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योगी सरकार का ‘फ्यूचर रेडी’ एजुकेशन विजन, नोएडा CSR राउंड टेबल में जुटीं 100+ संस्थाएं

योगी सरकार के नेतृत्व में ‘फ्यूचर रेडी’ शिक्षा व्यवस्था पर जोर, नोएडा में सीएसआर राउंड टेबल, 100 से अधिक संस्थाओं की सहभागिता 2017 के बाद शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 96% स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नॉलेज इकॉनमी की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, युवाओं की क्षमता पर फोकस एनईपी 2020 के तहत समग्र, कौशल आधारित और तकनीक-सक्षम शिक्षा पर बल स्मार्ट क्लासरूम, एआई और शिक्षक प्रशिक्षण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार निपुण भारत मिशन में यूपी तेजी से अग्रणी बनने की ओर शिक्षा सुधार में सीएसआर और कॉर्पोरेट भागीदारी को मिला बढ़ावा डिजिटल, एसटीईएम और कौशल विकास के लिए संस्थाओं ने दिए सहयोग प्रस्ताव नोएडा / लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को भविष्य उन्मुख, तकनीक सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन्वेस्ट यूपी एवं सीएसआरबॉक्स के सहयोग से नोएडा में “उत्तर प्रदेश सीएसआर राउंड टेबल 2026 ऑन फ्यूचर रेडी एजुकेशन” का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के कॉर्पोरेट, सीएसआर संस्थानों एवं विकास क्षेत्र के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज 96 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह परिवर्तन प्रदेश में शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा शक्ति वाला राज्य है, जिसे सकारात्मक दिशा देकर “नॉलेज इकॉनमी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अब शिक्षा प्रणाली को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल, नवाचार एवं रुचि आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ कॉर्पोरेट एवं सीएसआर संस्थाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इन्वेस्ट यूपी द्वारा संचालित सीएसआर फैसिलिटेशन मॉडल की सराहना करते हुए इसे और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि शासन एवं निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके। राउंड टेबल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पीएम योजना एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षा, विद्यालयी अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षक क्षमता निर्माण, बालिका शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा डिजिटल शिक्षा, स्टेम (STEM), एआई, शिक्षक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग हेतु आशय पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं देश की अग्रणी संस्थाओं के मध्य समझौते भी हुए, जो प्रदेश में आधुनिक शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक बेसिक शिक्षा  मोनिका रानी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेशकों को सौंपेंगे आवंटन पत्र सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन निवेश और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, दो निवेश परियोजनाओं का भी होगा उद्घाटन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार 22 मई को मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर निवेशकों को एक विशेष कार्यक्रम में आवंटन पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 निवेशकों को औद्योगिक आवंटन पत्र प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सायंकाल होने वाले इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता भी उपस्थित रहेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सीईएससी ग्रीन्स और आईबी सोलर की दो निवेश परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ संवाद कर उन्हें प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं और सरकार की योजनाओं से भी अवगत कराएंगे। अंत में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटो का भी कार्यक्रम निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की निवेशक अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का फोकस प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर भी है।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी

पीएम मोदी के नेतृत्व में बना स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम: मुख्यमंत्री 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का परिणाम है रामगढ़ताल: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 11-12 वर्षों में स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम विकसित हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व प्रोत्साहन के लिए सरकार पूरी तत्परता से खड़ी है। स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का ही परिणाम रामगढ़ झील (रामगढ़ताल) भी है। 2017 के पहले जो रामगढ़ताल क्षेत्र गंदगी व अपराध का गढ़ था, वहां आज रोइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन संभव हुआ है।  सीएम योगी गुरुवार को रामगढ़ताल में रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 20 राज्यों से आए रोइंग खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ऊर्जा व शक्ति का सही दिशा में सकारात्मक उपयोग करने वाले देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। खिलाड़ी हमेशा सकारात्मक सोच और टीम भावना के साथ कार्य करता है। वह नशा व नकारात्मकता से दूर रहकर स्व अनुशासन के साथ समाज को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है।  ‘चरैवेति-चरैवेति’ ही जीवन का मंत्र सीएम योगी ने कहा, मुकाबले के दौरान ताल में खिलाड़ियों के सामने तेज हवाओं को देखकर मेरे मन में महान साहित्यकार सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां याद आ गईं- ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ यह जीवन का सच है कि जो डर गया, वह मर गया। जो भाग गया उसको समाज, देश और ईश्वर भी कभी माफ नहीं करते। इसीलिए, जीवन का एक ही मंत्र है और वह है- ‘चरैवेति-चरैवेति’, यानी चलते रहो-चलते रहो। सम और विषम परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए अपने आप को तैयार करते रहो। भारतीय मनीषा ने भी सदैव यही प्रेरणा दी है।  हर गांव में विकसित हो रहे खेल के मैदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले खेल सुविधाओं का नितांत अभाव था, वहां आज हर गांव में खेल के मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। गांव-गांव में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता तथा ग्रामीण लीग प्रतियोगिता के माध्यम से खेल गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर में भी विगत दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।  पदक विजेता 534 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से मिली नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में कोई खेल नीति नहीं थी। हमारी सरकार ने खेल नीति विकसित की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को नौकरी की गारंटी दी। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप आदि में पदक विजेता 534 खिलाड़ियों की पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सीधी भर्ती की गई है। 500 और खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये नौकरी देने का कार्य शुरू किया जा रहा है।  रोइंग खिलाड़ियों ने आगे बढ़ाया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन सीएम योगी ने कहा कि 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर पीएम मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन को आगे बढ़ाया है। भारत में रोइंग प्रतिस्पर्धाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा रामगढ़ताल के समीप एक वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जरूरी स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स, मेंटल फिटनेस एवं आधुनिक प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं देश में उपलब्ध हो रही हैं। आने वाले समय में रामगढ़ताल में रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग एवं जल क्रीडा से संबंधित अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। उसमें महिला टीम के प्रशिक्षण हेतु रामगढ़ताल को चुना गया है। प्रशासन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करे। अच्छे कोच व विशेषज्ञों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि सुगमतापूर्वक प्रशिक्षण संचालित हो सके।  यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की समृद्ध संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं बहुत समृद्ध हैं। प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, गंडक, राप्ती जैसी पावन नदियां विद्यमान हैं, जहां वाटर स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है। बलिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, कानपुर जैसे शहरों में वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में आधुनिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। सीएम योगी ने बढ़ाया रोइंग खिलाड़ियों का उत्साह मुख्यमंत्री ने जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दो फाइनल मुकाबलों (दो किमी बालिका डबल स्कल और दो किमी बालक क्वाड्रपल स्कल) का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने ताली बजाकर खिलाड़ियों के जुनून की सराहना की। इसके पहले कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर रोइंग फेडरेशन/एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम योगी का स्वागत किया।  सीएम योगी के नेतृत्व में खेल व खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन: खेल मंत्री समारोह में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में विकास का उदाहरण पेश कर रहा है। खेल व खिलाड़ियों के लिए हर तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर और भरपूर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास हो चुका है तो यहां का रामगढ़ताल रोइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो चुका है। सपा सरकार में जिस रामगढ़ताल की पहचान गंदगी और अपराध से जुड़ी हुई थी, जहां गोलियां चलती थीं, वहां अब सीएम योगी के विजन से राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं … Read more

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी लहरों पर विहार करने के साथ मुख्यमंत्री ने ताल की साफ-सफाई का लिया जायजा गोरखपुर जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम जनप्रतिनिधियों के साथ नैसर्गिक रामगढ़ताल में लेक क्वीन क्रूज की सवारी की। करीब 25 मिनट तक क्रूज पर सवार होकर मुख्यमंत्री निखरे ताल की लहरों के स्पंदन की आनंदानुभूति करने के साथ गोरखपुर की नई विकसित पहचान को ताल के किनारे उमड़ी भीड़ से महसूस करते रहे। ताल की लहरों पर विहार करने के दौरान सीएम ने इस विशाल प्राकृतिक झील की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।  रामगढ़ताल के कायाकल्प का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। उनके विजन से निखरा-संवरा रामगढ़ताल न केवल नए गोरखपुर की नई पहचान बन चुका है बल्कि इसकी गिनती अब इस अंचल के खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में भी होती है। पर्यटन विकास के साथ यहां बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। इस ताल में बड़े महानगरों की तर्ज पर क्रूज और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का भी संचालन हो रहा है। साथ ही ताल में वाटर स्पोर्ट्स की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं ने इसे नेशनल फेम दिला दिया है।  जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पुरस्कार वितरण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेक क्वीन क्रूज पर पहुंचे। यहां उन्होंने क्रूज की सवारी के बीच ताल की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया। उनके साथ कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो भी खिंचवाई।

लाखों राज्यकर्मियों की बढ़ेगी सैलरी, योगी सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

लखनऊ  यूपी के लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि पहली जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह आदेश केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित दरों के आधार पर लागू किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के एरियर का भुगतान भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पहले के मुकाबले और बढ़ जाएगा। इससे कर्मचारियों कीमहीने सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश के नियमित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पदधारकों को पहली जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ा हुआ डीएम कामई 2026 के नियमित वेतन के साथ मिलेगा। छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हो वालों को नकद मिलगा जारी किए आदेश में यह भी बताया गया है कि जो राज्य कर्मचारी कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं अथवा छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें देय महंगाई भत्ते की पूरी राशि नकद रूप में प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के इस फैसले से लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है। कितना बढ़ेगा तनख्याह आपको समझाते हैं किसी कितनी सैलरी बढ़ेगी। मान लीजिए किसी का तनख्याह 50 हजार रुपए महीने है अब दो प्रतिशत बढ़ोतरी लगती है तो उसकी सैलरी 1000 रुपए महीने बढ़ सकती हैं। इसी तरह सलाना जोड़ेंगे यह बढ़ोतरी 12 हजार रुपये मानी जाएगी। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि पेंशनरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी। इससे बुजुर्ग पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी। कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी का माहौल वहीं राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के आदेश के बाद यूपी के कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी माहौल है। कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया है। पेंशनरों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि महंगाई के दौर में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता आर्थिक मदद देगा। कई कर्मचारी संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कर्मचारियों के हित में इसी तरह के फैसले लिए जाएंगे।

प्राचीन पांडुलिपियों और विरासत के संरक्षण में जुटी योगी सरकार, “ज्ञान भारतम् मिशन” को मिली नई गति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का व्यापक अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य देश की प्राचीन बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।       भारत सरकार के ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को गति प्रदान करते हुए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि देश की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।       प्रदेशभर में चलाए जा रहे सर्वे अभियान के दौरान अब तक हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, साहित्य, संगीत, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां शामिल हैं। विशेष रूप से वाराणसी, आयोध्या और रामपुर में सबसे अधिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें कई सदियों पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित सामग्री भी शामिल है।     राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मठ-मंदिरों, निजी संग्रहकर्ताओं और शोध संस्थानों के सहयोग से विशेष सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर प्राचीन दस्तावेजों और हस्तलिखित ग्रंथों का पता लगा रही हैं। मिशन के तहत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, डिजिटलीकरण और सूचीकरण भी किया जाएगा ताकि शोधार्थियों और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।     दरअसल, उत्तर प्रदेश सदियों से भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और रामपुर जैसे शहरों में संस्कृत, फारसी, अरबी और हिंदी की अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। अब “ज्ञान भारतम् मिशन” के माध्यम से इन्हें व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान केवल दस्तावेजों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को पुनर्स्थापित करने का प्रयास भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। ज्ञान भारतम् मिशन उसी विजन को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाया DA

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार ने राज्य कर्मियों को एक शानदार तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य कर्मियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर सीधे 60 फीसदी हो गया है। अपर मुख्य सचिव (ACS) वित्त, दीपक कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बंपर इजाफा होगा, बल्कि उनके घर का मासिक बजट भी काफी मजबूत हो जाएगा। 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 16 लाख सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाखों पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए इसका पूरा कैलकुलेशन महंगाई भत्ते की गणना हमेशा कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि इस 2% की बढ़ोतरी से आपकी जेब में कितने रुपये बढ़ेंगे: मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹35,000 है। 58% डीए के हिसाब से उस पहले ₹20,300 मिलते थे। अब 60% डीए के हिसाब से ₹21,000 मिलेंगे। इस हिसाब से हर महीने इसकी सैलरी में ₹700 का सीधा फायदा होगा। (इसके साथ ही जनवरी से लेकर अप्रैल तक का मोटा एरियर भी खाते में एक साथ आएगा)। इसी तरह, जिन वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे अधिक है, उनकी मासिक तनख्वाह में ₹2,000 से लेकर ₹5,000 तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।  

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी का उद्घाटन, युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को आईटीओटी अलीगंज (आईटीआई परिसर), लखनऊ में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों की शुरुआत के साथ संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ है। सरकार इसे “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के योग्य तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आईटीओटी जैसे संस्थान युवाओं के सपनों को साकार करने के केंद्र बन रहे हैं। प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास जगाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि आत्मविश्वास ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विशेष रूप से ड्रॉपआउट रोकने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की निरंतर उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने वाला अवसर साबित हो सकता है। उन्होंने प्रशिक्षकों से छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों से भी संवाद बढ़ाने की अपील की, ताकि प्रशिक्षण और शिक्षा के प्रति भरोसा और मजबूत हो सके। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग लगातार आधुनिक और उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि बदलते समय की जरूरतों के अनुसार पारंपरिक कोर्सेज के साथ नई तकनीकों और इंडस्ट्री आधारित ट्रेड्स को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षित होकर कितने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त हुआ। निदेशक प्राविधिक डी. के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग के निर्माण से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। इसके साथ ही संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या भी लगभग 1300 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आईटीआई प्रशिक्षकों के लिए सीआईपीएस प्रशिक्षण भी संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मजबूत होगी। न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर जैसे आधुनिक एवं रोजगारपरक ट्रेड शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन कोर्सेज से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही उन्होंने परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह, अपर निदेशक मानपाल सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

राहत-बचाव कार्यों में लापरवाही न बरतने, अस्पताल व बिजली व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए

लखनऊ  प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जनसामान्य को हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और गर्मी से होने वाली अन्य समस्याओं से बचाने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, बेड, आईवी फ्लूइड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में आमजन को सबसे अधिक परेशानी बिजली कटौती और पानी की कमी से होती है, इसलिए इन दोनों व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में नियमित समीक्षा करें और जहां भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, बेड, आईवी फ्लूइड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। दोपहर में बच्चों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें सीएम योगी ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि ये वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दोपहर के समय बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें। उन्होंने बुजुर्गों को भी तेज धूप से बचाने और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से ढीले सूती कपड़े पहनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हल्के रंग के सूती वस्त्र शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी से राहत देते हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर को ढकने जैसे उपाय अवश्य अपनाए जाएं। कार्यस्थलों पर पेयजल व छाया सुनिश्चित की जाए सीएम योगी ने आग लगने की घटनाओं को लेकर भी लोगों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। खेतों, बाजारों, गोदामों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसी कोई भी लापरवाही न की जाए, जिससे आग लगने का अंदेशा हो। उन्होंने फायर विभाग को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों और खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को लू, थकावट और निर्जलीकरण से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अत्यधिक गर्मी के समय श्रमिकों से लगातार काम न कराया जाए और उन्हें समय-समय पर आराम दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आमजन के बीच जागरूकता फैलाने को कहा है, ताकि लोग गर्मी व लू से बचाव के उपायों को अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा व सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति में लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

गांव-गांव खुलेंगे गोपैथी सेंटर, स्थानीय स्तर पर मिलेंगी स्वास्थ्य एवं परामर्श सुविधाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक कृषि, रोजगार और पंचगव्य आधारित चिकित्सा एवं अनुसंधान से जोड़कर एक बड़े परिवर्तनकारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गांव-गांव “गोपैथी सेंटर” स्थापित करने की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके जरिए पंचगव्य आधारित चिकित्सा पद्धति को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आर्थिक समृद्धि का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गो सेवा को आर्थिक विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ना है, ताकि गोशालाएं केवल संरक्षण केंद्र न रहकर जैविक कृषि, पंचगव्य उत्पाद निर्माण और ग्रामीण उद्योगों की नई ताकत बन सकें। मधुमेह, माइग्रेन, लकवा और हृदय रोगों के इलाज में सहायक भूमिका निभा सकती है पंचगव्य चिकित्सा प्रदेश में विकसित किए जा रहे पंचगव्य आधारित चिकित्सा मॉडल को आयुष एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार पंचगव्य आधारित उत्पाद मधुमेह, माइग्रेन, लकवा, हृदय रोग, त्वचा संबंधी समस्याओं, पाचन संबंधी विकारों तथा श्वसन संबंधी समस्याओं में मुख्यधारा चिकित्सा के साथ सहायक एवं पूरक भूमिका निभाने की संभावनाओं के लिए अध्ययन का विषय हैं। पंचगव्य थेरेपी, जिसे “गोपैथी” भी कहा जाता है, आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर आधारित अवधारणा है। इसमें गाय से प्राप्त पांच प्रमुख तत्व दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का उपयोग विभिन्न औषधीय मिश्रणों, अर्क एवं अन्य उत्पादों के रूप में किया जाता है।  गांव स्तर पर तैयार होगा आय का मजबूत मॉडल योगी सरकार की योजना के तहत गोशालाओं को आधुनिक तकनीक से विकसित कर ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। गांव स्तर पर पंचगव्य आधारित मंजन, मरहम और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, विपणन और रोजगार का एक नया आर्थिक चक्र विकसित होगा। इससे न केवल गोशालाओं की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि गांवों में बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। गो आधारित उत्पादों की उपलब्धता और विपणन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। आयुष और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ी जा रही पंचगव्य चिकित्सा प्रदेश में पंचगव्य आधारित उत्पादों को आयुष प्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में कार्य जारी है। पंचगव्य आधारित उत्पादों के संबंध में रोग प्रतिरोधक क्षमता, त्वचा की देखभाल, पाचन सहायता तथा स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न संभावित उपयोगों पर भी अध्ययन किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में व्यापक वैज्ञानिक एवं क्लीनिकल अनुसंधान की दिशा में प्रयास किए जा हैं। देश का सबसे बड़ा गोपैथी केंद्र बनेगा यूपी उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि यह मॉडल बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश देश में गोपैथी सेंटर का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण को ग्रामीण विकास, वैज्ञानिक कृषि और रोजगार से जोड़कर ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।