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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत

छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम, एनआईटी और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हस्ताक्षर के साक्षी बने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय फाउंडेशन द्वारा आईआईएम एवं एनआईटी को 172 करोड़ रुपये का योगदान रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया। संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें। किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे। इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा। यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

युवतियों से ठगी के आरोप में Snapchat गिरोह के 3 विदेशी ठग पकड़े गए, दिल्ली में चल रहा था फर्जीवाड़ा

राजनांदगांव विदेशी उपहार और पाउंड पार्सल भेजने के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियो में दो नाइजीरियन व एक दक्षिण अफ्रीका मूल का नागरिक शामिल है। आरोपी युवतियों से स्नैपचैट के जरिए दोस्ती कर स्वयं को विदेश में रहने वाला धनाढ्य बताकर भरोसे में लेते थे। इसके बाद पार्सल छुड़ाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे। बता दें कि इस गिरोह ने जिले के चिचोला थाना क्षेत्र की एक युवती से 1,23,700 रुपये की आनलाइन ठगी की थी। इस पर साइबर सेल व पुलिस चौकी चिचोला की संयुक्त टीम ने छानबीन कर आरोपियों को नई दिल्ली के जनकपुरी और उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार किया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर द्वारका कोर्ट से राजनांदगांव लाया गया है। इस तरह दिया गया था ठगी को अंजाम प्रार्थिया ने पांच मई को पुलिस चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंटरनेट मीडिया पर स्नैपचेट प्लेटफार्म पर डा केंड्रीक25 और कालिन्स लियो24 नामक अकाउंट से उससे संपर्क कर दोस्ती की गई। फिर स्वयं को विदेश में रहने वाला आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति बताकर महंगे गिफ्ट व पाउंड भेजने का झांसा दिया गया। इसके बाद एयरपोर्ट कस्टम में पार्सल पकड़े जाने की बात कहकर 1,23,700 रुपये की मांग की गई और यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करा ली गई। मामले में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस, 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। साइबर सेल की जांच में आरोपितों के मोबाइल लोकेशन उत्तम नगर (नई दिल्ली) में पाई गई, जिसके बाद टीम को दिल्ली रवाना किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटाप, 14 एंड्रायड मोबाइल, छह की-पैड मोबाइल, पांच बंद मोबाइल, पांच एटीएम कार्ड और 32 सिम कार्ड जब्त किए गए। इसमें से 11 सिम अंतर्राष्ट्रीय नंबर हैं। मामले में स्टीफन उर्फ लक्की डेडन जो (30) आइवरी कोस्ट (दक्षिण अफ्रीका) और नाइजीरिया के किंग्सले (35) और जार्ज चुक्चुमेका शामिल हैं। तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली में रहते हुए भारतीय महिलाओं से सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से संपर्क कर ठगी करते थे। महिलाओं को गिफ्ट व विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देकर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर रकम ट्रांसफर कराते थे। दूतावास को दी गई सूचना आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना उनके संबंधित देशों के दूतावास को दी गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई महिलाओं को निशाना बना चुके हैं।

पहले आप खाइए! राखी पर बच्ची की मीठी मांग पर CM योगी ने मिठाई खाई

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर बच्चों के साथ चुहल करते और उनको चाकलेट व अन्य चीजें बांटते नजर आते हैं। पिछले दिनों एक बच्ची की अपील के बाद स्कूल में दाखिला का मामला काफी चर्चित हुआ था। योगी के निर्देश पर बच्ची को एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला मिला था। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान सीएम योगी का वही रूप दिखाई दिया। बच्ची की एक जिद के आगे सीएम योगी को मजबूर होना पड़ गया। एक बच्ची ने योगी को मिठाई खाने पर मजबूर कर दिया। बच्ची सीएम योगी को राखी बांधने आई थी। राखी के साथ मिठाई भी लेकर आई थी। राखी बंधवाने के बाद सीएम योगी ने बच्ची को मिठाई खिलाने की कोशिश की तो बच्ची ने तपाक से बोल दिया कि पहले आप खाइए। इस पर सीएम योगी पहले मुस्कराए और बच्ची को ही मिठाई खिलाने की कोशिश की। लेकिन बच्ची भी नहीं मानी। उसने भी मिठाई नहीं खाई। कहा पहले आप खाइए, पहले आप खाइए। अंतत: बच्ची की जिद सीएम योगी को पूरी करनी पड़ी और मिठाई खाकर उसे खुश कर दिया। सीएम योगी ने इस दौरान बच्चियों को चाकलेट के पैकेट और पैसे भी दिए। सीएम योगी काकोरी एक्शन शताब्दी समापन समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ पहुंचे थे। इस दौरान योगी ने एक बार फिर लोगों से विदेशी की जगह स्वदेशी चीजों को खरीदने की अपील की। कहा कि विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो पैसा आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगा। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दीपावली व अन्य त्योहारों के मौके पर केवल स्वदेशी सामान ही खरीदें। यह भी कहा कि चाहे स्वदेशी सामान महंगे क्यों न हों, इन्हें खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और कारीगरों को मदद मिलेगी। कहा कि यह अवसर है हमारे बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने का। 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा झंडा होना चाहिए। हमें बलिदानियों के प्रति कृतज्ञ रहने के साथ महात्मा गांधी के स्वदेशी अपनाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाना है। महात्मा गांधी ने जो मंत्र दिया, उसी पर हमें चलते हुए केवल स्वदेशी अपनाना है।  

शौर्य फाउंडेशन द्वारा बीएसएफ जवानों को समर्पित “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” समारोह सम्पन्न

भोपाल रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शौर्य फाउंडेशन, भोपाल ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वीर जवानों को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” का आयोजन बीएसएफ, भोपाल परिसर में बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया। यह भावनाओं और देशभक्ति से ओतप्रोत आयोजन सभी के लिए अविस्मरणीय रहा। कार्यक्रम में 50 से अधिक बीएसएफ जवानों ने भाग लिया, जबकि 30 से अधिक बहनों ने इन वीर सपूतों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत में शौर्य फाउंडेशन के सचिव अभिषेक खरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बीएसएफ की शौर्यगाथाओं, सेना और बीएसएफ के कार्यों में अंतर, तथा वीरतापूर्ण किस्सों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, सीमा पर तैनात जवानों के त्याग, समर्पण और अनुशासन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी साझा किए, जिससे उपस्थित जनसमूह गर्व और भावुकता से भर गया। इसके पश्चात निनाद म्यूजिकल एवं सांस्कृतिक विकास समिति की प्रमुख गायिका अर्चना खरे और उनके समूह के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बीएसएफ जवानों ने भी अपने सुरीले स्वर में गीत प्रस्तुत कर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। पूरे वातावरण में देशप्रेम और जोश की गूंज छा गई। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब बहनों ने बीएसएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर अपने स्नेह व सम्मान को व्यक्त किया। यह दृश्य सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श कर गया। बीएसएफ के कमांडेंट श्री प्रभात चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में बीएसएफ के कार्यों, उनकी कार्यप्रणाली और “ऑपरेशन सिंदूर” में उनकी अहम भागीदारी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने जवानों की वीरता, अनुशासन और बलिदान की प्रेरक कहानियां सुनाकर सभी के मन में गर्व और सम्मान की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया। शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष अंशुमन खरे ने कहा कि यह आयोजन बहनों और सरहद के जवानों के बीच अटूट रिश्ते और गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अवसर पर सैय्यद नसर, ललित खरे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के प्रायोजक रहे — तन-मन डिटर्जेंट, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, LNCT यूनिवर्सिटी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर शौर्य फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा करने वाले जवान केवल सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि हर बहन के सच्चे और निस्वार्थ भाई भी हैं।

बिलासपुर में दर्दनाक मामला: नगर निगम ले गई गाय, पेट में मिली 40 किलो पन्नी से मौत

बिलासपुर नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते रुद्र विहार निवासी मनीष कुमार सिंह की एक गाय की मौत हो गई। गाय के शव का जब पोस्टमार्टम किया गया तो उसके पेट से 40 किलो पन्नी निकला, मवेशी मालिक का आरोप है कि नगर निगम के गोठान में मवेशियों को चारा नहीं दिया जा रहा, बल्कि कचरे में ही उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। पीड़ित ने निश्पक्ष जांच की मांग की हैं। रूद्ध विहार निवासी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने एसबीआई व्यापार विहार शाखा से 1 लाख 40 हजार रुपए का लोन लेकर दो गायें खरीदी थीं। कुछ समय पहले रवि रेसिडेंसी स्थित उनके प्लांट में बने शेड में बंधी गाय को नगर निगम के कर्मचारी पड़ोसियों की शिकायत पर ले गए और शेड को तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वे 22 दिनों तक गायों को छुड़ाने के लिए जोन-7 कार्यालय और मोपका चौकी के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार 22वें दिन उन्हें मोपका थाने से पाटले नामक एक अधिकारी का फोन आया और बताया गया कि उनकी एक गाय की मृत्यु हो चुकी है, पहचान के लिए गोठान पहुंचें। मनीष जब वहां पहुंचे, तो उन्हें एक मृत गाय सौंपी गई, जबकि दूसरी गाय अब भी निगम के पास है। इस पूरे मामले में मनीष का आरोप है कि उन्हें गाय छोड़ने का झांसा देकर 22 दिन तक दौड़ाया गया और जब वे जवाब मांगने जोन कार्यालय पहुंचे तो वहां बैठे एक शास्त्री नामक व्यक्ति (जिनका पूरा नाम या पद ज्ञात नहीं) ने उन्हें रूपए और चेक में राशि देकर समझौता करने का प्रलोभन भी दिया। पीड़ित ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई के नाम पर हो रही गायों की हत्या पीड़ित मनीष कुमार सिंह ने नगर निगम व गौठान प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी गाय की मौत उचित भोजन न मिलने की वजह से हुई है। गोठान में निगम कार्रवाई के नाम पर मवेशियों को ले जाती है। उनके खाने व पीने की वहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कर्मचारी गायों को कार्रवाई के नाम के लिए पकड़ते हैं। उचित भोजन न मिलने के आभाव में मवेशियों की मौत हो रही है। मनीष सिंह ने गाय की मौत के लिए जोन कमिश्नर सहित निगम के संबंधित अधिकारियों और गोठान कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। गलती छुपाने के लिए किया एफआईआर मनीष सिंह का कहना है कि उनकी गायों को निजी जमीन पर बांधा गया था, तो उन्हें जब्त करने का क्या अधिकार था। अगर वे मवेशी सड़क पर छोड़ते तो समझ में आता। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के कर्मचारी अपनी गलती छुपाने के लिए उन पर जबिरया एफआईआर की कार्रवाई करवा दी। पीड़ित ने थाने व निगम में कहा कि चलान कोर्ट में पेश कर दे वे कोर्ट में जवाब देकर मवेशी छुड़ा लेंगे। लेकिन जब तक उनकी एक मवेशी की मौत हो गई, वहीं दूसरा अब भी निगम के कब्जे में है।

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़, भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का विशेष इंतजाम, चलाई स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम कावड़ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते भोपाल रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तुलना में चार गुना अधिक यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और टिकट काउंटर यात्रियों से भरे नजर आए। ऐसी स्थिति में भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौकस व्यवस्था की। गुरुवार को करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे रेलवे अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार शाम तक करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाने और स्टेशन से बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया। एडीआरएम अभिराम खरे और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में एक विशेष टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भोपाल से झांसी तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा 25 अतिरिक्त टीटीई की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई, जिसमें कुछ जवानों को निशातपुरा से बुलाया गया। स्टेशन के हर कोने में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आरपीएफ के जवानों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सतर्कता बरती गई।

सनातनी भाई को राखी बांधने की सलाह, भोपाल संस्कृति बचाओ मंच ने दी सख्त अपील

भोपाल  राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच रक्षाबंधन से पहले शुक्रवार को अभियान चलाकर राखी की दुकानों पर पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि राखी केवल सनातन धर्म के अनुयायी भाइयों को ही बांधें, ताकि किसी प्रकार की आपराधिक या जिहादी घटना की आशंका से बचा जा सके। मंच के पदाधिकारियों ने इस दौरान सनातनी संस्कृति के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं को   कहा गया कि सनातनी भाइयों की कलाई पर ही राखी बांधने से पवित्रता भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। दिल्ली की घटना से सतर्क रहने की जरूरत  संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि दिल्ली की एक घटना में एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी, जिसे उसने भाई माना, लेकिन बाद में उसी युवक ने उसकी हत्या कर दी। ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमें रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का इस दैरान तिवारी ने कहा कि महिलाएं और बहनें राखी वहीं से खरीदें जहां सनातन धर्म के प्रतीक मौजूद हों, जैसे दुकान पर भगवान की फोटो लगी हो या दुकानदार ने तिलक लगाया हो। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का निकला है, इसलिए केवल सनातनी भाइयों की कलाई पर ही रक्षा सूत्र बांधें। मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा तिवारी ने महिलाओं को आगाह किया कि किसी मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने दिल्ली की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी थी और बाद में उसी युवक ने उसे छह मंजिला इमारत से नीचे फेंक कर हत्या कर दी थी।  चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं देशभर में तेजी से बढ़ रही हैं, जहां कुछ लोग हिंदू नाम रखकर लड़कियों को फंसा रहे हैं और फिर उनके साथ गंभीर अपराध कर रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन किसी अब्दुल को भाई बना लेना आपके जीवन के लिए खतरा हो सकता है।  

2000 रुपए जुर्माना मजाक, रील्स विवाद पर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव से तलब की रिपोर्ट

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में वायरल हुई तीन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु की युगलपीठ ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को हुई सुनवाई में पूछा कि इन तीनों मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हल्की कार्रवाई से कानून व्यवस्था पर गलत असर पड़ता है और यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि, सड़कें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ इन युवाओं की बल्कि आम नागरिकों की जान के लिए खतरा हैं। पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई ऐसे अमीरजादों को कानून से ऊपर मानने की छूट देती है। 2000 रुपये का जुर्माना कोई सजा नहीं, यह तो एक मजाक है। कोर्ट ने आगे कहा कि, जब कानून का भय खत्म हो जाता है और पुलिस सिर्फ जुर्माने से काम चलाती है, तो राज्य में अराजकता फैलने का खतरा रहता है। यह अदालत इसे सहन नहीं करेगी। संतोषजनक रिपोर्ट नहीं होने पर होगी अधिकारियों पर कार्रवाई इस मामले में पहले ही हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था, जो गुरुवार को पेश किया गया। अब पूछा है कि एफआइआर दर्ज होने के बाद जांच में क्या-क्या सामने आया और क्या कदम उठाए गए। ये हैं तीनों मामले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रील बनाने का मामला 20 जुलाई 2025 को रील्स बनाने नेशनल हाईवे किया जाम शीर्षक से प्रकाशित खबर में सामने आया था कि छह लग्जरी कार सवार युवक रतनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्टंट कर रहे थे। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। बाद में इन युवकों में से एक वेदांत शर्मा ने यह वीडियो अपनी इंस्टाग्राम आइडी पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हुआ। पुलिस ने पहले तो केवल दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन मामला अदालत तक पहुंचा, तब एफआइआर दर्ज की गई। कार का सनरूफ खोलकर सेल्फी रायपुर के रिवर व्यू क्षेत्र का है, जहां युवक चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आए। यह दृश्य भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। कोर्ट ने इस पर भी नाराजगी जताते हुए पूछा कि इस गैरजिम्मेदाराना हरकत पर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। बीच सड़क पर अभिनेता का जन्मदिन तीसरे मामले में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा एक अभिनेता का जन्मदिन मनाने सड़क के बीचों-बीच दोस्तों के साथ केक काटा और डीजे की तेज आवाज में डांस किया। यह भीड़भाड़ वाला इलाका था और कई मिनटों तक यातायात बाधित रहा। यह पूरा वाकया भी इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड करता रहा।

मेडिकल कॉलेज में घायलों से मिले डिप्टी सीएम, पूछा कुशलक्षेम

जगदलपुर जगदलपुर अपने 2 दिवसीय प्रवास पर बस्तर पहुँचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुँचे, जहाँ आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण व भालू के हमले से घायल जवान से मुलाकात करते हुए उनसे चर्चा की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेकाज पहुँचे। जहाँ सबसे पहले एसआईसीयू पहुँचे। आईडी ब्लास्ट में घायल प्रमोद से मुलाकात कर हाल जाने और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कहाँ तक पढ़े हो  जमीन का पट्टा है कि नहीं, धान कहां से खरीदते हो कहां बेचते हो तमाम मुद्दों पर बात करते हुए जानकार ली। घायल ने बताया कि गाँव में किसी के पास भी पट्टा नहीं है, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने घायल को अपना नंबर देते हुए फोन लगाने की बात कही, साथ ही घायल को कहा यहां से छुट्टी होने के बाद गाँव आने पर तुम्हारे जमीन का अधिकार पट्टा दिलाने की बात कही। ग्रामीण से मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घायल जवान के पास पहुँचे। जहाँ जवान ने बताया कि वह जिस टीम में चल रहा था उसमें चौथे नंबर पर था, तीन जवानों के निकलने के बाद जैसे ही पहुँचा भालू ने हमला कर दिया। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां से ठीक होकर आओ, फिर मैदान में मिशन को पूरा करेंगे। इस दौरान घायलों को फल भी वितरण किया गया। इस दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही आईजी बस्तर सुंदरराज पी, एसपी शलभ सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग आदि मौजूद रहे।