samacharsecretary.com

पेट्रोल-डीजल बचत और मितव्ययता की दिशा में बड़ा कदम: रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में जांजगीर चांपा और कोरबा के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुशासन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक दक्षता का संतुलित स्वरूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए थे। इसी के अनुरूप इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। बैठक में केवल संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों के आवागमन में होने वाली पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सका। यह पहल प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति की प्रभावी मिसाल बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण तथा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता, व्यवहारिक सोच और दूरदर्शिता का उदाहरण बनकर सामने आई है। तकनीक के माध्यम से ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन को साथ लेकर चलने का यह मॉडल शासन की नई कार्यसंस्कृति को भी रेखांकित करता है।  

राज्यपालरमेन डेका ने किया पौधरोपण, कवर्धा कलेक्ट्रेट परिसर में रोपा आम का पौधा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

रायपुर राज्यपालरमेन डेका ने कबीरधाम प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर कवर्धा में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने भी पौधरोपण किया।           राज्यपालडेका ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।         कार्यक्रम में कलेक्टरगोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षकधर्मेंद्र सिंह, वनमण्डलाधिकारीनिखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओअभिषेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

छतरपुर के डायल-112 हीरोज रास्ता भटकी मानसिक रूप से अस्वस्थ 13 वर्षीय बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  छतरपुर जिले के थाना बकस्वाहा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से घर का रास्ता भटक गई मानसिक रूप से अस्वस्थ 13 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालिका को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य प्राप्त हो सका। 15 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बकस्वाहा क्षेत्र अंतर्गत देवरी तिराहा के पास एक 13 वर्षीय बालिका अकेली घूम रही है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है एवं पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बकस्वाहा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री मुकेश कुमार एवं पायलट श्री पंकज कुमार दुबे ने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ थी। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बालिका को एफआरव्ही वाहन से आसपास के क्षेत्रों में ले जाकर परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बालिका के सम्बन्ध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके उपरांत बालिका को सुरक्षित बमोरी चौकी लाया गया। कुछ समय पश्चात बालिका के परिजन बमोरी चौकी पहुँचे। डायल-112 टीम द्वारा पहचान एवं आवश्यक सत्यापन उपरांत बालिका को उसके पिता के सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं समर्पित कार्यवाही से एक असहाय बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

शादी के बाद रिश्ते से इनकार, मायके पहुंची दुल्हन ने किया जहरीला पदार्थ सेवन

अंबिकापुर बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र अंतर्गत एक गांव की नवविवाहिता ने कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या कर ली। पांच मई को उसकी शादी हुई थी। उसने पति से कहा था कि वह किसी और को पसंद करती है, उसके साथ नहीं रहेगी। मायके वाले उसे विदा कराकर ले गए थे। इसी बीच उसने मायके में कीटनाशक का सेवन कर लिया। इसके पहले व्हाट्सएप पर उसने पिता को जहर की शीशी की तस्वीर भी भेजी थी। पसंद के युवक से शादी करने से स्वजन ने किया था मना मृतका जिस युवक को पसंद करती थी, उससे शादी करने से स्वजन ने मना कर दिया था तथा सूरजपुर जिले के एक गांव के युवक से सामाजिक रीति-रिवाज से उसकी शादी कराई थी। इसी से क्षुब्ध होकर नवविवाहिता द्वारा आत्महत्या करने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

J-TET पास पैरा शिक्षकों के लिए खुला सहायक आचार्य बनने का रास्ता

 रांची सर्वोच्च न्यायालय ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पैरा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) को चरणबद्ध ढंग से सहायक आचार्य के रिक्त पदों पर नियुक्त करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में काेई समस्या भी नहीं है। राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के कुल पदों में 50 प्रतिशत पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित भी रखा है, लेकिन सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए पैरा शिक्षकों का झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) उत्तीर्ण होना जरूरी है। दूसरी तरफ, स्थिति यह है कि राज्य में वर्तमान में लगभग आठ हजार पारा शिक्षक जेटेट उत्तीर्ण हैं और सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति की अर्हता रखते हैं। राहत की बात यह है कि राज्य में लंबे समय बाद जेटेट के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक भी भाग लेंगे। झारखंड अधिवद्य परिषद द्वारा इस परीक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई निर्धारित है। इधर, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने के बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में आयोजित होनेवाली जेटेट परीक्षा से इनके सहायक आचार्य नियुक्त होने का रास्ता खुलेगा, बशर्ते पारा शिक्षक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होते हैं। राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए गठित नियमावली के तहत पैरा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए एक और परीक्षा से गुजरना होगा। कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार पैरा शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित कर सकती है। राज्य में वर्तमान में लगभग 55 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं। लगभग 40 हजार पद हैं रिक्त राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के 50 हजार पद सृजित किए थे, जिनमें पहले चरण में 26,001 पदों पर शुरू ही नियुक्ति के तहत लगभग 10 हजार पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं, जिनमें पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित पद भी सम्मिलित हैं। इस तरह, पहले चरण की लगभग 16 हजार तथा शेष 24 हजार पद रिक्त हैं। क्या है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया कि वह सहायक आचार्य के 50 प्रतिशत आरक्षित पदों पर पैरा शिक्षकों की चरणबद्ध ढंग से नियुक्ति करे। इसे लेकर पारा शिक्षकों के लिए विशेष रूप से प्रक्रिया शुरू की जाए। कोर्ट ने पारा शिक्षकों को सीधे नियमितीकरण करने से इंकार कर दिया, लेकिन राज्य को झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती नियमावली, 2012 और झारखंड प्राथमिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली, 2022 के तहत पहले से बनाए गए वैधानिक भर्ती तंत्र को लागू करने और समय-समय पर इसका पालन करने का निर्देश दिया।

धार्मिक आस्था को मिलेगा नया स्वरूप, मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया मंदिर निर्माण का शुभारंभ

रायपुर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किया शिव मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अम्बिकापुर स्थित नमनाकला वार्ड क्रमांक 14 सरना में प्रस्तावित शिव मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं। मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सहेजने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहें। उन्होंने कहा कि नमनाकला क्षेत्र में शिव मंदिर निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण मिलेगा तथा क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी। मंत्री  अग्रवाल ने स्थानीय नागरिकों की सहभागिता और धार्मिक आस्था की सराहना करते हुए कहा कि जनसहयोग से ऐसे निर्माण कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ मंदिर निर्माण कार्य के शुभारंभ का स्वागत किया। भूमिपूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर अम्बिकापुर नगर पालिका निगम की महापौर मंजूषा भगत सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।  

बैतूल प्रदूषण मामले में बड़ा एक्शन, कंपनी पर 10 लाख की पेनल्टी

भोपाल बैतूल जिले की मुलताई तहसील में ग्राम अम्भोरी में औद्योगिक गतिविधियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सेंट्रल जोन बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण और ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पूर्व में बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बिना ट्रीटमेंट के बहाया जा रहा था जहरीला पानी कंपनी विस्फोटक मिश्रण तैयार करने के बाद निकलने वाले जहरीले लाल रंग के दूषित पानी को बिना किसी ट्रीटमेंट के खुले मैदान में बहा रही थी। पानी डिस्चार्ज का कोई रिकॉर्ड तक मौजूद नहीं था। परिसर में सेप्टिक टैंक, सोक पिट और धूल नियंत्रण के लिए जरूरी वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम तक नहीं मिला। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद कंपनी को 10 लाख रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा जमा करना पड़ा। एनजीटी ने आदेश दिया कि यह रकम सिर्फ प्रभावित क्षेत्र के रेस्टोरेशन और पर्यावरण सुधार कार्यों पर ही खर्च की जाएगी। निगरानी समिति का गठन ट्रिब्यूनल ने बैतूल कलेक्टर की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समिति बनाकर कंपनी को कड़ी चेतावनी दी है कि आगामी मानसून में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना अनिवार्य किया गया। साथ ही मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औचक निरीक्षण और सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। अब कंपनी को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली लागू करनी होगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिली तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

सांवलिया सेठ के दरबार में धनवर्षा, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी

चित्तौड़गढ़ मेवाड़ के सुप्रसिद्ध और आस्था के सबसे बड़े केंद्र 'कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर' में शुक्रवार को जब राजभोग आरती के बाद भगवान का दानपात्र (भंडार) खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं। मासिक मेले के पहले ही दिन नोटों का ऐसा पहाड़ नजर आया कि शुरुआती गिनती में ही आंकड़ा 11 करोड़ 30 लाख रुपये पार कर गया। सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़े इस 'धनवर्षा' के सैलाब को संभालने के लिए तत्काल नोटों से भरे बैग अलग-अलग बैंकों में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा कराए गए। कड़े पहरे में खुला भंडार, जयकारों से गूंजा गर्भगृह मंदिर मंडल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और मंदिर बोर्ड के सदस्यों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच गर्भगृह के मुख्य दानपात्र को खोला गया। जैसे ही खजाने के ताले टूटे, मंदिर परिसर में मौजूद हजारों भक्तों ने एक सुर में 'सांवलिया सेठ के जयकारे' लगाने शुरू कर दिए। पूरा माहौल भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर हो गया। भंडार खुलते ही मंदिर प्रशासन और बैंक कर्मियों की टीम तुरंत नोटों की गड्डियां बनाने और उनकी गिनती करने में जुट गई। सोना-चांदी और चिल्लर की गिनती अभी बाकी! चमत्कारी बात यह है कि 11.30 करोड़ रुपये तो सिर्फ पहले दिन गिने गए नोटों की रकम है। सांवलिया सेठ मंदिर के दानपात्र से बड़ी मात्रा में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषण भी निकले हैं, जिन्हें नोटों की गड्डियों से अलग कर सुरक्षित रख लिया गया है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अभी इन कीमती धातुओं का वजन किया जाना बाकी है। इसके अलावा, सिक्कों (चिल्लर) का एक बहुत बड़ा ढेर और भेंट कक्ष व कार्यालय में मनीऑर्डर या ऑनलाइन माध्यम से आई राशि का अंतिम मिलान होना बाकी है। जब यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी, तब सांवलिया सेठ के इस मासिक चढ़ावे का असली और अंतिम जादुई आंकड़ा सामने आएगा। मासिक मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब श्री सांवलियाजी को 'व्यापार का साझेदार' मानने वाले भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और देश के कोने-कोने से व्यापारी और आम लोग यहां मन्नत पूरी होने पर अपने 'सेठ' को हिस्सा देने आते हैं। मासिक मेले के चलते इस समय भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।  

फर्जी कॉल और लिंक से बचें, बिजली उपभोक्ताओं को मंत्री तोमर की सलाह

भोपाल ऊर्जा मंत्रीप्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें। उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के केशलेस भुगतान के लिये कंपनी के पोर्टल (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सएप पे एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। ऊर्जा मंत्रीतोमर ने कहा है कि उपभोक्ता को असमय विद्युत विच्छेदन से बचने के लिए किसी निजी मोबाईल नंबर से कॉल कर भुगतान करने के लिये कोई एसएमएस/ व्हाट्सएप जारी नहीं किया जाता है। कंपनी द्वारा एसएमएस केवल निर्धारित सेंडर आईडी से ही भेजे जाते हैं। उपभोक्ता किसी अन्य सेंडर आईडी अथवा निजी नंबर से आए भ्रामक मेसेज से सतर्क रहें। कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे. अमेजन पे, व्हाट्सएप पे आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। उपभोक्ता किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए फोन या व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें। कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है, जिसमें बिल भुगतान कराने के लिए भय बनाकर कि आपकी बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, इसके लिए बिल भुगतान करने के लिये विशेष नंबर दबाएं, मोबाइल नंबर विशेष अथवा अनजान लिंक/ऐप पर क्लिक कर या संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं। इन पर ध्यान नहीं दें। इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें। साइबर फ्रॉड संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराएं।  

संविदा कर्मचारियों को राहत, हाईकोर्ट बोला- बिना नियमित नियुक्ति के नहीं हटाया जा सकता

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई।