samacharsecretary.com

योगी सरकार के विजन से आत्मनिर्भर बनी रमा रानी वर्मा, मुख्यमंत्री योजना से मिला 3.5 लाख का ऋण

योगी सरकार के विजन से आत्मनिर्भर बनी संत कबीर नगर की रमा रानी वर्मा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला 3.5 लाख का ऋण बी-टेक के बाद नौकरी नहीं, स्वरोजगार को चुना लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन योजनाओं को धरातल पर उतार आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का है। इसी विजन का सशक्त उदाहरण संत कबीर नगर जिले की रमा रानी वर्मा हैं, जिन्होंने “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान” के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वह नैना कॉस्मेटिक्स एंड आर्टिफिशियल ज्वेलरी मेकिंग नाम से एक  इकाई का संचालन कर रही हैं। इनका कहना है कि “योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न और नीति से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है”।  औद्योगिक नगर, मुखलिसपुर रोड, खलीलाबाद की रहने वाली रमा रानी वर्मा ने बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) किया है। पढ़ाई के बाद उनके सामने भी वही विकल्प थे जो आज अधिकतर युवाओं के सामने होते हैं, यानी नौकरी की तलाश। लेकिन उन्होंने पारंपरिक रास्ते पर चलने के बजाय खुद का रास्ता बनाने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि यदि सरकार का सहयोग मिले तो युवा स्वयं का रोजगार कर न केवल अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी अवसर पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली सरकार की ओर से शुरू किए गए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उनके इस सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इस अभियान के अंतर्गत रमा रानी वर्मा को 3.5 लाख रुपये का ऋण मिला। यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास और भरोसे की पूंजी थी, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।  सरकार से मिले इस सहयोग से उन्होंने संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद में कास्मेटिक और आर्टिफिशियल ज्वेलरी के निर्माण के साथ-साथ अपने दुकान के मध्य से उनकी बिक्री शुरू की है। विशेष बात यह है कि उनका यह पूरा कार्य स्थानीय स्तर पर और परिवार के सहयोग से किया जा रहा है। घर से शुरू हुआ यह उद्यम धीरे-धीरे व्यवस्थित स्वरूप लेता जा रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। रमा रानी वर्मा की यह यात्रा योगी सरकार के लोकल से ग्लोबल विजन को भी दर्शाती है। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन और रोजगार सृजन ही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। यह वही सोच है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार आगे बढ़ा रहे हैं ताकि प्रदेश का हर जिला आत्मनिर्भर बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जब प्रदेश का युवा सशक्त होगा तभी उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए सरल और पारदर्शी योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। रमा रानी वर्मा बताती हैं कि योजना की प्रक्रिया सरल रही और उन्हें समय पर ऋण प्राप्त हुआ। किसी प्रकार की अनावश्यक दिक्कत या भटकाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह सुशासन और पारदर्शिता योगी सरकार की पहचान बन चुकी है जहां लाभार्थी तक लाभ सीधे और प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। आज रमा रानी वर्मा न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य युवाओं खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। रमा रानी वर्मा की सफलता यह प्रमाणित करती है कि यदि मजबूत नेतृत्व वाली सरकार हो और नीतियां स्पष्ट हों तो आम परिवार की बेटी भी उद्यमिता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

राजनीति के गलियारों में हलचल: यूपी विधानसभा में एक लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य–शिवपाल यादव

लखनऊ  यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन के बाहर एक दिलचस्प सियासी संयोग देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव एक ही लिफ्ट में साथ जाते नजर आए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को विधानसभा में वंदेमातरम् पर विशेष चर्चा के दौरान कहा कि हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से काम कर रहे हैं। वंदेमातरम् आजादी के आंदोलन का महामंत्र है। देश के दुश्मनों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो, आपरेशन सिंदूर हो, यही वंदेमातरम है। सपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये जो विरोधी हैं, इनकी भी स्थिति एक ही गाड़ी में बैठकर जाने वाली हो जाएगी। वंदेमातरम विकसित भारत-विकसित यूपी का मंत्र विधानसभा में विशेष चर्चा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह देश की आजादी के आंदोलन में भाग लेने वाले महान क्रांतिकारियों को नमन करते हैं। जिन्होंने फांसी के फंदे को चूम लिया, उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग भारत माता की जय बोलते हैं, आजम का नाम लिए बिना बोले की एक सदस्य क्या बोलते थे, जो आज जेल में हैं। वंदेमातरम् सन्यासी विद्रोह की आग है, वंदेमातरम् भारत की शास्वत चेतना है, अंग्रेजों की पराधीनता से भारत को मुक्ति दिलाने का महामंत्र रहा है। वंदेमातरम् विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश का मंत्र होने वाला है। वंदेमातरम् का मतलब है, भारतमाता की जय। नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए, बिना भेदभाव सबका साथ- सबका विकास, हो रहा, यही वंदेमातरम् है। वंदे मातरम केवल गीत नहीं स्वतंत्रता का जयघोष है: शिवपाल वहीं सपा के वरिष्ठ विधायक शिवपाल यादव ने विधानसभा में संबोधन के दौरान वंदे मातरम् को लेकर कहा कि वह उस पवित्र उद्घोष को नमन करते हैं, जो केवल एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता का जयघोष है। शिवपाल यादव ने कहा कि वंदे मातरम् को बंकिमचंद्र ने अपने उपन्यास आनंद मठ में स्थान दिया था। उस दौर में जब बोलना भी विद्रोह माना जाता था, तब यह गीत आज़ादी का मशाल बनकर उभरा। उन्होंने कहा कि इस गीत में पूरे देश की आत्मा निहित है और इसे समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। यदि वंदे मातरम् को किसी संप्रदाय विशेष के रूप में देखा जाएगा, तो यह उसकी महिमा का अपमान होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि कोई सच में वंदे मातरम को मानता है, तो उसे समाज में समान व्यवहार भी अपनाना चाहिए। शिवपाल यादव ने सदन में विभाजनकारी बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब तक विधानसभा में इस तरह की बातें होंगी, वह उनका विरोध करते रहेंगे।

काग़ज़ों में मौत, हकीकत में ज़िंदगी: BHU में 12 साल बाद सामने आया हैरान करने वाला मामला

वाराणसी  बीएचयू में एक जीवित कर्मचारी के परिवार को पांच साल से ज्यादा समय तक पेंशन देने का प्रकरण सामने आया है। इसकी जानकारी भी तब हुई, जब कर्मचारी रमाशंकर राम की तरफ से कुलसचिव कार्यालय में शिकायत की गई। कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन को आननफानन में रोकने के आदेश दिए गए। प्रशासन अब इस प्रकरण पर आगे की कार्यवाही की तैयारी कर रहा है। प्रकरण के मुताबिक एबी हॉस्टल कमच्छा में वरिष्ठ सहायक के रूप में कार्यरत रमाशंकर राम सामान्य प्रशासन में टाइपिस्ट और वित्त विभाग में कैशबुक में काम कर चुके थे। 2013 में रमाशंकर राम अचानक कहीं लापता हो गए। परिवार की तरफ से 19 मई 2013 को लंका थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सात साल के इंतजार के बाद बीएचयू की तरफ से कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन शुरू कर दी गई। इस बीच नवंबर-2025 में अचानक कर्मचारी रमाशंकर राम लौट आए। कर्मचारी का कहना है कि 2007 के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया था। इतने वर्ष वह कहां रहे इस संबंध में उन्हें कुछ याद नहीं। स्वास्थ्य सुधरा तो धीरे-धीरे याददाश्त लौटी और उन्हें पता चला कि उनकी पेंशन परिवार को दी जा रही है। उन्होंने बीएचयू के कुलसचिव कार्यालय में 7 नवंबर और 25 नवंबर को पत्र देकर अपनी दावेदारी का प्रमाण दिया। साथ ही पारिवारिक पेंशन बंद कर रिकवरी की मांग की। यह अजीबोगरीब प्रकरण सामने आने के बाद बीएचयू के सेवा पुस्तिका एवं निवृत्तिका अनुभाग की तरफ से 29 नवंबर को पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया है। हालांकि बीएचयू प्रशासन अब कर्मचारी के जीवित होने का प्रमाण खोज रहा है। सात साल तक प्रतीक्षा का प्रावधान कर्मचारी की गुमशुदगी और पेंशन संबंधी नियम पर पेंशन अनुभाग के एक अधिकारी ने बताया कि किसी कर्मचारी की गुमशुदगी पर नियमानुसार सात सात तक उसकी प्रतीक्षा की जाती है। इस अवधि के बाद पुलिस की रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश पर उसे मृत मानते हुए परिवार की पेंशन शुरू की जाती है। लंबे समय तक गुमशुदा कर्मचारी को सेवानिवृत्ति देने का भी नियम है। रमाशंकर राम के प्रकरण में भी पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।  

सीएम के मार्गदर्शन में ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ और ‘राहवीर’ योजनाएं प्रदेश में सड़क सुरक्षा को दे रही नया आयाम

यूपी में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की नई पहल, 'सड़क सुरक्षा मित्र' और 'राहवीर' योजनाओं का विस्तार सीएम के मार्गदर्शन में 'सड़क सुरक्षा मित्र' और 'राहवीर' योजनाएं प्रदेश में सड़क सुरक्षा को दे रही नया आयाम सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 28 जनपदों के लिए 14 लाख का बजट आवंटित गोल्डन आवर में दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीर को मिलता है 25,000 का इनाम, यूपी में 5 राहवीर का चयन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'सड़क सुरक्षा मित्र' कार्यक्रम और 'राहवीर' योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएम के निर्देश के बाद इन दोनों योजनाओं के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में सक्रियता बढ़ाई गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं में सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाना और दुर्घटना पीड़ितों की त्वरित सहायता और चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित करना है। जिससे एक ओर तो रोड एक्सीडेंट के मामलों में प्रभावी कमी लाई जा सके, दूसरी ओर दुर्घटना की स्थिति में मौत की संख्या को कम करना है। राज्य सरकार ने इनकी निगरानी के लिए जिला सड़क सुरक्षा समितियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके माध्यम से सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। प्रदेश के 28 जनपदों में सक्रिय है सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम केंद्र सरकार का 'सड़क सुरक्षा मित्र' कार्यक्रम वर्तमान में प्रदेश के 28 जनपदों में सक्रिय है, यह योजना युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियानों में सक्रिय भागीदार बनाने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के तहत यूपी में अब तक 423 युवा स्वयंसेवकों ने 'माय भारत' पोर्टल पर पंजीकरण कराया है और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसके तहत राज्य लोक सेवा फाउंडेशन ने गौतम बुद्ध नगर, नोएडा में पहला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था। जिसमें स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा नियमों, दुर्घटना प्रबंधन और जागरूकता अभियानों की ट्रेनिंग दी गई। इस कार्यक्रम के लिए 14 लाख रुपये का बजट अनुमोदित किया गया है, जिसमें सभी 28 जनपदों के लिए 50,000 रुपये का प्रावधान है। यह धनराशि सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता और क्षेत्रीय गतिविधियों के लिए उपयोग की जाएगी। सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम के सफल संचालन से प्रदेश में न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि युवाओं में जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का भी विकास होगा। बस्ती, कौशांबी, सीतापुर, अलीगढ़ और कासगंज से चुने जा चुके हैं 5 राहवीर 'राहवीर' योजना सड़क दुर्घटनाओं के गोल्डन आवर, दुर्घटना के पहले एक घंटे में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर फोकस करती है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह योजना आम नागरिकों को प्रेरित करती है कि वे दुर्घटना पीड़ितों की तत्काल सहायता प्रदान करें। योजना के तहत, जो राहवीर पीड़ित को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाता है, उसे 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसका उद्देश्य रोड एक्सीडेंट के मामलों में मौत की संख्या में कमी लाना है। प्रत्येक जनपद में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यूपी में इस योजना के तहत अब तक पांच 'राहवीर' चुने जा चुके हैं जो जनपद बस्ती, कौशांबी, सीतापुर, अलीगढ़ और कासगंज से संबंधित हैं। ये योजनाएं उत्तर प्रदेश जैसे सबसे ज्यादा हाईवे और विशाल रोड नेटवर्क वाले राज्य में सड़क सुरक्षा को नया आयाम दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य परिवहन विभाग ने आगामी महीनों में और अधिक प्रशिक्षण शिविरों की योजना तैयार की है। साथ ही नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं से अपील है कि वे इन योजनाओं में सक्रिय रूप से भागीदारी करें और प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाने में योगदान दें।

चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी ने किसानों, एफपीओ, कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित  चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने पांच किसानों को दी ट्रैक्टर की चाबी, झंडी दिखाकर 25 ट्रैक्टरों को किया रवाना  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबी भी दी। साथ ही 25 ट्रैक्टरों को झंडी दिखाकर रवाना किया।  सीएम योगी के हाथों इन किसानों को मिली ट्रैक्टर की चाबी  सीएम योगी आदित्यनाथ ने जालौन की प्रवेशिका, शाहजहांपुर से उधम सिंह, फतेहपुर से मुकेश, मुजफ्फरनगर से श्रीपाल, लखीमपुर खीरी से जमाइफ खान को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की।  सीएम ने इन्हें भी किया सम्मानित  👉 कमलनाथ- धान उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 बिजेंद्र कुमार सिंह- गेहूं उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 आशीष तिवारी- चना उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 रामकिशुन- मटर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 हीरालाल- सरसो उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 रणधीर सिंह- अरहर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 अमरेश कुमार- ज्वार उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉विशिष्ट महिला किसान का पुरस्कार- संध्या सिंह (75 हजार रुपये, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र)  👉 एफपीओ- विकास कुमार सिंह- जया सीड्स कंपनी लिमिटेड वाराणसी (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)  👉 कुलदीप मिश्र (गोंडा)- बीज विकास निगम में सर्वाधिक बीज सप्लाई करने वाले एफपीओ  👉 औद्यानिक खेती- विकास कुमार सिंह (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)  👉 कृषि वैज्ञानिक- डॉ. धीरज कुमार तिवारी (कृषि विज्ञान केंद्र, उन्नाव)

ओबीसी छात्रवृत्ति और दिव्यांग कल्याण के लिए अतिरिक्त अनुदान, वंचितों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

छात्रवृत्ति से दिव्यांग सशक्तिकरण तक, योगी सरकार के अनुपूरक अनुदान से सामाजिक योजनाओं को रफ्तार ओबीसी छात्रवृत्ति और दिव्यांग कल्याण के लिए अतिरिक्त अनुदान, वंचितों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के शिक्षा, विवाह सहायता पर सरकार का फोकस, अनुपूरक बजट से मजबूती लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, कन्याओं के विवाह के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। दिव्यांग से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री प्रदेश के समेकित और समावेशी विकास को लेकर गंभीर हैं।     समाज कल्याण विभाग पर विशेष ध्यान अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जाति के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों में मानक मदों के लिए 15.46 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 1223.55 करोड़ का अनुपूरक अनुदान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उत्तर प्रदेश के समस्त राजकीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत ओबीसी विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2024–25 के अवशेष भुगतान और वर्ष 2025–26 के पात्र छात्रों हेतु लगभग 362 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। यह अनुपूरक प्रावधान छात्रवृत्ति योजनाओं को बिना अवरोध जारी रखने के लिए किया गया है। वंचित परिवारों और छात्राओं को सामाजिक संबल अनुपूरक बजट के अंतर्गत अन्य पिछड़े वर्ग के निर्धन कर्मियों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता हेतु 32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। अनुसूचित जाति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाए रखने और सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 11.40 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से 5.59 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 200 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए सरकार दृढ़संकल्पित दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग के अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस संचालन के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी की व्यवस्था हेतु 1 करोड़ की अतिरिक्त धन उपलब्ध कराया गया है। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को विभिन्न मदों में सहायता अनुदान के रूप में 5.43 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। शासकीय एवं जनोपयोगी भवनों में दिव्यांग जन के लिए बाधारहित और सुगम वातावरण विकसित करने के लिए 6 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

यूपी कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं के अल्पकालीन प्रशिक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को अनुपूरक बजट में दी प्राथमिकता, अतिरिक्त राशि का रखा गया प्रस्ताव यूपी कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं के अल्पकालीन प्रशिक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की मांग माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन के लिए 4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट प्रस्तावित अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु 3616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, कौशल विकास और शिक्षा क्षेत्र में सामाजिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अनुपूरक बजट में व्यापक अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को गति देना है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में होगा आधारभूत संरचना का सुधार प्रदेश के अनुपूरक बजट में तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये, तथा उनमें आधुनिक तकनीक से लैस एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पॉलीटेक्निक भवनों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई है। साथ ही मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में भवन निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रुपये की आवश्यकता का प्रस्तावित है। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज, झांसी के लिए 2 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश राज्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर को अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार युवाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण देने के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही दस्तकारी प्रशिक्षण योजना के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नई इकाइयों की स्थापना एवं उपकरणों की व्यवस्था के लिए 7 करोड़ रुपये की मांग की गई है। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए अतिरिक्त बजट की मांग माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज तथा उसके क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन, यात्रा भत्ते और प्रशासनिक व्ययों के लिए 2.94 करोड़ रुपये, वहीं परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन के लिए 4 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। इसके अलावा एनसीसी प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न मदों के लिए 9 करोड़ रुपये की आवश्यकताओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है। राजकीय महिला शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय, प्रयागराज में भवन परिसर के निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की गई है। वहीं उच्च शिक्षा और छात्र कल्याण को लेकर सरकार ने सामाजिक समावेशन पर विशेष ध्यान दिया है। अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए वर्ष 2024-25 के अवशेष तथा 2025-26 की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु 3616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित है। साथ ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अग्नि सुरक्षा एवं छात्रावास निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। इसके अलावा डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में विभिन्न मदों में सहायता अनुदान हेतु 5.43 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा गया है।

विधानसभा में सीएम योगी का समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला, कोडीन कफ सिरप पर किया बेनकाब

यूपी में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में सीएम योगी का समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला, कोडीन कफ सिरप पर किया बेनकाब बोले– यूपी में कोडीन सिरप के अवैध नेटवर्क के तार सीधे समाजवादी पार्टी से जुड़े सीएम योगी का तंज, आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ इंग्लैंड सैर पर निकल जाएंगे 2016 में सपा सरकार ने जारी किया सबसे बड़े होलसेलर का लाइसेंस: योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, कोडीन कफ सिरप का यूपी में न उत्पादन, न निर्माण, पूरा मामला अवैध डायवर्जन का एसआईटी-एसटीएफ की कार्रवाई में 332 फर्मों पर छापे, 77+ गिरफ्तार: मुख्यमंत्री आलोक सिपाही ‘पक्का सपाई’, अमित यादव की अखिलेश यादव संग फोटो सदन में दिखाई अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी के खाते से होने का खुलासा: सीएम मुख्यमंत्री ने दी समय आने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी सीएम बोले — माफिया से किसके संबंध हैं, प्रदेश की जनता सब जानती है लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोडीन कफ सिरप प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार करते हुए सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है, लेकिन अवैध डायवर्जन, ट्रेडिंग और स्टोरेज के इस पूरे नेटवर्क के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष और सपा सदस्यों के हंगामे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रश्न क्या है और मुद्दा क्या बनाया जा रहा है। इसका फर्क समझना चाहिए। सदन की गरिमा बनाए रखना विपक्ष की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष की बेचैनी खुद बहुत कुछ बयां कर रही है। कोडीन से यूपी में कोई मौत नहीं, झूठ फैलाया जा रहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर प्रदेश में मौत की कोई भी घटना शासन के संज्ञान में नहीं है। यह पूरा मामला इललीगल डायवर्जन का है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में न तो कोडीन कफ सिरप का उत्पादन होता है और न ही इसका गैरकानूनी निर्माण। यूपी में केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। इसका उत्पादन मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में होता है, जबकि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों विशेषकर तमिलनाडु में बने सिरप से जुड़ी हैं। 2016 में सपा सरकार ने जारी किया सबसे बड़े होलसेलर का लाइसेंस मुख्यमंत्री ने सदन में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े कोडीन कफ सिरप होलसेलर को 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने लाइसेंस जारी किया था। एसटीएफ ने उसी नेटवर्क को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में “दो नमूने” हैं, एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में बैठता है और जब भी कोई गंभीर चर्चा होती है तो देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही हाल “बबुआ” का भी है। आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे और बबुआ इंग्लैंड सैरसपाटे पर निकल जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष पर तंज—इस उम्र में भी झूठ बुलवाते हैं समाजवादी मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी हो जाता है, लेकिन समाजवादी पार्टी इस उम्र में भी उनसे झूठ बुलवाती है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है, इसलिए उनसे ऐसी अपेक्षा नहीं थी। सपा नेताओं की पढ़ाई-लिखाई पर सवाल मुख्यमंत्री ने कहा कि कफ सिरप का सेवन बिना चिकित्सकीय परामर्श के संभव नहीं है। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह से। इस पर चेतावनी भी अंकित होती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं है, इसलिए वे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। एसआईटी, एसटीएफ और एफएसडीए की ताबड़तोड़ कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। अब तक 79 अभियोग दर्ज हुए है, 225 अभियुक्त नामजद हैं, 78 गिरफ्तारियां और 332 फर्मों पर छापेमारी की जा चुकी है। 136 फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। कोर्ट ने भी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई को उचित ठहराया है। सपा से जुड़े ‘किंग पिन’ का नाम सदन में उजागर मुख्यमंत्री ने सदन में सबूतों के साथ बताया कि आलोक सिपाही जो इस प्रकरण का किंग पिन है, पक्का सपाई है। उन्होंने फोटो दिखाते हुए कहा कि आरोपी अमित यादव, अखिलेश यादव के साथ तस्वीर में दिखाई देता है और समाजवादी पार्टी की युवजन सभा से जुड़ा रहा है। यही नहीं, विभोर राणा का लाइसेंस समाजवादी सरकार में जारी हुआ था, जबकि आलोक सिपाही को भाजपा सरकार ने बर्खास्त किया था। अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी के खाते से मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध लेन-देन लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। शुभम जायसवाल, अमित यादव, मिलिंद यादव, मनोज यादव, राजीव यादव और मुकेश यादव जैसे नाम इस अवैध नेटवर्क में सामने आए हैं। अमित यादव की 2024 में दुबई यात्रा का भी उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कड़ी की जांच हो रही है। ‘जब कार्रवाई होगी तो सपा वाले ही फातिहा पढ़ने जाएंगे’ विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई होगी तो सपा के लोग ही सबसे पहले फातिहा पढ़ने जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और कोई भी अपराधी बचेगा नहीं। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि समय आने पर बुलडोजर कार्रवाई भी होगी, तब चिल्लाइएगा नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून के तहत पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी।

पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर होगा आयोजन

‘किसान सम्मान दिवस’ मनाएगी योगी सरकार  पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर होगा आयोजन मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर की चाबी देंगे मुख्यमंत्री  किसानों, एफपीओ, अधिकारियों व वैज्ञानिकों का किया जाएगा सम्मान  लखनऊ योगी सरकार किसान कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस ‘किसान सम्मान दिवस’ के रूप में मनाएगी। मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री की 123वीं जयंती है। मुख्य आयोजन विधान भवन प्रांगण से होगा। किसानों की समृद्धि में सहायक योगी सरकार भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती पर विविध आयोजन भी करेगी।  यह जानकारी कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। साथ ही कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहेंगे। ‘मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना’ के अंतर्गत सीएम योगी के हाथों 25 किसानों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी जाएगी। साथ ही प्रगतिशील किसान/महिला किसान, कृषक उत्पादन संगठन/कृषि निर्यातक, औद्यानिक फसलों/संरक्षित खेती के प्रोत्साहन के लिए किसानों को पुरस्कृत भी करेंगे। इस दौरान पराली प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कृषि अवसंरचना निधि के लाभार्थियों व कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों का भी सम्मान किया जाएगा।

ब्रजेश पाठक बोले: सपा शासन में अस्पतालों का ढांचा बेहद कमजोर, हालत थी तबेला जैसी

लखनऊ यूपी के उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने अस्पतालों को तबेला बनाकर रख दिया था। पाठक ने कहा, प्रदेश में निजी चिकित्सकों का परामर्श शुल्क एवं विभिन्न चिकित्सकीय जांचों आदि का रेट निर्धारित कर एक समान करने और उनमें मनचाही वृद्धि रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई नीति नहीं लाई गयी थी। प्रदेश में 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्‍व की सरकार थी। राज्य सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा विभाग संभाल रहे उपमुख्‍यमंत्री पाठक विधानसभा के प्रश्नकाल में सपा सदस्य समरपाल सिंह और अखिलेश के प्रश्नों का उत्‍तर दे रहे थे। सपा सदस्य समरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था बदहाल हो गई है और सरकारी चिकित्सक अपने घरों पर मरीजों का इलाज कर उनसे पैसे ऐंठते हैं। उन्‍होंने अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया। आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर क्षेत्र से सपा विधायक अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मरीजों को अस्पतालों में सुविधा नहीं मिलती और निजी अस्पतालों में भारी शुल्क लिया जाता है। अखिलेश ने अपने पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार निजी अस्पतालों के एक समान शुल्क के लिए कोई नियम बनाएगी। ब्रजेश पाठक ने अखिलेश का जवाब देते हुए कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा जांच, उपचार और दवाएं मुफ्त दी जाती हैं। उन्‍होंने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र और जिला अस्पतालों से लेकर उच्‍च स्‍तरीय सुविधा वाले सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं का ब्‍यौरा दिया। पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित विभिन्न चिकित्सालय में जन सामान्य को निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को सरकारी एवं निजी चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज के अनुसार पांच लाख रुपये की सीमा तक निशुल्क चिकित्सा दी जाती है तथा 70 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत चिकित्सकीय लाभ प्रदान किया जाता है।