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25.32 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन, लिखित परीक्षा से लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा तक कई चरणों में हुई चयन प्रक्रिया

लखनऊ  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में होमगार्ड बल को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरबी) ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 41,424 पदों पर एनरोलमेंट-2025 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों की जनपदवार सूची बोर्ड की वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध कराई जा रही है। होमगार्ड्स के इन पदों के लिए बोर्ड ने 18 नवंबर 2025 को विज्ञप्ति जारी कर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए निकाली गई इन रिक्तियों के सापेक्ष कुल 25,32,196 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 की यह प्रक्रिया आवेदन, लिखित परीक्षा, दस्तावेजों की जांच, शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद अंतिम चयन तक पहुंची है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में होमगार्ड बल के लिए निर्धारित रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। छह पालियों में हुई लिखित परीक्षा चयन प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 74 जिलों में 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा कुल छह पालियों में हुई। अलग-अलग पालियों में परीक्षा होने के कारण नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों के अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय जिन अधिमानी योग्यताओं से जुड़े दस्तावेज लगाए थे, उनके निर्धारित अंक भी जोड़े गए। इन अंकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। 1.07 लाख अभ्यर्थी अगले चरण में पहुंचे बोर्ड ने 28 जून 2026 को जारी सूचना के माध्यम से कुल 1,07,221 अभ्यर्थियों को दस्तावेजों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण के लिए बुलाया। यह संख्या विज्ञापित पदों की करीब 2.6 गुना थी। दस्तावेजों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया 13 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक पूरी की गई। इस दौरान अभ्यर्थियों के जरूरी दस्तावेजों की जांच के साथ निर्धारित शारीरिक मानकों को भी परखा गया। शारीरिक दक्षता परीक्षा भी सम्पन्न दस्तावेज जांच और शारीरिक मानक परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल कराया गया। यह परीक्षा 15 से 26 सितंबर 2026 तक कराई गई। शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अंतिम चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया। जनपदवार मेरिट से हुआ चयन अंतिम चयन के लिए लिखित परीक्षा में मिले नॉर्मलाइज्ड स्कोर और अधिमानी योग्यता के लिए मिले निर्धारित अंकों को जोड़ा गया। इसके बाद प्रदेश में लागू आरक्षण नियमों के अनुसार जनपदवार मेरिट तैयार की गई। इसी मेरिट के आधार पर 41,424 पदों के सापेक्ष चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई है। चयनित अभ्यर्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर देख सकते हैं। समान अंक वालों के लिए भी नियम तय बोर्ड के अनुसार, 3 नवंबर 2025 के शासनादेश में निर्धारित उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के तहत समान अंक प्राप्त करने वाले दो या अधिक अभ्यर्थियों की जनपदवार श्रेष्ठता का निर्धारण नियमों के अनुसार किया गया। इसमें अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी गई तथा समान स्थिति में हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज नाम के अंग्रेजी वर्णमाला क्रम को आधार बनाया गया। प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 41,424 रिक्त पदों के सापेक्ष सभी 41,424 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

हर छात्र को शिक्षा और आगे बढ़ने का समान अवसर देने को प्रतिबद्ध है डबल इंजन सरकार: सीएम योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शनिवार को पूर्वदशम और दशमोत्तर कक्षाओं की 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से प्रमाणपत्र दिए। इसके बाद सीएम ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में अपनी स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। हर छात्र को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले, इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज लखनऊ में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण किया। साथ ही, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

वृंदावन से गायब बच्चों की तलाश तेज: प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंच रहे परेशान परिजन

लखनऊ प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया जा रहा हाथरस के सादाबाद का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी को हाथरस पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा किशोर से पूछताछ की जा रही है। अनुज के लापता होने का आरोप लगाते हुए उसके परिवारवालों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया था। पुलिस ने खोजबीन का आश्वासन देकर किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया और धरना खत्म कराया था। उधर, संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर कई ऐसे लोग पहुंचने लगे हैं, जो अपने बच्चों के गायब होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिवारीजन आश्रम के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बता दें कि सादाबाद के गांव बरामई खेड़ा के रहने वाले राजवीर चौधरी का बेटा अनुज (17) तीन जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद वो घर लौट गया था। तीन जुलाई को फिर वृंदावन आ गया। तब से अनुज के परिजन उसे तलाश रहे थे। शुक्रवार को अनुज के परिजनों संग बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरना दिया था। करीब आठ घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था। शनिवार अनुज की सकुशल बरामदगी की ख़बर सामने आ गई। अनुज के परिजनों के अनुसार सादाबाद पुलिस ने अनुज को बरसाना के एक आश्रम से बरामद किया है। हालांकि पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सादाबाद इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि किशोर को बरसाना से सकुशल बरामद कर लिया है। लापता बच्चों के घरवाले पहुंच रहे हैं आश्रम, सकुशल वापसी की मांग संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर अब कई लोग ऐसे पहुंचने लगे हैं, जिनके बच्चे गायब हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिजन आश्रम के बाहर पहुंचे और अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बताया जाता है कि कासगंज का रहने वाला मयंक सिंह चौहान पिछले सात अगस्त को वृंदावन आने की कहकर अपने घर से निकला था। जिसका काफी प्रयास के बाद भी कोई पता नहीं लग सका है। मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मयंक सिर्फ प्रेमानंद महाराज की बातें करता था। पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के छात्र मयंक तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का बच्चा है। पिता के अनुसार पूरा परिवार मयंक के गायब होने से परेशान है। इसी तरह की पीड़ा महाराष्ट्र की उज्वला ताक पिरे की है। 21 जुलाई से लापता है ओम परमेश्वर उन्होंने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर 21 जुलाई से लापता हैं। वो वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शनों की कहकर अपने घर से निकला था। 23 जुलाई को उसकी मां वृंदावन पहुंची और बेटे की तलाश शुरू कर दी। उज्वला ताकपिरे का कहना है कि उसे आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम परमेश्वर के होने की जानकारी मिली थी। लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उज्वला अपने बेटे की तलाश में कई बार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से वृंदावन आ चुकी है। संभाजी नगर में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज है। इसी तरह समीपवर्ती देवी आटस निवासी किशोरलाल का 14 वर्षीय बेटा नवनीत भी 10 सितम्बर से गायब है। नवनीत के परिजन भी उसे ढूंढने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे थे।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा होगी और मजबूत, सिद्धार्थनगर में IB के लिए चार स्थान चिन्हित

शोहरतगढ़  भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो की इकाइयों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। ककरहवा, खुनुआ, बढ़नी और डुमरियागंज में कार्यालय व आवास के लिए भूमि प्रस्तावित है। ककरहवा के भाटिनपार और खुनुआ 0.3000-0.3000 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है। डुमरियागंज के रूदौलिया बुजुर्ग में भी 0.3000 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। बढ़नी क्षेत्र के मधवापुर में 0.1052 हेक्टेयर भूमि आवास निर्माण तथा ढेबरुआ में 0.0910 हेक्टेयर भूमि कार्यालय निर्माण के लिए प्रस्तावित है। ककरहवा और डुमरियागंज की भूमि का निरीक्षण हो चुका है। खुनुआ में चिह्नित स्थल का शीघ्र निरीक्षण कराकर उपयुक्त पाए जाने पर पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। इससे सीमापार गतिविधियों पर स्थानीय निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। सीमा सुरक्षा के लिहाज से अहम पड़ाव जनपद में भारत-नेपाल की 68 किलोमीटर की सीमा पूरी तरह से खुली होने के कारण सिद्धार्थनगर का सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खुनुआ और बढ़नी, ककरहवा जैसे प्रमुख सीमा बिंदुओं के आसपास आइबी इकाइयों की स्थापना से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को संस्थागत आधार मिलने की उम्मीद है। दो वर्षों के बीच खुनुवा एवं ककरहावा के रास्ते कई विदेशी भारत में प्रवेश करते हुए पकड़े गए हैं। इसको लेकर सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। बब्बर खालसा ग्रुप, इंडियन मुजाहिदीन ग्रुप से जुड़े आतंकी भारत-नेपाल के बढ़नी बार्डर से पकड़े भी जा चुके हैं। खुली सीमा के चलते दुश्मन देश भारत-विरोधी गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। आतंकी संगठन बिहार और उत्तर प्रदेश के नेपाल से सटे इलाकों में उनकी नापाक गतिविधियों को बढ़ाने नए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े किए जाने की आशंका है, जिसके जरिए भारत में अशांति फैलाई जा सके। नेपाल से सटे इलाकों में कट्टरपंथी गतिविधियों में काफी इजाफा नजर आ रहा है। बढ़नी बार्डर पर मिल चुका है पाकिस्तान कनेक्शन 1993 में बढ़नी में भारत-नेपाल सीमा पर अजमेर सिंह व भाग सिंह नामक उग्रवादी पकडे़ गए। वर्ष 2010 में बढ़नी बार्डर से इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी सलमान उर्फ छोटू को एटीएस ने पकड़ा था। वर्ष 2013 में बिहार के रक्सौल से इसी आतंकी संगठन का मास्टर माइंड अब्दुल करीम टुंडा पकड़ा गया था। पूछताछ में बढ़नी के आसपास रहकर देश विरोधी गतिविधि चलाने की बात सामने आई थी। इसी बीच इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े आतंकी यासिन भटकल को पकड़ा गया था। इसके अलावा पड़ोसी जनपद महराजगंज से हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी नासिर को पकड़ा गया था। बब्बर खालसा का खतरनाक उग्रवादी मक्कन सिंह भी बढ़नी में पकड़ा गया था    

खेतों से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचा कालानमक चावल, UPITS-2026 में सिद्धार्थनगर की कुकीज़ ने बटोरी तारीफ

ग्रेटर नॉएडा सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पीढ़ियों से महकता कालानमक चावल अब केवल थाली तक सीमित नहीं है। वही पारंपरिक खुशबू अब कुकीज़ के स्वाद में ढलकर देश की सीमाओं से बाहर वैश्विक बाजार तक अपनी पहचान बना रही है। एक परिवार की तीन पीढ़ियों की खेती, एक युवा उद्यमी के नवाचार और उपलब्ध अवसरों के समन्वय से शुरू हुआ यह सफर आज स्थानीय कृषि विरासत को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ने की प्रेरक कहानी बन गया है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (यूपीआईटीएस-2026) इंडिया एक्सपो मार्ट एवं सेंटर ग्रेटर नोएडा में सिद्धार्थनगर की मेसर्स बुद्धा डिलाइट्स द्वारा कालानमक चावल से तैयार कुकीज़ जब देश-विदेश के खरीदारों के सामने पहुंचीं, तो स्वाद के साथ कालानमक चावल की विशिष्ट पहचान ने भी उनका ध्यान आकर्षित किया।  ट्रेड शो के दौरान इकाई को 200 बिजनेस इंक्वायरी प्राप्त हुईं, जिनकी कुल अनुमानित कारोबारी संभावनाएं करीब 04 करोड़ रुपये की हैं।यह उपलब्धि केवल एक उद्यम की व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि इस बात का उदाहरण भी है कि स्थानीय कृषि उत्पादों में नवाचार और मूल्य संवर्धन के माध्यम से गांव और खेत से निकलने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सकता है। फ्रांस तक पहुंची कालानमक चावल की महक, 50 हजार कुकीज़ का मिला ऑर्डर यूपीआईटीएस-2026 बुद्धा डिलाइट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबार का महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। इकाई के संस्थापक डॉ. अजय कुमार रावत ने फ्रांस के एक बायर के साथ एमओयू साइन किया है। इसके अंतर्गत 50 हजार कुकीज़ की आपूर्ति का कन्फर्म ऑर्डर प्राप्त हुआ है, जिसकी कुल कीमत 20 लाख रुपये है। सिद्धार्थनगर के खेतों में उगने वाले कालानमक चावल से बने उत्पाद का फ्रांस के बाजार तक पहुंचना स्थानीय कृषि विरासत के वैश्विक संभावनाओं से जुड़ने का उदाहरण है। जिस फसल को परिवार पीढ़ियों से खेत में उगा रहा था, आज उसी फसल से तैयार उत्पाद के लिए विदेश से व्यावसायिक ऑर्डर मिलना इस यात्रा को विशेष बनाता है। उपभोक्ताओं ने भी अपनाया स्वाद, UPITS में 04.70 लाख रुपये की बिक्री व्यापारिक खरीदारों के साथ आम उपभोक्ताओं ने भी कालानमक चावल से तैयार उत्पादों में रुचि दिखाई। यूपीआईटीएस-2026 के दौरान बुद्धा डिलाइट्स ने बी2सी श्रेणी में 04.70 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की। कालानमक कैश्यू कुकीज़, एरोमैटिक ब्राउन राइस कुकीज़, ड्राई फ्रूट शुगर फ्री कुकीज़ और जैगरी कुकीज़ जैसे अलग-अलग उत्पादों ने यह संभावना सामने रखी कि पारंपरिक अनाज को आधुनिक स्वाद और उपभोक्ता की आवश्यकता के अनुरूप प्रस्तुत कर उसके लिए नया बाजार तैयार किया जा सकता है। दादा-परदादा के खेतों से मिली विरासत को बनाया उद्यम का आधार इस सफलता की जड़ें सिद्धार्थनगर के उन खेतों में हैं, जहां डॉ. अजय कुमार रावत का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से कालानमक चावल की खेती करता आ रहा है। शिक्षक पिता और गृहिणी माता के परिवार में पले-बढ़े डॉ. रावत ने राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने नेचुरोपैथी योगा में भी डॉक्टरेट किया। राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हुए भी उनके मन में अपनी मिट्टी और कालानमक से जुड़ी पारिवारिक विरासत को कुछ नया स्वरूप देने का विचार बना रहा। यही विचार धीरे-धीरे प्रयोग में बदला। कालानमक को केवल चावल के रूप में बेचने के बजाय उससे ऐसे उत्पाद तैयार करने की सोच विकसित हुई, जिन्हें नई पीढ़ी और आधुनिक बाजार भी सहजता से अपना सके। इस विचार को वास्तविक उत्पाद में बदलने के लिए डॉ. रावत ने स्वयं खाद्य उत्पाद निर्माण की बारीकियां सीखीं और पुणे से कुकरी एवं बेकरी में डिप्लोमा कोर्स पूरा किया। इसके बाद कालानमक चावल के अलग-अलग वैरिएंट्स पर प्रयोगों का सिलसिला शुरू हुआ। लगातार प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में मेसर्स बुद्धा डिलाइट्स की स्थापना हुई। परंपरा वही रही, बदल गया उसका स्वरूप डॉ. रावत ने कालानमक की मूल पहचान को बनाए रखते हुए उसे आधुनिक खाद्य उत्पादों से जोड़ने का प्रयास किया। इसी प्रयोग से कालानमक कैश्यू कुकीज़, एरोमैटिक ब्राउन राइस कुकीज़, ड्राई फ्रूट शुगर फ्री कुकीज़ और जैगरी कुकीज़ जैसे उत्पाद सामने आए।यह बदलाव केवल उत्पाद का नहीं था। इसके साथ कालानमक के लिए बाजार का दायरा भी बदलने लगा।जो कालानमक पहले मुख्यतः चावल के रूप में उपभोक्ता तक पहुंचता था, वही अब मूल्यवर्धित उत्पाद के रूप में नई उपभोक्ता श्रेणियों और नए बाजारों तक पहुंच रहा है।आज बुद्धा डिलाइट्स का वार्षिक टर्नओवर लगभग 3 करोड़ रुपये है। यूपीआईटीएस-2026 में मिली करीब 4 करोड़ रुपये की 200 बिजनेस इंक्वायरी और फ्रांस से प्राप्त 20 लाख रुपये के कन्फर्म ऑर्डर ने उद्यम के विस्तार की संभावनाओं को और मजबूत किया है। वित्तीय संबल मिला तो सपनों को विस्तार देने का रास्ता खुला किसी नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए विचार और परिश्रम के साथ वित्तीय संसाधन भी आवश्यक होते हैं। डॉ. रावत के उद्यम को आगे बढ़ाने में ‘एक जनपद एक व्यंजन पोषण वित्त योजना’ ने महत्वपूर्ण संबल प्रदान किया। योजना के अंतर्गत उन्होंने 50 लाख रुपये का ऋण लिया है, जिस पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के माध्यम से 10 लाख रुपये की मार्जिन मनी (सब्सिडी) उपलब्ध कराई जाएगी। इस वित्तीय सहयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने और उद्यम को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ने का आधार मिला है। “अपनी मिट्टी की पहचान को दुनिया तक पहुंचाना ही सपना” डॉ. अजय कुमार रावत के लिए यह उद्यम केवल कारोबार नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी और उससे जुड़ी पहचान को आगे ले जाने का माध्यम भी है। उनका उद्देश्य कालानमक की विशिष्ट सुगंध और स्वाद को मूल्यवर्धित उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया के उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने उत्पाद प्रस्तुत करने, देश-विदेश के खरीदारों से सीधे संवाद करने और फ्रांस से व्यावसायिक ऑर्डर प्राप्त करने को वे अपने उद्यम की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं।उन्होंने उपलब्ध कराए गए मंच, संबंधित विभागों के सहयोग और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अवसर छोटे और स्थानीय उद्यमों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने तथा नए बाजारों तक पहुंचने का मार्ग प्रदान करते हैं। खेत से कुकीज़ तक… और सिद्धार्थनगर से फ्रांस तक सिद्धार्थनगर के एक खेत से शुरू हुई यह कहानी आज अंतरराष्ट्रीय कारोबार के द्वार तक पहुंच चुकी … Read more

प्रत्याशी अपने उतारकर सिंबल हमारा दिया था’, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश पर लगाया धोखा देने का आरोप

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने 2017 से पहले की सपा सरकार और 2017 के बाद की योगी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। दोनों वरिष्ठ मंत्रियों ने अखिलेश यादव द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल, निवेश, रोजगार, सरकारी भर्ती, कानून-व्यवस्था और गठबंधन की राजनीति पर दिये गये बयानों को लेकर पलटवार किया है। इसके साथ ही मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के संभावित अयोध्या दौरे पर तीखा कटाक्ष किया है।  हमारे सिंबल पर सपा ने लड़ाये थे अपने 12 प्रत्याशी ओम प्रकाश राजभर ने सपा मुखिया पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा का सिंबल इस्तेमाल करते हुए अखिलेश यादव ने अपने 12 प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया था। उन्होंने शनिवार को सपा में शामिल हुए नेताओं के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि वो सब के सब दगे हुए कारतूस हैं। कभी बसपा में रहते हैं, कभी सपा, तो कभी किसी दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल ऐसे नेताओं से गठबंधन करने से वोट नहीं मिलता।   मोबाइल और शिक्षा पर राजभर ने किया पलटवार बच्चों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल और शिक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव की टिप्पणियों का जवाब देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बच्चों को मुख्य रूप से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के बिना बच्चों को नौकरी और रोजगार नहीं मिल सकता। अगर उनका पूरा ध्यान केवल मोबाइल में रहेगा, तो वे आगे कैसे बढ़ेंगे? बच्चों के पास मोबाइल रहे, लेकिन उससे जो शैक्षणिक जानकारी मिलती है, वे उसी पर अमल करें। निवेश और रोजगार को लेकर घेरा प्रदेश में निवेश के मुद्दे पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में कोई भी निवेशक आने को तैयार नहीं था। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के दौरान स्थिति बदली है। राजभर ने कहा कि आज सैमसंग जैसी बड़ी मोबाइल कंपनियां उत्तर प्रदेश में आकर अपना कारोबार स्थापित कर रही हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। अखिलेश यादव को सपा के चश्मे से यह सब दिखाई नहीं दे रहा। भर्ती आयोगों और पारदर्शिता पर सवाल सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं पर बात करते हुए राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सपा सरकार में यूपीपीएससी में पक्षपात करते हुए अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर बिठा दिया था, जिसपर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी और तत्कालीन अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए कहा था।  उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा सरकार में नौकरियों के विज्ञापनों के साथ बोलियां लगती थीं और बिना पैसों के नौकरी नहीं मिलती थी। कहा कि सपा सरकार में शिवपाल चाचा एंड कंपनी सक्रिय हो जाती थी और जैसी नौकरी होती उस हिसाब से 10 लाख, 15 लाख, 20 लाख, 25 लाख रुपये तक की बोली लगती। आज योगी सरकार में बिना किसी भ्रष्टाचार और पक्षपात के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 10 लाख योग्य युवाओं को नौकरियां दी गई हैं। इसके अलावा, जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में रोजगार मेले आयोजित कर तथा बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण देकर छोटे व्यापारियों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। सपा के समय में हुए एक हजार दंगे, योगी शासन में शून्य' प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तुलना करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश सरकार के 5 साल के शासनकाल में प्रदेश में एक हजार से अधिक दंगे हुए थे, जबकि योगी आदित्यनाथ के 10 साल के शासन में एक भी दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय गुंडे और माफिया सड़कों पर खुलेआम हथियार लहराते हुए घूमते थे, लेकिन योगी सरकार में कोई गैंगवार नहीं हुआ और माफिया पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर कसा तंज कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि देर से ही सही, कम से कम वे अयोध्या आ तो रहे हैं। उन्हें भगवान श्रीराम के साथ-साथ निषादराज के भी दर्शन करने चाहिए और अपनी पिछली गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए। माफी मांगने से गलती सुधर जाती है। 2017 से पहले और बाद के कार्यकाल की तुलना डॉ. संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार पर आरोप लगाना है, लेकिन जनता को 2017 से पहले और 2017 के बाद की स्थितियों की तुलना करनी चाहिए। चाहे नौकरी का मामला हो, भर्ती आयोगों की पारदर्शिता हो, कानून-व्यवस्था हो या घोटाले, तुलना करने पर स्थिति साफ हो जाएगी।

नौकरियों का रेट तय करने वाले आज नकल पर ज्ञान दे रहे हैं’, अखिलेश के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों का तीखा पलटवार

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए यूपी सरकार के मंत्रियों ने उनके शासनकाल में हुए धांधली का मुद्दा उठाया है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल और राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने सपा शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्तियों में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा राज में पैसे के बदले नौकरी मिलती थी, जबकि आज योगी सरकार में युवाओं को बिना पैसे और पैरवी के नौकरी मिलती है।  मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी के शासनकाल में नकल और सरकारी नौकरियों को लेकर सवाल उठते थे, उसके नेता का आज उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करना प्रदेश की जनता को हास्यास्पद लग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान परीक्षाओं में सामूहिक नकल होती थी, प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आती थीं और सरकारी नौकरियों में जातिगत पक्षपात के आरोप लगते थे। उन्होंने कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उस समय सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं और उनके परिवारों को सिफारिश और कथित सौदेबाजी के चक्कर में पड़ना पड़ता था। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सपा सरकार का कार्यकाल देखा है और आज की युवा पीढ़ी भी उस दौर की व्यवस्था को समझ रही है। ‘9.5 लाख से अधिक युवाओं को दी गईं सरकारी नौकरियां’ कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में करीब 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उनके मुताबिक, नियुक्तियों में जाति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया गया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रखा गया। उन्होंने पुलिस और पीएसी भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बेटियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है। हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव तीखा हमला किया राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा पर सवाल उठाने से पहले सपा सरकार के अपने कार्यकाल को देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल होती थी। सरकारी नौकरियों में भी सिफारिश और राजनीतिक पहुंच के प्रभाव वालों को नौकरी मिलती थी। विश्वकर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भर्ती आयोगों की व्यवस्था के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। उनके मुताबिक, आज अभ्यर्थी बिना किसी भय के परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं और नकल पर प्रभावी रोक लगाने के लिये लगातार प्रयास किए गए हैं। विकास के साथ विरासत पर भी जोर हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में विकास के साथ विरासत से जुड़े विषयों पर भी काम किया है। उन्होंने आशा बहुओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, पीआरडी जवानों, होमगार्ड और पुलिसकर्मियों समेत विभिन्न वर्गों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने छात्रवृत्ति और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी सरकार की उपलब्धियों से जोड़ा। मंत्रियों ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर भू-माफिया, शिक्षा माफिया और अपराधियों के पोषण का आरोप लगाया। और कहा कि योगी सरकार ने जनता से किए गए अपने सभी वादों को जमीन पर उतारने का काम किया है।

नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर

लखनऊ नवरात्र में मंदिर जाना हो, दिवाली पर बाजार से खरीदारी करनी हो या रेलवे स्टेशन और बस अड्डे तक पहुंचना हो, उत्तर प्रदेश के कई और शहरों में जल्द मोबाइल से टैक्सी बुक कर सफर करने की सुविधा मिलने वाली है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद अब ‘भारत टैक्सी’ के पहिए प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों की ओर बढ़ रहे हैं।  त्योहारों पर प्रदेश की जनता को योगी सरकार बड़ी सुविधा दिलाने का प्रयास कर रही है। एक माह के भीतर 12 और शहरों तक सेवा पहुंचाने की तैयारी है। इनमें अयोध्या, आगरा और मेरठ के निवासियों को नवरात्र से पहले इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में भारत टैक्सी के विस्तार के लिए ग्राउंड ऑनबोर्डिंग और ड्राइवर पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। इससे ऐप आधारित टैक्सी सेवा का दायरा प्रदेश के बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंचेगा। मथुरा से मिर्जापुर तक दौड़ेगी टैक्सी अगले चरण में मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन शहरों में ड्राइवर और वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लक्ष्य है कि एक माह के भीतर इन शहरों के लोगों को सेवा उपलब्ध होने लगे। इस विस्तार में धार्मिक और पर्यटन शहरों पर भी विशेष ध्यान है। अयोध्या और मथुरा जैसे शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि आगरा में देश-दुनिया से पर्यटकों का आवागमन रहता है। वाराणसी और प्रयागराज में सेवा उपलब्ध होने के बाद अब ऐसे दूसरे प्रमुख शहरों को नेटवर्क में लाने की तैयारी है। कार ही नहीं, बाइक और ऑटो चालक भी जुड़ेंगे भारत टैक्सी के नेटवर्क में टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यात्रियों के सामने छोटी दूरी के लिए भी विकल्प बढ़ेंगे। वहीं बाइक, ऑटो और टैक्सी चलाने वाले युवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों तक पहुंचने का नया माध्यम तैयार होगा। उत्तर प्रदेश में अभी 50 हजार से अधिक चालक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। नए शहरों में ऑनबोर्डिंग शुरू होने के साथ यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। शहरों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर वाहन चालकों को नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। त्योहार से पहले भारत टैक्सी का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर : जेपीएस राठौर सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि अक्टूबर में नवरात्र और इसके बाद दिवाली के दौरान शहरों में बाजारों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव बढ़ता है। इसी को देखते हुए नए शहरों में नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है। पहले चरण में पांच प्रमुख शहरों में मौजूदगी के बाद अब इसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की तैयारी है। योजना के मुताबिक एक माह में प्रदेश के 12 और शहर भारत टैक्सी के नेटवर्क से जोड़ दिए जाएंगे। यानी आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित स्थानीय परिवहन के इस नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। जल्द ही प्रदेश में कई शहरों के लोग भारत टैक्सी के शानदार सफर का आनन्द ले सकेंगे| एक नजर में विस्तार अभी सुविधा: लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज नवरात्र से पहले तैयारी: अयोध्या, आगरा, मेरठ अगले चरण में: फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, मथुरा, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली प्रदेश में जुड़े ड्राइवर: 50 हजार से अधिक फोकस: टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक

भारी बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे और तारों की तत्काल हो मरम्मत: मुख्यमंत्री

बारिश से बिगड़ी बिजली-सड़क व्यवस्था जल्द होगी दुरुस्त, सीएम योगी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश भारी बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे और तारों की तत्काल हो मरम्मत: मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर लोगों को राहत देने पर जोर खराब सड़कों की मरम्मत कर आवागमन सुचारु कराने पर सीएम ने दिया जोर लखनऊ  भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रभावित हुई बिजली और सड़क व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और तारों को जल्द दुरुस्त कराने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के कारण लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए। आपूर्ति व्यवस्था को जल्द किया जाए सामान्य मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त विद्युत ढांचे की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों को दुरुस्त कर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य करने को कहा गया है। सीएम ने स्थानीय स्तर पर टीमों को सक्रिय रखते हुए शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। बारिश से खराब हुई सड़कों की तत्काल हो मरम्मत मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से खराब हुई सड़कों की भी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। जलभराव और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने को कहा गया है, ताकि लोगों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न हो। सीएम ने अधिकारियों को बिजली और सड़क जैसी जरूरी जनसुविधाओं को जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और व्यवस्थाओं की बहाली के कार्यों में किसी तरह की देरी न होने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संबंधित अधिकारी प्राथमिकता तय करें और प्रभावित लोगों को जल्द राहत पहुंचाए।

रामायण वाटिका का लोकार्पण नवरात्र में संभव, मुख्यमंत्री योगी से मांगा गया समय; दिखेगी ‘हरित रामायण’

बरेली भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास काल की स्मृतियों को संजोए रामायण वाटिका के शुभारंभ की तैयारी फिर से आरंभ कर दी गई है। बीडीए की ओर से नवरात्र में वाटिका आमजन के लिए खोलने की योजना बनाई गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी समय मांगा गया है। शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका के शुभारंभ के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है। अब इसे नवरात्र में जनता को समर्पित करने की तैयारी चल रही है। नवरात्र के दौरान रामायण वाटिका के एम्फीथिएटर (खुला रंगमंच) में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला सुंदरकांड, सत्संग, संकीर्तन, रामायण आधारित प्रस्तुतियां व अन्य विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि, शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका अब पूर्ण हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ रामायण वाटिका का लोकार्पण कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा जा रहा है। वाटिका में स्थापित की गई 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा रामायण वाटिका की पहचान ‘हरित रामायण’ की संकल्पना है। भगवान श्रीराम के वनगमन के दौरान जिन वन क्षेत्रों से होकर उनके जाने का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है, वहां की वनस्पतियों एवं वृक्षों से संबंधित विवरण को आधार बनाकर वाटिका काे हरित स्वरूप में विकसित किया गया है। वाटिका में स्थापित 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य-दिव्य प्रतिमा पर्यटकाें का प्रमुख आकर्षण है। साथ ही लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। मानसून के बाद वाटिका में विकसित पुष्प-पौधों, वनस्पतियों और लैंडस्केप के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नवरात्र के अवसर पर इसे अपने पूर्ण प्राकृतिक एवं आकर्षक स्वरूप में जनता के सामने प्रस्तुत किया जा सके। वाटिका में आमजन के लिए खानपान की सुविधा को कैंटीन, सार्वजनिक शौचालय समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।