samacharsecretary.com

Punjab Alert: बठिंडा रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई चौकसी

बठिंडा. बठिंडा में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आज एक ईमेल के जरिए रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसी ईमेल में चंडीगढ़ के एक कॉलेज को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने के बाद बठिंडा रेलवे स्टेशन पर पुलिस तैनात कर दी गई है और यात्रियों की चेकिंग भी की जा रही है। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि चेकिंग उस स्तर की नहीं है, जैसी गंभीर धमकी के बाद होनी चाहिए। इससे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी बठिंडा के डाकघर और श्री मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों के चलते प्रशासन की तैयारियों और कार्रवाई पर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Forest Protection Model: उदंती सीतानदी में 750 जल स्रोतों के साथ ‘फायर-वॉटर’ रणनीति, आग पर काबू

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने अपने सभी 143 फॉरेस्ट बीट में समर्पित ‘फायर वॉचर्स’ और ‘वॉटर वॉचर्स’ की टीमों को तैनात कर वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। ये प्रयास रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्रों में स्थित लगभग 120 गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गर्मी की चुनौतियां और रणनीति गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग और पानी के स्रोतों के सूखने के कारण अक्सर भालू, तेंदुए, लकड़बग्घे और हाथी जैसे जंगली जानवर मानवीय बस्तियों की ओर पलायन करते हैं। इससे संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए USTR ने एक सक्रिय और एकीकृत रणनीति अपनाई है। फायर वॉचर्स टीम: यह टीम नियमित पैदल गश्त करती है और जंगल की आग का पता लगाने व उसे रोकने के लिए थर्मल ड्रोन निगरानी का उपयोग करती है। इनकी सतर्कता के कारण आग लगाने के आरोप में 23 व्यक्तियों को पकड़ा गया है, जिससे आग लगने की घटनाओं में भारी कमी आई है। वॉटर वॉचर्स टीम: जंगली जानवरों के लिए जंगल के भीतर ही पानी सुनिश्चित करने व्यापक प्रयास किए गए हैं। आंतरिक वन क्षेत्रों में 750 से अधिक छोटे जल स्रोत, जिन्हें स्थानीय रूप से “झिरिया” कहा जाता है, बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 26 सौर-संचालित पंप स्थापित किए गए हैं। पानी के इस विस्तृत नेटवर्क के कारण वन्यजीव जंगल की सीमाओं के भीतर ही रहते हैं। अवैध शिकार पर लगाम और तकनीक का उपयोग ये उपाय अवैध शिकार को रोकने में भी सहायक हैं, क्योंकि शिकारी अक्सर गर्मियों में सीमित जल स्रोतों को निशाना बनाते हैं। USTR की एंटी-पोचिंग टीम ने अंतर-राज्यीय शिकार नेटवर्कों पर कार्रवाई कर रिजर्व में सुरक्षा का माहौल बढ़ाया है। साथ ही सूखते जल स्रोतों और आग की आशंका वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए सैटेलाइट-आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया जा रहा है। उल्लेखनीय परिणाम इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, USTR में पिछले तीन गर्मी के मौसमों के दौरान शून्य (जीरो) मानव या वन्यजीव हताहत दर्ज किए गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में स्थानीय समुदायों द्वारा महुआ, साल बीज, चिरौंजी और तेंदू पत्ता जैसे लघु वनोपज का संग्रहण किया जाता है। USTR का यह एकीकृत दृष्टिकोण पारिस्थितिक संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का एक आदर्श मॉडल है, जो दर्शाता है कि कैसे लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से संवेदनशील वन क्षेत्रों में संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में हुआ प्लेन क्रैश, पहाड़ी से टकराने के बाद आग की लपटें, पायलट-को-पायलट की मौत की आशंका

जशपुर  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के आरा पहाड़ से एक प्राइवेट विमान के टकराने की सूचना है। दरअसल, यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के टकराते ही पहाड़ के हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते चारों ओर धुएं का काला गुबार छा गया।इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ से टकराते ही विमान बना आग का गोला जशपुर-नारायणपुर क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ है, जहां अनियंत्रित होकर विमान सीधे पहाड़ के सीने से जा टकराया। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जिसमें आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए हैं। SSP लाल उमेंद खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं।पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में जुट गई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे के पास पहुंचने की कोशिश की जा रही है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। हताहतों की संख्या पर सस्पेंस बरकरार गौरतलब है कि अभी तक विमान में सवार कुल लोगों की संख्या या इस हादसे में जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग पर काबू पाने और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जांच के बाद खुलेगा राज बता दें कि यह विमान किसका था और इसने कहां से उड़ान भरी थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और घायलों को निकालने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर तैनात है।

Raipur Update: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ की रखी नींव

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कुराली में ड्रग्स व ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार का आयोजन

मोहाली ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, हरमनदीप सिंह हंस, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जिला SAS नगर और नवनीत सिंह महल, सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक की गाइडलाइन के अनुसार, करनैल सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक ने खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुराली (तहसील खरड़, जिला SAS नगर) में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार के दौरान, करनैल सिंह ने अपील की कि पंजाब सरकार के “ड्रग्स के खिलाफ जंग” अभियान के तहत हर नागरिक की भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी ड्रग ट्रैफिकिंग या ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत WhatsApp नंबर 9779100200 पर बता सकते हैं या पुलिस हेल्पलाइन 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकते हैं, ताकि ड्रग तस्करों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके और नशे के आदी लोगों का इलाज किया जा सके। उन्होंने लोगों को ड्रग्स के भयानक नुकसान के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया और कहा कि लापरवाही से गाड़ी चलाने से जान-माल का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अगर 18 साल से कम उम्र के बच्चे गाड़ी चलाते हैं, तो माता-पिता को 3 साल तक की जेल और 25,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, नाबालिग को गाड़ी देने वाले को भी इसी तरह की सज़ा हो सकती है। इस मौके पर गाड़ी चलाने वालों को सरकार की “गुड सेमेरिटन” स्कीम के बारे में भी बताया गया। बताया गया कि “फरिश्ते स्कीम” के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को 2000 रुपये का इनाम दिया जाता है। करनैल सिंह ने स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स में शामिल होने के लिए मोटिवेट किया और उनसे अपील की कि वे अपने परिवार वालों को भी ड्रग्स से दूर रहने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने और तेज़ रफ़्तार से गाड़ी न चलाने के लिए जागरूक करें। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल करमजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज ASI जगत सिंह, ASI यशपाल सिंह, ASI दविंदर सिंह, हवलदार दविंदर सिंह और स्कूल का दूसरा स्टाफ मौजूद था।

नेशनल फायर सर्विसेज वीक के 82वें संस्करण का समापन, अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित किए गए कर्मी

बटाला लोकल फायर ब्रिगेड ने भारत सरकार, पंजाब सरकार और कमिश्नर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डायरेक्शन में और स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चले “82वें नेशनल फायर सर्विसेज वीक” के खत्म होने पर आज “फीस्ट ऑफ ऑनर” ऑर्गनाइज़ किया। इस मौके पर चीफ गेस्ट असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गेस्ट सुपरिंटेंडेंट राजू, सैनिटरी इंस्पेक्टर विकास, सुपरिंटेंडेंट पलविंदर मिंग, हेड ड्राफ्ट्समैन अजैब सिंह, बिल्डिंग इंचार्ज धीरज कुमार (सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से) के साथ फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और फायर ब्रिगेड और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्टाफ मौजूद थे। इस मौके पर फायर ऑफिसर राकेश शर्मा ने क्लोजिंग सेरेमनी में मौजूद सभी का स्वागत किया और बताया कि इस साल की थीम, “सेफ स्कूल, सेफ हॉस्पिटल और फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक समाज, बुरी आग की घटनाओं को रोकना” के अनुसार, इसकी शुरुआत एक श्रद्धांजलि समारोह से हुई और बाद में स्कूलों, फैक्ट्रियों, प्लांट्स, घरों, प्रिंट मीडिया के जरिए इलाके के लोगों को जागरूक किया गया। बाद में असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा और सुपरिंटेंडेंट पलविंदर सिंह ने तारीफ करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस साल भी फायर ब्रिगेड बटाला पूरे पंजाब में नंबर वन रहा, जिसने पूरे हफ्ते जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बटाला शहर के आसपास आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें फायर ब्रिगेड के जवानों ने बड़ी हिम्मत, मेहनत और समझदारी से जान-माल के नुकसान को कम किया। इस दौरान कई कीमती जानें बचाईं, और लोगों से अपनी सेफ्टी के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की। ​​आए हुए मेहमानों को यादगार तोहफे दिए गए।  

Census Update: घर के हर कोने पर नजर, गाड़ियों तक का हिसाब मांगेगी जनगणना टीम

अररिया. जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इस बार की जनगणना पहले से ज्यादा आधुनिक और डिजिटल होगी। इसके लिए सिकटी में 16 से 24 अप्रैल तक जनगणना करने वाले प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रखंड स्तरीय चयनित तीन केंद्रों पर 6 मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण जारी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अनुसार प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे, जिनके आधार पर देश और राज्य की विकास योजनाओं की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार लोग खुद भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक स्व-गणना का विकल्प दिया गया है, जबकि दो मई से 31 मई तक प्रगणक हर घर पहुंचकर जानकारी जुटाएंगे। घर की कहानी भी, परिवार की जुबानी भी इस जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती ही नहीं होगी, बल्कि घर की पूरी कहानी दर्ज की जाएगी। मकान की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री के बने हैं, घर खुद का है या किराये का, कितने कमरे हैं, ऐसी बारीक जानकारी भी ली जाएगी। पानी कहां से आता है, शौचालय है या नहीं, किस तरह का है, खाना किस ईंधन से बनता है- एलपीजी, लकड़ी या अन्य साधन – ये सभी सवाल पूछे जाएंगे। यहां तक कि घर में स्नानघर और रसोईघर की उपलब्धता भी दर्ज की जाएगी। मोबाइल, इंटरनेट और गाड़ियों का भी होगा हिसाब डिजिटल दौर को देखते हुए इस बार घर में उपलब्ध सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा लिया जाएगा। टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, बाइक या कार जैसी चीजों की जानकारी भी प्रगणक जुटाएंगे। एक मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जो सिर्फ जनगणना कार्य के लिए उपयोग होगा। परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, जाति, परिवार के सदस्यों की संख्या और घर में रहने वाले विवाहित परिवारों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इससे सरकार को समाज की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिलेगी। सही जवाब देना है जरूरी: अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी 33 सवालों का सही उत्तर देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर कार्रवाई भी संभव है। क्यों है यह जनगणना खास? विशेषज्ञों के अनुसार, इस जनगणना से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यही आंकड़े आने वाले वर्षों की नीतियों की दिशा तय करेंगे।

Punjab Mandi Update: मंत्री कटारूचक ने जांची गेहूं खरीद व्यवस्था, किसानों के भुगतान पर दिया भरोसा

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक इन दिनों प्रदेश की अनाज मंडियों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत वे आज फतेहगढ़ साहिब जिले की सरहिंद अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने गेहूं की खरीद के लिए किए गए सरकारी प्रबंधों का निरीक्षण किया और किसानों व अधिकारियों से बातचीत की। मंत्री कटारूचक ने बताया कि इस बार पंजाब सरकार ने 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने ताजा आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा अब तक राज्य की मंडियों में लगभग 39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है।इसमें से करीब 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी की जा चुकी है। किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है और अब तक 1818 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बारदाने की कमी और गुणवत्ता पर स्पष्टीकरण मंडियों में पुराने या खराब बारदाने (बोरियों) की शिकायतों पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण नए बारदाने की आपूर्ति में कुछ कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी वजह से कुछ स्थानों पर पुराने बारदाने का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से मानकों के अनुरूप है। उन्होंने दाव किया कि कहीं भी घटिया गुणवत्ता वाला बारदाना नहीं भेजा गया है। मंत्री लाल चंद कटारूचक ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि खरीद सीजन सुचारू रूप से चल रहा है और मंडियों में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है और किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।

Supreme Court Hearing: जग्गी मर्डर केस में अमित जोगी की सभी याचिकाएं एक साथ, 23 अप्रैल तय तारीख

रायपुर/नई दिल्ली. रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं विचाराधीन रहीं, जिनमें एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर रोक लगाने से संबंधित चैंबर में दाखिल की गई थी, जबकि दूसरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो नंबर बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया और आगे की संयुक्त सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत इस स्तर पर नहीं दी जाएगी और संबंधित आवेदन पर निर्णय चैंबर जज द्वारा किया जाएगा। इस दौरान मृतक रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने पक्ष रखा। बेंच ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत रखने का निर्देश दिया। अमित जोगी का बयान सुनवाई के बाद अमित जोगी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनके दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। इसमें दिनांक 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के विरुद्ध दायर एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध वैधानिक अपील शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी। अमित जोगी ने यह भी बताया कि सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी कानूनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

BJP का बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर सड़क पर उतरी पार्टी; CM ने विपक्ष को नारी अपमान याद दिलाया

भोपाल   लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। अब इसकी गूंज सड़कों तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की। भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई पदयात्रा रोशनपुरा चौराहे की ओर बढ़ी। इसमें छह विशेष रथ भी शामिल किए गए थे। महिलाओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पद यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने काले गुब्बारे उड़ाकर इसका समापन किया। इससे पहले हुई सभा में मुख्यमंत्री यादव ने कहा- नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकार का बिल गिरने पर खुशियां मनाईं। जश्न मनाया। हम बहनों के अधिकार को कुचलने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा- प्रियंका गांधी बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वह बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब आपने बहनों के अधिकारों को फांसी देने का काम किया। राहुल गांधी के पिताजी ने भी 40 साल पहले तीन तलाक लागू कर बहनों के अधिकारों पर डाका डाला था। यही कांग्रेस का अतीत है।     बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- जब मौका लगे, तब बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। कांग्रेस के नेताओं से पूछे कि बहनों को अपमानित करने का अधिकार आपको किसने दिया? कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, जिस मां ने आपको जन्म दिया, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया?     बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा- कांग्रेस के नेताओं ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिराकर जश्न मनाया, यह महिलाओं के अपमान का प्रतीक था। मातृ शक्ति इस अपमान का जवाब देगी। अब याचना नहीं, रण होगा।     पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, अपनी बेटी अंजलि सिंह के साथ जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल हुई। उन्होंने कहा- आजादी के इतने सालों बाद भी हमें अपने हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। राहुल गांधी को शर्म आना चाहिए कि उन्होंने बहनों का साथ नहीं दिया।     मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा- कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को हक देने का विरोध किया है। हम सड़कों पर उतरकर उसका विरोध कर रहे हैं।     सागर लोकसभा सीट से सांसद लता वानखेड़े ने कहा- ये केवल बिल नहीं, बल्कि महिलाओं के पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया। विपक्ष को महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं, जो मंच पर महिलाओं की बात करके बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। लेकिन इनकी सोच है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा रहें। तालियां बजाएं, नेतृत्व न करें। क्या है पूरा मामला? 17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव था। लेकिन इसे पास कराने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिल पाया। इसी के विरोध में भाजपा ने इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने की रणनीति शुरू कर दी है। भाजपा का आरोप – महिलाओं के अधिकारों पर चोट प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर महिलाओं के सपनों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम हो रहा था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि अब यह सवाल घर-घर तक पहुंचाया जाएगा कि महिलाओं के अधिकारों को रोकने का जिम्मेदार कौन है। सीएम मोहन यादव का सख्त संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की है। उन्होंने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिलाओं के अधिकारों के लिए सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन बहुमत नहीं मिल सका। सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश की आधी आबादी के अधिकारों का सम्मान नहीं किया। सच सामने लाया जाएगा – भाजपा नेता कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। नगरीय निकायों में निंदा प्रस्ताव पारित कराने और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही गई। नेताओं ने कहा कि विपक्ष के खिलाफ जनता के बीच जाकर सच सामने लाया जाएगा। महिला मोर्चा का ऐलान – अब याचना नहीं, रण होगा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विधेयक गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है और अब देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी। आंदोलन को देशभर में ले जाने की तैयारी भाजपा महिला मोर्चा इस पदयात्रा को एक बड़े आंदोलन की शुरुआत मान रही है। नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इसे प्रदेश से बाहर देशभर में ले जाया जाएगा, ताकि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।