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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती के जेठा में किया पौधरोपण

रायपुर   पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर मती जय जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ  वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

महिला एवं बाल विकास आयुक्त संदीप ने इंदौर में बाल संस्थाओं का किया निरीक्षण

भोपाल  आयुक्त महिला एवं बाल विकास  संदीप जी.आर. ने पदभार संभालते ही विभागीय योजनाओं और संस्थाओं की जमीनी स्थिति की पड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने इंदौर पहुंचकर छावनी स्थित राजकीय बाल आश्रम, ऑब्जर्वेशन होम (संप्रेक्षण गृह), स्पेशल होम और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को जाना तथा संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। राजकीय बाल आश्रम के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वहां निवासरत बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थाओं में बच्चों से संबंधित सभी अभिलेख व्यवस्थित और अद्यतन रूप से संधारित किए जाएं। इसके बाद ऑब्जर्वेशन होम और स्पेशल होम पहुंचे आयुक्त ने वहां रह रहे बच्चों से भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की समस्याओं, पढ़ाई और कैरियर को लेकर उनकी रुचियों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण पर जोर आयुक्त  संदीप जी.आर. ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल संस्थाओं में रह रहे बच्चों की नियमित पढ़ाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। इसके लिए बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़े जाने के निर्देश दिए। वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा राजकीय बाल आश्रम परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान आयुक्त  संदीप ने संकट और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सहायता, परामर्श और विधिक सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सेंटर में मौजूद महिलाओं से बातचीत कर वहां उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सेवाओं के बारे में उनकी राय जानी। अधिकारियों से भी विभिन्न सेवाओं की स्थिति और उनके प्रभावी संचालन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सभी संस्थाओं में स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को संस्थाओं की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फीडबैक के आधार पर सेवाओं में सुधार पर जोर आयुक्त  संदीप ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। इसके लिए उनसे नियमित रूप से फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं एवं सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल संस्थाओं में बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं। उप मुख्यमंत्री  साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी। कलेक्टर  देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ  रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर  राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

बड़वानी में थाना वरला पुलिस ने अवैध गांजा फसल का किया पर्दाफाश

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब, अवैध आर्म्स एवं जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार सतत एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना वरला पुलिस ने ग्राम बोरपड़ावा के जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से लगाई गई गांजे की फसल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग खेतों से कुल 6,185 गांजे के पौधे, जिनका कुल वजन 10 क्विंटल 71 किलोग्राम है, जब्त किए हैं। जब्त फसल की अनुमानित कीमत लगभग 54 लाख रूपए है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक बड़वानी  पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  धीरज बब्बर एवं एसडीओपी सेंधवा  अजय वाघमारे के नेतृत्व में थाना वरला पुलिस द्वारा की गई। विश्वसनीय सूचना के आधार पर थाना वरला पुलिस ने टीम गठित कर ग्राम बोरपड़ावा के जंगल क्षेत्र में सघन सर्चिंग की। कार्रवाई के दौरान सूचना की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पुलिस टीम द्वारा विशेष रणनीति के साथ क्षेत्र में पहुंचकर ड्रोन के माध्यम से भी सर्चिंग की गई। अभियान में जिला पुलिस लाइन बड़वानी एवं पुलिस अनुभाग सेंधवा से करीब 75 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। सर्चिंग के दौरान चार अलग-अलग खेतों में गांजे की फसल पाए जाने पर पुलिस टीमों ने मौके पर विधिवत कार्रवाई करते हुए पौधे जब्त किए। वन भूमि से संबंधित क्षेत्र होने के कारण वन विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वन विभाग द्वारा खेतों की टोपोग्राफी के आधार पर संबंधित स्थानों को चिन्हित किया गया है। आरोपियों की पहचान एवं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति, सतर्कता एवं प्रभावी पुलिसिंग को दर्शाती है। प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।  

पीएम श्री योजना के तहत पढ़ाई होगी और बेहतर, 11.37 करोड़ से बच्चों को मिलेगी लर्निंग किट, शिक्षा सामग्री और डायरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों की कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और सीखने को अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। वर्ष 2026-27 में शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी की व्यवस्था के लिए 11.37 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसे विद्यालय स्तर पर व्यय के लिए जारी किया जाएगा।  महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके उपयोग और क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल से पीएम श्री योजना के अंतर्गत संचालित प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा-शिक्षण को संसाधनयुक्त बनाने, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के अवसर देने और निपुण लक्ष्यों की दिशा में अधिगम को गति देने पर जोर दिया गया है। निपुण लक्ष्यों के अनुरूप बनेगी शिक्षण सामग्री योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, तालिका पोस्टर, शिक्षण-अधिगम से संबंधित आईईसी सामग्री और साप्ताहिक आकलन ट्रैकर की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ शिक्षकों को विषय और पाठ्य बिंदुओं के अनुरूप टीएलएम के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। सामग्री ऐसी हो जो बच्चों को अवधारणाओं को समझने, अभ्यास करने और सीखने के विविध अवसर उपलब्ध कराने में सहायक बने। टीएलएम के लिए कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, पेपर एडहेसिव, अबेकस, ग्लोब, भारत एवं विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, परिवहन तथा पशु-पक्षियों के चार्ट सहित विभिन्न उपयोगी सामग्री की सूची दी गई है। शिक्षण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त व्यवस्था करने के भी निर्देश हैं।  बच्चों को मिलेगी लर्निंग किट और डायरी कक्षा 1 से 5 तक के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए स्टूडेंट लर्निंग किट की व्यवस्था की जाएगी। इसमें वर्कशीट, अभ्यास एवं गतिविधि आधारित सामग्री, रंगीन वर्कबुक, ड्राइंग शीट, ओरिगेमी पेपर, ऊन, रिबन, लर्निंग डाइस आदि सामग्री शामिल होगी। विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट डायरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अभिभावकों की उपस्थिति में पीटीएम के दौरान भी किट वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।  15 अक्टूबर तक क्रय, 31 तक तैयार होगी सामग्री निर्देशों के अनुसार निपुण लक्ष्य, तालिका एवं आईईसी सामग्री को 15 अक्टूबर 2026 तक मुद्रित कर कक्षा में प्रदर्शित किया जाना है। टीएलएम निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय भी 15 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि शिक्षक 31 अक्टूबर तक टीएलएम तैयार करेंगे। स्टूडेंट डायरी भी 31 अक्टूबर तक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।  नवाचारी टीएलएम को मिलेगा मंच ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें परिषदीय शिक्षक विभिन्न विषयों और अवधारणाओं पर विकसित उत्कृष्ट एवं नवाचारी टीएलएम का प्रदर्शन करेंगे। प्रभावी सामग्री को कक्षाओं में उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ अन्य विद्यालयों तक भी साझा किया जाएगा।  उपयोग और गुणवत्ता की होगी निगरानी टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी के प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा। सपोर्ट सुपरविजन, प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इनके क्रय एवं उपयोग की ट्रैकिंग भी की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही किया जाएगा।  पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सीखने के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी से बच्चों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी सीखने के अवसर मिलेंगे। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा टीएलएम का निर्माण पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप हो तथा उसका प्रभावी उपयोग कक्षा में सुनिश्चित किया जाए। लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और नवाचारी टीएलएम के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने पर जोर है।  

नारायणपुर के होनहारों को मिलेगी सफलता की नई उड़ान

रायपुर बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।  ​जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।  ​शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। ​आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अयोध्या नगर को आदर्श नगर के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कलयाण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गोविन्दपुरा में विकास कार्यों का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि नागरिकों को सर्वसुविधायुक्त वातावरण प्रदान करना तथा अयोध्या नगर को एक 'आदर्श नगर' के रूप में स्थापित करना सरकार का संकल्प है। विकास कार्यों से क्षेत्रवासियों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा और वर्षाकाल में जलभराव से होने वाली समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 68 स्थित अयोध्या नगर में लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न अवसंरचनात्मक एवं नागरिक सुविधा संबंधी विकास कार्यों का भूमि- पूजन किया। इन निर्माण कार्यों में मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता युक्त सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) सड़कों का निर्माण, सुदृढ़ आरसीसी नालियों का विस्तार, पेविंग ब्लॉक आच्छादन तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों का जीर्णोद्धार शामिल है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौर ने अयोध्या नगर के 'जी' सेक्टर में 34 लाख रूपये तथा 'एल' सेक्टर में 42 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी सड़कों का शिलान्यास, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'के' सेक्टर में रोटरी से इसरो नाले तक 33 लाख रूपये तथा 'द होम्स' से 'अभिनव होम्स फेस-4' तक 9 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली आरसीसी नालियों का भूमि-पूजन एवं वर्धमान ग्रीन में 11 लाख रूपये की लागत से सीसी सड़क एवं संतोषी बिहार में 14 लाख रूपये की लागत से सड़क, नाली, पेविंग ब्लॉक तथा कम्युनिटी हॉल की छत के मरम्मत कार्यों का शुभारंभ किया।  

सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा

भोपाल  यात्री परिवहन विजन समिट-2026 : पांचवा सत्र यात्री परिवहन विजन समिट के पहले दिन आयोजित पैनल डिस्कशन के पांचवे सत्र में “सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुरक्षा” पर विभिन्न विशेषज्ञों ने चर्चा की। एमेरिटस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन ट्रांसपोर्ट एंड CRDF, CEPT यूनिवर्सिटी के प्रो. एच.एम. शिवानंद स्वामी ने कहा कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन के लिए डेटा-ड्रिवन प्लानिंग आवश्यक है। परिवहन नियोजन में तकनीकी हस्तक्षेप और डेटा के प्रभावी उपयोग से यात्री मांग के अनुरूप सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। ओड़िसा के परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री एनबीएस राजपूत ने ट्रांसपोर्ट सत्र में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, चालक मॉनिटरिंग और AI आधारित रियल-टाइम निगरानी जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं पर जोर दिया । इन प्रणालियों को इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से जोड़कर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के साथ सुरक्षित बस टर्मिनल, समर्पित प्रवर्तन दल और चालकों के नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई गई। सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) के श्री एसएन ढोले ने यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक एवं आरामदायक बसों, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल सुविधाओं पर जोर दिया। स्मार्ट टिकटिंग और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से बसों के आगमन-प्रस्थान एवं रूट की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने पर भी सत्र में चर्चा हुई। डिजिटल फीडबैक एवं पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था को सेवा गुणवत्ता में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। बीओसीआई के अध्यक्ष श्री प्रसन्ना पटवर्धन ने बसों के ब्रेकडाउन और परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और स्मार्ट फ्लीट मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया । नियमित तकनीकी जांच, समयबद्ध संचालन और बेड़े की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से वाहनों का डाउनटाइम कम कर यात्रियों को अधिक विश्वसनीय सेवा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।  

कुपोषण पर कड़ा प्रहार नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

​रायपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया। ​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।  ​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

बैरसिया में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत हुआ वृहद जनकल्याण शिविर एवं उद्यम संवाद

भोपाल भोपाल जिले की बैरसिया तहसील स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के अंतर्गत वृहद जनकल्याण एवं जनसमस्या निवारण शिविर और ‘उद्यम संवाद’ संपन्न हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शासन की जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया। एमएसएमई मंत्री और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री  चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनहितैषी सोच के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान प्रारंभ किया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। एक सप्ताह में करें प्रत्येक आवेदन का निराकरण प्रभारी मंत्री  काश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर अधिकतम एक सप्ताह में उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित शिविरों में पहुँचकर अधिकारियों की उपस्थिति में आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव नहीं है, उनमें आवेदक को कारण एवं संभावित समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाए। फसल क्षति का होगा पारदर्शी सर्वे प्रभारी मंत्री  काश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। सोयाबीन की फसल में हुई क्षति का पारदर्शी सर्वे कराने के लिए शीघ्र ही दलों का गठन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बैरसिया क्षेत्र में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0’ के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाया जाएगा।  काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप सहकारिता एवं दुग्ध संघ को सुदृढ़ करने के साथ खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और पशुपालन के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों के विकास से किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों पर हुआ संवाद शिविर के साथ आयोजित ‘उद्यम संवाद’ में स्थानीय उद्योगपतियों एवं उद्यमियों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव रखे। औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना, भू-खंड आवंटन तथा विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री  काश्यप ने संबंधित अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे योजनाओं का लाभ : विधायक  खत्री बैरसिया विधायक  विष्णु खत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि बीज विकास निगम द्वारा बैरसिया क्षेत्र में 3 हजार टन क्षमता का अत्याधुनिक वेयरहाउस निर्मित किया जा रहा है। किसानों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के साथ मंडी परिसर में नि:शुल्क ग्रेडिंग प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है। विधायक  खत्री ने बैरसिया में फीवर क्लीनिक के निर्माण, चिकित्सालय के शीघ्र लोकार्पण तथा आचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भू-खंडों के आवंटन की प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया। नगर पालिका अध्यक्ष मती तनु ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार अधोसंरचना विकास, महिला सशक्तिकरण और युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पट्टे, सीमांकन एवं बँटवारे के प्रकरणों का समय-सीमा में होगा निराकरण : कलेक्टर  मिश्रा कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित शिविरों में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित होकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। बैरसिया क्षेत्र में पट्टों से संबंधित मामलों का परीक्षण कर पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाएगा। राजस्व विभाग से जुड़े सीमांकन एवं बँटवारे के लंबित प्रकरणों का भी निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर  मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को विभागवार दर्ज कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।