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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर.  भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया— हाई ट्रिगर एफिकेसी: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है। टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है। राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के  राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।

15 अप्रैल तक अकेले लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, उत्तर प्रदेश का अव्वल प्रदर्शन

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में चल रहे रुफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अभियान ने लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना दिया है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत लखनऊ में अब तक 87,000 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के किसी भी जिले में सबसे अधिक हैं। 15 अप्रैल तक लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। यह उपलब्धि लखनऊ को सोलर ऊर्जा अपनाने के मामले में देश का अग्रणी जिला बनाती है।  विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस के स्थान पर इंडक्शन कुकटॉप के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, बढ़ते बिजली बिल को नियंत्रित करने की इच्छा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों को तेजी से सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है। रूफटॉप सोलर सिस्टम उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी और सरल आवेदन प्रक्रिया इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इंस्टॉलेशन प्रक्रिया अधिक तेज और सुगम हो गई है। लखनऊ की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के अन्य शहर भी सोलर इंस्टॉलेशन में तेजी दिखा रहे हैं और राज्य देश के अग्रणी घरेलू रूफटॉप सोलर ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

इमिग्रेशन नियमों का असर: कनाडा में पंजाबी युवाओं की वापसी के आसार, नोटिस जारी

चंडीगढ़. कनाडा में लागू किए गए नए इमिग्रेशन कानून के बाद वहां रह रहे हजारों पंजाबी युवाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कनाडा में इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने नए C-12 बिल के पास होने के बाद करीब 30 हजार ऐसे लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जो वर्क परमिट खत्म होने के बाद शरणार्थी के तौर पर रह रहे थे। इनमें लगभग 9 हजार पंजाबी स्टूडेंट्स और वर्कर्स बताए जा रहे हैं, जिन पर अब डिपोर्टेशन की कार्रवाई की आशंका मंडरा रही है। यह कदम सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों को ही शरण देने के लिए उठाया गया है। इस फैसले के विरोध में पंजाबी स्टूडेंट्स समेत कई देशों के छात्रों ने विनिपेग में प्रदर्शन कर सरकार से राहत की मांग की। प्रदर्शन कारियों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कनाडा सरकार द्वारा लागू किए गए नए इमिग्रेशन नियमों को वर्ष 2025 से प्रभावी माना गया है। इस बदलाव के चलते वे विदेशी नागरिक भी कानून के दायरे में आ गए हैं, जो पहले से ही कनाडा में रहकर काम कर रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे पंजाबी स्टूडेंट्स शामिल हैं, जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट या शरण के आधार पर वहां काम करना शुरू किया था। नए नियमों के बाद इन स्टूडेंट्स की स्थिति असमंजस में पड़ गई है। शरण से जुड़ी प्रक्रिया सख्त होने के कारण भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के विरोध में भारतीय स्टूडेंट्स लगातार अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से उनका करियर और मेहनत दोनों खतरे में पड़ गए हैं। वहीं बता दें कि जिन शरणार्थियों को नोटिस जारी किया गया है उन्हें एक मौका दिया जाएगा ताकि वह उक्त नए कानून के तहत अपनी योग्यता साबित कर सकें। शरणार्थी को जिस दिन नोटिस पर लिखी तारीख मिलती है उसके 21 दिन के अंदर उन्हें अपना जवाब देना होगा। वहीं उन्हें सलाह दी जाती है कि किसी इमीग्रेशन वकील से सलाह-मशविरा करके ही जवाब दें। इस नए नियम के तहत कनाडा आने के एक साल के अंदर ही आवेदन करना होगा। अगर साल के बाद आवेदन किया जाता है तो उसे अयोग्य करार दिया जाएगा।

प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

रायपुर.  भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया। संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज अपने दमखम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच रही हैं, और संजू देवी इसका जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संजू जैसी प्रतिभाएं आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम और अधिक रोशन करेंगी तथा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने बेहतरीन खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को… और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।  साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे। जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।  संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है। लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया … Read more

तेज रफ्तार का कहर: सूरजपुर में नियंत्रण खोकर घर में घुसा वाहन, अधिकारी और पुलिसकर्मी जख्मी

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आज एसडीएम की कार दुर्घटना का शिकार हो गई. बाइक सवार को बचाने उनकी सरकारी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर में जा घुसी. हादसे में रामानुजनगर एडीएम अजय माडियम सहित दो आरक्षक और वहान चालक घायल हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक, एसडीएम अजय मडियम रामानुजनगर से सूरजपुर की ओर आ रहे थे. इसी दौरान देवनगर गांव में सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के लिए एसडीएम की कार अनियंत्रित हो गई और वाहन एक मकान में जा घुसी. गनीमत रही कि उस वक्त घर पर कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इस दुर्घटना में एसडीएम सहित अन्य लोगो को मामूली चोटें आई है. हादसे की सूचना पर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और अपनी वाहन से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया.  जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है.

बिहार में छापा, महाराष्ट्र बैंक डकैती के आरोपी को गिरफ्तार किया, दूसरा आरोपी भी पकड़ने का सुराग मिला

 सिंगरौली  सिंगरौली में स्थित महाराष्ट्र बैंक में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद ही एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, दूसरे आरोपी के झारखंड में छिपे होने की जानकारी मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग – अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से 14 लाख रुपए कैश और 70 लाख रुपए का सोना बरामद कर लिया है। पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। बिहार से धराया एक बदमाश आपको बता दें कि, डकैती की इस सनसनीखेज वारदात में कुल पांच बदमाश शामिल थे। इनमें से अब तक एक ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ सका है। बाकी चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। 10 विशेष टीमें तलाश में जुटीं घटना की गंभीरता को देखते हुए डजीपी कैलाश मकवाना और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में करीब 10 विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अलग-अलग राज्यों में जाकर आरोपियों की तलाश कर रही हैं। साथ ही, तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी आरोपियों के मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है। 50-50 हजार का इनाम घोषित पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान वारदात की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है। कट्टे की नोक पर की थी बैंक में डकैती गौरतलब है कि, बीते शुक्रवार की दोपहर नकाबपोश बदमाशों ने कट्टे की नोक पर बैंक में घुसकर डकैती को अंजाम दिया था। वारदात के दौरान बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी। घटना के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं व्यापारी और आमजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि, मामले का जल्द खुलासा कर सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। पुलिस बोली- आमलोग मदद के लिए आगे आएं बदमाश पिट्ठू बैग और एक बड़े थैले में सारा माल भरकर ले गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए। डीजीपी कैलाश मकवाना और रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वहीं, आम लोगों से बदमाशों को तलाशने में मदद करने की अपील भी की गई है। इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम आपको बता दें कि, शुक्रवार को सिंगरौली जिले के बैढन में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में पहले दो बदमाश घुसे। बदमाशों ने बंदूक लहराते हुए सबसे पहले बैंक कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को बंधक बनाया। इतने में बदमाशों के तीन अन्य साथी भी हथियार लहराते हुए बैंक में पहुंच गए। बंदूक के दम पर पूरे बैंक को हाईजेक कर बैंक कर्मचारी से कैश और लाकर की चाबी ले ली। 15 करोड़ रुपए आंकी जा रही डकैती की कीमत आरोप है कि, बैंक कर्मियों के विरोध करने पर बदमाशों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। इस दौरान बैंक में मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। डीजीपी ने बताया कि, दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी बैंक से करीब 6 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपए की डकैती करके फरार हुए हैं। बता जा रहा है कि, बैंक से लूटा गया पूरा सोना ग्राहकों का है, जिसे बैंक द्वारा गिरवी रखा गया था। सोने मौजूदा कीमत ही 15 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। पुलिस बोली- आमलोग मदद के लिए आगे आएं बदमाश पिट्ठू बैग और एक बड़े थैले में सारा माल भरकर ले गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए। डीजीपी कैलाश मकवाना और रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वहीं, आम लोगों से बदमाशों को तलाशने में मदद करने की अपील भी की गई है।

मध्यप्रदेश को साधना सप्ताह में अध‍िकतम पाठयक्रम पूरा करने पर मिला राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान

साधना सप्ताह में मप्र को अध‍िकतम पाठयक्रम पूरा करने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान राज्य में जनजातीय कार्य व‍िभाग प्रथम स्थान पर नये व‍िषयों, एआई आधार‍ित पाठयक्रमों में लोकसेवकों ने द‍िखाई व‍िशेष रूच‍ि भोपाल  भारत सरकार द्वारा म‍िशन कर्मयोगी के अंतर्गत लोक सेवकों के ल‍िए संचाल‍ित ऑनलाइन प्रश‍िक्षण एवं क्षमता न‍िर्माण के ल‍िये चलाये गये साधना सप्ताह में मध्यप्रदेश को आईगाट पोर्टल पर अध‍िकतम पाठयक्रम पूरा करने के ल‍िए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान म‍िला है। साधना सप्ताह गत दो अप्रैल से 10 अप्रैल तक चलाया गया था। राष्ट्रव्यापी साधना सप्ताह में व‍िभ‍िन्न पाठयक्रमों में पंजीयन करने वाले लोक सेवकों की संख्या 9 लाख 49 हजार 215 रही। एक घण्टे के कोर्स पूरा करने वाले प्रदेश के लोक सेवकों की संख्या 3 लाख 12 हजार 662 रही। चार घंटे के कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 2 लाख 25 हजार 700 और कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 1 लाख 85 हजार 562 रही। साधना सप्ताह के दौरान कर्मयोगी उत्कर्ष बैच 855 को म‍िला जबक‍ि 92,432 को एआई दक्ष बैच म‍िला। केन्द्रीय कार्म‍िक मंत्री डॉ. ज‍ितेन्द्र सिंह ने नई द‍िल्ली में गत द‍िवस गर‍िमापूर्ण समारोह में मप्र को सम्मान‍ित क‍िया। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के महान‍िदेशक सच‍िन स‍िन्हा ने पुरस्कार ग्रहण क‍िया। उन्होने व‍िभागों के लोक सेवकों को न‍िरंतर मार्गदर्शन द‍िया और व‍िभागों में न‍िरंतर समन्वय बनाये रखा। अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने बताया क‍ि अकादम‍िक स्टाफ और व‍िभागों के सहयोग से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान म‍िला है। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी को व‍िभागों के ल‍िए एआई आधार‍ित क्षमता न‍िर्माण कार्ययोजनाएं बनाने में उल्लेखनीय योगदान के ल‍िये पुरस्कृत क‍िया गया। राज्य स्तर पर जनजातीय कार्य व‍िभाग द्वारा 10 हजार से ज्यादा लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर व‍िजय शाह ने व‍िभाग के सभी अध‍िकार‍ियों-कर्मचार‍ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होने कहा क‍ि प्रश‍िक्षण एक न‍िरंतर प्रक्र‍िया है। लोकह‍ित के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के ल‍िए कार्यदक्षता अन‍िवार्य है। साधना सप्ताह में क्या हुआ साधना सप्‍ताह का उद्देश्य शासकीय सेवकों में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्‍यम से शासकीय तंत्र में सुदृढ़ता सुनिश्चित करना था। प्रशिक्षण की विभिन्‍न प्रणालियों को अपनाने और iGoT कर्मयोगी पर उपलब्‍ध पाठ्यक्रमों को पूरा करने के लिए लोक सेवकों को प्रेरित क‍िया गया। साधना सप्ताह का ढांचा तीन प्रमुख सूत्रों पर केंद्रित था — टेक्नोलॉजी, परंपरा और ठोस परिणाम। “साधना सप्ताह’’ के दौरान प्रत्‍येक अधिकारी/कर्मचारी को न्‍यूनतम 05 प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्‍य दिया गया था। प्रत्येक विभाग में 4 से 5 व्यक्तियों का समूह बनाया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष, स्थापना एवं तकनीकि शाखाओं से जुड़े अधिकारी थे। संभाग, जिला, विकास खंड एवं प्रत्येक कार्यालय प्रमुख के स्तर पर समूह बनाए गये। साधना सप्‍ताह अतंर्गत विभागों के शासकीय सेवकों/संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके पदों के अनुसार कम से कम 10 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आंवटित किए गए। कम से कम तीन एआई कोर्स पूर्ण करने पर “AI दक्ष बैज” दिया जा रहा है। डिजिटल प्रशिक्षण में आगे मध्यप्रदेश सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण iGOT पोर्टल पर कोर्स निर्मित करने वाला पहला राज्य बन गया है और सबसे अधिक लोकसेवकों को iGOT पोर्टल पर पंजीकृत करने वाला तीसरा राज्य है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा लोकसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनको नागरिक केन्द्र‍ित होकर कर्मयोगी के रूप में दक्षतापूर्वक अपनी भूमिका निभाने मिशन कर्मयोगी वर्ष 2020 में लागू किया गया था। यह ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से सरकारी अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी – कभी भी – किसी भी स्थान से अपनी सुविधानुसार स्व-प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। वे अपनी दक्षता और ज्ञान बढ़ाने अपने विभाग से संबंधित विषयों पर उपलब्ध पाठयक्रमों में प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। इसके अलावा अपनी रूचि अनुसार अन्य विभागों के लिए बने पाठयक्रमों में भी प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। एआई आधार‍ित क्षमता निर्माण कार्ययोजना में अग्रणी क्षमता निर्माण आयोग से मिले इनपुट को शामिल कर बनी क्षमता निर्माण नीति लागू करने में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। सभी विभागों में क्षमता निर्माण इकाइयाँ स्थापित हो गई हैं और प्रशिक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण करने के बाद कैडर-वार क्षमता निर्माण कार्य योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। विभागों में क्षमता निर्माण प्रबंधकों की सेवाएँ लेने का भी प्रावधान है। उन्हें क्षमता निर्माण इकाइयों द्वारा सहयोग दिया जायेगा। क्षमता निर्माण प्रबंधकों द्वारा वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की जाएंगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत मानव संसाधन की दक्षता दर्शाने वाला एक डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिससे माध्यम से मुख्यमंत्री कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता की स्थिति जान सकेंगे।  

अम्बिकापुर : भाषा के आधार पर भेदभाव करने वाले किड्स एकेडमी पर कार्रवाई, 1 लाख रुपये का जुर्माना

अम्बिकापुर : भाषा के आधार पर भेदभाव करने वाले किड्स एकेडमी पर कार्रवाई, 1 लाख रुपये का जुर्माना अम्बिकापुर    भाषा के आधार पर बालक को प्रवेश देने से इंकार करने के संबंध में सोशल मीडिया तथा विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से सामने आए मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर  अजीत वसंत ने तत्काल जांच के निर्देश दिए । कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण की विस्तृत जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ दिनेश कुमार झा ने आदेश जारी किया गया है, जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर द्वारा 04 वर्ष के एक मासूम बच्चे को विद्यालय में प्रवेश देने से इस आधार पर इंकार किया गया कि वह हिन्दी में बातें नहीं कर पाता तथा स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता है। संस्था द्वारा बच्चे के पिता से यह भी कहा गया कि इस विद्यालय में बड़े घर के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक बच्चे की बातें नहीं समझ पा रहे हैं, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता। इस प्रकार भाषा के आधार पर किसी बालक के साथ किया गया भेदभाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के विपरीत तथा पूर्णतः अनुचित एवं अस्वीकार्य पाया गया। इस संबंध में संस्था से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि संस्था बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रही थी तथा शाला प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा अपनी गलती स्वीकार की गई। प्राप्त शिकायत की जांच हेतु श्रीमती रूमी घोष, वरिष्ठ प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केदारपुर अम्बिकापुर की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा भी समाचारों में प्रसारित घटना की पुष्टि करते हुए संस्था के बिना मान्यता संचालन की जानकारी दी गई। उक्त कृत्य को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। अतः निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-18 (5) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर पर 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) का आर्थिक दण्ड अधिरोपित किया गया है तथा आगामी आदेश तक संस्था का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है कि अधिरोपित आर्थिक दण्ड शासन के खजाने में चालान के माध्यम से जमा कर उसकी प्रति प्रस्तुत की जाए। साथ ही विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर को निर्देश दिए गए हैं कि संस्था में अध्ययनरत बच्चों के पालकों से संपर्क कर उनके बच्चों को अन्य उपयुक्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

सीमावर्ती क्षेत्र में विकास की नई लहर: अमृतसर के अटारी में 121 सड़कों के कायाकल्प की शुरुआत

अमृतसर.  अटारी में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास का नया सवेरा हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्षेत्र की मुख्य और लिंक सड़कों को शानदार बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 57.80 करोड़ रुपये की लागत से 121 सड़कों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह सड़कें लगभग 137 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, जो न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेंगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की ऐतिहासिक अनदेखी का अंत परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अटारी जैसे सामरिक महत्व वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को दशकों तक विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। मान के अनुसार, पिछली सरकारों की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ और वे पलायन करने पर मजबूर हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर उस कोने तक विकास पहुँचाना है, जो लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं। नहरी पानी और कृषि विकास पर जोर विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा था, जो अब बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है। आगामी धान के सीजन तक इस आंकड़े को 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों की नलकूपों पर निर्भरता कम होगी और भूमिगत जल स्तर को बचाने में मदद मिलेगी। नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई सड़क निर्माण के अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य को नशामुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स की सप्लाई लाइन को पूरी तरह तोड़ दिया गया है और तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासकों ने अपने स्वार्थ के लिए नशे के व्यापार को संरक्षण दिया था, लेकिन वर्तमान प्रशासन पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। रोजगार और सरकारी सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं को योग्यता के आधार पर दी गई 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियों का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी विभागों में पद केवल सिफारिश पर नहीं बल्कि मेरिट के आधार पर भरे जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे के विकास, मुफ्त बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे कदमों के माध्यम से सरकार आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास कर रही है। अटारी की इन सड़कों के निर्माण से पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।  

अखिलेश यादव की चाय वाली दुकान पर रेड! खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद शटर डाउन

फतेपुर यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी है तभी से उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी दबंग गाली-गलौज करके मारपीट करते हैं तो भी अधिकारी आए दिन आकर परेशान करते हैं और कई तरह के सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार ने अब चाय की दुकान को बंद कर दिया है। वजह कुछ भी हो लेकिन चाय की दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी से सियासत गर्माने लगी है। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित एक चाय दुकान पर खाद्य विभाग ने छापेमारी की है। यह वही दुकान है जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीती 20 फरवरी को चाय पी थी। दुकानदार का आरोप है कि जब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी दुकान में चाय पी है। उसके बाद से उनके साथ चीजें ठीक नहीं हो रही है। 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चौकी चौराहा स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सपा प्रमुख को चाय पिलाने के चलते दुकानदार को निशाना बनाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। अफसरों ने दुकानदार के आरोपों को किया खारिज मामला सुर्खियों में आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का प्रावधान भी नहीं है। साथ ही उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था। बतादें कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। यहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के यहां आयोजित शादी कार्यक्रमो में हिस्सा लिया था। चौकी चौराहे से निकलते हुए चाय दुकान में चाय पी थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साक्षा की थी। दुकानदार ने बंद क चाय की दुकान, बेटे ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट खाद्य विभाग की छापेमारी से परेशान होकर दुकानदार ने चाय क दुकान को बंद कर दिया। इसके बाद उसके बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। जिसमें उसने कहा, मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद कर रहा हूं। मैं एक गरीब फैमिली से हूं। मैं आप सभी से यह कहना चाहता हूं कि जब से हमारी दुकान में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी ने चाय पी है तब से आए दिन दबंगों द्वरा हमारे साथ मारपीट, गाली-गलौज या फिर फूड सैंपल विभाग और अन्य विभाग के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से मैं सारे पत्रकार भाइयों एवं हमारे जिले के कप्तान अंकल को यह बताना चाहता हूं कि मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद रहा हूं क्यों मैं एक गरीब फैमिली से हूं जो कि हम लोग लड़ाई झगड़ा करने वाले लोगों में से नहीं है और न ही हम किसी से लड़ाई कर पाएंगे। हमें इतना ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हम अपना गांव घर दुकान सब छोड़कर जा रहे हैं। आप सभी को धन्यवाद।