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फसल नुकसान पर सरकार एक्टिव: पंजाब के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर ने आग प्रभावित खेतों का किया निरीक्षण

जंडियाला गुरु/अमृतसर. राज्य के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO मेहता और उदोनंगल गांव पहुंचे और कल आग से 16 एकड़ गेहूं की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर किसानों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रभावित किसानों के साथ है और इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्द नुकसान का मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान किसानों और आम लोगों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं और सरकार राहत देने में देर नहीं करेगी। कैबिनेट मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO ने कहा कि उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि मेहता चौक पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी रहेगी ताकि ऐसी किसी भी अनहोनी पर तुरंत काबू पाया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह बढ़ाते है समाज में समरसता

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह समाज में समरसता और अपनत्व की भावना बढ़ाते है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक संस्कार एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि अक्षय मूल्यों और अक्षय संस्कारों की स्थापना हैं। विवाह संस्कार दो परिवार को जोड़ने का प्रसंग होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नगर निगम द्वारा क्षिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला मैदान पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अक्षय तृतीया के पवित्र दिवस पर बाबा महाकाल और माँ हर सिद्धि की कृपा से 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर धर्म का सबसे अनूठा संगम हो रहा है। एक ओर बेटियों का कन्यादान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार जितना सरल, संस्कारित और सामाजिक सहयोग से होगा, उतना ही समाज संतुलित और मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा भी बेटे का विवाह 4 माह पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया गया था। 867 करोड़ की सहायता से एक लाख 57 हजार 769 विवाह संपन्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना वरदान बन गई है। "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" के अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है। इसके लिये लगभग 867 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उज्जैन में "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में कुल 641 जोड़ों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, जिसमें 3 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को श्रद्धालुओं का अनुभव आध्यात्मिक और सुविधापूर्वक बनाने के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए से हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण, 13.30 करोड़ रुपए की लागत से महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का कार्य,4.55 करोड़ रुपए से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन का कार्य,1.11 करोड़ रुपए से सोलह सागर के पुनर्जीवन का कार्य,1.59 करोड़ रुपए की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित करने का कार्य,7.73 करोड रुपए से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के संरक्षण और बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रुप में विकसित करने का कार्य, 8.55 करोड़ रुपए की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने के कार्यों का भूमि पूजन अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए मुरलीपुरा के पीछे सदावल में नवीन हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। साथ ही उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट का निर्माण भी हो रहा है। यह सब कार्य सिंहस्थ 2028 में आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव आध्यात्मिक और सुखद बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा अंतर्गत भोपाल से राजा राम की नगरी ओरछा और चंदेरी के लिए नवीन हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू की गई है। पीएम हेली पर्यटन सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्ड लाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबाई के हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग को 15 मीटर चौड़ा लागत राशि 21.08 करोड़ रूपये से किया जाएगा। हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग के चौडीकरण से रामघाट पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न तिथियों पर स्नान करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी एवं महाकालेश्वर की सवारी मार्ग का भी यह प्रमुख हिस्सा है। नीलगंगा सरोवर पुनर्जीवन एवं सौंदयीकरण अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹4.55 करोड़ से नीलगंगा सरोवर का वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन कर सरोवर की जल धारण क्षमता में वृ‌द्धि, जल गुणवत्ता में सुधार तथा दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सरोवर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नागरिक अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रासफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹1.11 करोड़ से सोलह सागर का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उन्नयन कर जल गुणवत्ता में सुधार, पारिस्थितिक संतुलन की स्थापना तथा नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना। कालिदास उद्यान विकास कार्य कालिदास उद्यान उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी किनारे स्थित शहर का सबसे बडा प्राकृतिक एवं प्राचीन उद्यान है। राशि रु 1.59 करोड़ की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। विक्रम कीर्ति संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा विक्रम कीर्ति संग्रहालय को रुपए 8.55 करोड़ की लागत से एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। उक्त कार्य के अंतर्गत पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक मूर्तियों (कलाकृतियों) का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण तथा संग्रहालय के लिए, आधुनिक प्रदर्शनी डिस्प्ले एवं इंटीरियर विकास कार्य किया जाएगा। श्री. महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर 2500 मीटर लंबे शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य राशि रुपए 13.30 करोड़ की लागत से किया जाएगा। लागत राशि रुपए 7.73 करोड से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, महापौर टटवाल, पार्षदगण, संजय अग्रवाल ,ओम जैन ,नवदंपतियों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

महिला आरक्षण पर सियासत गरम: Vishnu Deo Sai का बड़ा बयान, ‘नारी शक्ति वंदन’ पर BJP आक्रामक

रायपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सरल भाषा में तर्कपूर्वक समझाया, लेकिन विपक्ष को 70 करोड़ महिलाओं का सम्मान नहीं करना था. आज उनका चेहरा सबके सामने उजागर हो चुका है. आने वाले समय में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत का हक दिलाकर रहेंगे. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कही. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर प्रेस वार्ता के जरिए भाजपा का पक्ष रखा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राचीन काल से नारियों का सम्मान हुआ है. हम लोग अपने देश में नारियों को दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी का अवतार मानते हैं. और उसी दिशा में उनका नेतृत्व सुनिश्चित करने का काम होने जा रहा था, लेकिन जिस तरह से इंडी गठबंधन ने, खासतौर से कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने जिस तरह से अधिनियम का विरोध किया. और अधिनियम को पास नहीं होने दिया, उससे देश की आधी आबादी के उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नारियों के विकास हुआ है. शौचालय निर्माण का काम, उज्ज्वला योजना में काम हुआ है. महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को राशि भेजने का काम हम कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस अग्रेजों की चाल चलती है. 3 दशकों से महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार जब इसको पास कराने की बात आती है, तो मुंह फेर लेते हैं. इस बार भी वही हुआ है. यह देश के 70 करोड़ माता-बहनों के साथ धोखा है. आने वाले समय में इंडी गठबंधन की इसका खामियाजा सहना पड़ेगा. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था. कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार का हनन किया. कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने बिल को पास होने नहीं दिया. महिला अधिकार की बात जब भी आई कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार के साथ गद्दारी की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की. समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने हमेशा महिलाओं को गाली देने का काम किया. बिल पास नहीं के बाद विपक्ष के लोगों ने तालियां बजाई और खुशियां मनाई, जबकि हमारे आंखों में आंसू थे. कांग्रेस के लोग चालबाज हैं. कांग्रेस ने बहुत बड़ा पाप किया है. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा.

रायपुर: उप मुख्यमंत्री साव ने मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ किया

रायपुर  प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूल और युवा कल्याण एवं  उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज  रविवार को कांकेर जिले के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। लोकार्पण पश्चात उन्होंने लाईब्रेरी का अवलोकन कर वहां अध्ययनरत युवाओं से संवाद किया तथा  उनसे अपने विद्यार्थी जीवन को साझा करते हुए कहा कि लगन से पढ़ाई करें, सरकार जो सुविधाएं उपलब्ध करा रहीं है, उसका लाभ उठाए और सफल होकर अपने देश-प्रदेश व क्षेत्र का नाम रौशन करें। देश के प्रति हमेशा निष्ठावान रहें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी। कुल 43 लाख रूपए की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त लाईब्रेरी में एक साथ 75 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंंगे।  इस मौके पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी विशेष रूप से उपस्थित थी। लाईब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार बच्चों के भविष्य को गढ़ने का कार्य किया जा रहा है। चाहे दिल्ली मे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना हो, अथवा प्रदेश में लाईब्रेरी व नालंदा परिसरों की स्थापना, विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समूचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कांकेर जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार बच्चों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, इसी कड़ी में आज मावा मोदोल लाईब्रेरी चारामा का शुभारंभ हो रहा है। पूरे क्षेत्र के बच्चे यहां अच्छे वातावरण में पढ़ाई कर अपना भविष्य गढ़ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों सहित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी युवाओं एवं उनके पालकों को अपनी शुभकामनाएं भी दी। समारोह को स्थानीय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। मावा मोदोल लाईब्रेरी में अच्छी तैयारी कर बच्चे अपना भविष्य संवार सकते हैं। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले के सभी 11 तहसील मुख्यालय में मावा मोदोल लाईब्रेरी की स्थापना की जाएगी, ताकि उस क्षेत्र के बच्चे लाईब्रेरी में पढ़ाई कर उच्च पदों पर आसीन हो सके। कांकेर जिले का यह छंटवा लाईब्रेरी है, इससे पूर्व कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोरर, दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ में मावा मोदोल निःशुल्क लाईब्रेरी संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, नगर पंचायत चारामा के अक्ष्यक्ष भुनेश्वर नाग, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, सीईओ जिला पंचायत हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद, महेश जैन, उमादेवी शर्मा सहित गणमान्य नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे ।

रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन

रायपुर.  बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। सामाजिक और आर्थिक उत्थान बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। औद्योगिक और खनिज विकास बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल  कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव

देवखोल-भालूमाड़ा में अवैध कोयला माफिया पर वार, ब्लास्टिंग से बंद होंगी 150 मीटर लंबी सुरंगें

रायपुर. कोरिया जिला में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन व्यापक कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची सेंट्रल प्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया और उन्हें ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स, जिसमें खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने बताया कि निरीक्षण के समय मौके पर कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इस कार्रवाई से एक दिन पहले, शनिवार को संयुक्त टीम ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में सघन अभियान चलाया था। इस दौरान अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया गया। साथ ही कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग लंबे समय से कोयला निकालने के लिए किया जा रहा था। अभियान के दौरान टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर न केवल कोयला बरामद किया था, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए थे।   रविवार को की गई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, स्थानीय पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।  अधिकारियों ने बताया कि वन एवं खनिज विभाग के साथ-साथ एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों को ब्लास्टिंग कर बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही क्षेत्र में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की भी बात कही गई है। इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा।

PM-सीएम की तस्वीरों का दुरुपयोग? Ambala में सोलर ऐड पर कंपनी पर केस दर्ज

अंबाला. सरकारी योजना के नाम पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निर्देश पर अंबाला कैंट के महेश नगर थाने में एक निजी कंपनी यूनाय एनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शिकायत के अनुसार कंपनी ने “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (2026-27)” के प्रचार में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने विज्ञापनों में खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त बताकर आम जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। इस विज्ञापन को आशीष गुलाटी ने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर किया है जिसकी प्रतिलिपि भी पुलिस को सौंपी गई है। मामले में प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 1950 के उल्लंघन का आर है। इस कानून के तहत प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम और तस्वीर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। विभागीय कानूनी राय के बाद स्पष्ट हुआ कि कंपनी की गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों ने थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। जांच में पुलिस अब कंपनी के मालिक तक पहुंचेगी महेश नगर थाने में 18 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कंपनी और उसके साझेदारों की भूमिका की जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों की छवि का गलत इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

UP में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: गन्ना समितियों में फ्री स्पेस देगी योगी सरकार

लखनऊ.  योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गन्ना समितियों में रोजगार के लिए निशुल्क स्थान देने का निर्णय लिया है। यह स्थान ‘आधी आबादी’ को प्रेरणा कैंटीन और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए दिया जाएगा। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने एमओयू साइन किया है। योगी सरकार की पहल से स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं को गन्ना समितियों के माध्यम से सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।  दो साल के लिए दिया जाएगा निशुल्क स्थान गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गन्ना समितियों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गन्ना सहकारी समितियां अपने परिसरों में उपलब्ध खाली या अतिरिक्त स्थान को महिला स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराएंगी। यह स्थान प्रेरणा कैंटीन चलाने और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि इन स्थानों के उपयोग के लिए शुरुआती दो वर्षों तक कोई किराया नहीं लिया जाएगा। दो साल की मोरेटोरियम अवधि के बाद स्वयं सहायता समूहों को केवल 50 प्रतिशत किराया ही देना होगा, जो जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार तय किया जाएगा।  डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर से हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों की कर सकेंगी बिक्री गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना समितियों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थान का स्वामित्व पूरी तरह संबंधित समिति के पास ही रहेगा। किसी भी परिस्थिति में इस स्थान का स्वामित्व स्वयं सहायता समूहों या किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। इससे सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रेरणा कैंटीन और डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर के माध्यम से महिलाएं अपने हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों को बेच सकेंगी। इनमें खाद्य पदार्थों के अलावा सोलर लैंप, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुएं शामिल हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी एक संगठित बाजार मिलेगा। इसके लिए विभाग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, विपणन और प्रचार-प्रसार में भी सहयोग देगा। महिलाओं को मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इसके अलावा जरूरत पर अतिरिक्त सहयोग भी प्रदान किया जाएगा ताकि गन्ना क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगा उत्पादन और खपत उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) को भी योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मिशन यह सुनिश्चित करेगा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कैंटीन संचालन, साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण का उचित प्रशिक्षण मिले। वहीं, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के साथ समन्वय भी किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी। इससे जहां एक ओर महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गन्ना समितियों की गतिविधियों में भी विविधता आएगी। स्थानीय स्तर पर उत्पादन और खपत बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।  

वनोपज से सशक्तिकरण: तेंदूपत्ता संग्रहण से 31,000 परिवारों को मिलेगा सहारा, तैयारियां पूरी

कोंडागांव. वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है। बस्तर में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, वन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बस्तर वृत्त को कुल 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलेगा. एक अरब से ज्यादा भुगतान की संभावना अगर मौसम अनुकूल रहा और लक्ष्य पूरा हुआ, तो इस साल संग्राहकों को 1 अरब रुपये से अधिक भुगतान होने की संभावना है, पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण संग्रहण कम हुआ था और लगभग 61 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया था, तेंदूपत्ता संग्रहण दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में हजारों आदिवासी परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, इस दौरान पूरा परिवार इस कार्य में जुटता है. संग्रहण की व्यवस्था संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 75 समितियां बनाई गई हैं और 1710 खरीदी केंद्र तैयार किए गए हैं, इससे संग्राहकों को आसानी से तेंदूपत्ता बेचने की सुविधा मिलेगी, राज्य सरकार द्वारा प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, इसके साथ बोनस भी दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों की आय और बढ़ती है. विभाग का बयान मुख्य वन संरक्षक आलोक तिवारी ने बताया कि, संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, उन्होंने कहा कि, संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है.

अमृतसर की MLA जीवनजोत का संदेश: ‘संविधान ने सबको बराबरी दी’, बाबा साहब को श्रद्धांजलि

अमृतसर. संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती को समर्पित एक खास कार्यक्रम अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 21, रोज़ एवेन्यू (रसूलपुर) में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस मौके पर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से MLA जीवनजोत कौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं और बाबासाहेब को सम्मान के फूल चढ़ाए। कार्यक्रम के दौरान इलाके के लोगों को संबोधित करते हुए MLA जीवनजोत कौर ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर ने देश को ऐसा संविधान दिया जिसने हर वर्ग को बराबर अधिकार दिए। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के दिखाए रास्ते पर चलना और शिक्षा के प्रसार के लिए काम करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यह इवेंट मेन रोड पर जोड़ा फाटक के पास हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में लोकल लोग और जाने-माने लोग शामिल हुए। ऑर्गनाइज़र ने आए हुए लोगों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर लोकल नेता और वार्ड नंबर 21 के रहने वाले लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद किया।