samacharsecretary.com

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत आज से, इंदौर से मुंबई तक सुपरफास्ट सफर लेकिन बढ़ेगा खर्च

इंदौर  मुंबई और इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पश्चिम रेलवे पहली बार इंदौर से मुंबई के लिए सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेन आज 23 जुलाई से मुंबई से रवाना होगी, जबकि इंदौर से पहली तेजस ट्रेन 24 जुलाई को चलेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी। यात्रा का समय और रूट मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी।तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। इसका किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस से से ज्यादा है, लेकिन यात्रा में अवंतिका से भी ज्यादा समय लेगी। इस ट्रेन का एसी-3 टियर का किराया एक हजार 805 रुपये है, जबकि एसी-2 टियर का किराया दो हजार 430 रुपये है। एसी फर्स्ट क्लास का किराया तीन हजार 800 रुपये रखा गया है। राखी त्योहार के समय शुरू की गई इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो गई थी। ट्रेन मंगलवार को मुंबई से रवाना होगी और बुधवार सुबह इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को आटोमेटिक डोर व वाईफाई की सुविधा मिलेगी। यह स्पेशल ट्रेन ( संख्या 09085) हर मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह सात बजे तक मुंबई पहुंचेगी। मुंबई सेंट्रल से यह ट्रेन रात को 11.20 बजे रवाना होगी, जो सुबह 11 बजे तक इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन का फायदा गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी होगा। ट्रेन का ठहराव सूरत, वड़ोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन रहेगा। दूरंतो ट्रेन सूरत व वापी में नहीं रुकती है। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है। मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं। दुरंतो और अवंतिका से ज्यादा है किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली तेजस स्पेशल का किराया इसी मार्ग पर चल रही दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक है। इंदौर-दुरंतो में फिलहाल सेकेंड सीटिंग का किराया 460 रुपए, एसी इकोनॉमी का 2070 रुपए, थर्ड एसी का 2205 रुपए, सेकेंड एसी का 2975 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 3670 रुपए है। वहीं, अवंतिका एक्सप्रेस में स्लीपर का किराया 465 रुपए, एसी इकोनॉमी का 1130 रुपए, थर्ड एसी का 1220 रुपए, सेकेंड एसी का 1715 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 2870 रुपए है। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को होगा, जो आवश्यकता अनुसार किराया बढ़ा सकती है। तेजस का किराया और समय ज्यादा     इंदौर-मुंबई तेजस का किराया और समय दोनों ही इंदौर से मुंबई के लिए चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस के मुकाबले ज्यादा है। तेजस ट्रेन इंदौर से मुंबई का सफर पूरा करने में दूरंतो से 3 घंटे और अवंतिका से 1 घंटे ज्यादा लेगी।     इंदौर से सप्ताह में दो दिन चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस (12228) इंदौर से रात को 9 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 8.20 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 11 घंटे 20 मिनट का समय लेती है।     सप्ताह में सातों दिन चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस (12962) शाम को 5.40 बजे इंदौर से निकलकर दूसरे दिन सुबह 6.40 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह पूरे 13 घंटे का सफर तय करती है।     इसी तरह तेजस एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 09086 इंदौर से शाम 5 बजे रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई पहुंचेगी। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 14 घंटे 10 मिनट का समय लेगी। तेजस के देरी पर चलने पर नहीं मिलेगा रिफंड रेलवे सूत्रों की मानें तो इंदौर-मुंबई-इंदौर के बीच चलने वाली तेजस अगर देरी से चलेगी तो किसी भी प्रकार कर रिफंड नहीं दिया जाएगा। यह सुविधा आईआरसीटीसी ने बंद कर दी है। पहले ट्रेन के 1 घंटे से अधिक लेट होने पर 100 रुपए और 2 घंटे से अधिक लेट होने पर 250 रुपए का रिफंड मिलता था, लेकिन दिसंबर 2024 के बाद से इस सुविधा को बंद कर दिया है। देश की पहली प्राइवेट तेजस ट्रेन की खासियत तेजस ट्रेन, भारतीय रेलवे की एक अर्ध-उच्च गति वाली पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन है। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें, एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई और बायो-वैक्यूम शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह देश की पहली निजी और कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसका संचालन आईआरसीटीसी करती है। पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को शुरू हुई थी भारत की पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से करमाली, गोवा के बीच शुरू हुई थी। यह एक सेमी-हाई स्पीड, पूरी तरह … Read more

37 करोड़ की लागत से डुबान जलाशय में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा जिले के हसदेव बांगो डुबान जलाशय में राज्य का पहला ‘ एक्वा पार्क ’ बनाने का फैसला किया है। ‘एक्वा पार्क’ के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केंद्र सरकार से 37.10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी है। यह पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैले सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। सीएम साय ने इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पार्क के विकसित होने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा और मछली उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, विक्रय, निर्यात व ‘एक्वा टूरिजम’ से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनके प्रसंस्करण और विपणन के साथ-साथ उन्हें विदेशों में निर्यात करने की सुविधा भी विकसित होगी। एक्वा म्यूजियम बनेगा उन्होंने बताया कि एतमा नगर की इस प्रसंस्करण इकाई से हटकर सतरेंगा में ‘एक्वा म्यूजियम’ बनेगा। अधिकारियों ने बताया कि ‘एक्वा म्यूजियम’ बन जाने से पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां विभिन्न प्रकार की मछलियों को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सतरेंगा में ‘एंगलिंग डेस्क’, कैफेटेरिया, ‘फ्लोटिंग हाउस’ और ‘मोटर बोट’ सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। रोजगार के बढ़ेंगे अवसर अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘एक्वा पार्क’ के लिए स्वीकृति मिलने पर राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस ‘एक्वा पार्क’ से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीक लोगों तक पहुंचेंगी बल्कि प्रसंस्करण-पैकेजिंग इकाई से मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। व्यापार के खुलेंगे द्वार उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस ‘एक्वा पार्क’ में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुंदर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे।” साय ने ‘एक्वा पार्क’ की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया।

28 जुलाई से MP में सियासी हलचल तेज़, विधानसभा के मानसून सत्र में 10 बैठकें होंगी आयोजित

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस 12 दिवसीय सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र में 2 अगस्त (शनिवार) और 3 अगस्त (रविवार) को अवकाश रहेगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राजधानी भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह सत्र प्रदेश के हित में बेहद उपयोगी और सार्थक रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लाए गए विधेयकों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और पक्ष-विपक्ष दोनों मिलकर राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। तोमर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि सभी दल सदन की गरिमा बनाए रखते हुए रचनात्मक बहस करें। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत होगी।  विधानसभा के मानसून सत्र में मोहन सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। सरकार ने तय किया है कि बजट में केवल जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, अनावश्यक खर्चों पर सख्ती बरती जाएगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों से साफ कह दिया है कि अफसरों के लिए वाहन जैसी फिजूलखर्ची संबंधी प्रस्ताव न भेजें। इस सप्लीमेंट्री बजट में जनता से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जाएगा, ताकि विकास योजनाएं रुकें नहीं और प्रदेश के हित में प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।  मानसून सत्र के लिए अब विधायकों लिखित सवाल नहीं पूछ पाएंगे, ऐसा इसलिए क्योंकि लिखित सवाल पूछने का समय बीत चुका है। अब विधायक ध्यानाकर्षण, शून्यकाल, याचिका या फिर अन्य माध्यम से अपने क्षेत्र के मसले सदन में उठा सकेंगे, सरकार से सवाल कर सकेंगे। हालांकि विधायकों ने इस बार सवालों की झड़ी लगा दी है। विस सचिवालय तक 3,377 लिखित सवाल पहुंचे हैं। इनमें ऑनलाइन माध्यम से सवाल सर्वाधिक पहुंचे। बता दें, लिखित सवाल पूछने के लिए विधायकों(MP Monsoon Session) को 11 जुलाई तक का मौका था। यह तिथि बीत जाने के बाद विधायकों के अब किसी भी प्रकार के सवाल विधानसभा सचिवालय नहीं ले रहा है। सचिवालय तक जो सवाल आ चुके हैं, वे सभी सवाल राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं, जिससे समय रहते सवालों के जवाब सरकारी महकमे विधानसभा सचिवालय को भेज सकें। विपक्षी दल कांग्रेस विधायकों ने तीखे सवाल किए हैं। प्रयास यही है कि सदन में सरकार की घेराबंदी की जा सके। इनमें भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, घोटाला, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, अवैध उत्खनन, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल हैं। पहले दिन रोजगार-कृषि, पंचायत पर सवाल सत्र के पहले दिन यानी 28 जुलाई को रोजगार, कृषि, पंचायत, श्रम, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास इत्यादि से जुड़े सवाल होंगे। विधानसभा सचिवालय इसकी सूचना संबंधित विभागों को भेज चुका है। मंत्रियों को भी इसी आधार पर सदन में जवाब देने की तैयारी करना होगी। विपक्ष ने कसी कमर, सत्ता पक्ष भी तैयारी से विपक्षी दल कांग्रेस ने सदन में सरकार को घेरने की तैयारी की है। सवालों से सरकार को आइना दिखाने का प्रयास होगा। रोजगार का वादा पूरा न होने पर सवाल पूछे जाएंगे वहीं किसानों के साथ की गई वादा खिलाफी पर भी घेराबंदी होगी। घर-घर नल से जल पहुचाने में हुए घोटाले की गूंज भी होने की संभावना है। पिछले सत्रों में भी जल जीवन मिशन में घोटाला को लेकर कांग्रेस ने घेराबंदी की थी। इस बार भी तैयारी है। वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा और सरकार के मंत्रियों ने भी तैयारी कर रखी है। विपक्षी सदस्यों का जवाब उन्हीं की शैली में दिया जाएगा। 22 से ली जाएंगी स्थगन, ध्यानाकर्षण सूचनाएं विधायक यदि किसी मामले का ध्यानाकर्षण या शून्यकाल के जरिए सदन में उठाना चाहते हैं तो इसके लिए अभी मौका है। स्थगन, ध्यानाकर्षण एवं शून्यकाल की सूचनाएं 22 जुलाई से विधानसभा सचिवालय लेना शुरू करेगा। विधायकों को इसकी सूचना भेज दी गई है। सचिवालय ने कहा कि ये सूचनाएं ई-मेल के माध्यम से भी सचिवालय में भेजी जा सकती हैं। विधायक चाहें तो विधानसभा सचिवालय ने आकर भी ये सूचनाएं कार्यालय समय में दे सकते हैं। इसी सत्र में पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मानसून सत्र(MP Monsoon Session) में करीब एक दर्जन विधेयक भी सरकार सदन में पेश करेगी। अभी तक सिर्फ एक विधेयक विधानसभा तक पहुंचा है। अन्य की मौखिक सूचना सचिवालय को विभागों ने दे दी है। वहीं सप्लीमेंट्री बजट भी पेश किया जाएगा। इस सप्लीमेंट्री बजट में विभिन्न विभागों के खर्चों के लिए रकम का प्रावधान किया जा रहा है। वित्त विभाग सप्लीमेंट्री बजट की कवायद कर रहा है। विभागों से प्रस्ताव मंगाए जा चुके हैं। विभागों से स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि सप्लीमेंट्री बजट में कोई नया खर्च शामिल नहीं होगा। इस बार ये खास     3377: सवाल विधायकों ने लिखित पूछे     2076: सवाल ऑनलाइन माध्यम से पहुंचे     1301: सवाल ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए     12 दिन: सत्र अवधि     10 दिन: सत्र की प्रस्तावित बैठकें

खरीफ फसल बीमा का अलर्ट: 31 जुलाई के बाद पछताने से अच्छा है अभी करा लें बीमा

संभल जनपद के किसानों के लिए खरीफ 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने का अवसर 31 जुलाई, 2025 तक उपलब्ध है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि इस योजना के तहत जनपद में धान, मक्का, बाजरा और उर्द फसलों को अधिसूचित किया गया है। मौसम में हो रहे लगातार बदलाव और आपदाओं को देखते हुए किसानों के लिए फसल बीमा आवश्यक है, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आय की सुरक्षा हो सके। ऋणी और गैर ऋणी दोनों तरह के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। 'फसल बीमा कराओ-सुरक्षा कवच पाओ' के संदेश के साथ कृषि विभाग अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी है। फसल खराब होने या अन्य आपदा की स्थिति में किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले बीमा करा लें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत मिल सके।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा- अधिकारी शासकीय योजनाओं को संवेदनशीलता से ग्राम स्तर पर लागू करें

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि अधिकारी शासकीय योजनाओं को संवेदनशीलता से ग्राम स्तर पर लागू करें। ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर रात्रि विश्राम भी करें, जिससे जनजातीय समुदाय की वास्तविक समस्याओं को समझ सकें। मंत्री डॉ. शाह मंगलवार को केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राज्य के जनजातीय कार्य विभाग के समन्वय से जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में ‘आदि कर्मयोगी अभियान : रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अभियान के तहत 22 से 28 जुलाई 2025 तक सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होटल रेजन्टा पैलेस आईएसबीटी कैम्पस में किया जायेगा। प्रशिक्षण में उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश से 24 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अभियान में 12 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 50 जिलों में प्रति जिला 07-07 मास्टर ट्रेनर्स अर्थात कुल 350 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर्स विकासखण्ड स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे, जो आगे ग्राम स्तर के कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग सहित स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये सभी विभाग आपसी समन्वय से इस अभियान को ग्राम स्तर तक पहुंचाएंगे। ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को उनके कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को स्वार्थ रहित, पूर्ण निष्ठा एवं संवेदनशीलता से निभाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। शुभारंभ सत्र में केन्द्रीय सचिव जनजातीय कार्य मंत्रालय श्री विभु नायर, उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री वेकेंटेश्वरालू एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रमुख सचिव श्री सोनमोनी बोराह वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री अजीत श्रीवास्तव, उप सचिव श्री जफर मलिक एवं आयुक्त सह संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य ने भी संबोधित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन की टीम द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष पद्मश्री श्री गिरीश प्रभुणे हैं। श्री प्रभुणे ने फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी एवं बताया कि जनजातीय समुदायों के पास पारंपरिक ज्ञान एवं कौशल की समृद्ध विरासत है, जो उन्हें स्वाभाविक रूप से 'कर्मयोगी' बनाती है। वे अपने कर्म के माध्यम से अपने अस्तित्व और संस्कृति का संरक्षण कर रहे हैं।  

साध्वी ने किया आस्था से विश्वासघात? राम मंदिर फंड में 90 लाख की हेराफेरी का आरोप

छिंदवाड़ा 90 लाख की ठगी की आरोपी साध्वी रीना रघुवंशी (Sadhvi Reena Raghuvanshi) को चौरई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रीना पर कनकबिहारी बाबा के खाते से फर्जी तरीके से रकम उड़ाने का केस दर्ज हुआ था। उसे नर्मदापुरम से सोमवार रात गिरफ्तार किया गया है। सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर को रघुवंशी समाज के लोग थाने में पहुंचे। मामला चौरई के कनकधाम नोनी बर्रा का है। साध्वी ने फर्जीवाड़ा कर बिना सूचना के पैसे निकले थे। यह राशि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाई गई थी।   पुलिस को लगातार चमका दिया, कानून का सहारा भी लिया     रीना रघुवंशी ने चालाकी से गुरु महंत कनक बिहारी दास के बैंक अकाउंट से अपना मोबाइल नंबर जुड़वा लिया था। इसी खाते में राम मंदिर के लिए आया चंदा जमा था। रीना ने अपने भाई हर्ष के साथ मिलकर पैसे हड़प लिए।     जब पोल और खुली और मामला पुलिस में गया तो अग्रिम जमानत याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि वह 90 लाख रुपए लौटा देगी। इस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत दे दी।     बाद में राशि नहीं लौटाई और फरार हो गई। पुलिस ने फिर शिकंजा कसने की कोशिश की, तो फिर अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई। इस बार हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया।     इसके बाद से पुलिस को तलाश थी। अभी रीना रघुवंशी नर्मदापुरम जिले के चांदपुर गांव के भैरवनाथ मंदिर से छिपी हुई थी। पुलिस ने वहीं से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर रघुवंशी समाज के लोग जमा हो गए। गिरफ्तारी में समाज ने निभाई अहम भूमिका रीना रघुवंशी और उनके भाई की गिरफ्तारी में रघुवंशी समाज ने अहम भूमिका निभाई। समाज के लोगों ने न केवल दोनों की लोकेशन की जानकारी पुलिस को दी, बल्कि एक लाख रुपए का इनाम भी रखा।

नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस सेवाओं का होगा विस्तार

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास भोपाल  प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

खेलों को बढ़ावा: ओलंपिक में गोल्ड लाने पर अब दिल्ली देगी 7 करोड़ और नौकरी

नई दिल्ली  दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान किया है। जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी है कि ओलंपिक में जीतने वाले विजेताओं को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड को बढ़ा दिया गया है।  प्रेस वार्ता में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाल खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को पांच करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आगे कहा कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप बी की नौकरी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें पहले दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने विभागीय विषयों की समीक्षा की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पंचायती राज, पीएम पोषण शक्ति अभियान आदि के अंतर्गत जारी कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें एवं कार्यों की सूक्ष्मता से मॉनीटरिंग की जाये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।