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बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन और लोककल्याण की प्रार्थना की उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा महाकाल के किए दर्शन, की प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की श्रावण के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य सवारी में हुए शामिल उज्जैन  पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बाबा महाकाल की परंपरागत सवारी में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए। भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से निकली पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उज्जैन की धरती पर बाबा महाकाल का दर्शन परम सौभाग्य की बात है। श्रावण का यह पावन पर्व हमें भक्ति, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और संस्कारों की चेतना को सशक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर नगर को भव्य रूप से सजाया गया था और चारों ओर धार्मिक उल्लास का वातावरण था। सवारी में प्रशासन एवं महाकाल मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।  

ग्राम जाखी सतना से जल संवर्धन की नई शुरुआत

सतना सतना सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच के अध्यक्ष डॉ.यू.बी.सिंह परिहार के नेतृत्व में  जल संरक्षण एवं संवर्धन गोष्ठी  ग्राम जाखी में सम्पन्न  मुख्यअतिथि  श्री रामानन्द सिंह से.नि. कार्यपालन यंत्री जल संसाधन तथा  श्री जी पी सिंह जी से.नि. संयुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता व श्री छोटे लाल पाण्डेय , श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह,श्री जी पी चतुर्वेदी से.नि. कार्यपालन यंत्री विशिष्ट अतिथि रहे।       श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम के मंच संचालकत्व में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना पश्चात सुमधुर गीतकार श्री शैलेन्द्र सिंह परिहार शैल की वाणी  वंदना के साथ गोष्ठी प्रारंभ हुई।       डॉ यू बी सिंह परिहार जी  अपने स्वागत भाषण में कहा कि जल जमीन जंगल जानवर के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक करना होगा।रिचार्ज वाटर के संबंध में किसानों को इसी बरसात से सोचना होगा व जितने जल की आवश्यकता है उससे अधिक खर्च न करने का संकल्प लेना होगा।जल संरक्षण हेतु अपने उद्वोधन  से ग्रामीण जनों में पानी के बचत संरक्षण व सदुपयोग की अपील किए।         मुख्यअतिथि श्री रामानन्द सिंह जी ने प्रकृति के उपादानों पर चर्चा करते हुए छिति जल पावक गगन समीरा पंच प्रकृति के अनमोल उपहारों के संरक्षण की नशीहद दिए।            गोष्ठी में श्री ओम प्रकाश अग्रवाल,ब्लाक सरपंच संघ अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र सिंह धौरा (सरपंच वीरपुर), श्री जी पी चतुर्वेदी जलविद ,श्री जय नारायण सिंह जी पूर्व सरपंच जाखी अपने विचार साझा किए।             अध्यक्षीय उद्वोधन में श्री जी पी सिंह जी ने कहा कि इस गोष्ठी को केवल गोष्ठी तक सीमित न रखा जाए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परिणित किया जाकर जाखी गांव से जल संवर्धन का कार्य प्रारम्भ किया जाए। देशी अनाज की खेती पर जोर के साथ, बंद पड़े बोरबेलों को रिस्टार्ट किया जाकर जल स्तर को बेहतर बनाया जाए।    जल संवर्धन एवं संरक्षण हित काव्य गोष्ठी में शैलेन्द्र प्रताप सिंह शैल,श्री टी के सिंह परिहार बांसी रामनगर,श्री नरेंद्र प्रताप सिंह, श्री छोटे लाल पाण्डेय, श्री जी.पी सिंह,श्री अजीत सिंह परिहार कुंवर, श्री रामपाल सिंह परिहार, श्री नागेन्द्र प्रतिहार, श्री रमेश प्रताप सिंह जाख़ी,डॉ अरुण कुमार पयासी बघेली बांधव, यू बी सिंह परिहार, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम, पाठक जी ने जल से जुड़ी रचनाएं पढ़कर जनमानस को प्रोत्साहित किये।                  गोष्ठी का आभार प्रदर्शन जाखी सरपंच श्री भूपेन्द्र सिंह जी ने किया। शिवेन्द्र सिंह सरपंच धौरा,श्री अवध राज सिंह, नन्हे दाहिया सरपंच लालपुर, राजन सिंह सरपंच सेमरी, सरपंच मानिकपुर,राकेश कुमार, मनीष छेदी लाल पंच एवं ग्रामीणों ने जल संवर्धन गोष्ठी में भाग लिया।

UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

6 वर्षों से चुनावी मैदान से दूर 27 पार्टियों से जवाब तलब, आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 27 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन पार्टियों को पिछले छह सालों से कोई भी चुनाव न लड़ने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा, यह जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। आगे इन पार्टियों को चुनाव आयोग की लिस्ट से हटाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इन पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को लिखित में जवाब देने और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन सिर्फ चार पार्टियों ने जवाब दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने कहा कि वे 27 जुलाई तक चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज देंगे। 27 पार्टियों ने 2019 से नहीं लड़ा कोई चुनाव अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29 के तहत रजिस्टर होती हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद वह चुनाव में भाग ले सकती हैं। इन पार्टियों को विशेष प्रकार की छूटें भी दी जाती है। जिसमें टैक्स में छूट, चुनाव चिह्न और स्टार प्रचारक जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन दिल्ली में 27 पार्टियों ने 2019 से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। राजनीतिक पार्टियों की लिस्ट से हटाया जा सकता है नोटिस में कहा गया है, पिछले छह सालों से चुनाव न लड़ने से साफ है कि पार्टी ने धारा 29A के तहत राजनीतिक पार्टी के तौर पर काम करना बंद कर दिया है। इसलिए, आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29A के तहत इन राजनीतिक पार्टियों को लिस्ट से हटाने का प्रस्ताव रखता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, वही सभी पार्टियां लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनावों में हमेशा दिखती है लेकिन कुछ खास वोट नहीं पाती हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके साथियों को 47.2 प्रतिशत वोट मिले, आप को 43.6 प्रतिशत और कांग्रेस को 6.3 प्रतिशत वोट मिले। बाकी राष्ट्रीय पार्टियों, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर सिर्फ 2.4 प्रतिशत वोट मिले। इन पार्टियों को भेजा गया नोटिस जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भारतीय रोजगार पार्टी, जन आंदोलन मोर्चा, मानव जागृति मंच, नवयुग पार्टी, ओजस्वी पार्टी, राष्ट्रीय जन कल्याण पार्टी, जनता सरकार पार्टी, ऑल इंडिया वीमेन यूनाइटेड पार्टी और आजाद भारत कांग्रेस शामिल हैं। चुनाव अधिकारी ने पार्टियों को 18 जुलाई तक जवाब देने का समय दिया था।  

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका   जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेंड़ माँ के नाम कार्यक्रम आयोजित सूरजपुर वन मंडल में इस साल 7 लाख पौधों का होगा रोपण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आम का पौधा लगाया  रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत गायत्री रोपणी नमदगिरी के समीप आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की चरण पादुका योजना का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं प्रदान करते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। चरण पादुका योजना के तहत सूरजपुर जिले में 61,413 तंेदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर आम का पौधा रोपित कर जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। सूरजपुर वनमण्डल अंतर्गत इस साल कैम्पा, ग्रीन इंडिया मिशन, ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। ’’किसान वृक्ष मित्र योजना’’ के तहत् हितग्राहियों के निजी भूमि पर ढाई लाख क्लोनल नीलगिरी पौधों का रोपण भी किया जायेगा। सूरजपुर जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना के तहत् तैयार किये गये पौधों का निःशुल्क वितरण भी ग्रामीणों को किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान पैरों में कांटा, कंकड़ न चुभे। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, जिसे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फिर से शुरू किया है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शत-प्रतिशत संग्राहक महिलाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।  प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत जरूरी है। प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते  एवं वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी को अपने-अपने माता के नाम से एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनमत कुमार बछाड, नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेष कुमार अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एस जयवर्धन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया।

शासन के योजनाओं क्रियान्वयन की ली जानकारी, बिरहोर परिवारों की मांगों और समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान लैलूंगा के कुर्रा गांव में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने सुकनी बिरहोर के पीएम आवास का गृह प्रवेश कराया और नए मकान की पूरे परिवार को बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परिवार के नन्हें बच्चे दिलीप बिरहोर से ही गृह प्रवेश का फीता कटवाया।            इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कुर्रा में चौपाल लगा कर बिरहोर समुदाय के परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। पीएम जनमन योजना के तहत परिवारों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रायगढ़ में रह रहे बिरहोर परिवारों के लिए पीएम आवास का निर्माण प्राथमिकता से किया गया है। इसी तरह शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से भी उन्हें जोड़ा जा रहा है। मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने बिरहोर परिवारों से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में चर्चा की। उपस्थित लोगों ने सीसी रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट के साथ ही पानी की उपलब्धता के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की बात रखी।  सामुदायिक भवन निर्माण की मांग भी की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बिरहोर परिवारों के आवश्यकता अनुरूप सुविधाओं का प्राथमिकता से विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को दुलार किया और सभी को अच्छे से पढ़ाई करने की सलाह दी।           इस मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया, नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मनोज सतपथी, रमेश होता, कुर्रा की सरपंच दमयंती राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण

रायपुर : किसानो के हित में निरंतर कार्य कर रही है राज्य सरकार: मंत्री  रामविचार नेताम कृषि मंत्री ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण 664.43 लाख रूपए की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम आज बलरामपुर जिले के ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान 664 लाख 43 हजार रूपए लागत की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड अन्तर्गत विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायतों में सी.सी. रोड के 28 एवं पुल-पुलिया निर्माण के 03 इस तरह कुल 31 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण  किया। जिसमें 21 कार्यों का भूमि पूजन जिसकी लागत 408.72 लाख रूपए और 10 कार्यों का लोकार्पण जिसकी लागत 255.71 लाख रूपए शामिल है। उन्होंने इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया।   कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के 8 किसान को सम्मानित किया गया। कृषि विभाग से 20 किसानो को रामतिल, उद्यान विभाग से 67 किसानों को पौध वितरण  मत्स्य विभाग के द्वारा 01 किसान को कोल्ड बॉक्स, वन विभाग अंतर्गत 10 महिलाओं को चरण पादुका का वितरण किया गया। साथ ही स्वेछानुदान राशि के चेक का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं फसल प्रबंधन पुस्तक का विमोचन भी किया।  कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसान हितैषी सरकार है। हमारी सरकार किसानों के हित में कार्य करने व उन्हें लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी वर्गों का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रयासरत है। प्रतिवर्ष धान की खरीदी के समर्थन मूल्य में निरंतर वृद्धि की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य मिल रहा है जिससे क्षेत्र में भी किसान बहुतायत में धान की फसल ले रहे है। उन्होंने धान के स्थान पर अन्य फसल जैसे मोटा अनाज, दलहन, तिलहन जैसे फसलों लेने प्रेरित किया जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्होंने डीएपी के वैकल्पिक का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहक को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि का अन्तरण किया जा रहा है। इस डिजिटल क्रांति के माध्यम से देश-प्रदेश में बदलाव आया है। डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन की योजनाएं पारदर्शी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।

शिक्षा मंत्री श्री सिंह से मिले गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष, शैक्षिक विषयों पर हुई चर्चा

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह से गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री पालीवाल ने की भेंट गुजरात संस्कृत बोर्ड अध्यक्ष पालीवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह से की सौजन्य भेंट शिक्षा मंत्री श्री सिंह से मिले गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष, शैक्षिक विषयों पर हुई चर्चा पालीवाल और शिक्षा मंत्री श्री सिंह की मुलाकात, संस्कृत शिक्षा के विस्तार पर हुआ संवाद भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह से सोमवार को मंत्रालय में गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री हिमान्जय पालीवाल एवं उनके दल ने भेंट की। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार का स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये विशेष प्रयास कर रहा है। प्रदेश में 13 जिलों के शासकीय विद्यालयों में अरूण एवं उदय की संस्कृत की कक्षाएं प्रारंभ की जा चुकी है। इन स्कूलों में संस्कृत विषय को पढ़ाने के लिये शिक्षकों की व्यवस्था की गई है‍। बैठक में गुजरात के प्रतिनिधि मण्डल को महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। संस्थान की वेबसाइट संस्थान के निदेशक श्री प्रभात राज तिवारी ने बताया कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, जीवाजी वेधशाला उज्जैन और योग प्रशिक्षण केन्द्र की समेकित वेबसाइट तैयार की गई है। वेबसाइट में लगभग 538 प्राचीन पुस्तकें, संस्थान की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन के लिये प्रश्न बैंक, आदर्श उत्तर पाठ्य सामग्री, संस्कृत भाषा में अरूण और उदय कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें भी अपलोड की गई है। प्रतिनिधिमण्डल ने आदर्श आवासीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जो संस्कृत माध्यम में अध्ययन कराता है, उसका दौरा किया। गुजरात के दौरे के लिये आमंत्रण गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री पालीवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह एवं बोर्ड निदेशक श्री तिवारी को गुजरात राज्य में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिये किये जा रहे कार्यों के अवलोकन के लिये आमंत्रण दिया।