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पश्चिम बंगाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विकास मॉडल पर जताया भरोसा, सोनार बांग्ला का करेंगे निर्माण : डिप्टी सीएम अरुण साव

रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा और समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। वहीं लखीमपुर लोकसभा प्रभार के सभी भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई है।  उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि, पश्चिम बंगाल की जनता ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सम्मान देते हुए भाजपा पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि, स्वामी विवेकानंद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, रविन्द्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की पावन धरती के गौरव को पुनर्स्थापित करने और ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को साकार करने के लिए भाजपा पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।  साव ने कहा कि यह विजय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, त्याग और संघर्ष से मिली है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए इस जीत को राष्ट्रहित की जीत बताया। उप मुख्यमंत्री  साव ने असम विधानसभा चुनाव की जीत पर कहा कि राज्य की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा को समर्थन देकर विकास और स्थिर नेतृत्व पर अपनी मुहर लगाई है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।   साव ने कहा कि असम की जनता ने कांग्रेस के आतंक, नकारात्मक और तुष्टिकरण के विचारों को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। यह जीत विकसित असम बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।  उन्होंने बताया कि, मैं असम के 9 विधानसभाओं में गली-गली और गांव-गांव घूमकर जनसमर्थन जुटाया , ये विजय कांग्रेसी षड्यंत्र और देश विरोधी विचार के खिलाफ असम की जनता के प्रण की जीत है। वहीं उप मुख्यमंत्री  साव ने पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए को मिली जीत पर बधाई दी। विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में पुडुचेरी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। लखीमपुर लोकसभा प्रभार के इन भाजपा प्रत्याशियों ने दर्ज की जीत उप मुख्यमंत्री  साव को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने असम के लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रभार दिया था, इसमें भाजपा के सभी आठों प्रत्याशी ने प्रचंड मतों से जीत दर्ज की है। धेमाजी विधानसभा में डॉ रनोज पेगू, जोनाई में भुवन पेगु जी, सिसिरबोरगांव में जीवन गोगोई जी, लखीमपुर में मानव डेका जी, ढकुआखाना में नबा कुमार दलई जी, डुम डुमा में रुपेश गोवाला जी, सदिया में बलिन चेतिया जी एवं रोंगोनदी में ऋषिराज हजारिका जी ने भारी मतों से जीत दर्ज की है।

खाट में बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज  खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम सरोधी पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह, आत्मीयता और अपनत्व का अनोखा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें देखने और उनसे मिलने उमड़ पड़े। गांव की महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महुआ, चार, आम और रखियां बड़ी भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया, वहीं स्कूली बच्चों ने अपने हाथों से तैयार गुलमोहर और कनेर के फूलों के गुलदस्ते भेंट कर अपनी खुशी और सम्मान व्यक्त किया। यह स्वागत ग्रामीण संस्कृति और सादगी की जीवंत झलक बन गया। ग्राम सरोधी के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव तले मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस सहज और आत्मीय वातावरण में उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके बीच आकर आपका हाल-चाल जानने, सुख-दुख सुनने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने आए हैं। यह अभियान 1 मई से 10 जून तक चलेगा, जिसमें सरकार स्वयं आपके द्वार तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह समस्याओं का संकलन कर समाधान शिविरों के माध्यम से उनका निराकरण किया गया था और इस वर्ष भी उसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उनकी सरकार को अभी महज 28 माह हुए हैं, लेकिन मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है।  उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है, जिससे वनांचल क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही  रामलला दर्शन योजना और तीर्थ यात्रा दर्शन योजना के माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ और समयबद्ध तरीके से किया जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम सरोधी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें राशन पीडीएस दुकान की स्थापना, नवीन ग्राम पंचायत भवन, पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नए भवन का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही गंडई से बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक सड़क निर्माण, साल्हेवारा-पंडरापानी मार्ग पर मगुरदा नाला पर पुल निर्माण, पीएचसी बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की तैनाती, बकरकट्टा से नवागांव सड़क का नवीनीकरण तथा क्षेत्र में 33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति दी गई।  इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव  रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार: सरोधी में महिला स्व सहायता समूह ने मुख्यमंत्री को भेंट की स्थानीय उत्पादों की टोकरी

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को आम, रखिया बड़ी, कुटकी, चार और पपीता से सजी टोकरी भेंट की। महिला समूह द्वारा भेंट किए गए ये स्थानीय उत्पाद गांव की समृद्ध परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।  मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए महिलाओं के प्रयासों को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्व सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान समूह की महिलाओं ने बताया कि वे स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा रही हैं और शासन की योजनाओं से उन्हें निरंतर सहयोग मिल रहा है।

सुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया। सरलाबाई मरावी, पति  लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी। सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।

सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन के हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया। सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि मिली है, जिस पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों में सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगी

रायपुर सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया। ग्राम सरोधी की निवासी मती केकती मरावी, अपने पति  राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है। केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है। केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।

सीएम के हाथों नामकरण: ‘रविशंकर’ बना गांव की नई पहचान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई। इसी दौरान ग्राम की निवासी मती ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी।  मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब मती बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।  यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया। इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है।  मुख्यमंत्री  साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।

“गोलू और पानी की बूँद: एक छोटी सोच से बड़ी बदलाव की कहानी”

बिलासपुर जल संरक्षण आज के समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रस्तुत लेख इसी विषय पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी “गोलू और पानी की बूँद ” को दर्शाता है। गोलू कक्षा पाँचवीं में पढ़ता था। उसे नल खोलकर ब्रश करना और बाल्टी भर-भरकर पौधों में पानी डालना बहुत अच्छा लगता था। एक दिन स्कूल से आकर उसने देखा कि घर के बाहर नल खुला है और पानी बेकार बह रहा है। उसने सोचा, "थोड़े से पानी से क्या होगा?" और अंदर चला गया रात को गोलू को एक सपना आया। एक छोटी सी पानी की बूँद रो रही थी। गोलू ने पूछा, "तुम क्यों रो रही हो?"बूँद बोली, "गोलू, मैं धरती की आखिरी बूँद हूँ। सब लोग मुझे बर्बाद कर रहे हैं। अगर मैं भी खत्म हो गई तो पेड़-पौधे सूख जाएँगे, जानवर प्यासे मर जाएँगे और तुम्हें पीने को पानी नहीं मिलेगा। धरती बंजर हो जाएगी।"गोलू डरकर उठ गया। सुबह होते ही वह दौड़कर बाहर गया और नल को कसकर बंद कर दिया।उस दिन से गोलू बदल गया। वह मग से ब्रश करता, नहाने के लिए बाल्टी का इस्तेमाल करता और मम्मी को भी  आरोह  का बचा हुआ पानी पौधों में डालने को कहता। स्कूल में उसने दोस्तों को भी समझाया।धीरे-धीरे पूरी सोसाइटी ने पानी बचाना शुरू कर दिया। बारिश का पानी इकट्ठा करके बगीचे में लगाने लगे। कुछ महीनों बाद गोलू की सोसाइटी सबसे हरी-भरी दिखती थी क्योंकि सबने पानी की कीमत समझ ली थी।  

श्रीकांत वर्मा मार्ग,तालापारा,मगरपारा और हंसा विहार में जल भराव से मिलेगी से मुक्ति

बिलासपुर  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  अरूण साव की पहल पर शहर के प्रमुख क्षेत्र में जल भराव की समस्या से निजात मिलने वाली है। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर को एक बड़ी सौगात देते हुए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर के आधुनिक आरसीसी बॉक्स नाले का निर्माण किया जाएगा। इस नाले की मांग बहुत पुरानी थी,जिसके बन जाने से शहर के एक प्रमुख क्षेत्र में बारिश के दिनों में होने वाली जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। नाला निर्माण के बाद शहर के कांत वर्मा मार्ग, तालापारा मगरपारा और हंसा विहार जहां हर साल जल भराव होता हैं,उससे राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री  अरुण साव के सतत प्रयासों और प्रभावी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप बिलासपुर शहर को जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम बिलासपुर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  अरुण साव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदान की गई है, जिनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उनके निर्देशन में नगरीय निकायों की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के मार्गदर्शन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल एवं विभागीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जियोटैग्ड फोटोग्राफी को अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कहा कि यह परियोजना बिलासपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के नेतृत्व में राज्य में शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की योजनाओं से न केवल शहरों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। “शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। बिलासपुर में आरसीसी बॉक्स नाला निर्माण जैसी परियोजनाएं नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।"  

मेरिट सूची में शामिल बेटियों का कलेक्टर ने किया सम्मान

महासमुंद. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम में महासमुंद जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले की 8 छात्राओं तथा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 4 छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-टेन सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज छात्राओं और उनके पालको को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने छात्राओं को गुलाब पुष्प, शॉल एवं स्मृति शील्ड भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान कर उनकी सकारात्मक भूमिका की प्रशंसा की। कलेक्टर लंगेह ने छात्राओं से आत्मीय बातचीत करते हुए कहा कि यह सफलता आपकी प्रतिभा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। छात्राओं की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, विद्यालय और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने बालिकाओं द्वारा पूछे गए सवालों का क्रमशः जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 12वीं के पश्चात स्नातक परीक्षा आवश्यक है। साथ -साथ अपने विशेष लक्ष्य की तैयारी करते रहे। छात्राओं ने सिविल सर्विसेस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर कक्षा 10वीं की टॉपर छात्राओं में एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. संध्या नायक ने कहा कि वे सीजीपीएससी के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है। एकलव्य इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल बलोदा की कु. परीरानी प्रधान ने मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई। एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. रानू सिद्धीमयी साहू, कु. रेणुका प्रधान, कु. चाहत चौधरी, कु. तिषा साहू, कु. भारती चंद्रा एवं कु. लता चौधरी ने अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई कर कैरियर संवारना चाहती है। वहीं कक्षा 12वीं की टॉपर छात्राओं में के.जी. कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल सरायपाली की कु. शहनाज परवीन एवं के.पी.आई. हायर सेकेण्डरी स्कूल चट्टीगिरोला सरायपाली की कु. गीतिका प्रधान  ने कहा कि वे आई.ए.एस. की तैयारी करना चाहती है। इसी तरह सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल बागबाहरा की कु. पौर्वी देवांगन तथा एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. दिव्या अग्रवाल ने भी अपने अनुभव बताएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, सहायक संचालक नंदकुमार सिन्हा, शिक्षा विभाग के शिक्षकगण एवं छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं हेतु जिले से कुल 12 हजार 851 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12 हजार 663 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 79.35 प्रतिशत रहा। इसी तरह कक्षा 12वीं में जिले से कुल 10 हजार 664 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 10 हजार 579 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 80.89 प्रतिशत दर्ज किया गया।