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स्वच्छता में उत्तर प्रदेश की छलांग: सीएम योगी ने बताया नागरिक भागीदारी को असली ताकत

लखनऊ  स्वच्छ सर्वेक्षण के नौवें संस्करण में उत्तर प्रदेश के 3 शहरों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25’ प्रदान किया. इसमें लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर का नाम शामिल है. समारोह के बाद टीम ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम योगी ने इस उपलब्धि के लिए दोनों शहरों की टीम को बधाई दी. सीएम ने लखनऊ और गोरखपुर की टीम को बधाई देते हुए एक पोस्ट साझा किया है. सीएम ने एक्स पर लिखा है कि ‘मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत लखनऊ को 10 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में मिला तृतीय पुरस्कार, नगर निगम की सुव्यवस्था, स्वच्छाग्रहियों के सतत समर्पण, प्रशासन की प्रतिबद्धता और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम लखनऊ की महापौर, नगर आयुक्त, पार्षद गण एवं पर्वतीय महापरिषद, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने शिष्टाचार भेंट की. इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सहयोगी समस्त जनों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!   दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत गोरखपुर को ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ की श्रेणी में तृतीय स्थान एवं Garbage Free Cities की श्रेणी में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग, जनपद वासियों की सहभागिता और नगर निगम की प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम गोरखपुर के महापौर एवं नगर आयुक्त ने शिष्टाचार भेंट की. स्वच्छ, स्वस्थ व हरित गोरखपुर के निर्माण में सतत समर्पित सभी सहयोगियों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!

प्रयागराज में कांवड़ियों पर हमला, धार्मिक तनाव के बीच मारपीट और लूट का माहौल

प्रयागराज सरायं ख्वाजा मऊआइमा के पास शुक्रवार को कांवड़िए और नमाजियों में भिड़ंत हो गई. जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि नमाजियों ने लाठी-डंडे और तलवार से कांवड़ियों पर हमला किया, जिसमें कई कांवड़ियों के घायल होने की जानकारी है. बताया जा रहा है कि विवाद DJ बजाने को लेकर हुआ था. मुस्लिम पक्ष ने DJ की आवाज कम करने को कहा था. घटना की जानकारी मिलते ही दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस के सामने भी नमाजी और कांवड़ियों में धक्कामुक्की हुई है. पुलिस ने किसी तरह हालात संभाला. इधर पीड़ित पक्ष ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी है. कांवड़ यात्रा में शामिल महेंद्र कुमार ने मऊआइमा थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है. फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को मुस्जिद के पास से निकाला गया है. घटना के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप है. एक महिला को घसीटते हुए कपड़े तक फाड़ दिए गए. यात्रियों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए, भगवा झंडा फाड़ दिया गया और कई श्रद्धालुओं से पैसे और जेवर भी छीन लिए गए. ये भी आरोप है कि आरोपियों ने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि अगर गांव से फिर कभी कोई धार्मिक यात्रा निकली तो वह उसे जानलेवा हमला करके रोक देंगे.

प्रयागराज: शीतला अष्टमी पर मां कल्याणी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी कतार

प्रयागराज शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर में शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यह व्रत मां शीतला को समर्पित है, जिसे संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त मां शीतला की पूजा करते हैं और बासी भोजन का भोग लगाते हैं, जिस कारण इसे ‘बसौड़ा’ भी कहा जाता है। मां कल्याणी देवी मंदिर में सुबह से ही महिलाएं मां की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं। मंदिर के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने बताया कि यह मंदिर पुराणों में वर्णित प्राचीन शक्तिपीठ है और शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “श्रावण मास की अष्टमी को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और बासी पूड़ी, हलवा, चना, गुलगुला, बताशा का मां को भोग लगाती हैं। सुबह से ही भक्त मां कल्याणी के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। शाम को मां का भव्य श्रृंगार होगा।” पंडित सुशील ने आगे बताया कि यह व्रत संतान और परिवार की मंगल कामना के लिए किया जाता है। महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। मां कल्याणी की पूजा से परिवार की रक्षा और कल्याण की कामना पूरी होती है। शीतला अष्टमी पर मंदिर में भक्तों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। महिलाएं सुबह से ही मां के दर्शन के लिए कतार में खड़ी थीं। इस अवसर पर मंदिर को खास तौर पर सजाया गया था। भक्तों ने मां से अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। शीतला अष्टमी के अवसर पर माता के दर्शन को मंदिर पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया, “मां कल्याणी में हमारी गहरी आस्था है। शीतला अष्टमी पर हम व्रत रखते हैं और मां को हलवा-पूड़ी का भोग चढ़ाते हैं। हमारी कामना है कि मां हमारे बच्चों और परिवार की रक्षा करें, उन्हें तरक्की दें और उनका कल्याण करें।”  

CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

देश और सनातन पर आए संकट में जनजातीय समाज सबसे आगे: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश या सनातन धर्म के सामने जब कोई चुनौती आई तो भारत का जनजातीय समाज आगे बढ़कर खड़ा हुआ। भगवान राम के वनवास के 12 वर्ष कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। उसके बाद माता सीता का अपहरण हो गया। तब राम के पास न तो अयोध्या न ही जनकपुर की सेना थी। तब जनजातीय समाज ने आगे बढ़कर उनका स्वागत और सहयोग किया। भगवान कृष्ण को भी सहयोग मिला। योगी शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में आइसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय बिरसा मुंडा की विरासत आदिवासी सशक्तीकरण और राष्ट्रीय आंदोलन है। योगी ने महाविद्यालय परिवार को बिरसा मुंडा की राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महाविद्यालय के पास भी अपनी एक विरासत है। जिस प्रकार बिरसा मु़ंडा ने छोड़ा है। कृष्णमुर्ति फाउंडेशन इस महाविद्यालय के संचालन में अपनी भूमिका अदा करती है। जो एक विरासत है। उन्होंने एनी विसेंट के योगदान को भी याद किया। मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उनके द्वारा बीएचयू जैसी विरासत को छोड़ने का उल्लेख किया। कहा हम सभी को महापुरूषों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय परिसर की तारीफ करते हुए कहा आप प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जो जैसा दिखेगा वैसा बिकेगा का उल्लेख करते हुए कहा परिसर में प्रवेश करते ही लगा कि आपने भारत की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा की स्मृतियों को ताजा करता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्म पुरस्कार विजेता अशोक भगत का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में जीवन जीया। उस क्षेत्र में गए जो लोग पिछड़े थे जहां तक सरकार नहीं पहुंच पाई। इसलिए इनका जीवन जनजातीय समाज की स्थिति, संघर्ष, उनकी विरासत आदि को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज, सतुआबाबा संतोषाचार्य महाराज, प्रबंधक एसएन दूबे, प्राचार्य अलका सिंह, कार्यक्रम कन्वेनर रंजना सिंह आदि मौजूद रहे। योगी दो दिवसीय काशी दौरे पर थे। वह गुरुवार को विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। आज सुबह कुछ विशिष्टजन से मिले। वह दोपहर 12 बजे के करीब हेलीकाप्टर से वापस चले गए।  

बहू बनी पिटाई की वजह: चारपाई से बांधकर ससुर को जमकर जड़े थप्पड़, सोशल मीडिया पर तहलका

इटावा  उत्तर प्रदेश के इटावा से एक शर्मसार करने वाला हादसा सामने आया है। यहां पर एक महिला ने अपने वृद्ध ससुर की जमकर पिटाई की है। उसने ससुर को चारपाई पर लिटाकर दोनों पकड़ लिए और फिर जमकर थप्पड़ मार रही है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।  वीडियो वायरल होने के बाद केस दर्ज  बता दें कि ये मामला थाना बकेवर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम राहतपुर का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ने बजुर्ग ससुर को चारपाई पर लिटाकर उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और उनपर लगातार थप्पड़ों की बौछार कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपने ससुर को जमकर थप्पड़ मार रही है। बहू का पिता भी वहीं खड़ा था और उसका मनोबल बढ़ा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद बहू और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  चारपाई से बांधकर की पिटाई  पीड़ित ससुर ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उनकी बहू सुपत्रा की शादी उनके बेटे धर्मेंद्र के साथ एक साल पहले हुई थी। बहू ने अभी एक महीने पहले ही बच्चे को जन्म दिया है। उसके बाद वह अपने मायके ही रहने लगी। पीड़ित ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे के साथ अब नहीं रहना चाहती। उसने बताया कि वो प्रति महीने खर्च की मांग कर रही है, लेकिन हमारा कहना है कि अगर बहू हमारे घर रहे तो हम उसका खर्च उठाए। अचानक से वह अपने पिता के साथ मेरे घर पहुंची और चारपाई से बांधकर मेरी पिटाई करने लगी। गांव वालों ने आकर मुझे बचाया। वहीं, पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की।  

फतवे के घेरे में छांगुर बाबा, मौलाना रजवी ने की बहिष्कार की अपील

बरेली धर्मांतरण के धंधेबाज बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उस जैसे अन्य लोगों के खिलाफ बरेलवी मसलक से जुड़े उलेमा ने फतवा जारी किया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाज के लोगों द्वारा पूछे गए सवालों पर जुबानी फतवा जारी किया है। इसमें छांगुर बाबा जैसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की गई है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि छांगुर बाबा का प्रकरण पिछले दिनों से चर्चा में है। छांगुर बाबा ने लालच देकर के धर्मांतरण कराया और संयोजित तरीके से दूसरे धर्म की लड़कियों की दूसरे मजहब के लड़कों के साथ शादी कराता था। साथ ही अपने घर में अपने लिए एक कब्र बनवा रखी थी। उसके पास नोजवानों की एक फौज थी, उसके माध्यम से छांगुर बाबा लोगों पर दबाव बनाता था। इन तमाम बातों पर कई लोगों ने इस्लाम के नजरिए को समझने के लिए फतवा चाहा और प्रशन पूछें है। मौलाना ने बताया है कि इस्लामी दृष्टिकोण से और छांगुर बाबा के सम्बंध में जो चीजें सामने आई है उसके पेशे नजर जुबानी फतवा दिया है। जिसमें कहा है कि इस्लाम धर्म के हिसाब से किसी व्यक्ति के ऊपर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। पैगम्बरे इस्लाम की पूरी जीवनी पढ़ डालिए उन्होंने कभी भी किसी गैर मुस्लिम को लालच नहीं दिया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी गैर मुस्लिम पर इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला। उनकी जीवनी पर लिखी गई हजारों किताबों में एक वक्या भी इस तरह का नहीं मिलेगा। वो मुस्लिमों और गैर मुस्लिमों दोनों के साथ अच्छा व्यवहार और अच्छा सलूक करते थे, वो सभी के मुश्किल समय में सहयोग के लिए खड़े हो जाते थे। धर्म का प्रचार प्रसार करना ठीक, धर्मांतरण कराना गलत मौलाना ने कहा कि धर्म के प्रचार-प्रसार की हर शख्स को इजाजत हासिल है। इस्लाम का प्रचारक अपने धर्म के प्रचार के किसी गैर धर्म के लोगों के सामने इस्लाम की खुबिया बयान तो कर सकता है, लेकिन उसे इस बात की बिल्कुल इजाजत नहीं है कि वो पहले से अपने धर्म पर अमल कर रहे उनका धर्मांतरण कराया जाए। मौलाना ने आगे कहा कि इस्लाम जब्र, दबाव, लालच का धर्म नहीं है बल्कि प्यार और मोहब्बत वाला धर्म है। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने जो कुछ भी किया वो गैर कानूनी तो है ही साथ ही उन्होंने इस्लाम के वसूलों के खिलाफ भी काम किया। उनके द्वारा इस्लाम की छवि को धूमिल किया गया, बहुत सारे समाज के लोग मुसीबतों का शिकार हुए। इसलिए वो इस्लाम की नजर में मुजरिम है और गुनहगार है। मुस्लिम समाज ऐसे लोगों का बहिष्कार करें।

नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त, मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों की बाइकें जब्त

मुजफ्फरनगर यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बिना साइलेंसर वाली बाइकों का इस्तेमाल करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बिना साइलेंसर वाली और तेज आवाज करने वाली बाइकों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.  मुजफ्फरनगर के एसपी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हनी नाम के एक दुकानदार को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 12 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं. वहीं, दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना साइलेंसर वाली 15 से ज़्यादा मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं.  इस बीच देर शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही कांवड़ रूट पर हादसे रोकने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. डाक कांवड़ ले जाने वालों और अन्य श्रद्धालुओं को नियमों से अवगत कराया.  मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने कहा- सभी श्रद्धालुओं और जनता से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक रूल्स और पुलिस-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें. पुलिस का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके. फिलहाल, यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. सभी प्रमुख रूटों पर पुलिस की निगरानी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई हैं. नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रहेगी. 

18 टीमों की छानबीन, 14 ठिकानों पर छापे: छांगुर बाबा के ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी

बलरामपुर लखनऊ और बलरामपुर समेत कई जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन लिया है. छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए ईडी की 18 टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 6 बजे एक साथ शुरू की गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले. बलरामपुर, उतरौला, लखनऊ, पुणे समेत अन्य स्थानों पर चली इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं. बलरामपुर में कार्रवाई लगभग 13 घंटे तक चली, 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई. यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के घरों पर भी दबिश, लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया. वहीं लखनऊ के चिनहट में बलरामपुर CGM कार्यालय के बाबू राजेश उपाध्याय के घर भी छापा मारा गया. बलरामपुर के उतरौला में एटीएस ने जहां जांच की थी, उन जगहों को भी ईडी ने खंगाला. कार्रवाई में सोना, नकदी, लग्जरी गाड़ियां और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए.  इसके अलावा दुबई, यूएई और नेपाल से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं. ईडी ने नीतू और नवीन की संपत्तियों की भी जांच की है. उतरौला में सुबह 6 बजे से छापेमारी की गई. यहां एक कॉम्प्लेक्स जो नीतू के नाम था, उसमें भी छानबीन की गई. दुकान में रखे सामान, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहराई से जांच हुई है. मधपुर स्थित छांगुर के मकान में पुलिस ने कमरों के ताले खुलवाए और अंदर की बारीकी से जांच की गई. प्रशासन द्वारा ढहाई गई कोठी की भी जानकारी ली गई है. पूर्व प्रधान जुम्मन सहित कई लोगों से पूछताछ हुई, जिन्होंने छांगुर से पैसे लिए या जमीन के सौदों में शामिल रहे. बेनामी और नामी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो इस दौरान कई लोगों की जुबान लड़खड़ाई, माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं. ईडी ने किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी. रेहरामाफी गांव और रफीनगर जैसे स्थानों पर भी छापेमारी की गई और लोगों से पूछताछ हुई. छापामारी सुबह 6 बजे की गई, ताकि कोई भाग न सके. एसटीएफ की टीम ने उतरौला में सबरोज नाम के युवक से पूछताछ की, कोई संबंध नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया. छांगुर के भतीजे सोहराब और उसके सहयोगी रशीद की तलाश में ATS जुटी है. इसके अलावा पुणे के लोनावला में 16 करोड़ की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिसमें छांगुर बाबा, नवीन रोहरा और मोहम्मद अहमद के नाम शामिल हैं. संगीता देवी का नाम भी इस संपत्ति से जोड़ा जा रहा है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाने में लगी है.

यूपी में डिजिटल अरेस्ट केस में पहली सजा, 7 साल की कैद से शुरू हुआ नया अध्याय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट मामले में पहली बार सजा सुनाई गई. राजधानी लखनऊ में महिला डॉक्टर से 85 लाख ठगने वाले एक ठग को कोर्ट द्वारा 7 साल की सजा दी गई. आपको बता दें कि खुद को CBI अधिकारी बताकर केजीएमयू की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौम्या गुप्ता से 85 लाख रुपये ठगने वाले साइबर अपराधी देवाशीष को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. यह ऐतिहासिक फैसला स्पेशल सीजेएम कस्टम अमित कुमार ने सुनाया.  मामले की विवेचना साइबर थाना लखनऊ ने की थी और इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव द्वारा कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश किए गए. साइबर क्राइम के इतिहास में यह देश का पहला मामला है जिसमें डिजिटल अरेस्ट के आरोप में 14 महीने के भीतर कोर्ट से सजा सुनाई गई है. जानिए पूरा मामला  अभियोजन अधिकारी मषिन्द्र ने बताया कि 15 अप्रैल 2024 को डॉ. सौम्या गुप्ता केजीएमयू में अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी आरोपी देवाशीष ने उन्हें कॉल कर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि वह दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से बोल रहा है. उसने दावा किया कि डॉ. गुप्ता के नाम से एक कार्गो बुक है जिसमें जाली पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और 140 ग्राम एमडीएम मिला है. इसके बाद देवाशीष ने कॉल को ट्रांसफर कर खुद को फर्जी CBI अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से बात करवाई, जिसने डॉ. गुप्ता को धमकाया कि उन्हें सात साल की जेल हो सकती है. डर के चलते डॉक्टर ने अपनी पर्सनल जानकारी जैसे- बैंक खाता, पैन नंबर और संपत्ति विवरण साझा कर दिया.  आरोपियों ने डर और धमकी के माध्यम से डॉक्टर को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और अलग-अलग चार बैंक खातों में कुल 85 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. जांच-पड़ताल के क्रम में आरोपी की पहचान देवाशीष के रूप में हुई जिसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उसे सात साल की सजा और जुर्माना भी लगाया. देवाशीष आजमगढ़ के अजमतगढ़ क्षेत्र के मसौना गांव का रहने वाला है.