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मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर आने पर CM साय ने छात्रों को दी शुभकामनाएं

मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री  साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर स्कूल के संचालक  सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल  आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं।

CM साय ने कहा, कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा है अहम भूमिका

कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर  छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।  इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु राम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष  संजय वास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष  सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों की घेराबंदी से नक्सली फरार; रायफल और सामग्री बरामद

मोहला-मानपुर  जिले के सरहदी इलाके में रविवार को पुलिस और माओवादी के बीच मुठभेड़ हुई। औंधी थाना क्षेत्र के कोहकाटोला और आमपायली गांव के आसपास स्थित जंगल में सुरक्षा बलों ने माओवादी के ठिकाने को घेर लिया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान माओवादी जान बचाकर जंगल की ओर भाग निकले। बस्तर-महाराष्ट्र सीमा पर घेराबंदी पुलिस के अनुसार यह मुठभेड़ बस्तर और महाराष्ट्र की सीमा से लगे घने जंगलों में हुई। घटनास्थल पखांजूर क्षेत्र से भी लगा हुआ है। सुरक्षा बलों की घेराबंदी के बाद माओवादी मौके से फरार हो गए। मुठभेड़ के बाद जवानों ने इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। इंसास रायफल और माओवादी सामग्री बरामद घटनास्थल से एक इंसास रायफल सहित माओवादी की उपयोगी सामग्री बरामद की गई है। राहत की बात यह है कि इस मुठभेड़ में कोई जवान हताहत नहीं हुआ और सभी सुरक्षित हैं। एसपी ने की सर्चिंग अभियान की पुष्टि मोहला-मानपुर पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में अभी भी सर्चिंग अभियान जारी है और आसपास के जंगलों में तलाशी ली जा रही है।  

चुनाव का ऐलान और सामने आया असम का ओपिनियन पोल, किस पार्टी की बन रही सरकार?

गुवाहाटी पांच राज्यों में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पहला ओपिनियन पोल भी आ चुका है। असम के लिए जो ओपिनियन पोल जारी हुआ है, उसमें भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। मार्टिज-आईएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस को दिखाया गया है। अनुमान के मुताबिक कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिल सकती हैं। किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए मार्टिज-आईएएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98, कांग्रेस को 26 से 28, एआईयूडडीएफ को 1 से 5 और अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में नौ अप्रैल को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जायेगा। चुनाव आयोग ने यहां रविवार को संवाददाता सम्मेलन में राज्य के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 16 मार्च 2026 को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन दाखिल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी के लिए 26 मार्च तक का समय दिया गया है। आदर्श आचार संहिता लागू इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। कुल 126 सीटों में से 09 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य की वर्तमान विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल 21 मई 2021 को प्रारंभ हुआ था, जो आगामी 20 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। राज्य में कुल 2,35,01,164 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या 2,34,40,296 दर्ज की गई है, जबकि सर्विस वोटर्स की संख्या 60,868 है। चुनाव आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदान प्रक्रिया में 476 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कितने युवा मतदाता असम में इस बार 3,82,341 युवा मतदाता (18-19 वर्ष) पहली बार लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होकर अपना पहला वोट डालेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य में 1,59,335 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 1,20,538 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हैं। इन सभी वरिष्ठ मतदाताओं के लिए आयोग ने घर से मतदान करने हेतु वैकल्पिक डाक मतपत्र की विशेष सुविधा सुनिश्चित की है। मतदान की सुगमता के लिए बुनियादी ढांचे में विस्तार करते हुए आयोग ने असम में कुल 28,205 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। आयोग ने प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या लगभग 831 रखी है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुविधाजनक तरीके से संपन्न हो सके।  

बस्तर के ग्राम तुआरास-चितापुर की महिलाएं लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम रायपुर में हुई सम्मानित

रायपुर वनांचल की किस्मत बदलने वाली फसल साबित हुई इमली इमली प्रसंस्करण समिति चितापुर की महिला समूह की दीदियों ने अपनी मेहनत और लगन के बूते यह सिद्ध कर दिया है कि यदि ग्रामीण संसाधनों का सही तरीके से प्रसंस्करण किया जाए, तो आर्थिक स्वावलंबन की राह आसान हो जाती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत गठित उत्पादक समूह आजीविका इमली प्रसंस्करण समिति की दीदियों ने इमली के परंपरागत संग्रहण को एक आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय का रूप दे दिया है। समूह की इन महिलाओं द्वारा किए जा रहे इसी उत्कृष्ट और संगठित कार्य को पिछले दिनों राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।       बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम तुआरास-चितापुर की महिलाओं ने अपनी मेहनत और नवाचार से इमली को वनांचल की किस्मत बदल देने वाली फसल साबित कर दिखाया है। इस समूह की कार्यप्रणाली पूर्णतः पेशेवर और गुणवत्ता पर आधारित है, जहाँ महिलाएँ स्वयं इमली की खरीदी सुनिश्चित करती हैं। खरीदी के उपरांत समूह की सदस्य बड़ी ही कुशलता से इमली का रेशा और बीज निकालकर उसे पूरी तरह शुद्ध करती हैं। महिलाओं के इसी हुनर का परिणाम है कि आज वे साधारण इमली से उच्च गुणवत्ता वाला इमली फूल और विशेष रूप से इमली चपाती तैयार कर रही हैं, जिसकी बाजार में भारी मांग है।             आजीविका इमली प्रसंस्करण समिति चितापुर की सदस्य पदमिनी कश्यप बताती हैं कि अब ग्राहकों की सुविधा और बाजार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों की 200 ग्राम, 500 ग्राम और 1000 ग्राम के आकर्षक पैकेटों में पैकेजिंग कर स्वयं इसका विक्रय भी संभाल रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से एकजुट होकर इन महिलाओं ने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि लखपति दीदी बनने की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाया है। कार्यक्रम में इन महिलाओं के अटूट परिश्रम और उद्यमशीलता की मुक्त कंठ से सराहना की गई, जो आज पूरे बस्तर संभाग के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई हैं। यह सम्मान दरभा की उन सैकड़ों महिलाओं के सामूहिक प्रयास की जीत है, जो अब आर्थिक रूप से सुदृढ़ होकर समाज की मुख्यधारा में अपना स्थान बना रही हैं।

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूज

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।   मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा    इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष व पत्रकारों दिया बधाई

दुर्ग इसी तारतम्य में आज दुर्ग से जगन्नाथ पुरी तीर्थ यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई दुर्ग  के समस्त ब्लाक  पाटन, अमलेश्वर, अंडा उतई, अहिवारा , कुम्हारी,धमधा एवं दुर्ग शहर से 50 पत्रकारों ने जगन्नाथ पुरी , भुवनेश्वर कोणार्क भ्रमण करने हेतु तीन दिवसीय तीर्थ यात्रा पर निकला  इस मौके पर दुर्ग शहर विधायक एवं शिक्षा व कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने समस्त संगठन के पत्रकारों को तीर्थ यात्रा हेतु मंगल शुभकामनाएं प्रेषित किया  इस मौके पर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पत्रकार साथियों ने दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को उनके जन्मोत्सव के मौके पर बधाई देने उनके निवास कार्यालय पहुंचे जिसके पश्चात सांसद  विजय बघेल ने बस को हरी झंडी दिखाकर दुर्ग से पुरी के लिए रवाना किया इस यात्रा में विशेष आभार एवं धन्यवाद के साथ दुर्ग विधानसभा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट व शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव एवं सांसद विजय बघेल के प्रति छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पदाधिकारी ने कृतज्ञता व्यक्त किया है वहीं तीर्थ यात्रा में शामिल होने वाले पत्रकारों में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष ललित साहू, जिला महासचिव ईश्वर साहू, जिला सचिव रोशन सिंह बंभोले, जिला उपाध्यक्ष अनिल साहू, संरक्षक वीरेंद्र पुरी गोस्वामी , जिला कार्यकारी सदस्य अखिलेश साहू, अश्वनी जांगड़े, जिला मीडिया प्रभारी रवि सेन, जिला सह सचिव करण ताम्रकार,शहर अध्यक्ष शैलेंद्र साहू, धमधा ब्लॉक निकेत ताम्रकार, अमलेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष करण साहू, रुपेश साहू,घनश्याम साहू,CP सिन्हा,कैलाश साहू,जीवन नाटक,हरीश वर्मा,रामजी निर्मलकर,अश्वनी जांगड़े,बागों कैमरा मैंन,दुर्गेश कुमार,संजय साहू,उदय साहू,रोशन बमभोले जी,राम साहू,मुकेश देवांगन,आकाश सोनी,तरुण हरिहारनो दिलीप,साकेत वास्तव ,रामकुमार यादव,धूलेस्वर साहू,सुधीर ताम्रकार,खिलेन्द्रा साहू,लक्ष्मण साहू अश्वनी साहू ,गोविंद सुरेश सोनकर,होरी साहू,परसराम साहू,श्रवण साहू महेश,राजू लाल,खिलेश गंजीर एवं सभी ब्लॉक के संगठन के पत्रकार साथी इस यात्रा में शामिल हुए

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। बसना विधायक  संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।  उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।  कार्यक्रम में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, बसना विधायक  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष  भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

स्तर में स्वच्छता की नई पहल: तीन पंचायतें प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर, महिलाओं की अहम भूमिका

जगदलपुर प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर बढ़ीं बस्तर की तीन पंचायतें, महिला शक्ति निभा रही अहम भूमिका जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरी, टिकनपाल और बालेंगा को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से शनिवार को तीनों पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समग्र ग्राम विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीणों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।         इस अभियान में महिला शक्ति की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर-परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं ग्रामीणों को एकल उपयोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बता रही हैं और कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से परिवार स्तर से लेकर पूरे गांव तक प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो रही है।        बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि एक आदर्श और स्वस्थ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में घर-घर कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए तो कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। साथ ही गांव की गलियों को स्वच्छ रखने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।            स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खुले में शौच की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त कर ही गांव के स्वास्थ्य स्तर में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।      बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने मिलकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त मॉडल ग्राम पंचायत बनाने की शपथ ली। स्वच्छ भारत मिशन टीम जनपद पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल की मजबूत नींव रखी है।

नीरा साहू ने आत्मविश्वास के साथ संभाल रहीं अपनी दुकान

रायपुर ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने लाया है। सरगुजा जिले के ग्राम गुमराकलां की रहने वाली  नीरा साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) और महतारी वंदन योजना के संगम ने उन्हें एक साधारण गृहिणी से एक सफल उद्यमी बना दिया है। समूह से जुड़ाव और स्वरोजगार की शुरुआत             नीरा साहू बताती हैं कि उनकी सफलता की कहानी सरस्वती स्व-सहायता समूह से जुड़ने के साथ शुरू हुई। समूह के माध्यम से उन्होंने 17,000 का ऋण प्राप्त किया, जिसे उन्होंने अपनी छोटी सी दुकान में निवेश किया। धीरे-धीरे दुकान चल पड़ी और उनकी आय में वृद्धि होने लगी। महतारी वंदन योजना का मिला संबल          नीरा के हौसलों को तब और उड़ान मिली जब उन्हें शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ। उन्होंने इस सहायता राशि का सदुपयोग अपनी दुकान के विस्तार के लिए किया। आज वे न केवल अपनी दुकान का कुशलतापूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि खेती-बाड़ी के कार्यों में भी हाथ बंटाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य     आर्थिक स्वतंत्रता का सबसे बड़ा प्रभाव उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। नीरा अपने तीनों बच्चों को मॉडल स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि पहले वे केवल घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ व्यवसाय और परिवार दोनों की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शासन की योजनाओं का जताया आभार        अपनी प्रगति से उत्साहित नीरा साहू कहती हैं कि बिहान योजना महिलाओं में बदलाव ला रही है। आज  ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ रही हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि हम जैसी ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर और संबल प्रदान किया है।