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रूफटॉप सोलर वेंडर्स के कौशल विकास के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा रूफटॉप सोलर के वेंडर्स के लिए प्रदेश के 10 जिलों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न 10 जिलों के लिए अलग-अलग तारीखों का निर्धारण किया गया है। इसकी शुरुआत 11 अगस्त को भोपाल से होने जा रही है। कार्यशाला इंदौर में 13, जबलपुर में 18, ग्वालियर में 20 सागर में 22 उज्जैन 25 रीवा 27 मुरैना 29 नर्मदापुरम में एक सितंबर और शहडोल में 4 सितंबर को होगी। भोपाल में कार्यशाला सोमवार 11 अगस्त को कार्यालय, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम प्रातः 10 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई है। कार्यशाला में वेंडर्स को सोलर रूफटॉप की उच्च गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएगी। कार्यशाला में वेंडर की क्षमता संवर्धन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा इससे प्रदेश द्वारा तय की गई निर्धारित सीमा में लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी।  

समाजसेवा की प्रतीक मिनीमाता को सीएम साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा एवं उत्थान के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी बुराइयों के खिलाफ दृढ़ता से आवाज़ उठाई और संसद में रहते हुए कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी कार्यशैली में सदैव सेवा, सरलता और संवेदनशीलता झलकती थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का जीवन संघर्ष और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर उनके आदर्शों को अपनाएँ और एक न्यायपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।

भारत में शराब की खपत में शीर्ष पर कौन सा राज्य?

रायपुर   भारत में शराब का सेवन लगातार बढ़ रहा है और हर साल इसकी खपत अरबों लीटर में पहुँच रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि आखिर कौन सा शहर शराब पीने के मामले में सबसे आगे है। छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाले लोग  ICRIER और लॉ कंसल्टिंग फर्म PLR Chambers की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम सबसे ऊपर है। यहाँ कुल आबादी के लगभग 35.6% लोग शराब का सेवन करते हैं, जो एक महत्वपूर्ण आँकड़ा है। कोलकाता नहीं, दिल्ली है खपत में दूसरे नंबर पर जब बात सबसे ज्यादा शराब पीने वाले शहरों की आती है तो स्थिति थोड़ी अलग दिखती है। 2021 के एक सर्वे के अनुसार कोलकाता में शराब की खपत दर 32.9% थी। यह दर भारत के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी शराब की खपत कोलकाता जितनी ही या उससे भी ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले पश्चिम बंगाल में लगभग 1.4 करोड़ लोग शराब पीते थे। प्रमुख शहरों में शराब की खपत के आँकड़े कोलकाता के बाद शराब की खपत के मामले में दिल्ली का नंबर आता है, जहाँ 31% लोग शराब का सेवन करते हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ है, जहाँ 29.1% लोग शराब पीते हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शराब पीने वालों का आँकड़ा 28.1% है, वहीं लखनऊ में यह आँकड़ा 27.9% के आसपास है। भारत के आईटी हब बेंगलुरु में शराब पीने वालों की संख्या 27.3% है। अन्य शहरों में पुणे में 26.2% और भुवनेश्वर में 24.9% लोग शराब का सेवन करते हैं। यह आँकड़े बताते हैं कि भारत के शहरी क्षेत्रों में शराब का सेवन काफी व्यापक है, और इस पर और अध्ययन की आवश्यकता है ताकि इसके सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को समझा जा सके।  

कानपुर ढाबे में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप, जांच के लिए आई टीम

कानपुर  कानपुर का एक ढाबा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के कारण सुर्खियों में है. वीडियो में दावा किया गया है कि यहां परोसी गई तंदूरी रोटी में एक छिपकली निकली. इस मामले की वैसे तो शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मौके पर जांच की, जहां ढेर सारी गंदगी और लापरवाही मिली. नतीजतन, ढाबे को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया. वीडियो में दिखी हैरान करने वाली तस्वीर वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ युवक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे हैं. जब उनमें से एक युवक तंदूरी रोटी को तोड़ता है, तो उसमें से एक मरी हुई छिपकली दिखाई देती है. युवक यह रोटी तुरंत ढाबा मालिक को दिखाता है. वीडियो में मालिक यह कहते सुना जा सकता है, इस रोटी को बदल दो. युवक ने मौके पर उल्टी जैसा महसूस होने की बात भी कही. मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं दिलचस्प बात यह है कि वीडियो भले ही तेजी से फैल गया हो, लेकिन ढाबे पर खाना खाने पहुंचे किसी भी ग्राहक ने अभी तक पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग में लिखित शिकायत नहीं दी. चौबेपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग ने स्वत: संज्ञान लिया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना शिकायत के भी कार्रवाई का निर्णय लिया. कानपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, भले ही शिकायत नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो को देखते हुए हमारी टीम ने तुरंत ढाबे का निरीक्षण किया. मौके पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी. ढाबे की हालत बेहद गंदी मिली जांच के दौरान विभाग की दो सदस्यीय टीम राजेश यादव और अजीत सिंह ने ढाबे के रसोई क्षेत्र में भारी गंदगी पाई. बर्तनों और खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता के मानक बिल्कुल भी पूरे नहीं किए जा रहे थे. तंदूरी पनीर और अन्य सब्जियों के नमूने मौके से लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ढाबे की रसोई में गंदगी के कारण खाना बनाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. ढाबा मालिक को निर्देश दिया गया है कि जब तक सभी स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक ढाबा बंद रहेगा. पुलिस और विभाग में समन्वय हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विभाग और पुलिस के बीच इस मामले पर समन्वय बना हुआ है. खाद्य विभाग की ओर से भी माना गया है कि वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी नहीं हो सकी है. मालिक बोला रोटी बदल दाे  स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा सोनू बाजपेई का है. इस घटना पर ढाबा मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं आया है. हालांकि, वीडियो में उन्होंने रोटी बदलने की बात जरूर कही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उस समय स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई थी. सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि शहर की खाद्य स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं. कुछ लोगों ने विभाग की तत्परता की सराहना की, तो कुछ ने पूछा कि ऐसे ढाबों पर नियमित रूप से निगरानी क्यों नहीं होती. हो सकती है कार्रवाई  खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि रिपोर्ट में भोजन में किसी भी तरह की हानिकारक या अस्वच्छ सामग्री पाई जाती है, तो ढाबा मालिक पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.

बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर काम कर सकता है तो देश के अन्य शहर क्यों नहीं : रक्षा राज्य मंत्री सेठ आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण के साथ ही बेहतर कल का उपहार दे : मंत्री विजयवर्गीय बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण इंदौर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा आज "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे गांधीनगर थाने के पास 11-11 हजार पौधों का रोपण कार्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इंदौर का योगदान सराहनीय है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौर ने विगत वर्ष 51 लाख से अधिक पौधे लगाकर एक बड़ा लक्ष्य हासिल किया है, जो नागरिकों के सहयोग से संभव हुआ। "एक पेड़ मां के नाम" एवं एक बगिया मां के नाम अभियान से पूरे भारत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गया है। जिस प्रकार इंदौर ने स्वच्छता में लगातार आठवीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह हरियाली और पर्यावरण में भी इंदौर देश का अग्रणी शहर बनेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर ने जो काम किया है, उसका अनुसरण देश के अन्य शहर करके यह मुकाम प्राप्त कर सकते हैं।  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को इंदौर ने पूरे जोश और समर्पण से अपनाया है। पिछले वर्ष रेवती रेंज एवं अन्य स्थानों पर 51 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिसमें पितृ पर्वत जैसे स्थान हरियाली से आच्छादित हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अपनी मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी के लिए हरियाली का उपहार छोड़ें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज का पौधारोपण भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के बीच यह संकल्प हमें आने वाले समय में राहत देगा।   उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संकल्पना पर आधारित इस अभियान के तहत, पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में रेवती रेंज पर एक दिन में 12 लाख 41 हजार पौधों का रोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जिसमें लगभग ढाई लाख पौधे बीएसएफ जवानों द्वारा लगाए गए। इसके अलावा बिजासन टेकरी एवं बीएसएफ परिसर में भी एक लाख से अधिक पौधारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख हेतु उपचारित जल की पाइपलाइन और सम्पवेल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए नगर निगम, इंदौर, बीएसएफ का आभार व्यक्त करता है। इस वर्ष भी 51 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का उद्घाटन किया ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन एनसीडी के समय से चिन्हांकन से गंभीर स्थितियों से होगा बचाव भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने  जयारोग्य चिकित्सालय समूह के हज़ार बिस्तर अस्पताल में नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ (एनसीडी) क्लीनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनसीडी क्लीनिक गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने और उनका इलाज शुरू करने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बदलती जीवन शैली, खान-पान की गलत आदतें, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड जैसी एनसीडी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर इन बीमारियों का देर से पता चलने पर ये जानलेवा साबित होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए एम्स भोपाल के बाद अब जयारोग्य अस्पताल समूह में यह विशेष क्लीनिक शुरू किया गया है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने बताया कि क्लीनिक कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अधीन संचालित होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में बढ़ते एनसीडी मामलों पर नियंत्रण करना है। यहां मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। एनसीडी क्लीनिक को भविष्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे। एनसीडी क्लीनिक में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, थायरॉइड और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज किया जाएगा। इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव संभव होगा। आम जनता को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के जांच व परामर्श की सुविधा मिलेगी और समय पर उपचार मिलने से समयपूर्व मौत के मामलों में कमी आएगी। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं यूजी व पीजी विद्यार्थी मौजूद थे।  

हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टू-व्हीलर पार्किंग को लेकर नया विवाद, क्या हुई लोकेशन में तब्दीली?

रायपुर  क्या रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग की जगह बदल गई है ? अब कार पार्किंग के साथ टू व्हीलर भी खड़ी कर सकेत है ? तस्वरों को देखकर तो यही लग रहा है, लेकिन ऐसा है नहीं. दरअसल रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग और 4 व्हीलर पार्किंग का संचालन एक ही पार्किंग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है. यही कारण है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए अब कार पार्किंग में टू व्हीलर पार्किंग शुरू हो गई है. तस्वीरों और कार्रवाई न होना इस ओर इशारा करता है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों ने संभवतः अपनी मौन सहमति दे रखी हो. जबकि यहां गाड़ी खड़े किए जाने को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. पार्किंग ठेकेदार इतने निश्चिंत हो गए है कि उन्होंने बकायदा कार एक्जिट के पार्किंग में एक फ्लेक्स भी लगा दिया है, जिसमें बड़ी चालाकी से ये लिखा गया है कि आते समय पर्ची अवश्य ले और जाते समय पर्ची अवश्य दे. अब सवाल ये है कि कार पार्किंग के एग्जिट प्वाईंट में पर्ची अवश्य ले, ये किस उद्देश्य से लिखा गया है ? और क्या ये फ्लैक्स रेलवे अधिकारियों को नजर नहीं आया!

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों का जायजा लेने CM भजनलाल शर्मा का बॉर्डर पोस्ट निरीक्षण

बीकानेर स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले, 14 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा प्रस्तावित है। सीएम खाजूवाला क्षेत्र स्थित कोडेवाला पोस्ट पर पहुंचकर बीएसएफ जवानों के बीच तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे और उनके साथ संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री यहां करीब एक घंटे रुककर जवानों से बातचीत करेंगे और सीमा पर स्थित फेंसिंग क्षेत्र का निरीक्षण भी कर सकते हैं। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बनने के बाद बॉर्डर पर जाकर जवानों के साथ समय बिताएंगे। बीएसएफ और जिला प्रशासन ने इस विशेष यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। कोडेवाला पोस्ट पर पहले से ही कड़ी सुरक्षा है, जिसे मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर और मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने किया निरीक्षण खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर और बीएसएफ बीकानेर रेंज के डीआईजी अजय लूथरा सहित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम के स्वागत और सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कोडेवाला पोस्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम पहले से मौजूद हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी सख़्त की जा रही है। सीएम के खाजूवाला आगमन को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कार्यक्रम के मद्देनज़र बॉर्डर इलाक़े में प्रशासन और बीएसएफ की गतिविधियां तेज़ हो गई हैं, वहीं बीकानेर रेंज में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर हलचल बढ़ गई है।