयर को दिया गया है। जो कि अपनी टेक्नोलॉजी के जरिए डिजाइन तैयार कर रही है। 1.7 किलोमीटर लंबा रोपवे होगा तैयार उज्जैन रेलवे स्टेशन से लेकर महाकाल मंदिर तक 1.7 किलोमीटर लंबा रोपवे तैयार किया जा रहा है। इसके रूट पर तीन स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां पर यात्री रोपवे के जरिए आना-जाना कर सकेंगे। जिसमें यात्री सीधा मंदिर में ही उतरेंगे। 1.7 किलोमीटर के रूट में 55 केबिन चलाए जाएंगे। जो कि दिन में 16 घंटे चलेंगे। इस दूरी को तय करने में सिर्फ 5-7 मिनट का समय लगेगा। रोपवे के लिए तीन स्टेशन बनेंगे महाकाल लोक की पार्किंग पर उतरकर नंदी द्वारा से सीधा महाकाल लोक में प्रवेश होगा। गणेश कॉलोनी में उतरने के बाद भक्त रूद्र सागर पर बने नए ब्रिज से सीधे महाकाल मंदिर के पास स्थित मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर पहुंचेंगे। रोपवे हरिफाटक ब्रिज के ऊपर से गुजरेगा। एक घंटे में 2 हजार कर सकेंगे दर्शन रोपवे प्रोजेक्ट को पूरा होने में 2026 तक का समय लगेगा। रोपवे में 3 स्टेशन, 13 टावर और 55 केबिन होंगे। रोपवे की क्षमता प्रति घंटे 2 हजार यात्री होगी। यह पूरे दिन में 16 घंटे तक चलेगा। पब्लिक सेफ्टी रहेगी प्राथमिकता उज्जैन में लगाया जा रहा रोपवे यूरोपीय मानकों पर आधारित है। सरकार के द्वारा पहले प्राथमिकता नागरिकों सुरक्षा रखी गई है। कंपनी की ओर से गारंटी दी जाती है कि किसी प्रकार की समस्या आने पर यह केबिन अपने आप ही स्टेशन पर पहुंच जाएगा।   

वैश्विक निवेश को साधने निकले सीएम मोहन यादव, 19 जुलाई तक विदेश में रहेंगे सक्रिय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन के दौरे पर रहेंगे हुए रवाना । यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने और विदेशी कंपनियों को प्रदेश में उद्योग, टेक्सटाइल, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर है । यह दौरा मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम होगा। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा।  16 से 19 जुलाई तक स्पेन दौरे पर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के बाद 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पेन यात्रा का एक बड़ा फोकस पर्यटन और हेरिटेज हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी रहेगा। निवेश पर रणनीतिक संवाद होगा  इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री का उद्देश्य निवेश के जरिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। बता दें इससे पहले सीएम यूके से लेकर जापान गए थे। मुख्यमंत्री ने कहना है कि इन यात्राओं के जरिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई को भोपाल से दुबई के लिए रवाना हुए जहां वे 15 जुलाई तक रहेंगे। इसके बाद 16 से 19 जुलाई तक वे स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि ये यात्रा मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसे खुद लीड कर रहे हैं, वे अलग अलग शहरों में जाकर मध्य प्रदेश की विशेषताएं, यहाँ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ यादव एक बार फिर निवेशकों को मध्य प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। राज्य शासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रवाना । यह दौरा मध्य प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दुबई में मुख्यमंत्री निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल कॉउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दुबई प्रवास पर इन बड़े ग्रुपों से करेंगे चर्चा  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा। 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर, बार्सिलोना में करेंगे संवाद  दुबई के बाद सीएम डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। MP की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनेगी यात्रा  सरकार के अनुसार इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य निवेश के ज़रिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। यह निवेश यात्राएं मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनती जा रही हैं। पिछले वर्ष की थी यूके, जर्मनी, जापान की यात्रा  उल्लेखनीय है कि यूके, जर्मनी , जापान और अब दुबई से लेकर स्पेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सतत प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी संकल्प का प्रमाण है। इन यात्राओं के ज़रिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं। निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश की उद्योग नीति और निवेश के मौके पर जानकारी देंगे। दुबई मिडिल ईस्ट का बड़ा व्यापारिक शहर है और वहां से प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने की कोशिश होगी। वहीं स्पेन में मुख्यमंत्री ऑटोमोबाइल, शिप मेकिंग और फैशन इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। स्पेन की डिजाइन, मशीनरी और … Read more

धर्मांतरण को लेकर केशव मौर्य का हमला, कहा– चुनावी हिंदुओं की चुप्पी है खतरनाक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखे शब्दों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कथित धर्मनिरपेक्ष ताकतों पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा को मुस्लिम धर्मांतरण के नापाक हथकंडों से लगातार छलनी करने का षड्यंत्र किया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जिन्हें खुद को 'हिंदू' कहलाने का शौक सिर्फ चुनावी मौसम में चढ़ता है- उनकी जुबान पर आज भी तुष्टिकरण की राष्ट्रविरोधी परत चढ़ी हुई है. उनका यह बयान छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन प्रकरण के संदर्भ में था, जिसे हाल ही में अवैध धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले में चुप्पी साधने के लिए विपक्ष की आलोचना की. उन्होने कहा कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है. इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, छलावरण से लिपटी धर्मनिरपेक्षता, और मजहबी वोटबैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता को स्वीकार नहीं है. उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि जो पार्टी ‘सांप्रदायिक सौहार्द्र बिल’ जैसे विधेयक लाने का दुस्साहस अपने शासनकाल में कर सकती है, उसका उद्देश्य हिंदू समाज को कानूनी रूप से अपमानित करना और कट्टरपंथी मानसिकता को प्रश्रय देना है.    भाजपा सरकार में तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं: मौर्य यूपी के उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा, 'यह बिल सौहार्द्र का नहीं, धार्मिक पक्षपात का विधायी दस्तावेज था- जिसमें बहुसंख्यकों के अधिकारों को दबाकर, कट्टरपंथियों को ढाल देने की तैयारी की गई थी.' केशव मौर्य ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार के रहते हुए धर्मांतरण के काले मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर कार्य करती है- लेकिन इसमें 'तुष्टिकरण’ की कोई जगह नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो लोग भारत के सामाजिक ताने-बाने को तोड़कर वोटों की खेती करना चाहते हैं, वे जान लें कि जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेसी और उसके दरबारी कुनबे की इस साझा तुष्टिकरण मंडली को लोकतंत्र और राष्ट्र की जनता समय-समय पर लगातार करारा जवाब दे रही है और धर्मांतरण, तुष्टिकरण तथा राष्ट्रविरोधी सोच को अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 75 वर्ष का होने के बाद सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए. उन्होंने नागपुर में एक कार्यक्रम में कहा था, 'जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपको रुक जाना चाहिए. दूसरों को काम करने का मौका देना चाहिए.' इस पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'सरसंघचालक जी के किसी बयान पर टिप्पणी करने का ना तो मुझे नैतिक अधिकार है और ना ही मैं उन पर कोई टिप्पणी कर सकता हूं.' विपक्षी दलों ने भागवत के इस बयान को पीएम मोदी के लिए संदेश बताया. अखिलेश का PDA है परिवार डेवलपमेंट एजेंसी: मौर्य उन्होंने सपा प्रमुख पर करारा हमला करते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपने फर्जी पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट एजेंसी के चेयरमैन हैं और उनके परिवार के अलग-अलग लोग ही इसमें डायरेक्टर हैं. उन्होंने सपा को गुंडों, माफिया और अपराधियों का संरक्षक बताया और कहा कि उसका कोई राजनी​तिक भविष्य नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब तक भारत विकसित, आर्थिक महाशक्ति समेत सभी क्षेत्रों में अपना परचम नहीं लहरा देगा, तब तक भाजपा का कमल जनता खिलाती रहेगी और हमारी कोशिश रहेगी कि 2027 में समाजवादी पार्टी 47 का अकड़ा भी ना छू पाए. अब सपा, बसपा और कांग्रेस के लिए 2047 तक देश और प्रदेश में सत्ता के दरवाजे बंद हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को मुझसे डर लगा करता है. वह फर्जी पीडीए की बात करते हैं, लेकिन उनको पिछड़े वर्ग का नेता ही बर्दाश्त नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इतिहास के पन्नों को खोलने पर पता चलता है कि उनकी भाषा निम्न स्तर की है, उनके कारनामों को हम उजागर करते रहेंगे और उनके पीडीए की हवा निकल चुकी है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विरासत की सियासत करते हैं और ऐसी बातें बोल देते हैं जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें नहीं बोलनी चाहिए. झूठ के आधार पर कांग्रेस पिछले लोकसभा चुनावों में 99 सीटों तक पहुंच गई, लेकिन अब मुझे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि 2047 तक वह अर्धशतक लगाने के लिए तरसेगी.

यात्रियों के लिए खुशखबरी! मुजफ्फरपुर-प्रयागराज ट्रेन में बढ़े AC-3 कोच, कई अपडेट जारी

मुजफ्फरपुर 12538/37 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर-प्रयागराज एक्सप्रेस में एसी-थ्री के तीन नए कोच जुटेंगे। इसके साथ ही इस ट्रेन का नंबर भी बदल जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलाई जाएगी। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि उक्त ट्रेन में एसी-थ्री के एक तथा एसी-थ्री-ई के दो अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलेगी। मुजफ्फरपुर-प्रयागराज के बीच चलने वाली इस ट्रेन में तीन नए कोच लगाए जाएंगे। इस ट्रेन में कोचों की कुल संख्या 18 से बढ़कर 21 हो जाएगी। एक सितंबर से गाड़ी संख्या 12538/12537 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर -प्रयागराज एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित नंबर 14112/14111 से किया जाएगा। 20 कोच के साथ चलेगी पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस पटना -हावड़ा के बीच चलने वाली 22348/22347 पटना-हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस में चार कोच अतिरिक्त जोड़कर 20 कर दिया गया है। इसके पहले 16 कोच के साथ चलायी जा रही थी। यात्रियों की मांग के मद्देनजर उनकी सुविधा हेतु के लिए 20 कोचों के साथ इसका परिचालन शुरू हो गया है। महिला डिब्बे में 1176 पुरुष यात्री धराए पूर्व मध्य रेल (पूमरे) की ओर से बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करके ट्रेनों को जहां-तहां रोकने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही। पूर्व मध्य रेल में आरपीएफ द्वारा आपरेशन समय पालन के तहत ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही। ताकि विलंब ना हो। 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने चेन पुलिंग करने के आरोप में 612 लोगों को हिरासत में लिया है। उन लोगों के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई। 327 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गए जबकि समस्तीपुर मंडल में 136, सोनपुर मंडल में 64, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 40 तथा धनबाद मंडल में 45 लोगों को हिरासत में लिया गया। आपरेशन महिला सुरक्षा के मद्देनजर पिछले महीने के 15 दिनों में रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत 1176 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया। इनमें सर्वाधिक 420 लोग दानापुर मंडल में जबकि धनबाद मंडल में 342, सोनपुर मंडल में 275, समस्तीपुर मंडल में 78 तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 61 पुरुष यात्रियों पकड़ा गया। इस बात की जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने शुक्रवार को दी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गाजियाबाद अलर्ट, 5 कंट्रोल रूम और हजारों ‘कांवड़ मित्र’ तैयार

गाजियाबाद सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ मार्ग को 124 बीट में विभाजित किया है, प्रत्येक बीट की लंबाई 700-800 मीटर है। हर बीट में एक सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में चार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात ड्यूटी पर रहकर समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। इसके अलावा, 10,000 कांवड़ मित्र नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर कांवड़ियों की मदद करेंगे। ये कांवड़ मित्र कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को निर्बाध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए गाजियाबाद में पांच मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ तिराहा और तीनों जोनल कंट्रोल रूम शामिल हैं। इनके अधीन अस्थायी उप-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जैसे राज चौपला, निवाड़ी रोड और एनएच-9 चौराहा। इन कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर पर 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। पिछले साल मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव को देखते हुए इस बार एक बफर जोन बनाया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी। मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर सीसीटीवी की व्यवस्था भी की गई है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित हो जाती है, तो उन्हें तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार से 1,400 लीटर गंगाजल मंगवाया गया है। यह गंगाजल विभिन्न थानों में वितरित किया गया है, ताकि कांवड़िए बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, "हमारा उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाना है। सभी व्यवस्थाएं इस तरह की गई हैं कि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और वे अपना जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें।"

विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दिशा में वित्तीय अनुशासन की मजबूत नींव

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके लिये वित्त विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। इस बार भी राज्य सरकार द्वारा शून्य आधार बजटिंग (Zero Base Budgeting) की प्रक्रिया को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन और परिणाम आधारित बजट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने पहली बार वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के लिए “त्रिवर्षीय रोलिंग बजट” तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जो प्रदेश की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ पर केन्द्रित है। बजट स्वीकृति के पहले हर योजना का होगा मूल्यांकन वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक योजना के लिए यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे होगा और उसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा। इस प्रक्रिया में गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त करने और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। बजट निर्माण की प्रमुख तिथियां     28–31 जुलाई 2025: विभागीय प्रशिक्षण और प्रारंभिक चर्चा।     10 सितम्बर 2025: IFMIS में आंकड़े भरने की अंतिम तिथि।     15–30 सितम्बर 2025 : प्रथम चरण चर्चा।     31 अक्टूबर: नवीन योजनाओं के प्रस्ताव की अंतिम तिथि।     1 अक्टूबर – 15 नवम्बर: द्वितीय चरण चर्चा।     दिसम्बर–जनवरी: मंत्री स्तरीय बैठकें।     31 मार्च 2026: समायोजन प्रस्तावों की अंतिम तिथि। वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की भी अलग होगी गणना     विभागों को अपने स्थायी खर्चों जैसे वेतन, पेंशन, भत्तों की गणना करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।     प्रत्येक वित्तीय वर्ष के वेतन में 3% वार्षिक वृद्धि जोड़ी जाएगी।     महंगाई भत्ते की गणना क्रमशः 74%, 84% और 94% के हिसाब से होगी।     संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4% वार्षिक वृद्धि का भी प्रावधान रहेगा। अजा-अजजा उपयोजना के लिए न्यूनतम बजट सुनिश्चित करना होगा अनिवार्य वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16% और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23% बजट सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए सेगमेंट कोडिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। ऑफ-बजट व्यय और केंद्रीय योजनाओं पर भी निगरानी जिन विभागों को भारत सरकार से सीधे फंड प्राप्त होता है, उन्हें वह राशि भी बजट प्रस्ताव में दर्शानी होगी। इसके अलावा, ऑफ-बजट ऋण, प्रोत्साहन योजनाओं का वित्तीय असर, और नवीन योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। सभी प्रस्ताव तय समय पर IFMIS में हों दर्ज सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बजट की तैयारी के लिए जो आई.एफ.एम.आई.एस. (IFMIS) प्रणाली अपनाई गई है, उसमें तय समय के बाद प्रविष्टि की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा में दर्ज करें और विभागीय बैठक के पूर्व पूरी जानकारी तैयार रखें। जनहित में होगा व्यय शून्य आधार बजटिंग प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर योजना के पीछे ठोस उद्देश्य हो, उसका समाज पर प्रभाव दिखे और प्रत्येक व्यय राज्य की विकास प्राथमिकताओं से मेल खाता हो। राज्य सरकार का यह प्रयास केवल राजकोषीय अनुशासन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रभावी शासन और नागरिक सेवा सुधार के लिए भी सराहनीय कदम साबित होगा।