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सुखबीर बादल से AAP ने पूछा सवाल, बहरीन से बीवी लाने और गाड़ी देने का मामला

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधा है. उन्होंने इसी के साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय में रह रही एक बहरीन की महिला के आरोपों पर लगातार चुप्पी पर भी सवाल उठाया. बलतेज पन्नू ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही करीब चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन सिख समुदाय के उठाए गए सवालों का अभी तक जवाब नहीं मिला है. बलतेज पन्नू ने कहा, “हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के मुद्दों पर प्रोग्राम और रैलियों में हिस्सा ले रही हैं, लेकिन एक महिला के महीनों तक एसजीपीसी की साड़ी में रहने से जुड़े आरोपों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं. वह इन सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं? जब एक महिला के साथ हुए बर्ताव और एसजीपीसी के रिसोर्स के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं, तो चुप्पी क्यों है?” इन सवालों का जवाब कब देंगे? हरजिंदर सिंह धामी पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “धामी साहब ने मीडिया का सामना करने के बजाय एक वीडियो भी जारी किया है. आज जब पटियाला में मीडिया ने उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने फिर कहा कि वह इस मामले पर कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि वह वहां किसी और काम से आए थे. हरजिंदर सिंह धामी कब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इन सवालों का जवाब देंगे?” आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “यह कोई साधारण राजनीतिक विवाद नहीं है. एक एसजीपीसी संगठन, एसजीपीसी के रिसोर्स और जिस तरह से एक महिला को महीनों तक वहां रखा गया, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. सिख समुदाय को सवाल पूछने और साफ जवाब पाने का पूरा हक है.” उन्होंने कहा, “महिला ने कहा है कि उसने हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल को सब कुछ बता दिया था. क्या यह कमेटी हरजिंदर सिंह धामी से पूछताछ करेगी? क्या यह सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ करेगी? क्या यह जांच करेगी कि उन्हें क्या पता था, उन्हें कब पता चला और क्या कार्रवाई की गई?” रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “अगर एसजीपीसी सच में बिना किसी भेदभाव के जांच चाहती है, तो यह काम अनुभवी लोगों को देना चाहिए. किसी रिटायर्ड सिख जज या रिटायर्ड सीनियर पुलिस अधिकारी से जांच करने को कहा जा सकता था. ये जूनियर मेंबर न तो कानून के माहिर हैं और न ही प्रशासन के. बिना किसी स्वतंत्र और अनुभवी जांच के, सीनियर लोगों से जुड़े मामले में सही जांच कैसे हो सकती है?” बलतेज पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी ने जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है, लेकिन सवाल उठाया कि क्या यह कदम सिर्फ मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कमेटी को 15 दिन का समय दिया है. क्या यह सोचा जा रहा है कि 10 या 15 दिन बाद मामला पीछे छूट जाएगा और लोग इसे भूल जाएंगे? लोग इस मुद्दे को नहीं भूलेंगे. पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस बारे में बात कर रहा है और पंजाबी मीडिया चैनलों द्वार भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही हैं. “15 दिन बाद भी सवाल कायम रहेंगे. 10 दिन बाद भी रहेंगे और 10 महीने बाद भी रहेंगे जब तक सही जवाब नहीं मिल जाते. ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर बलतेज पन्नू ने मामले में नया खुलासा करते हुए कहा, 23 जुलाई, 2026 को पंजाब नेशनल बैंक में एसजीपीसी सेक्रेटरी के नाम पर खोले गए अकाउंट से ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद से दिए गए थे? इस पेमेंट को किसने मंज़ूरी दी? यह पैसा किस हेड में ट्रांसफर किया गया? एसजीपीसी को इन सवालों के जवाब देने चाहिए.”बलतेज पन्नू ने पूछा, “क्या इससे बड़ा कोई सबूत हो सकता है? एफआईआर खुद एक बड़ा सबूत थी, लेकिन किसी ने उन सवालों के जवाब नहीं दिए. अब यह एसजीपीसी के अकाउंट से उस महिला के अकाउंट में ट्रांसफर है जिसने आरोप लगाया था. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद के लिए दिए गए थे?” बलतेज पन्नू ने कहा, “यह सिर्फ़ एक ट्रांसफर है. बाकी पेमेंट का क्या? कैश खर्च का क्या? उसके रहने, खाने, घूमने और दूसरी सुविधाओं पर हुए खर्च का क्या? गाड़ी एसजीपीसी ने दी थी, उसका फ्यूल एसजीपीसी ने दिया था, ड्राइवर को एसजीपीसी ने दिया था और सेवादार एसजीपीसी के कर्मचारी थे. इसके अलावा, अगर उसे पर्सनल खर्च के लिए भी पैसे दिए जा रहे थे, तो उन आठ महीनों के पूरे खर्च का हिसाब दिया जाना चाहिए.” दुनिया भर की सिख कम्युनिटी का योगदान बलतेज पन्नू ने कहा, “ये संस्थाएं कुर्बानियों से बनी हैं. दुनिया भर की सिख कम्युनिटी इनमें अपना योगदान देती है. वे इसलिए योगदान नहीं देते कि आप एक महिला को एसजीपीसी सराय में ले आएं, उसे आठ महीने तक वहां रखें, उसे परेशान करें और कम्युनिटी को कोई यह भी न बताए कि उसे वहां क्यों और किस मकसद से रखा गया था. सिख कम्युनिटी को यह जानने का हक है कि उसकी संस्थाएं कैसे चल रही हैं. उसे यह जानने का हक है कि उसका पैसा कैसे खर्च हो रहा है. किसी को भी कम्युनिटी के योगदान को पर्सनल या राजनीतिक रिसोर्स के तौर पर इस्तेमाल करने का हक नहीं है.” बलतेज पन्नू ने सवाल किया, “11 साल से एसजीपीसी के चुनाव क्यों नहीं हुए? सिख संगत को अपने प्रतिनिधि चुनने से क्यों दूर रखा जा रहा है? ये वो सवाल हैं जो सिख संगत और सिख बुद्धिजीवियों को पूछने चाहिए,”

अमित जोगी का नया अंदाज, राजनीति के बाद अब सिंगिंग में आजमा रहे हाथ

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं क्योंकि जल्द ही उनका एक गाना रिलीज होने जा रहा है। उन्होंने इससे जुड़ी झलक शेयर की है, जिसमें वह कौअे की आवाज निकालते हुए नजर आ रहे हैं। अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होने अपने फेसबुक पर लिखा कि एक शॉर्ट फिल्म लॉन्च करने गया था… और वहाँ पहुँचकर खुद एक गीत रिकॉर्ड कर बैठा! Gaurav R Music में हुई इस recording session की ये छोटी-सी झलक। कुछ बातें शब्दों में नहीं कही जातीं… उन्हें बस गा दिया जाता है। पूरा गीत आ रहा है गांधी जयंती पर। तब तक… ज्ञात होकि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सरेंडर करने और उम्र कैद के फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमित जोगी को फिलहाल सरेंडर करने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को वर्ष 2007 में दिए गए निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को धारा 302 और 120-बी के तहत हत्या की साजिश का दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने जोगी को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। बता दें कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

CM डॉ. यादव ने PM मोदी से की मुलाकात, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।  

CM डॉ. यादव ने दिए आदर्श गौशाला जल्द तैयार करने के निर्देश, विभागीय योजनाओं पर चर्चा

भोपाल में आदर्श गौ शाला स्थापित करने के कार्य को शीघ्र पूर्ण करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभागों की योजनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं पर चर्चा की। इन विभागों में नगरीय विकास एवं आवास, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को हुई बैठक में विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और कार्यों की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरों के साथ ही राजधानी भोपाल के विकास में नए आयाम जोड़े जाएं। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में बड़ी आदर्श गौशालाओं के संचालन में सफलता मिली है। इसी तरह भोपाल में इस मॉडल पर आदर्श गौ-शाला स्थापित करने के कार्य को गति प्रदान करते हुए अच्छे परिणाम प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से भी चर्चा की जाए। नई टाउनशिप विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। खनिज विभाग के अधिकारियों ने सिंगरौली जिले में माइनिंग सेक्टर की नई संभावनाओं और भविष्य में जिले के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि सिंगरौली में अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं। सिंगरौली विकास प्राधिकरण की गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। निजी क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित करें सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि निजी क्षेत्र में भी आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित किया जाए। जबलपुर के उद्यमी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कार्य के इच्छुक हैं। इस नाते उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अलावा टेक्नीकल यूनिवर्सिटी को एक महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र की पहचान देने के प्रयास किए जाएं। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के कार्यों में अग्रणी है। प्रदेश के 83 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल मिल रहा है। गत दो वर्ष में इस कार्य में अच्छी सफलता मिली है। प्रदेश की 38 हजार 403 जल प्रदाय संरचनाओं को जियो टैग किया गया है।  

ट्रांसमिशन कंपनी की बड़ी उपलब्धि, एक ही दिन में 132/33 केवी उपकेंद्र और सर्किट-1 का कमीशनिंग

ट्रांसमिशन कंपनी ने एक ही दिन में हासिल की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां जामगांव आर में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत, पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक हुआ चार्जिंग एवं कमीशनिंग रायपुर,   छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने विद्युत पारेषण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में 30 सितंबर को दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र, जामगांव आर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत एवं कमीशन किया गया। इसके बाद 220/132/33 केवी उपकेंद्र, पाटन में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे के माध्यम से 132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 का भी सफलतापूर्वक चार्जिंग एवं कमीशनिंग किया गया। जामगांव आर स्थित नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र को 30 सितंबर को प्रातः 11:58 बजे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने ऊर्जीकृत कर कमीशन किया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 132 केवी पाटन-अमलेश्वर सर्किट-1 को उसी दिन दोपहर 2:08 बजे पाटन स्थित 220/132/33 केवी उपकेंद्र में नवनिर्मित 132 केवी लाइन बे से सफलतापूर्वक चार्ज एवं कमीशन किया गया। यह कार्य 132 केवी लाइनों के पुनर्विन्यास योजना के अंतर्गत किया गया है। जामगांव आर उपकेंद्र के सफल कमीशनिंग के कुछ ही घंटे बाद इस सर्किट का कमीशन होना पारेषण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जामगांव आर में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र की स्थापना से पाटन तथा दुर्ग जिले के आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं पाटन-अमलेश्वर 132 केवी सर्किट-1 की कमीशनिंग से क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। जामगांव आर उपकेंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत परियोजना में 2×40 एमवीए क्षमता का 132/33 केवी उपकेंद्र शामिल है। परियोजना के अंतर्गत पाटन-जामगांव 132 केवी लाइन तथा पाटन उपकेंद्र में अतिरिक्त 132 केवी फीडर बे से संबंधित कार्य भी स्वीकृत किए गए थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एमएस. चौहान, केएस मनोठिया, संजय पटेल, वीके. दीक्षित,  कार्यपालक निदेशक (दुर्ग क्षेत्र) शिरीष शैलेट मुख्य अभियंता (सिविल), संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीस,  प्रसन्ना गोस्वामी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आई. एस. कंवर,  आर. के. तिवारी,  पी. पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता, सुनील के. भुआर्या, करुणेश यादव,  विक्रम मंधान, पुष्पा पिल्लई तथा कंचन हिशीकर सहित परियोजना, ईएचटी निर्माण एवं संधारण, उपकेंद्र संचालन एवं संधारण, सिविल तथा सीएंडटीएम से जुड़े अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव! राजा वड़िंग ने खुद को बताया ‘पूर्व अध्यक्ष’

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह और गुटबाजी के बीच सबसे बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का इस्तीफा पार्टी हाईकमान द्वारा मंजूर कर लिया गया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर मुहर तब लग गई जब खुद राजा वड़िंग ने अपने इंटरनेट मीडिया खातों के प्रोफाइल बायो में बदलाव करते हुए खुद को 'पूर्व अध्यक्ष, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी' लिख दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट की अंतरिम रिपोर्ट और पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत के बाद अंजाम में आई है। पिछले कई महीनों से राज्य इकाई में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और राजा वड़िंग के समर्थकों के बीच तीखी खींचतान चल रही थी। विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को दूर करने के लिए हाईकमान ने यह कड़ा कदम उठाया है।

जनपद अध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, SDM को सौंपा आवेदन

अभनपुर. जनपद पंचायत अभनपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनपद अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद पंचायत के कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर आवेदन पेश किया है। आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। खास बात यह है कि 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे भाजपा समर्थित हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर आवेदन करने वाले सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस आवेदन ने अभनपुर की पंचायत राजनीति में सियासी हलचल बढ़ा दी है। आवेदनकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर दिए गए आवेदन में सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं।आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों को महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में असंतोष है। सदस्यों ने इन कारणों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत विशेष सम्मेलन बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। हालांकि आवेदन में लगाए गए आरोप संबंधित सदस्यों के हैं। एसडीएम कार्यालय पहुंचा आवेदन, लेकिन कलेक्टर हैं सक्षम अधिकारी मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, लेकिन अभनपुर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए कलेक्टर सक्षम अधिकारी हैं। ऐसे में अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आवेदन के आधार पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है और अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं, यह कलेक्टर स्तर पर तय होगा। 9 हस्ताक्षर से बढ़ी हलचल, अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में इतने सदस्यों के एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल मामला आवेदन से आगे वैधानिक प्रक्रिया के चरण में पहुंचने का इंतजार कर रहा है। कलेक्टर के स्तर पर आवेदन का परीक्षण और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष सम्मेलन और मतदान की स्थिति बनती है या नहीं। प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें अभनपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा समर्थित अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे जनपद सदस्यों का समूह अविश्वास प्रस्ताव की मांग लेकर सामने आया है। अब राजनीतिक चर्चा से ज्यादा निगाहें कलेक्टर कार्यालय से होने वाली अगली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो जनपद पंचायत की राजनीति में इसका असर व्यापक हो सकता है।

लोकभवन में अत्याधुनिक 87 इंटरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार: सीएम योगी   लोकभवन में अत्याधुनिक 87 इंटरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर पुलिसकर्मियों का सम्मान और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया सीएम ने   बंद कमरे में टिप्पणी करना आसान, सुरक्षा हटा दें तो बड़े से बड़े व्यक्ति को भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगती: मुख्यमंत्री   सीएम ने कहा- पुलिस रिफॉर्म लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश, सात पुलिस कमिश्नरेट कर रहे काम   14 लाख से अधिक कैमरों से अपराध पर निगरानी, घटनाओं के खुलासे के साथ रोकथाम में भी मिल रही मदद   यूपी पुलिस को पहली बार कीर्ति चक्र, वीरगति को प्राप्त इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिवार का सम्मान   16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का बोलबाला था। समानांतर सरकारें चलती थीं। माफिया के सामने नाक रगड़ी जाती थी, घुटने टेके जाते थे और पुलिस मजबूर थी। राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो तो वह कानून-व्यवस्था को सीधा कैसे कर सकता है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई, वीर पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधारों को आगे बढ़ाया। प्रकाश सिंह ने जिस पुलिस रिफॉर्म की वकालत की थी, उसे उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे पहले लागू किया। प्रदेश में अब सात पुलिस कमिश्नरेट काम कर रहे हैं। आज यूपी पुलिस के सामने विचार, वीरता और तकनीक, तीनों का समन्वय दिखाई दे रहा है। ‘संघर्ष’ के माध्यम से पुलिस सेवा के अनुभव और चुनौतियां सामने आई हैं तो जांबाजों की वीरता का सम्मान हुआ है और सड़क सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन पुलिस बल को समर्पित किए गए हैं। बंद कमरे में बैठकर टिप्पणी करना बेहद आसान मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी के प्रति कोई भी टिप्पणी करना आसान है। कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो और उसे अपने पद का कितना भी गुरूर हो, सुरक्षा हटा दी जाए तो अराजकता के माहौल में उसे भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगेगी। स्वस्थ चिंतन तभी संभव है, जब समाज में सुरक्षा का वातावरण हो। सुरक्षित माहौल में ही समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ इसी भावना को व्यक्त करती है। जब तराई क्षेत्र आतंकवाद की चपेट में था, तब पुलिस व सेना की सुरक्षा में ही आवागमन संभव था। सूर्यास्त के बाद आवाजाही लगभग बंद हो जाती थी। उस समय डीजीपी के रूप में प्रकाश सिंह ने इन चुनौतियों का सामना किया।  पुलिस सुधारों के लिए प्रकाश सिंह को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। उत्तर प्रदेश ने पुलिस सुधारों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विचार तभी सार्थक, जब व्यवहार में उतरें मुख्यमंत्री ने कहा कि वैचारिकी केवल शब्द या आलेख नहीं होती, बल्कि वह व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों को भी समाहित करती है। प्रकाश सिंह ने अपने सेवाकाल में पग-पग पर इन चुनौतियों का सामना किया और अपनी पूरी सेवा को कुशलतापूर्वक पूरा किया। लंबे समय तक विभिन्न संस्थानों में व्याख्यानों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने वाली उनकी वैचारिकी अब पुस्तक के रूप में सामने आई है। आचार और विचार में जब समन्वय होता है और दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी परिणाम सामने आता है। 2017 से पहले कानून-व्यवस्था थी बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ‘यूपी वाला’ कहकर लोगों को बाहर कर दिया जाता था। पुलिस के सामने भी बड़ी चुनौतियां थीं। राजनीतिक नेतृत्व में स्वयं निर्णय लेने की सामर्थ्य नहीं हो तो कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना कठिन होता है। तब पुलिस सुधार और अवस्थापना सुविधाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं थी। एक वर्ष में करीब छह हजार पुलिस कार्मिकों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। पुलिसकर्मियों को टूटे भवनों में रहना पड़ता था। पीएसी की वाहिनियां समाप्त कर दी गई थीं। कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर समेत कई स्थानों पर दंगों के चलते लंबे समय तक कर्फ्यू लगा। इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश को बीमारू कहा जाने लगा। अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियां खड़ी थीं। 2017 के बाद इन परिस्थितियों को बदलते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया गया। तकनीक बनी आधुनिक पुलिसिंग का आधार सीएम योगी ने कहा कि पुलिस सुधारों के साथ तकनीक का समावेश भी आवश्यक है। सेफ सिटी के लक्ष्य के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे घटनाओं की रोकथाम और उनके अनावरण में भूमिका निभा रहे हैं। जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। विचार और व्यवहार के साथ जब तकनीक जुड़ती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। आज यूपी पुलिस की पहचान में यह बदलाव दिखाई देता है। सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ से जुड़े जांबाज इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने उनकी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है और यूपी पुलिस को पहली बार यह गौरव प्राप्त हुआ है। सुनील कुमार सिंह ने 22 जनवरी, 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया था। इस दौरान वह अपराधियों की गोलियों से गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनका बलिदान हुआ। मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी एवं परिवार के सदस्यों को सम्मानित करते हुए उनकी स्मृति को नमन किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 चार-पहिया और 62 दो-पहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

यूपी पुलिस के बेड़े में शामिल हुए 87 नए इंटरसेप्टर वाहन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 चार-पहिया और 62 दो-पहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना   प्रदेश में अब 35 चार-पहिया और 137 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहन, यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई   आठ माह में सड़क दुर्घटनाओं में सात और मृतकों की संख्या में आठ प्रतिशत की कमी   75 जिलों के 700 सर्वाधिक दुर्घटना-बाहुल्य थाना क्षेत्रों में 801 विशेष टीमें कर रहीं निगरानी    लखनऊ  सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में गुरुवार को 87 नए इंटरसेप्टर वाहन शामिल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 चार-पहिया और 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही प्रदेश में इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़कर 172 हो गई है। इनमें 35 चार-पहिया और 137 दो-पहिया वाहन हैं।   नए इंटरसेप्टर वाहनों से तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और रैश ड्राइविंग जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई में मदद मिलेगी। इनमें स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, टिंट मीटर और डेसिबल मीटर जैसे उपकरण हैं। जरूरत पड़ने पर इन वाहनों का इस्तेमाल ट्रैफिक रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में भी किया जा सकेगा।   700 दुर्घटना-बाहुल्य थाना क्षेत्रों पर नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में शुरू की गई जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) योजना सभी 75 जिलों के 700 सर्वाधिक दुर्घटना-बाहुल्य थाना क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। इसके तहत 801 विशेष टीमों में करीब 3,500 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। ये टीमें क्रिटिकल कॉरिडोर और ब्लैक स्पॉट पर नियमित पेट्रोलिंग, निगरानी और यातायात नियमों का पालन करा रही हैं।   पिछले आठ माह में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब सात प्रतिशत और मृतकों की संख्या में करीब आठ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस अवधि में करीब 1,107 लोगों की जान बचाई गई।   109 मार्गों पर रियल टाइम निगरानी शहरों में जाम की समस्या से निपटने के लिए RTC योजना के तहत 20 प्रमुख जिलों के 109 मार्गों की UP GATI प्लेटफॉर्म से रियल टाइम निगरानी की जा रही है। रूट मार्शल और संबंधित विभाग जाम के कारणों की पहचान कर मौके पर कार्रवाई करते हैं। मार्च 2026 में इन मार्गों पर 16,723 कंजेशन पॉइंट दर्ज किए गए थे, जो अगस्त तक घटकर 8,569 रह गए। इस तरह करीब 49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।   कैमरों से निगरानी, नियम तोड़ने पर ई-चालान यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए ITMS और Safe City कैमरा नेटवर्क की भी मदद ली जा रही है। ANPR के साथ रेड लाइट और गति सीमा के उल्लंघन की पहचान करने वाले कैमरों तथा कमांड सेंटर की लाइव फीड से यातायात पर नजर रखी जाती है। जरूरत पड़ने पर जाम और भीड़ वाले इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी की जाती है। कैमरों और फील्ड टीमों से मिली जानकारी के आधार पर नियम तोड़ने वालों के ई-चालान के साथ मौके पर भी कार्रवाई की जा रही है।

मोहाली में फैक्टरी के पास भड़की आग, सूखी झाड़ियों ने पकड़ी लपटें

मोहाली. फेज-5 में किसान मंडी के पास गुरुवार सुबह करीब सात बजे सूखी झाड़ियों और कचरे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुएं का गुबार आसपास फैल गया। आग की लपटों के पास ही स्वराज ट्रैक्टर फैक्टरी स्थित होने के कारण बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया था। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर अफसर लखविंदर सिंह ने बताया कि यदि हवा का रुख फैक्टरी की तरफ होता तो ट्रैक्टर फैक्टरी को नुकसान पहुंच सकता था। मौके पर पहुंचे सीनियर डिप्टी मेयर आर.पी. शर्मा ने आग बुझाने वाले कर्मचारियों को आवश्यक हिदायतें दीं।