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धोखाधड़ी केस में राहत: जावेद हबीब पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक

 प्रयागराज सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है। दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जावेद हबीब और उनके बेटे पर संभल के राय सत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाप-बेटे ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है। गिरफ्तारी के लिए दी जा रही थी दबिश जावेद हबीब, अनोश हबीब के अलावा सैफुल नाम के शख्स के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोप है कि 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने मुनाफे के लालच में पैसा लगाया था. पुलिस ने जावेद हबीब और उनके पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है, ताकि कोई भी देश छोड़कर न भाग सकें पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जावेद हबीब के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर नोटिस भी चस्पा किया है। सभी मुकदमों की पुलिस विवेचना कर रही है। जावेद हबीब और उनके बेटे की तरफ से पेश वकील शिखर नीलकंठ, मोहित सिंह, अमित तिवारी ने पक्ष रखा। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की गई। करोड़ों की धोखाधड़ी का है मामला जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में संभल के रायसत्ती थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस धोखाधड़ी मामले में अब तक कुल 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि संभल के रॉयल पैलेस में सितंबर 2023 में जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने सेमिनार आयोजित किया था। इस सेमिनार में लोगों को दो से 20 लाख  रुपये तक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। दो साल बीतने के बाद न तो निवेशकों को कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम अब तक लौटाई गई। धोखाधड़ी और ठगी के इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एफएलसी कंपनी में पैसा निवेश करने पर निवेशकों को 50 से 70% मुनाफे का लालच देकर ठगा है। निवेशकों ने ठगी के बारे में जानकारी होने के बाद रायसत्ती थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 23 सितंबर को रायसत्ती थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फिर उसके बाद लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है।  

लड़की ने चलती कार में किया शर्मनाक प्रदर्शन, सड़क पर बिना कपड़ों के सफर का वीडियो वायरल

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर चलती कार के गेट से लटककर एक लड़की के कपड़े उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रफ्तार और रोमांच की सनक के साथ सड़क पर ऐसा नजारा देख लोग हैरान हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार कार से निकलकर अश्लील स्टंट करने वाली लड़की कौन है और उसने ऐसा क्यों किया इसका अभी तक पता नहीं चला है। वीडियो में दिख रहा है कि शहीद पथ पर एक कार तेज रफ्तार से फर्राटा भर रही है। कार के गेट का शीशा खोलकर लड़की उससे लटक गई और चलती कार में अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। लड़की की इस हरकत से पुलिस भी हैरान है। पुलिस अब इस मामले में ऐक्शन के लिए ऐक्टिव हो गई है। लड़की और कार में मौजूद रहे अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह ने बताया कि कार का नंबर गाजियाबाद का है। नंबर के आधार पर कार और उसमें सवार लोगों की तलाश की जा रही है। रील बनाने के लिए कुछ भी करने का जुनून पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और इसमें सम्बधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई जरूर की जाएगी। वैसे, राजधानी के शहीद पथ पर इसके पहले भी रील बनाने के लिए अजीबो गरीब हरकतों के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई भी करती है लेकिन रील बनाने का जुनून ऐसा है कि आए दिन कोई न कोई यहां शूटिंग करता दिख जाता है। ऐसे वीडियो देखकर लोग अपने-अपने ढंग से इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। ज्यादा से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स के लिए रील बनाने वालों का जुनून कई बार सनक में बदल जाता है और ऐसे दृश्य सामने आ जाते हैं।

राजेश मिश्रा के परिवार की कुंडली में खुला राज: घर में मिले ढेरों नोट, पुलिस थक गई गिनते-गिनते

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ, जब किसी तस्करी के मामले में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई कि नोट गिनने वालों के हाथ थक गए. पुलिसवालों को 22 घंटे लगातार बैठ कर पैसे गिनना पड़ा.  सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में अचानक पुलिस की एक साथ कई गाड़ियां पहुंची. थाना प्रभारी के साथ भारी पुलिस बल एक पुराने पक्के मकान की ओर बढ़ा. सूचना थी कि यहीं से जेल में बंद राजेश मिश्रा अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. राजेश मिश्रा वही नाम, जो कभी शराब, फिर जमीन और अब नशे के कारोबार से प्रदेश भर में कुख्यात हो चुका है. राजेश इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उसका गिरोह वहीं से चालू था. जेल के भीतर से  डील फाइनल होती, और बाहर से उसका परिवार डिलीवरी और कैश की वसूली संभालता. 22 घंटे तक चली गिनती जब पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर दबिश दी, तो सबसे पहले अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया. घर में रीना मिश्रा (राजेश की पत्नी), बेटा विनायक, बेटी कोमल, रिश्तेदार यश और अजीत मिश्रा मौजूद थे. जब दरवाजा खुलवाया गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने हर किसी को चौंका दिया.  कमरे में चारों तरफ काले पन्नियों में लिपटे नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा, और लोहे के ट्रंक में रखी स्मैक. एक कोने में इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन थी, जिससे साफ था कि गिरोह सिर्फ तस्करी ही नहीं, कमाई की गिनती का पूरा इंतजाम भी रखता था. पुलिस ने जब गिनती शुरू की तो 2,01,55,345 रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) मिली. जिसकी अनुमानित कुल कीमत  3 करोड़ रुपये से अधिक है. कहने को बस तीन घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन नोटों की गिनती पूरी करने में 22 घंटे लग गए. फर्जी जमानत से लेकर करोड़ों की कुर्की तक छानबीन में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसका बेटा विनायक मिश्रा, राजेश की जेल से रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत करवा चुके थे. इस खुलासे के बाद उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि पहले भी इस परिवार की ₹3,06,26,895.50 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. यह कुर्की भी राजेश और रीना के नाम पर दर्ज की गई थी. बावजूद इसके, गिरोह ने जेल से नेटवर्क चलाना जारी रखा. रीना मिश्र: घर बैठी माफिया क्वीन स्थानीय पुलिस के अनुसार, रीना मिश्रा सिर्फ नाम की गृहिणी नहीं थी. राजेश मिश्रा के जेल जाने के बाद उसने ही पूरा सिंडिकेट संभाला. गांव में उसका खौफ इस कदर था कि कोई भी उसके घर की ओर नजर उठाकर नहीं देखता था. लोगों का कहना है कि मकान में कभी-कभी ट्रक रुकते थे, फिर कुछ लोग आते-जाते दिखते थे. सबको मालूम था, मगर कोई बोलता नहीं था. रीना का रोल सिर्फ घर की देखरेख का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की बुक-कीपिंग का था. वह तय करती थी किस इलाके में कितना माल जाएगा और कितनी रकम वापस आएगी. जेल में बैठे राजेश से वह रोज़ बात करती, और उसी के कहने पर डील फाइनल करती थी. जेल की दीवारों के भीतर से चलने वाला नेटवर्क पुलिस के अनुसार, राजेश मिश्रा पहले से ही कई गंभीर मामलों में अभियुक्त है. जेल से बाहर उसकी कमान उसकी पत्नी और बच्चों के पास थी. वह फोन और मुलाकातों के ज़रिए गिरोह को निर्देश देता था कि कहाँ से माल मंगाना है, कहाँ सप्लाई करनी है, और कौन पुलिसकर्मी कब ड्यूटी पर होता है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार फैले हुए हैं. प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशांबी के कई गांव इस नेटवर्क के रूट बने हुए थे. एसपी दीपक भूकर बोले- यह तो बस शुरुआत है पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं, लेकिन अब इनके नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. जो भी इसमें शामिल है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त गिरोहों की फाइलें अब डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही हैं. कई बैंक खातों और संपत्तियों की जांच भी चल रही है. एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले गिरफ्तार अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. फर्जी जमानत के मामले में भी पुलिस ने अलग एफआईआर की है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की लिस्ट: – रीना मिश्रा, पत्नी राजेश मिश्रा (40 वर्ष) – विनायक मिश्रा, पुत्र राजेश मिश्रा (19 वर्ष) – कोमल मिश्रा, पुत्री राजेश मिश्रा (20 वर्ष) – यश मिश्रा, पुत्र अजीत कुमार मिश्रा (19 वर्ष) – अजीत कुमार मिश्रा, पुत्र पवन कुमार मिश्रा (32 वर्ष) सभी को मानिकपुर थाना पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. सवा तीन करोड़ की बरामदगी  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बरामद नकदी और ड्रग्स की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ 17 लाख है. इतनी भारी मात्रा में कैश की बरामदगी ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजेश मिश्रा का नेटवर्क सिर्फ नशे तक सीमित नहीं है. कई जगहों पर उसकी अंडरग्राउंड इन्वेस्टमेंट की जानकारी मिली है. कुछ को जमीन खरीद के नाम पर और कुछ को लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में छिपाया गया था. जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाल रही हैं. 

विशेष आर्टिकल- उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास क्रांति: UP-AGREES प्रोजेक्ट से नई संभावनाएँ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जनवरी 2025 को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा की उपस्थिति में लॉन्च किया। यह 6 वर्षीय (2025-2031) प्रोजेक्ट ₹4,000 करोड़ के बजट से संचालित है, जिसमें विश्व बैंक से ₹2,737 करोड़ ऋण (35 वर्ष चुकौती, 7 वर्ष मोरेटोरियम, 1.23% ब्याज) और राज्य सरकार से ₹1,166 करोड़ का योगदान है। प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 21 जिलों (जैसे वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (जैसे झांसी, बांदा, चित्रकूट) में लागू होगा, जो जलवायु परिवर्तन से सबसे प्रभावित 28 जिलों को कवर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादकता 30-35% सुधारना (10 क्विंटल से 14-15 क्विंटल/एकड़), डिजिटल तकनीक अपनाना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। 10 लाख किसान (30% महिलाएं), मछली पालक और कृषि-आधारित MSME सीधे लाभान्वित होंगे। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 विजन को साकार करेगा, जहां UP 23% राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन करता है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य: कृषि से आत्मनिर्भरता तक UP-AGREES कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत, वित्तीय पहुंच सुधार और मूल्य वर्धन अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। प्रमुख लक्ष्य: •    उत्पादकता वृद्धि: जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) से फसल उत्पादन 30-35% बढ़ाना। •    डिजिटल क्रांति: UP AGRIVERSE – AI, IoT, GIS, ड्रोन, बिग डेटा से Agriculture 3.0। •    ग्रामीण उद्यमिता: एग्रो क्लस्टर स्थापित, मछली पालन में क्षमता वृद्धि। •    समावेशी विकास: महिलाओं, SC/ST/OBC को प्राथमिकता; 10,000 महिला उत्पादक समूह लिंकेज। •    परिणाम: किसान क्रेडिट कार्ड (eKCC) को समयबद्ध, किफायती बनाना; 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। प्रोजेक्ट की संरचना: 4 प्रमुख घटक प्रोजेक्ट 4 घटकों में विभाजित है, जो राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़े हैं: घटक    विवरण    प्रभाव (2025-31) 1. कृषि उत्पादकता वृद्धि    जलवायु-स्मार्ट इनपुट (बीज, उर्वरक), मशीनरी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन।    10 लाख किसानों को CSA अपनाने में सहायता; उत्पादन 30%+। 2. एग्रो क्लस्टर स्थापना    प्रतिस्पर्धी वस्तुओं (फल-सब्जी, अनाज) पर क्लस्टर; मछली पालन में ICAR सहयोग।    मछली उत्पादकता दोगुनी; बाजार पहुंच सुधार। 3. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी मजबूती    UP AGRIVERSE – AI/IoT/GIS से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग; डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल।    डिजिटल कृषि इकोसिस्टम; eKCC से वित्तीय समावेश। 4. प्रोजेक्ट प्रबंधन, ज्ञान और सीख    क्षमता निर्माण, मॉनिटरिंग, 500 किसानों का विदेश प्रशिक्षण।    10,000 महिला समूह लिंक; ज्ञान साझा। कार्यान्वयन: दो चरणों में – पहला चरण 28 जिलों में (2024-25 से शुरू), दूसरा विस्तार। बजट आवंटन: घटक-वार, ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर। प्रेरक उदाहरण: प्रोजेक्ट से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड लाभार्थी):  o    सहायता: CSA इनपुट + ड्रोन मॉनिटरिंग। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "UP-AGREES ने सूखे को अवसर बनाया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (पूर्वांचल):  o    सहायता: एग्रो क्लस्टर + डिजिटल मार्केटिंग। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, सब्जी निर्यात। 3.    गोरखपुर मछली पालक (ICAR सहयोग):  o    सहायता: जलाशय क्षमता वृद्धि। o    अब: उत्पादकता दोगुनी, 100+ परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: प्रोजेक्ट पर दृष्टि CM योगी ने UP-AGREES को 'कृषि क्रांति का मील का पत्थर' बताया: •    लॉन्च समारोह (28 जनवरी 2025):  "UP-AGREES पूर्वांचल-बुंदेलखंड को कृषि हब बनाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार। विश्व बैंक का सहयोग सराहनीय।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "प्रोजेक्ट से किसानों की आय दोगुनी, जलवायु चुनौतियां अवसर बनेंगी। डिजिटल AGRIVERSE से Agriculture 3.0!" •    X पर योगी जी:  #UPAGREES – "कृषि से आत्मनिर्भर UP – AGREES हर किसान का साथी!" निष्कर्ष: UP-AGREES – UP कृषि का नया क्षितिज UP-AGREES ₹4,000 करोड़ से 28 जिलों में डिजिटल-जलवायु स्मार्ट कृषि लाएगा, जहां 10 लाख किसान सशक्त होंगे। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, जुड़ें – नया UP आपका इंतजार कर रहा है! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल :ODOP के साथ PMMY की शक्ति: उत्तर प्रदेश के छोटे व्यवसायियों की आर्थिक उड़ान

लखनऊ  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), जिसे 8 अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, आज भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की रीढ़ है। उत्तर प्रदेश में यह योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और मिशन शक्ति के साथ मिलकर लाखों कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बिना गारंटी ऋण प्रदान कर रही है। अब तक उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक है। योजना ने 40 लाख+ रोजगार सृजित किए हैं, और 60% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। आइए, जानें कैसे PMMY उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने में योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: तीन श्रेणियां, अनगिनत सपने PMMY के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यम (उद्योग, सेवा, व्यापार) को बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं, और ब्याज दर बैंक के अनुसार (आमतौर पर 8-12%)। तीन श्रेणियां हैं: श्रेणी    ऋण राशि    उद्देश्य    उत्तर प्रदेश में वितरण (2025 तक) शिशु (Shishu)    ₹50,000 तक    नई इकाई शुरू करना    8.5 करोड़+ ऋण, कुल ₹45,000 करोड़ किशोर (Kishor)    ₹50,001 – ₹5 लाख    मौजूदा इकाई विस्तार    2.8 करोड़+ ऋण, कुल ₹65,000 करोड़ तरुण (Tarun)    ₹5,00,001 – ₹10 लाख    बड़े विस्तार, मशीनरी    1.2 करोड़+ ऋण, कुल ₹40,000 करोड़ •    पात्रता: 18 वर्ष से अधिक उम्र, आधार कार्ड, बैंक खाता। SC/ST/OBC/महिलाओं को प्राथमिकता। •    आवेदन: बैंक शाखा, ऑनलाइन (mudra.org.in), या UDYAM पोर्टल। •    विशेष: महिलाओं के लिए 0.25% ब्याज छूट, मुद्रा कार्ड से कार्यशील पूंजी। उत्तर प्रदेश में ODOP उत्पादों (जैसे चिकनकारी, पीतल, गुड़) के लिए मुद्रा ऋण प्राथमिकता पर दिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में PMMY का प्रभाव: आंकड़े और कहानियां •    कुल ऋण: 12.5 करोड़+ (राष्ट्रीय कुल का 20%)। •    महिला लाभार्थी: 7.5 करोड़+ (60% से अधिक)। •    ODOP से जुड़ाव: 3 लाख+ ODOP उद्यमियों को मुद्रा ऋण। •    रोजगार: 40 लाख+ नई नौकरियां, पलायन में 70% कमी। •    डिजिटल वितरण: 98% आवेदन 7 दिन में स्वीकृत (PSB59 पोर्टल)। प्रेरक कहानी: लखनऊ की रुखसार बानो – चिकनकारी से 'लाखपति दीदी' लखनऊ की रुखसार बानो (32 वर्ष) एक गृहिणी थीं, जिनके पति की दुकान बंद हो गई। मुद्रा योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी: चरण    लाभ शिशु ऋण (2020)    ₹50,000 – सिलाई मशीन, कच्चा माल किशोर ऋण (2022)    ₹3 लाख – 5 महिलाओं को प्रशिक्षण, दुकान तरुण ऋण (2024)    ₹8 लाख – ऑनलाइन स्टोर, निर्यात वर्तमान आय    मासिक ₹1.2 लाख, 25 महिलाओं को रोजगार रुखसार कहती हैं: “मुद्रा ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान दिया। आज मेरी चिकनकारी दुबई तक पहुंच रही है। ODOP ने ब्रांड बनाया, मुद्रा ने पूंजी दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: मुद्रा को ODOP का सहयात्री योगी जी ने मुद्रा योजना को ODOP और मिशन शक्ति के साथ जोड़कर उत्तर प्रदेश मॉडल बनाया। उनके प्रमुख बयान: •    20 सितंबर 2025 (मिशन शक्ति 5.0 लॉन्च):  “मुद्रा योजना ने 12 करोड़ उत्तर प्रदेशियों को ऋण दिया। ODOP के साथ मिलकर यह लाखपति दीदी बना रही है।” •    24 जनवरी 2025 (उत्तर प्रदेश दिवस):  “2017 से पहले बैंक गरीबों के दरवाजे बंद थे। मुद्रा ने बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ दिए – यह भाजपा का गरीब कल्याण है।” •    8 फरवरी 2024 (ODOP CFC उद्घाटन):  “मुद्रा + ODOP = आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश। हमारा लक्ष्य 20 लाख मुद्रा उद्यमी 2027 तक।” योगी जी का डिजिटल और पारदर्शी शासन मुद्रा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाता है। भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: मुद्रा – आत्मनिर्भर भारत का इंजन भाजपा सरकार ने मुद्रा योजना को राष्ट्रीय क्रांति बनाया: •    राष्ट्रीय कुल: 45 करोड़+ ऋण, ₹28 लाख करोड़। •    उत्तर प्रदेश में: 20% हिस्सा, 60% महिला लाभार्थी। •    ODOP एकीकरण: 3 लाख+ ODOP इकाइयां मुद्रा से वित्तपोषित। •    महिला सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत लाखपति दीदी लक्ष्य। •    डिजिटल क्रांति: PSB Loans in 59 Minutes – 7 दिन में ऋण। यह कदम 'गरीब से उद्यमी' की यात्रा है – भाजपा की समावेशी विकास नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: मुद्रा योजना – उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्वतंत्रता का आधार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उत्तर प्रदेश को उद्यमिता का हब बनाया। रुखसार बानो जैसी लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं। योगी सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: •    2017 से पहले बैंक दरवाजे बंद – आज 12 करोड़ ऋण। •    बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ – भ्रष्टाचार मुक्त। •    60% महिला लाभार्थी – नारी शक्ति का सशक्तिकरण। •    ODOP + मुद्रा = निर्यात क्रांति – $1 ट्रिलियन लक्ष्य की ओर। •    डिजिटल, पारदर्शी, समावेशी – विश्व मॉडल। योगी सरकार ने साबित कर दिया – जब अवसर मिले, तो गरीब भी उद्यमी बनता है। मुद्रा कोई ऋण नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों का ईंधन है। आवेदन करें: mudra.org.in | निकटतम बैंक शाखा 📞 हेल्पलाइन: 1800-180-1111 🎯 #PradhanMantriMudraYojana #ODOP #YogiHaiToRojgarHai

विशेष आर्टिकल-UP AGRIVERSE: AI, IoT और GIS के जरिए उत्तर प्रदेश में कृषि क्रांति और किसानों का सशक्तिकरण

लखनऊ  UP AGRIVERSE, उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) का एक प्रमुख घटक, राज्य को कृषि 3.0 की ओर ले जा रहा है। 28 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया, यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र AI, IoT, GIS, ड्रोन और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों से लैस है, जो 10 लाख किसानों (30% महिलाएं) को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, निर्णय लेने और बाजार लिंकेज प्रदान करता है। विश्व बैंक समर्थित (₹4,000 करोड़ बजट) यह प्लेटफॉर्म पूर्वांचल के 21 जिलों (वाराणसी, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, बांदा) में लागू है। UPFR AgriStack के साथ एकीकृत, यह डिजिटल किसान रजिस्ट्री से eKCC (किसान क्रेडिट कार्ड) को समयबद्ध और किफायती बनाता है। PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन में UP AGRIVERSE उत्पादकता 30-35% बढ़ाने और जलवायु-स्मार्ट कृषि को साकार कर रहा है। UP AGRIVERSE का उद्देश्य: डिजिटल कृषि से आत्मनिर्भरता UP AGRIVERSE डेटा-ड्रिवन निर्णय पर फोकस करता है, जहां राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़कर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल विकसित करता है। प्रमुख लक्ष्य: •    रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, फसल स्वास्थ्य। •    वित्तीय समावेश: eKCC से त्वरित ऋण, 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। •    महिला सशक्तिकरण: 10,000 महिला उत्पादक समूह को डिजिटल लिंकेज। •    परिणाम: कृषि GSDP 28%, खाद्यान्न उत्पादन 23% राष्ट्रीय योगदान। UP AGRIVERSE के प्रमुख डिजिटल उपकरण: विस्तृत विवरण UP AGRIVERSE इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को एकीकृत करता है, जो किसानों को मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और API के माध्यम उपलब्ध हैं। यहां मुख्य उपकरण: उपकरण    विवरण    लाभ (किसानों के लिए) AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)    – फसल रोग निदान (मोबाइल ऐप से फोटो अपलोड)। – उर्वरक/कीटनाशक सिफारिशें। – मौसम पूर्वानुमान और जलवायु जोखिम विश्लेषण।    – रोग पहचान 90% सटीक, फसल हानि 20% कम। – आय वृद्धि: सटीक सलाह से उत्पादन 15%+। IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)    – सेंसर-आधारित मिट्टी नमी, तापमान मॉनिटरिंग। – स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम। – फसल स्वास्थ्य ट्रैकिंग।    – जल संरक्षण 30%, सूखे में सहायता। – रीयल-टाइम अलर्ट: मोबाइल नोटिफिकेशन। GIS (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम)    – भूमि मैपिंग, फसल सर्वे (डिजिटल क्रॉप सर्वे)। – संसाधन आवंटन (बीज/उर्वरक वितरण)। – क्लस्टर-आधारित योजना।    – भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन: UPFR से एकीकृत। – सब्सिडी वितरण: पारदर्शी, 98% निस्तारण। ड्रोन टेक्नोलॉजी    – हवाई सर्वे, कीटनाशक स्प्रे। – फसल स्वास्थ्य इमेजिंग (NDVI इंडेक्स)। – बाढ़/सूखा मैपिंग।    – स्प्रे कवरेज 95%, श्रम 50% कम। – बुंदेलखंड में उपयोग: जलवायु अनुकूलन। बिग डेटा एनालिटिक्स    – डेटा एनालिसिस से बाजार पूर्वानुमान। – MSP/बाजार मूल्य ट्रेंड। – eKCC क्रेडिट स्कोरिंग।    – बाजार लिंकेज: UP Mart से निर्यात। – वित्तीय पहुंच: ऋण स्वीकृति 70% तेज। अन्य विशेषताएं: •    UPFR AgriStack पोर्टल (upfr.agristack.gov.in): फार्मर ID जेनरेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे। •    मोबाइल ऐप: रीयल-टाइम मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, ब्लॉकचेन से ट्रेसिबिलिटी। •    एग्रो क्लस्टर: 15 एग्रो पार्क में एकीकृत, मछली पालन के लिए ICAR सहयोग। प्रेरक उदाहरण: उपकरणों से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड):  o    उपकरण: AI ऐप + IoT सेंसर। o    प्रभाव: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "ड्रोन ने सूखे को हराया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG:  o    उपकरण: GIS + बिग डेटा। o    प्रभाव: 41 महिलाएं, सब्जी निर्यात से ₹1 करोड़ टर्नओवर। 3.    गोरखपुर मछली पालक:  o    उपकरण: ड्रोन + IoT। o    प्रभाव: उत्पादकता दोगुनी, 100 परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: UP AGRIVERSE पर दृष्टि •    लॉन्च (28 जनवरी 2025):  "UP AGRIVERSE AI-IoT से Agriculture 3.0 लाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "डिजिटल उपकरण जलवायु चुनौतियां अवसर बनाएंगे। GIS-ड्रोन से सटीक कृषि!" निष्कर्ष: UP AGRIVERSE – डिजिटल कृषि का नया युग UP AGRIVERSE के AI, IoT, GIS जैसे उपकरण 10 लाख किसानों को सशक्त कर उत्पादकता 35% बढ़ा रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, डिजिटल जुड़ें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड! 21 से 25 नवंबर तक नया पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक

कन्नौज   मौसम विभाग के अनुसार कानपुर मंडल में अगले कुछ दिनों तक आसमान बिल्कुल साफ रहेगा। दिन में तेज धूप निकलेगी। जिससे दिन का तापमान औसत के आसपास रहेगा। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में उत्तर और पश्चिमी दिशाओं से आने वाली दवाओं का असर दिखाई पड़ेगा। रात के तापमान में लगातार गिरावट आएगी। 21 से 25 नवंबर के बीच उत्तर भारत के मौसम को नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि फिलहाल देश में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है। न्यूनतम तापमान में उत्तर पश्चिम हवाओं के कारण गिरावट बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। इस हफ्ते तापमान 11 डिग्री नीचे तक पहुंच सकता है। इस बीच बारिश की कोई संभावना नहीं है। कैसा रहेगा आज रात और कल का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहने का अनुमान है। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। सोमवार, 10 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रात में मौसम साफ रहेगा। 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश की कोई संभावना नहीं है।   कैसा रहेगा 16 नवंबर तक का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 11 नवंबर मंगलवार का तापमान 12 से 28 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहेगा। जबकि 12 और 13 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। 14, 15 और 16 नवंबर का तापमान 11 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान उत्तर और पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम पर अपना प्रभाव डालेंगी। रात का तापमान 11 डिग्री तक पहुंच रहा है।

बीजेपी और सहयोगी लोकतंत्र के खिलाफ, लूटतंत्र के पक्ष में: अखिलेश का आरोप

लखनऊ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीवीपैट पर्चियां कूड़े में पड़ी मिलने पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चे स्वच्छ भारत’ के लिए भाजपा राज में चुनाव आयोग के कुछ लोगों द्वारा फैलाया गया धांधलियों का कूड़ा हटना भी ज़रूरी है।  भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं, लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। इन्होंने आजादी के पहले से लेकर आज तक सदैव पिछले दरवाज़ेवाली, ख़ुफ़ियाखोरी का काम किया है। इन मुख़बरीजीवी लोगों की ये सेंधमारी अब खुल गई है और जनता घपले-घोटालों को सहने की सीमा पार कर चुकी है। ये पिछले दरवाज़ेवाले अपने अगले दरवाजे की जन-दस्तक को सुनें। सपा मुखिया ने कहा कि चुनाव आयोग में ईमानदार लोगों की उपेक्षा हो रही है। मिलीभगत से चुनावी गोरखधंधे में संलिप्त कुछ अधिकारियों की वजह से चुनाव आयोग की शुचिता और प्रतिष्ठा पर जो आँच आई है, उसे दूर करना ही होगा। भ्रष्टों का भंडाफोड़ लगातार जारी रखना है। दीमक की तरह लोकतंत्र को अंदर से खोखला करने वालों के दिन अब लद गये हैं। नई पीढ़ी, नये भविष्य का निर्माण करेगी। ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई पाई गईं। जिनका एक वीडियो वायरल हो रहा है।  बताया गया कि इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि 8 नवंबर को ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां देखीं। राजनीतिक मामला गरमाया है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर के जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी पर्चियों को मौके से जब्त कर लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल होने पर सियासत गर्म है।

राज्यभर में पुलिस महकमे में फेरबदल: 23 एडिशनल एसपी बदले गए, देखें आपके जिले में कौन तैनात हुआ

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। प्रदेश में 23 एडिशनल एसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) के तबादले किए गए हैं। गृह विभाग ने इसकी सूची जारी कर दी है। नए आदेश के अनुसार, बी.एस. वी. कुमार को उपसेनानायक, 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद बनाया गया है। सच्चिनानंद को अपर पुलिस अधीक्षक एसएसएफ मुख्यालय लखनऊ में तैनाती मिली है। डॉ. संजय कुमार को उपसेनानायक, 27वीं वाहिनी पीएसी, सीतापुर भेजा गया है। इन अफसरों का भी हुआ तबादला इसके अलावा सुबोध गौतम को अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), हरदोई बनाया गया है। नृपेंद्र को अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी नियुक्त किया गया है।निवेश कटियार को अपर पुलिस अधीक्षक, यूपी 112 लखनऊ में तैनात किया गया है और दिनेश कुमार पुरी को अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी), गोरखपुर भेजा गया है। वहीं, संतोष कुमार द्वितीय का गोरखपुर तबादला निरस्त कर दिया गया है, वे अब मुख्यालय पुलिस महानिदेशक कार्यालय में ही रहेंगे। सीताराम को अपर पुलिस अधीक्षक (विधि प्रकोष्ठ) मुख्यालय, लखनऊ बनाया गया है। इन अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मदारी आदेश के मुताबिक, सिद्धार्थ वर्मा को कुशीनगर में एएसपी के रूप में तैनाती दी गई है। सुमित शुक्ला को शामली भेजा गया है। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी), गोरखपुर बनाया गया है। अशोक कुमार सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), बहराइच तैनात किया गया है। राजकुमार सिंह को ईओडब्ल्यू लखनऊ भेजा गया है। संतोष कुमार सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), गोरखपुर बनाया गया है। जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक सीआईडी, लखनऊ नियुक्त किया गया है। रामानंद कुशवाहा को अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस बनाया गया है। जितेंद्र कुमार प्रथम को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में एएसपी के रूप में भेजा गया है। इन जिलों में भी हुई नई तैनातियां वहीं, चिरंजीव मुखर्जी को अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज बनाया गया है। श्वेताभ पांडेय को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), एटा में तैनाती दी गई है।आलोक कुमार जायसवाल को अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहगढ़ बनाया गया है। शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात), सहारनपुर भेजा गया है। डॉ. राकेश कुमार मिश्र को अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), गाजीपुर में तैनाती दी गई है। सरकार के इस आदेश के बाद कई जिलों में पुलिस प्रशासन में नई तैनातियां हो गई हैं।

मायावती ने दी उत्तराखंड को 25वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएँ, कहा— ईमानदार शासन से होगा विकास

लखनऊ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ अर्थात् उत्तराखण्ड रजत जयंती पर राज्य के समस्त भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को हार्दिक बधाई।   बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की उत्तर प्रदेश में मेरी रही सरकार द्वारा कई नए जिले, तहसील व ब्लाक आदि बनाकर उत्तराखंड में जनहित, जनकल्याण व विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पार्टी के समर्थन से बने नये उत्तराखण्ड राज्य के लोगों का जीवन भी ख़ुश एवं खुशहाल हो, यही शुभकामनायें। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन भी सही नीयत व नीति से कार्य करे तो यह बेहतर। जिससे उत्तराखंउ का विकास हो सके। आप को बता दें कि लंबे समय से चली आ रही पृथक राज्य की मांग को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश के एक हिस्से को काट कर 2000 में उत्तराखंड की स्थापना कर नया राज्य बनाया गया था।