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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBSE 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को दी बधाई

  रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी आने वाले समय में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला, अनुसंधान और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा एक मजबूत शक्ति के रूप में कार्य करती है। कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण सराहनीय है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल और प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ ईंधन स्टॉक, घबराहट में लोगों की लंबी कतारें

रायपुर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो 'नो डीजल' और 'पेट्रोल नहीं है' के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं। बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं। पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया। हाईवे स्थित सोढ़ी पेट्रोल पंप के मैनेजर सुंदरलाल के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से अधिक रही और एक दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिक गया। गुरुर और धमतरी में अफरा-तफरी का माहौल गुरुर तहसील के बोहारडीह पेट्रोल पंप में भी बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम में ईंधन भरवाते नजर आए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इधर धमतरी जिले में भी सप्लाई प्रभावित होने लगी है। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड लगाए गए। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई मिल रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही उपलब्ध हो पा रहा है। प्रशासनिक निर्देश और खाद्य विभाग का दावा कुछ पंप संचालकों ने बताया कि 200 लीटर से अधिक डीजल देने पर भी अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति है। वहीं सरकारी वाहनों के लिए अलग से स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में काफी चर्चा रही। हालांकि खाद्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें।  

शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा मुख्य सचिव ने अधिकारियों की ली बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।        बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।            मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।            मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।             मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।            बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त  चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा  जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।

इमरजेंसी में सफल लोबेक्टॉमी सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा काटकर निकाला, बीमारी से दी राहत

 रायपुर  डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल एवं जीवनरक्षक सर्जरी कर 25 वर्षीय युवक की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। मरीज लंबे समय से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से पीड़ित था। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि प्रत्येक बार खांसने पर लगभग 50 से 70 एमएल तक खून निकल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज की जान भी जा सकती थी। अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में छाती एवं फेफड़ों के अधिकांश ऑपरेशन उन्नत तकनीक से की जा रही है। अभनपुर के पास चटौद निवासी 25 वर्षीय युवक को पिछले लगभग 10 वर्षों से खांसी के साथ बलगम में खून आने की शिकायत थी। प्रारंभ में यह समस्या कम थी, लेकिन पिछले एक माह से लगातार बढ़ रही थी। पिछले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई तथा हर बार खांसने पर अत्यधिक मात्रा में खून आने लगा। मरीज ने पूर्व में टीबी की दवाइयों का सेवन भी किया था तथा उपचार के लिए कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। जांच के दौरान मरीज का सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें दाएं फेफड़े के निचले हिस्से (लोअर लोब) में बड़ी कैविटी बनने एवं उसमें एस्परजिलोमा नामक फंगल संक्रमण होने की पुष्टि हुई। यह बीमारी सामान्यतः टीबी से पीड़ित मरीजों में देखने को मिलती है। सीटी स्कैन रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल ऑपरेशन आवश्यक था। इस सर्जिकल प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में लोबेक्टॉमी (लोअर लोब ऑफ राइट लंग) कहा जाता है, जिसमें फेफड़े के संक्रमित हिस्से को काटकर निकाला जाता है। यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल एवं हाई-रिस्क सर्जरी की श्रेणी में आता है, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान फेफड़ों की प्रमुख रक्त वाहिनियों- पल्मोनरी आर्टरी एवं पल्मोनरी वेन, को क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है। परिजनों की सहमति मिलने के बाद मरीज का अगले ही दिन आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक लंग स्टेपलर गन तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद एयर लीक जैसी जटिलताओं की संभावना कम हो सके। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे पूर्णतः स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह संपूर्ण उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया। डॉ. साहू ने बताया कि खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हीमोप्टाइसिस कहा जाता है। इसके प्रमुख कारणों में फेफड़ों की टीबी, फेफड़ों का कैंसर, पल्मोनरी एवी मालफॉर्मेशन, ब्रोंकाइटिस तथा अन्य गंभीर फेफड़ा संबंधी रोग शामिल हैं।  पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी का कहना है कि चिकित्सकों की टीम ने समन्वित प्रयास करते हुए समय पर सफल सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया। भविष्य में भी हमारा संस्थान इसी प्रकार मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर कहते हैं कि अस्पताल प्रबंधन का निरंतर यह प्रयास रहा है कि आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय एवं निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए और इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है। वर्तमान में इस योजना से कई मरीज लाभांवित भी हो रहे हैं।

चरणबद्ध प्रशिक्षण सम्पन्न शासकीय कार्यों में दक्षता एवं उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर

रायपुर सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में “डिजिटल उत्पादकता एवं एआई एकीकरण विषय पर चरणबद्ध  एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता बढ़ाना, प्रशासनिक कार्यों में तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जिम्मेदारी से उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित करना था।           प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग  के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में कार्यालयीन कार्यों में दक्षता वृद्धि, त्वरित निर्णय प्रक्रिया, दस्तावेज निर्माण, सूचना संक्षेपण एवं कार्य निष्पादन को अधिक प्रभावी बनाने में डिजिटल तकनीकों एवं एआई टूल्स की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई।  प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यावहारिक उपयोग की दी जानकारी           कार्यक्रम के दौरान ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. व्यास द्वारा विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र संचालित किए गए। उन्होंने जनरेटिव एआई के उपयोग, उसकी संभावनाओं एवं सीमाओं तथा प्रशासनिक कार्यों में उसकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई मानव बुद्धिमत्ता का सहयोगी उपकरण है, जिसका उपयोग कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में किया जा सकता है।  हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से अधिकारियों में बढ़ा आत्मविश्वास            प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण इंटरैक्टिव एवं हैंड्स-ऑन सत्र रहे, जिनमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एआई टूल्स का व्यावहारिक उपयोग किया। अधिकारियों को शासन में एआई के वास्तविक उपयोग मामलों, डिजिटल उत्पादकता समाधानों एवं दैनिक प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया। इससे प्रतिभागियों में नई तकनीकों को अपनाने एवं उनका उपयोग करने के प्रति आत्मविश्वास विकसित हुआ।  जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण एआई उपयोग पर दिया गया विशेष बल  कार्यक्रम में एआई का जिम्मेदारी एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि एआई एक अत्यंत उपयोगी एवं शक्तिशाली तकनीक है, परंतु यह पूर्णतः त्रुटिहीन नहीं है, इसलिए एआई का उपयोग करते समय मानव निगरानी, समालोचनात्मक सोच एवं बौद्धिक जिम्मेदारी बनाए रखना आवश्यक है।  विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका            प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में ट्रिपल आईटी के डीन श्री के.जी. श्रीनिवास तथा प्रशिक्षकगण आकांक्षा शर्मा, प्रेमा पटेल, गौरव शर्मा, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा एवं उपेंद्र अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा शासन में डिजिटल नवाचार एवं तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।  

हर घर तक पहुंचा जीवनदायी जल: चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने बदली तस्वीर

रायपुर  भैरमगढ़ विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन ला दिया है। अब गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति हो रही है, जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हो गया है। पहले गांव के लोग एकमात्र हैंडपंप और नदी पर निर्भर थे। पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार दूर नदी से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बड़ी समस्या बनी रहती थी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव के 12 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। 19 मार्च 2026 को आयोजित जल उत्सव कार्यक्रम के दौरान ग्रामसभा के माध्यम से “हर घर जल” प्रमाणन भी किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, जलकर तथा जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन-संरक्षण की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी की व्यवस्था करना रोज़ की बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब घर पर ही पर्याप्त मात्रा में साफ पानी मिलने से जीवन काफी आसान हो गया है। जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सहभागिता, जागरूकता और विकास की नई मिसाल बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवन रक्षक, माड़वी नन्दे और सुमड़ी को मिली नई जिंदगी

रायपुर सुकमा जिले के के दुर्गम अंचलों में जहाँ भूगोल भी कदम-कदम पर परीक्षा लेता है, वहाँ सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कर्तव्यनिष्ठा की एक बेमिसाल इबारत लिखी है। 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत दूरस्थ पहुँचविहीन ग्राम दुरभा पहुँची टीम ने दो मासूमों 5 वर्षीय माड़वी नन्दे और 4 वर्षीय माड़वी सुमड़ी को नई जिंदगी दी। मलेरिया, गंभीर कुपोषण और शरीर में मात्र 2 से 3 ग्राम हीमोग्लोबिन के साथ कमजोर इन बच्चियों के लिए प्रशासन की यह सक्रियता किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई।      कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के 'स्वस्थ बस्तर' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। घने जंगलों, नदी और नालों को पार कर जब टीम दुरभा पहुँची, तो बच्चों की हालत देख उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया गया। दुर्गम रास्तों पर मीलों का सफर पैदल तय कर बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से एम्बुलेंस के माध्यम से लगभग 96 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय सुकमा पहुँचाया गया। प्रशासन की इस संवेदनशीलता ने साबित कर दिया कि सरकार की नजरें बस्तर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति पर भी हैं।      जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने युद्ध स्तर पर बच्चों का इलाज शुरू किया। एनीमिया और मलेरिया से जूझ रहे इन बच्चों को न केवल खून चढ़ाया गया, बल्कि मलेरिया का पूरा कोर्स और गहन चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई गई। पोषण पुनर्वास केंद्र(एनआरसी) में हुए इस निःशुल्क उपचार का परिणाम सुखद रहा। कुछ ही दिनों में बच्चों का हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम के पार पहुँच गया और उनके मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई। इस दौरान बच्चों के परिजनों को पोषण, स्वच्छता और बच्चों के मानसिक विकास के लिए विशेष परामर्श भी दिया गया ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।    इलाज के बाद बच्चों को सकुशल उनके गाँव तक वापस पहुँचाया गया। कलेक्टर  अमित कुमार के अनुसार, यह मिशन केवल उपचार तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए गए। आज दुरभा गाँव में लौट आई इन मासूमों की खिलखिलाहट स्वास्थ्य विभाग के उन सफल प्रयासों की गूँज है, जो दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों को लांघकर जन-जन तक पहुँच रहे हैं।      मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में कुल 2,93,386 लोगों के स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से आज दिनांक तक 1,74,770 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया जा चुका है। अभियान के दौरान लगभग 5,240 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, खून की कमी, उच्च जोखिम गर्भवती महिला, कुपोषित बच्चे, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों के लक्षणों के आधार पर चिन्हांकित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पताल में बेहतर उपचार हेतु रेफर किया गया है।

केंद्र सरकार का बड़ा किसान हितैषी निर्णय, MSP वृद्धि पर बोले CM विष्णुदेव साय

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

छत्तीसगढ़ में बड़ा भर्ती ऐलान: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में 21 सहायक संचालक पदों पर निकली वैकेंसी

छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर रायपुर  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।            वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।      मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।             छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।       वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

PM मोदी की अपील का असर: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने घटाया अपना काफिला

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने घटाया अपना काफिला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण की अपील से प्रेरित होकर लिया फैसला अब डॉ रमन सिंह केवल अत्यावश्यक वाहनों का करेंगे उपयोग, प्रदेश की जनता से भी संयम और सहयोग की अपील रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से की गई अपील का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डॉ रमन सिंह ने अपने प्रोटोकॉल काफिले से 4 वाहनों का उपयोग कम करने का फैसला लिया है। डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, तब परिवार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संसाधनों के संरक्षण का संदेश हम सभी भारतवासियों के लिए अनुकरणीय है और ऐसे समय में प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व बनता है कि वह संयम, सादगी और जिम्मेदारी का परिचय दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशवासियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी है और उसी भावना के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, डॉ रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से समझें तथा आवश्यकता अनुसार संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जहाँ तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आएं।