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यूपी के सभी जिलों में विशेष अभियान की शुरुआत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ  योगी सरकार किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान 16 सितम्बर, 2025 से शुरू होगा. इस अभियान का उद्देश्य किसानों के भूमि अभिलेखों को आधार से जोड़ना और किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और उन्हें रोजाना अभियान की प्रगति पर रिपोर्ट देनी होगी. हर जिले में प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी ताकि कहीं भी ढिलाई न बरती जाए. फार्मर रजिस्ट्री क्यों है जरूरी राज्य सरकार का मानना है कि किसान को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा. कई बार जमीन के कागजों में मालिकों के नाम अधूरे या गलत पाए जाते हैं. इसी वजह से किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि सभी किसानों के अधिकार अभिलेख में नामों का आधार से मिलान कर सही-सही दर्ज किया जाए. इसके लिए राजस्व अधिकारियों को एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि हर जिले में एक जैसी प्रक्रिया अपनाकर रजिस्ट्री पूरी की जा सके. आधे से ज्यादा किसान जुड़े न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक प्रदेश में कुल 2.88 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, यानी 50 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है. यह सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, लेकिन शेष किसानों को जोड़ना भी कम चुनौती नहीं है. बिजनौर सबसे आगे अब तक की प्रगति में बिजनौर जिला सबसे आगे है. यहां 58% से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. इसके बाद हरदोई (57.84%), श्रावस्ती (57.47%), पीलीभीत (56.89%) और रामपुर (56.72%) टॉप-5 जिलों में शामिल हैं. इन जिलों के अधिकारियों को सीएम योगी ने सराहा है और अन्य जिलों को भी इसी तरह तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. पिछड़ रहे जिलों पर खास नजर हालांकि कई जिलों ने सराहनीय काम किया है, लेकिन कुछ जिले अभी पीछे चल रहे हैं. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि ऐसे जिलों पर विशेष नजर रखी जाएगी. जो जिले लक्ष्य से काफी दूर हैं, वहां अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी और अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर जवाबदेह बनाया जाएगा. यही नहीं, जिन जिलों में किसानों का 100% डाटा वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनमें अमरोहा, आजमगढ़, बलरामपुर, एटा और जौनपुर शामिल हैं. यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के रजिस्ट्री अधूरी है. पीएम किसान योजना से जोड़ने की तैयारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों का पंजीकरण हर हाल में 100% होना चाहिए. सरकार चाहती है कि अगली किस्त जारी होने से पहले कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए. इसके लिए जिलाधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है पहली, फार्मर रजिस्ट्री को समय पर पूरा करना और दूसरी, पीएम किसान योजना में 100% पंजीकरण सुनिश्चित करना. अभियान के दौरान आईईसी गतिविधियां सरकार का जोर केवल डेटा एंट्री पर नहीं बल्कि जागरूकता पर भी है. सभी जिलों में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियां चलाई जाएंगी. पोस्टर, पंपलेट, स्थानीय मीडिया और गांव-गांव जाकर किसानों को समझाया जाएगा कि रजिस्ट्री उनके लिए क्यों जरूरी है और कैसे इससे उन्हें योजनाओं का लाभ जल्दी और आसानी से मिल पाएगा. सीएम योगी का कड़ा संदेश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह अभियान प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. जो भी जिले पिछड़ेंगे, वहां सीधे डीएम जिम्मेदार होंगे. उन्होंने अफसरों से कहा है कि किसानों से जुड़ा यह कार्य किसी भी कीमत पर टलना नहीं चाहिए. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार लगातार किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली पर जोर देती रही है. पहले फसल बीमा योजना हो या फिर खाद्यान्न वितरण, सरकार ने रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करने पर फोकस किया. अब फार्मर रजिस्ट्री उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है. किसानों की प्रतिक्रिया कई किसानों का मानना है कि यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली जरूर है, लेकिन लंबे समय में इससे बहुत फायदा होगा. अभी तक जिन किसानों को कागजों की गड़बड़ी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल होती थी, उन्हें अब राहत मिलेगी. बिजनौर के एक किसान ने कहा, पहले हमारी जमीन के रिकॉर्ड में नाम अधूरा दर्ज था. सुधार कराने में महीनों लग जाते थे. अब सीधा आधार से मिलान हो रहा है तो उम्मीद है कि जल्दी सब ठीक हो जाएगा.

सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

रायपुर: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने की विभागीय समीक्षा बैठक

रायपुर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर वर्ष 2024-25 के चावल जमा एवं आगामी विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी की आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री बघेल ने केन्द्रीय पूल में चावल जमा की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा इसमें तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष चावल का कन्वर्ज़न नहीं किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में चावल जमा सुनिश्चित हो। आगामी खरीफ वर्ष में उपार्जन हेतु किसान पंजीयन की समीक्षा करते हुए मंत्री जी ने एग्री पोर्टल पर छूटे हुए किसानों का पंजीयन तत्काल करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त मंत्री श्री बघेल ने उपार्जन केन्द्रों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रत्येक जिले में 5-5 उपार्जन केन्द्रों को एल-5 (एक्सेलेंट) श्रेणी में लाने के निर्देश दिये। साथ ही, नये उपार्जन केन्द्रों के प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया। बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की सुचारू व्यवस्था हेतु एफ.आर.के. व्यवस्था एवं बारदाने की उपलब्धता को वृहद रूप देने पर भी विशेष निर्देश दिये गये। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्रीमती किरण कौशल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लुण्ड्रा को 10 करोड़ का विद्युत विस्तार, सीएम साय ने दी मंजूरी

रायपुर लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।          स्वीकृति के अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 9 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर 33 केवी और 7 किलोमीटर 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। कुंवरपुर पंचायत में भी 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार होगा।          विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे थे। जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।           ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक मिंज का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उनके गांवों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

₹582 करोड़ की लागत से भोपाल में 700Km वाटर नेटवर्क, 30 हजार परिवारों तक पहुँचेगा नल-जल

भोपाल  राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। 36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

बलरामपुर को मिला प्रयास आवासीय विद्यालय, मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर 25 करोड़ स्वीकृत

रायपुर बलराम पुर जिला मुख्यालय में 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रयास आवासीय विद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रयास आवासीय विद्यालय के भवन के लिए राशि की मंजूरी दी है।  मंत्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ होने से अंचल के जनजातीय परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इन विद्यालयों में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अखिल भारतीय मेडिकल एवं इंजीनियरिंग परीक्षाआों के साथ-साथ अन्य परीक्षाओं की भी तैयारी करायी जाती है। बलरामपुर आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। इस विद्यालय के प्रारंभ होने से न केवल जनजातीय बल्कि अन्य वर्गों के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।

01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर होगा वृहद आयोजन अभियान

रायपुर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा आज मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में 28 जिलों के कलेक्टर्स के साथ वीडियो कोफ्रेंसिंग के माध्यम से आदि कर्मयोगी अभियान की तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 जिलों के 128 विकासखण्डों एवं 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में इस अभियान के माध्यम से शत प्रतिशत संतृप्ति के लक्ष्य को प्राप्त किया जाना है इसके लिए अन्य विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में जो भी क्रिटिकल गैप है उसे इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी, ब्लॉक स्तर पर आदि सहयोगी एवं ग्राम स्तर पर आदिसाथी के माध्यम से पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस हेतु पूरे प्रदेश से लगभग 1.33 लाख वॉलंटियर तैयार किए जाने का लक्ष्य है, जो कि जमीनी स्तर पर जनजातीय समाज के लोंगों के बीच जाकर अभियान की सफलता को सुनिश्चित करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 6 अगस्त को आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। उन्होंने जिला कलेक्टर्स को 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाए जाने के निर्देश भी दिए हैं। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस अभियान हेतु रिस्पॉसिव गवर्नेस प्रोग्राम के तहत राजधानी रायपुर में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य तत्वाधान में संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इसका मुख्य आयोजक है, जबकि इसमें बीआरएलएफ (भारत ग्रामीण आजीविका मिशन) द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग एवं द्वितीय चरण 18 से 21 अगस्त में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिला मास्टर ट्रेनर्स को अभियान की सभी सूक्ष्म जानकारियां राज्य मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दी जा रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा 12 अगस्त को संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया गया था। इसी प्रकार 19 अगस्त को केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय दुर्गादास उइके द्वारा इसके द्वितीय चरण के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम द्वारा भी सत्र को संबोधित किया गया। प्रमुख सचिव ने बताया कि 01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर वृहद आयोजन किया जाना है। इसमें आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी एवं आदिसाथी की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 के मध्य जिलों में ष्सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियानष् के रूप में मनाए जाने के संबंध में रूपरेखा को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने के र्निदेश दिए। उन्होंने जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। बैठक को राज्य नोडल अधिकारी हृदेश कुमार, प्रबंध संचालक, ट्राईफेड द्वारा भी वर्चुअली मोड संबोधित कर जिला कलेक्टर्स को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स को अभियान की पूरी रूपरेखा की जानकारी होनी चाहिए। इस हेतु एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर उसपर पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाए। साथ ही जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि सभी जिला कलेक्टेरट में सूचना पटल आदि पर पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा आदि कर्मयोगी अभियान का बिन्दुवार व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए इस संबंध में स्थानीय स्तर पर इन अभियानों से संबंधित सामाचारों को भी चस्पा किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के मध्य अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस हेतु जिलों में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के डलळवअ पोर्टल पर जाकर जिलों में की जा रही गतिविधियों की फोटो सीधे अपलोड की जा सकती हैं। साथ ही अन्य राज्यों में इस संबंध में की जा रही अच्छी गतिविधियों का अवलोकन कर उसका अनुसरण किया जा सकता है। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत एवं अपर संचालक संजय गौड़ उपस्थित थे।

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री टंक राम वर्मा का आश्वासन, राजस्व कार्य होंगे समय पर और पारदर्शी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन से लेकर एग्रीस्टेक व जिओ-रिफ्रेंसिंग तक, जनता को मिलेगी त्वरित सुविधा: मंत्री टंक राम वर्मा रायपुर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग जैसे सीधे जनता से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा कर कार्याे की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को राजस्व सेवाओं के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी कार्य समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्य ग्रामीणों व किसानों की आजीविका से जुड़े हैं, ऐसे में इनकी समय पर पूर्ति सर्वाेच्च प्राथमिकता है। एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डिजिटल समाधान अपनाने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने कहा तकनीक से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और विवादों पर भी अंकुश लगेगा। जनता को पारदर्शी और त्वरित सेवा मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। नई तकनीक अपनाने से  भूमि से जुड़े विवादों का भी त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा। बैठक में राजस्व विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री वर्मा ने सभी अधिकारियों को राजस्व कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री के निर्देशों को अमल में लाने का भरोसा दिलाया।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित

मदनमहल से दमोह नाका फ्लाई ओवर का होगा लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित लोक निर्माण मंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया फ्लाई ओवर का निरीक्षण लोक निर्माण मंत्री ने की फ्लाई ओवर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील दमोह मध्यप्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओवर 'मदनमहल से दमोह नाका' का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और मुखयमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 23 अगस्त को करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों के अंतर्गत लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को इस फ्लाई ओवर का निरीक्षण किया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि बड़ी प्रसन्नता की बात है कि मप्र के सबसे बड़े फ्लाई ओवर का लोकार्पण करने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी मध्यप्रदेश आ रहे हैं। सिंह ने कहा 2004 में जब मैंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा तब जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए मैंने फ्लाई ओवर निर्माण को अपने संकल्प पत्र में लिया था और उसके बाद इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ किये गए। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनने के बाद मध्यप्रदेश आए। उनसे फ्लाई ओवर निर्माण की मांग रखी गई और गडकरी ने तत्काल इसकी स्वीकृति देते हुए इस फ्लाई ओवर का निर्माण सीआरएफ से कराने का आदेश जारी किया। फ्लाई ओवर का निर्माण प्रारम्भ होने और पूर्ण होने तक कई तरह की अड़चनें सामने आईं, उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया गया, आज यह फ्लाई ओवर बनकर तैयार है। सिंह ने कहा लगभग 11 सौ करोड़ की लागत से निर्मित 7 किमी लम्बा जबलपुर में बना यह फ्लाई ओवर मप्र का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर है। साथ ही इसमें रेल मार्ग के ऊपर बना देश का सबसे लम्बा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज भी बना है, जिसकी लम्बाई 192 मीटर है। इसमें 3 बो स्ट्रिंग ब्रिज बनाये गए हैं, जिसमें दो रानीताल में और एक बलदेवबाग में बनाया गया है, जो पूरी तरह स्टील से निर्मित है। इसकी लम्बाई लगभग 70 मीटर होगी। इस फ्लाई ओवर के नीचे पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही फ्लाई ओवर के नीचे ही बास्केटबल कोर्ट, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क बनाये गए हैं। पूरे फ्लाई ओवर में 10 स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। सिंह ने कहा कि अभी मदनमहल से दमोह नाका तक जाने में वाहन को लगभग 40 से 45 मिनट लगते हैं, किन्तु फ्लाई ओवर से आवागमन प्रारम्भ होने के बाद यह दूरी सिर्फ 6 से 8 मिनट में तय हो जाएगी। यह फ्लाई ओवर न केवल जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करेगा अपितु जबलपुर के महानगरीय स्वरुप के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लोक निर्माण मंत्री ने जबलपुर को मिली इस बड़ी सौगात के लोकार्पण कार्यक्रम में जबलपुर की जनता से उपस्थिति की अपील की है। निरीक्षण के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नीरज सिंह, संतोष बरकडे, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, चीफ इंजीनियर लोनिवि आर.एल. वर्मा आदि उपस्थित रहे।  

मंत्री काश्यप ने महू के कोदरिया में ई.टी.पी प्लांट निर्माण की दी मंजूरी

भोपाल एम.एस.एम.ई मंत्री चेतन्य काश्यप ने महू गोदरिया के कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि एमएसएमई विभाग कोदरिया में ई.टी.पी. प्लांट लगवाने में सहयोग करेगा। उन्होंने प्लांट के अध्ययन के लिए विभाग के अधिकारियों की एक टीम को वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के निर्देश दिये हैं। बुधवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर के नेतृत्व में कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल ने काश्यप से भेंट कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और प्रदूषित पानी के निवारण के लिए ई.टी.पी. प्लांट बनवाने का अनुरोध किया था। मंत्री काश्यप को प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि वर्ष 1984 से कोदरिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में तीन से चार माह के लिए कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माण के लिए लगभग 150 कारखाने संचालित हो रहे हैं। इन कारखानों में लगभग 5 हजार महिला-पुरूष श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। इनमें लगभग तीन लाख मीट्रिक टन आलू का प्रसंस्करण कर कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) बनायी जाती है। इसके निर्माण के बाद जो पानी निकलता है, उसे विधिवत रूप से उपचारित न करने के कारण वह दुर्गंध युक्त हो जाता है, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पर्यावरण विभाग ने यहां ई.टी.पी. प्लांट लगाने की अनुशंसा भी की है। प्लांट की लागत अधिक होने से इसे बनवाने में वे असमर्थ हैं। उन्होंने मंत्री काश्यप से अनुरोध किया कि वे प्लांट निर्माण में सहयोग कर समस्या का समाधान करें। मंत्री काश्यप ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर प्लांट निर्माण के लिए सहमति व्यक्त की है।