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UP सरकार का शिक्षक दिवस सरप्राइज: शिक्षामित्र और अनुदेशक भी होंगे कैशलेस इलाज के लाभार्थी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बड़ा उपहार दिया है। इनमें शिक्षामित्रों के साथ अनुदेशकों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस समारोह के दौरान शुक्रवार को लोकभवन में 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को एक बड़े तोहफे की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति एस.राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने घोषणा की कि अब सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का लाभ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी मिलेगा। प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के साथ वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलैस उपचार की सुविधा मिलगी। इनके साथ ही शिक्षा मित्र, अनुदेशक और रसोइया को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम से प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने को लेकर भी काम मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही आने वाले समय में शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने को लेकर भी काम होगा। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट जल्द आने वाली है, जिसके बाद उनका मानदेय बढ़ा दिया जाएगा। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 81 शिक्षकों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्हाेंने बेसिक शिक्षा विभाग के 66 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकाे काे सम्मानित किया। उन्हाेंने 2,204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण करने के साथ 1,236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों (प्रति विद्यालय-2) में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। बाल कथाओं के संग्रह 'गुल्लक', शैक्षिक नवाचारों के संकलन 'उद्गम' एवं बाल वाटिका हस्तपुस्तिका' का विमोचन करने के साथ 'उद्गम' के डिजिटल प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित प्रदेशभर से आये शिक्षकगण उपस्थित रहे।

ई-बसें बंद! यूपी के इस जिले में यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी वजह

शाहजहांपुर बाढ़ की वजह से चार्जिंग स्टेशन में पानी भर गया है, जिस कारण ई-बसें चार्ज नहीं हो पा रही हैं। खिरनीबाग रामलीला मैदान में खड़ा किया गया है। संचालन बंद होने से दो दिन से नगर निगम को हर रोज एक लाख 10 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। सिटी बस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से शहर से गांव तक ई-बसों का परिचालन किया जाता था। शहर के न्यू सिटी ककराकला में चार्जिंग स्टेशन बना है। गुरुवार की रात से चार्जिंग स्टेशन व उसके आसपास बाढ़ का पानी भर गया। जिस वजह से बसों को पहले ही खिरनीबाग स्थित मैदान में खड़ा करा दिया गया था। बसों से पांच हजार से अधिक यात्री हर दिन सफर करते हैं। जिस तरह से चार्जिंग स्टेशन पर पानी भरा है उससे कई दिनों तक संचालन बंद रहेगा। गत वर्ष बाढ़ में आठ बसें खराब हो गई थीं। जिसमें तीन अभी तक ठीक नहीं हो सकी हैं। ट्रांसपोर्ट के प्रबंधक मोहम्मद हुमायूं लाडी ने बताया कि 25 ई-बसें हैं, जिसमें तीन खराब हैं। बाढ़ की वजह से संचालन बंद कराया गया।

युद्ध में सफलता की कुंजी: CDS अनिल चौहान ने बताया ‘सरप्राइज’ फैक्टर

गोरखपुर ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध में सफलता हासिल करने के लिए सरप्राइज एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। उरी सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने जमीन के रास्ते जाकर आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया, बालाकोट में एयर स्ट्राइक का सहारा लिया गया। जबकि पहलगाम हमले के बाद लो एयर स्पेस, ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेनाओं ने हर बार दुश्मन को सरप्राइज कर अपना टारगेट पूरा किया।   उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भारतीय सेनाएं 365 दिन, 24×7 के फार्मूले पर हमेशा तैयार हैं। आतंकवादी कहीं भी हो, उसे ढूढ़कर मारा जाएगा। सीडीएस जनरल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक व्यापक और महत्वपूर्ण विषय है। हर वर्ग और व्यक्ति इसे अपने नजरिए से देखता है। किसी देश के राजदूत इसे द्विपक्षीय या बहुपक्षीय दृष्टि से देखतेहैं, तो अर्थशास्त्री इसे आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से। सैनिक का दृष्टिकोण भिन्न होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य चाणक्य ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चार तथ्य बताएहैं:, राष्ट्र के आंतरिक खतरे, बाह्य खतरे, बाहरी सहयोग से आंतरिक खतरे और आंतरिक सहयोग से बाहरी खतरे। सीडीएस ने कहा कि समग्र रूप से राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तीन घटक महत्वपूर्ण होते हैं। भूमि की सुरक्षा, विचारधारा की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए इन तीनों की सुरक्षा अनिवार्य है। इस संदर्भ में उन्होंने तीन घेरों सैन्य सुरक्षा, राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सैन्य तत्परता के लिए रक्षा संसाधनों, अनुसंधान एवं विकास के साथ रणनीतिक संस्कृति अहम होती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी भी जरूरी है। सीडीएस जनरल चौहान ने एक जर्मन विद्वान के उद्धरण के हवाले से कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में युद्ध, राजनीति का ही विस्तार है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अल-अलग नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्र की सरकार यह सोचती है कि दूसरे राष्ट्र के खिलाफ बल प्रयोग करने की जरूरत है तो वह सैन्य अफसरों को कार्य करने के लिए निर्देशित करती है। इसमें सैन्य क्षमता पर भरोसा और सैन्य विकल्पों की विविधता महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि सैन्य क्षमता की मजबूती इस बात पर भी निर्भर होती है कि किसी राष्ट्र ने शांति काल में रक्षा क्षेत्र में कितना खर्च किया। सीडीएस ने बताया कि भारत की तीनों सेनाओं ने गलवान, बालाकोट में मजबूत सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बालाकोट हमले के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अलग-अलग सीख ली। पाकिस्तान ने एयर डिफेंस पर ध्यान दिया तो भारत ने लंबी दूरी तक हमला करने वाले हथियारों पर। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व से सैन्य बलों को दिशा मिलती है। ऑपरेशन सिंदूर में नेतृत्व से क्लियर कट दिशा निर्देश था कि आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाना है, नागरिक ठिकानों को नहीं। दुश्मन के किसी भी उकसावे पर सेना को जवाबी कार्रवाई की खुली छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ बदला लेना नहीं था, धैर्य का स्तर भी बढ़ाना था। ऑपरेशन सिंदूर ऐसा पहला युद्ध था जिसमें दुश्मन से आमने सामने की लड़ाई काफी कम थी। इसमें न फ्रंट था और न रियर। ऑपरेशन सिंदूर अभी ऑफिशियली टर्मिनेट नहीं किया गया है। सीडीएस ने कहा कि भारत में राष्ट्र की सुरक्षा की पहली चुनौती सीमा विवाद की है। पाकिस्तान और चीन से हुई लड़ाइयां सीमा विवाद का ही परिणाम हैं। पाकिस्तान की तरफ से प्रॉक्सी वार, पड़ोसी देशों में अस्थिरता और युद्ध के बदलते स्वरूप अन्य चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध का स्वरूप अब विकेंद्रित होता जा रहा है। भविष्य में नई तकनीकी आधारित, रोबोटिक्स और मानवरहित युद्ध हो सकते हैं। सीडीएस ने कहा कि ‘न्यू नॉर्मल’ नीति ऐसी स्थिति होती है जो संकट खत्म होने के बाद बनती है। जैसे कोविड के बाद वर्क फ्रॉम होम और नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन की अभ्यस्तता। पर, न्यू नॉर्मल में यह स्पष्ट है कि आतंकवाद और बातचीत, व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते। सीडीएस ने अपने संबोधन में पीएम मोदी द्वारा घोषित ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली की चर्चा करते हुए कहा कि इसे 2035 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सुदर्शन चक्र स्वार्ड (तलवार) और शील्ड (ढाल) दोनों का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सशक्त भारत वसुधैव कुटुम्बकम की भूमिका निभाना चाहता है।

1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से परिवहन की सेवाएं उपलब्ध कराने का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी

शनिवार को विभिन्न योजनाओं का करेंगे शुभारंभ व लोकार्पण  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा कार्यक्रम  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के बीच होगा एमओयू राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को दिया जाएगा नियुक्ति पत्र  सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे मुख्यमंत्री 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का करेंगे शुभारंभ  डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे सीएम, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट का करेंगे विमोचन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को परिवहन विभाग के जरिए प्रदेशवासियों को अनेक सौगात देंगे। वे परिवहन विभाग की अनेक योजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण भी करेंगे। यह आयोजन शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा। कार्यक्रम में परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी)के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का भी शुभारंभ करेंगे।  परिवहन विभाग की इस पहल से आमजन को बड़ी सुविधाएं प्राप्त होंगी।  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के मध्य होगा एमओयू परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सरल परिवहन हेल्पलाइन 149 का शुभारंभ भी करेंगे। आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग तथा परिवहन निगम व सीएससी के मध्य भी एमओयू होगा। सीएम योगी इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट और डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे।  बस स्टेशन के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  श्री सिंह ने बताया कि पीपीपी के अंतर्गत व अनुदान आधारित बस स्टेशनों का डिजिटल उद्घाटन व शिलान्यास भी होगा। इसके पश्चात पीपीपी मोड पर विकसित किए जाने के लिए चयनित बस स्टेशनों के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। एडीटीसी व आरवीएसएफ के 4-4 नवीनतम केंद्रों के प्रमाण पत्र का भी वितरण होगा। सीएम योगी के हाथों चार नवीनतम ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के निवेशकों को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया जाएगा। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने विषयक चार व्यक्तियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।  तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी देंगे सीएम योगी   परिवहन आयुक्त ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ मंच पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे। सीएम योगी सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिकबस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का शुभारंभ भी करेंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने केजीएमयू जाकर घायल छात्रों से की मुलाकात

छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा- मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय लखनऊ, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय शुक्रवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय  लखनऊ पहुंचे, जहाँ उन्होंने रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता नवीनीकरण एवं अवैध वसूली को लेकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से भेंट की। मंत्री ने घायल छात्रों से उनका हालचाल पूछा, उनकी चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान छात्रों ने मंत्री को वीडियो दिखाते हुए विस्तार से बताया  कि किस प्रकार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याएँ उठाने पर भी उनके साथ बर्बरता की गई। मंत्री ने छात्रों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कहा कि योगी सरकार छात्रों की न्यायोचित मांगों के साथ खड़ी है तथा उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उच्च शिक्षा मंत्री को घायल छात्रों ने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के स्थानीय असामाजिक तत्वों ने छात्रों पर हमला किया तथा मौजूदा पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मिलकर पाशविक कृत्य किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मंडलायुक्त को  मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश राजपूत की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर भी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता का समय से नवीनीकरण न कराना, बिना अनुमति के प्रवेश लेना, छात्रों से अवैध वसूली करना और उनकी जायज मांगों को दबाने के लिए बाहरी तत्वों की मदद लेना गंभीर अपराध है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसी भी हालत में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सभी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो और छात्रों को अनावश्यक दबाव या अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का किया सम्मान

प्रदेश के 2204 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किये गये टैबलेट सीएम योगी ने किया प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो स्मार्ट क्लास का लोकार्पण एससीईआरटी की बाल कहानी संग्रह ‘गुल्लक’ और ‘उद्गम’ पुस्तिका का सीएम ने किया विमोचन उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ समर कैम्प और वृक्षारोपण पर आधारित लघु फिल्म का किया गया प्रदर्शन लखनऊ, राजधानी के लोकभवन सभागार में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र के कुल 81 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा के 66 और माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए शामिल किया गया। 'उद्गम' के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ कार्यक्रम में एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई बाल कहानी संग्रह 'गुल्लक', 'बाल वाटिका' हस्त पुस्तिका, शैक्षिक नवाचारों के संकलन की पुस्तिका 'उद्गम' का विमोचन और उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। बता दें कि 'गुल्लक' के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान को सहज और रोचक बनाने के साथ साथ नैतिक एवं मानवीय मूल्यों को विकसित करने में सफल हो सकेंगे। पुस्तक 'उद्गम' में शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में किये जा रहे नवाचारों के उत्कृष्ट प्रयासों को समाहित किया गया है। इसके अलावा बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समर कैम्प और वृक्षारोपण से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। समारोह की शुरुआत जनता गर्ल्स आलमबाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 5-5 प्रधानाचार्य/शिक्षकों को सम्मान स्वरूप 25 हजार की धनराशि, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न के रूप में मां सरस्वती की प्रतिमा एवं शाल भेंट किया गया। बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान सम्मानित शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग से भदोही के सहायक अध्यापक संतोष कुमार सिंह, मेरठ से सहायक अध्यापिका रेनू सिंह, लखीमपुर खीरी से सहायक अध्यापिका मोहिनी श्रीवास्तव, प्रयागराज से सहायक अध्यापिका डॉ. रीना मिश्रा, गोरखपुर से सहायक अध्यापक प्रमोद कुमार सिंह शामिल रहे। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हमीरपुर के प्रधानाचार्य रामप्रकाश गुप्त, गाजियाबाद की अध्यापिका वाणिज्य कोमल त्यागी, बरेली से प्रधानाचार्य चमन जहां, जौनपुर से प्रधानाचार्य जंगबहादुर, गोरखपुर के विज्ञान अध्यापक डॉ. वीरेन्द्र कुमार पटेल को मुख्यमंत्री ने मंच से सम्मानित किया। 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किया गया टैबलेट इस अवसर पर प्रदेश के 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण किया गया। इनमें महोबा से सरगम खरे और ज्ञानवंत सिंह, प्रयागराज के धर्मेन्द्र कुमार, चंदौली के राजेश यादव और गाजियाबाद की डॉ. विभा चौहान को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से टैबलेट प्रदान किया गया। 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का भी लोकार्पण किया और पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस बाबत मंच से प्रमाण पत्र प्रदान किया। इनमें बांदा के अजय प्रकाश सिंह, गाजीपुर के दिनेश यादव, गोरखपुर की किरणमई तिवारी, ललितपुर की अंजना वर्मा और गोरखपुर से विश्वप्रकाश सिंह शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित प्रदेशभर से आये शिक्षकगण उपस्थित रहे। गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार बच्चों को आधुनिक पद्धति से बिना भेदभाव शिक्षा प्रदान कर रही है। स्मार्ट क्लास, अच्छे शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही है। सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में नकल पर पूरी तरह नकेल लगी है। नकल माफिया अब पराजित हैं और पकड़े जाने पर उन्हें एक करोड़ रुपए का जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान। शिक्षक समाज और बच्चों के लिए आदर्श हैं।

2047 तक हर जिले को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ेगा यूपी, निवेश और उद्योग को मिलेगी रफ्तार

जेवर एयरपोर्ट बनेगा कार्गो और ट्रांजिट हब, प्रदेश को मिलेगा वैश्विक मानचित्र पर स्थान जेवर में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सेंटर से विमानन क्षेत्र को मिलेगी नई ऊंचाई अब तक 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित, 5 निर्माणाधीन लखनऊ, उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित यूपी बनाने के संकल्प में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयर कनेक्टिविटी को एक निर्णायक आधारस्तंभ माना है। उनका स्पष्ट विजन है कि आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश को एविएशन सेक्टर का हब बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘एक मंडल एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ का संकल्प लिया है। इसके साथ ही हर ज़िले को न केवल सड़क और एक्सप्रेसवे बल्कि हवाई मार्ग से भी जोड़ा जाएगा। 2047 का विजन : विकसित यूपी की उड़ान आगामी वर्षों में यूपी में ग्रीन स्मार्ट हाईवे, एयर कार्गो हब, रीजनल एयरस्ट्रिप्स, हेलिपोर्ट और आधुनिक एविएशन इकोसिस्टम तैयार किए जाएंगे। हर जिले को एयर कनेक्टिविटी से जोड़कर प्रदेश को लॉजिस्टिक पावरहाउस बनाया जाएगा। यह प्रयास केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूपी को वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विजन उत्तर प्रदेश को 2047 तक उस मुकाम पर ले जाएगा जहां से प्रदेश न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एविएशन पावर सेंटर बनकर उभरेगा। 2017 से पहले की स्थिति 2017 से पहले प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बेहद सीमित थी। केवल चुनिंदा हवाई अड्डे संचालित हो रहे थे और अधिकांश जिले हवाई नेटवर्क से कटे हुए थे। औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क लगभग न के बराबर था, जिससे निवेश और विकास दोनों प्रभावित होते थे। 2017 से 2025 तक का विकास योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ सालों में इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। प्रदेश में अब तक 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित हो चुके हैं और 5 नए एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। साथ ही 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे विकसित किए जा चुके हैं। इसके अलावा पांचवां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो एशिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक हवाई अड्डों में गिना जाएगा। यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि कार्गो और ट्रांजिट हब के रूप में भी गेम-चेंजर साबित होगा। यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर की स्थापना की जा रही है, जो प्रदेश को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई पहचान देगा।

‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में बतौर अध्यक्षता बोले मुख्यमंत्री

युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हो रहा आयोजन सुरक्षा के माहौल में ही प्राप्त किया जा सकता है समृद्धि का लक्ष्य गोरखपुर, मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों के संरक्षण और दुष्टों का संहार करके ही कोई राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है।सुरक्षा के माहौल में ही स्मृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। सीएम योगी शुक्रवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समसामयिक विषयों पर आयोजित संगोष्ठी श्रृंखला के पहले दिन ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य चाणक्य के एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा कि," कोई राष्ट्र वाह्य रूप से सुरक्षित हो और आंतिरक रूप से सुरक्षित न हो तो उसे अराजक राष्ट्र माना जाता है। ऐसा अराजक राष्ट्र शीघ्र समाप्त होने के कगार पर होता है"। पाकिस्तान इसी तरह के अराजक राष्ट्र का उदाहरण है। आंतरिक अराजकता से वह पूरी तरह खोखला हो चुका है। उन्होंने कहा कि अराजकता किसी भी राष्ट्र को दुर्गति की ओर ले जाती है। दुर्गति से अस्तित्व पर संकट होता है। भारत प्राचीनकाल से ही इस पर सजग और सतर्क रहा है। भारत मां के प्रति दुस्साहस बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिककाल से ही भारत में यह शिक्षा दी गई है कि धरती हमारी माता है। कोई भी सुयोग्य पुत्र मां के साथ अराजकता बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत मां की आन, बान, शान के प्रति किसी ने दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ हर भारतीय खड़ा होगा। सीएम योगी ने रामायणकाल में उपद्रवियों के नाश के लिए प्रभु श्रीराम के ‘निसिचर हीन करहुं महि…’ संकल्प को रामराज की आधारशिला बताया। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्’ के उद्घोष को संदर्भित करते हुए कहा कि नागरिकों का संरक्षण और दुष्टों का संहार राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपरिहार्य है। सेना के जवानों के कठिन परिश्रम से नागरिक सोते हैं चैन की नींद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिए गए पंचप्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सेना के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखने का भी एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि नागरिक चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं कि हमारे सैनिक देश के मोर्चे पर माइनस 50 डिग्री तापमान में भी देश की सुरक्षा के लिए जागते रहते हैं। भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि भारतीय सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध के तौर तरीके बदले हैं। बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का एहसास कराया है। राष्ट्र के लिए समर्पित रहा गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ जी महाराज और अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। पांथिक संकीर्णता में बंधे रहने की बजाय महंतद्वय ने भारत और भारतीयता के लिए किए गए हर आह्वान में बढ़चढ़कर भाग लिया। महंतद्वय की स्मृति में राष्ट्र से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी का यह आयोजन गुरु परंपरा के प्रति गौरव की अनुभूति और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है। डॉ. राधाकृष्णन को याद कर सीएम ने दी शिक्षक दिवस की बधाई संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर याद किया और इस अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की बधाई सभी शिक्षकों को दी। सीएम ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक शिक्षक थे। उन्होंने समाज के मुद्दों को दार्शनिक अंदाज में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। युद्ध में सफलता के लिए सरप्राइज फैक्टर महत्वपूर्ण : सीडीएस ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध में सफलता हासिल करने के लिए सरप्राइज (अचरज) एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। उरी सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने जमीन के रास्ते जाकर आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया, बालाकोट में एयर स्ट्राइक का सहारा लिया गया। जबकि पहलगाम हमले के बाद लो एयर स्पेस, ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेनाओं ने हर बार दुश्मन को सरप्राइज कर अपना टारगेट पूरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भारतीय सेनाएं 365 दिन, 24×7 के फार्मूले पर हमेशा तैयार हैं। आतंकवादी कहीं भी हो, उसे ढूढ़कर मारा जाएगा। सीडीएस जनरल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक व्यापक और महत्वपूर्ण विषय है। हर वर्ग और व्यक्ति इसे अपने नजरिए से देखता है। किसी देश के राजदूत इसे द्विपक्षीय या बहुपक्षीय दृष्टि से देखते हैं तो अर्थशास्त्री इसे आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से। सैनिक का दृष्टिकोण भिन्न होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य चाणक्य ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चार तथ्य बताए हैं, राष्ट्र के आंतरिक खतरे, वाह्य खतरे, बाहरी सहयोग से आंतरिक खतरे और आंतरिक सहयोग से बाहरी खतरे। सीडीएस ने कहा कि समग्र रूप से राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तीन घटक महत्वपूर्ण होते हैं। भूमि की सुरक्षा, विचारधारा की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए इन तीनों की सुरक्षा अनिवार्य है। इस संदर्भ में उन्होंने तीन घेरों सैन्य सुरक्षा, राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की विस्तार से चर्चा की। कहा कि सैन्य तत्परता के लिए रक्षा संसाधनों, अनुसंधान एवं विकास के साथ रणनीतिक संस्कृति अहम होती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी भी जरूरी है। युद्ध व अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता सीडीएस जनरल चौहान ने एक जर्मन विद्वान के उद्धरण के हवाले से कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में युद्ध, राजनीति का ही विस्तार है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग अलग नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने कहा … Read more

केतकी सिंह के विवादित बयान पर सपा की सख्त कार्रवाई, बीजेपी विधायक को नोटिस जारी

लखनऊ बांसडीह से भाजपा की विधायक केतकी सिंह की सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर टोंटी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद बलिया से लखनऊ तक की सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक के बयान के खिलाफ सपा ने केतकी सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। जहां, लखनऊ में विधायक के आवास पर प्रदर्शन भी किया गया। वहीं, सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने केतकी सिंह को अब मानहानि का नोटिस भेजा है। हाल ही में केतकी सिंह ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री आवास से गायब टोंटियों का हिसाब मांगा था। नोटिस में केतकी के इस बयान को लेकर कहा गया है कि यह स्पष्ट हो गया कि आपने दुर्भावनापूर्ण रूप से आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब अखिलेश यादव और सपा ने मुख्यमंत्री आवास से टोटियों की चोरी की थी। आपने जानबूझकर सपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में कन्नौज से संसद सदस्य (लोकसभा) अखिलेश यादव को बदनाम करने के गुप्त इरादे से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की और उसमें बयान दिया। टोटियां चोरी कीं बयान के खिलाफ नोटिस नोटिस में बयान को लेकर लिखा है, केतकी से एक सवाल किया गया। सवाल था कि अखिलेश कल बिहार चुनाव प्रचार में गए थे, लेकिन इनका एक भी उम्मीदवार वहां खड़ा नहीं था, फिर भी गए हैं चुनाव प्रचार में, आप कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में केतकी ने कहा कि अच्छा बहुत दिन से हो गया होगा अपने एसी कमरे में रहते हुए साहब को लगा होगा कि मैं भी घूम कर आता हूं। चुनाव चुनाव खेलकर आता हूं। पर अभी उनके एक ऑफिसिलय ट्विटर से और समाजवादी ट्विटर से भी मैंने देखा कि मेरे खिलाफ उन्होंने कोई ट्वीट वगैरह किया था। तो मैं तो यह कहना चाहूंगी कि ठीक है, आप वहां जाकर जो वोट मांगना है वो लीजिए, परंतु पहले यूपी की जनता को वो टोटियां लौटाइए जो आप मुख्यमंत्री आवास खाली करते हुए ले गए वे। अब मुझे नहीं लगता अखिलेश यादव जी जैसे बड़े नेता ऐसी हरकत कर सकते हैं, परंतु उन्हें पता जरूर करवाना चाहिए कि समाजवादी पार्टी में ऐसे कौन लोग थे जो टोटियां उखाड़ कर ले गए थे। पहले यूपी की जनता को, जिसने उन्हें चार बार मुख्यमंत्री बनाया, उनकी टोटिया वापस कीजिए, उसके बाद आगे की बात होगी। केतकी बिना शर्त मांगें माफी नोटिस में लिखा गया है कि उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, आपसे अनुरोध है कि आप अखिलेश यादव और सपा के पक्ष में बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी करें, जिसे इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए। ऐसा न करने पर, मैं आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में मानहानि के लिए उचित दीवानी और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा, जिसमें आपके संपूर्ण जोखिम, लागत और परिणामों पर कम से कम 5 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा जाएगा।

यात्रियों के लिए राहत! जम्मू के लिए 19 सितंबर से छह प्रमुख ट्रेनें फिर से शुरू

मुरादाबाद भारी बारिश के बाद एक बार फिर जम्मू रेल मार्ग जल्द बहाल होने लगेगा। रेलवे ने बारिश से आई बाधा को दूर किया है। वाराणसी से जम्मू जाने वाली बेगमपुरा समेत छह ट्रेनें 19 सितंबर से पटरी पर दौड़ने लगेगी। रेलवे ने यात्री सुविधा को देखते हुए बारह ट्रेनों को भी बीच रास्ते तक चलाएगा। इनमें अमरनाथ, लोहित प्रमुख गाड़ियां है। हालांकि करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनों को 15 अक्तूबर तक के लिए रद्द कर दिया गया है। जम्मू व श्रीमाता वैष्णोदेवी मार्ग पर आठ दिनों से रेल यातायात बाधित है। 27 अगस्त को भूस्खलन के बाद बाढ़ व भारी बारिश से रेल संचालन बंद करना पड़ा। कठुआ-जम्मू व जम्मू से वैष्णोदेवी के बीच सड़क व रेल पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से रेल व सड़क मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई। कुछ दिन पहले रेलवे ने हालात बहाल न होने पर जम्मू जाने वाली करीब 36 ट्रेनों को 30 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया। अब निर्माण कार्य दुरुस्त होने से जम्मू डिवीजन ने रेल संचालन को भी बहाल किया है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि क्षतिग्रस्त रेल कार्य को सुधरने से ट्रेन संचालन को हरी झंडी दी गई है। वाराणसी-जम्मू बेगमपुरा, हावड़ा-जम्मू हिमगिरी एक्सप्रेस और पटना-जम्मू अर्चना एक्सप्रेस का संचालन शुरु होगा। 19 सितंबर से हिमगिरी एक्सप्रेस से ट्रेनें चलने लगेगी। हालांकि जम्मू तक रेल यातायात अभी पूरी तरह से सामान्य न होने से अन्य प्रमुख ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट किया गया है। ये ट्रेनें बहाल – 12237-38 बेगमपुरा एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी – 12331-32 हिमगिरी एक्सप्रेस 19 और 21 सितंबर को बहाल होगी – 12355-56 अर्चना एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी शार्ट टर्मिनेट-बीच रास्ते चलने वाली ट्रेनें 12587-88 अमरनाथ एक्स सहारनपुर 13 अक्तूबर तक 15097-98 अमरनाथ एक्स अंबाला 25 सितंबर 15651-52 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 13 अक्तूबर 15653-54 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 12 अक्तूबर 15655-56 कामाख्या-श्रीमाता वैष्णोदेवी सहारनपुर 15 अक्तूबर 22317-18 सियालदह-जम्मू हमसफर लुधियाना 15 अक्तूबर 15 अक्तूबर तक रद्द रहने वाली ट्रेनों पर नजर राजगीर-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 03221-32 छपरा-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 05193-94 गरीब रथ एक्सप्रेस 12208-07 कानपुर-जम्मूतवी 12469-70 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मू 14605-06 योगनगरी-श्रीमाता वैष्णोदेवी 14609-10 गाजीपुर से श्रीमाता वैष्णोदेवी 14611-12 बरौनी-जम्मू 14691-92 सूबेदार गंज से शहीद कैप्टन तुषार महाजन 22431-32 कोविड काल में बंद स्टेशनों पर फिर रुकेंगी सत्याग्रह समेत 22 ट्रेनें मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के रोजा, चंदक समेत कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव शुरू होगा। सत्याग्रह समेत बाईस ट्रेनों को कोविड काल में बंद हुए स्टॉपेज को शुरू करने के आदेश दिए। 8 सितंबर से ट्रेनों का ठहराव होने लगेगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार रक्सौल एक्सप्रेस का बिल्पुर, सियालदह का कांठ, चंदक व मलिहाबाद, बरेली-दिल्ली पैसेंजर का गढ़ मुक्तेश्वर ब्रिज, देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस का एथल आदि स्टेशनों पर ठहराव होने लगेगा।