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बाराबंकी में दर्दनाक हादसा, चार महिलाओं समेत पांच की मौत

बाराबंकी बाराबंकी जिला मुख्यालय से नौ किलोमीटर दूर हैदरगढ़ मार्ग पर रोडवेज की अनुबंधित बस पर गूलर का पेड़ गिर गया। पेड़ बस के अगले हिस्से पर गिरा। हादसे में चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। एक महिला की पहचान शहर के मोहल्ला गुलरिया गार्दा की निवासी शिक्षा मेहरोत्रा (53) के रूप में हुई है। तीन अन्य महिलाओं की आयु 40 से 45 साल के मध्य है। पेड़ काटकर लोगों को निकाला गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में 40 लोग सवार थे। हादसे के बाद कई यात्री खिड़की से कूदकर निकले। बारिश के दौरान हुए हादसे के कारण राहत व बचाव कार्य में देर लगी। सवारियां लेकर बाराबंकी से हैदरगढ़ जा रही बस पर करीब साढ़े 10 बजे जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरख में स्थित राजा बाजार के पास पेड़ गिर पड़ा। पेड़ इतनी तेज गिरा कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बीच में पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। बस के अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार दिल को दहला देने वाली थी। पेड़ काटने का काम वन विभाग के कर्मचारियों ने किया। ग्रामीण सहयोग में लगे रहे।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: जनरल कोच में भी मिलेगा ताजा खाना, कीमत होगी बेहद कम

रायबरेली रेल यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर! अब सिर्फ एसी कोच ही नहीं, जनरल कोच के यात्रियों को भी ट्रेन में सफर के दौरान ताजा और पौष्टिक खाना मिलेगा। केवल 80 रुपये खर्च कर आप ट्रेन में ही गर्मागरम शाकाहारी थाली का स्वाद ले सकेंगे। यह सुविधा रायबरेली से शुरू हो रही है और आगे देशभर में लागू की जाएगी। रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्री भी ट्रेन में ही पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना पा सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ एसी कोच तक सीमित थी, लेकिन अब भारतीय रेलवे की सहयोगी संस्था आईआरसीटीसी (IRCTC) और टच स्टोन फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के तहत जनरल कोच के यात्रियों को भी यह सेवा दी जा रही है। यह सुविधा सबसे पहले रायबरेली से शुरू की गई है, और जल्द ही इसे अन्य स्टेशनों व ट्रेनों में भी विस्तार दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था में यात्रियों को 80 रुपये में शाकाहारी थाली मिलेगी, जिसमें पूरी न्यूट्रिशन का ध्यान रखा गया है। इस थाली में क्या-क्या मिलेगा? यात्रियों को 2 पराठे या 4 रोटियां (100 ग्राम), 150 ग्राम चावल, 150 ग्राम दाल या सांभर, 100 ग्राम मौसमी सब्जी और 80 ग्राम दही परोसा जाएगा। यह खाना न केवल स्वादिष्ट होगा, बल्कि पूरी तरह से संतुलित और ताजगी से भरपूर भी होगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खाना पर्यावरण अनुकूल थालियों में परोसा जाए, ताकि प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा सके। यह पहल न केवल खाने की गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन पर मिलने वाले स्टैंडर्ड वेज मील की कीमत 70 रुपये है, लेकिन अगर यात्री ट्रेन में बैठकर खाना मंगवाते हैं, तो उन्हें सिर्फ 80 रुपये खर्च करने होंगे। यह सेवा खासतौर पर जनरल कोच में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो अब तक स्टेशनों पर उतरकर खाने की तलाश करते थे या फिर सफर में कम गुणवत्ता वाले खाने पर निर्भर रहते थे। अब उन्हें सफर के दौरान ही संतुलित, साफ-सुथरा और गर्म भोजन मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनेगी।

आयुष्मान कार्ड वालों के लिए जरूरी खबर: समय सीमा तय, नहीं तो छूट जाएगा लाभ

बदायूं आयुष्मान योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार प्रदान किया जाता है। इन बुजुर्गों का कार्ड बन चुका है, लेकिन उन्हें इसे नवंबर से पहले अपडेट कराना आवश्यक है। कार्ड के अपडेट होने के बाद ही लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना का उद्देश्य है कि लोगों को इलाज के लिए किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। वर्तमान में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। जिन लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नवंबर से पहले बन चुका है, उन्हें इसे जल्द अपडेट कराना चाहिए। साथ ही, जिन बुजुर्गों ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, वे भी इसे जल्द बनवाएं। कार्ड जिला पुरुष और महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे हैं।  

भारी टैरिफ से तिलमिलाईं मायावती: अमेरिका की चाल से भारत को झटका, चिंतन और जवाब जरूरी!

लखनऊ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर कुल 50 प्रतिशत का शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने को लेकर देश में भी राजनीति गरमा गई इस मुदे को लेकर विपक्ष विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ब्रिक्स देश ब्राज़ील की तरह ही भारत पर भी कुल मिलाकर 50 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ (शुल्क) लगाकर अमेरिका ने जो भारत को आघात पहुंचाने का प्रयास किया है। टैरिफ लगाकर देश को कमजोर करने की कोशिश कर रहा अमेरिका उसे भारत सरकार ने अपने संयमित बयान में ’अनुचित, अन्यायपूर्ण व अविवेकी’ बताया है, किन्तु देश की जनता डोनाल्ड ट्रम्प का ’मित्र’ देश भारत के प्रति इसे प्रथम दृष्टया विश्वासघाती एवं देश को कमज़ोर करने वाला कदम ज़्यादा मानती है। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुएए कहा कि जिससे निपटने के लिए सभी को पूरी परिपक्वता दिखाते हुये राजनीतिक स्वार्थ, संकीर्णता, मतभेद एवं द्वेष आदि से ऊपर उठकर, दीर्घकालीन रणनीति के तहत्, देश में पूरे अमन-चैन और कानून व्यवस्था के अच्छे माहौल के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करना ज़रूरी है। देश के सामने बड़ी चुनौती देश के सामने आई इस बड़ी चुनौती पर गंभीर चिन्तन के लिए सम्बंधित विषय पर वर्तमान संसद सत्र में चर्चा हो तो यह जन व देशहित में बेहतर होगा, किन्तु केन्द्र व राज्य सरकारें अगर आन्तरिक संकीर्ण मुद्दों में ही अधिकतर उलझी रहेंगी तो यह कैसे संभव हो पायेगा? वैसे इस बारे में यहाँ उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. की राजनीति हमेशा से देश के मानवतावादी संविधान की मंशा के मुताबिक ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की रही है, किन्तु यहाँ देश में केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच आपसी अविश्वस के कारण जो राजनीतिक टकराव और खींचतान आदि लगातार बनी हुई है वह अब समाप्त होना चाहिए, यही व्यापक जन व देश हित में है। भारत पर अमेरिका ने कुल शुल्क 50 प्रतिशत लगाया  पिछले सप्ताह घोषित 25 प्रतिशत शुल्क के अतिरिक्त राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को भारत पर रूसी तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत शुल्क और लगा दिया, जिससे भारत पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है और यह अमेरिका द्वारा किसी भी देश पर लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक है। यह अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा और इसके लिए वह कोई भी कीमत चुकाने को तैयार है। 50 प्रतिशत का एकमुश्त शुल्क 3.75 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ेगा आप को बता दें कि भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग 7.51 लाख करोड़ रुपये (2024) है और 50 प्रतिशत का एकमुश्त शुल्क 3.75 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ डालेगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हमारे कई क्षेत्र जैसे – एमएसएमई, कृषि, डेयरी इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रत्न एवं आभूषण, दवा उत्पादन और जैविक उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद और सूती कपड़े, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।" उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार को समझ नहीं आ रहा कि इससे कैसे निपटा जाए। खरगे ने यह भी कहा, "आप (प्रधानमंत्री) इस विदेश नीति की तबाही के लिए 70 साल की कांग्रेस को भी दोष नहीं दे सकते। चीन, तुर्की भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं अमेरिका, यूरोपीय संघ, चीन, तुर्की भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं। ट्रंप का भारत पर निशाना साधना दिखाता है कि वह हमारी बांह मरोड़ रहे हैं। चीन को 90 दिनों की राहत मिली है, लेकिन भारत को नहीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत को तय करना है कि वह किसके साथ राजनयिक संबंध रखना चाहता है। अब, भारत को भी कुछ तय करना होगा।

‘योगी राज’ में नहीं बचेगा अपराध! पत्रकार हत्याकांड के दोषी एनकाउंटर में ढेर

सीतापुर उत्तर प्रदेश की योगी एंव उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है इसी कड़ी में सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के मामले में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम से मुठभेड़ में मारे गये। घायल अवस्था में एसटीएफ ने बदमाशों को पहुंचाया अस्पताल  अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि छह और सात अगस्त की मध्यरात्रि को एसटीएफ की नोएडा इकाई और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम की पिसावां थाना क्षेत्र में बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें सीतापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृत बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान तथा संजय तिवारी उर्फ शिब्बू के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई के हत्या के मामले में वांछित थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।  पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड बदमाश चल रहे थे फरार  सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड मामले के वांछित दो अभियुक्त हरदोई-सीतापुर की सीमा से होकर गुजरने वाले हैं। इस पर पुलिस और एसअीएफ की संयुक्त टीम रवाना की गई। उन्होंने बताया कि पिसावां थाना क्षेत्र में जब पुलिस जांच और घेराबंदी कर रही थी तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध जाते दिखाई दिये। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो रुकने के बजाय उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में राजू तिवारी और संजय तिवारी को गोली लगी। बीते इसी मार्च में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हुई थी हत्या  सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के विकासनगर निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई (36) की इसी साल आठ मार्च को मोटरसाइकिल से सीतापुर जाते हुए रास्ते में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज हेमपुर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर हत्या, लूट और डकैती सहित 24 से अधिक मामले दर्ज थे। राजू उर्फ रिजवान ने साल 2006 में लखीमपुर खीरी जिले में उप निरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी और उनके सरकारी रिवॉल्वर को लूट लिया था। इसी तरह संजय तिवारी ने वर्ष 2011 में सीतापुर के मछरेहटा में देवी सहाय शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।   

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य अलर्ट! योगी सरकार ने शुरू की विशेष निगरानी व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य जिलों में बारिश का दौर थमने के साथ ही नदियों का जलस्तर में गिरावट से फौरी राहत मिली है हालांकि बाढ़ग्रस्त इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा गहराने लगा है। लखनऊ,कानपुर,उन्नाव,जालौन,बाराबंकी और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज बादलों की आमद पिछले दिनो की अपेक्षा कम रही और धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। प्रयागराज,कानपुर,वाराणसी और कन्नौज समेत कई जिलों में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी हालांकि घाघरा और शारदा नदियों में कटान के चलते सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि पानी में समायी रही। प्रयागराज से प्राप्त रिपोटर् के अनुसार गंगा और यमुना नदिया अब खतरे के निशान के नीचे पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 155 सेंटीमीटर और छतनाग में 146 सेंटीमीटर कम हुआ है जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 123 सेंटीमीटर कम हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर 5.12 सेंटीमीटर प्रति घंटा और गंगा नदी का जलस्तर 6.45 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है हालांकि अभी भी दर्जनों मोहल्ले और गांव बाढ़ की चपेट में है। इन इलाकों में अभी भी नावें चल रही हैं अभी भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर कम हो रहा है। वाराणसी में केंद्रीय जल आयोग की रिपोटर् के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगा है। गंगा का जलस्तर आज 71.58 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ कम होने पर संक्रामक रोगों को रोकने के उपायों पर चर्चा की है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वहां नगर निगम की टीमें सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर रही हैं। वरुणा नदी के किनारे नक्खी घाट, पुलकोहना, शक्कर तालाब और शहरी क्षेत्रों में सामने घाट, अस्सी, नगवा जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।   

हत्यारों की पार्टी थी सपा-कांग्रेस? CM योगी ने संभल में लगाए गंभीर आरोप

संभल मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस संभल में सामूहिक हत्याएं करवाती थी और समाजवादी पार्टी उसके चेले के रूप में उनके पाप कर्मों पर पर्दा डालने का काम करती थी, हत्यारों को बचाने का काम करती थी। दंगाइयों के ऊपर महाकाल का अब वास्तविक असर दिखाई पड़ रहा है,अब दंगाई दुर्गति को प्राप्त हो रहे हैं। संभल आस्था का केंद्र- CM इस दौरान संभल में मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि इस जिले को फोर लेन सड़क की सुविधा दी जाएगी, क्योंकि संभल आस्था का केंद्र है। विष्णु पुराण और श्रीमदभागवत पुराण में उल्लेख है कि भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा।यहां 68 तीर्थ और 29 कूप थे, लेकिन इनको अपवित्र किया गया। अहिल्याबाई जी ने इन तीर्थों का उद्धार किया था. अब हमारी सरकार इनका जीर्णोद्धार कर रही है।  

सपा पर बरसे CM योगी: ‘हमारी सरकार ने कर दिखाया जो कभी मुमकिन नहीं था’

मुरादाबाद  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते बुधवार मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र के पीपली गांव पहुंचे। जहां उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में शिक्षा का मतलब सिर्फ नकल करवाना रह गया था, लेकिन अब राज्य में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल चुका है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार (केंद्र और राज्य सरकार) ने शिक्षा में सुधार किया है। अब यूपी के नौजवान IAS बन रहे हैं, सेना में जा रहे हैं और स्टार्टअप चला रहे हैं। ये बदलाव अटल स्कूल जैसे संस्थानों से और तेज होगा। ‘ग से गणेश’ बनाम ‘ग से गधा’ सीएम योगी ने कहा कि पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में बच्चों को ‘ग से गधा’ पढ़ाया जाता था, लेकिन हमारी सरकार में अब बच्चों को ‘ग से गणेश’ सिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि हमारी और उनकी सोच में जमीन-आसमान का फर्क है। गरीब बच्चों को मिलेगा बेहतर मंच अटल आवासीय विद्यालय की खासियत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल गरीब, वंचित और श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए बनाया गया है, जो अब तक अच्छी शिक्षा से दूर रहे हैं। इस स्कूल में बच्चों को मुफ्त में रहने की सुविधा (हॉस्टल), भोजन, किताबें और यूनिफॉर्म, डिजिटल क्लास, लाइब्रेरी और खेल के मैदान जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यह विद्यालय सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा विचार है जो भारत के गरीब बच्चों को आगे बढ़ाने का सपना लेकर बना है। 1172 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके पर मुरादाबाद को 1172 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यह ‘नया मुरादाबाद’ है, जो अब विकास की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि मुरादाबाद आज 1115 करोड़ रुपए के सामान का आयात करता है और 11 हजार से 15 हजार करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात करता है।   2017 से पहले मुरादाबाद का दम घुट रहा था: योगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग दम तोड़ रहा था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद के पहले हस्तशिल्प कलाकार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सम्मानित किया गया। अब योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद को मिल रहा है। अब पुलिस भर्ती में कोई घोटाला नहीं: सीएम योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पुलिस भर्ती में पारदर्शिता नहीं थी, पैसे लेकर नौकरियां दी जाती थीं। लेकिन अब 5300 युवा पुलिस की ट्रेनिंग ले रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी है। अब कोई भी व्यक्ति भर्ती या ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत नहीं ले सकता। कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा – लोगों ने तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण को चुना सीएम योगी ने मुरादाबाद के कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने तुष्टिकरण की राजनीति को नकार दिया और संतुष्टिकरण को चुना। यानी अब लोगों को समान रूप से योजनाओं का लाभ मिल रहा है, न कि किसी एक वर्ग को खुश करने के लिए बाकी को नजरअंदाज किया जा रहा है।  

संभल में धार्मिक स्थलों के लिए 659 करोड़ की योजना, योगी बोले– होगा भव्य विकास

सम्भल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज  में 659 करोड़ की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया,  इस अवसर पर उन्होंने सम्भल में उत्खनन के दौरान प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों का निरीक्षण किया एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा सम्भल तो हम सभी के लिए आस्था का प्रतीक है, उन्होंने कहा हरि और हर यानि विष्णु और शिव दोनों का जहाँ एक साथ दर्शन हो सके वो है हरिहर, वो है सम्भल, विष्णु का अवतार इसी सम्भल में होगा, हमारे ग्रंथों ने ये माना है लेकिन कुछ लोगों को ये विवादित विषय लगता है क्योंकि जिनकी प्रष्ठभूमि ही विवादित है उन्हें हिन्दू परंपरा में विवाद नजर आता है लेकिन ये विवाद का विषय नहीं हो सकता। सम्भल की विरासत को वापस सहेजा जायेगा  योगी ने कहा सम्भल एक सच्चाई है, इसका उल्लेख ग्रंथों में है, यहाँ 68 तीर्थ थे 19 कूप थे,  परिक्रमा का मार्ग था सब कुछ था लेकिन बर्बर विदेशी आक्रान्ताओं ने इसे नष्ट कर दिया, अपवित्र किया, उसके बाद कब्ज़ा किया, मार्ग तोड़ दिया गया, 24 कोस और 84 कोस के मार्ग को बाधित किया गया इस सच को छिपाने का कुत्सिक प्रयास किया लेकिन लोकमाता अहिल्बाई ने इसके पुनरुद्धार का कार्य, उसके बाद भी सम्भल की विरासत के साथ खिलवाड़ जारी रहा लेकिन लेकिन अब हमारी सरकार ने तय किया है कि 68 के 68 तीर्थों, 19 के 19 कूपों, परिक्रमा मार्ग के पुनरुद्धार का कार्य डबल इंजन सरकार कराएगी। पाप करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी  जिन लोगों ने सम्भल के साथ पाप किया था, उनको उसके पाप की सजा मिलेगी, जिन लोगों ने भी सम्भल को विकास से वंचित किया था, उनको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, जो लोग सम्भल दंगाग्रस्त करते थे सनातन धर्म के इन पवित्र स्थलों को अपवित्र करते थे उन्हें इसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी और आपको इसी बात का आश्वासन देने के लिए संभल आना पड़ा है। विरासत को कलंकित करने वालों को सबक सिखाएंगे योगी ने कहा हम विकास भी करेंगे और लोक-कल्याण भी करेंगे, बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ भी जन-जन को प्रदान करेंगे व भारत की विरासत को कलंकित करने वालों को सबक भी सिखाएंगे। उन्होंने कहा आज भगवान कल्कि की पावन धरा जनपद सम्भल के जिलाधिकारी कार्यालय एवं एकीकृत आवासीय भवन के साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा पावन पर्व रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व प्राप्त इन सौगातों के लिए जनपद वासियों एवं लाभार्थियों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देता हूँ।

आवास योजना में राहत! सीएम योगी ने लॉन्च की सस्ती घर योजना, जानें पूरी डिटेल

आगरा आगरा के ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडई में विकसित होने जा रही अटलपुरम टाउनशिप के पहले चरण में सेक्टर-1 में 322 भूखंडों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुक्रवार से शुरू होंगे। बुधवार को एडीए में तैयारियां पूर्ण हो गईं।   भूखंड खरीद के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। एडीए की वेबसाइट www.adaagra.org.in और जनहित पोर्टल https://janhit.upda.in पर पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए 1100 रुपये ब्रोशर शुल्क और भूखंड मूल्य का सामान्य श्रेणी में 10 प्रतिशत, आरक्षित श्रेणी में 5 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद लॉटरी ड्राॅ खुलेगा। लॉटरी ड्राॅ के माध्यम से ही भूखंड आवंटन होगा। सेक्टर-1 के बाद सेक्टर-2 और 3 के पंजीकरण खोले जाएंगे। फिलहाल सिर्फ आवासीय भूखंडों की बिक्री होगी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अटलपुरम टाउनशिप योजना की लाॅन्चिंग की। बुधवार को जयपुर हाउस स्थित एडीए दफ्तर में दिनभर पंजीकरण शुरू कराने की कवायद चलती रही। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नियम व शर्तें जारी हो गई हैं। पंजीकरण के लिए दोनों ऑनलाइन पोर्टल व वेबसाइट पर सेक्टर-1 के भूखंडों का ब्योरा फीड कराया जा रहा है। आरक्षण श्रेणी के अनुसार ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी भूखंडों की बिक्री होगी।   ऋण से लेकर हेल्प डेस्क की सुविधा एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि भूखंडों की बिक्री के लिए 6 सदस्यीय टीम बनाई है। एक हेल्प डेस्क खोली जाएगी। एक व्यक्ति संपत्ति विभाग, एक साइट पर, एक बैंक ऋण और एक हेल्प डेस्क पर तैनात रहेगा। किसी भी कार्य दिवस में खरीद के इच्छुक व्यक्ति साइट का निरीक्षण कर सकते हैं। भूखंडों की बिक्री जहां है जैसा है के आधार पर होगी।   ताजमहल से 12, हवाई अड्डे से 15 किमी. की दूरी अटलपुरम टाउनशिप ग्वालियर हाईवे स्थित ककुआ और भांडई गांव में बन रही है। इसकी ताजमहल से 12 किमी. और हवाई अड्डे से 15 किमी. दूरी है। ईदगाह बस स्टैंड और कैंट रेलवे स्टेशन से 12 किमी. दूरी पर स्थित अटलपुरम के पास भांडई रेलवे जंक्शन होगा। इसे एनएच-44 के अलावा इनर रिंग रोड के रास्ते लखनऊ और नोएडा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।   भूखंडों का क्षेत्रफल   भूखंड श्रेणी क्षेत्रफल भूखंडों की संख्या दर प्रति वर्गमीटर पंजीकरण शुल्क आरक्षित के लिए पंजीकरण शुल्क सामान्य ईडब्ल्यूएस 33 से 40 वर्ग मी. 81 29,500 59,000 रु 1,18,000 रु. एलआईजी 41 से 50 वर्ग मी. 78 29,500 रु 73,750 रु 1,47,500 रु. एमआईजी-1 51 से 75 वर्ग मी. 75 29,500 रु 1,10,625 रु 2,21,250 रु. एमआईजी-3 101 से 150 वर्ग मी 80 29,500 रु 2,21,250 रु 4,42,500 रु. एचआईजी: 151 से 300 वर्ग मी 8 29,500 रु 4,42,500 रु 8,85,000 रु.   भूखंडों के लिए आरक्षण चार्ट – अनुसूचित जाति: 21 प्रतिशत – अनुसूचित जनजाति: 2 प्रतिशत – अन्य पिछड़ा वर्ग: 27 प्रतिशत – सांसद, विधायक व स्वंतत्रता सेनानी: 5 प्रतिशत – 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा सेवा कर्मचारी: 5 प्रतिशत – आवास विकास, प्राधिकरण, जलकल व नगर निगम व निकाय कर्मियों के लिए: 2 प्रतिशत – दिव्यांगजन: 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण – वरिष्ठ नागरिक: 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण