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‘सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी’, पितृत्व मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी DNA टेस्ट की मंजूरी

महासमुंद. महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पलसापाली से जुड़े एक चर्चित पितृत्व विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने डीएनए परीक्षण कराने के आदेश को बरकरार रखते हुए स्पष्ट कहा कि जब पितृत्व का प्रश्न सीधे विवाद का विषय हो और उसका समाधान किसी अन्य साक्ष्य से संभव न हो, तब न्यायहित में वैज्ञानिक जांच आवश्यक हो जाती है। यह मामला कई वर्षों से न्यायालयों में लंबित था। विवाद उस युवक द्वारा दायर दीवानी वाद से जुड़ा है, जिसमें उसने स्वयं को संबंधित व्यक्ति का पुत्र बताते हुए संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया था। युवक की माता का कहना था कि वर्ष 1999 में दोनों के बीच संबंध बने थे, जिसके बाद युवक का जन्म हुआ। दूसरी ओर संबंधित व्यक्ति लगातार पितृत्व से इंकार करता रहा। मामले में पहले भरण-पोषण को लेकर भी कई कानूनी कार्यवाहियां हुई थीं। निचली अदालतों और बाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीएनए परीक्षण कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पितृत्व का स्पष्ट निर्धारण डीएनए परीक्षण के बिना संभव नहीं है। इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट में अपीलकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि किसी व्यक्ति को जबरन डीएनए सैंपल देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता तथा यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि लगातार पितृत्व से इंकार किए जाने के कारण सच्चाई सामने लाने का एकमात्र प्रभावी माध्यम डीएनए परीक्षण ही है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई पुराने महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में डीएनए परीक्षण सामान्य रूप से आदेशित नहीं किया जाता, लेकिन जब पितृत्व का प्रश्न सीधे विवाद का विषय हो और उसका उत्तर किसी अन्य साक्ष्य से संभव न हो, तब न्यायालय वैज्ञानिक जांच का आदेश दे सकता है। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि इस मामले में ऐसा कोई अन्य ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, जो विवाद का अंतिम समाधान दे सके। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर कभी सामने नहीं आया, तो संबंधित युवक अपने वैधानिक और संपत्ति संबंधी अधिकारों से वंचित हो सकता है। निजता के अधिकार पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार पूर्ण नहीं होता और न्यायहित में उसका संतुलन दूसरे पक्ष के अधिकारों के साथ किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों के हितों का संतुलन डीएनए परीक्षण के पक्ष में जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने अंततः अपील खारिज करते हुए संबंधित दीवानी न्यायालय को डीएनए परीक्षण की तिथि निर्धारित कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से अभिनव श्रीवास्तव व स्थानीय अधिवक्ता बजरंग अग्रवाल की पुत्री अधिवक्ता बरखा अग्रवाल ने पैरवी की। 

शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा तेलीबांधा में आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज  गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा सेवा की रक्षा का अमर संदेश बताया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने राहगीरों को शरबत एवं प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को परोपकार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित  गुरु अर्जुन देव जी के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके दिव्य जन्म से लेकर शहादत तक की प्रेरक और गौरवपूर्ण यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था। इसमें गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, जहांगीर से वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी, असहनीय यातनाओं के बीच अडिग आस्था का विस्तृत चित्रण शामिल था। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज को प्रेम, समानता, करुणा, समर्पण और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय, अत्याचार और दमन के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। असहनीय यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित ‘छबील सेवा’ केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिक्ख परंपरा में छबील सेवा मानवता के प्रति समर्पण, सह-अस्तित्व और परोपकार की भावना को जीवंत बनाए रखने का माध्यम रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को  गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष, आध्यात्मिक चेतना और महान बलिदान से परिचित कराने का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इतिहास तभी जीवंत रहता है, जब नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के विचारों, मूल्यों और त्याग से जुड़ी रहती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस गरिमामय एवं पुनीत आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज को साधुवाद भी दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव सहित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की पहल, सुशासन तिहार में मिल रहा त्वरित समाधान

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने और जनता की समस्याओं को उनके घर के पास ही सुलझाने का महाअभियान ”सुशासन तिहार 2026” लगातार सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के विकासखंड नगरी के ग्राम पंचायत घठुला में आयोजित क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते एक ही छत के नीचे 509 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई। इस शिविर में घठुला, लटियारा, पाईकभाठा, रतावा, पोड़ागांव, लखनपुरी, फरसगांव, पांवद्वार, गिधावा, बोरई, घुटकेल, मैनपुर, बिरनासिली एवं लिखमा सहित कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। शिविर में न केवल लोगों की शिकायतें सुनी गईं, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की लाइव जानकारियां भी साझा की गईं, जिससे लोगों को जागरूक होने का अवसर मिला। शिविर के दौरान कुल 528 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 523 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित और 05 आवेदन जनता की शिकायतों से जुड़े थे। शासन और प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्राप्त आवेदनों में से 509 का मौके पर ही निपटारा कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष बचे आवेदनों के लिए उपस्थित आला अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय-सीमा के भीतर त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।  हितग्राहियों को योजनाओं की  दी सौगात शिविर स्थल पर ही हितग्राहियों को योजनाओं की सौगात दी गई, जिसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को सुपोषण किट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 03 ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, समाज कल्याण विभाग द्वारा 01 हितग्राही को दिव्यांग सहायक उपकरण और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों को मनरेगा जॉब कार्ड का वितरण किया गया। शासन और जनता के बीच का फासला हुआ कम शिविर में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार का असली मकसद आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ तुरंत समाधान करना है, जिससे शासन और जनता के बीच का फासला कम हो रहा है और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

थाने में नाबालिग बालिका से गलत व्यवहार पड़ा भारी, SP ने दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस कर्मियों की गंभीर लापरवाही पर एसपी ने सख्त एक्शन लिया है. रातभर थाने में नाबालिग बालिका और उसके परिवार को बैठाकर रखा गया. इस दौरान नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र में भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, सोमनी थाना में यह अमानवीय घटना हुई. जहां के टीआई  अरुण नामदेव ने एक नाबालिग बालिका को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे गर्भवती बता दिया. इसके बाद नाबालिग और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा. इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षण राजश्री सिंह ने नाबालिग से अभद्र व्यवहार किया. बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर एसपी खुद मौके पर पहुंची और हड़काते हुए दोनों तत्काल निलंबित कर दिया. आदेश जारी एसपी कार्यालय से इस संबंध में आज जारी आदेश किया गया है. दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है. साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी.

गोल्ड जीतकर चमकीं छत्तीसगढ़ की बेटियां, मुख्यमंत्री साय और रमन सिंह ने सराहा प्रदर्शन

रायपुर. छत्तीसगढ़ की बालिका बास्केटबाल टीम ने नेशनल टूर्नामेंट के फाइनल मे शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 14 साल बाद विजेता होने का गौरव हासिल किया है। चार साल पूर्व जूनियर बालिका वर्ग की टीम ने रजत पदक प्राप्त किया था। बालिका टीम की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बधाई दी है। छत्तीसगढ़ की बालिका बास्केटबॉल टीम ने पुद्दुचेरी में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा पुद्दुचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में केरल को 55-51 अंकों से परास्त कर स्वर्ण पदक जीता। टीम की ओर से दिव्या रंगारी ने 22 अंक, अंजली कोडापे कप्तान 14, रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक, अदिति कोडापे 3 अंक, सारा सिंह 2 अंक लगा कर अपनी टीम को विजयी होने में शानदार भूमिका निभाई। वहीं सोफी सिका एवं नंदनी माधो प्रधान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। टीम ने सेमीफाइनल में कर्नाटक की टीम को 67-62 को परास्त कर फाइनल में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ की टीम ने महाराष्ट्र की टीम को 56-44 अको से परास्त किया था। छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ में विवाद होने के कारण बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ टीम के चयन के लिए एड हॉक कमेटी बनाई है, जो छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की टीम चयनीत कर विभिन्न राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भेजती है। बेटियों ने प्रदेश का मान बढ़ाया – पुडुचेरी में आयोजित 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ की बेटियों ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और समर्पण का गौरवपूर्ण प्रतिफल है। पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए हमारी बेटियों… — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 30, 2026 बेटियों ने प्रदेश को गौरवान्वित किया – पुद्दुचेरी में आयोजित 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ की बेटियों ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। फाइनल मुकाबले में केरल को पराजित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाली सभी खिलाड़ियों, कोच एवं सहयोगी दल को हार्दिक… — Dr Raman Singh (@drramansingh) May 29, 2026

मुंगेली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, ‘अचीवर्स’ श्रेणी में बनाई खास पहचान

मुंगेली. कभी मामूली जटिलता वाले मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों के लिए रेफर करने वाले जिला चिकित्सालय मुंगेली की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज अस्पताल न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के कुशल मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे, सभी बीएमओ, बीपीएम और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में शानदार उपलब्धि जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के छह स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना के बावजूद यह उपलब्धि प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चिरायु दल की सक्रियता से बच्चों को मिला बेहतर उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया। टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। आईसीयू में गंभीर मरीजों को मिल रहा जीवनदान जिला चिकित्सालय मुंगेली में पिछले एक वर्ष से अत्याधुनिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जहां गंभीर एवं अति गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख में उपचार प्रदान किया जा रहा है। आईसीयू की स्थापना के बाद से हजारों मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है आईसीयू का सक्सेस रेट लगभग 80 प्रतिशत हैं, जो कि किसी भी बड़े और आधुनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से पीछे नही हैं। गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। आयुष्मान, आभा आईडी और टेली कंसल्टेशन में भी बड़ी उपलब्धि जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से बढ़ा लोगों का भरोसा जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है। डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन की पहल पर लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डायलिसिस सेंटर की स्वीकृति मिल चुकी है। हीटवेव प्रबंधन में भी प्रशासन की संवेदनशील पहल भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव की जानकारी दी जा रही है। मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि … Read more

धमतरी में उर्वरक वितरण सुदृढ़ करने प्रशासन और विक्रेताओं के बीच हुआ संवाद

धमतरी. आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग एवं उर्वरक विक्रेताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी गजेन्द्र ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर समाधानोन्मुख पहल की गई। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं कीमतों के अनुरूप किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा निरीक्षण एवं उड़नदस्ता दल नियमित रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, अन्य वस्तुओं की अनिवार्य टैगिंग अथवा वितरण संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित विक्रेताओं ने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन करने तथा किसानों के हित में सहयोगात्मक भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उर्वरक विक्रेताओं ने क्रय-विक्रय प्रक्रिया से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याओं एवं सुझावों को भी साझा किया। प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित संज्ञान लिया तथा आवश्यक विषयों पर शासन स्तर पर पत्राचार कर समाधान की पहल की है। इस सकारात्मक संवाद से उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुगम एवं किसान हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में उप संचालक कृषि मोनेष कुमार साहू, अनुविभागीय कृषि अधिकारी मनोज सागर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उर्वरक निरीक्षक तथा विकासखंड धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी के बड़ी संख्या में थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : जिलों को 2677 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी' रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।     उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

लापरवाही पड़ी भारी! खाद वितरण मामले में 66 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन

मुंगेली. खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने खाद भंडारण और वितरण में लापरवाही बरतने वाले 21 सेवा सहकारी समितियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों, प्रभारी प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों से जवाब मांगा गया है। बताया गया है कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खाद का भंडारण और वितरण नहीं किया गया, जबकि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिक्षेत्र मुंगेली से प्राप्त खाद भंडारण एवं वितरण रिपोर्ट के परीक्षण में यह स्थिति सामने आई। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं मुंगेली द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि खाद वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य के प्रति उदासीनता, अनुशासनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी निलंबन की कार्रवाई विभाग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। इसी को देखते हुए संबंधित समितियों को दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खाद वितरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटाने तथा प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। 90 से अधिक उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण, 29 को नोटिस वहीं कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व अनियमितता रोकने के लिए निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक जिले के 90 से अधिक उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 29 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 06 विक्रय केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। उपसंचालक वीणा ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद के भंडारण, वितरण, रेट सूची, पॉश मशीन के उपयोग तथा किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान सभी विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया कि किसानों को संतुलित मात्रा में और शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को खाद की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नील हरित शैवाल, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग करने समझाइश दी गई। इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत के संकेत, बंगाल की खाड़ी से आई नमी लाएगी बारिश

रायपुर. नौतपा के बीच ही मौसम ने करवट ले ली है. प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधि ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी और हीटवेव से राहत दी है. इन इलाकों के तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि मध्य क्षेत्रों में गर्मी का कहर जारी है. राजनांदगांव में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी, बारिश होने की संभावना है. अधिकतम तापमान में कमी आ सकती है. छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ स्थानों में बारिश हुई है. सबसे ज्यादा सुकमा में 4 सेमी पानी गिरा. इसके अलावा जगदलपुर, तोंगपाल, दरभा में 3 सेमी, तोकापाल में 2 सेमी और कोंडागांव, कोंटा, भानपुरी, लोहांडीगुड़ा, अंबिकापुर और सरगुजा में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई. आज कुछ स्थानों में बरसेंगे बादल मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने जानकारी दी कि एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से अंदरुनी उड़ीसा तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ 75 डिग्री पूर्व में स्थित है. बंगाल की खाड़ी से प्रदेश में नमी का आगमन लगातार जारी है. इन मौसम प्रणालियों के कारण शनिवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. सभी संभागों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात की संभावना है. साथ ही अधिकतम तापमान में गिरावट होने के आसार हैं. बारिश का इन इलाकों में अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 प्रति घंटे रफ्तार) और वर्षा की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, शनिवार को शहर में आकाश आंशिक मेघमय रहेंगे. वर्षा, गरज-चमक या अंधड़ चलने की संभावना है. अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.