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पंजाब के पूर्व CM हरचरण सिंह बराड़ को लाहौर में मिला सम्मान, कॉलेज ने रखा क्लासरूम का नाम

श्री मुक्तसर साहिब. लाहौर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एचिसन काॅलेज में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ के नाम पर एक क्लासरूम का नाम रखा गया है। इस फैसले ने भारत-पाक सीमा के दोनों ओर लोगों का ध्यान खींचा है। बराड़ ने 1936 से 1943 तक इसी कालेज में पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान वे स्कूल प्रिफेक्ट रहे और उन्हें प्रतिष्ठित 'रिवाज गोल्ड मेडल' से भी सम्मानित किया गया था। इस पहल की पुष्टि करते हुए बराड़ की बहू और मुक्तसर से पूर्व विधायक करण कौर बराड़ ने बताया कि यह सम्मान उनके ससुर के बचपन के दोस्त और पाकिस्तान के नामी उद्योगपति सैय्यद बाबर अली दे रहे हैं। दशकों पहले हरचरण जी ने इस कालेज की लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया था‌। बाबर अली का 100वां जन्मदिन 30 जून को है, लेकिन मुहर्रम के कारण इसका जश्न सात जून को मना रहे हैं। इसी मौके पर क्लासरूम समर्पित हुआ है। करण कौर ने कहा कि हरचरण जी और बाबर साहब का रिश्ता भाइयों जैसा था।उन्होंने बताया कि हरचरण जी को लाहौर के उक्त कालेज से बहुत लगाव था। बेटी बबली बराड़ पाकिस्तान पहुंची इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बराड़ की बेटी बबली बराड़ पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुकी हैं। यह कदम खास इसलिए भी है क्योंकि किसी पाकिस्तानी संस्थान में भारतीय राजनेता को सम्मान मिलना दुर्लभ है। यह उन निजी रिश्तों की मिसाल है जो विभाजन की त्रासदी झेलकर भी दशकों तक कायम रहे। हरचरण सिंह बराड़ का निधन सितंबर 2009 में हुआ था। उल्लेखनीय है कि मुक्तसर जिले के सरायनागा गांव के रहने वाले हरचरण सिंह बराड़ अगस्त 1995 से नवंबर 1996 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। इससे पहले 1977 में वे उड़ीसा और हरियाणा के राज्यपाल का पद भी संभाल चुके थे। यही नहीं सात नवंबर 1995 को मुक्तसर और 24 नवंबर 1995 को मोगा को जिला बनाने का श्रेय भी बराड़ को जाता है। बाबर अली ने सुनाए दोस्ती के किस्से बाबर अली ने पाक में एक वीडियो इंटरव्यू में दोस्ती के किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि तीसरी कक्षा में वे अलग सेक्शन में थे, लेकिन चौथी में साथ आने पर बराड़ से उसकी पक्की दोस्ती हो गई। हरचरण पढ़ाई में अच्छे थे, मैं भी कम नहीं था। हमारी सोच मिलती थी। वह गुरुद्वारे जाते, मैं मस्जिद, पर धर्म कभी बीच में नहीं आया। बाबर अली ने कहा कि दोनों साथ पढ़ते, पंजाबी में बात करते और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखते थे। फिरोजपुर के बॉर्डर पर हुई थी मुलाकात उन्होंने यह भी याद किया कि बराड़ को उर्दू से खास लगाव था और वे अपनी मां को उर्दू में ही चिट्ठियां लिखते थे। उन्होंने बताया कि विभाजन के बाद जब मैं अमेरिका से लौटा तो बराड़ को मैं फिरोजपुर बार्डर पर मिला था। वह मेरे लिए केले लेकर आया था और मैं डाइट। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से हम दोनों एक दूसरे को कुछ नहीं दे सके। विभाजन से पहले एचिसन कालेज पाकिस्तान का सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान माना जाता था, जिसने कई बड़े राजनेता और अफसर दिए।

गैंगरेप केस में पुलिस महकमे पर गिरी गाज, SP ने चौकी प्रभारी को किया सस्पेंड

धरसीवां. नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उठे राजनीतिक बवाल और लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने की है। जारी आदेश के अनुसार, चौकी सिलयारी थाना धरसीवां में दर्ज अपराध की जांच में घोर लापरवाही बरतने के कारण चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) कार्यालय संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं, मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उठाया था मुद्दा नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। इस मामले को पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी और भाजपा नेता दिनेश अग्रवाल ने प्रमुखता से उठाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की थी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर धरसीवां और आसपास के क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया था। पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, उधोराम वर्मा, पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा समेत कई नेताओं ने प्रदर्शन कर माना सीएसपी को ज्ञापन सौंपा था। कांग्रेस ने दिया था 12 घंटे का अल्टीमेटम कांग्रेस नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई और सिलयारी चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करते हुए पुलिस को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर 9 जून को चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। अब चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर राजनीतिक दलों का दबाव अभी भी बना हुआ है।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परिणाम का रास्ता साफ, MP हाईकोर्ट से PSC को सशर्त अनुमति

जबलपुर. कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2024 का रिजल्ट जल्द आएगा। जबलपुर हाई कोर्ट से रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी गई है। कोर्ट ने पीएससी को सशर्त रिजल्ट जारी करने की मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीबंद लिफाफे में सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जा सके। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद निर्धारित की गई है। अनुभव के लिए 25 अंक पर उठाए सवाल एमपीपीएससी द्वारा 24 और 30 दिसंबर 2024 को कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें अनुभव के लिए 25 अंक निर्धारित थे। जिस पर छतरपुर के हरचंडी अहिरवार सहित अन्य कैंडिडेट्स ने सवाल उठाया था। उनका आरोप था कि उन्हें आरक्षण के लाभों से वंचित किया जा रहा है। याचिका लगाने पर इस परीक्षा के रिजल्ट पर रोक लगा दी गई। MPPSC ने रिजल्ट पर रोक हटाने की मांग की हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों की बेंच ने लिखित परीक्षा पास कर चुके कैंडिडेट्स के साक्षात्कार को 17 मार्च 2026 को अनुमति दी थी, लेकिन इसके परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। एमपीपीएससी की ओर से कोर्ट में आवेदन दिया गया। जिसमें उन्होंने रिजल्ट पर लगी रोक हटाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष दिए ये तर्क राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और एमपीपीएससी के अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने कोर्ट के समक्ष अपने तर्क दिए। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति जारी की।

काशी में बदलाव की तैयारी: मीट-मांस बाजार अब शहर की सीमा से बाहर ले जाने की योजना

 वाराणसी यूपी की धार्मिक नगर वाराणसी में अब शहर के भीतर हर गली-मोहल्ले में मीट-मांस और मछली की बिक्री जल्द ही पुरानी बात हो जाएगी। दरअसल, वाराणसी नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत अब मीट-मांस व मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित की जाएंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को मैदागिन स्थित टाउन हॉल भवन में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए रूपरेखा स्पष्ट कर दी गई। बैठक में शहर के चतुर्दिक विकास, अतिक्रमण और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें मीट-मछली के बाजारों को शहर के बाहरी छोर पर व्यवस्थित करने का निर्णय सबसे प्रमुख रहा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया जा चुका है। ये सभी स्थान शहर की बाहरी सीमाओं के करीब स्थित हैं, जिससे आम जनता को कोई असुविधा न हो। नगर आयुक्त के मुताबिक आगामी दिनों में शहर के भीतर संचालित मीट-मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। सदन में पार्षद गुलशन अली ने यह मामला उठाते हुए कहा कि करीब एक वर्ष पूर्व मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अब तक प्रभावी अमल नहीं हो सका है। उन्होंने व्यवसायियों की पीड़ा को साझा करते हुए कहा कि सावन महीने में शहर की सभी दुकानें बंद करने के आदेश से मीट व्यवसायियों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होता है। इस पर नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि शहर की बाहरी सीमा में जगह चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

लोकतंत्र में अधिकार या अजीब नाम? अनिल विज ने CJP पर किया तीखा वार

चंडीगढ़ हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर तीखा बयान दिया है. उन्होंने इस पार्टी के पदाधिकारियों को नसीहत दी है कि लोकतंत्र में सबको संघर्ष करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें अपना यह नाम बदल लेना चाहिए. विज के मुताबिक, 'कॉकरोच एक बेहद गंदा कीड़ा होता है, जिसे देखते ही छोटा बच्चा भी चप्पल से कुचल देता है'. इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा सत्र के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा है. दरअसल, अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट लिखा. जब मीडिया ने उनसे इस पोस्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने अपने शब्दों को दोबारा दोहराया. विज ने साफ कहा कि प्रजातंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की आजादी मिली हुई है. इस हक का इस्तेमाल जरूर होना चाहिए, मगर 'कॉकरोच' जैसे अजीब नाम के साथ राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं है. 'बहस से भागती है कांग्रेस पार्टी' इसके बाद अनिल विज ने हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उन आरोपों का भी करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने विधानसभा का सत्र न बुलाने की बात कही थी. विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब भी सदन की कार्यवाही शुरू होती है, कांग्रेस के नेता उसमें गंभीरता से हिस्सा नहीं लेते. जैसे ही सरकार के मंत्री या मुख्यमंत्री उनके सवालों का जवाब देना शुरू करते हैं, कांग्रेस वाले बीच में ही सदन छोड़कर बाहर चले जाते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहा है. उनके पास जनता के जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस बात नहीं होती. कांग्रेस के नेताओं को सिर्फ अखबारों की हेडलाइंस में बने रहने का शौक है. वे बस यही चाहते हैं कि उनका नाम मीडिया में चमकता रहे, भले ही खबर उनके पक्ष में हो या विरोध में. वहीं, दीपेंद्र सिंह हुड्डा की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर भी मंत्री ने खुलकर बात रखी. उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी को भी जानबूझकर निशाना नहीं बना रही है. राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है. अंत में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष के इसी खराब बर्ताव की वजह से हरियाणा की जनता बार-बार हमारी पार्टी को ही चुनकर सत्ता में लाती है.

गाड़ी छोड़ने की कीमत मांगना पड़ा भारी, CBI ने ASI को रिश्वत लेते दबोचा

चंडीगढ़. सी.बी.आई. ने सैक्टर-39 पुलिस थाना में तैनात ए.एस.आई. हितेश कुमार यादव को 40,000 रुपए रिश्वत लेते पुलिस स्टेशन के अंदर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ए.एस.आई. के पिता अशोक कुमार भी चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं। आरोपी ए.एस.आई. एक्सिडैंट केस में गाड़ी न छोड़ने की धमकी दे रहा था। सैक्टर-41 निवासी अमरजीत ने सी.बी.आई. को बताया था कि उसकी गाड़ी सड़क हादसे में पुलिस ने जब्त कर ली थी। शिकायतकर्त्ता ने गाड़ी को जिला अदालत से सुपरदारी पर छोड़ने के आदेश हासिल कर लिए थे। इसके बावजूद जांच अधिकारी ए.एस.आई. हितेश गाड़ी रिलीज नहीं कर रहा था। आरोपी ए.एस.आई. ने शिकायतकर्त्ता से गाड़ी रिलीज करवाने के लिए 50,000 रुपए रिश्वत मांगी। फिर 40,000 लेने के लिए तैयार हो गया। उधर, शिकायतकर्त्ता ने सी.बी.आई. को सूचना दी। ए.एस.आई. हितेश ने शिकायतकर्त्ता को 40 हजार रुपए लेकर पुलिस थाना बुलाया। सी.बी.आई. ने ए.एस.आई. को पकड़ने के लिए पुलिस स्टेशन में ट्रैप लगा दिया। जैसे ही शिकायतकर्त्ता ने ए.एस.आई. हितेश को 40,000 दिए, सी.बी.आई. ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सी.बी.आई. ने सैक्टर-27 स्थित घर पर छापेमारी की, जहां नकदी और कागजात बरामद हुए। सी.बी.आई. ने आरोपी ए.एस.आई. हितेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

भोपाल में सड़क हादसे के बाद हंगामा, कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, लोगों ने गाड़ी पलटी

भोपाल. शहर के कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित हमीदिया अस्पताल परिसर में रविवार को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर सवार एक बुजुर्ग महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से मौके पर मौजूद प्रत्यक्ष दर्शियों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया। कार चालक की लापरवाही और तेज स्पीड से नाराज भीड़ ने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। गुस्से में लोगों ने कार में जमकर तोड़फोड़ की, उसके शीशे तोड़ दिए और अंत में पूरी कार को सड़क पर पलट दिया। नशे में भोपाल की सड़कों पर दौड़ाई कार, कई लोगों को रौंदा ज्ञात होकि एक पखवाड़ा पहले तेज रफ्तार बेकाबू कार ने शहर में जमकर उत्पात मचाया. कार चला रहे युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे. बताया जा रहा है कि बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने सड़क पर कई वाहनों, लोगों  और ठेलों को टक्कर मार दी. करीब 10 से 12 किलोमीटर तक कार का आतंक जारी रहा, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार रात 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच हुई. जानकारी के अनुसार सर्व दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित अन्य युवक बैरागढ़ इलाके में एक जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. पार्टी के दौरान उन्होंने शराब पी और उसके बाद एक कार में सवार होकर निकल पड़े. शुरुआत में आदित्य नाम का एक युवक कार चला रहा था. बाद में स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्व दुबे को सौंप दी. सर्व दुबे ने कार को तेजी से आगे बढ़ाया. रास्ते में वह लगातार आगे बढ़ता रहा और ठेलों, मोटरसाइकिलों तथा कई पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी. कीर्ति मेडिकल के आस-पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनल इलाके तक, तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. आरोपी युवकों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर भी हमला किया. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक कार चलाते हुए हंगामा कर रहे हैं, वे तुरंत हरकत में आ गई.  तीन थानों के पुलिस कर्मियों ने वाहन का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद मीनल के पास सभी को पकड़ लिया. 

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है : अरुण साव

जगदलपुर/रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विस्तार पर संकट, कैबिनेट मंजूरी के इंतजार में रुकी योजना

रांची  झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल वित्तीय संकट में फंस गई है। राज्य में 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (एसओई) खोलने की तैयारी पूरी होने के बावजूद करीब 400 करोड़ रुपये की जरूरत के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी 2026 में ही इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब तक इसे कैबिनेट की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू होने की संभावना नहीं है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों में 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस के लिए विद्यालयों का चयन कर लिया है। इन स्कूलों को सीबीएसइ पैटर्न पर विकसित किया जाना है। हालांकि योजना को धरातल पर उतारने के लिए अभी कैबिनेट की मंजूरी, वित्तीय स्वीकृति, सीबीएसई संबद्धता, भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा शिक्षकों की व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव को कैबिनेट तक पहुंचने में अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति मिलने और निर्माण व अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा। यही वजह है कि अगले शैक्षणिक सत्र से इन विद्यालयों का संचालन संभव नहीं दिख रहा है। रांची में खुलेंगे सबसे ज्यादा 10 नए एसओई 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में रांची जिले को सबसे अधिक 10 विद्यालय मिले हैं। वर्तमान में जिले में पांच एसओई संचालित हैं। इसके अलावा धनबाद, गिरिडीह और पलामू में आठ-आठ, गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम में सात-सात, बोकारो, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम में छह-छह तथा देवघर में पांच नए विद्यालय प्रस्तावित हैं। एक स्कूल पर तीन से पांच करोड़ रुपये खर्च का अनुमान शिक्षा विभाग के अनुमान के अनुसार एक सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस को विकसित करने में औसतन तीन से पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें भवन उन्नयन, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। 100 नए विद्यालयों पर कुल खर्च करीब 400 करोड़ रुपये आंका गया है। 80 से बढ़कर 180 होगी एसओई की संख्या राज्य में वर्तमान में 80 एसओई संचालित हैं, जिन्हें सीबीएसइ बोर्ड से संबद्धता प्राप्त है। इनके बेहतर शैक्षणिक परिणामों को देखते हुए सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 180 करने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि वित्तीय स्वीकृति मिलने तक 100 नए विद्यालयों का सपना कागजों से जमीन पर उतरने का इंतजार करता रहेगा।  

संभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री साय सख्त, कृषि व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

गरियाबंद/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। सीएम ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्याम धावड़े, आईजी अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।