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UP में हैरान करने वाला केस: सर्जरी के बाद पैर की लंबाई घट गई, डॉक्टरों पर कार्रवाई

कानपुर  कानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पैर की हड्डी के ऑपरेशन के बाद मरीज का पैर एक इंच छोटा हो गया। इस लापरवाही को लेकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल और डॉक्टर को तीन लाख रुपये हर्जाने का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि परिवाद दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक सात प्रतिशत ब्याज सहित दी जाए। इसके अतिरिक्त पीड़ित को 60 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये वाद व्यय भी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। मामला मेडिकल कॉलेज कैंपस निवासी दिनेश कुमार शुक्ला से जुड़ा है। उन्होंने 19 फरवरी 2018 को डा. गोविंद त्रिवेदी, ट्रामा एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, वेदान्ता हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आर्यनगर, तथा द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, बिरहाना रोड के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में उन्होंने बताया कि उनका दाहिना पैर टूट गया था, जिसके बाद 5 अप्रैल 2016 को डा. गोविंद त्रिवेदी ने उनका ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के दौरान पैर में रॉड और नट-बोल्ट लगाई गई थी। सभी भुगतान करने के बाद उन्हें 12 अप्रैल 2016 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।   कुछ समय बाद दिनेश को पैर में लगातार दर्द और तकलीफ होने लगी। इस पर उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डा. ए.के. गुप्ता को दिखाया। परीक्षण के बाद डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उनका पैर छोटा हो गया है। इसके बाद उन्होंने संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI), लखनऊ की बोन डेंसिटोमेट्री लैब में शरीर का स्कैन कराया। रिपोर्ट 6 फरवरी 2017 को आई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि ऑपरेशन में लापरवाही के चलते पैर लगभग एक इंच छोटा हो गया है। सुनवाई के दौरान डा. गोविंद त्रिवेदी ने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मरीज पहले से कई बीमारियों से पीड़ित था और ऑपरेशन उसकी सहमति से किया गया था। वहीं, बीमा कंपनी ने कहा कि परिवादी किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति पाने का अधिकारी नहीं है। हालांकि, आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य नीलम यादव ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया और हर्जाना देने का आदेश जारी किया। डा. गोविंद त्रिवेदी ने कहा, "पैर लगभग एक सेंटीमीटर छोटा हुआ है, जो सामान्य प्रक्रिया है।" उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील की जाएगी।

ओवरलोडिंग बनी मौत की वजह: शिवगढ़ में पलटी मजदूरों से भरी पिकअप, कई घायल

रायबरेली शिवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग पर बेड़ारु गांव के पास सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब मजदूरों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयानक था कि वैन का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसमें सवार मजदूर दूर फेंका गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप वैन में क्षमता से करीब तीन गुना ज्यादा मजदूर सवार थे. बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 25-30 लोग सवार थे. जो अमेठी के विभिन्न गांवों से ईंट-भट्ठों पर काम करने जा रहे थे. वैन चालक स्पीड से वाहन दौड़ा रहा था और सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उबड़-खाबड़ हिस्से से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और डायल-112 को हादसे की सूचना दी. ग्रामीणों ने फौरन अपनी-अपनी बाइक और टेम्पो से घायलों को शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना शुरू किया. इसी बीच डायल-112 की दो पीआरवी वाहन भी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. सीएचसी शिवगढ़ में प्राथमिक उपचार के दौरान एक मजदूर (आयु करीब 45 वर्ष) ने दम तोड़ दिया. मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन उसके पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार उसका नाम रामलखन पुत्र स्वामी नाथ, निवासी ग्राम भिटारी, थाना जामो, जिला अमेठी बताया जा रहा है. वहीं 7 घायल मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है. जिनमें से तीन को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है. शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. हादसे के बाद मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों ने भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग की जर्जर हालत को कोसा। ग्रामीण नेता रामचंद्र यादव व पूर्व प्रधान पति रामनगीना यादव ने बताया कि यह मार्ग कई साल से बदहाल है। बार-बार शिकायत के बावजूद न तो गड्ढे भरे गए और न ही मार्ग की मरम्मत हुई। यही वजह है कि आए दिन यहां छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

यूपी में आंगनवाड़ी भर्ती शुरू: घर बैठे करें अप्लाई, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी के पदों पर बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने राज्यभर की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक व योग्य महिला अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2025 तय की गई है। योग्यता मानदंड आंगनवाड़ी पदों के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से कम से कम 12वीं पास या समकक्ष शैक्षणिक योग्यता होनी आवश्यक है। उम्मीदवार की आयु 17 सितंबर 2025 के अनुसार 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वेतनमान चयनित महिला अभ्यर्थियों को विभाग की ओर से प्रतिमाह 4500 रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक महिला उम्मीदवार नीचे बताए गए चरणों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं: 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएं। 2. होमपेज पर उपलब्ध ‘Latest Links’ सेक्शन में जाएं। 3. वहां पर ‘Anganwadi Worker Registration’ लिंक पर क्लिक करें। 4. मांगी गई जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, जिला और मोबाइल नंबर भरें। 5. अपनी शैक्षणिक योग्यता का विवरण दर्ज करें। 6. सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट अवश्य लें।   विशेष शर्तें अभ्यर्थी उसी ग्राम क्षेत्र की निवासी होनी चाहिए, जिसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। एक ही आंगनवाड़ी केंद्र पर एक ही परिवार की दो महिलाओं की नियुक्ति मान्य नहीं होगी। यह भर्ती प्रदेश की महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो अपने ही क्षेत्र में सेवा करते हुए समाज के विकास में योगदान देना चाहती हैं।

उपज बढ़ाने के लिए बीजशोधन अनिवार्य: रबी फसलों की तैयारी पर जोर

औरैया जिला कृषि रक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने किसानों को रबी की फसलों में शत-प्रतिशत बीजशोधन करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष फसलों को खरपतवारों, रोगों, कीटों और चूहों से 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान होता है। इनमें रोगों से होने वाली क्षति सबसे अधिक होती है। बीज व भूमि जनित रोगों से बचाव हेतु बीजशोधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बीज शोधन” से फसलें रोगों से सुरक्षित रहती हैं और कम लागत में अधिक पैदावार संभव होती है, जिससे किसान की आय में वृद्धि होती है। बीजशोधन न करने पर फफूंद और जीवाणु जनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है, जो फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। अधिकारी ने बताया कि आलू की फसल में जीवाणु झुलसा और जीवाणुधारी रोग से बचाव के लिए स्ट्रेप्टोमायसीन सल्फेट 90% + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% की 4 ग्राम मात्रा प्रति 25 किग्रा बीज के हिसाब से 10 लीटर पानी में मिलाकर रात भर भिगोकर अगले दिन छाया में सुखाकर बोना चाहिए। वहीं गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों/राई और मसूर के बीजों को कार्बेन्डाजिम (50% डब्लूपी) 2 ग्राम या थीरम (75% डब्लूएस) 2.5 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से शोधन करना उपयोगी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसान ट्राइकोडर्मा का प्रयोग 4 ग्राम प्रति किग्रा बीज के हिसाब से कर सकते हैं। भूमि जनित रोगों से बचाव के लिए 2.5 किग्रा ट्राइकोडर्मा (2% डब्लूपी) तथा ब्यूबैरिया बेसियाना (1% डब्लूपी) को 65–70 किग्रा गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर 10–12 दिन छाया में रखकर अंतिम जुताई के समय खेत में प्रयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न कृषि रक्षा रसायन विकासखंड स्तर की कृषि रक्षा इकाइयों पर 50 से 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं। किसान अपनी फसलों में कीट या रोग संबंधी समस्या का समाधान पाने के लिए फोटो सहित अपना नाम, ग्राम, विकासखंड एवं पंजीकरण नंबर लिखते हुए मोबाइल नंबर 9452247111 या 9452257111 पर एसएमएस या व्हाट्सएप भेज सकते हैं। विभाग द्वारा 48 घंटे के भीतर समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।  

मंगलाकाली मंदिर के पास 8090 वर्गमीटर भूमि पर करीब 6 माह में होगा निर्माण

औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया में परिवहन विभाग अब सीज किए गए वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने में परेशान नहीं होगा। इसके लिए विभाग ने मंगलाकाली मंदिर के पास करीब 8090 वर्गमीटर क्षेत्रफल में नया यार्ड बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह यार्ड तैयार होने के बाद थानों और कोतवाली परिसरों के बाहर खड़े वाहनों की अव्यवस्था खत्म हो जाएगी और वाहनों की चोरी की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। अभी तक विभाग द्वारा कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए वाहनों को देवकली मंदिर के पास या थानों के बाहर खड़ा किया जाता था। ऐसे में सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी बड़ी चुनौती बनी रहती थी। देवकली मंदिर के पास खड़े वाहनों की निगरानी के लिए पुलिस लाइन से कर्मियों की ड्यूटी लगानी पड़ती थी। वर्ष 2023 में देवकली मंदिर के पास से और अजीतमल कोतवाली से दो ट्रक चोरी हो जाने की घटनाओं ने विभाग को झकझोर दिया था। पुलिस ने दोनों वाहनों को दूसरे जनपद से बरामद किया था। इसके बाद से ही एक सुरक्षित और स्थायी यार्ड की जरूरत महसूस की जा रही थी। विभाग ने करीब एक वर्ष पहले यार्ड निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। देवकली के बीहड़ क्षेत्र में जमीन चयनित कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण फिलहाल कार्य रुका हुआ है। एआरटीओ एन.सी. शर्मा ने बताया कि यार्ड का ले-आउट दोबारा शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद करीब छह माह में यार्ड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। नए यार्ड के निर्माण से न केवल परिवहन विभाग को सुविधा मिलेगी बल्कि थानों के बाहर खड़े जब्त वाहनों से निजात मिलने के साथ-साथ चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।  

बारात की जगह उठीं अर्थियां: एक ही परिवार के चार बेटों ने तोड़ा साथ

शामली  उत्तर प्रदेश के शामली में भीषण एक्सीडेंट में चार युवाओं की सांसे रोक दी। तेज रफ्तार में दौड़ रही स्विफ्ट बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े कैंटर में ऐसी घुसी कि चार चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। दुखद बात यह है कि एक भाई कल दूल्हा बनने वाला था, लेकिन खुशियों के बीच आई मातम की इस खबर ने कोहराम मचा दिया है। शामली में आधी रात के बाद कार बन गई जब काल दरअसल, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार रात 1 बजे पानीपत-खटीमा हाईवे पर बुटराडा फ्लाईओवर के बुटराड़ा गांव के पास ​​​​​हुआ। जिसमें हरियाणा के सोनीपत के बरोदा गांव रहने वाले चार चचेरे भाइयों की जिंदगी खत्म हो गई। मृतकों की पहचान विवेक, प्रदीप, आशीष और साहिल के रूप में हुई है। चारों के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है। एक साथ चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए चारों चचेरे भाई अपने अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। जिसमें से परमजीत की रविवार को शादी होनी थी, घर में मेहमान आ चुके थे, सारी तैयारियां हो चुकी थीं, बारात निकलने की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन चारों ने शादी से पहले गंगा नहाने का प्लान बनाया। वह दूल्हे समेत एक कार से हरिद्वार के लिए निकल चुके थे। लेकिन, रास्ते में हादसा हो गया। इस एक्सीडेंट इतना बड़ा जख्म दिया है कि पीड़ित परिवार का दर्द जिंदगी भर नहीं भरेगा। एक झटके में चारों परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।   दिल दहला देने वाला था शामली का एक्सीडेंट पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि चारों भाईयों ने शराब पी रखी थी, क्योंकि गाड़ी से शराब की बोतलें मिली हैं। यह एक्सीडेंट इतना भयानक था कि मृतकों की मौत के बाद उनकी शरीर के टुकड़े सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। वहीं कार चकनाचूर हो गई और चारों भाई कार में बुरी तरह से फंस गए। पुलिस ने कार को काटकर शवों को निकाला।

योगी का दावा: विकास और विश्वास के नए अध्याय के लिए तैयार है बिहार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बिहार में दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले उन्होंने कहा है कि बिहार की तपोभूमि विकास और विश्वास की नई गाथा लिखने को तैयार है। मुख्यमंत्री योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शनिवार को लिखा है कि, “बिहार भारत की आत्मा का स्वर है। यहां आकर भारत की आत्मा से साक्षात्कार की अनुभूति होती है।” योगी ने कहा कि आज सत्याग्रही भूमि पूर्वी चंपारण और तपोभूमि गया जी की विकासप्रिय जनता-जनार्दन से संवाद करूंगा। उन्होंने कहा है कि बिहार की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए सरकार के साथ विकास और विश्वास की नई कहानी लिखने को तैयार है। गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर घमासान तेज हो गया है। यहां गुरुवार को पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है। इसके बाद अब सभी दलों का पूरा जोर दूसरे चरण के लिए है। दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार तेज हो गया है। दिन भर अलग-अलग जगहों पर दोनों गठबंधन के नेताओं ने रैलियां की। बिहार चुनाव में पहले दौर का मतदान कल शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। बिहार विधानसभा के लिए पहले दौर में रिकॉर्ड 64.66 प्रतिशत वोट डाले गए। एक हजार 314 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य ईवीएम मशीनों में कैद हो गया है।  

काशी से निकली विकास की रफ्तार! मोदी ने दी 4 ‘वंदे भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी

वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन देश को साल 4 सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सौगात दी है. बनारस स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर पीएम मोदी ने फूलों से सजे बनारस से खजुराहो तक जाने वाले वन्देभारत ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन की शुरुआत के बाद देश की सांस्कृतिक डोर से विश्व धरोहर की गांठ और मजबूत होगी. वाराणसी आने वाले पर्यटक सीधे खजुराहो तक कि यात्रा कर सकेंगे. टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि इस ट्रेन से काशी आने वाले पर्यटकों को काफी फायदा मिलेगा. यह सीधी ट्रेन महज 8 घंटे में बनारस से खजुराहो तक जाएगी. बीच में चित्रकूट भी एक जंक्शन पड़ेगा. ऐसे में यह पूरा एक सर्किट बनाएगी जिससे टूरिज्म को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से पर्यटन से जुड़े उद्यमियों की मांग थी कि काशी से खजुराहो के बीच ट्रेन सेवा की शुरुआत हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के पर्यटन उद्यमियों की सुनी और आज बनारस से खजुराहो के बीच सीधी चलने वाली वंदेभारत ट्रेन कि उन्होंने सौगात दे दी. जिससे सभी पर्यटन उद्यमी काफी खुश है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अधिकांश देशों के विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी भी शहर में जैसे ही बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है, उसका विकास अपने-आप तेजी से शुरू हो जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ बड़े पुलों और हाइवे तक सीमित नहीं है. पीएम मोदी का कहना था कि काशी से खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरू वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई है. इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ ही अब देश में 160 से ज्यादा नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होने लगा है. पीएम ने आगे कहा, आज वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें, भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं. ये भारतीय रेलवे को transform करने का एक पूरा अभियान है. वंदे भारत भारतीयों की, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन है. जिस पर हर भारतीय को गर्व है. पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात वहीं अजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काशी को इस ट्रेन के जरिये बहुत बड़ी सौगात दी है .इससे यहां के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और यात्री सहूलियत के साथ सांस्कृतिक राजधानी काशी से खजुराहो तक जा पाएंगे. बताते चलें कि वाराणसी से खजुराहो तक जाने के लिए पर्यटकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी. लेकिन अब इस ट्रेन की सौगात के बाद उन्हें सहूलियत मिलेगी. वाराणसी को मिली 8 वीं वंदेभारत ट्रेन वाराणसी में लगातार सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत भारत का कुनबा बढ़ते जा रहा है. बनारस-खजुराहो वन्देभारत की शुरुआत के बाद यह 8 वीं वंदेभारत ट्रेन है जो वाराणसी से चलेगी. गौरतलब है कि वाराणसी एकमात्र शहर है जहां से 8 वंदेभारत ट्रेन का संचालन होता है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आज से बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु रूट पर संचालित होंगी. डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया, आज चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई. लखनऊ के लोगों को लखनऊ से सहारनपुर जाने का मौका मिलेगा, जो सोमवार को छोड़कर हफ़्ते में 6 दिन चलेंगी.  वंदे भारत की सौगात मिलने पर एक स्थानीय नागरिक का कहना था कि काशी आने वाले सभी श्रद्धालु- चाहे वे दिल्ली से हों या देश-विदेश के अन्य हिस्सों से… पहले काशी पहुंचते हैं, फिर प्रयागराज, चित्रकूट और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ते हैं. इसी मार्ग से खजुराहो भी जुड़ता है, जो हमारा ऐतिहासिक और विश्व धरोहर स्थल है. यह पहल सराहनीय है. हमें उम्मीद है कि एनडीए सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी. आज चार वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो रही है. इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे. पीएम का विशेष विमान बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेश खन्ना, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी. राम, कमिश्नर एस. राजालिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद पीएम मोदी सड़क मार्ग से बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस पहुंचे. उनका काफिला बाबतपुर, हरहुआ, गिलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर और बरेका होते हुए गुजरा. पूरे मार्ग पर हजारों लोग, बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी 'मोदी-मोदी' और 'हर हर महादेव' के नारों के साथ उनका स्वागत करते दिखे. चार नई वंदे भारत का रूट्स… 1. बनारस → खजुराहो 2. खजुराहो → बनारस 3. लखनऊ → सहारनपुर 4. सहारनपुर → लखनऊ 5. दिल्ली → फिरोजपुर 6. फिरोजपुर → दिल्ली 7. बेंगलुरु → एरणाकुलम 8. एरणाकुलम → बेंगलुरु धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार चार नई ट्रेनों में सबसे अहम मानी जा रही है बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे काशी और पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. यह ट्रेन बनारस, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगी. इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. नई वंदे भारत सेवा वर्तमान स्पेशल ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा. क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव… केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी स्टेशन से चार वंदे भारत सेवाओं को हरी झंडी दिखाई. ये सभी सेवाएं यात्रियों को अत्यधिक सुविधा प्रदान करेंगी. चाहे अमृत भारत ट्रेनें हों, नामो भारत हों या वंदे भारत- यात्रियों की सुविधा पर फोकस करते हुए नई पीढ़ी की ट्रेनें लगातार शुरू की जा रही हैं. इसी के साथ देशभर के 1,300 स्टेशनों पर भी पुनर्विकास का काम चल रहा है.

रामनगरी अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव की तैयारी, होटल-हाउसिंग पूरी तरह भरी और श्रद्धालुओं का उमड़ता हुजूम

 अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम की पावन नगरी इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में पूरी तरह रंगी हुई है. श्रीराम मंदिर के शिखर पर होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह ने पूरे शहर को एक भव्य उत्सव स्थल में बदल दिया है. इस आयोजन को लेकर अयोध्या में देशभर से श्रद्धालुओं, संतों और विशिष्ट अतिथियों का आगमन लगातार जारी है, जिसके कारण शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और होमस्टे पूरी तरह हाउसफुल हो चुके हैं. 20 नवंबर से 30 नवंबर तक एक भी कमरा खाली नहीं स्थानीय होटल संचालकों के अनुसार, 20 नवंबर से 30 नवंबर तक अयोध्या में एक भी कमरा खाली नहीं है. चाहे दो या तीन सितारा होटल हों या लग्जरी होम स्टे हर जगह ‘हाउसफुल’ का बोर्ड टंगा हुआ है. यहां तक कि मंदिर क्षेत्र से दूर के इलाकों में भी कमरे महीनों पहले बुक हो चुके हैं. राम मंदिर का गेट नंबर 11, जिसे विशेष रूप से वीवीआईपी प्रवेश द्वार के रूप में तैयार किया गया है और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गुलाबी पत्थरों से सजे इस द्वार को दीपोत्सव के दौरान 'आदि शंकराचार्य द्वार' नाम दिया गया था. इसी मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के विशिष्ट अतिथि मंदिर में प्रवेश करेंगे. 24 नवंबर को होगा विशेष कार्यक्रम कारीगर दिन-रात इस द्वार को सजाने-संवारने में लगे हुए हैं क्योंकि अब बस 18 दिन शेष हैं उस ऐतिहासिक क्षण के लिए जब भगवान श्रीराम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया जाएगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी विशेष अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाएं पहले से तय कर दी गई हैं. सभी को होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे और आश्रमों में व्यवस्थित रूप से ठहराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 24 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. इसके अलावा किसी अन्य क्षेत्र के लोगों को उस दिन आने से बचने की अपील की गई है, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके. अयोध्या प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगर वो 24 या 25 नवंबर को आने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बुकिंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी अवश्य ले लें, क्योंकि उस दौरान अयोध्या में प्रवेश भी सीमित रहेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे

पीएम मोदी का काशी दौरा – ‘हर हर महादेव’ के नारों से गूंजा पूरा बनारस – बरेका में मुख्यमंत्री योगी ने किया प्रधानमंत्री का  स्वागत – 8 नवंबर को पीएम देंगे देश को 4 वंदे भारत ट्रेनों की सौगात – वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस काशीवासियों के लिए बड़ा तोहफा – धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा बनारस-खजुराहो वंदे भारत वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे। शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री का विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी राम, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने किया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। काशीवासियों में उत्साह, मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब प्रधानमंत्री सड़क मार्ग द्वारा बीएलडब्ल्यू स्थित गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए। उनका काफ‍िला बाबतपुर से हरहुआ होते हुए ग‍िलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर होते हुए बरेका पहुंचा। रास्‍ते में कई जगह पर स्थानीय लोगों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाध‍िकार‍ियों ने उनका स्‍वागत क‍ि‍या। स्‍वागत से अभ‍ि‍भूत पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने भी वाहन से हाथ ह‍िलाकर लोगों का अभ‍िवादन क‍िया। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने सांसद का स्वागत ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयघोष से पूरा मार्ग देशभक्ति के रंग में रंग गया। एयरपोर्ट से बरेका जाते समय प्रधानमंत्री के काफिले पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पूरा मार्ग केसरिया और तिरंगे रंगों की रोशनी से जगमगा उठा।  मुख्यमंत्री ने किया बरेका गेस्ट हाउस पर स्वागत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शहर के संत अतुलानंद बाईपास, जेपी मेहता के पास, बरेका एफसीआई गोदाम, बरेका गेट के पास आदि अनेकों स्थानों पर स्वागत किया गया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। देश को 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात देंगे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी 8 नवंबर को वाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात देंगे। इनमें सबसे प्रमुख ट्रेन वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस होगी, जो काशीवासियों और पूर्वांचल के लिए एक बड़ा उपहार मानी जा रही है। प्रधानमंत्री इन ट्रेनों को बनारस (पूर्व मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से अन्य तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस, प्रधानमंत्री इस अवसर पर बनारस स्टेशन पर मौजूद गणमान्य लोगों से संवाद भी कर सकते हैं। धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। इससे यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुँच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी।